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  1. Notice to Acharya Pramod Krishnan, Congress Leader

    Notice to Acharya Pramod Krishnan, Congress Leader
     

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  2. Order to Ms. Imarti Devi, Candidate from 19-Dabra (SC) Constituency

    Order to Ms. Imarti Devi, Candidate from 19-Dabra (SC) Constituency
     

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  3. श्री विसाहुलाल सिंह, बीजेपी अभ्यर्थी को आदेश

    सं.100/मध्य प्रदेश-वि.स./2020-(उप) 
    दिनांक: 31 अक्‍तूबर, 2020
    आदेश
          यत:, आयोग ने मध्‍यप्रदेश विधान सभा के चल रहे उप-निर्वाचनों के दौरान राजनीतिक दलों और अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन की आदर्श आचार संहिता के ‘साधारण संचालन’ के भाग-I के पैरा (2) और पैरा (5) में विनिर्दिष्‍ट उपबंधों का उल्‍लंघन करने और आयोग के पत्र सं. 437/6/अनुदेश/भा.नि.आ./ प्रका./आ.आ.सं./2019, दिनांक 29 अप्रैल, 2019 द्वारा जारी परामर्शिका की अवमानना करने के लिए श्री विसाहुलाल सिंह, 87-अनूपपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी अभ्यर्थी को नोटिस सं. 100/मध्य प्रदेश-वि.स./2020(उप) दिनांक 24 अक्‍तूबर, 2020 जारी किया था; और 
    2.    यत:, आयोग को उपर्युक्‍त नोटिस के संबंध में श्री विसाहुलाल सिंह का उत्‍तर 27 अक्‍तूबर, 2020 को मिला है; और  
    3.    यत:, श्री विसाहुलाल सिंह ने अपने उपर्युक्‍त उत्‍तर में, अन्‍य बातों के साथ-साथ, निम्‍नलिखित निवेदन किया है:- 
    (क)  उनका संदर्भित कथन कांग्रेस प्रत्याशी श्री विश्वनाथ सिंह द्वारा विधानसभा निर्वाचन के संबंध में भरे गये निर्वाचन फार्म के बारे में सम्पति तथा अन्य तथ्यों को लेकर ब्योरा दिए जाने के बारे में था।
    (ख)  यह विधि का यह सर्वमान्य सिद्धांत है कि पहली/एक पत्नी के जीवित रहते हुए कोई भी व्यक्ति दूसरा विवाह नहीं कर सकता और यदि करता भी है अथवा किसी और को पत्नी के रूप या किसी भी रूप में अपने साथ रखता है तो वह अवैध है तथा ऐसी दूसरी महिला को कानून की भाषा में रखैल शब्द से संबोधित किया गया है। इस संबंध में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 125 की उपधारा 3 का स्पष्टीकरण अवलोकनीय है।
    (ग)   यह कि प्रार्थी वरिष्ठ व्यक्ति है। इस तरह वृद्ध होने के कारण बोलने में कभी शब्दों में अस्पष्टता मालूम पड़ती है। श्री जयप्रकाश अग्रवाल के बारे में जो शब्द दुर्दशा होना बताया जा रहा है उसका उपयोग प्रार्थी द्वारा नहीं दिया गया था बल्कि वह वास्तविक शब्द सुधार था। श्री जयप्रकाश अग्रवाल के बारे में कहे गये पूरे शब्दों को यदि पूर्णतया एक साथ पढ़ा जाएगा तो उससे यह स्पष्ट है कि उसे सुधारने और रास्ते में लाने की बात कही गई प्रकट होती है। कोई भी व्यक्ति अपने करीबी और दोस्त शुभचिंतक के बारे में ही ऐसा कह सकता है।
    (घ)   श्री जयप्रकाश अग्रवाल के बारे में प्रार्थी न तो कोई दुर्भावना रखता है और न ही उसके बारे में कोई आपत्तिजनक बात कही गई है।  
    4.    यत:, आयोग ने इस मामले पर सावधानीपूर्वक विचार किया है और आयोग का यह सुविचारित मत है कि श्री विसाहुलाल सिंह ने राजनैतिक दलों और अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन की आदर्श आचार संहिता के ‘साधारण संचालन’ के भाग-I के पैरा (2) और पैरा (5) और आयोग के पत्र सं. 437/6/अनुदेश/भा.नि.आ./प्रका./आ.आ.सं./2019, दिनांक 29 अप्रैल, 2019 के तहत जारी परामर्शिका का उल्‍लंघन किया है।  
    5.    अत:, अब, आयोग श्री विसाहुलाल सिंह, 87- अनूपपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी अभ्यर्थी के विवादित बयान की एतद्द्वारा निंदा करता है और उन्हें पुनः परामर्श देता है कि वे आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान सार्वजनिक बयान देते समय ऐसे शब्द अथवा कथन से बाज आएं।  
     
    आदेश से 
    हस्ता/-
    (मधुसूदन गुप्ता)
     सचिव
     
    सेवा में
    श्री विसाहुलाल सिंह,
    87-अनूपपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी अभ्यर्थी,
    मध्‍य प्रदेश     

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  4. Notice to Ms. Usha Thakur, BJP Minister

    Notice to Ms. Usha Thakur, BJP Minister
     

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  5. Order to Shri Mohan Yadav, BJP Minister

    Order to Shri Mohan Yadav, BJP Minister
     

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  6. Notice to Shri Girraj Dandotiya, BJP Candidate

    Notice to Shri Girraj Dandotiya, BJP Candidate
     

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  7. Order to Shri Kamal Nath, Ex-CM, Madhya Pradesh

    Order to Shri Kamal Nath, Ex-CM, Madhya Pradesh

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  8. Order to Shri Kailash Vijayvargiya, General Secretary, BJP

    Order to Shri Kailash Vijayvargiya, General Secretary, BJP
     

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  9. बिहार विधानसभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2020 - तीसरा चरण - वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए व्यय प्रेक्षकों द्वारा "स्टेटस नोट/फीडबैक" - तत्संबंधी।

    सं. 116/बिहार-वि. स./ईओ/2020/सीईएमएस-III
    दिनांक: 29 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में
          मुख्य निर्वाचन अधिकारी
          बिहार
          पटना।
     
    विषय:-बिहार विधानसभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2020 - तीसरा चरण - वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए व्यय प्रेक्षकों द्वारा "स्टेटस नोट/फीडबैक" - तत्संबंधी।
     
    महोदय 
          मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग दिनांक 4 नवम्बर, 2020 को अपराह्न 4.00 बजे बिहार राज्य में तीसरे चरण में तैनात सभी व्यय प्रेक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से फील्ड मशीनरी की मतदान तैयारियों का व्यापक अवलोकन करने और निर्वाचन संबंधी सभी नियमों, दिशा-निर्देशों और अनुदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक समीक्षा बैठक का आयोजन करेगा।      
    इस संबंध में, आपसे अनुरोध है कि तृतीय चरण के निर्वाचन के सभी व्यय प्रेक्षकों के लिए अनुलग्नक "क" पर "स्टेटस नोट/फीडबैक" परिचालित करें। 
    "स्टेटस नोट/फीडबैक" व्यय प्रेक्षकों द्वारा निम्नलिखित ईमेल पर दिनांक 2 नवंबर, 2020 को अपराह्न 2.00 बजे तक अवश्य भेज दी जाए।
    nk.gautam@eci.gov.in, traogharu@eci.gov.in
    उक्त को व्यय प्रेक्षक पोर्टल पर भी (कोई अन्य रिपोर्ट) शीर्षक के अंतर्गत अपलोड किया जाए। 
    व्यय पर्यवेक्षकों के इस "स्टेटस नोट/फीडबैक" को संक्षिप्त, आकर्षक और क्रिस्प और केंद्रित होना चाहिए और यह टाइप किए हुए ए-4 के 2 पृष्ठों से अधिक नहीं होना चाहिए। "स्टेटस नोट/फीडबैक" में शामिल किए जाने वाले मुद्दों/बिंदुओं की एक सांकेतिक सूची अनुलग्नक 'क' में संलग्न है। 
          सभी व्यय प्रेक्षकों को अनुसूची के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय/जिला मुख्यालय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान, आयोग के ध्यान में लाने के लिए महत्वपूर्ण अंतराल, तत्काल कार्य करने योग्य बिंदुओं, महत्वपूर्ण मुद्दों या अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं पर व्यक्तिगत प्रतिक्रिया, यदि कोई हो, देने के लिए उपस्थित रहना चाहिए। 
          स्टेटस नोट/फीडबैक का उपर्युक्त प्रोफार्मा आयोग की वेबसाइट www.eci.gov.in पर भी उपलब्ध है और "प्रेक्षक पोर्टल (केवल प्रेक्षक के लिए)"-"व्यय प्रेक्षक हेतु महत्वपूर्ण अनुदेश" शीर्षक के अंतर्गत देखा जा सकता है।
         
    इस अनुदेश को अनुपालन हेतु सभी व्यय प्रेक्षकों के ध्यान में तत्काल लाया जाए।
     
    अनु.: उपर्युक्त अनुसार  
    भवदीय 
    (टीटव राव)
    अवर सचिव
     
    ********************** 
    अनुलग्नक-'क'
     
    व्यय प्रेक्षकों से फीडबैक/स्टेटस रिपोर्ट का प्रोफार्मा
     
    ईओ का नामः-            एसी सं.:-          जिला/राज्य का नाम-
     
    क्र. सं.
    मद
    टिप्पणी
    1.
    (क) क्या वीएसटी, वीवीटी, एसएसटी और अकाउंट टीम ठीक जगह पर हैं और ठीक से काम कर रहे हैं?
     
