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वर्तमान मुद्दे

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  1. General Elections to the Legislative Assemblies of Himachal Pradesh and Gujarat – Exit Poll - regarding.

    हिमाचल प्रदेश एवं गुजरात राज्‍य की विधान सभाओं हेतु साधारण निर्वाचन-एग्जिट पोल-तत्‍संबंधी।

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    फ़ाइल सबमिट की गई Tuesday 07 November 2017

  2. कर्नाटक विधान सभा का साधारण निर्वाचन, 2018- सवेतन अवकाश दिया जाना-तत्‍संबंधी।

    कर्नाटक विधान सभा का साधारण निर्वाचन, 2018- सवेतन अवकाश दिया जाना-तत्‍संबंधी।

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    फ़ाइल सबमिट की गई Saturday 12 May 2018

  3. अरविंद केजरीवाल को आयोग का आदेश

    संख्या 437/दिल्ली-वि.स./1/2020/एनएस-।।                           
    दिनांक: 05 फरवरी, 2020
     
    आदेश
           यतः, आयोग द्वारा दिनांक 6 जनवरी, 2020 के अपने प्रेस नोट सं. ईसीआई/पीएन/4/2020 के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन आयोजित करने के लिए अनुसूची की घोषणा की गई है और राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के लिए उक्त दिनांक से आदर्श आचार संहिता के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं; और
     2.     यत:, आयोग को श्री नीरज, भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश से दिनांक 14 जनवरी, 2020 की  सीईओ/शिकायत/007 संख्यांक वाली एक शिकायत प्राप्त हुई है (प्रति संलग्न) जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ आरोप लगाया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री की हैसियत से श्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली बार एसोसिएशन द्वारा तीस हजारी कोर्ट में दिनांक 13 जनवरी, 2020 को आयोजित मकर संक्रान्ति और लोहड़ी के उत्सव में वकीलों की सभा के समक्ष एक घोषणा की है कि "यदि परिसर (न्यायालय परिसर में) में जमीन उपलब्ध करवाई जाए, तो मोहल्ला क्लिनिक स्थापित किए जाएंगे"; और
    3.     यत:, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली से इस संबंध में प्राप्त रिपोर्ट से भी इस बात की पुष्टि होती है कि आपने दिनांक 13 जनवरी, 2020 को उक्त स्थान पर सभा को संबोधित करते हुए निम्नलिखित भाषण देते हुए एक वायदा किया है
    ".............................. जहां तक मोहल्ला क्लिनिक की बात है हम सभी कोर्ट के अंदर सभी बार के अंदर मोहल्ला क्लिनिक बनाने के लिए तैयार हैं अगर आप स्पेस हमें प्रोवाइड कर दें हर जगह हर कोर्ट के अंदर अगर हमें स्पेस दे दी जाए 2 या 3 कमरे की जरूरत पड़ती है तो हम मोहल्ला क्लिनिक बनवा देंगे जिम की बात की गयी जिम भी बनवा देंगे और जैसा मैंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है इस बार आप लोगो का जो सपोर्ट है वो सपोर्ट हमें पॉजिटिव मिलेगा नेगेटिव सपोर्ट की बजाए इस बार तो आज आप लोगों ने मुझे अपने बीच में मुझे बुलाया इतना प्यार दिया इतना सम्मान दिया उसके लिए बहुत बहुत शुक्रिया...................."; और
