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  1. अरविंद केजरीवाल को आयोग का आदेश

    संख्या 437/दिल्ली-वि.स./1/2020/एनएस-।।                           
    दिनांक: 05 फरवरी, 2020
     
    आदेश
           यतः, आयोग द्वारा दिनांक 6 जनवरी, 2020 के अपने प्रेस नोट सं. ईसीआई/पीएन/4/2020 के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन आयोजित करने के लिए अनुसूची की घोषणा की गई है और राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के लिए उक्त दिनांक से आदर्श आचार संहिता के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं; और
     2.     यत:, आयोग को श्री नीरज, भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश से दिनांक 14 जनवरी, 2020 की  सीईओ/शिकायत/007 संख्यांक वाली एक शिकायत प्राप्त हुई है (प्रति संलग्न) जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ आरोप लगाया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री की हैसियत से श्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली बार एसोसिएशन द्वारा तीस हजारी कोर्ट में दिनांक 13 जनवरी, 2020 को आयोजित मकर संक्रान्ति और लोहड़ी के उत्सव में वकीलों की सभा के समक्ष एक घोषणा की है कि "यदि परिसर (न्यायालय परिसर में) में जमीन उपलब्ध करवाई जाए, तो मोहल्ला क्लिनिक स्थापित किए जाएंगे"; और
    3.     यत:, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली से इस संबंध में प्राप्त रिपोर्ट से भी इस बात की पुष्टि होती है कि आपने दिनांक 13 जनवरी, 2020 को उक्त स्थान पर सभा को संबोधित करते हुए निम्नलिखित भाषण देते हुए एक वायदा किया है
    ".............................. जहां तक मोहल्ला क्लिनिक की बात है हम सभी कोर्ट के अंदर सभी बार के अंदर मोहल्ला क्लिनिक बनाने के लिए तैयार हैं अगर आप स्पेस हमें प्रोवाइड कर दें हर जगह हर कोर्ट के अंदर अगर हमें स्पेस दे दी जाए 2 या 3 कमरे की जरूरत पड़ती है तो हम मोहल्ला क्लिनिक बनवा देंगे जिम की बात की गयी जिम भी बनवा देंगे और जैसा मैंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है इस बार आप लोगो का जो सपोर्ट है वो सपोर्ट हमें पॉजिटिव मिलेगा नेगेटिव सपोर्ट की बजाए इस बार तो आज आप लोगों ने मुझे अपने बीच में मुझे बुलाया इतना प्यार दिया इतना सम्मान दिया उसके लिए बहुत बहुत शुक्रिया...................."; और
     4.     यत:, राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के भाग VII में अन्य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि केंद्र या राज्य या संबंधित राज्यों का सत्ताधारी दल यह सुनिश्चित करेगा कि इस वजह से कोई भी शिकायत करने का अवसर न दिया जाए कि उन्‍होंने अपने निर्वाचन अभियान के प्रयोजनार्थ अपने आधिकारिक पद का उपयोग किया है और उसके खंड (vi) के उप-खंड (ग) में यह प्रावधान है कि आयोग द्वारा निर्वाचनों की घोषणा के समय से मंत्री और अन्य प्राधिकारी सड़कों के निर्माण, पेयजल सुविधाओं आदि के प्रावधान आदि का कोई वायदा नहीं करेंगे; और
     5.     यत:, आयोग का मत था कि उक्त वायदा करके श्री अरविंद केजरीवाल ने आदर्श आचार संहिता के उक्त प्रावधानों का उल्लंघन किया है; और
     6.     यत:, आयोग ने आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए श्री अरविंद केजरीवाल को दिनांक 30 जनवरी, 2020 को कारण बताओ नोटिस संख्या 437/दिल्ली-वि.स./2020/एनएस-।। जारी किया था; और
     7.     यत:, आयोग के उपर्युक्त नोटिस के प्रत्युत्तर में श्री अरविंद केजरीवाल की ओर से वकील श्री मोहम्मद इरशाद से दिनांक 31 जनवरी, 2020 को उत्तर प्राप्त हुआ है; और
     8.     यत:, उत्तर में यह बताया गया है कि तीस हजारी कोर्ट परिसर में दिनांक 13 जनवरी 2020 को दिल्ली बार एसोशिएसन द्वारा आयोजित समारोह में वकीलों की सभा  पूर्णत: एक निजी समारोह था जिसमें उनके द्वारा आधिकारिक हैसियत से भाग नहीं लिया गया था बल्कि यह एक निजी कार्य था जिसमें निजी वाहन का उपयोग किया गया था और उक्त बार एसोशिएसन द्वारा आमंत्रण पर भाग लिया गया था तथा इसके अलावा नोटिस में तथा कथित वायदा चुनावी वायदा नहीं था अपितु सरकार के पुराने निर्णय को पुन: दोहराया गया था और इसका ताल्लुक किसी भी तरह से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली के मौजूदा निर्वाचनों से नहीं था तथा प्रश्नगत बयान सरकार की नीति के कार्यान्वयन के तरीके को स्पष्ट करने के लिए दिया गया था; और
     9.     यत:, आयोग ने इस मामले पर सावधानीपूर्वक विचार किया है और इसका सुविचारित मत है कि श्री अरविंद केजरीवाल ने उपर्युक्त सभा के सामने दिनांक 13 जनवरी, 2020 को उक्त बयान दिया है और भले ही यह निजी कार्य हो, जैसा कि दावा किया गया है, लेकिन यह आधिकारिक हैसियत से दिया गया बयान था और इस प्रकार आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन था तथा समान अवसर की प्रक्रिया बाधित हुई थी;
    10.    अत:, अब आयोग उत्तर को स्वीकार्य न पाते हुए, एतद्द्वारा श्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिए गए विवादित बयान की निंदा करता है और उनको चेतावनी देता है कि वे भविष्य में सार्वजनिक बयान देते समय अधिक सावधान रहें तथा सतर्कता बरतें, क्योंकि आदर्श आचार संहिता की भावना में अपेक्षित है कि मंत्री सहित लोक सेवक निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता सुनिश्चित करें, न तो ऐेसा बयान दें या बयान देते हुए प्रतीत हों जो निर्वाचनों के संचालन के लिए समान अवसर को बाधित करे या बाधित करता हुआ प्रतीत हो या जिससे निर्वाचकों के मन में निर्वाचन प्रकिया की सत्यनिष्ठा के बारे में संदेह उत्पन्न हो।     
     
     
    आदेश से
    (अजय कुमार)
    सचिव
    सेवा में
    श्री अरविंद केजरीवाल
    राष्ट्रीय संयोजक, आम आदमी पार्टी

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    फ़ाइल सबमिट की गई

  2. श्री प्रवेश साहिब सिंह, भारतीय जनता पार्टी को आयोग का आदेश

    सं.437/डीएल-एलए/2020/-एनएस-II                          दिनांकः 5 फरवरी, 2020
     
    आदेश
          यतः, आयोग ने श्री प्रवेश साहिब सिंह, सांसद और भारतीय जनता पार्टी के नेता को सीएनएन टीवी 18 चैनल पर निम्नलिखित बयान देने के लिए 30 जनवरी, 2020 को कारण बताओ नोटिस जारी किया थाः
    "मैंने उनको आतंकी नहीं कहा मैंने उनको नक्सलवादी कहा जो वह दिल्ली की जनता को गुमराह कर रहे हैं शाहीन बाग में लोग बैठे हुए हैं उनको भी गुमराह कर रहे हैं उनको सपोर्ट कर रहे हैं और बोल रहे हैं मैं उनके साथ खड़ा हूँ वह जैसे कोई नक्सलवादी काम करता है ऐसे ही दिल्ली के मुख्य मंत्री काम करता है देखिए आतंकवाद काम करता है वह भी लोगों को गुमराह करते हैं और वो भी लोगों को गुमराह करते हैं लोगो को भड़काते है दिल्ली में जो आग लगा रहे हैं आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता वो सारे बसों में आग लगा रहे हैं सारे वीडियो देखे जा सकते हैं तो सारे वही लोग हैं अगर कोई दिल्ली में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचायेगा तो आतंकी घटना से कम नहीं हैं।"; और
     2.    यतः, श्री प्रवेश साहिब सिंह ने 31-01-2020 को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उत्तर प्रस्तुत किया और कहा कि उन्होंने कभी भी मुख्यमंत्री, दिल्ली के खिलाफ कटु आक्षेप नहीं लगाए और वीडियो में सही पिक्चर नहीं दिखाई गई थी; और 
    3.    यतः, उक्त वीडियो को आयोग में पुनः देखा गया और उसकी संवीक्षा की गई; और 
    4.    यतः, आयोग का सुविचारित अभिमत है कि श्री प्रवेश साहिब सिंह ने श्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री के खिलाफ कटु आक्षेप लगाए जो आदर्श आचार संहिता के भाग-1 के खंड (2) के प्रावधानों का उल्लंघन है जिसमें, अन्‍य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि:  
    ‘‘     …………………… असत्‍यापित आरोपों अथवा तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों के आधार पर अन्‍य दलों और उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से बचना चाहिए।’’; और 
    5.    यतः, आयोग ने पहले भी श्री प्रवेश साहिब सिंह को सार्वजनिक सभाओं के आयोजन, मीडिया आदि में सार्वजनिक बयानबाजी करने पर 30 जनवरी, 2020 को अप. 5 बजे से शुरू होने वाली 96 घंटों की समयावधि तक रोक लगाई थी; और 
    6.    यतः, श्री प्रवेश साहिब सिंह द्वारा वर्तमान अपराध, आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की पुनरावृत्ति है; 
    7.           अतएव, आयोग श्री प्रवेश साहिब सिंह द्वारा दिए गए बयानों की कड़ी निंदा करता है। आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और इस निमित्त सभी अन्य समर्थकारी शक्तियों के अंतर्गत श्री प्रवेश साहिब सिंह को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा, 2020 के वर्तमान साधारण निर्वाचन के संबंध में 5 फरवरी, 2020 (बुद्धवार) को सायं 6.00 बजे से शुरू होने वाली 24 घंटों की समयावधि के लिए किसी भी प्रकार की जनसभा, सार्वजनिक जुलूस, जन रैली, रोड शो का आयोजन करने और मीडिया (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल मीडिया) में साक्षात्कार, सार्वजनिक बयान देने पर रोक लगाता है।
     