    (ख) क्या एसओआर और एफओई को ठीक से बनाए रखा जा रहा है?
     
    2.
    प्रति निर्वाचन क्षेत्र में तैनात एफएस, एसएसटी और वीएसटी की संख्या। इन दलों की दक्षता में सुधार के लिए सुझाव।
     
    3.
    शिकायत अनुवीक्षण सेल - नकद/शराब/नशा/उपहार इत्यादि के वितरण से संबंधित प्राप्त शिकायतों की संख्या
     
    4.
    आज की तारीख तक एफएस, एसएसटी और पुलिस द्वारा की गई जब्ती।
    (मात्रा एवं रुपए में मूल्य दोनों)।
     
    नकद
     
    शराब
     
    डी डब्ल्यू और
     
    उपहार
     
    अन्य
     
    5.
    (क) अभ्यर्थी के खातों के निरीक्षण की यथानिर्धारित तिथि।
     
    (ख) क्या सभी अभ्यर्थी अपने खातों का निरीक्षण करवा रहे हैं?
     
    (ग) अभ्यर्थी (यों) (राजनीतिक दल के नाम के साथ) द्वारा किए गए अधिकतम व्यय का उल्लेख करें।
     
    6.
    कितने अभ्यर्थियों ने पृथक बैंक खाते नहीं खोले?
     
    7.
    (क) आपराधिक पूर्ववृत्त वाले अभ्यर्थियों की संख्या।
     
    (ख) क्या ऐसे अभ्यर्थियों ने प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अपने आपराधिक पूर्ववृत्त प्रकाशित किए हैं।
    (ग) आपराधिक पूर्ववृत्त के प्रकाशन पर संबंधित अभ्यर्थियों द्वारा किए गए व्यय।
     
    8.
    एमसीएमसी को मिली संदिग्ध पेड न्यूज की शिकायतें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट।
     
    9.
    शराब उत्पादन इकाइयों, गोदामों और बिक्री आउटलेट्स का अनुवीक्षण।
     
    10.
    व्यय संवेदनशील पॉकेट्स की पहचान और अनुवीक्षण। क्या सीपीएफ कर्मियों को एफएस के साथ मिलाया गया है?
     
    11.
    क्या उड़न दस्तों के वाहन जीपीएस सक्षम हैं?
     
    12.
    सी-विजिल के माध्यम से प्राप्त नकदी, शराब, अभद्रता के उपयोग से संबंधित शिकायतों की संख्या और सही पाए गए मामलों की संख्या।
     
     
    13.
    मतदान से पहले अंतिम 72 घंटों के लिए आपकी क्या रणनीति है?
     
     
    14.
    कोई और मुद्दा
     
     
     
    तिथि सहित हस्ताक्षर
    व्यय प्रेक्षक का नाम
    पीसी/एसी की सं. एवं नाम
    जिला का नाम
    राज्य का नाम

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  10. सुश्री इमरती देवी, 19-डबरा (अ.जा.) से बीजेपी की अभ्यर्थी को नोटिस

    सं. 100/मध्य प्रदेश–वि.स./2020-(उप)                     
    दिनांकः 27 अक्तूबर, 2020
     
    नोटिस
     
    यतः, आयोग द्वारा दिनांक 29 सितम्बर, 2020 को प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./67/2020 के तहत मध्य प्रदेश विधान सभा के लिए उप-निर्वाचनों की घोषणा कर दी गई है और उक्त प्रेस नोट के पैरा 4 के अनुसार आदर्श आचार संहिता के उपबंध उक्त तारीख से लागू हो गए हैं; और 
    2.    यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप पैरा (1) में यह प्रावधान है कि ‘किसी भी दल अथवा अभ्यर्थी को ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए जो विभिन्न जातियों एवं समुदायों-धार्मिक या भाषायी-के बीच मौजूदा मतभेदों को बढ़ाए या परस्पर घृणा उत्पन्न करे या तनाव पैदा करे,’ और 
    3.    यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप-पैरा (2) में अन्य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि दलों और अभ्यर्थियों को निजी जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना से बचना चाहिए, जिनका दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक कार्यकलापों से सरोकार न हो; और 
    4.    यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप पैरा (5) में यह प्रावधान है कि ‘प्रत्येक व्यक्ति के शांतिपूर्ण और विघ्नरहित घरेलू जीवन के अधिकार का आदर करना चाहिए चाहे राजनैतिक दल एवं अभ्यर्थी उसके राजनैतिक विचारों या कार्यों के कितने ही विरूद्ध क्यों न हों। व्यक्तियों के विचारों या कार्यों का विरोध करने के लिए उनके घरों के सामने प्रदर्शन करने या धरना देने के तरीकों का सहारा किसी भी परिस्थति में नहीं लेना चाहिए’; और  
    5.    यतः, आयोग ने सभी मान्यताप्राप्त राजनैतिक दलों को अपने पत्र सं. 437/6/अनु./ईसीआई/प्रका./एमसीसी/2019, दिनांक 29 अप्रैल, 2019 को परामर्शिका जारी की है कि ‘राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों को ऐसे किसी भी कार्य/कार्रवाई/कथनों से बचना चाहिए जो महिलाओं के सम्मान और गरिमा के विरूद्ध माना जाता हो; और 
    6.    यतः, सोशल मीडिया पर प्रसारित शिकायत के आधार पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मध्य प्रदेश से एक रिपोर्ट मांगी गई थी तथा उक्त को अब तथाकथित संबोधन (अनुलग्नक-I) के अधिकृत प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) के साथ निम्नानुसार प्राप्त किया गया हैः 
    “वह बंगाली आदमी है वह मध्य प्रदेश आया केवल मुख्यमंत्री के लिए। उसको बोलने की सभ्यता नहीं है। इसे क्या कहा जाए। वह मुख्यमंत्री के पद से हटा तो पागल हो गया है। पागल बनकर पूरे मध्य प्रदेश में घूम रहा है तो उसे क्या कह सकते है, उसकी माँ बहन आइटम होगी बंगाल की। हमें पता थोड़ी है।”  
    7.    यतः, सुश्री इमरती देवी द्वारा दिए गए भाषण की वीडियो क्लिप और प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) की आयोग में जांच की गई है और उनके बयान को ‘राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन हेतु आदर्श आचार संहिता के साधारण संचालन’ के पैरा (1), (2) और भाग (I) के (5) में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करते और आयोग द्वारा अपने पत्र सं. 437/6/अनु./ईसीआई/प्रका./एमसीसी/2019, दिनांक 29 अप्रैल, 2019 के तहत जारी की गई परामर्शिका की अवहेलना करते हुए पाया गया है; और 
    8.    अब, इसलिए, आयोग आपको अवसर देता है कि आप इस नोटिस की प्राप्ति के 48 घंटों के भीतर दिए गए उपर्युक्त बयान के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर भारत निर्वाचन आयोग आपको आगे संदर्भ दिए बिना निर्णय लेगा।
         
    आदेश से
    अनु.: उपर्युक्त अनुसार
     
    (स्टेण्डहोप युहलूंग)
    वरिष्ठ प्रधान सचिव
     
     
     
    सेवा में
    सुश्री इमरती देवी,
    19-डबरा (अ. जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से अभ्यर्थी,
    मध्य प्रदेश
     
     

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  11. Notice to Shri Sajjan Singh Verma, Congress leader

    सं. 100/मध्य प्रदेश – वि.स./2020-(उप)               
     दिनांकः 26 अक्तूबर, 2020
     
    नोटिस 
    यतः, आयोग द्वारा दिनांक 29 सितम्बर, 2020 को प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./67/2020 के तहत मध्य प्रदेश विधान सभा के लिए उप-निर्वाचनों की घोषणा कर दी गई है और उक्त प्रेस नोट के पैरा 4 के अनुसार आदर्श आचार संहिता के उपबंध उक्त तारीख से लागू हो गए हैं; और 
    2.    यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप पैरा (1) में यह प्रावधान है कि ‘किसी भी दल अथवा अभ्यर्थी को ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए जो विभिन्न जातियों एवं समुदायों-धार्मिक या भाषायी-के बीच मौजूदा मतभेदों को बढ़ाए या परस्पर घृणा उत्पन्न करे या तनाव पैदा करे’; और 
    3.    यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप-पैरा (2) में, अन्य बातों के साथ-साथ, यह प्रावधान है कि दलों और अभ्यर्थियों को निजी जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना से बचना चाहिए, जिनका दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक कार्यकलापों से सरोकार न हो; और 
    4.    यतः, आयोग ने अन्य बातों के साथ-साथ, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मध्य प्रदेश से एक रिपोर्ट प्राप्त की है, जिसमें दिनांक 15 अक्तूबर, 2020 को सानवेर, इंदौर में रैली को संबोधित करते समय श्री सज्जन सिंह वर्मा, कांग्रेस के नेता ने बीजेपी के नेता कैलाश विजयवर्गीय सिंह को “रावण” के रूप में संबोधित किया; और 
    5.    यतः, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मध्य प्रदेश से एक रिपोर्ट मांगी गई थी, तथा उक्त को अब तथाकथित संबोधन (अनुलग्नक-1) के अधिकृत प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) के साथ निम्नानुसार प्राप्त किया गया हैः 
    “....सुन रे भैया कैलाशिया की तेरी औकात कितनी है...... तू भूल गया वो दिन साड़ी पहनकर, बाल बड़े-बड़े करके नाक में नत्थी पहनकर पंडितजी हाथ चूड़ी पहनकर तंत्र-मंत्र करता था....... नाक पकोड़े जैसी हो गयी,..... दशहरा जैसे जैसे पास में आता है उसका चेहरा रावण जैसा हो जाता है....... मेरा कहना है कितनी बार जला चुके हैं, अब भारतीय जनता पार्टी अभी उनकी सरकार है वो ही इस रावण को जलायें....”  
    6.    यतः, श्री सज्जन सिंह वर्मा द्वारा दिनांक 15 अक्तूबर, 2020 को रैली को संबोधित करने के भाषण के प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) की आयोग में जांच की गई है और उनके बयान को ‘राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन हेतु आदर्श आचार संहिता के साधारण संचालन’ के भाग I के पैरा (1) और पैरा (2) में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाया गया है; और  
    7.    अब, इसलिए, आयोग आपको अवसर देता है कि आप इस नोटिस की प्राप्ति के 48 घंटों के भीतर दिए गए उपर्युक्त बयान के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर भारत निर्वाचन आयोग आपको आगे संदर्भ दिए बिना निर्णय लेगा।
    अनुलग्नक: उपर्युक्त अनुसार  
                                                                               आदेश से, 
    (स्टैण्डहोप युहलुंग)
    वरिष्ठ प्रधान सचिव
    सेवा में
    श्री सज्जन सिंह वर्मा,
    कांग्रेस के नेता,
    मध्य प्रदेश

