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  1. Presence of Observer during randomization of polling personnel, sealing of strong room, scrutiny of Form-17A and during counting.

    Presence of Observer during randomization of polling personnel, sealing of strong room, scrutiny of Form-17A and during counting.
     

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  2. श्री योगी आदित्यनाथ को आयोग का नोटिस

    सं.437/डीएल-एलए/11/2020/-एनएस-II                      
    दिनांकः 6 फरवरी, 2020
     
    सूचना
         यतः,  भारत निर्वाचन आयोग ने, दिनांक 6 जनवरी, 2020 के अपने प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./4/2020 के तहत राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन की घोषणा की है और राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के लिए आदर्श आचार संहिता के उपबंध उक्‍त तारीख से तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गए; और  
    2.    यत:, राजनीतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के भाग-। के खंड (2) में यह प्रावधान है कि:  
     "अन्य दलों की आलोचना करते समय यह आलोचना उनकी नीतियों और कार्यक्रम, पिछले रिकार्ड और कार्य तक ही सीमित होनी चाहिए। दलों और अभ्यर्थियों को अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के बारे में ऐसे किसी भी पहलू की आलोचना नहीं करनी चाहिए जिनका उनके सार्वजनिक कार्यकलापों से सरोकार न हो। असत्‍यापित आरोपों अथवा तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों के आधार पर अन्‍य दलों और उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से बचना चाहिए।"; और 
    3.    यतः, आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से उनके, दिनांक 4.2.2020 के पत्र के तहत एक रिपोर्ट प्राप्त की है जिसके साथ आपके द्वारा 1 फरवरी 2020 को करावल नगर, दिल्ली में दिए गए भाषण की ट्रांसक्रिप्ट अग्रेषित की गई है।
          सीडी में आपके द्वारा दिए गए भाषण की ट्रांसक्रिप्ट नीचे दी गई हैः
    "आज आतंकवादिओं को बिरयानी नहीं खिलाई जा रही है, ये बिरयानी खिलाने का शौक या तो कश्मीर के अंदर काँग्रेस को था या फिर बिरयानी खिलाने का शौक शाहीन बाग जैसे घटनाओं में केजरीवाल को है, भारतीय जनता पार्टी को नहीं है। लेकिन केजरीवाल के समर्थन में पाकिस्तान का मंत्री अपील करता है, आपने देखा होगा कल पाकिस्तान का एक मंत्री केजरीवाल के समर्थन में अपील कर रहा है यानी उसे दिल्ली के जनता पर विश्वास नहीं अपने पाकिस्तान के आकाओं से कह कर के पाकिस्तान में इमरान खान के मंत्री से कह करके अपने पक्ष में बयान दिलवाये जा रहे हैं। भाइयों बहनों इन चेहरों को थोड़ा पहचान लीजिये बहुत ठीक से पहचान लीजिये"; और    
    4.    यतः, आयोग का प्रथम दृष्टया यह मत है कि उपर्युक्त बयानों के द्वारा आपने आदर्श आचार संहिता के उपर्युक्त प्रावधानों का उल्लंघन किया है;
    5.    अतएव, अब आयोग आपको अवसर देता है कि आप 7 फरवरी, 2020 (शुक्रवार) को अप. 05.00 बजे तक या उससे पहले उपर्युक्त बयान देने के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर आयोग आपको संदर्भ दिए बिना निर्णय देगा।
     
    आदेश से,
    ह/-
    (अजय कुमार)
    सचिव
     
    सेवा में
          श्री योगी आदित्यनाथ,
          उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री।

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  3. Reply to Representations filed by Sh. K.C.Palanisamy in respect of AIADMK, a recognized party in the State of Tamil Nadu

    Reply to Representations filed by Sh. K.C.Palanisamy in respect of AIADMK, a recognized party in the State of Tamil Nadu 
     

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  4. भारत निर्वाचन आयोग में संविदा आधार पर विधिक शोधार्थी के परिनियोजन हेतु आवेदन पत्र

    भारत निर्वाचन आयोग में संविदा आधार पर विधिक शोधार्थी के परिनियोजन हेतु आवेदन पत्र

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  5. दिल्ली/नई दिल्ली में विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में बोगस/जाली नामों के संबंध में शिकायत-तत्संबंधी।

    दिल्ली/नई दिल्ली में विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में बोगस/जाली नामों के संबंध में शिकायत-तत्संबंधी।

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  6. 3 स्नातक तथा 2 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों हेतु उत्तर प्रदेश विधान परिषद के द्विवार्षिक निर्वाचन- 2017 –तत्संबंधी।

    3 स्नातक तथा 2 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों हेतु उत्तर प्रदेश विधान परिषद के द्विवार्षिक निर्वाचन- 2017 –तत्संबंधी। 