    आदेश से,
    ह/-
    (अजय कुमार)
    सचिव
     
    सेवा में
          श्री प्रवेश साहिब सिंह,
          भारतीय जनता पार्टी,
          20, विंड्सर प्लेस, बीएसएनएल हाउस के पास,
          जनपथ रोड,
          नई दिल्ली-110001

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  3. डीसीपी (दक्षिण-पूर्व), दिल्ली की तैनाती के लिए आयोग का निदेश।

    सं.464/डीएल- एलए /2020                                                                         दिनांक- 4 फरवरी 2020
     
    सेवा में ,
                   सचिव
                   भारत सरकार
                   गृह मंत्रालय,नॉर्थ ब्लॉक
                   नई दिल्ली
    विषय:   राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के विधान सभा के साधारण निर्वाचन-2020: डीसीपी (दक्षिण-पूर्व) की तैनाती और स्थानांतरण – तत्संबंधी।
     
    महोदय,
                 मुझे आपके दिनांक 3 फरवरी 2020 के पत्र संख्या 14020/01/2019-यूटीएस.I(भाग.I ) के तहत डीसीपी(दक्षिण-पूर्व) के रूप में तैनाती के लिए भेजे गए अधिकारियों के पैनल का सन्दर्भ लेने और यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग ने निर्णय लिया है कि श्री राजेन्द्र प्रसाद मीणा,आईपीएस (ए जी एम यू टी:2010) को डीसीपी (दक्षिण-पूर्व) तैनात किया जाएगा और तत्काल पदभार ग्रहण करने हेतु निदेश दिया जाएगा।  
    श्री राजेन्द्र प्रसाद मीणा द्वारा पदभार ग्रहण करने की रिपोर्ट के साथ एक अनुपालना रिपोर्ट आयोग को तत्काल भेजी जाएगी।  
                                                                                                                                         भवदीय,
                                                                     (अजय कुमार)
                                                                             सचिव   
    आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रति प्रेषित :
    1.मुख्य सचिव, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार  
    2.पुलिस आयुक्त, दिल्ली
     
    प्रति सूचनार्थ प्रेषित :
               मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली।

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  4. Notice to Sh. Parvesh Sahib Singh in the matter of violation of Model Code of Conduct-regarding

    General Election to Legislative Assembly of NCT of Delhi 2020-Notice to Sh. Parvesh Sahib Singh in the matter of violation of Model Code of Conduct-regarding

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  5. आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करने के मामले में श्री अरविंद केजरीवाल को नोटिस

    संख्या 437/दिल्ली-वि.स./2020/एनएस-।।                             
    दिनांक: 30 जनवरी, 2020
     
    नोटिस
           यतः, आयोग द्वारा दिनांक 6 जनवरी, 2020 के अपने प्रेस नोट सं. ईसीआई/पीएन/4/2020 के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन आयोजित करने के लिए अनुसूची की घोषणा की गई है और राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के लिए उक्त दिनांक से आदर्श आचार संहिता के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं; और
    2.     यत:, आयोग को श्री नीरज, भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश से दिनांक 14 जनवरी, 2020 की  सीईओ/शिकायत/007 संख्यांक वाली एक शिकायत प्राप्त हुई है (प्रति संलग्न) जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ आरोप लगाया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री की हैसियत से आपने दिल्ली बार एसोसिएशन द्वारा तीस हजारी कोर्ट में दिनांक 13 जनवरी, 2020 को आयोजित मकर संक्रान्ति और लोहड़ी के उत्सव में वकीलों की सभा के समक्ष एक घोषणा की है कि "यदि परिसर (न्यायालय परिसर में) में जमीन उपलब्ध करवाई जाए, तो मोहल्ला क्लिनिक स्थापित किए जाएंगे"; और
    3.     यत:, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली से इस संबंध में प्राप्त रिपोर्ट से भी इस बात की पुष्टि होती है कि आपने दिनांक 13 जनवरी, 2020 को उक्त स्थान पर सभा को संबोधित करते हुए निम्नलिखित भाषण देते हुए एक वायदा किया है
    ".............................. जहां तक मोहल्ला क्लिनिक की बात है हम सभी कोर्ट के अंदर सभी बार के अंदर मोहल्ला क्लिनिक बनाने के लिए तैयार हैं अगर आप स्पेस हमें प्रोवाइड कर दें हर जगह हर कोर्ट के अंदर अगर हमें स्पेस दे दी जाए 2 या 3 कमरे की जरूरत पड़ती है तो हम मोहल्ला क्लिनिक बनवा देंगे जिम की बात की गयी जिम भी बनवा देंगे और जैसा मैंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है इस बार आप लोगो का जो सपोर्ट है वो सपोर्ट हमें पॉजिटिव मिलेगा नेगेटिव सपोर्ट की बजाए इस बार तो आज आप लोगों ने मुझे अपने बीच में मुझे बुलाया इतना प्यार दिया इतना सम्मान दिया उसके लिए बहुत बहुत शुक्रिया...................."; और
     4.     यत:, राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्गनिर्देश के लिए आदर्श आचार संहिता के भाग VII में प्रावधान है कि केंद्र या राज्य या संबंधित राज्यों का सत्ताधारी दल यह सुनिश्चित करेगा कि इस वजह से कोई भी शिकायत करने का अवसर न दिया जाए कि उन्‍होंने अपने निर्वाचन अभियान के प्रयोजनार्थ अपने आधिकारिक पद का उपयोग किया है और उसके खंड (vi) के उप-खंड (ग) में यह प्रावधान है कि आयोग द्वारा निर्वाचनों की घोषणा के समय से मंत्री और अन्य प्राधिकारी सड़कों के निर्माण, पेयजल सुविधाओं आदि के प्रावधान आदि का कोई वायदा नहीं करेंगे; और
    5.     यत: आयोग का मत है कि उक्त वायदा करके आपने आदर्श आचार संहिता के उक्त प्रावधानों का उल्लंघन किया है;
    6.     अतएव, अब आयोग आपको इस संबंध में दिनांक 31 जनवरी, 2020 (शुक्रवार) को सायं 5.00 बजे या उससे पहले अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर प्रदान करता है। यदि उक्त समय सीमा के भीतर कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो आयोग आपको बिना सूचित किए निर्णय लेगा।
      
    आदेश से
    (अजय कुमार)
    सचिव
     
    सेवा में
    श्री अरविंद केजरीवाल
    राष्ट्रीय संयोजक, आम आदमी पार्टी    
     
    VID-20200114-WA0030
    .......... के सारे काम कराए हैं उन्होंने मेरे को आके कहा जी 50 करोड़ रुपए लगेंगे 50 करोड़ में हमारी सारी डिमांड पूरी हो जाएगी हमने बजट में 50 करोड़ का प्रावधान कर दिया फिर हमने कहा कि भई हमें नहीं पता कि 50 करोड़ कैसे खर्च करने हैं आप ही लोग बता दो फिर हम लोगों ने तेरह वकीलों की एक कमिटी बना दी उस कमिटी ने जो सिफारिशें दी वो सारी सिफारिशें word by word हम लोगों ने      as it is कैबिनेट में पास करा दी सारे उसी को लागू करवा रहें हैं उसमें कई सारी चीजें हेल्थ इंश्योरेंश है लाइफ इंश्योरेंश है महिलाओं के लिए क्रेच है e-library  है एक दो बातें अभी उठी हैं और कहा जा रहा है के आज मैं चुनावी वादा मैं वादा नहीं करूंगा वादा तो करूंगा वोट तो चाहिए आपके सबके बिजली वाले पे मुझे आश्चर्य हो रहा है क्यूंकि बिजली की जो हम लोगों ने पिछले साल सब्सिडी देके आपका domestic के बराबर tariff कर दिया था लेकिन वो 31 मार्च को पिछले साल 31 मार्च को खत्म हो गया उसके बाद DERC को tariff decide करना था आप लोगों का हमने DERC से दिल्ली सरकार ने लिखा भई वकीलों के चैम्बर का domestic कर दिया जाए DERC ने हमारा रिक्वेस्ट खारिज कर दिया दिल्ली सरकार का तो अभी दिसंबर के महीने में हमने फिर से सब्सिडी देके आप लोगों का चैंबर का    tariff वापस domestic के बराबर कर दिया है और वो retrospective effect से किया है  1st अप्रैल से तो मुझे उम्मीद थी कि जनवरी के महीने में सबसे critical टाइम पर जब आप वोट देने के लिए जाओगे उसके just पहले आप लोगों के जो बिजली के बिल आएंगे वो रिफंड आएगा वो आपको पैसे देने की जरूरत नहीं पड़ेगी मुझे क्योंकि वो retrospective effect से हैं तो अब 200 यूनिट जब बिजली फ्री है वो ना केवल आपके घर की है आपके चैंबर की भी 200 यूनिट बिजली फ्री है और 200 से 400 यूनिट का जो बिल आता है आधा आता है वो आपको चैंबर में भी मिलेगा और आपके घर में भी मिलेगा दोनों जगह आपको उसका benefit मिलेगा जहां तक मोहल्ला क्लिनिक की बात है हम सभी कोर्ट के अंदर सभी बार के अंदर मोहल्ला क्लिनिक बनाने के लिए तैयार हैं अगर आप स्पेस हमें प्रोवाइड कर दें हर जगह हर कोर्ट के अंदर अगर हमें स्पेस दे दी जाए 2 या 3 कमरे की जरूरत पड़ती है तो हम मोहल्ला क्लिनिक बनवा देंगे जिम की बात की गयी जिम भी बनवा देंगे और जैसा मैंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है इस बार आप लोगो का जो सपोर्ट है वो सपोर्ट हमें पॉजिटिव मिलेगा नेगेटिव सपोर्ट की बजाए इस बार तो आज आप लोगों ने मुझे अपने बीच में मुझे बुलाया इतना प्यार दिया इतना सम्मान दिया उसके लिए बहुत बहुत शुक्रिया और मैं फिर से भगवान से प्रार्थना करता हूं कि आने वाला वर्ष आप सब लोगों के लिए बहुत बहुत खुशियां लेकर आए बहुत बहुत शुभ हो thank you so much.
     