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  12. Notice to Shri Kailash Vijayvargiya, BJP

    सं. 100/मध्य प्रदेश – वि.स./2020-(उप)                 दिनांकः 26 अक्तूबर, 2020
     
    नोटिस
     
    यतः, आयोग द्वारा दिनांक 29 सितम्बर, 2020 को प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./67/2020 के तहत मध्य प्रदेश विधान सभा के लिए उप-निर्वाचनों की घोषणा कर दी गई है और उक्त प्रेस नोट के पैरा 4 के अनुसार आदर्श आचार संहिता के उपबंध उक्त तारीख से लागू हो गए हैं; और 
    2.    यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप-पैरा (2) में, अन्य बातों के साथ-साथ, यह प्रावधान है कि दलों और अभ्यर्थियों को निजी जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना से बचना चाहिए, जिनका दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक कार्यकलापों से सरोकार न हो; और 
    3.    यतः, आयोग ने अन्य बातों के साथ-साथ, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मध्य प्रदेश की एक रिपोर्ट प्राप्त की है, जिसमें दिनांक 14 अक्तूबर, 2020 को सानवेर, इंदौर में रैली को संबोधित करते समय श्री कैलाश विजयवर्गीय, भारतीय जनता पार्टी के नेता ने कांग्रेस के नेताओं श्री कमलनाथ और श्री दिग्विजय सिंह को “चुन्नू-मुन्नू” के रूप में संबोधित किया; और 
    4.    यतः, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मध्य प्रदेश से एक रिपोर्ट मांगी गई थी, तथा उक्त को अब तथाकथित संबोधन (अनुलग्नक-1) के अधिकृत प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) के साथ निम्नानुसार प्राप्त किया गया हैः 
    “....ये दोनों सुनो चून्नू-मून्नू दिग्विजय जी और कमलनाथ जी ये दोनों चून्नू-मुन्नू इतने कलाकार हैं....... ये दोनों चुन्नू-मुन्नू एक मुख्यमंत्री बन गया और एक ट्रांसफर उद्योग ले कर अपने बंगले पर बैठ गया....... चुन्नू-मुन्नू गद्दार है और यहाँ लोगों को बोलते हैं शिवराज जी जैसे संत नेता के बारे में क्या बोलते हैं वे नालायक हैं....”  
    5.    यतः, श्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दिनांक 14 अक्तूबर, 2020 को रैली को संबोधित करने के भाषण के प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) की आयोग में जांच की गई है और उनके बयान को ‘राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन हेतु आदर्श आचार संहिता के साधारण संचालन’ के भाग I के पैरा (2) में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाया गया है; और  
    6.    अब, इसलिए, आयोग आपको अवसर देता है कि आप इस नोटिस की प्राप्ति के 48 घंटों के भीतर दिए गए उपर्युक्त बयान के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर भारत निर्वाचन आयोग आपको आगे संदर्भ दिए बिना निर्णय लेगा।
    अनुलग्नक: उपर्युक्त अनुसार  
                                                                               आदेश से, 
                                   (स्टैण्डहोप युहलुंग)
    वरिष्ठ प्रधान सचिव
    सेवा में
    श्री कैलाश विजयवर्गीय,
    नेता, भारतीय जनता पार्टी
    मध्य प्रदेश
         

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  13. श्री कमलनाथ, पूर्व सीएम, मध्य प्रदेश को आदेश

    सं.100/म.प्र.-वि.स./2020(उप.नि.)                      
    दिनांक: 26 अक्‍तूबर, 2020
    आदेश
          यत:, आयोग ने मध्‍यप्रदेश विधान सभा के चल रहे उप-निर्वाचनों के दौरान ‘राजनीतिक दलों और अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन की आदर्श आचार संहिता के साधारण संचालन’ भाग-I के पैरा (2) में विनिर्दिष्‍ट उपबंधों का उल्‍लंघन करने और आयोग के पत्र सं. 437/6/अनुदेश/भा.नि.आ./ प्रकार्य/आआसं./2019, दिनांक 29 अप्रैल, 2019 द्वारा जारी परामर्शिका की अवमानना करने के लिए श्री कमल नाथ, पूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्‍य प्रदेश को नोटिस सं. 100/म.प्र.-वि.स./2020(उप.नि.) दिनांक 21 अक्‍तूबर, 2020 जारी किया था; और
     
    2.    यत:, आयोग को उपर्युक्‍त नोटिस के लिए श्री कमलनाथ का उत्‍तर 22 अक्‍तूबर, 2020 को मिला है; और
     
    3.    यत:, श्री कमल नाथ ने अपने उपर्युक्‍त उत्‍तर में, अन्‍य बातों के साथ-साथ, निम्‍नलिखित निवेदन किया है:-
     
    (क)   मेरे लिए और मेरी पार्टी के लिए - महिलाओं का सम्‍मान करना और उनकी गरिमा बनाए रखना सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण है। कहने की आवश्‍यकता नहीं है कि मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री के रूप में महिलाओं के सम्‍मान का संरक्षण, उनकी सुरक्षा और गरिमा बनाए रखना मेरे प्रशासन के महत्‍वपूर्ण आधारों में से एक   था ।
    (ख)   भारत के उच्‍चतम न्‍यायालय ने अपने उल्‍लेखनीय निर्णयों में कई बार कहा है कि निर्वाचनों की गहमागहमी तत्‍क्षण कई बयान दे दिए जाते हैं। इस मामले में भी किसी महिला अथवा महिला जाति के प्रति कोई पूर्वाग्रह नहीं था और न ही उनका अनादर करने की मंशा थी। यह केवल राजनीतिक परिदृश्‍य का एक उदाहरण था, जो अत्‍यंत नाटकीय होता है।
    (ग)    किसी महिला के प्रति न तो कोई दुर्भावना थी और न ही अपमान करने की कोई मंशा। वास्‍तव में, इस घटना के अगले दिन अर्थात 19.10.2020 को मेरे द्वारा खेद व्‍यक्‍त करना और अपने कथन के बारे में स्‍पष्‍टकीकरण देना यह दर्शाता है कि आयोग की दिनांक 29.04.2019 को जारी परामर्शिका की उपेक्षा करने की मेरी कोई मंशा नहीं थी।
    (घ)    अंत में, मैं आयोग को स्‍मरण कराना चाहता हूं कि महिलाओं की गरिमा बनाए रखना, मेरे सार्वजनिक जीवन की आधारशिला है और यह मेरे 40 वर्ष से अधिक के सार्वजनिक जीवन में किए गए मेरे कार्यों और शासन में प्रतिबिंबित होता है।
    (ङ)    मैंने वर्ष 1980 से विभिन्‍न क्षमताओं में कार्य किए हैं – लोक सभा के सदस्‍य के रूप में, एक केंद्रीय मंत्री के रूप में और एक मुख्‍यमंत्री के रूप में। मुझ पर कभी भी महिलाओं या किसी के प्रति कदाचार अथवा क्रोधवश टिप्‍पणी करने का आरोप नहीं लगा है – चाहे संसद के भीतर हो अथवा संसद से बाहर।
    (च)    मुझे आशा और विश्‍वास है कि मेरे सार्वजनिक जीवन के रिकार्ड को देखते हुए निर्वाचन आयोग मेरे इस उत्‍तर से संतुष्‍ट होगा। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान दिए गए अनर्गल बयान की वजह से किसी व्‍यक्ति के सार्व‍जनिक जिन्‍दगी के रिकार्ड को नजरांदाज नहीं किया जा सकता और न ही करना चाहिए।
    (छ)   मैं अनुरोध करता हूं कि मेरे मौजूदा उत्‍तर को ध्‍यान में रखते हुए उतराधीन नोटिस के तहत मेरे विरूद्ध आरंभ की गई कार्रवाई को कृपया समाप्‍त किया जाए।
    4.    यत:, आयोग ने इस मामले पर गंभीरता से विचार किया है और उसका मानना है कि श्री कमलनाथ ने एक महिला के लिए ‘आइटम’ शब्‍द का प्रयोग किया है और यह आयोग के पत्र सं. 437/6/अनुदेश/भा.नि.आ./प्रकार्य/आआसं./2019, दिनांक 29 अप्रैल, 2019 के तहत जारी परामर्शिका का उल्‍लंघन है।
     
