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  1. Special Summary Revision of Photo Electoral Rolls w.r.t. 01.01.2021 as the qualifying date – Programme- Clarification regarding maximum number of electors to be assigned to a polling station during rationalization - regarding.

    No.23/2020-ERS
    Dated: 04th September, 2020
                
    To,
                The Chief Electoral Officers of all States & UTs
    (Except Bihar and UTs of Jammu & Kashmir, Laddakh)
     
    Subject: - Special Summary Revision of Photo Electoral Rolls w.r.t. 01.01.2021 as the qualifying date – Programme- Clarification regarding maximum number of electors to be assigned to a polling station during rationalization - regarding.
     
    Reference:      (i)         ECI letter No. 23/2019-ERS (Vol.III), dated 25th July 2019,
                            (ii)        ECI letter No. 23/SEC/2020-ERS, dated 23rd July 2020,
                            (iii)       ECI letter No. 23/2020-ERS, dated 07th August 2020, and
                            (iv)       ECI letter No. 23/2020-ERS, dated 24th August 2020.
     
    Sir/Madam,
    I am directed to refer to the Commission’s letter of even number dated 07th August 2020 and 24th August 2020(for Haryana and Maharashtra) regarding schedule and guidelines for Special Summary revision of electoral rolls with reference to 01.01.2021 as the qualifying date and to state that as per the existing instructions all the polling stations with electors beyond 1,500 are to be rationalized before the draft publication of electoral rolls in connection with Summary Revision.
    As one of the precautionary measures of Covid-19 pandemic the limit of number of electors assigned to a polling station has been restricted to 1,000 in the State of Bihar and certain constituencies of other States where general and bye-elections are due in near future. For this purpose, these States have been asked to create auxiliary polling stations of all the main polling stations having more than 1,000 electors, as rationalization of polling station could not be undertaken in such constituencies owing to completion of summary revision 2020 in these States, where general election/bye elections are to be conducted on the basis of electoral roll finalized with reference to 01.01.2020 as the qualifying date.
    The Commission, taking all aspects into consideration, has decided that rationalization/re-organization of polling stations, as the case may be, would be carried out in all States/UTs on the basis of  1,500 electors as maximum number for a polling station.
    All the concerned may be informed accordingly for strict compliance of the Commission’s above instructions.
    Yours faithfully,
     
    (AJOY KUMAR)
    SECRETARY

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  2. Broad Guidelines for Conduct of General Election/Bye election during COVID-19

    Broad Guidelines for Conduct of General Election/Bye election during COVID-19
     

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  3. Special Summary Revision of Photo Electoral Rolls w.r.t. 01.01.2021 as the qualifying date - Programme - regarding.

    No.23/2020-ERS
    Dated:   07th August, 2020
    To,
                The Chief Electoral Officers of all States & UTs
    (except Bihar, Haryana, Maharashtra and UTs of Jammu & Kashmir, Laddakh)
     
    Subject: -        Special Summary Revision of Photo Electoral Rolls w.r.t. 01.01.2021 as the qualifying date - Programme - regarding.
     
    Sir/Madam,
    I am directed to state that as per existing policy, revision of electoral rolls with reference to 1st January of the coming year as the qualifying date is done in later part of each year in all States/UTs (normally in the last quarter of a year) so that final publication of the electoral rolls could be made in the first week of January of the succeeding year. The revision schedule is prepared in such a manner that the electoral rolls are finally published much before National Voters’ Day (25th January of every year) so that EPICs generated for new electors especially young voters ( 18-19 years)  can be distributed to them in ceremonial manner on the day of NVD . The Commission, taking all aspects into consideration, has directed to undertake Special Summary Revision of Photo Electoral Rolls of w.r.t. 01.01.2021 as qualifying date in all the States/UTs (except Bihar, Haryana, Maharashtra and UTs of Jammu & Kashmir, Laddakh) as per the schedule below:-
     
    S.No.
    Activity
    Period
    Pre-revision activities
    1.
    (i.) Rationalization/Re-arrangements of Polling Stations.
     
    (ii.) Removal of discrepancies of DSEs and EPICs (The DSE within part to be removed by 31.08.2020).
     
    (iii.) Recasting of Section/Parts and Finalization of proposed restructuring of section/part boundaries location of polling stations and getting approval of list of polling stations.
     10.08.2020 (Monday)  to
     31.10.2020 (Saturday) )
       

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  4. श्री सचिन सावंत को आयोग का जवाब

    सं. 39/एमटी/2020/प.अनु.-II                                   
    दिनांक: 07 अगस्त, 2020
     
    सेवा में
                श्री सचिन सावंत           
                महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समिति
                तिलक भवन,
                काकासाहेब गाँधी मार्ग,
                दादर,
                मुम्बई-400025 
    विषय: महाराष्ट्र राज्य में जुलाई, 2019 में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति-तत्संबंधी।
    महोदय,
    मुझे उपर्युक्‍त विषय पर आपके दिनांक 31.07.2020 के पत्र का संदर्भ लेने और यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग में उपलब्ध सारवान् सूचना के अनुसार, निम्नलिखित तथ्य प्रासंगिक हैं:-
    (i)        मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति संबंधित राज्य सरकार/संघ शासित प्रदेश से परामर्श करके की जाती है, जिसमें आयोग को अधिकारियों के एक पैनल के बारे में सूचना दी जाती है।
    (ii)       श्री बलदेव सिंह (आईएएस, एमएच:1989) को आयोग द्वारा नियत प्रक्रिया अपनाकर  नियुक्त किया गया था, जहां राज्य सरकार ने स्पष्ट किया था कि वह सतर्कता की दृष्टि से बेदाग हैं और रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्‍ट्र के रूप में उनकी नियुक्ति से पहले उनकी सेवा के पिछले पांच वर्षों के दौरान उनकी निष्‍पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में उन्हें उत्कृष्ट दर्जा दिया गया था।  
    2.    उपरोक्त को देखते हुए, आयोग ने इस मामले पर विधिवत विचार किया, और उसे इस मामले में कोई भी कार्रवाई करने का कोई कारण नहीं मिला है।