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  6. भारत निर्वाचन आयोग ने भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची से श्री अनुराग ठाकुर और श्री प्रवेश साहिब सिंह को हटाने का आदेश दिया है

    संख्या 437/दिल्ली-वि.स./4/2020/एनएस-।।                           
    दिनांक: 29 जनवरी, 2020
     आदेश
           राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के मौजूदा साधारण निर्वाचन के संबंध में भारतीय जनता पार्टी, एक मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय दल, ने दिनांक 21.01.2020 के अपने पत्र के तहत लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77 की उप-धारा (1) के स्पष्टीकरण 1(क) के प्रावधानों के संदर्भ में उक्त पार्टी के नेताओं (स्टार प्रचारकों) के नाम प्रस्तुत किए थे। दल द्वारा प्रस्तुत चालीस नेताओं की सूची में श्री अनुराग ठाकुर और श्री प्रवेश साहिब सिंह के नाम भी थे।
            आयोग के संज्ञान में आया है कि श्री अनुराग ठाकुर और श्री प्रवेश साहिब सिंह ने ऐसे बयान/भाषण दिए हैं, जो राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का अक्षरश: उल्लंघन थे। आयोग ने उक्त नेताओं को आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत उनके विरूद्ध कार्रवाई के संबंध में नोटिस जारी किए हैं। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को सामान्य हिदायत (एडवाइजरी) भी जारी की है कि वे अपने पदाधिकारियों और अभ्यर्थियों को आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के बारे में निर्देशित करें।
           श्री अनुराग ठाकुर और श्री प्रवेश साहिब सिंह को जारी नोटिस के अनुसरण में आगे की कार्रवाई होने तक उल्लंघन की गंभीर प्रकृति और उनके विरूद्ध विचाराधीन मामलों की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए निदेश दिया है कि प्रचार अभियान को और बिगड़ने से रोकने के लिए यह आवश्यक है कि धारा 77 की उप-धारा (1) के स्पष्टीकरण (1)(क) के उपर्युक्त प्रावधानों के प्रयोजनार्थ उक्त दोनों नेताओं को 'नेता' (स्टार प्रचारक) के रूप में नहीं माना जाए। तदनुसार, आयोग ने निदेश दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली की विधान सभा के मौजूदा साधारण निर्वाचन में निर्वाचन प्रचार अभियान के संबंध में उक्त दोनों नेताओं की यात्रा आदि पर होने वाले व्यय को दल के संबंधित अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय के खाते में शामिल किए जाने से छूट देने संबंधी प्रावधान लागू नहीं रहेंगे।

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  7. श्री प्रवेश साहिब सिंह, भारतीय जनता पार्टी को आयोग का आदेश

    सं.437/दिल्ली-वि.स./2020/-एनएस-II                       
    दिनांकः 30 जनवरी, 2020
     
    नोटिस
         यतः,  भारत निर्वाचन आयोग ने, अपने दिनांक 6 जनवरी, 2020 के प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./4/2020 के तहत राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन की घोषणा की है और राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के उपबंध उक्‍त तारीख से तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गए; और
     2.    यत:, राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के भाग-। के खंड (2) में अन्‍य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि:
    ‘‘     …………………… असत्‍यापित आरोपों अथवा तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों के आधार पर अन्‍य दलों और उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से बचना चाहिए।’’; और
     3.    यतः, आयोग ने 29 जनवरी, 2020 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के जरिए, आम आदमी पार्टी से एक शिकायत प्राप्त की है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि आपने दिल्ली के मुख्यमंत्री को आतंकवादी कहकर उन पर कटु आक्षेप किए हैं; और
    4.    यतः, यह प्रतीत होता है कि आपने आम आदमी पार्टी के नेता के संदर्भ में बयान उपरोक्त सीएनएन टीवी 18 पर दिया है ( वीडियो की सीडी और आपके प्रश्नगत बयानों की स्क्रिप्ट संलग्न है); और
    5.    यतः, आयोग प्रथम दृष्‍टया यह मानता है कि उपरोक्त तोड़-मरोड़ कर दिए बयान के जरिए, आपने आदर्श आचार संहिता के उक्‍त प्रावधान का उल्‍लंघन किया है;
     6.    अतः अब, आयोग आपको अवसर देता है कि आप 31 जनवरी, 2020 (शुक्रवार)  को अपराह्न 05.00 बजे तक अथवा उससे पहले, इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर आयोग आपको कोई संदर्भ दिए बिना निर्णय देगा।
     
    आदेश से
    ह-/-
    (अजय कुमार)
    सचिव
     
    (अनुलग्नकःयथोपरि)
    सेवा में,
    श्री परवेश साहिब सिंह
    भारतीय जनता पार्टी
    20, विंडसर प्लेस, बीएसएनएल हाउस के पास
    जनपथ रोड,
    नई दिल्ली-110001

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  8. श्रीअनुराग ठाकुर, भारतीय जनता पार्टी को आयोग का आदेश

    सं.437/दिल्ली-वि.स./2020/-एनएस-II                        दिनांकः 30 जनवरी, 2020
     
    सूचना
         यतः,  भारत निर्वाचन आयोग ने, दिनांक 6 जनवरी, 2020 के अपने प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./4/2020 के तहत राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन की घोषणा की है और राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के उपबंध उक्‍त तारीख से तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गए; और
    2.    यत:, राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के भाग-। के निम्नलिखित खंडों में अन्‍य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि:
    (1)   कोई भी दल अथवा अभ्यर्थी ऐसा कोई कार्यकलाप करने का प्रयास नहीं करे जिससे विभिन्न जातियों और समुदायों, धार्मिक और भाषायी समूहों के बीच विद्यमान मतभेद और बढ़े या जिससे परस्पर घृणा या तनाव का महौल पैदा हो।
    (2)   अन्य दलों की आलोचना करते समय यह आलोचना उनकी नीतियों और कार्यक्रम, पिछले रिकार्ड और कार्य तक ही सीमित होनी चाहिए। दलों और अभ्यर्थियों को अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के बारे में ऐसे किसी भी पहलू की आलोचना नहीं करनी चाहिए जिनका उनके सार्वजनिक कार्यकलापों से सरोकार न हो। असत्‍यापित आरोपों अथवा तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों के आधार पर अन्‍य दलों और उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से बचना चाहिए।
     (3)   मत हासिल करने के लिए जाति अथवा सांप्रदायिक भावना के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी।
     (4)   सभी दलों और अभ्यर्थियों को ऐसे सभी कार्यकलापों से ईमानदारीपूर्वक बचना चाहिए, जो निर्वाचन विधि,­­­-------- के अधीन "भ्रष्ट आचरण" और अपराध हैं; और
     3.    यतः, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 (3क) में निम्नलिखित प्रावधान हैः
    "किसी अभ्यर्थी, या उसके एजेंट अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अभ्यर्थी और उसके निर्वाचन एजेंट की सहमति से उस अभ्यर्थी के निर्वाचन की संभावनाओं को बढ़ाने अथवा अन्य अभ्यर्थी के निर्वाचन को हानिकारक रूप से प्रभावित करने के लिए धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, या भाषा के आधार पर भारतीय नागरिकों के विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता या घृणा की भावना को बढ़ाना या बढ़ाने का प्रयास करना "; और
     4.    यतः, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 में यह प्रावधान है कि निर्वाचन से संबंधित कोई भी व्यक्ति धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, या भाषा के आधार पर भारतीय नागरिकों के विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता या घृणा की भावना को बढ़ाता है या बढ़ाने का प्रयास करता है, तो उसे तीन साल तक कारावास या जुर्माने या दोनों का दंड दिया जाएगा; और
     5.    यतः, आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली से 28 जनवरी, 2020 के एक पत्र के तहत रिपोर्ट प्राप्त की जिसमें, श्री अनुराग ठाकुर, भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने 27 जनवरी, 2020 को दिल्ली के 06-रिठाला विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले मदर डेयरी, श्मशान घाट रोड, बुद्ध विहार, दिल्ली में जनसभा को संबोधित करने के दौरान कतिपय आपत्तिजनक बयान दिए और नारे लगाए; और
    6.    यतः, आयोग का प्रथम दृष्टया यह मत था कि श्री अनुराग ठाकुर द्वारा लगाए गए नारों और दिए गए बयानों की वजह से आदर्श आचार संहिता के उपर्युक्त प्रावधानों और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का उल्लंघन हुआ है; और
    7.    यतः, आयोग ने श्री अनुराग ठाकुर को 28 जनवरी, 2020 को एक कारण बताओ नोटिस सं.437/डीएल वि.स./2020/-एनएस-II जारी किया, जिसमें उनसे आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का उल्लंघन करने के लिए 30 जनवरी, 2020 को दोपहर 12 बजे तक जवाब देने के लिए कहा गया है; और
    8.    यतः, आयोग के उपर्युक्त नोटिस के जवाब में श्री अनुराग ठाकुर से 30 जनवरी, 2020 को एक उत्तर प्राप्त हुआ है; और
    9.    यतः, आयोग ने श्री अनुराग ठाकुर के 30 जनवरी, 2020 के उपर्युक्त उत्तर में विषय-वस्तु और प्रमाणों की ध्यानपूर्वक जाँच की है। श्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि उन्होंने केवल "देश के गद्दारों को" ही बोला जिसका वास्तविक अर्थ देश के गद्दार होता है और वह भीड़ थी जिसने उन नारों का जवाब दिया था; और
    10. यतः, उन्होंने यह भी कहा है कि उनके बयानों का उद्देश्य न तो विभिन्न धर्मों, वर्गों, जातियों और समुदायों के बीच वैमनस्य को बढ़ाना या पैदा करना था और न ही उन्होंने इसे बढ़ाने के लिए ऐसा कोई गोपनीय/निवारक कृत्य किया, अतः यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं है; और
     11.   यतः, हालांकि श्री अनुराग ठाकुर ने यह अनुरोध किया है कि उनको व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने के लिए एक मौका दिया जाए, परंतु आयोग इस मामले में किसी भी प्रकार की सुनवाई को जरूरी नहीं मानता है; और
    12.   यतः, आयोग ने इस मामले पर ध्यानपूर्वक विचार किया है और उसका यह सुविचारित अभिमत है कि श्री अनुराग ठाकुर ने अवांछनीय और आपत्तिजनक बयान दिए हैं, जिसमें उनका लहजा और भाषा ऐसी थी जिससे विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच विद्यमान मतभेद बढ़े और परस्पर घृणा पैदा हो, अतः उन्होंने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन किया है;
    13.   अब, इसलिए आयोग श्री अनुराग ठाकुर द्वारा दिए गए विवादित बयानों की एतद्द्वारा कड़ी निंदा करता है। आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और इस निमित्त सभी अन्य समर्थकारी शक्तियों के अंतर्गत श्री अनुराग ठाकुर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा, 2020 के मौजूदा साधारण निर्वाचन के संबंध में 30 जनवरी, 2020 (गुरुवार) के अप. 5.00 बजे से शुरू होने वाली 72 घंटों की समयावधि के लिए किसी भी प्रकार की जनसभा, सार्वजनिक जुलूस, जन रैली, रोड शो का आयोजन करने और मीडिया (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल मीडिया) में साक्षात्कार, सार्वजनिक बयान देने पर रोक लगाता है।
    14.   यह भी स्पष्ट किया जाता है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के वर्तमान साधारण निर्वाचन के लिए स्टार प्रचारकों की सूची से श्री अनुराग ठाकुर को हटाने के लिए दिनांक 29 जनवरी, 2020 को पारित आदेश लागू रहेगा।
     
