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  1. दिनांक 01.01.2020 की अर्हक तिथि के संदर्भ में निर्वाचक नामावलियों का विशेष सार पुनरीक्षण–निर्वाचक सत्‍यापन कार्यक्रम (ईवीपी) के विस्‍तृत दिशानिर्देशों के संबंध में।

    दिनांक 01.01.2020 की अर्हक तिथि के संदर्भ में निर्वाचक नामावलियों का विशेष सार पुनरीक्षण–निर्वाचक सत्‍यापन कार्यक्रम (ईवीपी) के विस्‍तृत दिशानिर्देशों के संबंध में।

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  2. दिनांक 01.01.2020 की अर्हक तिथि के संदर्भ में फोटो निर्वाचक नामावलियों का विशेष सार पुनरीक्षण–निर्वाचक सत्‍यापन कार्यक्रम (ईवीपी) के विस्‍तृत दिशा-निर्देशों के संबंध में।

    दिनांक 01.01.2020 की अर्हक तिथि के संदर्भ में फोटो निर्वाचक नामावलियों का विशेष सार पुनरीक्षण–निर्वाचक सत्‍यापन कार्यक्रम (ईवीपी) के विस्‍तृत दिशा-निर्देशों के संबंध में।

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  3. Commission’s letter to Shri Karan Avtar Singh, Chief Secretary, Govt. of Punjab

    Commission’s letter to Shri Karan Avtar Singh, Chief Secretary, Govt. of Punjab

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  4. Special Summary Revision of Photo Electoral Rollsw.r.t. 01.01.2020 as the qualifying date - Programme - regarding.

    Special Summary Revision of Photo Electoral Rollsw.r.t. 01.01.2020 as the qualifying date - Programme - regarding.

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  5. Form 7A - General Election to 8-Vellore Parliamentary Constituency of Tamil Nadu

    Form 7A - General Election to 8-Vellore Parliamentary Constituency of Tamil Nadu

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  6. हरियाणा/महाराष्ट्र की राज्‍य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन-निर्वाचनों के संचालन से संबंधित अधिकारियों का स्‍थानांतरण/तैनाती के लिए परामर्श–तत्‍संबंधी।

    सं.: 437/6/1/अनुदेश/ईसीआई/प्रकार्या./एमसीसी/2019                                    दिनांक: 11 जुलाई, 2019
    सेवा में,
    1.   मुख्‍य सचिव,
    क)    हरियाणा सरकार, चण्डीगढ़।
    ख)    महाराष्ट्र सरकार, मुम्बई।
     
    2.   मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
    क)    हरियाणा, चण्डीगढ़।
    ख)    महाराष्ट्र, मुम्बई।
    विषय: हरियाणा/महाराष्ट्र की राज्‍य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन-निर्वाचनों के संचालन से संबंधित अधिकारियों का स्‍थानांतरण/तैनाती के लिए परामर्श–तत्‍संबंधी।
    महोदय/महोदया,
    हरियाणा/महाराष्ट्र की विद्यमान विधान सभा का कार्यकाल क्रमश: 02 नवम्बर, 2019, तथा 09 नवम्बर, 2019 तक है।
     
    2.     स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए, आयोग इस आशय की एक सुसंगत नीति का अनुपालन कर रहा है कि निर्वाचनरत राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों के निर्वाचन से सीधे जुड़े अधिकारियों को अपने गृह जिलों या उन स्थानों पर तैनात नहीं किया जाता है जहाँ उन्होंने लंबे समय तक सेवा की है। इसे ध्यान में रखते हुए, लोकसभा और आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की राज्य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2019 के संबंध में दिनांक 16 जनवरी, 2019 के सम संख्यक पत्र द्वारा विस्तृत स्‍थानांतरण/तैनाती निदेश  जारी किए गए हैं। (प्रतिलिपि संलग्न)
    3.     तद्नुसार, यह परामर्श दिया जाता है कि निर्वाचन के संचालन से सीधे जुड़े सभी सरकारी अधिकारियों के संबंध में निम्नलिखित सुनिश्चित किया जाए-
    कि वह अपने गृह जिले में तैनात न हो कि पिछले चार (4) वर्षों के दौरान उस जिले में उसने 3 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं या 31 अक्तूबर, 2019 को या उससे पहले तीन वर्ष पूर्ण कर लेंगे। कि किसी भी डीईओ/आरओ/एआरओ/पुलिस इंस्‍पेक्‍टर/सब-इंस्‍पेक्‍टर या उनसे उच्‍चतर अधिकारियों को ऐसे विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र/जिले में वापस तैनात न किया जाए या न बने रहने दिया जाए जहां वे 31 अक्तूबर, 2017 से पूर्व के विधान सभा/संसदीय निर्वाचन में आयोजित साधारण/उप-निर्वाचन के दौरान तैनात थे। कि ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों जिनके विरूद्ध आयोग ने विगत में अनुशासनात्‍मक कार्रवाई की सिफारिश की थी और जो लंबित है या जिसकी परिणति में दंड दिया गया था अथवा जिन्‍हें विगत में निर्वाचन या निर्वाचन संबंधी किसी कार्य में कोई चूक के लिए आरोपित किया गया है, उन्‍हें निर्वाचन संबंधी कोई भी ड्यूटी नहीं सौंपी जाएगी। इसके अतिरिक्‍त, कोई भी अधिकारी जो आने वाले छह महीनों के भीतर सेवानिवृत होने वाला है, को निर्वाचन संबंधी किसी भी कार्य से नहीं जोड़ा जाएगा। 4.     आयोग की उपर्युक्त परामर्शिका को सख्ती से तथा समय पर अनुपालन के लिए सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जाए।

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  7. 2nd Special Summary Revision of Photo Electoral Rolls w.r.t. 01.01.2019 as qualifying date - Programme - regarding.

    ELECTION COMMISSION OF INDIA
    NIRVACHAN SADAN, ASHOKA ROAD, NEW DELHI -110001
    No.23/LET/ECI/FUNC/ERD-ER/2019
    Dated: 11th July, 2019
    To
         The Chief Electoral Officers of
    Haryana, Chandigarh, and Maharashtra, Mumbai.  Subject: -2ndSpecial Summary Revision of Photo Electoral Rolls w.r.t. 01.01.2019 as qualifying date - Programme - regarding.
    Sir/Madam,
    I am directed to state that the Commission, taking all aspects into consideration especially the impending general election to the Legislative Assembly in the States and with a view to providing further opportunity to un-enrolled eligible persons to get their names registered in the electoral roll so that they are not deprived of voting in elections and to improve the health of the electoral roll at the same time, has directed to undertake 2nd Special Summary Revision of Photo Electoral Rolls w.r.t. 01.01.2019 as qualifying date in the poll going States, namely Haryana and Maharashtra as per the schedule below:-
    Sl.No.
    Revision Activities
    Date/Period
    1.
     Publication of Integrated draft electoral roll
    On 15.07.2019(Monday)
    2.
     Period for filing claims & objections
    From 15.07.2019(Monday) to
    30.07.2019(Tuesday)
    3.
     Special Campaign Dates
    20.07.2019 (Saturday) &
    21.07.2019 (Sunday) 
    27.07.2019 (Saturday) &
    28.07.2019 (Sunday) 
    4.
     Verification by Supervisors/AERO/ERO
    By 05.08.2019 (Monday)
    5.
     Disposal of claims and objections
    By 13.08.2019 (Tuesday) 
    6.
     