     4.     यत:, राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के भाग VII में अन्य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि केंद्र या राज्य या संबंधित राज्यों का सत्ताधारी दल यह सुनिश्चित करेगा कि इस वजह से कोई भी शिकायत करने का अवसर न दिया जाए कि उन्‍होंने अपने निर्वाचन अभियान के प्रयोजनार्थ अपने आधिकारिक पद का उपयोग किया है और उसके खंड (vi) के उप-खंड (ग) में यह प्रावधान है कि आयोग द्वारा निर्वाचनों की घोषणा के समय से मंत्री और अन्य प्राधिकारी सड़कों के निर्माण, पेयजल सुविधाओं आदि के प्रावधान आदि का कोई वायदा नहीं करेंगे; और
     5.     यत:, आयोग का मत था कि उक्त वायदा करके श्री अरविंद केजरीवाल ने आदर्श आचार संहिता के उक्त प्रावधानों का उल्लंघन किया है; और
     6.     यत:, आयोग ने आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए श्री अरविंद केजरीवाल को दिनांक 30 जनवरी, 2020 को कारण बताओ नोटिस संख्या 437/दिल्ली-वि.स./2020/एनएस-।। जारी किया था; और
     7.     यत:, आयोग के उपर्युक्त नोटिस के प्रत्युत्तर में श्री अरविंद केजरीवाल की ओर से वकील श्री मोहम्मद इरशाद से दिनांक 31 जनवरी, 2020 को उत्तर प्राप्त हुआ है; और
     8.     यत:, उत्तर में यह बताया गया है कि तीस हजारी कोर्ट परिसर में दिनांक 13 जनवरी 2020 को दिल्ली बार एसोशिएसन द्वारा आयोजित समारोह में वकीलों की सभा  पूर्णत: एक निजी समारोह था जिसमें उनके द्वारा आधिकारिक हैसियत से भाग नहीं लिया गया था बल्कि यह एक निजी कार्य था जिसमें निजी वाहन का उपयोग किया गया था और उक्त बार एसोशिएसन द्वारा आमंत्रण पर भाग लिया गया था तथा इसके अलावा नोटिस में तथा कथित वायदा चुनावी वायदा नहीं था अपितु सरकार के पुराने निर्णय को पुन: दोहराया गया था और इसका ताल्लुक किसी भी तरह से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली के मौजूदा निर्वाचनों से नहीं था तथा प्रश्नगत बयान सरकार की नीति के कार्यान्वयन के तरीके को स्पष्ट करने के लिए दिया गया था; और
     9.     यत:, आयोग ने इस मामले पर सावधानीपूर्वक विचार किया है और इसका सुविचारित मत है कि श्री अरविंद केजरीवाल ने उपर्युक्त सभा के सामने दिनांक 13 जनवरी, 2020 को उक्त बयान दिया है और भले ही यह निजी कार्य हो, जैसा कि दावा किया गया है, लेकिन यह आधिकारिक हैसियत से दिया गया बयान था और इस प्रकार आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन था तथा समान अवसर की प्रक्रिया बाधित हुई थी;
    10.    अत:, अब आयोग उत्तर को स्वीकार्य न पाते हुए, एतद्द्वारा श्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिए गए विवादित बयान की निंदा करता है और उनको चेतावनी देता है कि वे भविष्य में सार्वजनिक बयान देते समय अधिक सावधान रहें तथा सतर्कता बरतें, क्योंकि आदर्श आचार संहिता की भावना में अपेक्षित है कि मंत्री सहित लोक सेवक निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता सुनिश्चित करें, न तो ऐेसा बयान दें या बयान देते हुए प्रतीत हों जो निर्वाचनों के संचालन के लिए समान अवसर को बाधित करे या बाधित करता हुआ प्रतीत हो या जिससे निर्वाचकों के मन में निर्वाचन प्रकिया की सत्यनिष्ठा के बारे में संदेह उत्पन्न हो।     
     