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  5. कोविड-19 वैश्विक महामारी की स्थिति में निर्वाचन अभियान और जनसभाएं-विचार और सुझाव आमंत्रित करना।

    सं. 3/10/2020/एसडीआर 
    दिनांक: 04 अगस्त, 2020
     
    सेवा में
          मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय/राज्यीय राजनीतिक दलों के अध्यक्ष/महासचिव
     
    विषय: कोविड-19 वैश्विक महामारी की स्थिति में निर्वाचन अभियान और जनसभाएं-विचार और सुझाव आमंत्रित करना।
    महोदया/महोदय
    मुझे उपर्युक्त विषय पर आयोग के दिनांक 17 जुलाई, 2020 के पत्र का संदर्भ लेने का निदेश हुआ है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों से इस संबंध में 31 जुलाई, 2020 तक अपने सुझावों को प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि कई दलों से अभी जवाब आने बाकी हैं। देश में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, आयोग ने निदेश दिया है कि आगामी उप-निर्वाचनों और बिहार विधान सभा के साधारण निर्वाचनों के संचालन के संबंध में जिन राजनीतिक दलों ने निर्वाचन अभियान और जन सभाओं पर अपने इनपुट/विचार/सुझाव नहीं भेजे हैं, उन्हें और समय दिया जाए।
    उपरोक्त को देखते हुए, आपसे अनुरोध है कि इनपुट/विचारों/सुझावों को 11 अगस्त, 2020 तक भेजें।
    विचारों/सुझावों को ntbhutia[@]eci[.]gov[.]in पर ईमेल के जरिए भेजा जा सकता है।

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  6. Reply to Shri Prithviraj Chavan from ECI

    Reply to Shri Prithviraj Chavan from ECI

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  7. ईसीआई द्वारा बयान

    ईसीआई द्वारा बयान
     द ट्रिब्यून में आज अर्थात28.7.2020 को छपी एक रिपोर्ट, जिसका शीर्षक " परिसीमन के बाद जम्मू और कश्मीर में निर्वाचन" है, श्री जी.सी. मुर्मू,माननीय उपराज्यपाल (एलजी), जम्मू और कश्मीर (जेएंडके)से संबंधित है। राज्यपाल (एलजी) के इसी तरह के बयानों को पहले द हिंदू दिनांक 18.11.2019, न्यूज 18 दिनांक 14.11.2019, हिंदुस्तान टाइम्स ने 26.6.2020 और इकोनॉमिक टाइम्स (ई-पेपर) ने दिनांक 28.7.2020 द्वारा रिपोर्ट किया गया था। निर्वाचन आयोग इस तरह के बयानों को अपवाद मानताहै और यह कहना चाहता है कि संवैधानिक योजना में निर्वाचनों का समय आदि का निर्णय एकमात्र भारत निर्वाचन आयोग का होता है। समय निर्धारित करने से पहले,आयोग उस क्षेत्र, जहां निर्वाचन होने हैं,में स्थलाकृति, मौसम,क्षेत्रीय और स्थानीय उत्सवों से उत्पन्न होने वाली संवेदनशीलता सहित सभी प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखता है। उदाहरण के लिए,मौजूदा समय में, कोविड19ने एक नया परिवर्तनला दिया है,जिसे नियत समय पर ध्यान में रखना पड़ता है और रखा जाना चाहिए। मौजूदा मामले में,परिसीमन का परिणाम भी निर्णय के अनुकूल है। इसी प्रकार से, सीपीएफ को लानेऔर ले-जाने के लिए केंद्रीय बल और रेलवे कोच आदि की उपलब्धता महत्वपूर्ण कारक हैं। ये सभी कार्य आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सावधानीपूर्वक होमवर्क और संबंधित प्राधिकारियों के साथ गहन परामर्श करने, विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद किया जाता है। जहां भी आवश्यक हो,आयोग स्वयं संबंधित राज्य की यात्रा का कार्यक्रम तय करता है और सभी स्टेकहोल्डरों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करता है। निर्वाचन आयोग के अलावा अन्य प्राधिकारियों कोऐसे बयान देने से बचना हितकर होगा, जो दरअसल निर्वाचन आयोग के संवैधानिक जनादेश में हस्तक्षेप करने के समान लगते हों।
     

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  8. ईवीएम/वीवीपीएटी संबंधी तैयारियों की सभी प्रक्रियाओं के दौरान बीईएल/ईसीआईएल अभियंताओं को निर्वाचन ड्यूटी पर मतदान अधिकारियों के रूप में मानना-तत्संबंधी।

    1. निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात सीएपीएफ/एसएपी के लिए कोविड-19 संबंधी मामलों तथा क्वारंटाइन सुविधाओं हेतु कैशलेस उपचार के संबंध में - तत्संबंधी।
    2. कोविड-19 के कारण मृत्‍यु होने की दशा में सीएपीएफ/मतदान कार्मिक के परिवार को अनुग्रह प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान करने के संबंध में। 
    3. ईवीएम/वीवीपीएटी संबंधी तैयारियों की सभी प्रक्रियाओं के दौरान बीईएल/ईसीआईएल अभियंताओं को निर्वाचन ड्यूटी पर मतदान अधिकारियों के रूप में मानना-तत्संबंधी।

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  10. Invitation for Webinar on "Technologies and Equipment for Remote Voting Systems"

    Invitation for Webinar on "Technologies and Equipment for Remote Voting Systems"

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  11. कोविड-19 वैश्विक महामारी की स्थिति में निर्वाचन अभियान और जनसभाएं-विचार और सुझाव आमंत्रित करना।