     Super-checking by Dy. DEO/DEO/ Roll Observer/CEO
     Updating database and printing of supplements
    By 16.08.2019(Friday)
    7.
     Final publication of electoral roll
    On 19.08.2019 (Monday)
     

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  8. Notification for General Election to 8-Vellore Parliamentary Constituency of Tamil Nadu

    Notification for General Election to 8-Vellore Parliamentary Constituency of Tamil Nadu

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  9. आदर्श आचार संहिता की प्रयोज्‍यता –– ओडिशा की राज्‍य विधान सभा के 96-पटकुरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र और तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से साधारण निर्वाचन – तत्‍संबंधी।

    सं. 437/6/1/भा.नि.आ./अनु./प्रकार्या/एमसीसी/2019       दिनांक : 04 जुलाई, 2019  
    सेवा में,
    1.     कैबिनेट सचिव,
              भारत सरकार,
              राष्‍ट्रपति भवन
              नई दिल्‍ली
      2.  क) ओडिशा, भुवेनश्‍वर; और
           ख) तमिलनाडु, चैन्‍नई
                सरकार के मुख्‍य सचिव
     3.   क) ओडिशा, भुवेनश्‍वर; और
           ख) तमिलनाडु, चैन्‍नई
           के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी
     
    विषय: आदर्श आचार संहिता की प्रयोज्‍यता –– ओडिशा की राज्‍य विधान सभा के     96-पटकुरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र और तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से साधारण निर्वाचन – तत्‍संबंधी।
    महोदय,
          मुझे दिनांक 10 मार्च, 2019 के प्रेस नोट सं.भा.नि.आ./प्रे.नो./23/2019 का संदर्भ देने का निदेश हुआ है, जिसमें आयोग ने लोक सभा और आंध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, ओडिशा एवं सिक्किम की राज्‍य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन तथा कतिपय उप-निर्वाचन आयोजित करने के लिए अनुसूची की घोषणा की थी।
    2.  ओडिशा के 96-पटकुरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी ने लोक प्रतिनिधित्‍व अधि‍नियम, 1951 की धारा 52 की उपधारा(1)(ग) के उपबंधों के अंतर्गत निर्वाचन लड़ रहे एक अभ्‍यर्थी, श्री बेद प्रकाश अग्रवाल की मृत्‍यु के कारण मतदान स्‍थगित कर दिया था।
    3. दिनांक 19.03.2019 की अधिसूचना सं.464/ईपीएस/2019(2) के तहत तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के साधारण निर्वाचन संबंधी अधिसूचना को राष्‍ट्रपति द्वारा आयोग की दिनांक 14-4-2019 की कार्यवाही सं. 464/भा.नि.आ./पत्र/प्रादे./त.ना./एसएस-I/2019 के अनुसरण में निरस्‍त कर दिया गया था। आयोग ने इस संबंध में दिनांक 16 अप्रैल, 2019 को प्रेस नोट सं./ईसीआई/प्रे.नो./49/2019 जारी किया।
    4. अब, आयोग ने दिनांक 4 जुलाई, 2019 के अपने प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./69/2019 और सं. ईसीआई/प्रे.नो./70/2019 के तहत ओडिशा राज्‍य विधान सभा के 96-पटकुरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र और तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से साधारण निर्वाचन आयोजित करने के लिए अनुसूची की घोषणा की है।
    5.    आदर्श आचार संहिता के उपबंध उस जिले(लों) में तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गए हैं, जिनमें निर्वाचन होने वाले विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र या संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का पूरा या कोई भाग शामिल है।
    6.    कृपया इसे सभी संबंधितों की जानकारी में लाएं।  

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  10. उड़ीसा की राज्‍य विधानसभा के 96-पटकुरा विधानसभा निर्वाचन-क्षेत्र और तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र के लिए साधारण निर्वाचन – सांसद/विधायक स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन निधियां जारी करना।

    सं.:  437/6/1/ईसीआई/अनुदेश/प्रकार्या./एमसीसी/2019            दिनांक:  4 जुलाई,  2019
    सेवा में,
          1.    मंत्रिमंडल सचिव,
                भारत सरकार,
                राष्‍ट्रपति भवन,
                नई दिल्‍ली।
           2.    सचिव, भारत सरकार,
                कार्यक्रम कार्यान्‍वयन विभाग,
                सरदार पटेल भवन,
                नई दिल्‍ली।
                मुख्‍य सचिव
          3.    क)  उड़ीसा, भुवनेश्‍वर; और
                ख)  तमिलनाडु, चेन्‍नई
                सरकारों के
          4.    मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी:-
                क)  उड़ीसा, भुवनेश्‍वर; और
                ख)  तमिलनाडु, चेन्‍नई
     
    विषय:       उड़ीसा की  राज्‍य विधानसभा के 96-पटकुरा विधानसभा  निर्वाचन-क्षेत्र और तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र के लिए साधारण निर्वाचन – सांसद/विधायक स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन निधियां जारी करना।
     