     
    आदेश से
    (अजय कुमार)
    सचिव
    सेवा में
    श्री अरविंद केजरीवाल
    राष्ट्रीय संयोजक, आम आदमी पार्टी

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    फ़ाइल सबमिट की गई Thursday 06 February 2020

  4. सांसद/विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन निधियां जारी करना-तत्संबंधी।

    सांसद/विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन निधियां जारी करना-तत्संबंधी।

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    फ़ाइल सबमिट की गई Wednesday 04 May 2022

  5. व्यय प्रेक्षकों की सूची चरण IV

    व्यय प्रेक्षकों की सूची चरण IV

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    फ़ाइल सबमिट की गई Tuesday 07 May 2024

  6. Bye-elections to Andhra Pradesh Legislative Assembly 2012 from 18 ACs and 1 PC – Representation against arrest of Y.S. Jaganmohan Reddy - regarding.

    Bye-elections to Andhra Pradesh Legislative Assembly 2012 from 18 ACs and 1 PC – Representation against arrest of Y.S. Jaganmohan Reddy - regarding.
     

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    फ़ाइल सबमिट की गई Tuesday 29 May 2012

  7. Commission's Notice to Shri Azam Khan

    Commission's Notice to Shri Azam Khan
     

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    फ़ाइल सबमिट की गई Wednesday 09 April 2014

  8. उत्तर प्रदेश में मतदान के दूसरे चरण में मतदान दिवस से एक दिन पहले और मतदान दिवस को प्रिंट मीडिया में राजनैतिक विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन-तत्संबंधी।

    उत्तर प्रदेश में मतदान के दूसरे  चरण में मतदान दिवस से एक दिन पहले और मतदान दिवस को प्रिंट मीडिया में राजनैतिक विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन-तत्संबंधी। 

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    फ़ाइल सबमिट की गई Sunday 12 February 2017

  9. लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 126क में संदर्भित अवधि के दौरान मीडिया कवरेज उल्‍लंघन-तत्‍संबंधी।

    लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 126क में संदर्भित अवधि के दौरान मीडिया कवरेज उल्‍लंघन-तत्‍संबंधी।

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    फ़ाइल सबमिट की गई Wednesday 08 November 2017

  10. श्री संबित पात्रा, भारतीय जनता पार्टी को नोटिस

    सं.437/दिल्ली-वि.स./2020/-एनएस-II                        दिनांकः 5 फरवरी, 2020
     
    सूचना
         यतः,  भारत निर्वाचन आयोग ने, दिनांक 6 जनवरी, 2020 के अपने प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./4/2020 के तहत राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन की घोषणा की है और राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के उपबंध उक्‍त तारीख से तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गए; और
     2.    यत:, राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के भाग-। के निम्नलिखित खंडों में अन्‍य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि:
    (1)   कोई भी दल अथवा अभ्यर्थी ऐसा कोई कार्यकलाप करने का प्रयास नहीं करे जिससे विभिन्न जातियों और समुदायों, धार्मिक और भाषायी समूहों के बीच विद्यमान मतभेद और बढ़े या जिससे परस्पर घृणा या तनाव का महौल पैदा हो।
     (2)   अन्य दलों की आलोचना करते समय यह आलोचना उनकी नीतियों और कार्यक्रम, पिछले रिकार्ड और कार्य तक ही सीमित होनी चाहिए। दलों और अभ्यर्थियों को अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के बारे में ऐसे किसी भी पहलू की आलोचना नहीं करनी चाहिए जिनका उनके सार्वजनिक कार्यकलापों से सरोकार न हो। असत्‍यापित आरोपों अथवा तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों के आधार पर अन्‍य दलों और उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से बचना चाहिए।
     (3)   मत हासिल करने के लिए जाति अथवा सांप्रदायिक भावना के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी।
     (4)   सभी दलों और अभ्यर्थियों को ऐसे सभी कार्यकलापों से ईमानदारीपूर्वक बचना चाहिए, जो निर्वाचन विधि,­­­-------- के अधीन "भ्रष्ट आचरण" और अपराध हैं; और
     3.    यतः, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 (3क) में निम्नलिखित प्रावधान हैः
     "किसी अभ्यर्थी, या उसके एजेंट अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अभ्यर्थी और उसके निर्वाचन एजेंट की सहमति से उस अभ्यर्थी के निर्वाचन की संभावनाओं को बढ़ाने अथवा अन्य अभ्यर्थी के निर्वाचन को हानिकारक रूप से प्रभावित करने के लिए धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, या भाषा के आधार पर भारतीय नागरिकों के विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता या घृणा की भावना को बढ़ाना या बढ़ाने का प्रयास करना "; और
    4.    यतः, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 में यह प्रावधान है कि निर्वाचन से संबंधित कोई भी व्यक्ति धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, या भाषा के आधार पर भारतीय नागरिकों के विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता या घृणा की भावना को बढ़ाता है या बढ़ाने का प्रयास करता है, तो उसे तीन साल तक कारावास या जुर्माने या दोनों का दंड दिया जाएगा; और
    5.    यतः, आयोग को आम आदमी पार्टी द्वारा दिनांक 3 फरवरी, 2020 को की गई इस शिकायत, कि आपने न्यूज 18 इंडिया पर टीवी शो में निम्नलिखित बयान (सीडी की एक प्रति संलग्न है) दिए थे, के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के दिनांक 04 फरवरी, 2020 के उनके पत्र के तहत रिपोर्ट मिली हैः
    "तुम्हारे घर में घुस कर मारेंगे, संभल जाओ, वरना क्या होगा तुम सोच भी नहीं सकते हो, कश्मीर में तुम्हारे पंडित भाईयों के घर में घुस के किसने निकाला था? किसने निकाला था, मैं बोलता हूँ। किसने निकाला था? सावधान ये दोनों तरफ जो मेरे लोग बैठे हैं ना इनसे सावधान हो जाना, वो दिन दूर नहीं जब तुम्हारे घर में घुस के मारेंगे, सावधान। ऐसा ही होगा, हिन्दुओं को डाउन कर दीजिए। हम डाउन नहीं होने वाले, हम डाउन नहीं होने वाले, शिवजी के पुत्र हैं, डाउन नहीं होंगे।" मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली द्वारा प्रदान की गई ट्रांसक्रिप्ट की प्रति संलग्न है, जो स्वतः स्पष्ट है; और
     6.    यतः, आयोग का प्रथम दृष्टया यह मत है कि उपर्युक्त बयान, जिसमें सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ने एवं सामाजिक और धार्मिक समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को और बढ़ाने की क्षमता है, देकर आपने आदर्श आचार संहिता के उपर्युक्त प्रावधानों और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का उल्लंघन किया है; और
    7.    अतः, अब आयोग आपको अवसर देता है कि आप 6 फरवरी, 2020 (गुरुवार) को अप. 05.00 बजे तक या उससे पहले उपर्युक्त बयान देने के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर आयोग आपको संदर्भ दिए बिना निर्णय देगा।