    आदेश से,
    ह/-
    (अजय कुमार)
    सचिव
     
     
    सेवा में
          श्री अनुराग ठाकुर,
          भारतीय जनता पार्टी,
          14, जनपथ, नई दिल्ली-110001

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  9. भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक विज्ञापन के मामले में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के संबंध में नोटिस

    सं.437/दिल्‍ली-वि.स./2020/-एनएस-।।
    दिनांक : 29 जनवरी, 2020
     
    सूचना
    यत:,  भारत निर्वाचन आयोग ने, अपने दिनांक 6 जनवरी, 2020 के प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./4/2020 के तहत राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन की घोषणा की है और राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के उपबंध उक्‍त तारीख से तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गए; और  
    2.    यत:, राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के भाग-। के खंड (2) में अन्‍य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान हैं कि:
    ‘‘     …………………… असत्‍यापित आरोपों अथवा तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों के आधार पर अन्‍य दलों और उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से बचना चाहिए।’’; और  
    3.    यत:, आयोग ने 28 जनवरी, 2020 को भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से एक शिकायत प्राप्‍त की है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि ‘‘भारतीय जनता पार्टी" ने "भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस’’ के खिलाफ प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों के माध्‍यम से झूठे, निरर्थक, आधारहीन, बेबुनियाद और प्रमाणहीन आरोप लगाए है; और  
    4.    यत:, पूर्वोक्‍त विज्ञापन में ‘’15 साल कांग्रेस की लूट’’ ‘‘5 साल आपके झूठ (ठगी गयी दिल्‍ली)’’ लिखा है (विज्ञापन की प्रति संलग्‍न है) ; और  
    5.    यत:,  आयोग प्रथम दृष्‍टया यह मानता है कि उक्त विज्ञापन के जरिए, भारतीय जनता पार्टी ने आदर्श आचार संहिता के उक्‍त प्रावधान का उल्‍लंघन किया है; 
    6.    अतः अब, आयोग आपको अवसर देता है कि आप 31 जनवरी (शुक्रवार) दोपहर 12.00 बजे तक अथवा उससे पहले उपरोक्‍त कथन कहने के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर आयोग आपको कोई संदर्भ दिए बिना निर्णय देगा। मामले की गंभीरता को समझते हुए, आयोग एतद्द्वारा यह निदेश देता है कि जब तक निर्णय नहीं ले लिया जाता है, तब तक प्रश्‍नगत विज्ञापन दोहराया नहीं जाए।  
    आदेश से,
    ह./-
    (अजय कुमार)
    सचिव
    (अनुलग्‍नक: यथोपरि)
     सेवा में,
          श्री अरूण सिंह 
         राष्‍ट्रीय महासचिव और प्रभारी (मुख्‍यालय)
         भारतीय जनता पार्टी
         6-ए, पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय मार्ग,
         नई दिल्‍ली-110002

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  10. General election to Legislative Assembly of NCT of Delhi, 2020 -Pre-certification of Political Advertisements in Print Media on the day of poll & one day prior to poll­ regarding.

    General election to Legislative Assembly of NCT of Delhi, 2020 -Pre-certification of Political Advertisements in Print Media on the day of poll & one day prior to poll­ regarding.

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  11. General election to NCT of Delhi, 2020 - General Advisory to Political Parties

    General election to NCT of Delhi, 2020 - General Advisory to Political Parties

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  12. Notice to Sh. Parvesh Sahib Singh, BJP

    General Election to Legislative Assembly of NCT of Delhi, 2020-Notice to Sh. Parvesh Sahib Singh in the matter of violation of provisions of Model Code of Conduct and Representation of the People Act, 1951-regarding 

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  13. श्री अनुराग ठाकुर, भारतीय जनता पार्टी, स्टार कैंपेनर को नोटिस

    सं. 437/दिल्ली-वि.स./2020-एनएस-II                              दिनांकः 28 जनवरी, 2020
     
    नोटिस
            यतः, निर्वाचन आयोग द्वारा अपने प्रेस नोट सं. ईसीआई/पीएन/4/2020, दिनांक 6 जनवरी, 2020 के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली विधान सभा साधारण निर्वाचन आयोजित करने की घोषणा की गई है और राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के लिए उक्त तारीख से आदर्श आचार संहिता के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं; और
    2.     यतः, राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के भाग-। के निम्नलिखित खंडों में, अन्य बातों के साथ-साथ, यह प्रावधान है कि:
      कोई दल या अभ्यर्थी ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जो विभिन्न जातियों और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेद को और अधिक बढ़ाए या जो परस्‍पर नफ़रत या तनाव पैदा करे।   यदि राजनीतिक दलों की आलोचना की जाए, तो वह उनकी नीतियों और कार्यक्रमों, विगत रिकॉर्ड और कार्य तक ही सीमित रखी जाएगी। दलों और अभ्यर्थियों को अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना करने से बचना होगा जिनका सरोकार उनके सार्वजनिक गतिविधियों से नहीं हो। असत्यापित आरोपों या मिथ्या कथन के आधार पर अन्य दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना करने से बचना होगा।   मत हासिल करने के लिए जाति या संप्रदाय की भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। ......................   सभी दल और अभ्यर्थी ऐसी सभी गतिविधियों से ईमानदारी से परहेज करेंगे जो निर्वाचन विधि‍ के अधीन "भ्रष्ट आचरण" एवं अपराध हैं; ………………………………. और  3.     यत:, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 (3क) में निम्न प्रावधान किया गया है:
     "किसी अभ्यर्थी या उसके अभिकर्ता या अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता की सम्मति से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उस अभ्यर्थी  के निर्वाचन की संभाव्यताओं को अग्रसर करने के लिए या किसी अभ्यर्थी के निर्वाचन पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए शत्रुता या घृणा की भावनाएं भारत के नागरिकों के विभिन्न वर्गों के बीच धर्म, मूलवंश, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर संप्रवर्तन या संप्रवर्तन का प्रयत्न करना"; और
     4.     यत: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 125 में प्रावधान है कि जो कोई व्यक्ति निर्वाचन के संबंध में शत्रुता या घृणा की भावनाएं भारत के नागरिकों के विभिन्न वर्गों के बीच धर्म, मूलवंश, जाति, समुदाय या भाषा के आधारों पर संप्रवर्तित करेगा या संप्रवर्तित करने का प्रयत्न करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डनीय है।
    5.     यत: आयोग को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दिनांक 28 जनवरी, 2020 के अपने पत्र के तहत एक रिपोर्ट प्राप्त हुई है कि आपने दिल्ली के 06-रिठाला विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले मदर डेयरी, श्मशान घाट रोड, बुध बिहार, दिल्ली में 27 जनवरी, 2020 को एक जनसभा को संबोधित करते समय अनेक बार ये नारा लगवाया कि 'देश के गद्दारों को' जिसका प्रत्युत्तर भीड़ ने 'गोली मारो सालों को' से दिया। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा यथा प्रदत्त ट्रांसक्रिप्ट की एक प्रति इसके साथ संलग्न है जो स्वत: स्पष्ट है; और
    6.     यत:, आयोग का प्रथम दृष्टया यह मानना है कि उपर्युक्त वक्तव्य देकर, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने और सामाजिक और धार्मिक समुदायों के बीच विद्यमान विभेदों के बढ़ने की संभावना है, आपने आदर्श आचार संहिता और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के उपर्युक्त प्रावधानों का उल्लंघन किया है;
    7.     अतएव, अब आयोग आपको 30 जनवरी, 2020 (वृहस्पतिवार) को दोपहर 12.00 बजे तक या उससे पहले उपर्युक्त वक्तव्य देने के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करने का एक अवसर देता है, ऐसा न करने पर आयोग आपको सूचना दिए बिना निर्णय लेगा।       
    आदेश से,
    ह/-
    (अजय कुमार)
    सचिव
    सेवा में
    श्री अनुराग ठाकुर,
    स्टार प्रचारक, भारतीय जनता पार्टी,
    14, जनपथ, नई दिल्ली

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  14. General Elections to the Legislative Assemblies of NCT of Delhi - EXIT POLL -regarding.