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  7. कर्नाटक विधान सभा का साधारण निर्वाचन, 2018- सवेतन अवकाश दिया जाना-तत्‍संबंधी।

    कर्नाटक विधान सभा का साधारण निर्वाचन, 2018- सवेतन अवकाश दिया जाना-तत्‍संबंधी।

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  8. अर्हक दिनांक के रूप में दिनांक 1 जनवरी, 2019 के संदर्भ से सेवा मतदाताओं से संबंधित निर्वाचक नामावलियों के अतिम भाग के विशेष सार पुनरीक्षण को रोकना - तेलंगाना राज्य में अर्हक दिनांक के रूप में दिनांक 1 जनवरी, 2018 के संदर्भ से सेवा मतदाताओं से संबंधित नि

    अर्हक दिनांक के रूप में दिनांक 1 जनवरी, 2019 के संदर्भ से सेवा मतदाताओं से संबंधित निर्वाचक नामावलियों के अतिम भाग के विशेष सार पुनरीक्षण को रोकना  - तेलंगाना राज्य  में अर्हक दिनांक के रूप में दिनांक 1 जनवरी, 2018 के संदर्भ से सेवा मतदाताओं से संबंधित निर्वाचक नामावलियों के अंतिम भाग का दूसरा विशेष सार पुनरीक्षण – तत्संबंधी।

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  9. स्‍थानांतरण/तैनाती एडवाइजरी -राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली

    सं.437/6/1/अनुदेश/ईसीआई/प्रकार्या./एमसीसी/2019
    दिनांक: 17 अक्तूबर, 2019
    सेवा में,
    1.   मुख्‍य सचिव,
    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार, नई दिल्ली।
       मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार, नई दिल्ली।  विषय: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली की राज्‍य विधान सभा का साधारण निर्वाचन-निर्वाचनों के संचालन से संबंधित अधिकारियों का स्‍थानांतरण/तैनाती के लिए एडवाइजरी–तत्‍संबंधी।
    महोदय/महोदया,
    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली की विद्यमान विधान सभा का कार्यकाल 22 फरवरी, 2020 तक है।
     2.     स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए, आयोग इस आशय की एक सुसंगत नीति का अनुपालन करता रहा है कि निर्वाचनरत राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों के निर्वाचन से सीधे जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिलों या उन स्थानों पर तैनात नहीं किया जाता हो जहाँ उन्होंने लंबे समय तक सेवा की है। इसे ध्यान में रखते हुए, लोकसभा और आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की राज्य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2019 के संबंध में दिनांक 16 जनवरी, 2019 के सम संख्यक पत्र के तहत स्‍थानांतरण/तैनाती संबंधी विस्तृत निदेश जारी किए गए हैं (प्रतिलिपि संलग्न)।
    3.     तद्नुसार, यह सुझाव दिया जाता है कि निर्वाचन के संचालन से सीधे जुड़े सभी सरकारी अधिकारियों के संबंध में निम्नलिखित सुनिश्चित किया जाए-
    कि वह अपने गृह जिले में तैनात न हो कि पिछले चार (4) वर्षों के दौरान उस जिले में उसने 3 वर्ष पूरे नहीं किए हो या 31 जनवरी, 2020 को या उससे पहले तीन वर्ष पूरे कर लेगा/लेगी। कि किसी भी डीईओ/आरओ/एआरओ/पुलिस इंस्‍पेक्‍टर/सब-इंस्‍पेक्‍टर या उनसे उच्‍चतर अधिकारियों को ऐसे विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र/जिले में वापस तैनात न किया जाए या न बने रहने दिया जाए जहां वे 01 फरवरी, 2016 से 31 जनवरी, 2018 के बीच साधारण/विधान सभा में आयोजित उप-निर्वाचन के दौरान तैनात थे। तथापि, इस अवधि के दौरान आयोग की सिफारिश पर तैनात अधिकारियों को उपर्युक्त शर्त से छूट प्राप्त है। 4 वर्षों में से 3 वर्षों की अवधि की गणना करने के लिए, 01.02.2016 से आगे/पहले जाना अपेक्षित नहीं है।    कि ऐसे अधिकारियों/प्राधिकारियों, जिनके विरूद्ध आयोग ने विगत में अनुशासनात्‍मक कार्रवाई की सिफारिश की थी और जो लंबित है या जिसकी परिणति में दंड दिया गया है अथवा जिन्‍हें विगत में निर्वाचन या निर्वाचन संबंधी किसी कार्य में कोई चूक के लिए आरोपित किया गया है, को निर्वाचन संबंधी कोई भी ड्यूटी नहीं सौंपी जाएगी। इसके अतिरिक्‍त आगामी छह महीनों के भीतर सेवानिवृत होने वाले किसी भी अधिकारी को निर्वाचन संबंधी किसी भी कार्य में नहीं लगाया जाएगा।   कि लोक सभा निर्वाचन, 2019 के दौरान आयोग की सिफारिश पर तैनात अधिकारियों को उपर्युक्त स्थानांतरण नीति से छूट दी जा सकती है।  4.     आयोग की उपर्युक्त एडवाइजरी को सख्ती तथा समय पूर्वक अनुपालन के लिए सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जाए।