    सं.3/10/2020/एसडीआर/खंड-I                                    दिनांक: 17 जुलाई, 2020
    सेवा में
    मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य दलों के अध्यक्ष/महासचिव
    विषय: कोविड-19 वैश्विक महामारी की स्थिति में निर्वाचन अभियान और जनसभाएं-विचार और सुझाव आमंत्रित करना।
    महोदय/महोदया
          मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निर्वाचन आयोग ने समय-समय पर निर्वाचन अभियान के विभिन्न पहलुओं के संबंध में अनुदेश जारी किए हैं। सभी मौजूदा अनुदेशों को, अनुदेशों के सार-संग्रह में संकलित किया गया है, जो कि आयोग की वेबसाइट https://eci.gov.in/files/file/9725-compendium-of-instructions-2019-volume-iiiiii-iv/ पर उपलब्ध है।
    2.          इस संबंध में, आपका ध्यान देश में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति और इसकी रोकथाम के लिए सुरक्षात्मक उपाय निर्धारित करते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जारी किए गए कई दिशा-निर्देशों/अनुदेशों की ओर आकर्षित किया जाता है। राज्य सरकारों ने भी संबद्ध संविधियों के तहत कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए इसी तरह के दिशा-निर्देश/अनुदेश और एहतियाती उपाय जारी किए हैं। निर्धारित किए गए कुछ एहतियाती उपायों में सार्वजनिक स्थानों पर अनिवार्य रूप से फेस मास्क पहनना, सामाजिक दूरी, सार्वजनिक स्थानों पर एक निर्धारित न्यूनतम दूरी बनाए रखना, बड़े सार्वजनिक समारोह/सभाओं पर प्रतिबंध लगाना, सभा स्थल पर थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजेशन आदि शामिल हैं।
    3.    आप सभी अवगत हैं कि वर्ष 2020 में कुछ उप-निर्वाचन और बिहार विधानसभा के साधारण निर्वाचन होने वाले हैं। आयोग ने उपर्युक्त विषय पर राजनीतिक दलों के विचार जानने की इच्छा जाहिर की है।
    4.    तदनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप अपने विचारों और सुझावों को 31 जुलाई, 2020 तक भेजने का कष्ट करें ताकि वैश्विक महामारी की अवधि के दौरान निर्वाचन के संचालन के लिए अभ्यर्थियों अथवा राजनीतिक दलों द्वारा निर्वाचन अभियान के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जा सकें।

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  12. बिहार राज्‍य विधान सभा का साधारण निर्वाचन - निर्वाचनों के संचालन से संबंधित अधिकारियों का स्‍थानांतरण/तैनाती के लिए परामर्शी – तत्‍संबंधी।

    सं.437/6/1/अनुदेश/ईसीआई/प्रकार्या./एमसीसी/2020                     दिनांक: 30 जून, 2020
    सेवा में,
    1.   मुख्‍य सचिव,
    बिहार सरकार, पटना।
     
    2.   मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
    बिहार, पटना।
     
     
    विषय: बिहार राज्‍य विधान सभा का साधारण निर्वाचन - निर्वाचनों के संचालन से संबंधित अधिकारियों का स्‍थानांतरण/तैनाती के लिए परामर्शी – तत्‍संबंधी। 
    महोदय/महोदया,
    बिहार की विद्यमान विधान सभा का कार्यकाल 29 नवंबर, 2020 तक है।
     
    2.    स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए, आयोग इस आशय की एक सुसंगत नीति का अनुपालन करता रहा है कि निर्वाचनरत राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों के निर्वाचनों से सीधे जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिलों या उन स्थानों पर तैनात नहीं किया जाता जहाँ उन्होंने काफी लंबे समय तक सेवाएं दी हैं। इसे ध्यान में रखते हुए लोकसभा, 2019 और आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की राज्य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन के संबंध में दिनांक 16 जनवरी, 2019 के सम संख्यक पत्र के तहत स्‍थानांतरण/तैनाती संबंधी विस्तृत अनुदेश जारी किए गए थे (प्रतिलिपि संलग्न)।
    3.    तद्नुसार, एतद् द्वारा यह सुझाव दिया जाता है कि निर्वाचन के संचालन से सीधे जुड़े सभी सरकारी अधिकारियों जैसे कि डीईओ/आरओ/एआरओ/पुलिस इंस्पेक्टर/सब-इंस्पेक्टर अथवा इनसे ऊपर के पदों पर तैनात अधिकारियों के मामले में निम्नलिखित सुनिश्चित किया जाए-
                                      i.                   कि निर्वाचन से संबंधित किसी भी अधिकारी को उनके अपने गृह जिले में तैनात न किया जाए।
                                      ii.         कि निर्वाचन कार्य से संबंधित अधिकारी, जिन्होंने पिछले चार (4) वर्षों के दौरान उस जिले में तीन वर्ष पूरे कर लिए हों या 31 अक्तूबर, 2020 को या उससे पहले तीन वर्ष पूरे कर लेंगे, उनका स्थानांतरण कर दिया जाना चाहिए।
                                    iii.         कि ऐसे अधिकारियों, जिनके विरूद्ध आयोग ने विगत में अनुशासनात्‍मक कार्रवाई की सिफारिश की थी और जो लंबित है या जिसकी परिणति में दंड दिया गया है अथवा जिन्‍हें विगत में निर्वाचन या निर्वाचन संबंधी किसी कार्य में कोई चूक के लिए आरोपित किया गया है, को निर्वाचन संबंधी कोई भी कार्य नहीं सौंपा जाएगा। इसके अतिरिक्त, आगामी छह महीनों के भीतर सेवानिवृत होने वाले किसी भी अधिकारी को निर्वाचन संबंधी किसी भी कार्य में नहीं लगाया जाएगा।
                              iv.               कि लोक सभा निर्वाचन, 2019 के दौरान आयोग की सिफारिश पर तैनात अधिकारियों को उपर्युक्त स्थानांतरण नीति से छूट दी जा सकती है।
     
    4.    आयोग की उपर्युक्त परामर्शी को सख्ती से तथा समय पर अनुपालन के लिए सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जाए।
    5.    कृपया इस पत्र की पावती दें।
    भवदीय,
     