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    फ़ाइल सबमिट की गई Thursday 06 February 2020

  11. भारत निर्वाचन आयोग ने अपने दिनांक 29 मार्च, 2023 के प्रेस नोट सं. ईसीआई/पीएन/24/2023 के द्वारा कर्नाटक विधान सभा के साधारण निर्वाचन की घोषणा की है और राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के उपबंध उसी तारीख से लागू हो गए हैं

    सं. 437/केटी-एलए/2023                                                
     दिनांकः 03 मई, 2023
     
    नोटिस
     
           यतः, भारत निर्वाचन आयोग ने अपने दिनांक 29 मार्च, 2023 के प्रेस नोट सं. ईसीआई/पीएन/24/2023 के द्वारा कर्नाटक विधान सभा के साधारण निर्वाचन की घोषणा की है और राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के उपबंध उसी तारीख से लागू हो गए हैं; और
     
           यतः, राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता उपबंधित करती है कि:-
    (क)  खंड 3.8.2 (ii) निर्दिष्ट करता है कि "किसी भी व्यक्ति को ऐसी किसी गतिविधि में लिप्त नहीं होना चाहिए या ऐसा बयान नहीं देना चाहिए जो किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर आक्रमण करने के समान हो या ऐसा बयान नहीं देना चाहिए जो दुर्भावनापूर्ण हो या जिससे शालीनता एवं नैतिकता का हनन होता हो।"
    (ख)  खंड 4.3.1 विनिर्दिष्ट करता है कि "राजनीतिक दल और अभ्यर्थी निजी जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना करने से बचेंगे, जो अन्य दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की सार्वजनिक गतिविधियों से नहीं जुड़ा है। इस में यह भी प्रावधान है कि कोई भी दल या अभ्यर्थी ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होगा, जो मौजूदा मतभेदों को बढ़ाए या आपसी घृणा पैदा करे या तनाव पैदा करे।"
    (ग)   खंड 4.3.2 में विनिर्दिष्ट है कि "निर्वाचन अभियान के उच्च स्तर बनाए रखे जाएं।"
    (घ)   खंड 4.3.2 (ii) में विनिर्दिष्ट है कि "निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक संवाद के गिरते स्तर पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए, राजनीतिक दलों को नोटिस दिया कि आदर्श आचार संहिता का बार-बार उल्लंघन किए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।"
     
    यतः, आयोग को श्री पीयूश गोयल, श्री अनिल बलुनी और श्री ओम पाठक, बीजेपी से दिनांक 2 मई, 2023 की एक शिकायत प्राप्त हुई है (प्रति संलग्न) कि आपने 30 अप्रैल, 2023 को कर्नाटक के "कलबुर्गी" में एक जनसभा में एक वक्तव्य दिया है, जिसमें आपने प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया है।
     
           यतः, आदर्श आचार संहिता के उपबंधों के आलोक में उक्त भाषण की वीडियो की जांच की गई थी और इसके निम्नलिखित भाग को उपर्युक्त आदर्श आचार संहिता के उपबंध का उल्लंघन करने वाला पाया गया है-
     
           "ऐसा नालायक बेटा बैठा तो कैसा होता भाई? घर कैसे चलेगा?"
     