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  10. कांग्रेस नेता श्री आचार्य प्रमोद कृष्णन को नोटिस

    सं. 100/एमपी-एलए/2020-(बाय.)
    दिनांक: 31 अक्तूबर,  2020
    नोटिस
    यत:, आयोग द्वारा,  मध्यप्रदेश की विधान सभा के लिए उप-निर्वाचनों की घोषणा दिनांक 29 सितंबर, 2020 के प्रेस नोट सं. ईसीआई/पीएन/67/2020 के माध्यम से कर दी गई है और उक्त प्रेस नोट के पैरा 4 के अनुसार, आदर्श आचार संहिता के उपबंध उस तारीख से लागू कर दिए गए हैं; और    
    2.    यत:, आदर्श आचार संहिता के भाग 1 के पैरा (2) में उल्लेख है कि, अन्य बातों के साथ-साथ, ‘सभी दल और सभी अभ्यर्थी दलों के नेताओं अथवा कार्यकर्ताओं की निजी जिंदगी के सभी पहलुओं की आलोचना करने से बचेंगे’ यदि वे सार्वजनिक गतिविधियों से सम्बद्ध न हों,; और  
    3.    यत:, आयोग को मुख्य निर्वाचन अधिकारी,  मध्य प्रदेश से एक रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिसमें यह कहा गया है कि 27 अक्तूबर, 2020 को जौरा, मुरैना में एक रैली को संबोधित करने के दौरान, कांग्रेस नेता श्री आचार्य प्रमोद कृष्णन ने श्री शिवराज सिंह चौहान के लिए अपमानजनक  भाषा का प्रयोग किया है; और       
    4.    यत:, आयोग को कथित संबोधन की प्राधिकृत प्रतिलिपि (अनुबंध-I) प्राप्त हुई, जो निम्नानुसार है:
          " द्वापर में मारीच मामा, द्वापर के अंत में कंस जिसने अपनी बहन के सभी बच्चों को कुर्सी सलामत रखने के लिए मर दिया, तीसरा सकुनि मामा, जिसने छल कपट कर कौरवों का नाश कराया, तीनों प्रपंची मामाओं को मिला दिया जाये तो एक मामा बनता है शिवराज, इन तीनों का घोटाला, इन तीनों के कमीनापन एक जगह निचोड़ दिया जाये तो यह आदमी बनता है" और  
    5.   यत:,  श्री आचार्य प्रमोद कृष्णन द्वारा 27 अक्तूबर, 2020 को रैली को संबोधित करते हुए दिए गए भाषण की प्रतिलिपि की जांच आयोग में की गई है और उक्त वक्तव्य को राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के ‘सामान्य आचरण’ के भाग I के पैरा (2) में उल्लिखित उपबंधों का उल्लंघन पाया गया है।  
    6.   अत:, अब आयोग श्री आचार्य प्रमोद कृष्णन को उक्त वक्तव्य देने के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए इस नोटिस की प्राप्ति के 48 घंटों के अन्दर उत्तर देने का एक अवसर देता है और ऐसा न करने पर भारत निर्वाचन आयोग उन्हें कोई और सूचना दिए बिना निर्णय लेगा।  
     
    संलग्नक: यथोक्त।                                                
     
    अनुबंध-1
    दिनांक 27.10.2020 को विधान सभा क्षेत्र 04 जौरा में सचिन पायलट की
    आमसभा में श्री प्रमोद कृष्णन द्वारा दिए गए वक्तव्य की स्क्रिप्ट
    “मारीच, द्वापर के प्रारम्भ में हुआ कंस मामा, जिसने अपनी सगी बहन देवकी के तमाम बच्चों का वध इसलिए किया कि उसकी कुर्सी सलामत रहे। तीसरा मामा हुआ महाभारत के दौर में  शकुनि, जिसने छल और प्रपंच से पांडवों को बर्बाद करने का षड़यंत्र रचा था। लेकिन आज जौरा की पवित्र भूमि को नमन करते हुए, पवित्र मंच को प्रणाम करते हुए, चम्बल की माटी को माथे पर लगाते हुए मैं ऐलान के साथ कहना चाहता हूँ अगर इन तीनों प्रपंची मामाओं को मिला दिया जाये तो एक मामा बनता है शिवराज मामा। इन तीनों का घोटाला, इन तीनों का कमीनापन अगर एक जगह निचोड़ दिया जाये तो ये आदमी बनता है”

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  11. Introduction of Braille Features in Electronic Voting Machines

    Introduction of Braille Features in Electronic Voting Machines 
    (Bilingual)

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  12. Updated List of state level master trainers (SLMTs) trained at IIIDEM from January, 2013 to mid July, 2013.