    No. 576/Exit/2020/SDR/Vol-I    
    Dated: 24th January, 2020
    To,
                The Chief Electoral Officer
                NCT of Delhi.
                           
    Subject: General Elections to the Legislative Assemblies of NCT of Delhi -  EXIT POLL -regarding.
     
    Sir,
                I am  directed  to  forward  herewith  the   Commission’s  Notification No. 576/Exit/SDR//2020/Vol-Idated 24thJanuary,2020 with the request that this may be published in an extraordinary issue of the gazette of the State and a copy thereof may be sent to the Commission for  record.
             This may be brought to the notice of all concerned including news bureaus, media houses, radio and television channels etc. and should also be published in prominent local newspapers.
     
    Yours faithfully,
    (Abhishek Tiwari)
                                                                                                                                     Under Secretary
     
     
    *****************************************
    TO BE PUBLISHED IN THE
    OFFICIAL GAZETTE OF
    STATE IMMEDIATELY
                                                              ELECTION COMMISSION OF INDIA
    Nirvachan Sadan, Ashoka Road, New Delhi-110001
     
    No. 576/EXIT/2020/SDR/Vol-I                                                                                                                                                                           Dated:  24th      January, 2020
     
    NOTIFICATION
                           
                Whereas, the schedule for the General Election to the Legislative Assembly of NCT of Delhi was announced by the Commission vide Press Note No. ECI/PN/4/2020,dated 6th January, 2020; and
    2.         And whereas, as per the provisions of  Section 126A of The Representation of the People Act, 1951 (in short R.P. Act, 1951) there shall be restrictions on conduct of any exit poll and publication and dissemination of result of such exit poll during such period, as may be notified by the Election Commission in this regard;
    3.         Now, therefore, in exercise of the powers under sub-Section (1) of Section 126A of the R.P. Act, 1951, the Election Commission, having regard to the provisions of sub-Section (2) of the said Section, hereby notifies the period between 8.00 A.M and 6:30 PM on 8th February, 2020(Saturday),as the period during which conducting any exit poll and publishing or publicizing by means of the print  or electronic media or dissemination in any other manner whatsoever, the result of any exit poll in connection with the above mentioned General Election to the State Legislative Assembly of  NCT of Delhi, shall be prohibited.
    4.         It is further clarified that under Section 126(1)(b) of the R.P. Act, 1951, displaying any election matter including results of any opinion poll or any other poll survey, in any electronic media, would be prohibited during the period of 48 hours ending with the hours fixed for conclusion of poll in the respective polling areas in each phase of the aforesaid General election.
    By order,
    (N.T. BHUTIA)
                    Secretary

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  15. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा का साधारण निर्वाचन, 2020- श्री कपिल मिश्रा को सार्वजनिक भाषण, प्रचार-प्रसार आदि करने पर रोक लगाने के संबंध में आयोग का आदेश-तत्संबंधी।

    सं. 437/दिल्ली-वि.स./2020-एनएस-II                      
    दिनांकः 25 जनवरी, 2020
     
    आदेश 
          यतः, आयोग ने दिनांक 6 जनवरी, 2020 को अपने प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./4/2020 के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन आयोजित करने के लिए अनुसूची की घोषणा कर दी थी और राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के प्रावधान उक्त दिनांक से तत्काल प्रभाव से लागू हो गए; और
    2.    यतः, श्री कपिल मिश्रा, 18-मॉडल टॉउन विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से पूर्वोक्त साधारण निर्वाचन में एक अभ्यर्थी ने, दिनांक 22 एवं 23 जनवरी, 2020 को अपने ट्विटर हैंडल @kapil Mishra_IND पर निम्नलिखित ट्विट पोस्ट किए :
           “दिल्ली में छोटे-छोटे पाकिस्तान बने”, “शाहीन बाग में पाक की एंट्री”, “भारत बनाम पाकिस्तान 8 फरवरी दिल्ली-8 फरवरी को दिल्ली की सड़कों पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान मुकाबला होगा”, “आप और कांग्रेस ने शाहीन बाग़ जैसे मिनी पाकिस्तान खड़े किये हैं जवाब में 8 फरवरी को हिंदुस्तान खड़ा होगा जब जब देशद्रोही भारत में पाकिस्तान खड़ा करेंगे तब तब देशभक्तों का हिंदुस्तान खड़ा होगा”
     3.    यतः, 18-मॉडल टाउन विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी ने श्री कपिल मिश्रा को दिनांक 23 जनवरी, 2020 को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए यह स्पष्ट करने को कहा कि क्यों न उनपर कानून एवं आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाए; और
     4.    यतः, श्री कपिल मिश्रा ने दिनांक 24 जनवरी, 2020 को रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष कारण बताओ नोटिस का उत्तर प्रस्तुत किया; और
    5.    यतः, श्री कपिल मिश्रा द्वारा दिए गए उत्तर में प्रस्तुतियों पर विचार करने और उत्तर असंतोषजनक पाए जाने पर, रिटर्निंग अधिकारी ने दिनांक 24 जनवरी को पुलिस प्राधिकारियों के समक्ष एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें श्री कपिल मिश्रा के खिलाफ कानून एवं आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की माँग की गई; और
    6.    यतः, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, ने मामले को आगे के निदेशों के लिए निर्वाचन आयोग को भेज दिया; और
    7.    यतः, आयोग ने ध्यानपूर्वक सभी दस्तावेजों और मामले के सभी प्रासंगिक तथ्यों पर विचार किया है; और
     8.    यतः, आयोग का विचार है कि सवालों में ट्विट आदर्श आचार संहिता के भाग-I के निम्नलिखित प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं :
    (1)   किसी दल या अभ्यर्थी को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जो विभिन्न जातियों और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को बढ़ाये या घृणा की भावना उत्पन्न करे या तनाव पैदा करे।
    (2)   मत प्राप्त करने के लिए जातीय या साम्प्रदायिक भावनाओं की कोई अपील नहीं की जानी चाहिए।
    (3)   सभी दलों और अभ्यर्थियों को ऐसे सभी कार्यों से ईमानदारीपूर्वक बचना चाहिए, जो निर्वाचन विधि के अधीन “भ्रष्ट आचरण” और अपराध हैं।
    9.    अब, इसलिए आयोग ने श्री कपिल मिश्रा द्वारा दिनांक 22 और 23 जनवरी, 2020 को पूर्वोक्त ट्विटों के माध्यम से दिए गए बयानों की निंदा की। आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत और इस ओर सभी शक्तियों द्वारा सक्षम होने पर श्री कपिल मिश्रा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभी के चल रहे साधारण निर्वाचन, 2020 के संबंध में दिनांक 25 जनवरी, 2020 (शनिवार) को शाम 5:00 बजे से शुरू हो रहे 48 घंटों की समयावधि के लिए किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभाओं, सार्वजनिक जुलूसों, सार्वजनिक रैलियों, रोड शोज़ और साक्षात्कारों, मीडिया (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल मीडिया) में सार्वजनिक भाषणों के आयोजन पर रोक लगा दी है।
     
    आदेश से,
    ह/-
    (अजय कुमार)
    सचिव
    श्री कपिल मिश्रा,
    18-मॉडल टाउन विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र,
    बी3/61, बी3-ब्लॉक, यमुना विहार,
    दिल्ली से निर्वाचनरत अभ्यर्थी
    (सीईओ, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के कार्यालय द्वारा भेजा जाए)

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  16. Transcript of First Sukumar Sen Memorial Lecture by Sh. Pranab Mukherjee Hon’ble former President of India

    Transcript of First Sukumar Sen Memorial Lecture by Sh. Pranab Mukherjee Hon’ble former President of India

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  17. General Election to the State Legislative Assemblyof NCT of Delhi, 2020- Commission’s order regarding identification of electors.