    5.    अत:, अब, आयोग श्री कमलनाथ, पूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्‍य प्रदेश को एतद्द्वारा परामर्श देता है कि सार्वजनिक बयान देते समय उन्‍हें आदर्श आचार संहिता की अवधि में इस प्रकार के शब्‍दों अथवा कथनों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
     
    आदेश से, 
    (स्‍टैंडहोप युहलुंग)
    वरिष्‍ठ प्रधान सचिव
    सेवा में,
    श्री कमलनाथ,
    पूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्‍य प्रदेश,
    शिकारपुर, तहसील मोहखेड़,
    जिला – छिंदवाड़ा, मध्‍य प्रदेश     

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  14. श्री विसाहुलाल सिंह, 87- अनूपपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के अभ्यर्थी को नोटिस

    सं. 100/मध्य प्रदेश-वि. स./2020 (उप)/
    दिनांक:-24 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में
          मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
          मध्य प्रदेश,
          भोपाल।
     
    विषय:- मध्य प्रदेश विधान सभा के लिए उप-निर्वाचन, 2020- श्री विसाहुलाल सिंह, मध्य प्रदेश में बीजेपी के अभ्यर्थी को नोटिस-तत्संबंधी।
     
    महोदय,     
          मुझे श्री विसाहुलाल सिंह, 87- अनूपपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, मध्य प्रदेश से बीजेपी के अभ्यर्थी को संबोधित नोटिस सं. 100/मध्य प्रदेश-वि. स./2020(उप), दिनांक 24.10.2020 की एक प्रति इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है। उपर्युक्त नोटिस केवल एक विशेष दूत या प्रोसेसर के माध्यम से श्री विसाहुलाल सिंह को तत्काल दिया जाए। संबंधित व्यक्ति से नोटिस की प्राप्ति के टोकन के रूप में एक पावती प्राप्त करके आयोग को प्रस्तुत की जाए।
     
    भवदीय
     
    हस्ता/-
    (अमित कुमार)
    अवर सचिव
         
    ******************************************** 
     
    भारत निर्वाचन आयोग
    निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110001
     
    सं. 100/मध्य प्रदेश – वि.स./2020-(उप)                    दिनांकः 24 अक्तूबर, 2020
     
    नोटिस
     
    यतः, आयोग द्वारा दिनांक 29 सितम्बर, 2020 को प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./67/2020 के तहत मध्य प्रदेश विधान सभा के लिए उप-निर्वाचनों की घोषणा कर दी गई है और उक्त प्रेस नोट के पैरा 4 के अनुसार आदर्श आचार संहिता के प्रावधान उक्त तारीख से लागू हो गए हैं; और 
    2.    यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप-पैरा (2) में अन्य बातों के साथ-साथ, यह प्रावधान है कि दलों और अभ्यर्थियों को निजी जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना से बचना चाहिए, जिनका दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक कार्यकलापों से सरोकार न हो; और  
    3. यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप पैरा (5) में अन्य बातों के साथ-साथ  यह प्रावधान है कि ‘प्रत्येक व्यक्ति के शांतिपूर्ण और विघ्नरहित घरेलू जीवन के अधिकार का आदर करना चाहिए चाहे राजनैतिक दल एवं अभ्यर्थी उसके राजनैतिक विचारों या कार्यों के कितने ही विरूद्ध क्यों न हों,’ और   
    4.    यतः, आयोग ने सभी मान्यताप्राप्त राजनैतिक दलों को अपने पत्र सं. 437/6/अनु./ईसीआई/प्रका./एमसीसी/2019, दिनांक 29 अप्रैल, 2019 को परामर्शिका जारी की है कि ‘राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों को ऐसे किसी भी कार्य/कार्रवाई/कथनों से बचना चाहिए जो महिलाओं के सम्मान और गरिमा के विरूद्ध माना जाता हो; और 
    5.    यतः, आयोग ने अन्य बातों के साथ-साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मध्य प्रदेश से एक रिपोर्ट प्राप्त की है, जिसमें दिनांक 19 अक्तूबर, 2020 को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को संबोधित करते समय श्री विसाहुलाल सिंह 87-अनूपपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के अभ्यर्थी ने श्री विश्वनाथ सिंह, कांग्रेस के अभ्यर्थी की पत्नी को ‘रखैल’ के रूप में संबोधित किया; और 
    6.    यतः, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मध्य प्रदेश से एक रिपोर्ट मांगी गई थी जो अब तथाकथित संबोधन (अनुलग्नक-1) के अधिकृत प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) के साथ निम्नानुसार प्राप्त हुई हैः 
           "...विधानसभा के निर्वाचन का फॉर्म भरा जाता है तो पूरे सम्पति का ब्यौरा दिया जाता है, सबका ब्यौरा दिया जाता है। परन्तु विश्वनाथ सिंह (कांग्रेस प्रत्याशी) ने अपनी पहली औरत जो वर्तमान में उसका ब्यौरा नहीं दिया है कि मेरा एक ठे औरत और है जिससे शादीशुदा है, रखैल औरत का ब्यौरा दिया तो उससे पता लगाओ, तुम्हारा पुराण वाला औरत कहाँ ठे है, वोहू बताओ न मेरा दो ठो औरत है कह दे दो ठो औरत है..." 
          "जय प्रकाश अग्रवाल मेरे चलते 13 साल तक अध्यक्ष बना और 3 तारीख के बाद जो दुर्दशा मैं जय प्रकाश का करूँगा, कोई नहीं करेगा, रास्ता में लाऊंगा उसको, ऑफिस में बोल दीजियेगा, रास्ता में लाऊंगा, अपना औकात उसको समझाऊंगा.."         
    7.    यतः, श्री विसाहुलाल सिंह द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने दिनांक 19 अक्तूबर, 2020 को दिए गए भाषण की वीडियो क्लिप और प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) की आयोग में जांच की गई है और उनके बयान को ‘राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन हेतु आदर्श आचार संहिता के साधारण संचालन’ के भाग I के पैरा (2) और पैरा (5) में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करते और आयोग द्वारा अपने पत्र सं. 437/6/अनु./ईसीआई/प्रका./एमसीसी/2019, दिनांक 29 अप्रैल, 2019 के तहत जारी की गई परामर्शिका की अवहेलना करते हुए पाया गया है; और  
    8.    अब, इसलिए, आयोग आपको अवसर देता है कि आप इस नोटिस की प्राप्ति के 48 घंटों के भीतर दिए गए उपर्युक्त बयान के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर भारत निर्वाचन आयोग आपको आगे संदर्भ दिए बिना निर्णय लेगा।                                                                          
     
     आदेश से
    अनु.: उपर्युक्त अनुसार
    हस्ता/-
    (मधुसूदन गुप्ता)
    सचिव
     
     
     
     
    सेवा में
    श्री विसाहुलाल सिंह
    87-अनूपपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी अभ्यर्थी,
    मध्य प्रदेश
     

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  15. श्री मोहन यादव, मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस

    सं. 100/मध्य प्रदेश-वि. स./2020 (उप)/ 
    दिनांक:-24 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में
          मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
          मध्य प्रदेश,
          भोपाल।
     
    विषय:- मध्य प्रदेश विधान सभा के लिए उप-निर्वाचन, 2020- श्री मोहन यादव, मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस-तत्संबंधी।
     
    महोदय,     
          मुझे श्री मोहन यादव, मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश सरकार को संबोधित नोटिस सं. 100/मध्य प्रदेश-वि. स./2020(उप), दिनांक 24.10.2020 की एक प्रति इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है। उपर्युक्त नोटिस केवल एक विशेष दूत या प्रोसेसर के माध्यम से श्री मोहन यादव को तत्काल दिया जाए। संबंधित व्यक्ति से नोटिस की प्राप्ति के टोकन के रूप में एक पावती प्राप्त करके आयोग को प्रस्तुत किया जाए। 
     
    भवदीय
     
    हस्ता/-
    (अमित कुमार)
    अवर सचिव
         
         
    **********************************
     
    भारत निर्वाचन आयोग
    निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110001 
    सं. 100/मध्य प्रदेश–वि.स./2020-(उप)
    दिनांकः 24 अक्तूबर, 2020
     