    Updated List of state level master trainers (SLMTs) trained at IIIDEM from January, 2013 to mid July, 2013.
     

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  13. परिणाम को प्र‍दर्शित करने के लिए कंट्रोल यूनिट के असफल होने के मामले में वीवीपीएटी पेपर पर्चियों की मतगणना करना – तत्‍संबंधी

    परिणाम को प्र‍दर्शित करने के लिए कंट्रोल यूनिट के असफल होने के मामले में वीवीपीएटी पेपर पर्चियों की मतगणना करना – तत्‍संबंधी

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  14. Composition of Media certification and Monitoring committees on Certification and Paid News-Clarifications.

    Composition of Media certification and Monitoring committees on Certification and Paid News-Clarifications.
     

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  15. भारत निर्वाचन आयोग के महत्वपूर्ण प्रेस सम्मेलनों की कवरेज के संबंध में मीडिया को अग्रिम रूप से सलाह।

    भारत निर्वाचन आयोग के महत्वपूर्ण प्रेस सम्मेलनों की कवरेज के संबंध में मीडिया को अग्रिम रूप से सलाह।

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  16. Vacancy for Position of Research Assistants

    Vacancy for Position of Research Assistants 
    (Bilingual)

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  17. बिहार राज्य की विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 की घोषणा के पश्चात आदर्श आचार संहिता लागू करने के लिए की जाने वाली तत्काल कार्रवाई-तत्संबंधी।

    ­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­सं. 437/6/1/ईसीआई/अनु/प्रकार्या./एमसीसी/2020
    दिनांक : 25 सितम्बर, 2020
     