    No. 3/4/ID/2020/SDR/VOL.I
    Dated: 16th   January, 2020
    To,
    The Chief Electoral Officer
    NCT of Delhi
     Subject: General Election to the State Legislative Assemblyof NCT of Delhi, 2020- Commission’s order regarding identification of electors.
    Sir,
               I am directed to enclose herewith Commission's Order dated 16thJanuary, 2020 regarding identification of electors at the General Election to the State Legislative Assembly of NCT of Delhi.
    2.         The Commission has directed that all electors in all constituencies who have been issued EPIC have to produce the Electors Photo Identity Card (EPIC) for their identification at the polling station before casting their votes. Those electors who are not able to produce the EPIC shall produce one of the alternative photo identity documents mentioned in paragraph 7 of the Order for establishing their identity. The list of documents is reproduced below for clarity:
    (i) Passport,
    (ii) Driving License,
    (iii)Service Identity Cards with photograph issued to employees by Central/State Govt./PSUs/Public Limited Companies,
    (iv) Passbooks with photograph issued by Bank/Post Office,
    (v) PAN Card,
    (vi) Smart Card issued by RGI under NPR,
    (vii) MNREGA Job Card,
    (viii) Health Insurance Smart Card issued under the scheme of Ministry of Labour,
    (ix) Pension document with photograph,
    (x) Official identity cards issued to MPs/MLAs/MLCs, and
    (xi) Aadhaar Card.
    3.         In the case of EPIC, minor discrepancies in the entries therein should be ignored provided the identity of the elector can be established by the EPIC. If an elector produces an EPIC which has been issued by the Electoral Registration Officer of another Assembly Constituency, such card shall also be accepted for identification provided the name of that elector finds place in the electoral roll pertaining to the polling station where the elector has turned up for voting. If it is
    not possible to establish the identity of the elector on account of mismatch of photograph, etc. the elector shall have to produce one of the alternative photo documents mentioned in Para 7 of the Order.
    4.         On earlier occasions, the Commission had allowed Photo Voter Slip as a document for identification. However, there have been representations against its use as a stand-alone identification document on the grounds of misuse as these are printed after the finalization of the roll and distributed just close to the poll through Booth Level Officers. The design of Photo Voter Slip does not incorporate any security feature. In fact, Photo Voter Slip was started as an alternative document as the coverage of EPIC was not complete. As per available information, at present, 100 per cent electors possess EPIC, and more than 99 per cent adults have been issued Aadhaar Cards. Taking all these facts in view, Commission has now decided that Photo Voter Slip shall henceforth not be accepted as a stand-alone identification document for voting. However, Photo Voter Slip will continue to be prepared and issued to electors as part of the awareness building exercise. In order to make it clear to the electors that Photo Voter Slips shall not be accepted as a stand-alone identification document for voting, the words 'THIS SLIP WILL NOT BE ACCEPTED FOR THE PURPOSE OF IDENTIFICATION IN POLLING STATION. YOU ARE REQUIRED TO CARRY EPIC OR ONE OF THE 11 ALTERNATIVE DOCUMENTS SPECIFIED BY THE COMMISSION FOR VOTING" shall be printed on the Photo Voter Slip in bold letters. Photo Voter Slips shall continue to be printed.
    5.         Overseas electors shall have to produce their original passport only for identification.
    6.         The Order may be brought to the notice of the Returning Officers and all Presiding Officers. A copy of the Order translated in the vernacular language should be supplied to each of the Presiding Officers. The Order shall be got published in the StateGazette, immediately. This Order shall also be given wide publicity through print/electronic media for information of the general public and electors immediately and subsequently at regular intervals till the date of polling. This should include paid Advertisements in the newspapers. All political parties in your State/UT and contesting candidates may also be informed, in writing, regarding these directions.
    7.         The Returning Officers shall explain the implications of this Order and explain the contents thereof to all Presiding Officers through special briefings. They should also ensure that a copy of this letter is available with the Presiding Officers at all polling stations /booths in the constituency.
    8.         Kindly acknowledge receipt and confirm action taken.

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  18. General Election to the Legislative Assembly of NCT of Delhi- Use of Electronic Voting Machines and VVPAT.

    No. 576/3/EVM/2020/SDR-Vol.I
    Dated: 14th  January,2020
    To,
    The Chief Electoral Officer
    NCT of Delhi
     Subject: -General Election to the Legislative Assembly of NCT of Delhi- Use of Electronic Voting Machines and VVPAT.
     Sir,
    I am directed to enclose herewith the Commission’s Direction dated  14thJanuary, 2020, regarding use of Electronic Voting Machines and VVPAT at the current General Election to the Legislative Assembly of NCT of Delhi. The Direction may be published in the Official Gazette of NCT of Delhi immediately.
    2.         I am further directed to invite your attention to the Rules 49A, 49B, 49P and 49T(2) of the Conduct of Elections Rules, 1961, relating to the designs of voting machines, form and language(s) of the ballot paper on the balloting unit, design and language of tendered ballot paper and the manner of sealing of voting machines after the poll. The related instruction in this regard contained in the Chapter on‘Postal Ballot Papers and Ballot Papers for Voting Machines’, in Returning Officers’ Handbook, 2019edition may kindly be followed. Attention is also invited to the instructions regarding use of VVPAT system and sealing of the paper slip after counting is completed.
    3         The above mentioned instructions may be brought to the notice of the Returning Officers of the Constituencies concerned for their information and compliance.
    4.         The aforesaid decision of the Commission may also be given wide publicity.
    5.         As regards counting of votes, your attention is invited to the provisions of Rules 50 to 54A, 60 to 66A and 55C to 57C of the Conduct of Elections Rules, 1961, and also the Commission’s detailed directions and instructions relating to counting of votes as contained in the Returning Officers’ Handbook, 2019 and the other supplementary instructions issued on the subject, from time to time.  The Returning Officers should be instructed to follow the said directions and instructions scrupulously.
    6.      Kindly acknowledge receipt and confirm action taken.
     
    Yours faithfully,
                (Abhishek Tiwari)
     Under Secretary
               
    ---------------------------
    To be published in the Official Gazette of State Government of NCT of Delhi
    ELECTION COMMISSION OF INDIA
    Nirvachan Sadan, Ashoka Road, New Delhi – 110001
     
    Dated: 14thJanuary, 2020
    DIRECTION
                No.576/3/EVM/2020/SDR-Vol.I:- Whereas, Section 61A of the Representation of the People Act, 1951, provides that the giving and recording of votes by Voting Machines in such manner as may be prescribed, may be adopted in such constituency or constituencies as the Election Commission of India may, having regard to the circumstances of each case, specify; and
    2.         Whereas, as per the proviso to Rule 49A of the Conduct of Elections Rules, 1961, a Printer with a drop box of such design, as may be approved by the Election Commission of India, may also be attached to voting machine for printing a paper trail of the vote, in such constituency or constituencies or parts thereof as the Election Commission of India may direct; and
    3.         Whereas, the Commission has considered the circumstances in all the Constituencies for theGeneral Election to the Legislative Assembly of NCT of Delhi announced by the Commission’s Press Note No. ECI/PN/4/2020 dated 6th January, 2020 ,and is satisfied that sufficient number of Electronic Voting Machines and Printers for printing Paper Trail [Voter Verifiable Paper Audit Trail(VVPAT)] are available for taking the poll in all the Assembly Constituencies of NCT of Delhi, the polling personnel are well trained in efficient handling of the Electronic Voting Machines and Printers for Paper Trail (hereafter referred to as ‘VVPAT Printers’) and the electors are also fully conversant with the operation of the Electronic Voting Machines and the VVPAT  Printers;
     4.         Now, therefore, the Election Commission of India, in exercise of its powers under the said Section 61A of the Representation of the People Act, 1951, and Rule 49A of the Conduct of Elections Rules, 1961, hereby specifies all the Assembly Constituencies of NCT of Delhi for the general election to the Legislative Assembly notified on 14-01-2020as theconstituencies in which the votes,shall be given and recorded by means of Electronic Voting Machines and  VVPAT printers in the manner prescribed, under the Conduct of Elections Rules, 1961, and the supplementary instructions issued by the Commission from time to time on the subject.
      5.         The Commission also hereby approves the design of the Electronic Voting Machine and the Printer with the drop box (the VVPAT Printers) as developed by the Bharat Electronics Ltd., Bangalore and Electronics Corporation of India Ltd., Hyderabad, which shall be attached to the said machines, to be used for the giving and recording of votes in all the Constituencies.
    By Order,
     (N.T.BHUTIA)
     Secretary

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  19. General Election to the Legislative Assembly of NCT of Delhi- Commission's Direction regarding transmission of postal ballot papers for service voters- electronically- regarding.

    No. 52/2020/SDR-Vol.I                                                        
    Dated: 13th  January,2020
     
    To,
    The Chief Electoral Officer
    NCT of Delhi
    Sub: -    General Election to the Legislative Assembly of NCT of Delhi- Commission's Direction regarding transmission of postal ballot papers for service voters- electronically- regarding.
    Sir,
    I am directed to forward herewith a copy of the Direction dated 13thJanuary, 2020 issued by the Commission in terms of second proviso to sub-rule (1) of Rule 23 of the Conduct of Elections Rules, 1961, laying down the manner of transmitting postal ballot papers electronically for transmission of postal ballots for service voters at the current General Election to the State Legislative Assembly of  NCT of Delhi.
    You are requested to forward copy of the Direction to the Returning Officers for electronic transmission of postal ballot papers to the service voters. This may also be communicated to District Election Officers and the other election authorities. The contesting candidates should also be briefed by Returning Officers /District Election Officers in this regard.
     
    Kindly acknowledge receipt.
     Yours faithfully, 
    (Abhishek Tiwari)
    Under Secretary
     
    --------------------------------
    ELECTION COMMISSION OF INDIA
    Nirvachan Sadan, Ashoka Road, New Delhi-110001
     
    No. 52/2020/SDR/Vol.I
    Dated:  13th January, 2020
     
    DIRECTION
     
    In terms of the provisions of the Second Proviso to sub-rule(l) of Rule 23 of the Conduct of Elections Rules, 1961, the Commission hereby lays down the following manner for transmission of postal ballot papers by electronic means to the service voters and counting of the postal ballots received back from service voters: -
    1. Documents to be transmitted -
     The Returning Officer shall transmit the following documents electronically:
    (a) Postal Ballot Paper,
    (b) Form 13-A-Declaration by Elector,
    (c) Label for Form 13-B- Cover A (Inner Envelope),
    (d) Label for Form l3-C-Cover B (Outer Envelope),
    (e) Form l3-D- Instructions for the Guidance of Elector.
    2. Mode of transmission-
    After the Central Administration Officer (C- Admin) activates the RO operations regarding release of postal ballot paper electronically, the Returning Officer shall be able to log into the system and perform the following activities.
    a. Enter/view the data for the election of his constituency as per the election schedule (i.e. description of the election, state code of constituency, type of constituency (AC or PC), number of constituency, name of constituency, date of the election and RO address for mailing/dispatching back the marked Postal          
    b. Enter/view the download window (i.e. start date and time and end date and time) for Postal Ballot
    c. Load template of the Postal Ballot Paper specific to his constituency
    d. View and approve the sample Postal Ballot generated by the system

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  20. Commission's Notification under Section 60(c) of the RP Act, 1951 for the purpose of voting through postal ballot -regarding.

