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  1. Inviting comments/suggestions from the members of public on main recommendations of Working Groups of Various aspects of electoral management-reg.

    Inviting comments/suggestions from the members of public on main recommendations of Working Groups of Various aspects of electoral management-reg.
     

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  2. Bye-election to the Telangana Legislative Council from Nizamabad Local Authorities' Constituency.

    Bye-election to the Telangana Legislative Council from Nizamabad Local Authorities' Constituency.

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  3. Bye-election to the Maharashtra Legislative Council from Dhule-cum-Nandurbar Local Authorities' Constituency.

    Bye-election to the Maharashtra Legislative Council from Dhule-cum-Nandurbar Local Authorities' Constituency.

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  4. Bye Election to the Council of States from Haryana -reg.

    Bye Election to the Council of States from Haryana -reg.
     

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  5. PARLIAMENTARY DELEGATION FROM SWEDEN VISITS ELECTION COMMISSION OF INDIA

    No. ECI/PN/27/2020                                                     
    26th February 2020
    PRESS NOTE
    PARLIAMENTARY DELEGATION FROM SWEDEN VISITS ELECTION COMMISSION OF INDIA
     
    A   delegation of ten MPs, members of the Committee on the Constitution in Riksdag, the Parliament of Sweden, visited the Election Commission of India today.  The delegation was led by Ms. Karin Enström, MP and   Chair of the Committee on the Constitution in Riksdag, accompanied by two Parliamentary officials and two diplomats from the Embassy of Sweden in New Delhi.  The delegation met the Chief Election Commissioner, Mr. Sunil Arora and the Election   Commissioners,  Mr. Ashok Lavasa and Mr. Sushil Chandra. 
    Chief Election Commissioner of India, Mr. Sunil Arora, welcomed the Swedish delegation.  In his address, he stated that the Commission is committed to hold free, fair, transparent, peaceful, inclusive, accessible, ethical and participative elections. He gave an overview of the last national elections held in India. He added that using modern tools of Information and Communication Technology, several innovative measures were taken up during the last Lok Sabha elections and recently held state elections to make electoral process hassle free and voter friendly. He said that special attention was paid to make elections accessible for Persons with disabilities and senior citizens.    He also briefed the visiting parliamentarians and officials about the international cooperation programme of the ECI, including setting up of India A-WEB (Association of world Election Bodies) Centre in New Delhi for documentation, research and training with the objective of  sharing the best practices and capacity building of the 115-member Association.  He mentioned that ECI is looking forward to working with Swedish Election Authority in future.  
    Mr. Ashok Lavasa, Election Commissioner mentioned that ECI has taken several steps to spread the progress of democracy. He said that the gender gap in the voting population, which was 16% in the past, had almost been eliminated in the GE 2019.  
    Shri Sushil Chandra, Election Commissioner briefed the delegates about the steps taken by ECI to curb use of money power in elections.
    Ms. Karin Enström, MP and   Chair of the Committee on the Constitution in Riksdag thanked the Commission for the warm welcome accorded to the Swedish delegation.  She gave an overview of the Swedish electoral system wherein simultaneous elections are held for municipal, county and national elections for Riksdag.  She stated that the delegation was impressed with the magnitude of Indian elections and the way this work is done by the ECI. 
    Mr. Umesh Sinha, Secretary General, ECI made a  presentation about the structure and functioning of the ECI in managing the largest election exercise in the world. A short film on Parliamentary Election-2019 was also screened for the Swedish delegation.  This was followed by a Question and Answer session wherein queries from the delegates relating to secrecy of voting, voting by overseas electors, facilities for voting by differently-abled persons, inclusive electoral participation, curbing money power etc. were answered.

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  6. अप्रैल, 2020 में सेवानिवृत्‍त होने वाले सदस्‍यों की सीटें भरने हेतु राज्‍य सभा के द्विवार्षिक निर्वाचन-तत्संबंधी

    सं. ईसीआई/प्रे.नो./26/2020  
    दिनांक : 25 फरवरी, 2020
     
    प्रेस नोट
    विषय:  अप्रैल, 2020 में सेवानिवृत्‍त होने वाले सदस्‍यों की सीटें भरने हेतु राज्‍य सभा के द्विवार्षिक निर्वाचन-तत्संबंधी
     
           17 राज्‍यों से निर्वाचित राज्‍य सभा के 55 सदस्‍यों की पदावधि, अप्रैल, 2020 में उनकी सेवानिवृत्ति होने पर समाप्‍त होने वाली है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
     
    क्र.सं.
    राज्‍य
    सीटों की संख्‍या
    सेवानिवृत्ति की तारीख
    1.
    महाराष्‍ट्र
    7
     
     
    02.04.2020
    2.
    ओड़िशा
    4
    3.
    तमिलनाडु
    6
    4.
    पश्चिम बंगाल
    5
    5.
    आन्‍ध्र प्रदेश
    4
     
     
     
     
    09.04.2020
    6.
    तेलंगाना
    2
    7.
    असम
    3
    8.
    बिहार
    5
    9.
    छत्‍तीसगढ़
    2
    10.
    गुजरात
    4
    11.
    हरियाणा
    2
    12.
    हिमाचल प्रदेश
    1
    13.
    झारखण्‍ड
    2
    14.
    मध्‍य प्रदेश
    3
    15.
    मणिपुर
    1
    16.
    राजस्‍थान
    3
    17.
    मेघालय
    1
    12.04.2020
     2.     उपर्युक्त रिक्तियों के विवरण दर्शाने वाला एक विवरण 'अनुलग्नक-क' में दिया गया है। आयोग ने निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार राज्‍य सभा के उपर्युक्त द्विवार्षिक निर्वाचन आयोजित करवाने का निर्णय लिया है:-      
    क्र. सं.
    कार्यक्रम
    दिनांक
    1.
    अधिसूचना जारी करना
    06 मार्च, 2020 (शुक्रवार)
    2.
    नाम निर्देशन करने की अंतिम तारीख
    13 मार्च, 2020 (शुक्रवार)
    3.
    नाम निर्देशनों की संवीक्षा
    16 मार्च, 2020 (सोमवार)
    4.
    अभ्‍यर्थिताएं वापिस लेने की अंतिम तारीख
    18 मार्च, 2020 (बुधवार)
    5.
    मतदान की तारीख
    26 मार्च, 2020 (गुरुवार)
    6.
    मतदान का समय
    पूर्वाह्न 9:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक
    7.
    मतगणना
    26 मार्च, 2020 (गुरुवार) अपराह्न 5.00 बजे
    8.
    वह तारीख जिससे पूर्व निर्वाचन सम्‍पन्‍न हो जाएगा
    30 मार्च, 2020 (सोमवार)
     
    3.   आयोग ने निदेश दिया है कि मतपत्र पर अधिमान(नों) को चिह्नित करने के प्रयोजनार्थ केवल रिटर्निंग आफिसर द्वारा उपलब्‍ध करवाए गए पूर्व-नियत विनिर्देशन वाले इंटीग्रेटेड बैंगनी रंग के स्‍केच पैन(नों) का उपयोग किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में उपर्युक्त निर्वाचनों में किसी भी अन्‍य पैन का उपयोग नहीं किया जाएगा।
    4.    स्‍वतंत्र एवं निष्‍पक्ष निर्वाचन सुनिश्‍चित करने के लिए प्रेक्षकों को नियुक्‍त करके निर्वाचन प्रक्रिया के गहन अनुवीक्षण के लिए पर्याप्‍त उपाय किए जाएंगे। 

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  7. Working Groups of Election Commission present their draft Recommendations to ECI

    सं. ईसीआई/प्रे.नो./25/2020                         
    दिनांकः 18 फरवरी, 2020
     
    प्रेस नोट
     
    निर्वाचन आयोग के कार्यसमूहों ने भारत निर्वाचन आयोग को अपनी प्रारूप सिफारिशें प्रस्तुत कीं
                  भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के नौ कार्यसमूहों और 20 से अधिक मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने लोक सभा के साधारण निर्वाचनों और हाल ही में आयोजित अन्य निर्वाचनों से प्राप्त सीख पर विचार-विमर्श करने के लिए नई दिल्ली में दो-दिवसीय  सम्मेलन में मुलाकात की।
    कार्यसमूहों के सदस्यों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को अपना संदेश देते हुए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने नौ कार्यदलों के अधिकारियों की उनकी अर्थपूर्ण और ठोस सिफारिशों के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आयोग कार्यसमूहों की सिफारिशों की जाँच करेगा और इन पर विचार और स्वीकृत करने के बाद इन सिफारिशों को हितधारकों की राय जानने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र (पब्लिक डोमेन) में रखा जाएगा। समापन सत्र में सीईसी, श्री अरोड़ा उपस्थित नहीं हो सके। 
    अधिकारियों को संबोधित करते हुए, निर्वाचन आयुक्त श्री अशोक लवासा ने अधिकारियों को कार्यान्वयन योग्य सिफारिशें करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि "आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते समय, समूहों को प्रक्रियात्मक या नियम या कानून में संशोधन की आवश्यकताओं का सुझाव देने के लिए अल्पावधिक, मध्यावधिक और दीर्घावधिक रूप से वर्गीकृत कार्यों की रूपरेखा बनानी चाहिए।"
    निर्वाचन आयुक्त श्री सुशील चंद्रा ने कहा कि इस अभ्यास का अंतिम उद्देश्य मतदाताओं के लिए पंजीकरण और मतदान के अनुभव को सुखद बनाना होना चाहिए। श्री चंद्रा ने कहा कि हालांकि इन समूहों ने मौजूदा अंतराल की पहचान करने और निर्वाचन प्रक्रियाओं में आगे बढ़ने के लिए मेहनत की है, तथापि सीईओ को भविष्य के लिए प्रक्रियाओं को सुप्रवाही बनाने के लिए प्रौद्योगिकी की मदद लेनी चाहिए। श्री चंद्रा ने दिल्ली के हाल के निर्वाचनों का उदाहरण दिया, जहां बूथ एप, क्यूआर कोड पर्चियों ने सभी प्रयोक्ताओं के लिए मतदान के अनुभव को सुविधाजनक बनाया।
    आयोग ने सीईओ और आयोग के अधिकारियों के नौ कार्यसमूह बनाए थे जिसमें निर्वाचन नामावली संबंधी मुद्दे, मतदान केंद्र प्रबंधन, एमसीसी, मतदान प्रक्रिया और सामग्री सूची, क्षमता निर्माण, आईटी अनुप्रयोग, व्यय प्रबंधन, स्वीप और मीडिया इंटरफ़ेस  एवं निर्वाचन संबंधी सुधार सहित निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को कवर किया गया।
    आयोग ने सभी सीईओ और भारत निर्वाचन आयोग के सभी अधिकारियों को गहन विचार-विमर्श और महीनों के प्रयास के बाद इन सिफारिशों और कार्य बिंदु को तैयार करने के लिए धन्यवाद और बधाई दी।