    महोदय,
           मुझे आयोग के दिनांक 04 जुलाई, 2019 के समसंख्‍यक पत्र का संदर्भ देने का निदेश हुआ है, जिसके द्वारा आयोग ने दिनांक 04 जुलाई, 2019 के प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./69/2019 और सं. ईसीआई/प्रे.नो./70/2019 दिनांक 04 जुलाई, 2019 उड़ीसा की राज्‍य विधानसभा के 96-पटकुरा विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र और तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निवार्चन-क्षेत्र से साधारण निर्वाचन की घोषणा के परिणामस्‍वरूप राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन हेतु आदर्श आचार संहिता को लागू करने की घोषणा की है।
    2.    आयोग ने अनुदेश दिया कि संसद सदस्‍य स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन निधियों को जारी करना निम्‍नलिखित प्रतिबंधों के अधीन होगा:-
    क)    संसद सदस्‍य (राज्‍य सभा सदस्‍यों सहित) स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजना निधि के अधीन देश के किसी भी भाग में, जहां निर्वाचन चल रहे हैं, वहां कोई भी नई निधि जारी नहीं की जाएगी। इसी प्रकार से, विधानसभा सदसय/विधान परिषद् सदस्‍य स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजना निधि के अंतर्गत, यदि कोई ऐसी योजना संचालन में है तो निर्वाचन प्रक्रिया के समाप्‍त होने तक कोई भी नई निधि जारी नहीं की जाएगी।
    ख)    इस पत्र के जारी होने से पूर्व, जिन कार्यों के संबंध में कार्य आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं परंतु वास्‍तव में उस क्षेत्र में उन पर कार्य शुरू नहीं किया गया है, ऐसा कोई कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। ये कार्य केवल निर्वाचन प्रक्रिया की समाप्ति पर ही शुरू किए जा सकते हैं। हालांकि, यदि कोई कार्य वास्‍तव में शुरू कर दिया गया है तो उसे जारी रखा जा सकता है।
    ग)    संबंधित अधिकारियों की पूर्ण संतुष्टि के अध्‍यधीन पूरे किए गए कार्य(यों) के लिए भुगतान करने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
    घ)    जहां योजनाओं की स्‍वीकृति की जा चुकी है एवं निधियां उपलब्‍ध करवा दी गई हों या जारी कर दी गई हों और जहां सामग्री प्राप्‍त कर ली गई हो और उसे कार्यस्‍थल पर पहुंचा दिया गया हो तो ऐसी योजनाओं को कार्यक्रम के अनुसार निष्‍पादित किया जा सकता है।
     
    भवदीय,
     
    ( नरेन्‍द्र नाथ बुटोलिया )
    प्रधान सचिव

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  11. लोक सभा के साधारण निर्वाचन, 2019 और आन्‍ध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम राज्‍यों की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन तथा कतिपय उप-निर्वाचन – आदर्श आचार संहिता हटाने के संबंध में।

    सं.437/6/अनुदेश/भा.नि.आ./प्रकार्या./आ आ सं./2019         दिनांक : 26 मई, 2019
     
    मंत्रिमंडल सचिव, *
    भारत सरकार,
    राष्‍ट्रपति भवन, नई दिल्‍ली
       सभी राज्‍यों/संघ राज्‍य 
    क्षेत्रों के मुख्‍य सचिव 
      सभी राज्‍यों/संघ राज्‍य
    क्षेत्रों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी  विषय:  लोक सभा के साधारण निर्वाचन, 2019 और आन्‍ध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम राज्‍यों की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन तथा कतिपय उप-निर्वाचन – आदर्श आचार संहिता हटाने के संबंध में।
     महोदय/महोदया,
    मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आदर्श आचार संहिता के उपबंध निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन अनुसूची की घोषणा की तारीख से लागू होते हैं और ये निर्वाचन प्रक्रिया संपूर्ण होने तक प्रचालन में रहते हैं।
    अब, लोकसभा 2019 के साधारण निर्वाचनों और आन्‍ध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम राज्‍यों की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचनों तथा कतिपय उप-निर्वाचनों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं, इसलिए आदर्श आचार संहिता तत्‍काल प्रभाव से समाप्‍त की जाती है।
    कृपया इसे सभी संबंधितों की जानकारी में लाया जाए।

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  12. 17 वीं लोक सभा, 2019 के लिए साधारण निर्वाचन - निर्वाचित सदस्यों की सूची

    17 वीं लोक सभा, 2019 के लिए साधारण निर्वाचन  - निर्वाचित सदस्यों की सूची

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  13. Memorandum submitted by 22 Political Parties regarding process to be followed for counting of VVPAT Slips in General Elections-2019 reg.

    Memorandum submitted by 22 Political Parties regarding process to be followed for counting of VVPAT Slips in General Elections-2019 reg.

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  14. Urgent Plea for safeguarding of Electronic Voting Machine reg.

    Urgent Plea for safeguarding of Electronic Voting Machine reg.

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  15. Carrying of Mobile Phone by Returning Officer/Assistant Returning Officer inside the Counting Hall - OTP

    No. 464/INST/EPS-2019                                                                               Dated:  21st May, 2019
     
    To
    The Chief Electoral Officer of,
    All the States/Union Territories.
     
    Subject:       Carrying of Mobile Phone by Returning Officers/ Assistant Returning Officers inside the Counting Hall – reg.
    Reference:    1. The ECI’s instruction No.470/INST/2014-EPS, dated 8th May, 2014.
                         2. The ECI’s instruction No.470/INST/2014-EPS, dated 15th May, 2014. 
     Sir/Madam,
                        I am directed to invite your attention to the Commission’s instructions referred above and to state that in view of inception of Electronically Transmitted Postal Ballot Paper System (RTPBS) wherein One-Time Password (OTP) is received on mobile phones, the Commission has directed that on the day of counting,
    (i)  Only that mobile phone of the RO/ARO/Counting supervisor/s, linked to ETPBS, to be used to receive ‘OTP’ to log into ETPBS to start counting thereof have to be brought inside the counting hall;
    (ii)   The mobile handsets will be switched on only to receive ‘OTP’ and be switched off once the system is logged on to ETPBS;
    (iii)   Inside the counting hall, such mobile handsets are to be kept in the custody of ARO/RO/Observer, whosoever is the senior most officer in the Counting Hall for ETPBS counting, in switched off mode till the counting is over.
    (iv)  In case login is closed for some reasons, Counting Supervisor can get the mobile from the officer to whom the mobile set was submitted to receive OTP once again for enabling him to re-login, and after re-login, he should return the mobile to same officer in switched off mode.
    (v)   A declaration be got signed by all users separately about Dos and Don’ts for mobile usage.
    (vi)   Specific permission be sought from concerned CEO for number of users in each case with the requisite mobile phone numbers being used. Mobile phones are to be allowed inside the Counting hall for all such users.