    No. 52/2020/ VOL.I 
    Dated:  10th January, 2020
    To,
                The Chief Electoral Officer
                NCT of Delhi
                Delhi.                     
    Subject:  Commission’s Notification under Section 60(c) of the RP Act, 1951 for the purpose of voting through postal ballot – regarding.
    Sir,
                In continuation of the Commission's letter No. 52/2019/SDR/ETPBS-Vol.II dated 8th January, 2020, I am directed to forward herewith the Commission's Notification No. 52/2020/SDR dated 10th January, 2020 notifying the categories of electors mentioned therein for the purposes of facility of voting through postal ballot as absentee voters on essential service. This may be published in the State Gazette immediately and a copy of the same may also be forwarded to the Commission.   

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  21. Procedure to be adopted for voting through postal ballot by Absentee voters on Essential Service (AVES) -reg.

    Voting through  postal ballot by Absentee Voters on Essential Service (AVES)
     
    By the Conduct of Elections (Amendment) Rules, 2019, ‘Absentee Voters’ have been given the facility of voting through postal ballot paper.
    Provisions made by the amendments
    (1)   `Absentee Voter’ has been defined in clause (a) of Rule-27A of CE Rules, 1961 as a person belonging to the class of persons notified by the Commission in terms of clause (c) of Section-60 of RP Act, 51 comprising persons employed in essential services who, on account of the compulsion of their duties, are not able to be present in their polling station on the day of poll.  This category would also include senior citizens of 80 plus age and those belonging to the category of physically disabled (PWD). 
    (2)   The Commission has notified the officials of (i) Delhi Metro Rail Corporation, (ii) Northern Railway (Passenger and Freight) Services and (iii) Media persons to whom authority letters have been issued with the approval of the Commission as absentee voters on the category of essential service for the purpose of the facility of postal ballot voting.  Accordingly, the officials of these categories who are enrolled in the electoral roll in Delhi and who would be certified to be on duty on the day of poll (08-2-2020), and on account of theirsuch official duties,will not be able to be present in the polling station for voting on that day, will be eligible for voting through postal ballot as absentee voters in the essential service category. 
    (3)   Absentee Voter wishing to vote by  postal ballot has to make application to the Returning Officer in Form-12D giving all requisite particulars.  In the case of those Absentee Voters belonging to  the category of essential services, their application is required to be verified by the Nodal officer appointed by the organisation concerned.  Such application seeking postal ballot facility should reach the RO within five days following the date of notification of the election concerned.

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  22. Postal Ballot facility for Senior Citizen (80+) and Person with Disability voters - regarding.

    No. 52/2019/SDR/ETPBS-VOL.II
    Dated:  8th January, 2020
    To,
                The Chief Electoral Officer
                NCT of Delhi
                Delhi.
    Subject:  Commission’s Notification under Section 60(c) of the RP Act, 1951- issue of postal ballot electors above the age of 80 years and electors with Physical disability -regarding.
    Sir,
                I am directed to forward herewith the Commission’s Notification No. 52/2020/SDR dated 8th January, 2020 on the subject cited. This may be published in the State Gazette immediately and a copy of the same may also be forwarded to the Commission.
                A copy of the procedure to be adopted for voting through postal ballot by Absentee voters in the category of senior citizens (AVSC) and PwDs (AVPD) is also enclosed herewith.
                    Kindly acknowledge.
    Yours faithfully,
    (N.T.Bhutia)
    Secretary

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  23. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा का साधारण निर्वाचन-मतगणना, सवेतन अवकाश, शराब की बिक्री और मतगणना हॉल के अंदर मोबाइल फोन ले जाने के संबंध में अनुदेश

    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020: -
    1.   राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020– मतगणना – तत्‍संबंधी। 
    2.   मतदान वाले दिन कर्मचारियों को सवेतन अवकाश दिया जाना-तत्‍संबंधी।  
    3.   राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली की विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 - मदिरा इत्‍यादि की बिक्री पर प्रतिबंध-तत्‍संबंधी।  
    4.    रिटर्निंग अधिकारियों/सहायक रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा मतगणना हॉल के अन्‍दर मोबाइल फोन ले जाना

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  24. दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 की घोषणा के पश्चात आदर्श आचार संहिता लागू करने के लिए की जाने वाली तत्काल कार्रवाई-तत्संबंधी। 

    ­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­सं. 437/6/1/ईसीआई/अनु/प्रकार्या./एमसीसी/2020                         दिनांक : 6 जनवरी, 2020
     
    सेवा में,
           1. मंत्रिमंडल सचिव,  
               भारत सरकार,  
               राष्ट्रपति भवन,         
               नई दिल्ली।
    2. मुख्‍य सचिव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार, दिल्ली, और   
    3. मुख्य निर्वाचन अधिकारी,    दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र    दिल्ली।
          