    नोटिस 
    यतः, आयोग द्वारा दिनांक 29 सितम्बर, 2020 को प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./67/2020 के तहत मध्य प्रदेश विधान सभा के लिए उप-निर्वाचनों की घोषणा कर दी गई है और उक्त प्रेस नोट के पैरा 4 के अनुसार आदर्श आचार संहिता के प्रावधान उक्त तारीख से लागू हो गए हैं; और 
    2.    यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप पैरा (1) में अन्य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि ‘किसी भी दल अथवा अभ्यर्थी को ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए जो विभिन्न जातियों एवं समुदायों-धार्मिक या भाषायी-के बीच मौजूदा मतभेदों को बढ़ाए या परस्पर घृणा उत्पन्न करे या तनाव पैदा करे,’ और 
    3. यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप-पैरा (2) में अन्य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि दलों और अभ्यर्थियों को निजी जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना से बचना चाहिए, जिनका दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक कार्यकलापों से सरोकार न हो; और 
    4.    यतः, आयोग ने अन्य बातों के साथ-साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मध्य प्रदेश से तथाकथित संबोधन (अनुलग्नक-I) के अधिकृत प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) के साथ एक रिपोर्ट प्राप्त की है जिसमें श्री मोहन यादव, मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश सरकार ने दिनांक 11 अक्तूबर, 2020 को रैली को संबोधित करने के दौरान यह कहा कि: 
           "भैया इस गांव के सरपंच को बचाओ, पूछा क्या हुआ, बोले कांग्रेस वाले निपटाने पर तूल रहे हैं। एक हों, दो हों, तीन हों, चार हों, अभी तक तो ये विधायक बने ही नहीं थे, विधायक अपने में से कई लोग बने, इसलिए होते हैं विधायक कि शिकार करें, सरपंचों का, अगर शिकार करने के लिए तुमको जरूरत हो आगर में हाट में जाओ, या जंगल में जाओ, जानवर मारो आप अपने मनुष्यों के बीच चुनावी जनप्रतिनिधियों को मारने का अगर पाप करते हो तो आपको जीने का अधिकार नहीं है ये आप रह कैसे रहे हो, हम सब प्रकार से निपटना जानते हैं, राजनीति करते हैं तो स्वाभिमान से करते हैं अच्छे के साथ अच्छा में कदम मिलाकर चलना जानते हैं। लेकिन कोई बुरा करने जायेगा तो घर से निकाल लायेंगे और जमीन में गाड़ने वाले लोग हैं"         
    5.    यतः, आपके द्वारा रैली में दिनांक 11 अक्तूबर, 2020 को दिए गए भाषण की वीडियो क्लिप के प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) की आयोग में जांच की गई है और इस बयान को ‘राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन हेतु आदर्श आचार संहिता के साधारण संचालन’ के पैरा (1) और भाग I के पैरा (2) में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाया गया है; और  
    6.    अब, इसलिए, आयोग आपको अवसर देता है कि आप इस नोटिस की प्राप्ति के 48 घंटों के भीतर दिए गए उपर्युक्त बयान के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर भारत निर्वाचन आयोग आपको आगे संदर्भ दिए बिना निर्णय लेगा।
                                                                              
     
     आदेश से
    अनु.: उपर्युक्त अनुसार
    हस्ता/-
    (मधुसूदन गुप्ता)
    सचिव 
     
     
    सेवा में
    श्री मोहन यादव,
    मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग,
    मध्य प्रदेश सरकार
    मध्य प्रदेश

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  16. श्री कमल नाथ, पूर्व सीएम, मध्य प्रदेश को नोटिस

    सं. 100/मध्य प्रदेश – वि.स./2020-(उप)
    दिनांकः 21 अक्तूबर, 2020
     
    नोटिस 
    यतः, आयोग द्वारा दिनांक 29 सितम्बर, 2020 को प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./67/2020 के तहत मध्य प्रदेश विधान सभा के लिए उप-निर्वाचनों की घोषणा कर दी गई है और उक्त प्रेस नोट के पैरा 4 के अनुसार आदर्श आचार संहिता के उपबंध उक्त तारीख से लागू हो गए हैं; और 
    2.     यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप पैरा (1) में यह प्रावधान है कि ‘किसी भी दल अथवा अभ्यर्थी को ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए जो विभिन्न जातियों एवं समुदायों-धार्मिक या भाषायी-के बीच मौजूदा मतभेदों को बढ़ाए या परस्पर घृणा उत्पन्न करे या तनाव पैदा करे,’ और 
    3.     यतः, आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 के उप-पैरा (2) में यह अन्य बातों के साथ-साथ, यह प्रावधान है कि दलों और अभ्यर्थियों को निजी जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना से बचना चाहिए, जिनका दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक कार्यकलापों से सरोकार न हो; और 
    4.     यतः, आयोग ने सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों को अपने पत्र सं. 437/6/अनु./ईसीआई/प्रका./एमसीसी/2019, दिनांक 29 अप्रैल, 2019 को परामर्शिका जारी की है कि ‘राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों को ऐसे किसी भी कार्य/कार्रवाई/कथनों से बचना चाहिए जो महिलाओं के सम्मान और गरिमा के विरूद्ध माना जाता हो; और 
    5.     यतः, आयोग ने अन्य बातों के साथ-साथ, भारतीय जनता पार्टी (एम.पी.) से दिनांक 18.10.2020 की एक शिकायत की प्रति सहित एक रिपोर्ट प्राप्त की है, जिसमें दिनांक 18 अक्तूबर, 2020 को डबरा, ग्वालियर में जन सभा को संबोधित करते समय आपने श्रीमती ईमरती देवी, बीजेपी की अभ्यर्थी को ‘आइटम’ के रूप में संबोधित किया; और 
    6.     यतः, आयोग ने अध्यक्ष, राष्ट्रीय महिला आयोग से भी शिकायत प्राप्त की है कि श्री कमल नाथ, मध्य प्रदेश विधान सभा में विपक्ष के नेता ने एक महिला मंत्री के खिलाफ “आइटम” शब्द का प्रयोग किया........ और जिम्मेदार पद पर बैठे एक व्यक्ति द्वारा ऐसे गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक बयान की कड़ी निंदा की”; और 
    7.     यतः, दिनांक 18 अक्तूबर, 2020 की भारतीय जनता पार्टी की शिकायत पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मध्य प्रदेश से एक रिपोर्ट मांगी गई थी, तथा उक्त को अब तथाकथित संबोधन (अनुलग्नक-1) के अधिकृत प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) के साथ निम्नानुसार प्राप्त किया गया हैः 
    “....ये उसके जैसे नहीं है। क्या है उसका नाम? मैं क्या उसका नाम लूं, आप तो उसे मुझसे ज्यादा जानते है। आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था, यह क्या आइटम है? यह क्या आइटम है?....”  
    8.     यतः, श्री कमल नाथ द्वारा डबरा, ग्वालियर में दिनांक 18 अक्तूबर, 2020 को दिए गए भाषण की वीडियो क्लिप और प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) की आयोग में जांच की गई है और उनके बयान को ‘राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन हेतु आदर्श आचार संहिता के साधारण संचालन’ के पैरा (2) अथवा भाग (I)  में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करते और आयोग द्वारा अपने पत्र सं. 437/6/अनु./ईसीआई/प्रका./एमसीसी/2019, दिनांक 29 अप्रैल, 2019 के तहत जारी की गई परामर्शिका की अवहेलना करते हुए पाया गया है; और  
    9.     अब, इसलिए, आयोग आपको अवसर देता है कि आप इस नोटिस की प्राप्ति के 48 घंटों के भीतर दिए गए उपर्युक्त बयान के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर भारत निर्वाचन आयोग आपको आगे संदर्भ दिए बिना निर्णय लेगा।
                                                                                     आदेश
    अनु.: उपर्युक्त अनुसार
     
    (मधुसूदन गुप्ता)
    सचिव
    सेवा में
          श्री कमल नाथ
           पूर्व-मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश
           शिकारपुर, तहसील मोहखेड़,
           जिला-छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश

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  17. NATIONAL MEDIA AWARD FOR BEST CAMPAIGN ON VOTERS' EDUCATION & AWARENESS-2020- MEMORANDUM- Reg.

    No. 491/Media Award/2020/Communication
    Dated: 20th October, 2020
     
    MEMORANDUM 
    NATIONAL MEDIA AWARD FOR BEST CAMPAIGN ON
    VOTERS’ EDUCATION & AWARENESS-2020
     
              Election Commission of India invites entries from Media Houses for the National Media Award for best campaign on Voters’ Education and Awareness during the year 2020. There shall be four Awards, one each for Print media, Television (Electronic), Radio (Electronic) and Online (Internet)/Social media. 
    2.       The awards are to recognize the outstanding contributions by Media Houses to promote electoral participation by creating awareness about accessible elections, educating people about the electoral process and raising awareness among the general public about the relevance and importance of voting and registration. 
    3.       The award(s) will be in the form of a citation and plaque and will be presented on the National Voters’ Day (25th January 2021).
    Criteria
    The Jury will base their assessment on the following criteria:
    Quality of Voter awareness campaign Extent of coverage / quantity Evidence of impact on the public Any other relevant factor(s)  CONDITIONS OF ENTRY 
    Entries must have been published or broadcast/telecast during the relevant period. 
    Print entries must include: 
    1. Summary of the work carried out during the relevant period which should include
    number of news items/articles total print area in sqcms 2. A PDF soft copy OR a link to a relevant web address OR a full size photocopy/print copy of the newspaper/articles;
    3. Detail of any other activity like direct public engagement etc.
    4. Any other information 
    Broadcast Television (Electronic) and Radio (Electronic) entries must include: 
    1. A brief on the campaign/work carried out during the relevant period which should include
    Material (in a CD or DVD or Pen drive) with duration and frequency of broadcast/telecast and total time of such broadcast of each spot during the period Sum of the total broadcast time for all spots/news  News features or programmes on Voter awareness in a CD or DVD or Pen drive or other digital media, along with duration, telecast/broadcast date and time and frequency 2. Any other activity like direct public engagement etc. 
    3. Any other information 
    Online (Internet)/Social media entries must include:
     1.  Summary of the work carried out during the relevant period which should include number of posts/ blogs/ campaigns/ tweets/ articles etc.         
    2. A PDF soft copy of concerned articles OR a link to a relevant web address; 
    3. Detail of any other activity like direct public engagement etc. 
    4. Impact of online activity (details) 
    5.  Any other information
     Important 
    Entries submitted in a language other than English/Hindi will require an accompanying English translation. Entrants submitting broadcast material should be aware that Jury may use only the first ten minutes of features/programme. The Commission’s decision will be final and no correspondence will be entered into. The Commission reserves all the rights in this regard. Entries should carry the name, address, telephone and fax numbers and email of the Media House. Due date: Entries must reach before 20th November, 2020 at the following address: 