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  16. GENERAL ELECTION TO LOK SABHA, 2019 and LEGISLATIVE ASSEMBLY OF ANDHRA PRADESH, ARUNACHAL PRADESH, ODISHA and SIKKIM, 2019- TIMING OF COUNTING OF VOTES

    GENERAL ELECTION TO LOK SABHA, 2019 and LEGISLATIVE ASSEMBLY OF ANDHRA PRADESH, ARUNACHAL PRADESH, ODISHA and SIKKIM, 2019- TIMING OF COUNTING OF VOTES

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  17. लोकसभा निर्वाचन, 2019-आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन - श्री अरुण सुभाष चंद्र यादव, को आयोग का नोटिस

    नोटिस
    सं.437/मध्‍य प्रदेश-लोकसभा/2019(शिकायतें)                     दिनांक : 18 मई, 2019
     यत:, आयोग ने दिनांक 10.03.2019 के प्रेस नोट सं. ईसीआई/पीएन/2019 के तहत लोकसभा के साधारण निर्वाचन आयोजित करने के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी है और राजनैतिक दलों तथा अभ्‍यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के प्रावधान उसी तारीख से प्रवृत्‍त हो गए हैं; तथा
    2.    यत:, श्री नीरज, सदस्‍य, निर्वाचन आयोग समिति, भारतीय जनता पार्टी से आयोग को दिनांक 03.05.2019 की एक शिकायत प्राप्‍त हुई थी जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि इंडियन नेशनल काँग्रेस मध्‍य प्रदेश नामत: खंडवा, बुरहानपुर तथा खारगौन जिलों में ‘’न्‍याय’’ योजना संबंधी नामाकंन पैम्फलैट/प्ररूप के वितरण में अवैध रूप से संलिप्‍त थी। (पैम्‍फलेट प्रति संलग्‍न हैं); तथा
    3.    यत:, मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, मध्‍य प्रदेश से दिनांक 07.05.2019 के पत्र के तहत एक रिपोर्ट मंगाई गई थी और मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी ने दिनांक 07.05.2019 के पत्र के तहत रिपोर्ट प्रस्‍तुत कर दी; तथा
    4.    यत:, जांच में यह पाया गया है कि उक्‍त पैम्‍फलेट/प्ररूपों, जिन पर ‘हाथ’ के प्रतीक के साथ श्री राहुल गांधी और अरूण सुभाष चन्‍द्र यादव की फोटो हैं, को खंडवा जिले में किसी श्री सुधान सिंह ठाकुर द्वारा भरा और वितरित किया जा रहा था और श्री सुधान सिंह ठाकुर के विरूद्ध दिनांक 05.05.2019 को प्रथम सूचना रिपोर्ट पहले ही दर्ज की जा चुकी थी जिसमें यह उल्‍लेख किया गया था कि यह कृत्‍य दिनांक 02.05.2019 को किया गया था; तथा
    5.    यत:, राजनीतिक दलों और अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के ‘’सामान्‍य आचरण’’ के भाग I के पैरा (4) में अन्‍य बातों के साथ-साथ निम्‍नलिखित प्रावधान हैं:-
          ‘’सभी दल और अभ्‍यर्थी ऐसी सभी गतिविधियों से निष्‍ठापूर्वक परहेज करेंगे जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्‍ट आचरण और अपराध होते हैं जैसे कि मतदाताओं को रिश्‍वत देना, मतदाताओं को डराना-धमकाना..............’’; और
    6.    यत:, प्रथम दृष्‍टया, इसमें प्रदर्शित होता है कि उपर्युक्‍त कृत्‍य 28-खंडवा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचन लड रहे इंडियन नेशनल कांग्रेस के, अभ्‍यर्थी श्री अरूण सुभाष चन्‍द्र यादव द्वारा अथवा उनकी ओर से और उनकी जानकारी में किया गया है; तथा
    7.    यत:, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्‍यर्थी श्री अरूण सुभाष चन्‍द्र यादव, द्वारा अथवा उनकी ओर से तथा उनकी जानकारी में किया गया उपर्युक्‍त कृत्‍य आदर्श आचार संहिता के समान आचरण के भाग (1) के पैरा(4) के उपबंधों का उल्‍लंघन है, जैसा कि ऊपर उद्धृत है।
    8.    अत:, अब आयोग ने इस मामले में उपलब्‍ध सामग्री और आदर्श आचार संहिता के मौजूदा प्रावधानों तथा इस विषय से संबधित अनुदेशों पर विचार करने के बाद खंडवा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से इंडियन नेशनल कांग्रेस की ओर से निर्वाचन लड़ रहे अभ्‍यर्थी श्री अरूण सुभाष चन्‍द्र यादव को इस नोटिस की प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर इस मामले में अपना स्‍पष्‍टीकरण, यदि कोई हो, प्रस्‍तुत करने का मौका देने का निर्णय लिया है, स्‍पष्‍टीकरण प्रस्‍तुत न करने पर आयोग उन्‍हें और संदर्भ दिए बगैर निर्णय लेगा।
     आदेश से, 
     (एस.बी.जोशी)
    सचिव
    प्रति:- श्री अरूण सुभाष चन्‍द्र यादव,
          खंडवा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से इंडियन नेशनल कांग्रेस के निर्वाचन लड़ने वाले अभ्‍यर्थी
          (मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, मध्‍य प्रदेश के माध्‍यम से)  

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  18. LIST OF CONTESTING CANDIDATES FOR THE SEVENTH (7) PHASE OF ELECTIONS (FORM 7A) - CORRIGENDUM

    LIST OF CONTESTING CANDIDATES FOR THE SEVENTH (7) PHASE OF ELECTIONS (FORM 7A) - CORRIGENDUM
     

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  19. LIST OF CONTESTING CANDIDATES FOR THE SEVENTH (7) PHASE OF ELECTIONS (FORM 7A)

    LIST OF CONTESTING CANDIDATES FOR THE SEVENTH (7) PHASE OF ELECTIONS (FORM 7A)
     

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  20. लोक सभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2019- अधिकारियों का स्थानांतरण एवं तैनाती-तत्संबंधी।

    सं. 464/पश्चिम बंगाल- लो.स./2019                                       दिनांक: 15.05.2019
    सेवा में,
          मुख्य सचिव,
          पश्चिम बंगाल सरकार,
          कोलकाता ।
    विषय:   लोक सभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2019- अधिकारियों का स्थानांतरण एवं तैनाती-तत्संबंधी।
     महोदय,
    मुझे उद्धृत विषय को संदर्भित करने और यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग ने प्राप्त जानकारी पर विचार करने के पश्चात, निम्नलिखित निदेश जारी किए हैं:
    श्री राजीव कुमार, आईपीएस, अपर महानिदेशक, सीआईडी को कार्यभार मुक्त कर दिया गया है और गृह मंत्रालय, नई दिल्ली के साथ अटैच किया जाता है। वह 16 मई, 2019 को पूर्वाह्न 10 बजे गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करेंगे।  श्री अत्री भट्टाचार्य, भा.प्र.से., प्रधान सचिव, गृह एवं पर्वतीय मामले, पश्चिम बंगाल सरकार को, उनके दिनांक 13.05.2019 के अर्ध शासकीय पत्र सं. 629/एच एस/पीए/19 के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निदेश देकर निर्वाचन संचालन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के कारण उनके वर्तमान प्रभार से उन्हें तुरंत कार्यमुक्त किया जाता है। मुख्य सचिव, पश्चिम बंगाल गृह सचिव, पश्चिम बंगाल का प्रभार भी संभालेंगे।  कृपया आयोग को अनुपालन रिपोर्ट आज अधिकतम अपराहन 10.00 बजे तक भेज दें।
     भवदीय,
    (राकेश कुमार)
    सचिव
     प्रतिलिपि: मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल, कोलकाता ।
     