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  8. भारत निर्वाचन आयोग ने लंबित निर्वाचक सुधारों पर विधायी विभाग के साथ विचार-विमर्श  किया 

    सं. ईसीआई/प्रे.नो./24/2020                               
    दिनांकः 18 फरवरी, 2020
     
    प्रेस नोट 
    भारत निर्वाचन आयोग ने लंबित निर्वाचक सुधारों पर विधायी विभाग के साथ विचार-विमर्श  किया 
    भारत निर्वाचन आयोग ने आज विधि और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग के साथ लंबित निर्वाचन सुधारों के विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री सुनील अरोड़ा,  निर्वाचन आयुक्त श्री अशोक लवासा, निर्वाचन आयुक्त  श्री सुशील चंद्रा और भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में श्रीमती रीटा वशिष्ठ, अपर सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ-साथ श्री नारायण राजू, विभाग के सचिव से मुलाकात की।
     विधि सचिव और मंत्रालय के अन्य अधिकारियों का स्वागत करते हुए, सीईसी श्री सुनील अरोड़ा ने ईसीआई की सिफारिश पर निर्वाचन के संचालन नियमों में हालिया संशोधन द्वारा दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी) और 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और आवश्यक सेवाओं से संबंधित निर्वाचकों के लिए डाक मतपत्र की सुविधा प्रदान करने के लिए विभाग के प्रति अपना आभार प्रकट किया। श्री अरोड़ा ने यह भी उल्लेख किया कि निर्वाचन सुधारों के 40 से अधिक विभिन्न प्रस्ताव हैं जो काफी समय से लंबित हैं और आयोग फिलहाल इनमें से कुछ प्रस्तावों पर चर्चा कर रहा है। उन्होंने कहा कि "आयोग ऐसे सभी लंबित प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए नियमित अंतराल पर विधायी विभाग के साथ ऐसी बैठकें करना चाहेगा"।
    जिन मामलों पर बैठक के दौरान चर्चा हुई उनमें अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित  शामिल थे: निर्वाचक बनने के लिए एक वर्ष में एक से अधिक अर्हक तिथि;  निर्वाचक नामावली के साथ आधार को जोड़ना;  निर्वाचन अपराध/भ्रष्ट व्यवहार के रूप में पेड न्यूज़ और झूठे शपथपत्र; लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 के तहत प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया मध्यस्थों को कवर करना;  लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 में  'पति या पत्नी’ के स्थान पर 'पत्नी’ शब्द को प्रतिस्थापित करना ताकि सेवा मतदाता की श्रेणी में महिला सेवा अधिकारियों के पति/पत्नी को निर्वाचन पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जा सके;  कॉन्ट्रीब्यूशन फॉर्म में संशोधन। सचिव विधायी विभाग, श्री राजू ने आश्वासन दिया कि वे पहले ही इन प्रस्तावों की जांच कर रहे हैं। 

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  9. भारत निर्वाचन आयोग को प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार से डिजीटल रूपांतर के लिए गवर्नमेंट प्रोसेस रि-इंजीनियरिंग में उत्‍कृष्‍टता के लिए ‘‘सिल्‍वर’’ पुरस्‍कार प्राप्‍त हुआ।

    सं.भा.नि.आ./प्रेस नोट/23/2020 
    दिनांक : 17 फरवरी, 2020
     
    प्रेस नोट
    भारत निर्वाचन आयोग को प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार से डिजीटल रूपांतर के लिए गवर्नमेंट प्रोसेस रि-इंजीनियरिंग में उत्‍कृष्‍टता के लिए ‘‘सिल्‍वर’’ पुरस्‍कार प्राप्‍त हुआ।
    भारत निर्वाचन आयोग को डिजीटल रूपांतर के लिए गवर्नमेंट प्रोसेस रिइंजीनियरिंग में उत्‍कृष्‍टता के लिए वर्ष 2019-20 के ‘‘सिल्‍वर’’ पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया है। यह पुरस्‍कार 08 फरवरी, 2020 को दिया गया था।

    डॉ. संदीप सक्‍सेना, वरिष्‍ठ उप-निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुनील अरोड़ा, भारत के मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त को पुरस्‍कार सौंपते हुए
    यह पुरस्‍कार उन परियोजनाओं के लिए दिया जाता है जिनमें कार्य-प्रवाह का विश्‍लेषण और पुन: परिकल्‍पन (रिडिजाइन) शामिल होता है तथा जिसके परिणामस्‍वरूप दक्षता, प्रक्रिया के प्रभाव, लागत, गुणवत्‍ता, सेवा प्रदानगी अथवा इनके संयोजन से संबंधित परिणामों में सुधार हुआ। 
    यह पुरस्‍कार भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा ई-गवर्नेंस पर 23 वें राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन के दौरान 7-8 फरवरी, 2020 को मुम्‍बई में प्रदान किया गया था।  
    यह पुरस्‍कार डा. संदीप सक्‍सेना, वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त और डा. कुशल पाठक, निदेशक, आईसीटी एवं सीआईएसओ को भारत निर्वाचन आयोग के ईआरओ (ईआरओएनईटी) परियोजना प्रमुख के रूप में दिया गया था। 
    ईआरओ नेट ने फार्मों के प्रसंस्‍करण, मानक डाटाबेस स्‍कीम और ई-नामावली प्रिंटिंग के लिए मानक टेम्‍पलेट को मानकीकृत किया। यह निर्वाचक रजिस्‍ट्रीकरण से आरंभ निर्वाचक नामावली प्रबंधन की प्रक्रिया, निर्वाचकों का फील्‍ड सत्‍यापन, निर्वाचन रजिस्‍ट्रीकरण अधिकारियों के लिए निर्णय सहायक पद्धति और समेकित मूल्‍य-संवर्धित सेवाएं उपलब्‍ध कराने की प्रक्रिया को स्‍वचलित (आटोमेट्स) बनाता है।  
    ईआरओ नेट 91 करोड़ निर्वाचकों के डाटा सहित सभी राज्‍यों और संघ राज्‍य क्षेत्रों का एक कॉमन डाटाबेस है। यह भारत निर्वाचन आयोग की निर्वाचन एप्‍लीकेशंस के संचालन संबंधी विभिन्‍न वेब सेवाएं प्रदान करवाने में निर्वाचक नामावली का आधार उपलब्‍ध कराता है।  
     

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  10. आयोग द्वारा उपयुक्‍त संशोधनों के साथ विद्यमान अनुदेशों को दोहराते हुए अभ्‍यर्थियों के आपराधिक पूर्ववृत्‍त से संबंधित माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के निदेशों को कार्यान्वित करना।

    सं.भा.नि.आ./प्रेस नोट/22/2020                              
    दिनांक : 14 फरवरी, 2020
    प्रेस नोट 
    आयोग द्वारा उपयुक्‍त संशोधनों के साथ विद्यमान अनुदेशों को दोहराते हुए अभ्‍यर्थियों के आपराधिक पूर्ववृत्‍त से संबंधित माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के निदेशों को कार्यान्वित करना।
     
    निर्वाचन आयोग ने सार्व‍जनिक जीवन में दृढ़ और उच्‍च आदर्श मानकों का सदैव समर्थन किया है। माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय ने भारत के संविधान के अनुच्‍छेद 129 और अनुच्‍छेद 142 का अवलंब लेते हुए वर्ष 2011 की रिट याचिका (सिविल) सं. 536 की वर्ष 2018 की अवमानना याचिका (सिविल) सं.2192 में 13 फरवरी, 2020 को निम्‍नलिखित निदेश दिए हैं:- 
    ‘‘1) राजनैतिक दलों (केंद्रीय और राज्‍य निर्वाचन स्‍तर पर) के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे लंबित आपराधिक मामलों वाले ऐसे प्रत्‍येक अभ्‍यर्थी (अपराधों की प्रकृति सहित, और संबद्ध विवरण जैसे कि क्‍या आरोप लगाए गए हैं अथवा नहीं, संबंधित न्‍यायालय का नाम, मामले की संख्‍या इत्‍यादि) के संबंध में विस्‍तृत सूचना अपनी वेबसाइट पर अपलोड करेंगे जिन्‍हें अभ्‍यर्थी के रूप में चुना गया है, और ऐसे चयन तथा इस बात का कारण भी बताएंगें कि उन अन्‍य व्‍यक्तियों का चयन क्‍यों नहीं किया गया जिनका कोई आपराधिक पूर्ववृत्‍त नहीं था। 
    2) चयन से संबंधित कारण संबद्ध अभ्‍यर्थी की अर्हताओं, उपलब्धियों और योग्‍यताओं के संदर्भानुसार दिए जाएंगे,  न कि मतदान ‘जीतने की क्षमता’ मात्र के अनुसार।   
    3) इस सूचना को (क) एक स्‍थानीय भाषा के समाचार-पत्र और राष्‍ट्रीय समाचार-पत्र में प्रकाशित किया जाएगा; (ख) फेसबुक और ट्विटर सहित राजनैतिक दल के आधिकारिक सोशल मीडिया प्‍लेटफार्मों पर भी प्रदर्शित किया जाएगा।  
    4) यह विवरण अभ्‍यर्थी के चयन होने के 48 घंटे के भीतर अथवा नाम-निर्देशन दायर करने की पहली तिथि से न्‍यूनतम दो सप्‍ताह पहले, जो भी पहले हो, प्रकाशित किया जाएगा।  
    5) इसके बाद संबंधित राजनैतिक दल उस अभ्‍यर्थी के चयन की 72 घंटे की अवधि के भीतर इन निदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को प्रस्‍तुत करेगा।  
    6) यदि कोई राजनैतिक दल निर्वाचन आयोग को ऐसी अनुपालन रिपोर्ट प्रस्‍तुत करने में विफल रहता है तो निर्वाचन आयोग ‘‘संबंधित राजनैतिक दल द्वारा ऐसी अननुपालन की सूचना  इस न्‍यायालय के आदेशों/निदेशों  की  अवमानना  करने के रूप में उच्‍चतम न्‍यायालय को देगा ।‘’  
          निर्वाचन आयोग उच्‍चतम न्‍यायालय के इस ऐतिहासिक आदेश का तहेदिल से स्‍वागत करता है, जिसका निर्वाचकीय लोकतंत्र की व्‍यापक प्रगति के लिए नैतिक मानदंड स्‍थापित करने पर दूरगामी असर पडेगा। इससे पहले, आयोग ने मतदाताओं की जानकारी के लिए अभ्‍यर्थियों और संबंधित राजनैतिक दलों द्वारा आपराधिक पूर्ववृत्‍तों का प्रचार सुनिश्चित करने के लिए संशोधित घोषणा-पत्र सहित विस्‍तृत निदेश 10 अक्‍टूबर, 2018 को जारी किए थे। नवंबर, 2018 से इन्‍हें सभी निर्वाचनों में कार्यान्वित किया जा रहा है। अब, आयोग का प्रस्‍ताव है कि समुचित संशोधनों सहित इन अनुदेशों को पुन: जारी किया जाए ताकि माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के निर्देशों का अक्षरश: कार्यान्‍वयन किया जा सके।