    Shri Pawan Diwan, Under Secretary (Communication)
    Election Commission of India, Nirvachan Sadan,
    Ashoka Road, New Delhi 110001.         
    Email: media.election.eci@gmail.com
    pawandiwan@eci.gov.in          
    Ph. No.: 011-23052133

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  18. मणिपुर विधान सभा के लिए उप-निर्वाचन में मतदान दिवस को और मतदान दिवस से एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में राजनैतिक विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन-तत्संबंधी।

    सं. 491/एमसीएमसी/2020/संचार
    दिनांकः 19 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी
    मणिपुर, इम्फाल
     
    विषयः       मणिपुर विधान सभा के लिए उप-निर्वाचन में मतदान दिवस को और मतदान दिवस से एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में राजनैतिक विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन-तत्संबंधी। 
    महोदय, 
    मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि विगत में प्रिंट मीडिया में प्रकाशित अपमानजनक और भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों संबंधी घटनाएं आयोग के ध्यान में लाई गई हैं। निर्वाचनों के अंतिम चरण में ऐसे विज्ञापन, सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया को दूषित करते हैं। ऐसे मामलों में प्रभावित अभ्यर्थियों और दलों के पास स्पष्टीकरण देने/खंडन करने संबंधी कोई भी अवसर नहीं होता है। 
    2.    यह सुनिश्चित करने कि ऐसे उत्तेजक, भ्रामक और घृणापूर्ण विज्ञापनों के कारण कोई अप्रिय घटना न घटित हो और ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं, के लिए आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के अधीन अपनी शक्तियों और इस प्रयोजनार्थ इसे सक्षम बनाने वाली अन्य सभी शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्द्वारा निदेश देता है कि प्रिंट मीडिया में राजनैतिक दलों या अभ्यर्थियों या किसी अन्य संगठन या व्यक्ति द्वारा मतदान दिवस पर और सभी चरणों में मतदान दिवस से एक दिन पूर्व अर्थात दिनांक 6 एवं 7 नवम्बर, 2020 को तब तक कोई भी विज्ञापन प्रकाशित नहीं करवाया जाएगा, जब तक कि राजनैतिक दलों, अभ्यर्थियों आदि द्वारा प्रकाशन के लिए प्रस्तावित विज्ञापन की सामग्री को आपके राज्य में राज्य/जिला स्तर पर, जैसा भी मामला हो, एमसीएमसी समिति से पूर्व प्रमाणित न कराया गया हो। 
    3.    इसके अतिरिक्त यह भी निदेश दिया जाता है कि उपर्युक्त निदेशानुसार और समाचार पत्र में विज्ञापनों के पूर्व प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, राज्य/जिला स्तर पर एमसीएमसी को तत्काल सचेत (एलर्ट) और क्रियाशील कर दिया जाए ताकि राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों तथा अन्य से प्राप्त ऐसे सभी विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन और जांच की जा सके। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एमसीएमसी द्वारा अविलम्ब निर्णय लिया जाए। 
    4.    आयोग के उपर्युक्त निदेशों को राज्य के सभी राजनैतिक दलों के अध्यक्षों, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों तथा समाचार पत्रों के ध्यान में लाया जाए तथा सामान्य सूचनार्थ और कड़े अनुपालन हेतु जन-संचार की सभी प्रकार की मीडिया में इसका व्यापक प्रचार भी किया जाए। 
    5.    ये निदेश तत्काल प्रभावी होंगे। 
    6.    इस संबंध में जारी किए गए अनुदेशों की एक प्रति तत्काल आयोग को भी पृष्ठांकित की जाए। 
     
    भवदीय 
    (प्रमोद कुमार शर्मा)
    सचिव

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  19. Pre-certification of Political Advertisements in Print Media on the day of poll & one day prior to poll in Bye-elections - regarding.

    Pre-certification of Political Advertisements in Print Media on the day of poll & one day prior to poll in Bye-elections - regarding.
    Letter to the CEOs of Chhattisgarh, Gujarat, Haryana, Jharkhand, Karnataka, Madhya Pradesh, Nagaland, Odisha, Telangana and Uttar Pradesh.

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  20. बिहार राज्य के विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन एवं राज्य के 1-वाल्मीकिनगर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र के लिए उप-निर्वाचन, 2020 मतदान दिवस को और मतदान दिवस से एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में राजनैतिक विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन-तत्संबंधी।

    सं. 491/एमसीएमसी/2020/संचार                                
    दिनांकः 19 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी, 
    बिहार, पटना।
     
    विषयः        बिहार राज्य के विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन एवं राज्य के 1-वाल्मीकिनगर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र के लिए उप-निर्वाचन, 2020 मतदान दिवस को और मतदान दिवस से एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में राजनैतिक विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन-तत्संबंधी।
     
    महोदय, 
    मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि प्रिंट मीडिया में प्रकाशित अपमानजनक और भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों संबंधी घटनाएं विगत में आयोग के ध्यान में लाई गई हैं। निर्वाचनों के अंतिम चरण में ऐसे विज्ञापन, सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया को दूषित करते हैं। ऐसे मामलों में प्रभावित अभ्यर्थियों और दलों के पास स्पष्टीकरण देने/खंडन करने संबंधी कोई भी अवसर नहीं होता है। 
    2.     ऐसे उत्तेजक, भ्रामक और घृणापूर्ण विज्ञापनों के कारण कोई अप्रिय घटना न घटित हो और ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं, इसके लिए आयोग, संविधान के अनुच्छेद 324 के अधीन इसकी शक्तियों और इस हेतु इसे सक्षम बनाने वाली अन्य सभी शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्द्वारा निदेश देता है कि प्रिंट मीडिया में राजनैतिक दलों या अभ्यर्थियों या किसी अन्य संगठन या व्यक्ति द्वारा मतदान दिवस पर और सभी चरणों में मतदान दिवस से एक दिन पूर्व, तब तक कोई भी विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया जाएगा जब तक कि प्रकाशन के लिए प्रस्तावित विज्ञापन की सामग्री को राज्य/जिला स्तर पर, जैसा भी मामला हो, एमसीएमसी समिति से राजनैतिक दलों, अभ्यर्थियों आदि द्वारा पूर्व प्रमाणित न कराया गया हो। यह नीचे दिए गए चरणों में राज्य में प्रचलन में प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले राजनैतिक विज्ञापनों के मामले में लागू होगाः
    चरण तथा मतदान की तारीख
    प्रतिबंधित दिवस (मतदान दिवस एवं मतदान दिवस से एक दिन पूर्व)
    प्रथम चरण - 28 अक्तूबर, 2020
    27 एवं 28 अक्तूबर, 2020
    द्वितीय चरण – 3 नवम्बर, 2020
    2 एवं 3 नवम्बर, 2020
    साधारण निर्वाचन का तीसरा चरण एवं 1-वाल्मीकिनगर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए उप-निर्वाचन–7 नवम्बर, 2020
    6 एवं 7 नवम्बर, 2020 
     
     
    3.     इसके अतिरिक्त यह भी निदेश दिया जाता है कि उपर्युक्त निदेशानुसार और समाचार पत्र विज्ञापनों के पूर्व प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, राज्य/जिला स्तर पर एमसीएमसी को तत्काल एलर्ट और क्रियाशील कर दिया जाए ताकि राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों तथा अन्य से प्राप्त ऐसे सभी विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन और जांच की जा सके। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि एमसीएमसी द्वारा अविलम्ब निर्णय दिया जाए। 
    4.     आयोग के उपर्युक्त निदेशों को राज्य के सभी राजनैतिक दलों के अध्यक्षों, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों तथा समाचार पत्रों के ध्यान में लाया जाए तथा सामान्य सूचनार्थ और कड़े अनुपालन हेतु जन-संचार की सभी प्रकार की मीडिया में इसका व्यापक प्रचार भी किया जाए। 
    5.     ये निदेश तत्काल प्रभावी होंगे। 
    6.     इस संबंध में जारी किए गए अनुदेशों की एक प्रति तत्काल आयोग को भी पृष्ठांकित की जाए। 
     
    भवदीय
     
    (प्रमोद कुमार शर्मा)
    सचिव

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  21. Media Coverage during the period referred to in Section 126A of RP Act, 1951 – violations – regarding.

    Media Coverage during the period referred to in Section 126A of RP Act, 1951 – violations – regarding.
     