           यतः, प्रथम दृष्टया आयोग का मत है कि आपने उक्त बयान देकर आदर्श आचार संहिता के उपर्युक्त उपबंध का उल्लंघन किया है;
           अतः, अब आपको एतद्द्वारा दिनांक 04.05.2023 को सायं 5.00 बजे तक कारण बताने के लिए कहा जाता है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए आपके विरुद्ध उपयुक्त कार्रवाई क्यों न की जाए?
     
           ध्यान दें कि निर्धारित समय के भीतर यदि आपकी ओर से कोई उत्तर नहीं मिलता तो यह मान लिया जाएगा कि इस मामले में आपको कुछ नहीं कहना है और आपको आगे सूचित किए बिना भारत निर्वाचन आयोग इस मामले में उपयुक्त कार्रवाई अथवा निर्णय करेगा।
     
     

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    फ़ाइल सबमिट की गई Tuesday 16 May 2023

  12. व्यय प्रेक्षकों की सूची चरण V

    व्यय प्रेक्षकों की सूची चरण V

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    फ़ाइल सबमिट की गई Tuesday 07 May 2024

  13. Presidential Election 2012 – Complaint against the decision of the Returning Officer accepting the nomination paper of Shri Pranab Mukherjee – regarding.

    Presidential Election 2012 – Complaint against the decision of the Returning Officer accepting the nomination paper of Shri Pranab Mukherjee – regarding.
     

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    फ़ाइल सबमिट की गई Tuesday 10 July 2012

  14. Commission's Order to Shri Siddharamaiah

    Commission's Order to Shri Siddharamaiah
     

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    फ़ाइल सबमिट की गई Thursday 10 April 2014

  15. उत्‍तराखण्‍ड की 6- कर्ण प्रयाग विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र सम्‍बन्‍धी प्रत्‍यादेश निर्वाचन अधिसूचना

    उत्‍तराखण्‍ड की 6- कर्ण प्रयाग विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र सम्‍बन्‍धी प्रत्‍यादेश निर्वाचन अधिसूचना

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    फ़ाइल सबमिट की गई Monday 13 February 2017

  16. श्रीमती रीति पाठक, संसद सदस्‍य (लोक सभा) मध्‍यप्रदेश के मामले में आयोग की राय दिनांक 1 अगस्‍त, 2017 के आधार पर आदेश। भारत के राष्‍ट्रपति द्वारा पारित आदेश।

    श्रीमती रीति पाठक, संसद सदस्‍य (लोक सभा) मध्‍यप्रदेश के मामले में आयोग की राय दिनांक 1 अगस्‍त, 2017 के आधार पर आदेश। भारत के राष्‍ट्रपति द्वारा पारित आदेश।

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    फ़ाइल सबमिट की गई Thursday 09 November 2017

  17. कर्नाटक विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2018 – 154 राजाराजेश्वेरीनगर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचन – मतदान की तारीख का स्थसगन।

    कर्नाटक विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2018 – 154 राजाराजेश्वेरीनगर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचन – मतदान की तारीख का स्थसगन।

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    फ़ाइल सबमिट की गई Friday 11 May 2018

  18. श्री राजेश देव, पुलिस उपायुक्त, अपराध (एसयूआई एवं आईएससी) द्वारा दिए गए अवांछित वक्तव्‍यों के मामले में पुलिस आयुक्‍त दिल्‍ली को आयोग का दिनांक 05 फरवरी, 2020 का पत्र।

    सं.437/डीएल-एलए /2020/ एन एस-II                                                  
    दिनांक- 5 फरवरी 2020
     
    सेवा में,
           पुलिस आयुक्त,   
           पुलिस मुख्यालय, 
              नई दिल्ली।
     