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  11. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 के लिए परिणाम के रुझानों के प्रसार हेतु व्यवस्था-11 फरवरी, 2020

    सं.ईसीआई/प्रे.नो./21/2020 
    दिनांकः 10 फरवरी, 2020
     
    प्रेस नोट
    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 के लिए परिणाम के रुझानों के प्रसार हेतु व्यवस्था-11 फरवरी, 2020 
    दिल्ली विधानसभा निर्वाचनों के परिणाम रुझान सभी मतगणना केंद्रों के अलावा निम्नलिखित स्थानों पर 11 फरवरी, 2020 को सुबह 8 बजे से उपलब्ध होंगे। 
    1. परिणाम भारतीय निर्वाचन आयोग की वेबसाइट http://results.eci.gov.in  पर प्रदर्शित किए जाते हैं और प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के मौजूदा दौर-वार परिणाम प्रदर्शित करने के लिए कुछ-कुछ मिनटों बाद अद्यतन किए जाते हैं।
    2. परिणाम गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर पर उपलब्ध “मतदाता हेल्पलाइन” मोबाइल एप पर भी उपलब्ध हैं। 
    रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा उनके संबंधित मतगणना केंद्रों से प्रणाली में भरी गई सूचना वेबसाइट/मोबाइल एप पर दिखाई जाएगी।

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  12. आयोग ने पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों,नोडल अधिकारियों और केन्द्रीय प्रेक्षकों के साथ दिल्ली के निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा की।

    संख्या. ईसीआई/पीएन/20/ 2020
    दिनांक- 3 फरवरी 2020
     
    प्रेस नोट
    आयोग ने पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों,नोडल अधिकारियों और केन्द्रीय प्रेक्षकों के साथ दिल्ली के निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा की। 
    भारत निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री सुनील अरोड़ा एवं निर्वाचन आयुक्तों श्री अशोक लवासा और श्री सुशील चन्द्रा के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव,पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ और पड़ोसी राज्यों,यथा, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के भी साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली की विधान सभा के साधारण निर्वाचन 2020 की तैयारियों की आज समीक्षा की । गृहमंत्रालय, सीआरपीएफ, रेल मंत्रालय के नोडल अधिकारी भी उपस्थित थे।  
    निर्वाचन सदन से वीडियो कॉफ्रेंसिंग मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए,मुख्य चुनाव आयुक्त श्री  अरोड़ा ने यह सुनिश्चित करने के लिए समीक्षा की कि अवैध नकदी, शराब हथियार या असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर नियंत्रण के लिए प्रशासन के सभी विंगों और पड़ोसी राज्यों की पुलिस बल में  विशेषत: सीमावर्ती चौकियों पर अच्छा समन्वय स्थापित करने के आवश्यक कदम उठाए हैं।आयोग ने निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों को जरूरत होने पर नकदी रहित सुविधा प्रदान करना सुनिश्चित करने की सलाह सम्बधित राज्य अधिकारियों दी।   
    आयोग ने आगामी निर्वाचनों के लिए तैनात केन्द्रीय प्रेक्षकों के साथ भी मतदान की तैयारियों से सम्बन्धित आवश्यक गतिविधियों की समीक्षा की। सभी 70 विधान सभाओं में तैनात जनरल, पुलिस और व्यय प्रेक्षकों ने फोटो मतदाता पर्चियों का वितरण, मतदान केन्द्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने, और दिव्यांग मतदाताओं का प्रबन्धन करने, पर्याप्त संख्या में व्हीलचेअर की व्यवस्था करने, स्वयंसेवक, ईवीएम-वीवीपैट व्यवस्था करने, मतदान कर्मियों की रात्रि में ठहरने की व्यवस्था करने, शिकायतों की जांच, राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों को अनुमति प्रदान करने, सुरक्षा कार्मिकों की तैनाती की योजना बनाने, स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास बढ़ाने के उपाय करने, उडनदस्तों द्वारा की गई जब्तियों, अभ्यर्थियों के खातों के निरीक्षण, अभ्यर्थियों के पूर्व अपराध रिकॉर्ड को प्रचारित करने, सी विजिल और पेड न्यूज़ की शिकायतें, व्यय तथा कानून एवं व्यवस्था, संवेदनशील पॉकेट में व्यवस्थाओं, मतगणना दिवस की व्यवस्था करने के सम्बन्ध में किए गए कार्यों की जानकारी आयोग को दी।  
    प्रेक्षकों ने आयोग को आश्वासन दिया कि तैयारियाँ निर्धारित समयानुसार हो रही हैं और  मतदान के दिन की सभी तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं।पर्याप्त पुलिस बलों और सीआरपीएफ कम्पनियों की तैनाती की जा रही है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि 8 फरवरी 2020 को मतदान कर्मियों या मतदाताओं की आवाजाही में कोई समस्या न आए इसलिए विरोध प्रदर्शन की साइटों पर नज़र रखी जा रही है। हालांकि, कुछ प्रेक्षकों ने इंगित किया कि वरिष्ठ नागरिकों के विशेष पोस्टल बैलट सुविधा तथा उन्हें लाने-लेजाने की सुविधा प्राप्त करने के लिए पंजीकरण बहुत कम हुए हैं।मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली ने सूचित किया कि तदनुसार पंजीकरण की तिथि 5 फरवरी 2020 तक बढ़ा दी गई है। उन्होने यह भी सूचित किया कि जहाँ ज्यादा संख्या में शारीरिक रूप से निशक्त दिव्यांग मतदाताओं ने पंजीकरण कराया है उन मतदान केन्द्रों पर व्हीलचेअरों की संख्या बढ़ाई जा रही हैं।  
    आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि अभ्यर्थियों के पूर्व के अपराध रिकॉर्ड के प्रचार पर सर्वोच्च न्यायालय के निदेशों तथा तदनुरूप आयोग द्वारा जारी निदेशों का प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा विधिवत अनुपालन किया जाए तथा चूककर्ता अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किए जाएं। आयोग ने साथ साथ इस बात पर बल दिया कि डराने धमकाने वालों और कानून तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। सभी मतदान केन्द्रों के नजदीक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तत्काल निवारक कार्रवाई की जाए, शांति बनाए रखी जाए और 8 फरवरी 2020 को स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित किया जाय। ड्यूटी वाले मतदान कर्मियों के रात्रि में ठहरने की समुचित व्यवस्था की जाए और व्यय प्रेक्षकों द्वारा पूरी सतर्कता बरती जाए तथा और सख्त कार्रवाई की जाए जिससे कि निर्वाचन का वातावरण खराब न हो।   
    विशेष पुलिस प्रेक्षक श्री एम के दास ने आयोग को आश्वासन दिया कि वह अति संवेदनशील इलाकों में जमीनी स्तर पर व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं।विशेष व्यय प्रेक्षक श्री बी मुरली कुमार ने आयोग को आश्वासन दिया कि  प्रवर्तन बढ़ाने के लिए क्षेत्र स्तरीय दलों द्वारा यथावश्यक सावधानी बरती जाएगी ।

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  13. आयोग ने सीईओ दिल्ली, मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त और दिल्ली प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली में मतदान की तैयारियों की समीक्षा की

    सं.ईसीआई/प्रे.नो./19/2020                                
     दिनांकः 31 जनवरी, 2020
     
    प्रेस नोट 
    आयोग ने सीईओ दिल्ली, मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त और दिल्ली प्रशासन के वरिष्ठ    अधिकारियों के साथ दिल्ली में मतदान की तैयारियों की समीक्षा की
     