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  21. आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल राज्य में लोक सभा के साधारण निर्वाचनों के सातवें चरण के लिए 22 अप्रैल, 2019 को अधिसूचना (सं.464/ईपीएस/2019(7))

    फा.सं. 576/विविध/2019/एसडीआर                                15 मई, 2019
     
    आदेश
    यतः, आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल राज्य में लोक सभा के साधारण निर्वाचनों के सातवें चरण के लिए 22 अप्रैल, 2019 को अधिसूचना (सं.464/ईपीएस/2019(7)) जारी की गई और इस चरण के सभी नौ संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों (पीसी) अर्थात, पीसी-16 दमदम, पीसी-17 बारासात, पीसी-18 बसीरहात, पीसी-19 जयनगर (अ.जा.), पीसी-20 मथुरापुर (अ.जा.), पीसी-21 डायमण्ड हारबर, पीसी-22 जादवपुर, पीसी-23 कोलकाता दक्षिण, और पीसी-24 कोलकाता उत्तर में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूचियों को 02 मई, 2019 को पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका है और इन निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचन 19 मई, 2019 (रविवार) को आयोजित किया जाना है; और
          यतः, आयोग की जानकारी में यह लाया गया है कि लोक सभा के चल रहे साधारण निर्वाचनों के दौरान पश्चिम बंगाल राज्य में राजनीतिक अभियानों/जुलूसों के दौरान निरन्तर गड़बड़ी और हिंसा की घटनाएं हो रही हैं; और
          यतः, पश्चिम बंगाल के प्रभारी उप निर्वाचन आयुक्त ने 13 मई, 2019 को पश्चिम बंगाल राज्य का दौरा किया और सभी नौ संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में लोक सभा के निर्वाचनों की तैयारी का जायजा लिया जिनमें 19 मई, 2019 (रविवार) को मतदान होना है और आयोग को यह रिपोर्ट प्रस्तुत की कि:
    "प्रक्षेकों के साथ स्थिति की समीक्षा करते समय स्पष्ट रूप से यह सामने आया कि मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण सहित सेवा एवं साज-समान की व्यवस्था इत्यादि भारत निर्वाचन आयोग की अपेक्षाओं के अनुरूप है, किन्तु, जहां तक अभियान के लिए सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने एवं मतदाताओं को बिना किसी डर और भय के मतदान का वातावरण उपलब्ध कराने का संबंध है जिला प्रशासन और जिला पुलिस इसमें सहयोग नहीं करता है और इसका विरोध करता है। प्रेक्षकों ने यह उल्लेख किया कि देखने में तो पूरी व्यवस्था सही लगती है लेकिन लोगों के साथ मिलकर बात करने पर वे बताते हैं कि चारों ओर भय का वातावरण है। उन्होंने बताया कि एआईटीसी के वरिष्ठ नेता धमकी भरे स्वर में ये कहते हैं कि "केन्द्रीय बल तो निर्वाचन के बाद चले जाएंगे लेकिन हम तो यहीं रहेंगे" जिससे अधिकारी और मतदाता भी बहुत डरे हुए हैं।"
    यतः, आयोग ने पश्चिम बंगाल में निर्वाचनों की देखरेख, निदेशन और नियंत्रण में आयोग को सहायता करने के लिए विशेष प्रेक्षकों अर्थात श्री अजय नायक (भा.प्र.से. सेवानिवृत्त) और विशेष पुलिस प्रेक्षक श्री विवेक दुबे (भा.पु.से. सेवानिवृत्त) को प्रतिनियुक्त किया है और दोनों विशेष प्रेक्षकों ने अपनी दिनांक 15 मई, 2019 की रिपोर्ट में राजनीतिक अभियान के दौरान हिंसा की अन्य घटनाओं की सूचना दी, जिनमें 14 मई, 2019 को हुई हिंसक घटनाओं के आधार पर मामले दर्ज किए गए। इन मामलों की जांच के दौरान, लगभग सौ व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए इन व्यक्तियों में से 58 व्यक्तियों को दो मामलों में गिरफ्तार किया गया; और
    यतः, पिछले 24 घंटों में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि आयोग से मिले हैं और उन्होंने कानून एवं व्यवस्था के वर्तमान हालात पर अपनी चिन्ता प्रकट की; और
    यतः, अभियान से जुड़ी इन हिसंक घटनाओं से मतदान वाले क्षेत्रों में भय और घृणा का माहौल पैदा हो रहा है जिससे राज्य में समस्त निर्वाचन प्रक्रिया पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है; और
    यतः, इन नौ संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित सभी राजीनितक दल और अभ्यर्थी पहले से ही उन संबंधित मतदान क्षेत्रों में 02 मई, 2019 से प्रचार कर रहे हैं और यहां मतदान 19 मई, 2019 को होगा; और
    यतः, इन रिपोर्टों और जानकारियों को देखते हुए, आयोग आम निर्वाचकों की सुरक्षा के प्रति चिंतित है जिन्हें स्वतन्त्र, भयमुक्त और अनुकूल वातावरण में सभी राजनैतिक दलों के अभ्यर्थियों के निर्वाचन अभियान में उन्हें सुनने और जानने का अधिकार है;
    यतः, आयोग को सुरक्षित अभियान के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए पश्चिम बंगाल में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती करके बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा है; और
    यतः, आयोग ने भारत के संविधान और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के संगत उपबंधों को ध्यान में रखकर विशेष प्रेक्षकों और उप-निर्वाचन आयुक्तों की उपर्युक्त रिपोर्टों पर विचार किया है; और
    यतः, माननीय उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने केशवनाडा भारती के मामले में तथा ऐसे ही अनेक निर्णयों में यह कहा है कि लोकतंत्र भारत के सविधान का मूलभूत ढांचा है; और
    यतः, उच्चतम न्यायालय ने मोहिन्द्र सिंह गिल और अन्य बनाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य (1978 एआईआर 851) के प्रकरण में भी यह कहा है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन, देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं का मूल आधार है; और