    विषय:   राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधान सभा के साधारण निर्वाचन: श्री राजेश देव, पुलिस उपायुक्त, अपराध(एसयूआई एवं आईएससी) द्वारा दिया गया अवांछित सार्वजनिक वक्तव्य - तत्संबंधी।
     
     महोदय,
              मुझे कहने का निदेश हुआ है कि आयोग के ध्यान में श्री राजेश देव, पुलिस उपायुक्त, अपराध (एसयूआई एवं आईएससी) द्वारा 4 फरवरी 2020 को एक जाँच के सम्बन्ध में मीडिया से वार्तालाप करने सम्बन्धी एक दृष्टांत लाया गया है,जिसके राजनीतिक अर्थबोध हैं।इस सम्बन्ध में प्राप्त रिपोर्ट से यह प्रदर्शित होता है कि श्री देव ने शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन स्थल पर हुई गोलीबारी  की घटना में जांच का संदर्भ देते हुए मीडिया में यह वक्तव्य दिया कि गोलीबारी  करने वाला व्यक्ति एक वर्ष पहले अपने पिता के साथ एक राजनीतिक दल विशेष में शामिल हुआ था और साज़िश के कारणों का पता लगाया जाएगा।श्री राजेश देव द्वारा दिए गए  वक्तव्य की ट्रांसक्रिप्ट संलग्न है ।  
    2.आयोग ने इस मामले पर विस्तारपूर्वक विचार किया है और उसका सुविचारित मत है कि इस समय जबकि जाँच जारी है एक राजनीतिक पार्टी का सन्दर्भ देते हुए उक्त संदर्भित वक्तव्य से निर्वाचन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।उनका यह कृत्य पूर्णत: अनुचित था। श्री राजेश देव के इस आचरण से स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन का आयोजन प्रभावित हुआ है।  
    3.मामले पर पूर्णरूपेण विचार करने के बाद आयोग ने निदेश दिया है कि:
     (i) श्री राजेश देव, पुलिस उपायुक्त,अपराध(एसयूआई एवं आईएससी)के आचरण पर आयोग की
       अप्रसन्नता दर्शाते हुए उन्हें चेतावनी जारी की जाएगी तथा इसकी प्रति उनके सी आर
       डोज़ियर में रखी जाएगी।        
    (ii) यह सुनिश्चित किया जाएगा कि श्री राजेश देव को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की  
       विधान सभा के मौजूदा निर्वाचन से सम्बन्धित कोई कार्य/ मामला नहीं सौंपा जाए।   
    4. आयोग ने यह निदेश भी दिया है कि उक्त निदेशों की एक अनुपालना रिपोर्ट आयोग को
      6 फरवरी 2020 (गुरूवार) को सायं 6 बजे तक भेज दी जाए।  
     
                                                                        भवदीय,  
                                                                     (अजय कुमार)
                                                                               सचिव  
    प्रति प्रेषित :
    1.सचिव, भारत सरकार, गृह मंत्रालय, नॉर्थ ब्लॉक,   नई दिल्ली
    2.मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली।

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    फ़ाइल सबमिट की गई Thursday 06 February 2020

  19. प्रिंट मीडिया में विज्ञापन के संबंध में राजनैतिक दलों के लिए आयोग की एडवाइजरी