    भारत निर्वाचन आयोग ने आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली, विशेष पुलिस आयुक्त के साथ-साथ जिला निर्वाचन अधिकारियों, जिला पुलिस आयुक्तों, स्थानीय निकायों के नोडल अधिकारियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक का आयोजन किया और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 के लिए मतदान संबंधी तैयारियों की एक व्यापक गहन समीक्षा की एवं दिल्ली में स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त, गृह सचिव, वित्त सचिव, विशेष पुलिस आयुक्तों और सीईओ, दिल्ली के साथ भी एक बैठक हुई जिसमें दिल्ली में 8 फरवरी, 2020 को सभी मतदान केंद्रों पर सुचारू रूप से निर्वाचनों का संचालन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
     भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने कहा कि आयोग के अधिदेश को ध्यान में रखते हुए, यह अत्यधिक महत्वपूर्ण है कि निर्वाचन स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण, सुलभ, समावेशी और सहभागी तरीके से संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जब भी अपेक्षित होगा, आयोग मदद के लिए तैयार रहेगा, लेकिन निष्पक्ष, न्यायपूर्ण, वैधानिक और भेदभावरहित निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र स्तर के अधिकारियों को जहां भी आवश्यकता होगी, तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार रहना चाहिए। श्री अरोड़ा ने विशेष रूप से दिल्ली के सीमावर्ती जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान यह सुनिश्चित करने के लिए आकर्षित किया कि विशेष रूप से चिन्हित संवेदनशील मतदान केंद्रों में पर्याप्त कानून एवं व्यवस्था के प्रबंध किए जाएं ताकि सभी मतदाता सुरक्षित माहौल में अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करने में आश्वस्त महसूस करें।
                 बैठक को संबोधित करते हुए, चुनाव आयुक्त श्री अशोक लवासा ने कहा कि हालांकि सामान्य स्तर की तैयारी संतुष्टि का एक स्रोत है, तथापि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है कि प्रशासनिक नियंत्रण या दक्षता में कोई चूक न हो और आने वाली किसी भी परिस्थिति को संभालने के लिए नियमित रूप से जमीनी स्तर पर कार्रवाई की जाती हो। निर्वाचन आयुक्त, श्री सुशील चंद्रा ने शून्य-त्रुटि निष्पादन सुनिश्चित करने और दिल्ली में शांतिपूर्ण निर्वाचन कराने में किसी भी प्रकार की संतुष्टि के खिलाफ अधिकारियों को आगाह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय टीमों को आईटी टीमों और सीमावर्ती राज्य के समकक्ष अधिकारियों के साथ कानून और व्यवस्था एवं व्यय संवेदनशील पॉकेटों पर पर्याप्त ध्यान देना सुनिश्चित करने के लिए समन्वय बनाए रखना चाहिए।
                 मुख्य सचिव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली ने आयोग को अवगत कराया कि दिल्ली में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन सुनिश्चित करवाने के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस आयुक्त ने आश्वस्त किया कि दिल्ली पुलिस कानून और व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखेगी और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई करेगी।
               आयोग में दिल्ली के प्रभारी, वरिष्ठ उप-निर्वाचन आयुक्त, श्री संदीप सक्सेना ने अन्य बातों के साथ-साथ निर्वाचक नामावली प्रबंधन, मतदान बूथ व्यवस्था, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, परिवहन योजना की गुणवत्ता और निष्ठा, निर्वाचन प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देते हुए मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण, ईवीएम-वीवीपीएटी प्रक्रियाएं, शिकायत निवारण तंत्र, प्रेक्षकों की तैनाती, मतदाताओं की सुविधा के लिए और ड्यूटी पर मतदान अधिकारियों के लिए आईटी एप्लीकेशनों का उपयोग, ईवीएम स्ट्रांग रूम की व्यवस्था, मतगणना वाले दिन की व्यवस्था आदि के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा आरंभ की।
                 सीईओ दिल्ली, डॉ. रणबीर सिंह ने आयोग को आश्वासन दिया कि शांतिपूर्ण निर्वाचन कराने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरा निर्वाचन तंत्र स्थानीय निकायों के साथ मिलकर पूरी तरह जुड़ा हुआ है। मतदाता पहचान पत्रों को समयपूर्वक वितरित करने, डाक मतपत्र की सुविधा का विकल्प देने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष परिवहन सुविधा प्रदान करने, मतदाताओं को अपने मतदान बूथों पर कतार में उनकी संख्या की जानकारी प्रदान करने के लिए 11 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में क्यूआर कोड की सुविधा और पायलट एरिया में अतिरिक्त स्टाफ लगाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। संबंधित डीईओ और डीसीपी ने पर्याप्त निगरानी का आश्वासन दिया, जिसमें सीमावर्ती और ग्रामीण इलाके, कार्मिक प्रबंधन और प्रशिक्षण, मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं पर ध्यान, स्थानीय समुदायों के साथ उचित भरोसा कायम रखने के उपाय, कानून और व्यवस्था एवं व्यय संवेदनशील पॉकेटों में संवेदनशील संबंधी मैपिंग, जब्तीकरण और निवारक कार्रवाई और बरती जा रही सावधानी शामिल हैं।
     यह स्मरणीय है कि आयोग द्वारा 26 दिसंबर, 2019 को मतदान की तैयारियों का आकलन करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों जैसे कि सीएस, सीओपी, सीईओ, डीईओ, डीसीपी, स्थानीय निकाय के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित अन्य सभी संबंधित वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इससे पहले भी, वरिष्ठ उप-निर्वाचन आयुक्त, श्री संदीप सक्सेना, ने दिल्ली के निर्वाचन से संबंधित सभी अधिकारियों के साथ को 4 नवंबर, 2019 एवं 10 दिसंबर, 2019 और 28 जनवरी, 2020 को  मतदान की तैयारियों की बैठकें आयोजित की थीं।

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  14. भारत निर्वाचन आयोग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा, 2020 के साधारण निर्वाचन हेतु श्री बी मुरली कुमार को विशेष व्यय प्रेक्षक और श्री एम के दास को विशेष पुलिस प्रेक्षक के रूप में नियुक्त करता है

    सं.ईसीआई/प्रे.नो./18/2020
    दिनांकः 31 जनवरी, 2020
     
    प्रेस नोट 
    विषय: भारत निर्वाचन आयोग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा, 2020 के साधारण निर्वाचन हेतु श्री बी मुरली कुमार को विशेष व्यय प्रेक्षक और श्री एम के दास को विशेष पुलिस प्रेक्षक के रूप में नियुक्त करता है  
         भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली के सिविल और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 के लिए  श्री बी मुरली कुमार (पूर्व आईआरएस-1983) को विशेष व्यय प्रेक्षक के रूप में और श्री मृणाल कांति दास (सेवानिवृत्त आईपीएस 1977) को विशेष पुलिस प्रेक्षक के रूप में नियुक्त किया है।
     विशेष व्यय प्रेक्षक के रूप में श्री मुरली, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली से परामर्श करके, निर्वाचन तंत्र द्वारा किए जा रहे कार्यों का पर्यवेक्षण और अनुवीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदाताओं को नकदी, शराब और मुफ्त वस्तुएं आदि वितरित करके लुभाने वाले व्यक्तियों/संस्थाओं के खिलाफ सी-विजिल, मतदाता हेल्पलाइन 1950 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और आसूचना इन्पुट के आधार पर कठोर और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाए। इसी प्रकार से, श्री दास को विशेष पुलिस प्रेक्षक के रूप में तैनाती और अन्य सुरक्षा संबंधी मुद्दों के निरीक्षण का कार्य सौंपा गया है।
     यह भी स्मरणीय है कि श्री एम के दास, जो मणिपुर पुलिस के महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए, को पूर्व में भी वर्ष 2019 के लोक सभा निर्वाचनों के दौरान त्रिपुरा और मिजोरम के लिए और हाल ही में आयोजित हुए झारखंड विधान सभा निर्वाचनों के लिए विशेष पुलिस प्रेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। श्री बी मुरली कुमार को भी आयकर विभाग के अन्वेषण विंग में उनके पिछले अनुभवों को देखते हुए, 8-वेल्लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए और हाल ही में संपन्न हुए महाराष्ट्र एवं झारखंड में विधान सभा निर्वाचनों के लिए विशेष व्यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था।

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  15. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिल्ली मतदान की तैयारियों की समीक्षा के लिए विशेष बैठक का आयोजन

    सं.ईसीआई/प्रे.नो./17/2020                                
    दिनांकः 30 जनवरी, 2020
     
    प्रेस नोट
    विषय: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिल्ली मतदान की तैयारियों की समीक्षा के लिए विशेष बैठक का आयोजन 
    भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली के आगामी निर्वाचनों की मतदान संबंधी तैयारियों के लिए व्यापक समीक्षा हेतु और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचनों के संचालन के लिए सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली के साथ-साथ जिला निर्वाचन अधिकारियों, जिला पुलिस आयुक्तों, नोडल अधिकारियों और स्थानीय निकायों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ 31 जनवरी, 2020 को अप. 4 बजे एक विशेष बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।
    निर्वाचनों के शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुचारू संचालन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा करने के लिए इस समीक्षा बैठक के बाद अप. 5.30 बजे प्रमुख सचिव, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, पुलिस आयुक्त, गृह सचिव, वित्त सचिव, विशेष पुलिस आयुक्तों और सीईओ दिल्ली के साथ एक और बैठक होगी। यह स्मरणीय है कि आयोग द्वारा 26 दिसंबर, 2019 को मतदान की तैयारियों का आकलन करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों जैसे कि सीएस, सीओपी, सीईओ, डीईओ, डीसीपी, स्थानीय निकाय के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित अन्य सभी संबंधित वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी।
     इस बैठक से पहले, वरिष्ठ उप-निर्वाचन आयुक्त, श्री संदीप सक्सेना, जो भारत निर्वाचन आयोग में दिल्ली के प्रभारी हैं, ने निर्वाचन से संबंधित सभी अधिकारियों के साथ मतदान तैयारियों की दो बैठकें आयोजित कीं-एक 4 नवंबर, 2019 को और दूसरी 10 दिसंबर, 2019 को। महासचिव, श्री उमेश सिन्हा और महानिदेशक (संचार) श्री धीरेन्द्र ओझा ने भी निर्वाचनों से संबंधित कुछ संकेंद्रित मुद्दों पर एक अलग बैठक का आयोजन किया था। पुनः 28 जनवरी, 2020 को वरिष्ठ डीईसी, श्री सक्सेना द्वारा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारियों, डीसीपी और स्थानीय निकाय के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ मतदान संबंधी तैयारियों का आकलन करने के लिए एक व्यापक बैठक का आयोजन किया गया था।

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  16. Election Commission has ordered the removal of Sh. Anurag Thakur and Sh. Parvesh Sahib Singh from the list of star campaigners of Bhartiya Janta Party

    No. ECI/PN/16/2020                                                            
    Dated: 29th January, 2020
     
    PRESS NOTE
    Election Commission has ordered the removal of Sh. Anurag Thakur and Sh. Parvesh Sahib Singh from the list of star campaigners of Bhartiya Janta Party for the general elections to the Legislative Assembly of the NCT of Delhi with immediate effect and until further orders.

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  17. General election to the Legislative Assembly of NCT of Delhi, 2020 – Ban on Exit Poll.

    No. ECI/PN/ 15 /2020                                              
    Dated: 28th January, 2020
    Press Note
    Sub: General election to the Legislative Assembly of NCT of Delhi, 2020 – Ban on Exit Poll.
    Election Commission of India, in exercise of the powers under sub-section(1) of Section 126A of the Representation of the People Act, 1951 has notified the period between 8.00 A.M. and 6.30 P.M. on 8th February, 2020 (Saturday) as the period during which conducting any exit poll and publishing or publicizing the result of exit poll by means of the print or electronic media or in any other manner shall be prohibited in the ongoing General Election to the Legislative Assembly of NCT of Delhi, 2020.
    Further, under Section 126(1)(b) of the Representation of the People Act, 1951, displaying any election matter including results of any opinion poll or any other poll survey, in any electronic media, would be prohibited during the period of 48 hours ending with the hour fixed for conclusion of poll in the aforesaid General election.
    Notification dated 24th January, 2020 issued in this regard is enclosed herewith for the information of all concerned.