    विषय : दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 की घोषणा के पश्चात आदर्श आचार संहिता लागू करने के लिए की जाने वाली तत्काल कार्रवाई-तत्संबंधी। 
    महोदय,
           मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग ने विधान सभा के साधारण निर्वाचन आयोजित कराने के लिए अनुसूची की घोषणा की है, अतः आयोग द्वारा निर्वाचनों की घोषणा के साथ ही ‘आदर्श आचार संहिता’ तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा के साधारण निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने आदर्श आचार संहिता के उपबंधों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए निम्नलिखित निदेश दिए हैं:-
    1.        सम्पत्ति का विरूपण- पत्र सं. 437/6/अनुदेश/2015-सीसीएस, दिनांक 29 दिसम्बर, 2015; सं. 437/6/अनुदेश/2012-सीसीएण्डबीई दिनांक 18 जनवरी, 2012 तथा सं. 3/7/2008/जेएस-II दिनांक 7 अक्तूबर, 2008 में निहित ईसीआई अनुदेशों में सम्पत्ति के विरूपण के रोकथाम का प्रावधान है। आयोग ने अपने अनुदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा समयबद्ध रूप से कार्रवाई करने के लिए निम्नलिखित यथानिर्धारित निदेश दिए हैं-
    (क) सरकारी सम्पत्ति का विरूपण- इस प्रयोजन के लिए सरकारी परिसर में ऐसा कोई भी सरकारी कार्यालय तथा कैम्पस शामिल होगा, जिसमें कार्यालय भवन स्थित है। सरकारी सम्पत्ति पर मौजूद सभी प्रकार के भित्ति लेखन (वॉल राइटिंग), पोस्टर्स/पेपर्स या किसी अन्य रूप में विरूपण, कटआउट/होर्डिंग, बैनर, फ्लैग आदि निर्वाचनों की घोषणा से 24 घंटे के भीतर हटा दिए जाएंगे।
    (ख) सार्वजनिक सम्पत्ति का विरूपण तथा सार्वजनिक स्थान का दुरूपयोग- सार्वजनिक सम्पत्ति में तथा सार्वजनिक स्थान जैसे रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों, रेलवे पुलों, रोडवेजों, सरकारी बसों, बिजली/टेलीफोन खंभों, नगर निगम/ नगर पालिका/स्थानीय निकाय के भवनों आदि में भित्ति लेखन/पोस्टरों/ किसी अन्य रूप में विरूपण के पर्चे के रूप में सभी अप्राधिकृत राजनीतिक विज्ञापन या, कट आउट/ होर्डिंग, बैनर, फ्लैग इत्यादि को आयोग द्वारा निर्वाचनों की घोषणा से 48 घंटों के भीतर हटा दिया जाएगा।
    (ग) सम्पत्ति का विरूपण- निजी सम्पत्ति पर प्रदर्शित तथा स्थानीय विधि एवं न्यायालय के निदेशों, यदि कोई हो, के अध्यधीन सभी अप्राधिकृत राजनीतिक विज्ञापनों को आयोग द्वारा निर्वाचनों की घोषणा से 72 घंटो के भीतर हटा दिया जाएगा।
    2.        सरकारी वाहनों का दुरूपयोग- आयोग के दिनांक 10 अप्रैल, 2014 के पत्र सं. 464/अनुदेश/2014/ईपीएस में निहित समेकित अनुदेशों में अन्य बातों के साथ-साथ यह उपबंधित है कि किसी राजनीतिक दल, अभ्यर्थी या निर्वाचन से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति द्वारा (निर्वाचन से संबंधित किसी सरकारी ड्यूटी का निष्‍पादन करने वाले पदाधिकारियों को छोड़कर) निर्वाचन के दौरान प्रचार करने, निर्वाचन प्रचार संबंधी कार्य या निर्वाचन से संबंधित यात्रा करने के लिए सरकारी वाहन के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध होगा (उसमें उल्लिखित कुछ अपवादों के अध्‍यधीन)। पद, ‘सरकारी वाहन’ का अर्थ ऐसे वाहनों से है और इसमें ऐसे वाहन शामिल होंगे जो परिवहन के प्रयोजनार्थ प्रयुक्त हों या प्रयुक्त किए जाने योग्य हों, चाहे वे यांत्रिक शक्ति या अन्यथा द्वारा चालित हों, और इनमें केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन, केन्द्र/राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम, केन्द्र/राज्य सरकार के संयुक्त क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय, नगर निगम, विपणन बोर्ड, सहकारी समितिय या ऐसे कोई अन्य निकाय शामिल होंगे जिसमें सार्वजनिक निधियां निवेशित की गई हों, भले ही कुल निधियों में से एक छोटा सा हिस्सा ही हों, । मुख्य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ईसीआई के अनुदेशों के अनुपालन के लिए निर्वाचनों की घोषणा के 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
    3.        सार्वजनिक-राजकोष की लागत पर विज्ञापन- दिनांक 5 मार्च, 2014 के पत्र सं. 437/6/1/2014-सीसी एंड बीई में ईसीआई अनुदेशों में यह प्रावधान है कि निर्वाचन अवधि के दौरान सत्तारूढ़ दल की संभावनाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से उपलब्धियों के बारे में सार्वजनिक राजकोष की लागत पर समाचार पत्रों एवं अन्य संचार माध्यमों में विज्ञापन दिए जाने और राजनीतिक समाचार एवं प्रचार-प्रसार के पक्षपातपूर्ण कवरेज के लिए आधिकारिक जनसंचार के दुरूपयोग से निरपवाद रूप से बचा जाना चाहिए। सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालने के लिए सार्वजनिक राजकोष की लागत पर इलेक्ट्रॉनिक तथा प्रिन्ट मीडिया में कोई भी विज्ञापन जारी नहीं किया जाएगा। यदि किसी विज्ञापन को दूरदर्शन प्रसारण या प्रिन्ट मीडिया में प्रकाशन के लिए पहले ही जारी किया जा चुका है, तो यह अवश्य सुनिश्चित किया जाए कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर ऐसे विज्ञापनों का दूरदर्शन प्रसारण/प्रकाशन तत्काल रोक दिया जाए तथा घोषणा की तारीख से किन्हीं भी समाचार पत्रों, पत्रिकाओं आदि अर्थात् प्रिन्ट मीडिया में ऐसा कोई भी विज्ञापन प्रकाशित न हो, तथा इसे तत्काल वापिस ले लिया जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी निर्वाचनों की घोषणा के तुरन्त पश्चात् सरकार की उपलब्धियों को दर्शाते हुए प्रिन्ट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी विज्ञापन को हटाने/रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करेंगे।
     4.        आधिकारिक वेबसाइट पर राजनीतिक पदाधिकारी का फोटो- दिनांक 20 मार्च, 2014 के पत्र सं. 437/6/अनुदेश/2014- सीसी एंड बीई में निहित ईसीआई अनुदेश में यह प्रावधान है कि केन्द्र/राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध मंत्रियों, राजनीतिज्ञों या राजनीतिक दलों के सभी संदर्भों को हटा दिया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज्यीय विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से किसी भी राजनीतिक पदाधिकारी के फोटो को हटाने/छिपाने के लिए तत्काल कार्रवाई करेंगे।
    5.        विकास/निर्माण संबंधी कार्यकलाप-मुख्य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी निर्वाचनों की घोषणा के 72 घंटे के भीतर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर किसी शिकायत को विधिमान्य बनाने की स्थिति में संदर्भ हेतु कार्य की निम्नलिखित सूची प्राप्त करेंगेः
                  i.     कार्य की सूची जिसे स्थल पर पहले ही आरंभ किया जा चुका है।
                 ii.      नए कार्य की सूची जिसे स्थल पर आरंभ नहीं किया गया है।
    6.        व्यय अनुवीक्षण तथा आदर्श आचार संहिता के प्रवर्तन के लिए कार्यकलाप-घोषणा के बाद उड़न दस्ता, एफ एस टी, वीडियो टीम, शराब/नकदी/विनिषिद्ध औषधियों के लिए गहन जांच,ड्रग/स्वापक के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग के उड़न दस्तों को तत्काल सक्रिय किया जाना चाहिए।
    7.        शिकायत निगरानी प्रणाली- निर्वाचन कराए जाने वाले राज्य में वेबसाइट तथा कॉल सेन्टर पर आधारित एक शिकायत निवारण प्रणाली होगी। कॉल सेन्टर का टोल फ्री नंबर 1950 है। टोल फ्री कॉल सेन्टर नंबर पर कॉल करके या वेबसाइट पर शिकायतें दर्ज करके की जा सकती है। शिकायतकर्ताओं को एसएमएस द्वारा या कॉल सेन्टर द्वारा भी की गई कार्रवाई की सूचना दी जाएगी। शिकायतकर्ता अपनी शिकायतों पर की गई कार्रवाई के विवरण भी देख सकते हैं। यह प्रणाली घोषणा के 24 घंटे के भीतर क्रियाशील होनी चाहिए। सभी शिकायतों को यथासमय एवं उचित रूप से निपटाया जाना चाहिए। जिला स्तर पर 24x7 नियंत्रण कक्ष को अवश्य सक्रिय किया जाए तथा विशेष रूप से पर्याप्त कार्मिक शक्ति तैनात की जाए एवं अन्य लाजिस्टिक्स सुनिश्चित किया जाए, नियंत्रण कक्ष में चौबीस घंटे लोगों की तैनाती की जाए तथा किसी टाल-मटोल या शंका से बचने के लिए उनका ड्यूटी रोस्टर अवश्य बनाया जाए।
    8.        आईटी एप्लीकेशन आधिकारिक  वेबसाइट तथा सोशल मीडिया सहित सभी आई टी एप्लीकेशन -घोषणा किए जाने के साथ ही चालू हो जाएंगी।
    9.        मतदाताओं तथा राजनीतिक दलों की जागरूकता के लिए सूचना का प्रचार-प्रसार करना- निर्वाचन संबंधी प्रमुख गतिविधि का प्रचार मुख्य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी/रिटर्निंग अधिकारी के माध्यम से किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए, सभी आवश्यक सूचना का प्रचार-प्रसार रेडियो, टेलीविजन, सिनेमा के माध्यम से किया जाएगा। सरकारी चैनल में मतदाता शिक्षा सामग्री प्रदर्शित की जाएगी।
    10.      शैक्षणिक संस्थान तथा सिविल सोसाइटी से सक्रिय सहयोग- आम जनता तथा अन्य हितधारकों में निर्वाचन संबंधी सूचना का व्यापक प्रचार करने के लिए शैक्षणिक  संस्थानों तथा सिविल सोसाइटी से सहयोग लिया जा सकता है।
    11.      मीडिया सेन्टर- मीडिया के माध्यम से ईवीएम/वीवीपीएटी के प्रयोग सहित निर्वाचन प्रणाली के बारे में मतदाताओं, राजनीतिक दलों तथा अन्य स्टेकहोल्डरों के मध्य जागरूकता फैलाने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।
    12.      एमसीएमसी/डीईएमसी- दिनांक 24 मार्च, 2014 के पत्र सं. 491/एमसीएमसी/2014/संचार में निहित ईसीआई अनुदेश में यह प्रावधान है कि सभी पंजीकृत राजनीतिक दल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर जारी किए जाने वाले उनके प्रस्तावित राजनीतिक विज्ञापनों के पूर्व प्रमाणन के लिए जिला तथा राज्य स्तर, जैसी भी स्थिति हो, पर मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति (एमसीएमसी) से सम्पर्क करेंगे। आयोग ने उपर्युक्त पत्र में निहित अपने अनुदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निदेश दिए हैं।
    13.      नियंत्रण कक्ष- जिला स्तर पर 24x7 नियंत्रण कक्ष तत्काल अवश्य चालू किया जाए तथा जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा पर्याप्त कार्मिक शक्ति की तैनाती तथा अन्य लाजिस्टिक्स सुनिश्चित किया जाए। सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान ईसीआई सचिवालय में शिकायत निवारण केन्द्र सहित एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा।

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  25. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन 2020- सांसद/विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन निधियों को जारी करना।

    सं. 437/6/1/ईसीआई/अनुदेश/प्रकार्या./एमसीसी/2020                                            दिनांक: 6 जनवरी, 2020
    सेवा में
     मत्रिमंडल सचिव, 
    भारत सरकार, राष्‍ट्रपति भवन, 
    नई दिल्‍ली।  सचिव,
    भारत सरकार, कार्यक्रम कार्यान्‍वयन विभाग, 
    सरदार पटेल भवन, नई दिल्‍ली।   मुख्‍य सचिव, 
    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार दिल्ली।  मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, 
    दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली।  
    विषय: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन 2020- सांसद/विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन निधियों को जारी करना।
    महोदय,
           मुझे, निर्वाचन आयोग के प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रेस नोट/04/2020 दिनांक 6 जनवरी, 2020 (प्रेस नोट ईसीआई की वेबसाइट – www.eci.gov.in पर उपलब्‍ध है) का संदर्भ लेने का निदेश हुआ है जिसके अनुसार आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन की घोषणा के परिणामस्‍वरूप राजनैतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के प्रवर्तन की घोषणा की है।
    2. आयोग ने अनुदेश दिया है कि सांसद स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजनाओं के अंतर्गत निधियों को अवमुक्‍त करना निम्‍नलिखित निर्बंधनों के अधीन होगा:-
    क) देश के ऐसे किसी भी भाग में, जहां निर्वाचन प्रक्रियाधीन है, सांसद (राज्‍य सभा सदस्‍य सहित) स्‍थानीय क्षेत्र विकास निधि के अधीन कोई भी नई निधियां जारी नहीं की जाएगी। इसी प्रकार, निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने तक विधान सभा सदस्‍य/विधान परिषद सदस्‍य स्‍थानीय क्षेत्र विकास निधि के अधीन, यदि कोई ऐसी योजना प्रचालन में है, नई निधियां जारी नहीं की जाएंगी।
    ख) ऐसे कार्य के संदर्भ में कोई कार्य शुरू नहीं किया जाएगा जिसमें इस पत्र के जारी होने से पहले कार्य आदेश तो जारी कर दिए गए है परन्‍तु फील्‍ड में वास्‍तव में काम शुरू नही हुआ है। ये कार्य निर्वाचन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही शुरू किए जा सकते हैं। हालांकि, यदि कोई कार्य वास्‍तव में शुरू हो चुका है तो उसे जारी रखा जा सकता है।
    ग) पूरे हो गए कार्य(र्यों) के लिए भुगतानों को जारी करने पर कोई रोक नहीं होगी बशर्ते संबंधित अधिकारी पूर्ण रूप से संतुष्‍ट हों।
    घ) जहां योजनाएं अनुमोदित कर दी गई है तथा निधियां उपलब्‍ध करा या जारी कर दी गई हैं और सामग्रियों का प्रापण कर लिया गया है एवं कार्यस्‍थल पर पहुच गई हैं ऐसी योजनाएं कार्यक्रम के अनुसार कार्यान्वित की जा सकती हैं।  

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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