    सेवा में,
          मंत्रिमंडल सचिव,
          भारत सरकार,
          राष्ट्रपति भवन,
          नई दिल्ली।       मुख्‍य सचिव
          बिहार सरकार,
          पटना, और         मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
          बिहार,   पटना।         
    विषय : बिहार राज्य की विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 की घोषणा के पश्चात आदर्श आचार संहिता लागू करने के लिए की जाने वाली तत्काल कार्रवाई-तत्संबंधी। 
    महोदय,
           मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग ने बिहार विधान सभा के साधारण निर्वाचन आयोजित कराने के लिए अनुसूची की घोषणा की है। अतः आयोग द्वारा निर्वाचनों की घोषणा के साथ ही ‘आदर्श आचार संहिता’ तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। उपर्युक्त को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने आदर्श आचार संहिता के उपबंधों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए निम्नलिखित निदेश दिए हैं:-
    1.        सम्पत्ति का विरूपण- पत्र सं. 437/6/अनुदेश/2015-सीसीएस, दिनांक 29 दिसम्बर, 2015; सं. 437/6/अनुदेश/2012-सीसीएण्डबीई दिनांक 18 जनवरी, 2012 तथा सं. 3/7/2008/जेएस-II दिनांक 7 अक्तूबर, 2008 में निहित ईसीआई अनुदेशों में सम्पत्ति के विरूपण के रोकथाम का प्रावधान है। आयोग ने अपने अनुदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा समयबद्ध रूप से कार्रवाई करने के लिए निम्नलिखित यथानिर्धारित निदेश दिए हैं-
    (क) सरकारी सम्पत्ति का विरूपण- इस प्रयोजन के लिए सरकारी परिसर में ऐसा कोई भी सरकारी कार्यालय तथा कैम्पस शामिल होगा, जिसमें कार्यालय भवन स्थित है। सरकारी सम्पत्ति पर मौजूद सभी प्रकार के भित्ति लेखन (वॉल राइटिंग), पोस्टर्स/पेपर्स या किसी अन्य रूप में विरूपण, कटआउट/होर्डिंग, बैनर, फ्लैग आदि निर्वाचनों की घोषणा से 24 घंटे के भीतर हटा दिए जाएंगे।
    (ख) सार्वजनिक सम्पत्ति का विरूपण तथा सार्वजनिक स्थान का दुरूपयोग- सार्वजनिक सम्पत्ति में तथा सार्वजनिक स्थान जैसे रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों, रेलवे पुलों, रोडवेजों, सरकारी बसों, बिजली/टेलीफोन खंभों, नगर निगम/ नगर पालिका/स्थानीय निकाय के भवनों आदि में भित्ति लेखन/पोस्टरों/ किसी अन्य रूप में विरूपण के पर्चे के रूप में सभी अप्राधिकृत राजनीतिक विज्ञापन या, कट आउट/ होर्डिंग, बैनर, फ्लैग इत्यादि को आयोग द्वारा निर्वाचनों की घोषणा से 48 घंटों के भीतर हटा दिया जाएगा।
    (ग) सम्पत्ति का विरूपण- निजी सम्पत्ति पर प्रदर्शित तथा स्थानीय विधि एवं न्यायालय के निदेशों, यदि कोई हो, के अध्यधीन सभी अप्राधिकृत राजनीतिक विज्ञापनों को आयोग द्वारा निर्वाचनों की घोषणा से 72 घंटो के भीतर हटा दिया जाएगा।
    2.        सरकारी वाहनों का दुरूपयोग- आयोग के दिनांक 10 अप्रैल, 2014 के पत्र सं. 464/अनुदेश/2014/ईपीएस में निहित समेकित अनुदेशों में अन्य बातों के साथ-साथ यह उपबंधित है कि किसी राजनीतिक दल, अभ्यर्थी या निर्वाचन से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति द्वारा (निर्वाचन से संबंधित किसी सरकारी ड्यूटी का निष्‍पादन करने वाले पदाधिकारियों को छोड़कर) निर्वाचन के दौरान प्रचार करने, निर्वाचन प्रचार संबंधी कार्य या निर्वाचन से संबंधित यात्रा करने के लिए सरकारी वाहन के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध होगा (उसमें उल्लिखित कुछ अपवादों के अध्‍यधीन)। ‘सरकारी वाहन’ शब्द का अर्थ ऐसे वाहनों से है और इसमें ऐसे वाहन शामिल होंगे जो परिवहन के प्रयोजनार्थ प्रयुक्त हों या प्रयुक्त किए जाने योग्य हों, चाहे वे यांत्रिक शक्ति या अन्यथा द्वारा चालित हों, और इनमें केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन, केन्द्र/राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम, केन्द्र/राज्य सरकार के संयुक्त क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय, नगर निगम, विपणन बोर्ड, सहकारी समितियां या ऐसे कोई अन्य निकाय शामिल होंगे जिसमें सार्वजनिक निधियां निवेशित की गई हों, भले ही कुल निधियों में से एक छोटा सा हिस्सा ही हों, । मुख्य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी उपर्युक्त अनुदेशों के अनुपालन के लिए निर्वाचनों की घोषणा के 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
    3.        सार्वजनिक-राजकोष की लागत पर विज्ञापन- दिनांक 5 मार्च, 2014 के पत्र सं. 437/6/1/2014-सीसी एंड बीई में आयोग के अनुदेशों में यह प्रावधान है कि निर्वाचन अवधि के दौरान सत्तारूढ़ दल की संभावनाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से उपलब्धियों के बारे में सार्वजनिक राजकोष की लागत पर समाचार पत्रों एवं अन्य संचार माध्यमों में विज्ञापन दिए जाने और राजनीतिक समाचार एवं प्रचार-प्रसार के पक्षपातपूर्ण कवरेज के लिए आधिकारिक जनसंचार के दुरूपयोग से निरपवाद रूप से बचा जाना चाहिए। सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालने के लिए सार्वजनिक राजकोष की लागत पर इलेक्ट्रॉनिक तथा प्रिन्ट मीडिया में कोई भी विज्ञापन जारी नहीं किया जाएगा। यदि किसी विज्ञापन को दूरदर्शन प्रसारण या प्रिन्ट मीडिया में प्रकाशन के लिए पहले ही जारी किया जा चुका है, तो यह अवश्य सुनिश्चित किया जाए कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर ऐसे विज्ञापनों का दूरदर्शन प्रसारण/प्रकाशन तत्काल रोक दिया जाए तथा घोषणा की तारीख से किन्हीं भी समाचार पत्रों, पत्रिकाओं आदि अर्थात् प्रिन्ट मीडिया में ऐसा कोई भी विज्ञापन प्रकाशित न हो, तथा इसे तत्काल वापिस ले लिया जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी निर्वाचनों की घोषणा के तुरन्त पश्चात् सरकार की उपलब्धियों को दर्शाने वाले प्रिन्ट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी विज्ञापन को हटाने/रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करेंगे। 