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  18. विधान सभा सदस्यों (एमएलए) द्वारा कर्नाटक विधान परिषद का उपचुनाव-तत्संबंधी

    संख्या. ईसीआई/पीएन/14 / 2020 
    दिनांक- 27 जनवरी 2020
      
    प्रेस नोट
    विषय: विधान सभा सदस्यों (एमएलए) द्वारा कर्नाटक विधान परिषद का उपचुनाव-तत्संबंधी     
    कर्नाटक की विधान परिषद में एक आकस्मिक रिक्ति है,जो विधान सभा सदस्यों द्वारा भरी जानी है। रिक्ति के विवरण निम्नवत हैं:  
    सदस्य का नाम
    निर्वाचन की प्रकृति
    रिक्ति का कारण
    अवधि कब तक रहेगी
    श्री रिज़वान अरशद
    विधान सभा सदस्यों द्वारा
    19.12.2019 को कर्नाटक विधान सभा के लिए चुने गए
    14.06.2022
       2.आयोग ने उपर्युक्त रिक्ति को भरने के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार विधान सभा सदस्यों द्वारा कर्नाटक विधान परिषद का उपचुनाव कराने का निर्णय लिया है:-   
    क्रमांक
    कार्यक्रम
    दिनांक
    1.
    अधिसूचना जारी करना
    30 जनवरी 2020 (गुरूवार)
    2.
    नाम-निर्देशन करने की अंतिम तिथि
    6 फरवरी 2020 ( गुरूवार)
    3.
    नाम-निर्देशनों की संवीक्षा
    7 फरवरी 2020 (शुक्रवार)
    4.
    अभ्यर्थिता वापिस लेने की अंतिम तारीख
    10 फरवरी 2020 (सोमवार )
    5.
    मतदान की तिथि
    17 फरवरी 2020 ( सोमवार )
    6.
    मतदान का समय
    पूर्वा.9.00 बजे से अप. 4.00 तक
    7.
    मतगणना
    17 फरवरी 2020(सोमवार) सायं 5.00 बजे तक
    8.
    वह तारीख, जिससे पहले निर्वाचन पूरा कर लिया जाएगा
    18 फरवरी 2020 (मंगलवार)
     
     

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  19. भारत निर्वाचन आयोग के स्‍थापना दिवस के अवसर पर 10वां राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस समारोह मनाया गया।

    सं.भा.नि.आ./प्रेस नोट/13/2020
    दिनांक: 25 जनवरी, 2020
    प्रेस नोट
    भारत निर्वाचन आयोग के स्‍थापना दिवस के अवसर पर 10वां राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस समारोह मनाया गया।
    देशभर में आज 10वां राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया। भारत के राष्‍ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने नई दिल्‍ली में आयोजित राष्‍ट्रीय स्‍तर के इस समारोह की अध्‍यक्षता की। श्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय विधि एवं न्‍याय, संचार एवं इलेक्‍ट्रॉनिक तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने भी माननीय अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुनील अरोड़ा, निर्वाचन आयुक्‍त श्री अशोक लवासा और श्री सुशील चंद्रा तथा महासचिव श्री उमेश सिन्‍हा एवं महानिदेशक श्री धर्मेन्‍द्र शर्मा ने गणमान्‍य अतिथियों का स्‍वागत किया गया।
     राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस 2020 का थीम ‘सशक्‍त लोकतंत्र के लिए निर्वाचन साक्षरता’ था जिसके अंतर्गत अधिकाधिक सहभागिता और जागरूक तथा नैतिक मतदान सुनिश्चित करने हेतु सभी के लिए निर्वाचक साक्षरता के प्रति भारत निर्वाचन आयोग की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। इस वर्ष से भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्‍वपूर्ण मील का पत्‍थर अभिलक्षित होता है  क्‍योंकि भारत निर्वाचन आयोग ने अपनी स्‍थापना के 70 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
    राष्‍ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्‍द ने 17वीं लोकसभा के निर्वाचन स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष और पारदर्शी तरीके से सफलतापूर्वक आयोजित करवाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए विभिन्‍न प्रकार के कार्यकलापों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। राष्‍ट्रपति ने देश के दूरस्‍थ स्‍थानों पर निर्वाचक नामावली में मतदाताओं का नाम शामिल करने के लिए उन तक पहुंचने हेतु की गई पहल तथा उन्‍हें मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रोत्‍साहित करने के लिए विशेष रूप से सराहना की, जिसके फलस्‍वरूप 67.47% का ऐतिहासिक मतदाता प्रतिशत दर्ज किया गया। उन्‍होंने उन 6 नए मतदाताओं को बधाई दी जिन्‍हें आज निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र प्रदान किए गए थे। राष्‍ट्रपति ने सार्वभौमिक वयस्‍क मताधिकार सिद्धांत का भी विशेष रूप से उल्‍लेख किया जिससे समस्‍त पात्र भारतीय नागरिकों को भारतीय गणतंत्र की यात्रा की शुरूआत से ही मतदान करने में सहायता मिली। श्री कोविन्‍द ने पिछली लोक सभा के साधारण निर्वाचनों में लैंगिक अंतर को 0.1% से कम करना सुनिश्चित करने हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए विशेष प्रयासों का भी उल्‍लेख किया उन्‍होंने निर्वाचक साक्षरता क्‍लबों के प्रयासों की तथा दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए स्‍थानीय भाषा का प्रयोग करने की भी विशेष सराहना की।
    इस अवसर पर राष्‍ट्रपति ने निर्वाचन संचालन में विभिन्‍न क्षेत्रों में अधिकारियों द्वारा उत्‍कृष्‍ट कार्य निष्‍पादन करने के लिए उन्‍हें सर्वोत्‍तम निर्वाचन पद्धतियों के राष्‍ट्रीय पुरस्‍कारों से सम्‍मानित किया। जिला प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों के सतत प्रयासों से नए पात्र मतदाताओं का नामांकन सुनिश्चित करने, मतदान अनुभव को सुगम बनाने हेतु स्‍वीप एप का शुभारंभ करने, नवीनतम उपायों के साथ निर्वाचनों का संचालन करने, मतदान केंद्रों पर दिव्‍यांगजनों को सुविधाएं उपलब्‍ध करवाने तथा भंयकर चक्रवाती तूफान जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम-काज करने अथवा सुरक्षा ग्रिड तंत्र का समन्‍वय करने हेतु उनके द्वारा किए गए अथक प्रयासों की प्रशंसा की गई। इसके अतिरिक्‍त, सीएसओज, सरकारी विभागों और मीडिया हाउसिस को भी मतदाता जागरूकता और आउटरीच के क्षेत्र में उनके उल्‍लेखनीय योगदान के लिए पुरस्‍कृत किया गया।
     केंद्रीय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद द्वारा दो पुस्‍तकों का विमोचन किया गया और इन्‍हें माननीय राष्‍ट्रपति को भेंट किया गया। पहली पुस्‍तक ‘बीलिफ इन द बैलेट-II’ थी जो कि भारतीय निर्वाचनों के बारे में देशभर की 101 मानवीय कहानियों का संकलन है। यह निर्वाचन अधिकारियों और मतदाताओं, दोनों की साहसिक, रूचिकर और प्रेरक कहानियों का संयोजन है, और इसमें निर्वाचन अधिकारियों के साहस, त्‍याग और समर्पण के अनुभवों तथा मतदाताओं के उत्‍साह एवं प्रतिबद्धता का वर्णन किया गया है।
    विमोचन की जाने वाली दूसरी पुस्‍तक ‘द सैंटिनेरियन वोटर्स’ : सैंटिनल्‍स ऑफ अवर डेमोक्रेसी’ थी। इस संग्रह में भारत के उन 51 शतायु मतदाताओं की कहानियों और अनुभव को प्रस्‍तुत किया गया है जिन्‍होंने दुर्गम रास्‍तों, अस्‍वस्‍थता तथा अन्‍य चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करके अपना मतदान किया।
    अफगानिस्‍तान, बंग्‍लादेश, भूटान, कज़ाखिस्‍तान, किरगिज़ रिपब्लिक, मालदीव, मॉरीशस, नेपाल, श्रीलंका और टयूनीशिया के मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍तों और वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भी समारोह की शोभा बढ़ाई। निर्वाचनों के क्षेत्र में कार्यरत प्रतिष्ठित अंतर्राष्‍ट्रीय संस्‍थान जैसे ई-वेब, आईएफईएस और अंतर्राष्‍ट्रीय आईडीईए भी इस आयोजन के भाग थे। विभिन्‍न देशों के राजदूतों और लोकतंत्र व निर्वाचनों के क्षेत्र में कार्यरत राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्‍त राजनैतिक दलों और संसद के सदस्‍यों ने भी इस राष्‍ट्रीय समारोह में भाग लिया।
     भारत निर्वाचन आयोग के स्‍थापना दिवस के अवसर पर प्रत्‍येक वर्ष 25 जनवरी को वर्ष 2011 से पूरे देश में राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 1950 में 25 जनवरी को ही आयोग की स्‍थापना की गई थी। इस वर्ष, भारत निर्वाचन आयोग की स्‍थापना के शानदार 70 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्‍य में तीन दिन तक समारोह आयोजित किए गए। 23 जनवरी को भारत के प्रथम मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुकुमार सेन की स्‍मृति में पहली बार वार्षिक व्‍याख्‍यान श्रृंखला (लेक्‍चर सीरिज़) का आयोजन किया गया। भारत के माननीय भूतपूर्व राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी़ द्वारा व्‍याख्‍यान दिया गया। 24 जनवरी को ‘‘सांस्‍थानिक क्षमता का सुदृढ़ीकरण’’ विषय पर अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का आयोजन किया गया था।
    राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस समारोह का मुख्‍य उद्देश्‍य विशेषकर नए मतदाताओं के नामांकन को प्रोत्‍साहित करना, सुविधाजनक बनाना तथा इसमें वृद्धि करना है। देश के मतदाताओं को समर्पित, इस विशेष दिन का उपयोग निर्वाचन प्रक्रिया में संसूचित सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए मतदाताओं में जागरूकता फैलाने के लिए किया जाता है।
     राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस के लिए लिंक डाउनलोड करें: 
    ब्रोशर: https://ecisveep.nic.in/files/file/1200-national-voters-day-2020-brochure/
     