    (नरेन्द्र एन. बुटोलिया)
    वरिष्ठ प्रधान सचिव
     
     
     
     
    भारत निर्वाचन आयोग
    निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्‍ली-110001
    सं.437/6/1/अनुदेश/ईसीआई/प्रकार्या./एमसीसी/2019                     दिनांक: 16 जनवरी, 2019
    सेवा में,
    1.   सभी राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्रों के
    मुख्‍य सचिव।
    2.   सभी राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्रों के
    मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी।
     
    विषय:      लोकसभा, 2019 और आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की राज्य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन - अधिकारियों के स्‍थानांतरण/तैनाती – तत्‍संबंधी।     
    महोदय,
    मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वर्तमान, लोक सभा एवं आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की राज्य विधान सभाओं के कार्यकाल क्रमश: 03 जून, 2019, 18 जून, 2019, 01 जून, 2019, 11 जून, 2019 तथा 27 मई, 2019 तक हैं।
     
    2.    आयोग एक ऐसी सुसंगत नीति का अनुसरण कर रहा है जिसमें निर्वाचनरत राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों में निर्वाचनों के संचालन से प्रत्‍यक्ष रूप से जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिलों या ऐसे स्‍थानों पर तैनात नहीं किया जाता है जहां उन्‍होंने काफी लंबी अवधि तक कार्य किया है।
    3.    अत: आयोग ने निर्णय लिया है कि निर्वाचनों से प्रत्‍यक्ष रूप से जुड़े किसी भी अधिकारी को तैनाती के वर्तमान जिले में बने रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी:-
                                    v.                   यदि वे अपने गृह जिले में तैनात हैं।
                                  vi.                   यदि उन्होंने पिछले चार (4) वर्षों के दौरान उस जिले में तीन वर्ष पूर्ण कर लिए हैं या 31 मई, 2019 को या उससे पहले तीन वर्ष पूर्ण कर लेंगे।
     
    4.    उपर्युक्‍त अनुदेशों को कार्यान्वित करते हुए/अधिकारियों को स्‍थानां‍तरित करते हुए, राज्‍य सरकार के संबंधित विभागों को ध्‍यान रखना चाहिए कि उन्‍हें उनके गृह जिले में तैनात न किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी डीईओ/आरओ/एआरओ/पुलिस इंस्‍पेक्‍टर/सब-इंस्‍पेक्‍टर या उनसे उच्‍चतर अधिकारियों को ऐसे विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र/जिले में वापस तैनात न किया जाए या न बने रहने दिया जाए जहां वे 31 मई, 2017 से पूर्व के विधान सभा निर्वाचन में आयोजित साधारण/उप-निर्वाचन के दौरान तैनात थे।
    5.    यदि कुछेक जिलों वाले छोटे राज्‍य/संघ राज्‍य-क्षेत्र को उपर्युक्त अनुदेशों के अनुपालन में किसी कठिनाई का सामना करना पड़ता है तो वे उस विशिष्‍ट मामले को उनके कारण सहित, सीईओ के माध्‍यम से छूट प्राप्त करने हेतु आयोग को भेज सकते हैं और आयोग ऐसे मामले पर, यदि  आवश्‍यक समझे, निदेश जारी करेगा।
     