    4.        आधिकारिक वेबसाइट पर राजनीतिक पदाधिकारी का फोटो- दिनांक 20 मार्च, 2014 के पत्र सं. 437/6/अनुदेश/2014- सीसी एंड बीई में निहित ईसीआई अनुदेश में यह प्रावधान है कि केन्द्र/राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध मंत्रियों, राजनीतिज्ञों या राजनीतिक दलों के सभी संदर्भों को हटा दिया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज्यीय विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से किसी भी राजनीतिक पदाधिकारी के फोटो को हटाने/छिपाने के लिए तत्काल कार्रवाई करेंगे। 
    5.        विकास/निर्माण संबंधी कार्यकलाप-मुख्य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी निर्वाचनों की घोषणा के 72 घंटे के भीतर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर किसी शिकायत को विधिमान्य बनाने की स्थिति में संदर्भ हेतु कार्य की निम्नलिखित सूची प्राप्त करेंगेः
                  i.     ऐसे कार्य, जिसे स्थल पर पहले ही आरंभ किया जा चुका है।
                 ii.      ऐसे नए कार्य, जिसे स्थल पर आरंभ नहीं किया गया है।
    6.        व्यय अनुवीक्षण तथा आदर्श आचार संहिता के प्रवर्तन के लिए कार्यकलाप-घोषणा के बाद उड़न दस्ता, एफ एस टी, वीडियो टीम, शराब/नकदी/निषिद्ध नशीले पदार्थों के लिए गहन जांच,ड्रग/स्वापक के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग के उड़न दस्तों को तत्काल सक्रिय किया जाना चाहिए।
    7.        शिकायत निगरानी प्रणाली- निर्वाचन कराए जाने वाले राज्य में वेबसाइट तथा कॉल सेन्टर पर आधारित एक शिकायत निवारण प्रणाली होगी। कॉल सेन्टर का टोल फ्री नंबर 1950 है। टोल फ्री कॉल सेन्टर नंबर पर कॉल करके या वेबसाइट पर शिकायतें दर्ज करके की जा सकती है। शिकायतकर्ताओं को एसएमएस द्वारा या कॉल सेन्टर द्वारा भी की गई कार्रवाई की सूचना दी जाएगी। शिकायतकर्ता अपनी शिकायतों पर की गई कार्रवाई के विवरण भी देख सकते हैं। यह प्रणाली घोषणा के 24 घंटे के भीतर क्रियाशील होनी चाहिए। सभी शिकायतों को यथासमय एवं उचित रूप से निपटाया जाना चाहिए। जिला स्तर पर 24x7 नियंत्रण कक्ष को अवश्य सक्रिय किया जाए तथा विशेष रूप से पर्याप्त कार्मिक शक्ति तैनात की जाए एवं अन्य लाजिस्टिक्स सुनिश्चित किया जाए, नियंत्रण कक्ष में चौबीस घंटे लोगों की तैनाती की जाए तथा किसी टाल-मटोल या शंका से बचने के लिए उनका ड्यूटी रोस्टर अवश्य बनाया जाए।
    8.        आईटी एप्लीकेशन-आधिकारिक वेबसाइट तथा सोशल मीडिया सहित सभी आई टी एप्लीकेशन घोषणा किए जाने के साथ ही चालू हो जाएंगी।
    9.        मतदाताओं तथा राजनीतिक दलों की जागरूकता के लिए सूचना का प्रचार-प्रसार करना- निर्वाचन संबंधी प्रमुख गतिविधियों का प्रचार मुख्य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी/रिटर्निंग अधिकारी के माध्यम से किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए, सभी आवश्यक सूचना का प्रचार-प्रसार रेडियो, टेलीविजन, सिनेमा के माध्यम से किया जाएगा सरकारी चैनल में मतदाता शिक्षा संबंधी सामग्री प्रदर्शित की जाएगी।
    10.      शैक्षणिक संस्थान तथा सिविल सोसाइटी से सक्रिय सहयोग- आम जनता तथा अन्य हितधारकों में निर्वाचन संबंधी सूचना का व्यापक प्रचार करने के लिए शैक्षणिक  संस्थानों तथा सिविल सोसाइटी से सहयोग लिया जा सकता है।
    11.      मीडिया सेन्टर- मीडिया के माध्यम से ईवीएम/वीवीपीएटी के प्रयोग सहित निर्वाचन प्रणाली के बारे में मतदाताओं, राजनीतिक दलों तथा अन्य स्टेकहोल्डरों के मध्य जागरूकता फैलाने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।
    12.      एमसीएमसी/डीईएमसी- दिनांक 24 मार्च, 2014 के पत्र सं. 491/एमसीएमसी/2014/संचार में निहित ईसीआई अनुदेश में यह प्रावधान है कि सभी पंजीकृत राजनीतिक दल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर जारी किए जाने वाले उनके प्रस्तावित राजनीतिक विज्ञापनों के पूर्व प्रमाणन के लिए जिला तथा राज्य स्तर, जैसी भी स्थिति हो, पर मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति (एमसीएमसी) से सम्पर्क करेंगे। आयोग ने उपर्युक्त पत्र में निहित अपने अनुदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निदेश दिए हैं।
    13.      नियंत्रण कक्ष- जिला स्तर पर 24x7 नियंत्रण कक्ष तत्काल अवश्य चालू किया जाए तथा जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा पर्याप्त कार्मिक शक्ति की तैनाती तथा अन्य लाजिस्टिक्स सुनिश्चित किया जाए। सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान ईसीआई सचिवालय में शिकायत निवारण केन्द्र सहित एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा।