    यतः, संविधान के अनुच्छेद 324 में संसद और राज्य विधान सभाओं तथा भारत के राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के पदों के स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन आयोजित करने की जिम्मेदारी भारत निर्वाचन आयोग में निहित है; और
    यतः, स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचनों के संचालन के लिए यह अनिवार्य है कि निर्वाचन अवधि के दौरान स्वतंत्र एवं शांतिपूर्ण निर्वाचनों के अनुकूल समुचित कानून एवं व्यवस्था बनी रहे; और
    यतः, माननीय उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने भारत निर्वाचन आयोग बनाम हरियाणा राज्य (एआईआर 1984 एससी 1406) के मामले में यह कहा है कि मतदान वाले क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था के संबंध में राज्य सरकार के बजाय भारत निर्वाचन आयोग का निर्णय मान्य होना चाहिए और यहां तक कि उच्च न्यायालय को भी इस प्रकार के मामलों में अपना दृष्टिकोण और मत नहीं देना चाहिए; और
    यतः, माननीय उच्चतम न्यायालय की अन्य संविधान पीठ ने एम.एस. गिल बनाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त के मामले में यह कहा है कि संविधान का अनुच्छेद 324 ऐसे अस्पष्ट क्षेत्रों में निर्वाचन आयोग के लिए शक्तियों का भण्डार है जहां निर्वाचनों के संचालन में निर्वाचन आयोग से टकराव करने वाली संस्था से निपटने के लिए बनाए गए कानून में कोई प्रावधान नहीं है या "अपर्याप्त प्रावधान हैं"; और
    यतः, आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के उपबंधों को  नोट किया है, जिसके तहत अन्य बातों के साथ-साथ, मतदान क्षेत्रों में मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय पर समाप्त होने वाले अड़तालीस घंटों की अवधि के दौरान निर्वाचन के सिलसिले में कोई भी जनसभा करने अथवा जुलूस निकालने, निर्वाचन प्रचार करने, उसमें भाग लेने अथवा उसमें भाषण देने पर रोक लगाई गई है; और
    यतः, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 30 (घ) में यह विनिर्दिष्ट है कि,
    "वह तारीख या वे तारीखें जिसको या जिनको, यदि आवश्यक हो तो, मतदान होगा और जो तारीख या जिन तारीखों में से पहली तारीख अभ्यर्थिताएं वापस लेने के लिए नियत अंतिम तारीख के पश्चात (चौदहवें दिन) से पूर्वतर न होने वाली तारीख होगी"
    और इन नौ संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अभ्यर्थिता वापस लेने की तारीख 02 मई, 2019 थी; और
    यतः, उपर्युक्त उपबंध पश्चिम बंगाल में इन नौ संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में इस समय व्याप्त परिस्थितियों, जैसा उपर्युक्त उल्लिखित विशेष प्रक्षेकों और उप निर्वाचन आयुक्त ने रिपोर्ट दी है और जिसका उन्होंने ऊपर उल्लेख किया है, से निपटने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है; और
    यतः उपरोक्त एम.एस. गिल बनाम भारत निर्वाचन आयोग के मामले के पैरा 113 में माननीय उच्चतम न्यायालय ने यह कहा है कि:
          "जहां ये (विधियां) विद्यमान नहीं है, और लेकिन किसी स्थिति से निपटना है, तो मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हाथ जोड़कर ईश्वर से प्रार्थना नहीं करनी है कि ईश्वर उसे अपने कार्य और ड्यूटी का निर्वहन करने के लिए दैवीय शक्ति प्रदान करे अथवा उस स्थिति से निपटने की शक्तियां प्रदान करने के लिए किसी बाहरी प्राधिकारी की सहायता नहीं लेनी है।"
    यतः, आयोग का यह दृढ़ विचार है कि इन नौ संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में इस समय व्याप्त स्थिति को और खराब होने से रोकने और कानून एवं व्यवस्था की ऐसी स्थिति जो इन नौ संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन करवाने में सहायक हो, तैयार करने के लिए कुछ विशेष उपाय करने की तत्काल आवश्यकता है; और
    अतः, अब भारत निर्वाचन आयोग, संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत प्रदत्त अपनी शक्तियों, और इस सबंध में प्रदत्त अन्य सभी सक्षमकारी शक्तियों का प्रयोग करते हुए और लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के व्यापक हित में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचनों का संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एतद्द्वारा निदेश देता है कि कोई भी व्यक्ति इन नौ संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों, अर्थात्, पीसी-16 दमदम, पीसी-17 बारासात, पीसी-18 बसीरहात, पीसी-19 जयनगर (अ.जा.), पीसी-20 मथुरापुर (अ.जा.), पीसी-21 डायमण्ड हारबर, पीसी-22 जादवपुर, पीसी-23 कोलकाता दक्षिण, और पीसी-24 कोलकाता उत्तर के मतदान क्षेत्रों के भीतर 16 मई, 2019 को रात्रि 10.00 बजे से 19 मई, 2019 को निर्वाचनों के समापन होने तक (क) निर्वाचन के सिलसिले में कोई जनसभा नहीं करेगा अथवा जुलूस नहीं निकालेगा, उनमें भाग नहीं लेगा अथवा उसे संबोधित नहीं करेगा; अथवा (ख) सिनेमा, टेलीविजन अथवा इसी प्रकार के अन्य उपकरणों के माध्यम से लोगों को कोई भी निर्वाचन सामग्री प्रदर्शित नहीं करेगा; अथवा (ग) इन निर्वाचनों में लोगों को आकर्षित करने के लिए संगीत का कोई कार्यक्रम अथवा कोई नाटक मंचन, प्रदर्शन अथवा अन्य कोई मनोरंजन अथवा हास्यविनोद के कार्यक्रम का आयोजन करके अथवा इसकी व्यवस्था करके लोगों में किसी निर्वाचन सामग्री का प्रचार नहीं करेगा; और किसी होटल, भोजनालय, मधुशाला, दुकान अथवा किसी अन्य स्थान, चाहे वह सार्वजनिक हो अथवा निजी, में कोई स्प्रिटयुक्त, खमीर से बनी मदिरा अथवा मादक पदार्थ अथवा इसी प्रकार के किसी अन्य पदार्थ की बिक्री नहीं करेगा, उसे नहीं परोसेगा अथवा उसका वितरण नहीं करेगा।
     