    6.    अनुप्रयोज्‍यता-
    6.1   ये अनुदेश केवल विनिर्दिष्‍ट निर्वाचन कर्तव्‍यों के लिए नियुक्‍त अधिकारियों यथा डीईओ, डिप्‍टी डीईओ, आरओ/एआरओ, ईआरओ/एईआरओ, किसी विशेष निर्वाचन के नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्‍त अधिकारियों पर ही लागू नहीं होते अपितु जिले के अधिकारियों यथा एडीएम, एसडीएम डिप्‍टी क्‍लेक्‍टर/ज्‍वाइंट क्‍लेक्‍टर, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी या निर्वाचन कार्यों के लिए सीधे तैनात समतुल्‍य रैंक के किन्‍हीं अन्‍य अधिकारियों पर भी लागू होते हैं।
    6.2   ये अनुदेश, पुलिस विभाग के अधिकारियों जैसे रेंज आई जी, डी आई जी, राज्‍य सशस्‍त्र पुलिस के कमांडेंट्स, एसएसपी, एसपी, अपर एस पी, उप-प्रभागीय पुलिस प्रमुख, एस एच ओ, इंस्‍पेक्‍टर, सब-इंस्‍पेक्‍टर, आर आई/सार्जेंट मेजर अथवा ऐसे समतुल्‍य रैंक के अधिकारी जो निर्वाचन समय में जिले में सुरक्षा प्रबंधन अथवा पुलिस बल की तैनाती के लिए जिम्‍मेवार हैं, पर भी लागू होंगे।
    7.    आयोग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निम्‍नलिखित स्‍पष्‍टीकरण/शिथिलताएं सभी संबंधितों की सूचना/दिशा-निर्देश के लिए हैं:-
    (i)      कार्यात्‍मक विभागों यथा कंप्‍यूटरीकरण, विशेष शाखा, प्रशिक्षण इत्‍यादि में तैनात पुलिस अधिकारियों पर ये अनुदेश लागू नहीं होते हैं।
    (ii)     पुलिस सब-इंस्‍पेक्‍टर और उनसे उच्‍च पदीय अधिकारियों को उनके गृह जिलों में तैनात नहीं किया जाना चाहिए।
    (iii)    यदि पुलिस सब-इंस्‍पेक्‍टर ने पुलिस सब-डिवीजन में अंतिम तारीख के दिन या उससे पहले चार वर्षों में से 3 वर्षों का कार्यकाल पूरा कर लिया है या पूरा करेगा तो उसका ऐसे पुलिस सब-डिवीज़न में स्‍थानांतरण कर देना चाहिए जो उस विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र में न पड़ती हो। यदि जिले के छोटे आकार के कारण यह संभव न हो तो उसे जिले से बाहर स्‍थानांतरित कर देना चाहिए।
    (iv) किसी भी निर्वाचन में विभिन्‍न प्रकार की निर्वाचन ड्यूटियों के लिए बड़ी संख्‍या में कर्मचारियों को तैनात किया जाता है और आयोग की ऐसी कोई मंशा नहीं होती है कि बड़ी संख्‍या में स्‍थानांतरण करके राज्‍य मशीनरी को अत्‍यंत पंगु कर दे। अत: उपर्युक्‍त स्‍थानांतरण नीति सामान्‍यत: उन अधिकारियों/पदाधिकारियों पर लागू नहीं होती जो निर्वाचनों से प्रत्‍यक्ष रूप से नहीं जुड़े हैं जैसे डाक्‍टर, इंजीनियर, शिक्षक/प्रधानाचार्य इत्‍यादि। तथापि, यदि ऐसे किसी भी सरकारी अधिकारी के विरूद्ध राजनीतिक पक्षपात या पूर्वाग्रह की विशिष्‍ट शिकायतें मिलती हैं और जो जांच करने पर सत्‍य पाई जाती हैं तो सी ई ओ/ई सी आई न केवल ऐसे अधिकारियों के स्‍थानांतरण के आदेश देगा अपितु उसके विरूद्ध समुचित विभागीय कार्रवाई करने के भी आदेश देगा।
    (v)     निर्वाचन ड्यूटी में शामिल सेक्‍टर अधिकारी/ज़ोनल मजिस्‍ट्रेट के रूप में नियुक्‍त अधिकारियों पर ये अनुदेश लागू नहीं होते हैं। तथापि, प्रेक्षकों, सीईओ/डीईओ तथा आर ओ को उनके आचरण पर सतर्क निगरानी रखनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अपने कर्तव्‍यों के निष्‍पादन में गैर-पक्षपातपूर्ण व निष्‍पक्ष रहें।
    (vi)    तीन वर्षों की अवधि की गणना करते समय जिले के अंदर किसी पद पर हुई प्रोन्‍नति की भी गणना की जाएगी।
    (vii)    ये अनुदेश संबंधित विभाग के राज्‍य मुख्‍यालयों में तैनात अधिकारियों पर लागू नहीं होते।
    (viii)   इसके अतिरिक्‍त यह निदेश दिया जाता है कि ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों जिनके विरूद्ध आयोग ने विगत में अनुशासनात्‍मक कार्रवाई की सिफारिश की थी और जो लंबित है या जिसकी परिणति में दंड दिया गया था अथवा जिन्‍हें विगत में निर्वाचन या निर्वाचन संबंधी किसी कार्य में कोई चूक के लिए आरोपित किया गया है, उन्‍हें निर्वाचन संबंधी कोई भी ड्यूटी नहीं सौंपी जाएगी। तथापि, ऐसा अधिकारी, जो आयोग के आदेशों के अधीन किसी विगत निर्वाचन के दौरान अनुशासनात्‍मक कार्रवाई की किसी सिफारिश के बिना स्‍थानां‍तरित किया गया था, को केवल इसी आधार पर तब तक स्‍थानांतरित करने पर विचार नहीं किया जाएगा जब तक ऐसे किसी अधिकारी के बारे में आयोग द्वारा विशेष रूप से निदेश न दिए जाएं। दागी अधिकारियों के नामों पर नजर रखने के संबंध में आयोग के दिनांक 23 दिसम्‍बर, 2008 के अनुदेश सं. 464/अनुदेश/2008-ईपीएस की एक प्रति संलग्‍न है। मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों को इसका अनुपालन अवश्‍य सुनिश्चित करना चाहिए।
    (ix) इसके अतिरिक्‍त आयोग ने यह इच्‍छा भी व्‍यक्‍त की है कि ऐसे किसी अधिकारी/कर्मचारी को, जिनके विरूद्ध किसी न्‍यायालय में आपराधिक मामला लंबित है, निर्वाचन कार्य या निर्वाचन संबंधी ड्यूटी से संबद्ध / पर तैनात नहीं किया जाना चाहिए।
    (x) इसके अतिरिक्‍त, आयोग की उपर्युक्‍त नीति के अनुसार स्‍थानांतरित हो चुके वर्तमान पदधारियों के स्‍थान पर व्यक्तियों की तैनाती करते समय राज्‍य/संघ राज्‍य-क्षेत्र के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी से निरपवाद रूप से परामर्श किया जाएगा। इन अनुदेशों के अधीन जारी स्‍थानांतरण आदेशों की प्रतियां मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी को अवश्‍य ही दे दी जाएं।
    (xi) ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों जो किसी निर्वाचन वर्ष के दौरान निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्य में लगे हुए है, के संबंध में स्‍थानांतरण आदेश यदि कोई हो तो, का कार्यान्‍वयन संबंधित मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी के परामर्श से निर्वाचक नामावलियों के अंतिम रूप से प्रकाशन के बाद ही किया जाएगा। किन्‍हीं असाधारण कारणों की वजह से स्‍थानांतरण की कोई आवश्‍यकता के मामले में आयोग का पूर्व-अनुमोदन लिया जाएगा।
    (xii)    कोई भी अधिकारी जो आने वाले छह महीनों के भीतर सेवानिवृत होने वाला है, आयोग के पैरा-3 में उल्लिखित अनुदेशों की परिधि से बाहर रहेगा। इसके अतिरिक्‍त, (गृह नगर/3+मानदंड तथा 6 महीनों के अंदर सेवानिवृत होने वाले) इस श्रेणी में आने वाला अधिकारी यदि पैरा 6.1 एवं 6.2 में उल्लिखित निर्वाचन संबंधित पद पर है तो उसे उस प्रभार से मुक्त किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की निर्वाचन ड्यूटी प्रदान नहीं की जाएगी। हांलाकि, यह भी दोहराया जाता है कि ऐसे सेवानिवृत होने वाले अधिकारी को जिले से बाहर स्थानांनतरित करने की आवश्यकता नहीं है।
    (xiii)   यह भी स्‍पष्‍ट किया जाता है कि राज्‍य के ऐसे सभी अधिकारी/कर्मचारी (मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में तैनात अधिकारी/कर्मचारी को छोड़कर) जिनकी सेवा-अवधि बढ़ाई गई है या जिन्‍हें विभिन्‍न पदों पर पुन: नियोजित किया गया है, निर्वाचन संबंधी किसी भी कार्य से नहीं जोड़े जाएंगे।
    (xiv)   निर्वाचन संबंधी सभी अधिकारियों से अपेक्षा की जाएगी कि वे संबंधित डीईओ को नीचे दिए गए फार्मेट में घोषणापत्र भरकर दें जो तद्नुसार मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी को सूचित करेंगे। 
     