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  22. वैश्विक महामारी की अवधि के दौरान आयोजित निर्वाचनों के लिए स्टार प्रचारकों हेतु संशोधित दिशानिर्देश–तत्संबंधी।  

    सं. 464/एसओपी/2020/ईपीएस
    दिनांकः 07.10.2020
                
    सेवा में
          सभी राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों के
          मुख्य निर्वाचन अधिकारी
     
    विषयः वैश्विक महामारी की अवधि के दौरान आयोजित निर्वाचनों के लिए स्टार प्रचारकों हेतु संशोधित दिशानिर्देश–तत्संबंधी।  
    महोदय/महोदया,
                भारत निर्वाचन आयोग ने दिनांक 25.09.2020 को बिहार राज्य की विधान सभा के साधारण निर्वाचनों (प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रेस नोट/64/2020) और दिनांक 29.09.2020 और 05.10.2020 को विभिन्न राज्यों के उप-निर्वाचनों के संचालन हेतु कार्यक्रम की घोषणा की है।                              
    2. पुन: सूचित किया जाता है कि निर्वाचन आयोग ने दिनांक 21.08.2020 को राजनैतिक दलों और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से जानकारी प्राप्‍त करने के उपरांत कोविड-19 की अवधि के दौरान निर्वाचनों के संचालन के लिए मानक नियत करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन दिशा-निर्देशों को व्यापक स्तर पर परिचलित किया गया था और ये https://eci.gov.in/files/file/12167-broad-guidelines-for-conduct-of-general-electionbye-election-during-covid-19/ पर उपलब्ध हैं। 
    3. बिहार राज्य के साधारण निर्वाचनों के लिए तैयारियों की समीक्षा करने हेतु, दिनांक 29.09.2020 से 01.10.2020 तक अपने बिहार दौरों के दौरान आयोग ने, राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के साथ आरंभ करते हुए (दिनांक 30.09.2020 पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 12:00 बजे तक); मुख्य सचिव, एसीएस (गृह), डीजीपी; मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों (एसपी) इत्यादि सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत परामर्श किया। आयोग को सूचित किया गया था कि जिला प्राधिकारियों ने निर्वाचन अभियान के लिए स्थान की पहचान करने के कार्य को पूरा कर लिया है एवं इसे जन-सभा के लिए इंगित करने की प्रक्रिया चल रही है, कोविड संबंधी सुरक्षात्मक मानदंडों को ध्यान में रखते हुए, प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में एवं आयोग द्वारा यथानिदेशित, अब इन सारी सूचनाओं को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार द्वारा इन निर्वाचनों के दौरान अभियान के प्रयोजन से मीडिया के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। जिन निर्वाचन क्षेत्रों में उप-निर्वाचन आयोजित होने हैं, वहां भी निर्वाचन प्राधिकारियों द्वारा निर्वाचन क्षेत्रों में, ऐसी ही कवायद की गई है। पूर्व में, आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बिहार का दौरा किया और पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर एवं गया में दिनांक 14.09.2020 और 15.09.2020 को निर्वाचन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। इसके अलावा, आयोग और इसके अधिकारियों ने राज्य का दौरा करने से पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों के साथ अनेक वर्चुअल बैठकें की।
    4. बिहार का दौरा करने के दौरान आयोग को स्टार प्रचारकों के आने पर भारी जनसमूह उमड़ने के संबंध में भी सूचित किया गया था। दिनांक 01.10.2020 को अपराह्न 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, इस प्रकार के दौरों के दौरान, विशेषतः हेलीकॉप्टरों, इत्यादि की लैंडिंग के दौरान भारी भीड़ जुटने के कारण संभावित स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस मामले पर आयोग में आज और विचार-विमर्श किया गया। सभी तथ्यों और वैश्विक महामारी के कारण पैदा हो रहीं परिस्थितियों पर विचार करने के बाद और राजनैतिक दलों द्वारा प्रचार अभियान की आवश्यकता के बीच संतुलन बनाए रखते हुए आयोग ने स्टार प्रचारकों के मानदंडों को संशोधित करने का निर्णय लिया है। 
    5. उपर्युक्त को देखते हुए, कोविड-19 के दौरान स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण, पारदर्शी, नैतिक और सुरक्षित निर्वाचनों का संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोग ने एतद्द्वारा वैश्विक महामारी कोविड-19 की अवधि के दौरान सभी प्रगतिरत और भावी निर्वाचनों के लिए स्टार प्रचारकों से संबंधित मानदंडों में निम्नलिखित तरीके से संशोधन किए हैं:  
    1) वैश्विक महामारी की अवधि के दौरान मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों के लिए स्टार प्रचारकों की अधिकतम सीमा संख्या 40 के स्थान पर 30 होगी और गैर-मान्यताप्राप्त पंजीकृत राजनैतिक दलों के लिए यह संख्या 20 के स्थान पर 15 होगी।
    2) तद्नुसार, स्टार प्रचारकों की सूची जमा कराने की अवधि अधिसूचना की तारीख से 7 दिन से बढ़ाकर 10 दिन कर दी गई है। जिन राजनैतिक दलों, ने स्टार प्रचारकों की सूची पहले ही जमा करा दी है, वे निर्धारित अवधि के भीतर फिर से संशोधित सूची जमा कराएंगे।
    3) स्टार प्रचारकों द्वारा प्रचार करने की अनुमति लेने का अनुरोध, प्रचार शुरू करने से कम से कम 48 घंटे पहले जिला निर्वाचन प्राधिकारियों को भेजा जाएगा ताकि सभी संबंधित स्टेकहोल्डरों द्वारा समयपूर्वक सभी प्रकार के आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा सकें। 
    6. आपको निदेश दिया जाता है कि मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करें और सभी राष्‍ट्रीय/राज्‍यीय/अन्‍य पंजीकृत राजनैतिक दलों को सूचित करें। 
    ये संशोधित मानदंड तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

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  23. Postal Ballot facility for Sr. Citizen (above 80 years) and PwD electors- regarding.

    सं. 52/2020/एसडीआर/खंड-।/.
    दिनांक: 03 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में
          सभी राज्‍यों/संघ शासित प्रदेशों के
          मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी 
    विषय: वरिष्‍ठ नागरिक (80 वर्ष से अधिक) एवं दिव्यांग (पी.डब्‍ल्‍यूडी.) निर्वाचकों के लिए डाक मतपत्र की सुविधा-तत्‍संबंधी।  
    संदर्भ: भारत निर्वाचन आयोग का दिनांक 17/09/2020 का पत्र सं. 52/2020/एसडीआर/खंड-।/278
     
    महोदय/महोदया, 
          दिनांक 29 सितंबर, 2020 से 01 अक्‍टूबर, 2020 तक निर्वाचन संबंधी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए बिहार का दौरा करने के दौरान, उपर्युक्‍त विषय पर सिविल सोसाइटियों और मीडिया से फीडबैक मिलने के उपरांत आयोग ने निम्नानुसार अनुदेशों को जारी करने का निदेश दिया है:  
    (1.)   मतदान केंद्र क्षेत्र में आरओ द्वारा यथा उपलब्‍ध कराए गए बीएलओ, संबंधित निर्वाचकों के घरों का दौरा करेंगे और संबंधित निर्वाचकों को प्रपत्र-12-घ देंगे। यदि कोई निर्वाचक उपलब्ध नहीं है, तो वह अपना संपर्क विवरण साझा करेगा और अधिसूचना के पांच दिनों के अंदर उसे लेने के लिए दोबारा जाएगा।
    (2.)   निर्वाचक प्रपत्र 12-घ के साथ संलग्‍न पावती में डाक मतपत्र का विकल्‍प देगा या नहीं देगा।
    (3.)   यदि निर्वाचक डाक मतपत्र का विकल्‍प देता है, तो बीएलओ अधिसूचना के पांच दिनों के अंदर पूर्णत: भरे हुए प्रपत्र 12-घ को निर्वाचक के घर से प्राप्‍त करेगा और उसे तत्काल आरओ के पास जमा करेगा।
    (4.)   बीएलओ प्रपत्र 12-घ के साथ संलग्‍न सभी पावती प्रपत्रों को आरओ के पास जमा कराएगा।
    (5.)   आरओ के संपूर्ण पर्यवेक्षण में सेक्‍टर अधिकारी इसकी देखरेख करेंगे।
    (6.)   भारत निर्वाचन आयोग के दिनांक 17.09.2020 के दिशा-निर्देश सं. 52/2020/एसडीआर/खंड-।/278, में यथा-विहित आरओ मतदान दल (दलों) तैनात करेंगे, जो पूर्व नियत तिथि के अनुसार डाक मतपत्र वितरित एवं संग्रहित करेंगे तथा तत्पश्चात इन्हें आरओ के पास जमा कराएंगे।  
    2. तदनुसार, मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, बिहार ने पत्र सं. बी1-3-82/2020-3780 दिनांक 02 अक्‍टूबर, 2020 के तहत वरिष्‍ठ नागरिक (80 वर्ष से अधिक) एवं दिव्यांगजन (पीडब्‍ल्‍यूडी) की श्रेणियों में निर्वाचकों, जो बिहार में डाक मतपत्र के लिए विकल्‍प का चयन कर सकते हैं, से बूथ स्‍तरीय अधिकारियों द्वारा, प्रपत्र 12-घ के वितरण तथा संग्रहण हेतु अनुदेश जारी किए हैं। संदर्भ हेतु एक प्रति इसके साथ संलग्‍न है।  
    3.  आयोग ने निदेश दिया है कि अब से सभी निर्वाचनों/उप-निर्वाचनों, जिसमें आयोग द्वारा दिनांक 29/09/2020 को पूर्व में घोषित उप-निर्वाचन भी शामिल हैं, में पूरे भारत में निर्वाचकों के घर तक डाक मतपत्र के विकल्‍प से संबंधित सभी गतिविधियों की सुविधा पहुंचाने के लिए इन अनुदेशों का पालन किया जाएगा। तदनुसार, आपसे अनुरोध है कि अनुपालन हेतु सभी आवश्‍यक उपाय करें।

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  24. Bye-elections-Instruction on enforcement of Model Code of Conduct