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  18. अर्हक तिथि के रूप में दिनांक 01.01.2020 से फोटो निर्वाचक नामावलियों का पुनरीक्षण – कार्यक्रम – तत्‍संबंधी

    सं.23/2019-ईआरएस (खंड-III)                                      दिनांक: 25 जुलाई, 2019
     
    सेवा में
     
          सभी राज्‍यों और संघ राज्‍य क्षेत्रों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी
    (हरियाणा, झारखंड और महाराष्‍ट्र को छोड़कर)  
     
    विषय: अर्हक तारीख के रूप में 01.01.2020 के संदर्भ में फोटो निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्‍त पुनरीक्षण-कार्यक्रम-तत्‍संबंधी।
     
    महोदय/महोदया
    मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि मौजूदा नीति के अनुसार, अर्हक तारीख के रूप में आगामी वर्ष की एक जनवरी के संदर्भ में निर्वाचन नामावलियों का पुनरीक्षण सभी राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष की उत्‍तरवर्ती अवधि (सामान्‍य रूप से वर्ष की अंतिम तिमाही में) में किया जाता है ताकि निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन अनुवर्ती वर्ष के जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में किया जा सके। पुनरीक्षण कार्यक्रम इस ढंग से तैयार किया जाता है कि निर्वाचक नामावलियां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (प्रतिवर्ष की 25 जनवरी) से काफी पहले अंतिम रूप से प्रकाशित कर दी जाएं ताकि नव निर्वाचकों, विशेष तौर पर युवा मतदाताओं (18-19 वर्ष) के लिए तैयार किए गए एपिक राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर उन्हें औपचारिक ढंग से वितरित किए जा सकें। आयोग ने सभी पक्षों पर विचार करते हुए सभी राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों (हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र को छोड़कर) में अर्हक तारीख के रूप में दिनांक 01-01-2020 से निम्नलिखित तालिका के अनुसार गहन प्रकृति के फोटो निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण आरंभ करने का निर्देश दिया है:-
    क्र. सं.
    कार्यकलाप
    अवधि
    1
    पूर्व पुनरीक्षण कार्यकलाप:
    अभियान चलाकर निर्वाचक नामावली की स्थिति में सुधार करना:-
    (क)  डी एस ई, तर्क संगत त्रुटियों का निराकरण, निर्वाचक की फोटो गुणवता की जांच
    (ख)  स्वीप की सहायता से अभियान के रूप में निर्वाचक सत्यापन कार्यक्रम (ई वी पी)। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को आगे आने और  निम्नलिखित दस्तावेजों में से किसी एक की प्रति देते हुए इससे संबंधित मौजूदा निर्वाचकों के विवरणों को प्रमाणित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है:
    1.    भारतीय पासपोर्ट
    2.    ड्राइविंग लाइसेंस, या
    3.    आधार कार्ड
    4.    राशन कार्ड
    5.    आयोग द्वारा यथानुमोदित कोई अन्य दस्तावेज
    (ग)   नागरिक सामान्य सेवा केन्द्रों (सी एस सी) में जाकर या बी एल ओ के माध्यम से ई आर ओ को भरे हुए फार्मों की हार्ड कॉपी प्रस्तुत करके ''मतदाता हेल्पलाइन'' मोबाइल ऐप्प, एनवीएसपी पोर्टल के माध्यम से अपने निर्वाचक विवरणों का सत्यापन करेंगे।
    (घ)   गैर नामांकित नागरिकों/ मृतकों/ स्थानांतरित निर्वाचकों आदि की सूचना/ विवरण आस-पास के व्‍यक्तियों के माध्यम से एकत्रित किया जाएगा। नागरिक उपर्युक्त स्रोतों के माध्यम से विवरण देंगे।
    01.08.2019 (बृहस्पतिवार) से 31.08.2019 (शनिवार) तक
    2
    बी एल ओ द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन करना:-
    (क)  बीएलओ के द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा, जिसमें बीएलओ आस-पास के व्‍यक्तियों से एकत्रित सूचना/ विवरणों और इनकी सत्‍यता का सत्‍यापन करेगा।
    (ख)  बीएलओ गैर नामांकित/ मृतक/ स्थानांतरित निर्वाचकों की सूचना/विवरण भी एकत्रित करेगा
    01.09.2019 (रविवार) से 30.09.2019 (सोमवार) तक
    3
    अनुभाग/भागों को पुन: तैयार करना ·        निवास स्‍थान के पते का मानकीकरण
    ·        मतदान केंद्रों की जी आई एस स्थिति का पता लगाना
    ·        वैकल्पिक मतदान केंद्र की अवस्थितियों का पता लगाना और ए एम एफ का पुष्टीकरण।
    ·        बी एल ओ द्वारा डाटा/सूचना का एकत्रीकरण किया जाएगा और ए ई आर ओ/ईआरओ/डी ई ओ तथा नामावली प्रेक्षकों द्वारा सत्यापन किया जाएगा। मतदान केंद्रों के अनुभाग/भाग की सीमाओं की स्थिति की प्रस्तावित पुनर्रचना को अंतिम रूप देना और इसके बाद आयोग से मतदान केन्द्रों की सूची का अनुमोदन प्राप्त करना
    ·        आयु-समूह वार अनुमानित जनसंख्या का अद्तनीकरण
    16.09.2019 (सोमवार) से 15.10.2019 (मंगलवार) तक
    4
    पुनरीक्षण कार्यकलाप
    समेकित प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन
    15.10.2019 (मंगलवार)
    5
    दावों/ आपत्तियों को दायर करने की अवधि
    15.10.2019 (मंगलवार) से 30.11.2019 (शनिवार) तक
    6
    विशेष अभियान की तारीखें
    02.11.2019 (शनिवार) और
    03.11.2019 (रविवार)
    09.11.2019 (शनिवार) और
    10.11.2019 (रविवार)
    7
    दावों एवं आपत्तियों का निपटान
    15.12.2019 (रविवार) तक
    8
    दुरूस्‍तता संबंधी मानदंडों की जांच करना और अंतिम प्रकाशन के लिए आयोग की अनुमति लेना
    25.12.2019 (बुधवार) तक
    9
    डाटाबेस का अद्यतनीकरण और अनुपूरकों का मुद्रण
    31.12.2019 (मंगलवार) तक
    10
    निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन
    01.01.2020 (बुधवार) से 15.01.2020 (बुधवार) तक, आयोग द्वारा जैसा निर्णय लिया जाए।
     