    घोषणा-पत्र
    (नाम निर्देशन-पत्रों की अंतिम तारीख के पश्‍चात दो दिनों के अन्‍दर प्रस्‍तुत किए जाने हेतु)

     टिप्‍पणी- किसी भी अधिकारी द्वारा की गई किसी भी मिथ्‍या घोषणा पर उचित अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। 
    8.    आयोग के उपर्युक्‍त अनुदेश उनका सख्‍ती से अनुपालन किए जाने के लिए संबंधित विभागों/अधिकारियों या राज्‍य सरकार के संज्ञान में लाए जाएं। जिला निर्वाचन अधिकारी या जिले के संबंधित अधिकारीगण सुनिश्चित करेंगे कि जिन अधिकारियों/कर्मचारियों का स्‍थानान्‍तरण किया जाता है वे अपने एवज़ी की प्रतीक्षा किए बिना अपना कार्यभार तुरंत सौंप दें। 
    9.    आयोग ने इसके अतिरिक्त निदेश दिया है कि उपर्युक्‍त अनुदेश के अधीन आने वाले सभी अधिकारियों के स्‍थानांतरण/तैनाती दिनांक 28 फरवरी, 2019 तक कर दिए जाएं तथा राज्‍य सरकार के संबंधित विभागों/अधिकारियों से प्राप्त कार्रवाई के विवरण सहित अनुपालन रिपोर्ट आयोग को मार्च, 2019 के पहले सप्ताह में प्रस्तुत की जाए।
    10.   कृपया इस पत्र की पावती दें।
    भवदीय,
     
    (नरेन्द्र एन. बुटोलिया)
    प्रधान सचिव
     
     
     
     
    भारत निर्वाचन आयोग
    निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्‍ली-110001
    464/अनुदेश/2008/ईपीएस                                          दिनांक: 23 दिसम्बर, 2008
     
    सेवा में,
    सभी राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों के
    मुख्य निर्वाचन अधिकारीगण। 
               
    विषयः-    भारत निर्वाचन आयोग के आदेश द्वारा कार्य की अवहेलना आदि के आरोप में स्थानांतरित अधिकारियों के नामों पर नजर रखना।
     
    संदर्भः-    सभी राज्यों तथा संघ राज्य-क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को सम्बोधित पत्र सं. 437/6/2006-पीएलएन.III दिनांक 06 नवम्बर, 2006 तथा ईसीआई संदेश सं. 100/1994-पीएलएन-I दिनांक 28.03.1994।
          भारत निर्वाचन आयोग ने ऊपर संदर्भित अनुदेश द्वारा निदेश दिया था कि प्रत्येक निर्वाचन से पहले सभी जिलों में एक विस्तृत समीक्षा की जाएगी तथा ऐसे सभी अधिकारियों को उनके गृह जिले या उस जिलों से बाहर स्थानांतरित किया जाना चाहिए जहां उन्होंने 4 वर्षों के कार्यकाल में से 3 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया हो, और यह भी निदेश दिया था कि ऐसे अधिकारीगण/कर्मचारीगण जिनके विरुद्ध आयोग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है या जिन्हें निर्वाचन या निर्वाचन संबंधी कार्य में किसी त्रुटि के लिए आरोपित किया गया है या जिन्हें इस मामले में आयोग के आदेशों के अधीन स्थानांतरित किया गया है, उन्हें निर्वाचन संबंधी कोई भी ड्यूटी न सौंपी जाए।
          तथापि, हाल ही में हुए निर्वाचनों के दौरान यह देखा गया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारियों तथा जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा आयोग के उपर्युक्त अनुदेश का अनुपालन करने के लिए किए गए प्रयासों के बावजूद अभी भी ऐसे अधिकारियों के कुछ उदाहरण हैं, जो उपर्युक्त मानदण्ड के अंतर्गत आते हैं तथा जिले से बाहर गैर-निर्वाचन संबंधी कार्य के लिए स्थानांतरित किए जाने के भागी हैं, परन्तु वे वहीं जमे रहने का इंतजाम कर लेते है औंर आयोग को उसके बारे में विभिन्न राजनैतिक दलों तथा जनसामान्य द्वारा की गई शिकायतों के माध्यम से देर से पता चलता है। ये घटनाएं, जिनकी संख्या, हालांकि, काफी कम होती है, फील्ड स्तर पर गलत संकेत भेजती हैं और उपर्युक्त मानदण्ड पर स्थानांतरित किए जाने के पात्र अधिकारियों के बारे में समुचित सूचना का रख-रखाव न करने को गैर-अनुपालन की कुछ इक्का-दुक्का घटनाओं के कारण के रूप में अभिचिह्नित किया गया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं के घटने की संभावना दूर करने के लिए आयोग ने मौजूदा अनुदेश को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित निदेश जारी किए हैः-
            I.            राज्य के मुख्य  निर्वाचन अधिकारी एक रजिस्टर बनाए रखेंगे जिसमें निर्वाचन आयोग के आदेश द्वारा स्थानांतरित ऐसे भा.प्र.से./भा.पु.से. के अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के बारे में सूचना बनाए रखी जाएगी जिनके विरूद्ध आयोग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है अथवा जिन्हें निर्वाचन या निर्वाचन संबंधी कार्य में कोई गलती करने के लिए आरोपित किया गया है।
          II.            इसी प्रकार, जिला निर्वाचन अधिकारी एक रजिस्टर बनाए रखेंगे जिसमें अन्य कनिष्ठ अधिकारियों तथा अन्य स्टॉफ के बारे में सूचना रखी जाएगी।
        III.            भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचनों की घोषणा के 7 दिन के भीतर, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यह संपुष्टि करते हुए कि उपर्युक्त मानदण्ड के अंतर्गत आने वाले सभी अधिकारियों को स्थानांतरित कर दिया गया है, जोनल सेक्रेटरी को एक अनुपालन-पत्र भेजेंगे। इसी प्रकार, वह यह संपुष्टि करते हुए कि उपर्युक्त मानदण्ड के अंतर्गत आने वाले सभी अधिकारियों/स्टॉफ को गैर निर्वाचन संबंधी कार्य पर तथा जिले से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है, सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से इसी प्रकार का अनुपालन प्रमाण-पत्र प्राप्त करेंगे।
        IV.            4 वर्षों में से 3 वर्ष मानदण्ड तथा गृह जिला मानदण्ड के अंतर्गत आने वाले अधिकारियों के स्थानान्तरण के संदर्भ में, जिला निर्वाचन अधिकारी रिटर्निंग अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक रिटर्निंग अधिकारियों तथा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं निर्वाचन संबंधी अन्य कर्मचारियों के संबंध में अनुपालन सुनिश्चित करेंगे एवं भारत निर्वाचन आयोग या मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा इस प्रयोजन के लिए निर्धारित समय, यदि कोई हो, के भीतर तथा यदि समय निर्धारित नहीं है तो निर्वाचनों की घोषणा वाले प्रेस नोट जारी किए जाने के 7 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक पत्र भजेंगे। 