    भारत निर्वाचन आयोग को विज्ञापनों एवं निर्वाचन अभियान के दौरान कथित रूप से किए गए असत्यापित दावों और प्रतिदावों वाली बयानबाजियों के संबंध में कुछ राष्ट्रीय दलों द्वारा शिकायतें एवं प्रति-शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
    2.     वर्तमान में प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापन के लिए पूर्व-प्रमाणन हेतु समय-सीमा भारत निर्वाचन आयोग के दिनांक 31.03.2023 के अनुदेशों में निहित हैं। कर्नाटक विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन के संबंध में इस अनुदेश के माध्यम से, “कोई भी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी या अन्य कोई संगठन या कोई व्यक्ति मतदान के दिन और मतदान दिवस से एक दिन पूर्व प्रिंट, मीडिया में कोई विज्ञापन तब तक प्रकाशित नहीं करेगा, जब तक कि उसके द्वारा राजनीतिक विज्ञापन की सामग्री राज्य/जिला स्तर पर, जैसा भी मामला हो, एमसीएमसी समिति से पूर्व-प्रमाणित नहीं करवा ली जाए।”
    “यह भी सूचित किया जाता है कि उपरोक्त पैरा 2 में उल्लिखित आवेदकों को मतदान के दिन और मतदान दिवस से एक (01) दिन पहले, विज्ञापन के प्रकाशन की प्रस्तावित तारीख से 02 (दो) दिन पूर्व एमसीएमसी के समक्ष आवेदन करना होगा।”
    “आयोग के उपर्युक्त निदेश राज्य में सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों और समाचार पत्रों के ध्यान में लाएं जाएं और सामान्य सूचना और सख्त अनुपालन के लिए इनका     मॉस मीडिया में व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए।”
    3.     जैसा कि पूर्व-प्रमाणन समयसीमा के प्रवृत्त में आने के लिए अभी भी 24 घंटे हैं, अत: आयोग एक बार पुन: दोहराता है कि दिनांक 31.03.2023 के निदेश के पैरा 1 में समाविष्ट दिनांक 31.03.2023 के इसके निदेश की मूल भावना का राजनीतिक दलों द्वारा पालन किए जाने की आवश्यकता है अर्थात् “कि अतीत में प्रिंट मीडिया में प्रकाशित अपमानजनक एवं भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों के दृष्टांतों को आयोग के संज्ञान में लाया गया है। निर्वाचन के अंतिम चरण में ऐसे विज्ञापन, संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया को निष्प्रभावित करते हैं। प्रभावित अभ्यर्थी और दलों के पास ऐसे मामलों में स्पष्टीकरण देने/खंडन करने का कोई अवसर नहीं होगा।”
    4.     भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष रिकार्ड के आधार पर, जिसमें राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया भी  शामिल है, पूर्व-प्रमाणन की समय-सीमा को ज्यादा अवधि तक बढ़ाने के विकल्प पर विचार किया गया था। हालांकि, शेष निर्वाचन प्रचार अवधि के संबंध में समय की कमी को देखते हुए, भारत निर्वाचन आयोग ने ऐसे कदम उठाने से परहेज किया है। इसके बजाय, यह दोहराता है कि प्रिंट मीडिया में विज्ञापन के लिए पूर्व-प्रमाणन की समय-सीमा पर ध्यान दिए बिना, निर्वाचन प्रचार अवधि के दौरान हर समय सभी हितधारकों द्वारा निर्वाचन प्रचार करते समय स्वच्छ एवं गंभीर बयानबाजी के अनुदेशों को समझा जाना चाहिए और उन्हें कायम रखा जाना चाहिए।
    5.     निर्वाचन प्रचार के दौरान किए गए विज्ञापनों एवं बयानबाजियों के संदर्भ में, आदर्श आचार संहिता के खण्ड 4.4.2 (ख) (फ) की ओर एक बार पुन: ध्यान आकृष्ट किया जाता है, अर्थात् “अन्य दलों एवं उनके कार्यकर्ताओं के असत्यापित आरोपों एवं तोड़-मरोड़ कर बयानबाजी के आधार पर आलोचना नहीं की जाएगी।”
    6.     उपर्युक्त के क्रम में एवं उपर्युक्त के अनाधीन, भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन प्रचार की शेष अवधि कम रह जाने की स्थिति को देखते हुए, प्रत्यक्ष: इस चिंता को नोट किया है कि राष्ट्रीय दल एवं स्टार प्रचारक निर्वाचन प्रचार के दौरान बयानबाजी के अपेक्षित प्रतिमानकों के प्रति कर्तव्यबद्ध हैं। तद्नुसार, आयोग भी अपने दिनांक 02/05/23 के निदेश को पुन: दोहराता है और निर्वाचन आयोग के दौरान दिए गए विज्ञापनों एवं बयानबाजी के संबंध में इसके सख्त अनुपालन पर अधिकाधिक जोर देता है।
     

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    फ़ाइल सबमिट की गई Wednesday 24 May 2023

  20. व्यय प्रेक्षकों की सूची चरण VII

    व्यय प्रेक्षकों की सूची चरण VII

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    फ़ाइल सबमिट की गई Tuesday 07 May 2024

  21. Presidential Election 2012- Letter to RO regarding second ballot paper issued to Sh.Mulayam Singh Yadav.

    Presidential Election 2012- Letter to RO regarding second ballot paper issued to Sh.Mulayam Singh Yadav.
     