     

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  20. मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री सुनील अरोड़ा ने दक्षिण एशियाई निर्वाचन प्रबंधन निकाय फोरम (फेम्बोसा) की वर्ष 2020 के लिए अध्यक्षता ग्रहण की।

    सं. भा.नि.आ/प्रेस नोट/12/2020                            दिनांकः 24 जनवरी, 2020
     
    प्रेस नोट
     
    मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री सुनील अरोड़ा ने दक्षिण एशियाई निर्वाचन प्रबंधन निकाय फोरम (फेम्बोसा) की वर्ष 2020 के लिए अध्यक्षता ग्रहण की।
    ‘सांस्थानिक क्षमता के सशक्तिकरण’ पर फेम्बोसा की 10वीं वार्षिक बैठक और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का नई दिल्ली में समापन।
    फेम्बोसा के सदस्यों द्वारा नई दिल्ली संकल्प एकमत से अंगीकृत किया गया।
     
    भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने आज दक्षिण एशियाई निर्वाचन प्रबंधन निकाय फोरम (फेम्बोसा) की वर्ष 2020 के लिए अध्यक्षता ग्रहण की। फेम्बोसा के निवर्तमान अध्यक्ष, श्री के.के. नुरूल हुदा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, बांग्लादेश ने आज नई दिल्ली में आयोजित फेम्बोसा की 10वीं वार्षिक बैठक में नए अध्यक्ष श्री अरोड़ा को फेम्बोसा का प्रतीक (लोगो) प्रदान किया। 
    अपने संबोधन में श्री नुरूल हुदा ने कहा कि फोरम के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए सदस्य अपने अनुभव और कौशल साझा करते रहे हैं तथा अन्य निर्वाचन प्रबंधन निकायों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए भी कदम उठाते रहे हैं। निर्वाचन प्रबंधन निकाय बांग्लादेश द्वारा फेम्बोसा के सदस्यों के पिछले वर्ष के कार्यकलापों की प्रबंधन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। 
    फोरम के अध्यक्ष पद का दायित्व स्वीकार करते हुए श्री अरोड़ा ने प्रतिनिधियों द्वारा भारत निर्वाचन आयोग में अपना विश्वास और भरोसा जताने के लिए उनका धन्यवाद किया। श्री अरोड़ा ने कहा “लोकतांत्रिक मंच और इसकी अधिरचना लोगो की इच्छा विधिमान्य राजनैतिक शक्ति के सिद्धांत पर निर्मित और मजबूत की जा सकती है। लोकतंत्र में, सत्ता को केवल सार्वभौमिक, समानता, प्रत्यक्ष और स्वतंत्र मताधिकार पर आधारित नियमित निर्वाचनों के आयोजन से जीता और विधिमान्य बनाया जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि मजबूत सहभागिता और समावेशी लोकतंत्र सभी नागरिकों के लिए सुशासन और सशक्तिकरण बेहतर ढंग से सुनिश्चित कर पाते हैं। श्री अरोड़ा ने यह भी कहा कि क्षमता निर्माण के लिए, भारत निर्वाचन आयोग ने जून, 2011 में भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) की स्थापना की है। 
    फेम्बोसा की स्थापना मई, 2012 में नई दिल्ली में आयोजित सार्क देशों के निर्वाचन प्रबंधन निकायों के प्रमुखों के तीसरे सम्मेलन में की गई थी। अपने आठ सदस्यों के साथ, फेम्बोसा लोकतांत्रिक विश्व के बहुत बड़े भाग का प्रतिनिधित्व करता है और निर्वाचन प्रबंधन निकायों का सक्रिय क्षेत्रीय संघ है। फेम्बोसा की वार्षिक बैठक सदस्यों के क्रमावर्तन (रोटेशन)  आधार पर आयोजित की जाती है। फेम्बोसा की अंतिम (नौंवी) वार्षिक बैठक ढाका में सितम्बर, 2018 में आयोजित की गई थी। 
    नई दिल्ली संकल्प आज फेम्बोसा की दसवीं वार्षिक बैठक के आयोजन में बैठक में उपस्थित सात फेम्बोसा के सदस्यों द्वारा एकमत से अंगीकृत किया गया। सदस्यों ने संकल्प लिया किः फेम्बोसा की दसवीं बैठक में निर्वाचन प्रबंधन निकायों के सदस्यों द्वारा अनुमोदित वर्ष के रूप में 2020 के लिए कार्य योजना को कार्यान्वित करना; सदस्य देशों की क्षमता निर्माण में सहयोग करना; संबंधित देशों में यथा व्यावहारिक निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रमों की मेज़बानी करना; सदस्यों को यथा अनुरोधित और यथा व्यावहारिक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना; निर्वाचन प्रबंधन निकायों के सदस्यों द्वारा प्रयोग किए जा रहे आईसीटी टूल्ज़ और माडयूल्स की उत्तम पद्धतियों और जानकारी को साझा करना और निर्वाचनों में आईसीटी के सतत प्रयोग के लिए मानक विकसित करना; धन बल और बाहुबल प्रयोग पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाना; निर्वाचन प्रक्रिया में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की सहभागिता को बढ़ाना और इसे सुगम बनाना; www.fembosa.org वेब पोर्टल के माध्यम से निर्वाचन प्रबंधन निकायों के मध्य सूचनाएं साझा करने के लिए स्थायी अंश (कंटेंट) प्रबंधन आधारित फेम्बोसा वेब पोर्टल का अनुरक्षण; क्षेत्रीय अनुसंधान परियोजनाएं परिकल्पित करना और इन्हें कार्यान्वित करना। 
    “निर्वाचनों में प्रौद्योगिकी के प्रयोग” संबंधी वर्ष 2020 की कार्ययोजना में यह अपेक्षा है कि निर्वाचनों में प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं संबंधी परियोजनाएं और पहल आरंभ करें तथा इस बारे में अपने अनुभवों और सामने आई चुनौतियों की रिपोर्ट फेम्बोसा की आगामी बैठक में प्रस्तुत करें। 
    सम्मेलन के अतिरिक्त, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अफगानिस्तान के स्वतंत्र निर्वाचन आयोग के साथ निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए समझौता करार का नवीकरण किया गया। समझौता करार पर महामहिम श्रीमती हावा आलम नूरिस्तानी, चेयर वुमेन, अफगानिस्तान स्वतंत्र निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग की ओर से श्री सुनील अरोड़ा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा हस्ताक्षर किए गए। निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग हेतु टयूनिशिया के निर्वाचन संबंधी स्वतंत्र उच्च प्राधिकरण के साथ भी समझौता करार पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौता करार पर महामहिम श्री नाबिल बफाउन, अध्यक्ष, निर्वाचन स्वतंत्र उच्च प्राधिकरण, टयूनिशिया और श्री अरोड़ा द्वारा हस्ताक्षर किए गए। 
    आज “सांस्थानिक क्षमता के सशक्तिकरण” थीम पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 30 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पूरे दिन चलने वाले
    अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभागी फेम्बोसा सदस्यों के प्रतिनिधि और कजाखिस्तान, केन्या, किर्गिस्तान, मारीशस, टयुनिशिया के निर्वाचन प्रबंधन निकायों तथा तीन अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं अर्थात् ए-वेब, निर्वाचकीय पद्धतियों का अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठान (इंटरनेशनल फाउंडेशन ऑफ इलेक्टोरल सिस्टमस) और अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए के प्रतिभागी शामिल थे। अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, किर्गिज रिपब्लिक, मालदीव, मारीशस, नेपाल, श्रीलंका, टयुनिशिया, आईएफईएस और अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया। प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव, उत्तम पद्धतियां और पहल साझा की। निर्वाचन प्रबंधन निकायों की सांस्थानिक क्षमता के सशक्तिकरण हेतु प्रतिनिधियों ने बाधाओं, नीतिगत कार्यकलापों, कार्यनीतियों, कार्यक्रमों, उत्तम परिपाटियों और प्रौद्योगिकी संबंधी नवोन्वेषों का विश्लेषण किया। 
    इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने भारत के दो निर्वाचन आयुक्तों श्री अशोक लवासा और श्री सुशील चंद्रा तथा महासचिव, श्री उमेश सिन्हा, भा नि आ के साथ भारत निर्वाचन आयोग की पत्रिका – ‘वॉयस इंटरनेशनल’ के दसवें अंक का भी विमोचन किया, जिसमें ‘मतदाता पंजीकरण की नवोन्मेषी पद्धतियां’ के थीम पर लेख शामिल हैं। इस अवसर पर “महत्वपूर्ण है मत मेरा” पत्रिका का चौथा अंक भी जारी किया गया था। विश्व निर्वाचन निकाय संघ (ए-वेब) का एक वेब पोर्टल भी शुरू किया गया। आईआईआईडीईएम, ए-वेब सदस्यों के कार्मिकों की उत्तम पद्धतियों और क्षमता निर्माण को साझा करने के लिए प्रलेखन, अनुसंधान और प्रशिक्षण हेतु ए-वेब सेंटर की मेजबानी करेगा। आयोग ने “आईसीटी 2020; निर्वाचन हेतु 20 एप्स का सार-संग्रह” भी जारी किया है। 
    भारत निर्वाचन आयोग ने विश्व में सबसे बड़े लोकतंत्र में सहभागितापूर्ण तरीके से स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय निर्वाचनों के संचालन में एक अग्रणी भूमिका निभाने का प्रयास किया है। यह अपने मजबूत अंतर्राष्ट्रीय सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से अन्य निर्वाचन प्रबंधन निकायों को जानकारी देने तथा कौशल एवं उत्तम परिपाटियों को साझा करने के कारण अपनी स्वच्छ छवि बनाए हुए है। सितम्बर, 2019 में, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विश्व निर्वाचन निकायों के 115 सदस्य संघों के वर्ष 2019-21 के कार्यकाल हेतु अध्यक्षता का पद्भार ग्रहण किया गया था। आज ही कुछ समय पहले, भारत निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2020 के लिए फेम्बोसा के अध्यक्ष का पद ग्रहण किया है। भारत निर्वाचन आयोग इन संघों के आदर्शों और उद्देश्यों के प्रति कटिबद्ध है और विश्व में लोकतंत्र की मशाल जलाने के लिए अपने साथी ईएमबी के साथ सहयोग बढ़ाने और पारस्परिक वार्तालाप को और मजबूत बनाने हेतु आशान्वित है।
     