     
       हस्ता./- 
    (सुशील चन्द्रा)
    निर्वाचन आयुक्त
    हस्ता./-
    (सुनील अरोड़ा)
     मुख्य निर्वाचन आयुक्त
    हस्ता./-
    (अशोक लवासा)
    निर्वाचन आयुक्त
     

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  22. आयोग का दिनाँक 12 मई, 2019 का भारतीय जनता पार्टी के नेता श्री गिरिराज सिंह को आदेश

    सं.437/ईएस-1/बिहार-लो.स./2019                                                             दिनांक 12 मई, 2019
    आदेश
    यत:, आयोग ने दिनांक 10/03/2019 के प्रेस नोट संख्‍या ईसीआई/प्रेनो/2019 के तहत  लोक सभा के साधारण निर्वाचन, 2019 आयोजित करवाने के लिए अनुसूची की घोषणा की है और उसी तारीख से ही राजनैतिक दलों और अभ्‍यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के उपबंध लागू हो गए हैं; और
    यत:, मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, बिहार ने दिनांक 25 अप्रैल, 2019 के अपने पत्र के तहत बिहार में जी0 डी0कालेज, बेगुसराय में, दिनांक 24 अप्रैल, 2019 को श्री गिरिराज सिंह द्वारा दिए गए भाषण की एक वीडियो क्लिप की प्रति अग्रेषित की, जिसमें उन्‍होंने  निम्‍नलिखित वक्‍तव्‍य दिया था:-
     ‘’…………….. जो वन्‍दे मातरम् न‍हीं कह सकता, जो भारत की मातृभूमि को नमन न‍हीं कर सकता, अरे गिरिराज के तो बाबा –दादा सिमरिया घाट में गंगा के किनारे मरे उसी भूमि पर कब्र भी नहीं बनाया, तुम्‍हें तो तीन हाथ की जगह भी चाहिए अगर तुम नहीं कर पाओगे तो देश कभी माफ न‍हीं करेगी...........’’ ; और
    यत:, य‍ह भी सूचित किया गया है कि लोक प्रति‍निधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 125, 123  (3क) और भारतीय दंड संहिता अधिनियम की धारा 153क, 153 ख, 295 क,  171 ग, 188, 298 और 505 (ii) के अधीन इन वक्‍तव्‍यों के लिए बेगुसराय नगर थाना में एफ आई आर दर्ज करवाई गई है; और
    यत:, आयोग ने उपर्युक्‍त उद्धत वक्‍तव्‍य देने के लिए आदर्श आचार संहिता और लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के उल्‍लंघन हेतु 24-बेगुसराय संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से श्री गिरिराज सिंह, भारतीय जनता पार्टी के नेता और निर्वाचन लड़ने वाले अभ्‍यर्थ‍ी को दि‍नांक 29 अप्रैल, 2019 को कारण बताओ नोटिस सं.437/ईएस-1/बिहार-लो.स./2019 जारी कि‍या है;
    यत:, आयोग के ऊपर उल्‍ल‍िखित नोटिस के जवाब में श्री गिरि‍राज सिंह से दिनांक 30.04.2019 को एक उत्‍तर प्राप्‍त हुआ है; और
    यत:, आयोग ने श्री गिरिराज सिंह के दिनांक 30.04.2019 के पूर्वोक्‍त उत्‍तर में दी गई विषय-वस्‍तु और प्रकथनों को ध्‍यानपूर्वक पढ़ा, जिसमें उन्‍होंने अन्‍य बातों के साथ-साथ विवादास्‍पद कथन देना स्‍वीकार किया है; और
    यत:, दिनांक 30.04.2019 के उपर्युक्‍त उल्‍ल‍िखित उत्‍तर में यह बताया गया है कि,    ‘’याचिकाकर्ता गिरिराज सिंह ने लोक प्रतिनिधि‍त्‍व अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्‍लंघन नहीं किया है और न ही उन्‍होंने किसी भी जाति या धर्म के खिलाफ ऐसा किसी भी प्रकार का कथन कहा है’’ ;  और  
    यत:, इसके अतिरिक्‍त उन्‍होंने यह भी कहा है कि ‘’ पूरे कथन को पढ़ने के पश्‍चात ऐसा कुछ नहीं लगता है कि याचिकाकर्ता का इरादा किसी धर्म या जाति के प्रति द्वेष करने का है या था ’’, और
    यत: आयोग ने उसके विवादास्‍पद भाषण की वीडियो रिकॉर्डिंग को एक बार फिर देखा है और यह आश्‍वस्‍त है कि उन्‍होंने एक आपत्‍त‍िजनक भाषण दिया है जिसकी भाषा एवंम भाव ऐसा है जिससे वर्तमान मतभेद बढ़ेंगें या विभि‍न्‍न धार्मिक समुदायों के बीच द्वेष पैदा होगा और इस प्रकार से यह आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्‍लंघन है; और
    यत: आयोग ने यह पाया है कि, श्री गिरिराज सिंह को निर्वाचनों का ध्रुवीकरण करने की संभावना एवं प्रकृति वाले बयान देने से स्‍वयं को रोकना चाहिए था, जो केवल उसी निर्वाचन क्षेत्र तक सीमित नहीं होता है जहाँ बयान दिया गया है, अपितु इस डि‍जिटल युग में सूचना का तेजी से प्रसार होने की वजह से यह अन्‍य क्षेत्रों तक भी पहुंच जाता है; और
    यत:, आयोग ने, इस मामले पर विचार-विमर्श करते हुए, ऐसी सार्वजनिक बयानबाजी  पर अपनी चिंता व्‍यक्‍त की है, जो निर्वाचन प्रक्रिया को दूषि‍त करती है; और
    यत:, आयोग का यह भी विचार है कि श्री गिरिराज सिंह ने अपने विवादास्‍पद भाषण में धार्मिक आधार पर बयानबाजी की है जो ‘’ राजनैतिक दलों और अभ्‍यर्थ‍ियों के मार्ग‍दर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता ’’ के ‘साधारण संचालन’ के भाग I के पैरा 3 और पैरा 4 के प्रावधानों के उल्‍लंघन के समान है जिसमें यह विनिर्द‍िष्‍ट है कि:-
    (3)    मतों को हासिल करने के लिए जाति‍ या सांप्रदायि‍क भावनाओं की कोई अपील नहीं की जाएगी........................
    (4)    सभी दल और अभ्‍यर्थी ईमानदारी से ऐसे सभी कार्यकलापों से बचेंगे जो निर्वाचन विधि के अधीन “भ्रष्‍ट आचरण” और अपराध होते हैं जैसे कि मतदाताओं को रिश्‍वत देना………………, मतदाताओं को डराना-धमकाना और यह की उन्‍होंने वर्ष 1995 की सिविल अपील सं.8339 के साथ-साथ वर्ष 1992 की सिविल अपील सं.37 (अभिराम सिंह बनाम सी.डी.कोम्‍माचेन एवं अन्‍य) में माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा दिए गए निर्णय की अवमानना की है।
    अत: अब, आयोग उन्‍हें एमसीसी के उल्‍लंघनों से संबंधित मामले में जारी किए गए या जारी किए जाने वाले कि‍सी भी आदेश/नोटिस के प्रति पूर्वाग्रह के बिना, बेगुसराय में निर्वाचन प्रचार के दौरान उनके द्वारा दिए गए विवादास्‍पद बयानों की निंदा करता है और ऊपर उल्‍ल‍िखित कदाचार के लिए 24-बेगुसराय संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से श्री गिरिराज सिंह, नेता, भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन लड़ने वाले अभ्‍यर्थी की भर्त्‍सना करता है। आयोग आदर्श आचार संहिता की वैध-अवधि‍ के दौरान श्री गिरि‍राज सिंह को अपने सार्वजनिक बयानों में सावधान रहने के लिए भी सख्‍त चेतावनी देता है।