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    फ़ाइल सबमिट की गई Friday 20 July 2012

  22. Commission's Notice to Shri Beni Prasad Verma

    Commission's Notice to Shri Beni Prasad Verma
     

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    फ़ाइल सबमिट की गई Thursday 10 April 2014

  23. गुजरात विधान सभा का निर्वाचन, 2017-निर्वाचकों की पहचान के संबंध में आयोग का आदेश-तत्‍संबधी।

    गुजरात विधान सभा का निर्वाचन, 2017-निर्वाचकों की पहचान के संबंध में आयोग का आदेश-तत्‍संबधी।

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    फ़ाइल सबमिट की गई Wednesday 15 November 2017

  24. भारत निर्वाचन आयोग सचिवालय में सहायक निदेशक (निर्वाचक नामावलियां) के 02(दो), सहायक निदेशक (विधि) के 04(चार) पदों, उप निदेशक (विधि) का एक(01) पद प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरा जाना।

    भारत निर्वाचन आयोग सचिवालय में सहायक निदेशक (निर्वाचक नामावलियां) के 02(दो), सहायक निदेशक (विधि) के 04(चार) पदों, उप निदेशक (विधि) का एक(01) पद प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरा जाना।
     

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    फ़ाइल सबमिट की गई Monday 29 October 2018

  25. श्री संजय सिंह, आम आदमी पार्टी को नोटिस

    सं.437/डीएल-एलए/2020/-एनएस-II                         
    दिनांकः 06 फरवरी, 2020
     
    सूचना
         यतः,  भारत निर्वाचन आयोग ने, दिनांक 6 जनवरी, 2020 के अपने प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./4/2020 के तहत राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन की घोषणा की है और राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के उपबंध उक्‍त तारीख से तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गए; और  
    2.    यत:, राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के भाग-। के निम्नलिखित खंडों में अन्‍य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि:  
    ‘‘     …………………… असत्‍यापित आरोपों अथवा तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों के आधार पर अन्‍य दलों और उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से बचना चाहिए।’’; और 
    3.    यतः, आयोग ने भारतीय जनता पार्टी से दिनांक 05 फरवरी, 2020 की एक शिकायत प्राप्त की, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में आपने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ निम्नलिखित तोड़-मरोड़ कर और असत्यापित आरोप लगाए हैं- 
    "-------------------जिस प्रकार की परिस्थितियों को जो जन्म भारतीय जनता पार्टी यहाँ पर दे रहीं हैं बहुत बड़ा बवाल यह लोग करने जा रहे हैं। और इनकी तैयारी है 2 तारीख को बड़ा बवाल करने की तैयारी है जो इन्होंने कॉल दी है शाहीन बाग़- जामिआ के इलाके में और एक बड़ा बवाल दिल्ली में होगा। ----------------"; और 
    4.    यतः, एएनआई को दिए गए उपर्युक्त साक्षात्कार में आपके प्रश्नगत बयानों की ट्रांसक्रिप्ट और उक्त बयान की रिकॉर्डिंग वाली सीडी संलग्न है; और 
    5.    यतः, आयोग का प्रथम दृष्टया यह मत है कि, आपने ऊपर उल्लिखित तोड़-मरोड़ कर और असत्यापित बयान देकर आदर्श आचार संहिता के उपर्युक्त प्रावधानों का उल्लंघन किया है और यह भी सच्चाई है कि उपर्युक्त बयानों से आम जनता और निर्वाचकों में भय और डर पैदा हो सकता है; 
    6.    अतएव, अब आयोग आपको अवसर देता है कि आप 7 फरवरी, 2020 (शुक्रवार) को दोपहर 12.00 बजे तक या उससे पहले इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर आयोग आपको संदर्भ दिए बिना निर्णय देगा। 
    आदेश से,
    ह/-
    (अजय कुमार)
    सचिव
     
     
    (अनुलग्नकः यथोपरि) 
    सेवा में
          श्री संजय सिंह,
          आम आदमी पार्टी,
          129-131, नॉर्थ एवेन्यू,
          नई दिल्ली-110001

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    फ़ाइल सबमिट की गई Thursday 06 February 2020

ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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