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  21. 10वें राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन 25 जनवरी, 2020 को किया गया। एनवीडी 2020 का थीम ‘‘सशक्‍त लोकतंत्र के लिए निर्वाचन साक्षरता’’ होगा

    सं.भा.नि.आ./प्रेस नोट/11/2020                            
    दिनांक: 24 जनवरी, 2020
    प्रेस नोट
     
    10वें राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन 25 जनवरी, 2020 को किया गया।  
    एनवीडी 2020 का थीम ‘‘सशक्‍त लोकतंत्र के लिए निर्वाचन साक्षरता’’ होगा
     
    भारत के राष्‍ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मानेक्‍शा सेंटर, दिल्‍ली कैंट में 25 जनवरी 2020 को आयोजित किए जा रहे 10वें राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस के समारोह के मुख्‍य अतिथि होंगे। श्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय विधि एवं न्‍याय, संचार एवं इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री भी इस राष्‍ट्रीय समारोह की शोभा बढ़ाएंगें। यह वर्ष भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्‍वपूर्ण मील का पत्‍थर प्रदर्शित करता है  क्‍योंकि भारत निर्वाचन आयोग ने अपनी स्‍थापना के 70 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
     भारत निर्वाचन आयोग के स्‍थापना दिवस के अवसर पर वर्ष 2011 से ही पूरे देश में प्रत्‍येक वर्ष लगभग 10 लाख से ज्‍यादा स्‍थानों पर 25 जनवरी को राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता रहा है जिसमें मतदान केंद्र, उप मंडल मंडल, जिला और राज्‍य मुख्‍यालय शामिल होते हैं। वर्ष 1950 में 25 जनवरी को ही आयोग की स्‍थापना की गई थी। राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस समारोह का मुख्‍य उद्देश्‍य विशेषकर नए मतदाताओं के नामांकन को प्रोत्‍साहित करना, सुविधाजनक बनाना तथा इसमें वृद्धि करना है। देश के मतदाताओं को समर्पित, इस विशेष दिन का उपयोग निर्वाचन प्रक्रिया में संसूचित सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए मतदाताओं में जागरूकता फैलाने के लिए किया जाता है। एनवीडी मतदाता समारोह में नए मतदाताओं को निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र देकर सम्‍मानित किया जाता है।
     ‘बीलिफ इन द बैलेट-2’ पुस्‍तक भारतीय निर्वाचनों के बारे में देशभर की 101 मानवीय कहानियों का संकलन है जिसे प्रकाशन प्रभाग के सहयोग से तैयार किया गया है और इस अवसर पर इसका विमोचन किया जाएगा तथा पहली प्रति आयोग द्वारा माननीय राष्‍ट्रपति को भेंट की जाएगी।
    ‘द सैंटिनेरियन वोटर्स’:सैंटिनल्‍स ऑफ डेमोक्रेसी’ पुस्‍तक में देश भर के उन 51 शतायु मतदाताओं की कहानियां हैं, जिन्‍होंने दुर्गम रास्‍तों, अस्‍वस्‍थता तथा अन्‍य चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करके अपना मतदान किया और इस अवसर पर इसका विमोचन माननीय राष्‍ट्रपति द्वारा किया जाएगा।
     आईटी पहल, सुरक्षा प्रबंधन, निर्वाचन प्रबंधन जैसे विभिन्‍न क्षेत्रों में निर्वाचनों के संचालन तथा मतदाता जागरूकता एवं आउटरीच के क्षेत्र में योगदान देने के लिए उत्‍कृष्‍ट कार्य निष्‍पादन करने वाले जिला और राज्‍य स्‍तरीय अधिकारियों को सर्वोत्‍तम निर्वाचन पद्धतियों के राष्‍ट्रीय पुरस्‍कारों से सम्‍मानित किया जाएगा।
      अफगानिस्‍तान, बंग्‍लादेश, भूटान, कज़ाखिस्‍तान, किरगिज़ रिपब्लिक, मालदीव, मॉरीशस, नेपाल, श्रीलंका और टयूनीशिया के मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त और प्रतिनिधि मंडल, जो फोरम ऑफ दी इलेक्‍शन मैनेजमैंट बॉडीज ऑफ साउथ एशिया (एफईएमबीओएसए) की दसवीं वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए नई दिल्‍ली आ रहे हैं, भी इस समारोह की शोभा बढ़ाएंगें। निर्वाचनों के क्षेत्र में कार्यरत प्रतिष्ठित अंतर्राष्‍ट्रीय संस्‍थान जैसे ए-वेब, आईएफईएस और अंतर्राष्‍ट्रीय आईडीईए भी इस आयोजन के भाग होंगे। विभिन्‍न देशों के राजदूतों और लोकतंत्र व निर्वाचनों के क्षेत्र में कार्यरत राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्‍त राजनैतिक दलों और संसद के सदस्‍यों की भी इस राष्‍ट्रीय समारोह में भाग लेने की आशा है।
    राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस, 2020 का थीम ‘‘सशक्‍त लोकतंत्र के लिए निर्वाचन साक्षरता है।’’ यह थीम वर्षपर्यंत चलने वाले कार्यकलापों के लिए माहौल बनाता है जिनका फोकस मतदाता शिक्षा तथा निर्वाचकीय प्रक्रिया में नागरिकों का भरोसा जगाने पर होता है।   

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  22. भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना के 70वें वर्ष के अवसर पर भारत निर्वाचन आयोग की मेजबानी में आयोजित प्रथम सुकुमार सेन स्मृति व्याख्यान श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा दिया जाना

    संख्या. ईसीआई/पीएन/10/2020                               
    दिनांकः 23 जनवरी 2020
     
     
    प्रेस नोट
    भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना के 70वें वर्ष के अवसर पर भारत निर्वाचन आयोग की मेजबानी में आयोजित  
    प्रथम सुकुमार सेन स्मृति व्याख्यान श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा दिया जाना 
    भारत के प्रथम निर्वाचन की रिपोर्ट की पुनर्मुद्रित प्रति का श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा विमोचन किया गया; श्री सुकुमार सेन की स्मृति में डाक टिकट जारी किया गया  
     