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  23. लोकसभा निर्वाचन , 2019- मप्र के कांग्रेस राज्य के स्टार प्रचारक को आयोग का दिनाँक 12 मई, 2019 का नोटिस

    सं.437/मध्यप्रदेश-लो.स./2019(शिकायत)                               दिनांक: 10 मई, 2019
     नोटिस
                   यत:, आयोग ने दिनांक 10-3-2019 के प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रेस नोट/2019 के त‍हत लोकसभा हेतु साधारण निर्वाचन, 2019 आयोजित करने के लिए कार्यक्रम की घोषणा की है और उक्‍त तारीख से राजनैतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के उपबंध लागू हो गए हैं; और
    2.     यत:, आयोग में श्री नीरज, सदस्‍य, निर्वाचन आयोग समिति, भारतीय जनता पार्टी से दिनांक 30-4-2019 को एक शिकायत प्राप्‍त की गई है जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि श्री नवजोत सिंह सिद्धू, इंडियन नेशनल काँग्रेस के स्‍टार प्रचारक ने दिनांक 29.04.2019 को भोपाल, मध्य प्रदेश में जन सभाओं को संबांधित करते हुए प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ निम्‍नलिखित आपत्तिजनक कथन कहे हैं:
    "….हिन्दुस्तान के सब सरकारी बैंकों के पैसे चुरा कर मोदी साहब गरीबों को बोलते हैं,  अमीरों को बोलते हैं, भागते रहो, भागते रहो....."
    "….तुमने जम कर खाया और तुमने अंबानी को ठोक के खिलाया, खिलाया की नहीं खिलाया, ये तुमने रू. 30,000/- करोड़ रूपये की घूस ली की नहीं राफेल में, और उड़ना था राफेल और उड़ा दी फाइल......."
    "….आए थे तुम 2014 में गंगा के लाल बन के जब जाओगे तुम 2019 में राफेल के दलाल बन के......."
    "….क्या बात करते हो नरेन्द्र मोदी तुम। तुमसे बड़ा राष्ट्र द्रोही कोई देखा नहीं......."
    "…. जवानों की लाशों पर राजनीति होती है। देश को बांटने का राजनीति होती है......."; और
    3.    यत:, शिकायत को आयोग के दिनांक 02.05.2019 के पत्र के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकरी, मध्य प्रदेश को उनकी रिपोर्ट के लिए भेजा गया था; और
    4.     यत:, मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, मध्य प्रदेश ने दिनांक 02-05-2019 एवं दिनांक 09-05-2019 के अपने पत्र के तहत श्री नवजोत सिंह सिद्धू, द्वारा दिनांक 29-05-2019 को भोपाल में  आयोजित जनसभाओं में दिए गए उनके भाषण की ट्रांस्क्रिप्‍ट सहित अपनी टिप्पणी भेजी है; और
    5.    यत:, राजनैतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्ग-दर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के 'साधारण आचरण' के भाग 1 का पैरा (2), में अन्‍य बातों के साथ-साथ निम्‍नानुसार उपबंध है:- "अन्‍य राजनैतिक दलों की जब आलोचना की जाए तो इसे उनकी नीतियों एवं कार्यक्रम, विगत रिकार्ड एवं कार्य तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। दल एवं अभ्‍यर्थी, अन्‍य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक कार्यकलापों से संबंध नहीं रखने वाले निजी जीवन के सभी पहलुओं की आलोचना से परहेज करेगें। असत्‍यापित आरोपों या मिथ्‍या आरोपों  के आधार पर अन्‍य दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना नहीं की जाएगी।"
     6.     यत:, आयोग का दृष्टिकोण है कि श्री नवजोत सिंह सिद्धू ने ऊपर यथा उल्लिखित आदर्श आचार के सामान्‍य आचरण के भाग (।) के भाग (2) के उपर्युक्त उपबंधों का प्रथम दष्‍टया उल्‍लंघन किया है; और
    7.     अब, इसीलिए, आयोग ने उपलब्‍ध सामग्री और आदर्श आचार संहिता के मौजूदा उपबंधों एवं इस मामले से संबंधित अनुदेशों पर विचार करने के पश्‍चात श्री नवजोत सिंह सिद्धू, स्‍टार प्रचारक, इंडियन नेशनल काँग्रेस को यह नोटिस मिलने के बाद 48 घण्टे के अन्दर इस बारे में अपना स्‍पष्‍टीकरण, यदि कोई हो, उपलब्‍ध कराने के लिए एक अवसर  देने का निर्णय लिया है जिसमें विफल रहने पर आयोग उन्‍हें  आगे का संदर्भ दिए बिना निर्णय लेगा।
    आदेश से,
    (मलय मलिक)
    सचिव
    सेवा में,
     श्रीनवजोत सिंह सिद्धू,
    स्टार प्रचारक, इंडियन नेशनल काँग्रेस
    (मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब के माध्यम से)
     1.   कोठी सं. 42,
    सैक्टर-02, चण्डीगढ़।
    2.   इंडियन नेशनल काँग्रेस
    24–अकबर रोड
    नई दिल्‍ली-110001

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  24. Commission's Notice to Sh. Govind Singh Rajput, Transport and Revenue Minister Govt. Madhya Pradesh

    Commission's Notice to
    Sh. Govind Singh Rajput,
    Transport and Revenue Minister
    Govt. Madhya Pradesh

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  25. Commission's Notice to Shri. Omkar Singh Markam,Minister Govt of Madhya Pradesh-reg.

    Commission's Notice to
    Shri. Omkar Singh Markam,
    Minister Govt of Madhya Pradesh-reg.

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

मतदाता हेल्पलाइन ऍप

spacer.pngहमारा नया मोबाइल ऐप ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ प्‍ले स्‍टोर से डाउनलोड करें। ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ एन्‍ड्रॉड ऐप आपको निर्वाचक नामावली में अपना नाम खोजने, ऑनलाइन प्ररूप भरने, निर्वाचनों के बारे में जानने, और सबसे महत्‍वपूर्ण शिकायत दर्ज करने की आसान सुविधा उपलब्‍ध कराता है। आपकी भारत निर्वाचन आयोग के बारे में हरेक बात तक पहुंच होगी। आप नवीनतम  प्रेस विज्ञप्ति, वर्तमान समाचार, आयोजनों,  गैलरी तथा और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। 
आप अपने आवेदन प्ररूप और अपनी शिकायत की वस्‍तु स्थिति के बारे में पता कर सकते हैं। डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। आवेदन के अंदर दिए गए लिंक से अपना फीडबैक देना न भूलें। 

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