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  13. Results of Rajya Sabha elections held on 19 June 2020, as declared by the respective Returning Officers

    Results of Rajya Sabha elections held on 19 June  2020, as declared by the respective Returning Officers
    Andhra Pradesh
    Gujarat
    Jharkhand
    Madhya Pradesh
    Manipur
    Meghalaya
    Mizoram
    Rajasthan

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  14. Deferment of process of Biennial Election to Karnataka Legislative Council by Graduates' and Teachers' Constituency - Commission's Order.

    Deferment of process of Biennial Election to Karnataka Legislative Council by Graduates' and Teachers' Constituency - Commission's Order.

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  15. Biennial Election to the Legislative Councils of UP and Bihar (Teachers' & Graduates' Constituencies)- ECI Order dated 03.04.2020

    Biennial Election to the Legislative Councils of UP and Bihar (Teachers' & Graduates' Constituencies)- ECI Order dated 03.04.2020
     

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  16. Biennial Election to the Legislative Councils of Maharashtra and Bihar (by members of Legislative assembly)- ECI Order dated 03.04.2020

    Biennial Election to the Legislative Councils of Maharashtra and Bihar (by members of Legislative assembly)- ECI Order dated 03.04.2020
     

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  17. ORDER - ECI DEFERS RAJYA SABHA POLL FURTHER IN VIEW OF COVID-19; FRESH DATE TO BE ANNOUNCED LATER

    ORDER - ECI DEFERS RAJYA SABHA POLL FURTHER IN VIEW OF COVID-19; FRESH DATE TO BE ANNOUNCED LATER
     

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  18. Use of Indelible Ink for affixing stamp indicating home quarantine of people due to COVID-19.

    Due to extraordinary circumstances because of COVID-19 pandemic, the Commission has reviewed its decision suo-moto and it is decided to allow usage of Indelible Ink on persons for stamping for home quarantine by health authorities with the following conditions:
    As per the provisions of Rule 49K of the Conduct of Elections Rules,1961, the left forefinger of electors is required to be marked with indelible ink at the polling stations before the elector is allowed to vote. Sub rule (4) of the said Rule 49K provides that in cases where the elector does not have fore finger on the left hand, the ink is to be marked on any finger on his left hand, and if he does not have any finger on his left hand, the ink is to be marked on his right forefinger. Hence, concerned authorities shall be instructed not to use the Indelible Ink on any finger on left hand of any persons. Ministry may standardise the mark and the location on the body where the mark has to be applied so that it does not come in the way of conduct of elections anywhere in the country. The authorities concerned shall be instructed to maintain the record of the persons to whom Indelible Ink is applied. The authorities shall also be instructed to ensure that the Indelible Ink shall not be used for any other purpose. Commission would like bring to the notice of entities be they be Ministries/ Departments in GOI / any PSUs in the Central / State sector / Govts of user States / Govts of UTs that indelible ink mark is normally expected to last for 3 days when applied on the skin but lasts for a few weeks on the fingernail till the nail grows out.

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  19. Bye-election to the Maharashtra Legislative Council from Dhule-cum-Nandurbar Local Authorities' Constituency-Amendment Notification-regarding.

    Bye-election to the Maharashtra Legislative Council from Dhule-cum-Nandurbar Local Authorities' Constituency-Amendment Notification-regarding.

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  20. Bye-election to the Telangana Legislative Council from Nizamabad Local Authorities’ Constituency - Amendment Notification -reg.

    Bye-election to the Telangana Legislative Council from Nizamabad Local Authorities’ Constituency - Amendment Notification -reg.