    सं.: 437/6/1/ईसीआई/अनुदेश/प्रकार्या/एमसीसी/2020
    दिनांक: 29 सितम्बर, 2020
     
    सेवा में
     1.       मत्रिमंडल सचिव, भारत सरकार, राष्‍ट्रपति भवन, नई दिल्‍ली।
    निम्‍नलिखित सरकारों के मुख्‍य सचिव:-
    क) बिहार, पटना;    छ) मध्य प्रदेश, भोपाल;
    ख) छत्तीसगढ़, रायपुर;   ज) मणिपुर, इम्फाल;
    ग) गुजरात, गांधीनगर;   झ) नागालैंड, कोहिमा;
    घ) हरियाणा, चंडीगढ़;   ञ) ओडिशा, भुवनेश्वर;
    ङ) झारखंड, रांची;    ट) तेलंगाना, हैदराबाद;
    च) कर्नाटक, बेंगलूरू;   ठ) उत्तर प्रदेश, लखनऊ    
    3.   मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी:-
    क) बिहार, पटना;      छ) मध्य प्रदेश, भोपाल;
    ख) छत्तीसगढ़, रायपुर;    ज) मणिपुर, इम्फाल;
    ग) गुजरात, गांधीनगर;     झ) नागालैंड, कोहिमा;
    घ) हरियाणा, चंडीगढ़;     ञ) ओडिशा, भुवनेश्वर;
    ङ) झारखंड, रांची;      ट) तेलंगाना, हैदराबाद;
     च) कर्नाटक, बेंगलूरू;    ठ) उत्तर प्रदेश, लखनऊ
       
    विषयः बिहार के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और भिन्न राज्यों की राज्य विधान सभाओं में आकस्मिक
    रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन - आदर्श आचार संहिता के प्रवर्तन के संबंध में अनुदेश - तत्संबंधी।
    महोदय,
    मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग ने प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रेस नोट/67/2020, दिनांक 29 सितम्बर, 2020 के तहत विभिन्न राज्यों के निम्नलिखित संसदीय/विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में आकस्मिक रिक्तियों को भरने हेतु उप-निर्वाचनों की अनुसूची की घोषणा की हैः- 
    राज्य का नाम
    निर्वाचन क्षेत्र का नाम एवं संख्या
    बिहार
    1-वाल्मीकिनगर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र
    छत्तीसगढ़
    24-मरवाही (अ.ज.जा.) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र
    गुजरात
    01-अबडासा विधान निर्वाचन क्षेत्र
    61-लींबडी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    65-मोरबी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    94-धारी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    106-गढडा (अ.जा.) विधान निर्वाचन क्षेत्र
    147-करजण विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    173-डांग (अ.ज.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    181-कपराडा (अ.ज.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    हरियाणा
    33-बरोदा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    झारखंड
    10-दुमका (अ.ज.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    35-बेरमो विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    कर्नाटक
    136-सिरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    154-राजाराजेश्वरीनगर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    मध्य प्रदेश
    04-जौरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    05-सुमावली विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    06-मुरैना विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    07-दिमनी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    08-अम्बाह (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    12-मेहगांव विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    13-गोहद (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    15-ग्वालियर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    16-ग्वालियर (पूर्व) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    19-डबरा (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    21-भाण्डेर (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    23-करेरा (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    24-पोहरी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    28-बामोरी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    32-अशोकनगर (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    34-मुंगावली विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    37-सुरखी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    53-मलहरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    87-अनूपपुर (अ.ज.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    142-सांची (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    161-ब्यावरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    166-आगर (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    172-हाटपिपल्या विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    175-मांधाता विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    179-नेपानगर (अ.ज.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    202-बदनावर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    211-सांवेर (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    226-सुवासरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    मणिपुर
    30-लिलोंग विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    34-वाँग्जिंग टेन्‍था विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    नागालैंड
    14-दक्षिणी अंगामी-I (अ.ज.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    60-पुंगरो-किफिरे (अ.ज.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    ओडिशा
    38-बालासौर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    102-तिरतोल (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    तेलंगाना
    41-डुब्बक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    उत्तर प्रदेश
    40-नौगावां सादात विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    65-बुलंदशहर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    95-टूण्डला (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    162-बांगरमऊ विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    218-घाटमपुर (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    337-देवरिया विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    367-मल्हनी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    2.     आदर्श आचार सहिंता के उपबंध, आयोग द्वारा जारी पत्र सं. 437/6/अनुदेश/2016-सीसीएस दिनांक 29 जून, 2017 और सं. 437/6/विविध/ईसीआई/पत्र/प्रकार्य/एमसीसी/2017 दिनांक 18 जनवरी, 2018 (प्रतियां संलग्न) के आंशिक आशोधन के अध्यधीन, उस जिले (जिलों) में तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं जिनमें उप निर्वाचन होने वाले संसदीय/विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र का संपूर्ण अथवा कोई भाग सम्मिलित है।
    3.     इसे कृपया सभी संबंधितों के ध्यान में लाएं।

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  25. उप निर्वाचन - सांसद/विधायक स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन निधियाँ जारी करना।

    सं.: 437/6/1/ईसीआई/अनुदेश/प्रकार्या/एमसीसी/2020                                    दिनांक: 29 सितम्बर, 2020
     
    सेवा में
     
    1. मत्रिमंडल सचिव, भारत सरकार, राष्‍ट्रपति भवन, नई दिल्‍ली।
    2.  सचिव, भारत सरकार, कार्यक्रम कार्यान्‍वयन विभाग, सरदार पटेल भवन, नई दिल्‍ली।
    3.  निम्‍नलिखित सरकारों के मुख्‍य सचिव:-
    क) बिहार, पटना;    छ) मध्य प्रदेश, भोपाल;
    ख) छत्तीसगढ़, रायपुर;   ज) मणिपुर, इम्फाल;
    ग) गुजरात, गांधीनगर;    झ) नागालैंड, कोहिमा;
    घ) हरियाणा, चंडीगढ़;  ञ) ओडिशा, भुवनेश्वर;
    ङ) झारखंड, रांची;      ट) तेलंगाना, हैदराबाद;
    च) कर्नाटक, बेंगलूरू;     ठ) उत्तर प्रदेश, लखनऊ    
    4.   मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी
    क) बिहार, पटना;   छ) मध्य प्रदेश, भोपाल;
    ख) छत्तीसगढ़, रायपुर;    ज) मणिपुर, इम्फाल;
    ग) गुजरात, गांधीनगर;  झ) नागालैंड, कोहिमा;
    घ) हरियाणा, चंडीगढ़; ञ) ओडिशा, भुवनेश्वर;
    ङ) झारखंड, रांची;   ट) तेलंगाना, हैदराबाद;
    च) कर्नाटक, बेंगलूरू;   ठ) उत्तर प्रदेश, लखनऊ          
    विषय:       उप निर्वाचन - सांसद/विधायक स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन निधियाँ जारी करना।
    महोदय,
    मुझे, आयोग के दिनांक 29 सितम्बर, 2020 के प्रेस नोट (आयोग की वेबसाइट “http://eci.gov.in/” पर उपलब्‍ध), जिसके द्वारा बिहार के संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र में तथा विभिन्न राज्‍यों की विधान सभाओं में आकस्मिक रिक्तियों को भरने हेतु उप-निर्वाचनों की अनुसूची की घोषणा की गई है, के संदर्भ में यह कहने का निदेश हुआ है कि उप निर्वाचनों की इस घोषणा के परिणामस्‍वरूप राजनीतिक दलों तथा अभ्‍यर्थियों के मार्ग-दर्शन के लिए आर्दश आचार संहिता के प्रावधान तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।   
    2.     संसद सदस्‍य स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन निधियों को जारी किए जाने संबंधी मामले पर कार्रवाई उप-निर्वाचन के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू करने के संबंध में आयोग के  दिनांक 29 जून, 2017 के पत्र सं.437/6/अनुदेश/2016-सीसीएस के अनुसरण में की जाएगी, जो अन्‍य बातों के साथ-साथ यह उप‍बन्धित करता है कि-      
    (क)  संसद सदस्‍य (राज्‍य सभा सदस्‍यों सहित) स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजना निधि के अधीन जिले (जिलों) के किसी भी भाग में जहां पर वह विधान सभा/संसदीय निर्वाचन क्षेत्र स्थित है, जहाँ निर्वाचन चल रहे हैं, में निर्वाचन प्रक्रिया के समाप्‍त होने तक कोई भी नई निधि जारी नहीं की जाएगी। यदि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र राज्‍य की राजधानी/महानगरों/नगर निगमों के अधीन आता है तो उपरोक्‍त अनुदेश केवल संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में ही लागू होंगे। इसी प्रकार से, विधान सभा सदस्‍य/विधान परिषद सदस्‍य स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजना निधि के अंतर्गत, यदि कोई ऐसी योजना संचालन में है तो निर्वाचन प्रक्रिया के समाप्‍त होने तक कोई भी नई निधि जारी नहीं की जाएगी।
    (ख)  इस पत्र के जारी होने से पूर्व, जिन कार्यों के संबंध में कार्य आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं परंतु वास्तव में उस क्षेत्र में उन पर कार्य शुरू नहीं किया गया है, ऐसा कोई कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। ये कार्य केवल निर्वाचन प्रक्रिया की समाप्ति पर ही शुरू किए जा सकते हैं। हालांकि, यदि कोई कार्य वास्‍तव में शुरू कर दिया गया है तो उसे जारी रखा जा सकता है।
    (ग)  संबंधित अधिकारियों की पूर्ण संतुष्टि के अध्‍यधीन पूरे किए गए कार्य(र्यों) के लिए भुगतान करने पर कोई प्रतिबन्‍ध नहीं होगा।
    (घ)  जहां योजनाओं को स्‍वीकृति दी जा चुकी है एवं निधियाँ उपलब्‍ध करवा दी गई हों या जारी कर दी गई हों और जहां सामग्री प्राप्‍त कर ली गई हो और उसे कार्यस्‍थल पर पहुंचा दिया गया हो, तो ऐसी योजनाओं को कार्यक्रम के अनुसार निष्‍पादित किया जा सकता है।        

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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