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  19. स्‍टांग रूम में मतयुक्‍त ईवीएम की सुरक्षा पर रिपोर्टिंग करने के लिए आयोग के आदेश-पंजाब विधान सभा निर्वाचन, 2017

    स्‍टांग रूम में मतयुक्‍त ईवीएम की सुरक्षा पर रिपोर्टिंग करने के लिए आयोग के आदेश-पंजाब विधान सभा निर्वाचन, 2017

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  20. Duplicate, repeat, multiple, illegal, invalid, false etc. entries/voters in the electoral roll of Madhya Pradesh for Assembly Election, 2018 -regarding.

    Duplicate, repeat, multiple, illegal, invalid, false etc. entries/voters in the electoral roll of Madhya Pradesh for Assembly Election, 2018 -regarding.
     

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  21. Handbook for Candidates - 2014

    Handbook for Candidates - 2014
     

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  22. मतदान अभिकर्त्ताओं की नियुक्ति - व्यापक अनुदेश/निदेश-तत्सम्बन्धी।

    मतदान अभिकर्त्ताओं की नियुक्ति - व्यापक अनुदेश/निदेश-तत्सम्बन्धी।
     
     

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  23. मतदान केन्द्रों पर मतदाता फैसिलिटेशन पोस्टर(वीएफपी) का प्रदर्शन - तत्संबंधी

    मतदान केन्द्रों पर मतदाता फैसिलिटेशन पोस्टर(वीएफपी) का प्रदर्शन - तत्संबंधी

     

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  24. निर्वाचन प्रचार पर आदर्श आचार संहिता अनुदेश –तत्संबंधी।

    निर्वाचन प्रचार पर आदर्श आचार संहिता अनुदेश –तत्संबंधी।

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  25. छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम तथा राजस्थान राज्‍य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन-अधिकारियों का स्‍थानांतरण/तैनाती– तत्‍संबंधी।

    छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम तथा राजस्थान राज्‍य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन-अधिकारियों का स्‍थानांतरण/तैनाती– तत्‍संबंधी।

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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