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  21. ORDER - ECI DEFERS RAJYA SABHA POLL IN VIEW OF COVID-19; FRESH DATE TO BE ANNOUNCED LATER

    ORDER - ECI DEFERS RAJYA SABHA POLL IN VIEW OF COVID-19; FRESH DATE TO BE ANNOUNCED LATER

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  22. Special Summary Revision of last part of electoral rolls relating to service voters with reference to 01.01.2020 as the qualifying date in the State of Maharashtra

    No.24/2019-ERS(Vol-IV)                                                                                Dated:  12th  March, 2020
     
    To,         
    Joint Secretary (Estt./ PG) & CVO,        
    Ministry of Defence,     
    South Block     
    New Delhi.  2.  Joint Secretary to the Govt. of India,      
    Ministry of Home Affairs,     
    North Block,      
    New Delhi  Joint Secretary (Administration)
      Ministry of External Affairs,
      South Block,
      New Delhi-110011.   The Director                                                                                                            
     Directorate General Border Roads,
     Seema Sadak Bhawan,       
    Ring Road, Delhi Cantonment,        
    New Delhi- 110010. Chief Electoral Officer,
     Maharashtra,
     Mumbai.  Subject:     Special Summary Revision of last part of electoral rolls relating to service voters with reference to 01.01.2020 as the qualifying date in the State of Maharashtra - regarding.
    Sir,
                I am directed to state that in order to provide opportunity for enrollment to unenrolled eligible service electors specifically those who are going to be eligible with reference to 01.01.2020 as the qualifying date so that after enrollment they can exercise their voting right in the future elections as well as to get the last part updated, the Commission has decided to undertake Special Summary Revision of last part of electoral rolls in the State of Maharashtra with reference to 1st January, 2020, as the qualifying date, as per the following schedule:-
    Schedule for Special Summary Revision of the last parts of electoral rolls, 2020 in Maharashtra
    S.No.
    Stages of Special Summary Revision of last part of electoral rolls, 2020
    Date/Period
     
    1.
    Draft publication of last parts of electoral rolls
    (Mother roll i.e. as finally published w.r.t. 1st January, 2019 as the qualifying date in recently concluded 2nd special summary revision of last part + one or two supplements, as the case may be, of continuous updating period)
    On 13.03.2020
    (Friday)
    2.
    Period for receiving Forms by the Record Officers/Commanding Officers/Authorities concerned
    Verification and scanning of Forms. Preparation of XML files, Uploading of XML files along with signed and verified Forms by the Record Officers/Commanding Officers/Authorities concerned. From 13.03.2020 (Friday) to
    15.04.2020 (Wednesday)
    3.
    Process and Disposal of signed and verified Forms along with XML files by EROs
    Returning of incomplete Forms/XML files by EROs concerned. By 30.04.2020
    (Thursday)
    4.
    Resubmission of corrected Forms/XML files by Record Officers/Commanding Officers/Authorities
    Final orders by EROs. By 11.05.2020
    (Monday)
    5.
    Final publication of the last parts of the electoral rolls.
    On 15.05.2020
    (Friday)

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  23. Special Summary Revision of Photo Electoral Rolls w.r.t. 01.01.2020 as the qualifying date in Jharkhand - Programme

    No.23/2019-ERS (Vol.-VI)
    Dated: 6th March, 2020
    To,
                Chief Electoral Officer,
                 Jharkhand,
                 Ranchi.
     Subject: - Special Summary Revision of Photo Electoral Rolls w.r.t. 01.01.2020 as the qualifying date and Elector’s Verification Programme- regarding.
    Reference:-
        1.  Letter No.23/LET/ECI/FUNC/ERD-ER/2019, dated 25.07.2019
        2.  Letter No.23/2019-ERS (Vol.-III), dated 31.07.2019
        3.  Letter No.23/LET/ECI/FUNC/ERD-ER/2019, dated 02.08.2019
        4.  Letter No.23/2019-ERS (Vol.-III), dated 30.08.2019
        5.  Letter No.23/2019-ERS (Vol.-III), dated 28.09.2019
        6.  Letter No.23/2019-ERS (Vol.-III), dated 12.10.2019
    Sir,
    I am directed to state that as per existing policy, revision of electoral rolls with reference to 1st January of the coming year as the qualifying date is done in later part of each year in all States/UTs (normally in the last quarter of a year). Since general election to Legislative Assembly of Jharkhand has recently been concluded, the Commission has decided that a Special Summary Revision be undertaken in your State to give opportunity to the left out electors and new electors who are going to be eligible for enrollment with reference to 01.01.2020 as the qualifying date. The Commission, taking all aspects into consideration, has directed to undertake Special Summary Revision of Photo Electoral Rolls of intensive nature w.r.t. 01.01.2020 as qualifying date in the State of Jharkhand as per the schedule below:- 
     
    Sl.No.
    Activity
    Period
    Pre- Revision activities:-
    1.
    Preparation of publicity Materials/Training Materials etc.
    By 16th March 2020 (Monday)
    a) Cascaded Training of Officers State Level training of DLMTs
    16th to 19th March 2020
    b) District level Training of ALMTs
    21st March to 24th March 2020
    c) Block level Training of Supervisors and BLOs
    26th March to 27th March 2020
      2.
    Elector’s Verification Programme (EVP) in a campaign mode with the help of SVEEP and other pre-revision activities including rationalization of polling stations.
     From 30th March 2020 (Monday) to 30th April 2020 (Thursday)
    Revision Activities:-
    3.
    Publication of Integrated draft electoral roll
    On 8th May 2020 (Friday)
    4.
    Period for filing claims & objections
    8th May 2020 (Friday) to
    8th June 2020  (Monday)
    5.
     
     
    Special campaign dates
     
     
    16th May 2020 (Saturday)& 17th May 2020 (Sunday), and
    23rd May 2020 (Saturday)&24th May 2020 (Sunday)
    6.
    Disposal of claims and objections
    By 18th  June 2020 (Thursday)
    7.
    Updating database and printing of supplements
    By 29th June 2020  (Monday)
    8.
    Final publication of electoral roll
    On 7th July 2020 ( Tuesday)
     

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  24. Submitted

  25. Notice to Sh. Arvind Kejriwal, Chief Minister of Delhi

    General Election to legislative Assembly of NCT of Delhi, 2020-Notice to Sh. Arvind Kejriwal in the matter of violation of provisions of Model Code of Conduct -regarding

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