    भारत के प्रथम मुख्य निर्वाचन आयुक्त को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने   आज प्रथम सुकुमार सेन स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया। श्री सेन ने 21 मार्च 1950 से 19 दिसम्बर 1958 तक प्रथम निर्वाचन आयुक्त के रूप में सेवा की थी। 
    पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने भारत की निर्वाचन प्रक्रिया और हमारे निर्वाचन तंत्र के समक्ष चुनौतियों पर अपना उद्घाटन व्याख्यान दिया। श्री मुखर्जी के व्याख्यान में हमारे राष्ट्रीय विकास में संस्थानों की महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
    इस अवसर पर बोलते हुए, श्री मुखर्जी ने श्री सुकुमार सेन के बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि “उन्होने प्रसूति विज्ञानी के रूप में काम करने और भारतीय लोकतंत्र को पहली खेप के रूप में लगभग 3000 निर्वाचित प्रतिनिधि प्रदान करने का कार्य चुना। आश्चर्य मिश्रित एहसास करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की प्रक्रिया में यथासम्भव, गैर आईसीएस वाली नम्रता हो, मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में उनका दलों के प्रति अप्रत्यक्ष, उदार, प्रभावी धैर्यपूर्वक और न्यायकारी व्यवहार रहा लेकिन दूसरी ओर अपनी जिम्मेदारी के प्रति पूर्ण सख्त रहे”। श्री मुखर्जी ने नोट किया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष लोकप्रिय और विश्वसनीय निर्वाचन लोकतंत्र की एक आधारशिला है और सही अर्थ में जीवनदायी रक्त के समान हैं। सेन ने पहले दो साधारण निर्वाचन निर्बाध रूप में सम्पन्न करा कर भारत को सही अर्थों में ब्रिटिश उपनिवेश से एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक  गणराज्य की ओर ले जाने का काम किया। 
    श्री मुखर्जी ने स्मरण करवाया कि “संविधान बनाने वाली भारत की संविधान सभा ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के मसले पर गहन विचार-विमर्श किया था। इसने इसकी सभी कठिनाइयों को पूरी तरह समझते हुए भी बिना किसी हिचकिचाहट के वयस्क मताधिकार की व्यवस्था को स्वीकर किया”। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा “पहले साधारण निर्वाचन की सर्वप्रथम उपलब्धि इस तथ्य में है कि इससे भारत के एकीकरण को मजबूती मिली और कड़ी मेहनत से इसे हासिल किया गया”। उन्होने कहा, भारतीय लोकतंत्र और इसकी अंतर्निहित समत्व की शक्ति ने कुंठित विद्रोह और अलगाववादी आन्दोलनों को सफलतापूर्वक समाप्त किया है और निर्वाचनों द्वारा विभिन्न समूहों को निर्वाचन की मुख्य धारा में लाने में सफलता पाई है। उन्होंने जोर दे कर कहा, “भारतीय लोकतंत्र अनेकों बार चुनौतियों पर खरा उतरा है। सर्वसम्मति लोकतंत्र की रक्त रूपी जीवनदायिनी है। लोकतंत्र की सफलता श्रवण, चर्चा, विचार-विमर्श, तर्क और यहाँ तक कि विरोध में भी निहित है। निर्वाचन प्रक्रिया में जनता की उत्साहपूर्वक भागीदारी स्वस्थ लोकतंत्र की कुंजी है।                      
    निर्वाचन आयोग की भूमिका पर विचार व्यक्त करते हुए, श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा,“ मेरी राय में भारत निर्वाचन आयोग का जनता द्वारा सम्मान किया जाता है और इसमें जनता की आस्था है एवं  निर्वाचन के भागीदार इससे भयभीत रहते हैं,  ज्यादातर परीक्षा की कसौटी में यह खरा उतरा है। भारत में सही अर्थ में लोकतंत्र को मजबूत करने में भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका एकदम उत्कृष्ट रही है। इसने अपने समक्ष आने वाली सभी चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया है। 2019 में विश्व के तीसरे, चौथे और पाँचवे सबसे बडे देशों की कुल जनसंख्या के लगभग बराबर वाले 900 मिलियन से अधिक के निर्वाचक वर्ग का प्रबन्धन करना और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करना कोई आसान कार्य नहीं है। मैं इस प्रशंसनीय उपलब्धि के लिए भारत निर्वाचन आयोग को बधाई देता हूँ”।   
     जिन कुछ एक चुनौतियों का सामना हमारा निर्वाचक तंत्र करता है उनके सम्बन्ध में श्री मुखर्जी ने कहा कि परियोजनाओं की स्वीकृति और कार्यावयन में अवरोध आना, अनुपातहीन निर्वाचक मंडल के वृहत आकार की तुलना में जन प्रतिनिधियों की कम संख्या होना, साथ ही संसद और विधान सभाओं में महिलाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व न होना,  चिंता के एक बहुत बड़े क्षेत्र  के रूप में उभर कर सामने आया है। संस्थाओं की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए, श्री मुखर्जी ने बधाई दी कि “यदि लोकतंत्र सफल हुआ है तो इसका ज्यादा श्रेय श्री सेन से प्रारम्भ कर वर्तमान तक के सभी चुनाव आयुक्तों द्वारा त्रुटिरहित निर्वाचन सम्पन्न कराने को जाता है”। उन्होने जोर दे कर कहा कि, ऐसा न मानने का कोई कारण हो ही नहीं सकता है कि चुनौतियाँ ही हमारे लोकतंत्र का आधार है। नि:सन्देह जनादेश पवित्र है और इसे निस्संदेह सर्वोच्च स्थान पर रखा ही जाना है।
     पूर्व में, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री सुशील अरोड़ा ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि, “प्रथम सुकुमार सेन स्मृति व्याख्यान देने के लिए अपनी सहमति प्रदान करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग श्री प्रणब मुखर्जी का ऋणी है। आज की इस शाम के लिए विषय और वक्ता का इससे सुसंगत संयोग नहीं हो सकता है — एक विद्वान और राजर्षि”। श्री मुखर्जी राजनैतिक, संवैधानिक और ऐतिहासिक मामलों के जीवंत विश्वकोश माने जाते हैं। जनता की सेवा में महत्वपूर्ण योगदन के लिए वर्ष 2019 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान – “भारत रत्न” से सम्मानित किया गया था। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए श्री अरोड़ा ने कहा “भारत गणतंत्र के राष्ट्रपति के रूप में श्री मुखर्जी ने पूर्व में भी दो बार आयोग के राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर वर्ष 2016 और वर्ष 2017 में सम्बोधित किया था। हम सुकुमार सेन स्मृति उद्घाटन व्याख्यान देने के लिए उन्हें पुन: अपने मध्य पा कर आनन्दित हैं”। उन्होंने आगे कहा कि इस व्याख्यान का उद्देश्य भारत निर्वाचन आयोग को प्राप्त संवैधानिक अधिकार की परिधि में ही लोकतांत्रिक और निर्वाचन संवाद में सकारात्मक माहौल तैयार करना है। आयोग राजनीतिक दलों, विख्यात संविधानवेत्ताओं, कानूनविदों, शिक्षाविदों, सिविल सोसाइटियों के कार्यकर्ताओं सहित समाज के एक बहुत बड़े वर्ग को इसमें शामिल करना चाहता है। उन्होंने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस को भी उनकी 123वीं जयंती पर याद किया। 
    श्री अशोक लवासा, चुनाव आयुक्त ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया और श्री सुशील चन्द्रा, चुनाव आयुक्त ने इस यादगार अवसर पर सभी श्रोताओं का धन्यवाद किया। 
    इस तथ्य को पुन: याद किया जाना जरूरी है कि श्री सुकुमार सेन ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एवं पूर्व के थोड़े बहुत मार्गदर्शन से ही सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर आधारित विधान सभा निर्वाचनों के साथ साथ क्रमश: वर्ष 1952 एवं वर्ष 1957 में आयोजित भारत के पहले दो लोकसभा निर्वाचनों को बखूबी सम्पन्न कराया। इस अवसर पर भारत के प्रथम निर्वाचन की रिपोर्ट की पुनर्मुद्रित प्रति का श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा विमोचन किया गया और श्री सुकुमार सेन की स्मृति में डाक टिकट भी जारी किया गया यह प्रस्तावित है कि प्रति वर्ष देश या विदेश के  ऐसे महत्वपूर्ण व्यक्ति को व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा, जिसने लोकतंत्र को सुदृढ़ करने में अपना उल्लेखनीय योगदान दिया हो। 
    आज के व्याख्यान में श्री सेन के परिवार के सदस्य, पौत्र-पौत्री, डॉ. आशीष मुखर्जी, सुश्री श्यामली मुखर्जी, संजीव सेन, सोनाली सेन, देवदत्त सेन, सुजया सेन, एवं प्रपौत्र-प्रपौत्री आदित्य विक्रम सेन, अर्जुन वीर सेन और राष्ट्रीय राजनीतिक दलों, शिक्षाविदों, सिविल सोसाइटी संस्थाओं, वरिष्ठ सिविल सेवकों, मीडिया कर्मियों के आमंत्रितगण एवं 24 जनवरी, 2020 को आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली “दी फोरम ऑफ द इलेक्शन मेनेजमेंट बाडीज ऑफ साउथ एशिया” (एफईएमबीओएसए) की 10वीं वार्षिक बैठक में और “संस्थागत क्षमता का सुदृढ़ीकरण” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली में एकत्रित अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि भी बडी संख्या में इसमें उपस्थित रहे।      

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  23. ECI to Host the 1st Sukumar Sen Memorial Lecture Former President of India Shri Pranab Mukherjee to deliver the Lecture on 23rd January 2020

    No. ECI/PN/09/2020
    Dated: 22nd January, 2020
     
    Press Note
    ECI to Host the 1st Sukumar Sen Memorial Lecture Former President of India Shri Pranab Mukherjee to deliver the Lecture on 23rd January 2020
    In its 70th year of inception, Election Commission of India has decided to institute an Annual Lecture Series as a tribute to the first Chief Election Commissioner of India, Shri Sukumar Sen. Sh Sen (1898-1963) commendably conducted the first two General Elections to the Lok Sabha and State Legislative Assemblies, thereby putting India firmly on the map of democracy. The rationale behind instituting the lecture is to make a positive and constructive intervention in the democratic discourse of the nation within the constitutional mandate of the Election Commission of India. 
    Former President of India, Shri Pranab Mukherjee, has kindly consented to deliver the first of the Lectures on 23rd January 2020. In 2019, Bharat Ratna, the highest civilian award of the Republic, was conferred upon him, for his achievements in public affairs. Spanning over a career of more than fifty years, Sh Mukherjee had occupied varied Ministerial posts of Finance, Commerce, External Affairs and Defence Minister at different times. Shri Mukherjee has extensive diplomatic experience and has served on the Board of Governors of Multilateral Institutions such as IMF, World Bank, Asian Development Bank and African Development Bank. Shri Mukherjee is a widely respected savant known for his encyclopedic knowledge of economic, constitutional and historical affairs. A prolific reader, he has authored several books on the Indian economy and the nation building. 
    While announcing the institution of Sukumar Sen Memorial Lecture Series on behalf of Election Commission at a book launch in New Delhi on 7th February 2019, Chief Election Commissioner Shri Sunil Arora had observed “It would be Commission's endeavor to involve a wide cross-section of civil society including political parties, media, constitutionalists, legal luminaries, academia etc. This lecture would be delivered by an eminent person from the democratic world, whose contribution for the spread and furtherance of democratic values and ideals is widely known and recognized”.
    Shri Sukumar Sen was born on 2 January, 1898. He was educated at Presidency College, Kolkata and University College, London. Shri Sen joined the Indian Civil Services in 1922. During his service, he held several important posts, including as Chief Secretary of West Bengal (1947-1950). He served as the first Chief Election Commissioner of India from 21st March 1950 till his retirement 19th December, 1958. He conducted the first two Lok Sabha elections of India held in 1952 and 1957 simultaneously with the Legislative Assembly Elections based on universal adult franchise under challenging circumstances and little precedence to guide him.
    Shri Sen is also credited with conducting the first general elections in the then Sudan in November-December, 1953 as the Chairman of the International Election Commission. He was awarded the Padma Bhushan for his distinguished contribution to public life. He was one of the earliest recipients of that award in 1954. 
    On this occasion a reprint of the Report on India's First Election would be released by Shri Pranab Mukherjee as also a postal stamp in memory of Shri Sukumar Sen would be unveiled.                                  

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  24. सी-विजिल और मतदाता हेल्पलाइन एप के लिए भारत निर्वाचन आयोग 'उत्कृष्टता पुरस्कार' से सम्मानित

    सं. ईसीआई/प्रे.नो./08/2020                               
    दिनांकः 17 जनवरी, 2020
     
    प्रेस नोट
     
    विषयः सी-विजिल और मतदाता हेल्पलाइन एप के लिए भारत निर्वाचन आयोग 'उत्कृष्टता   पुरस्कार' से सम्मानित

    भारत निर्वाचन आयोग की दो नवीन आईसीटी एप्लीकेशनों अर्थात 'सी-विजिल’ और 'मतदाता हेल्पलाइन एप’, जो आयोग में ही विकसित किए गए थे, ने वर्ष 2019 के लिए ई-गवर्नेंस का 'उत्कृष्टता पुरस्कार' जीता है। यह पुरस्कार केआईआईटी, भुवनेश्वर में दिया गया। डॉ. कुशल पाठक, निदेशक आईसीटी और सीआईएसओ, ईसीआई और श्री सुशील कुमार लोहानी,  मुख्य निर्वाचन अधिकारी, ओडिशा ने भारत निर्वाचन आयोग की ओर से यह पुरस्कार प्राप्त किया। ये पुरस्कार कंप्यूटर सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई), ई-गवर्नेंस पर विशेष रुचि समूह (सीएसआई एसआईजी ई-गव) द्वारा दिनांक 17, जनवरी 2020 को केआईआईटी, भुवनेश्वर में प्रदान किए गए। 
    सी-विजिल निर्वाचनों के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने जैसे, रिश्वतखोरी, मुफ्त उपहार, शराब वितरण, अनुमत्य समय के बाद लाउडस्पीकर बजाने वालों के खिलाफ नागरिकों को रिपोर्ट करने के लिए सशक्त बनाता है। इस साधारण मोबाइल एप का उपयोग करके नागरिक लाइव फोटो या वीडियो कैप्चर करते हैं। निर्वाचन तंत्र उल्लंघन का साक्ष्यिक सबूत मिलते ही तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार हो जाता है। हर सी-विजिल मामले पर कार्रवाई की जाती है और 100 मिनट की समयावधि के दौरान की गई कार्रवाई के साथ वापिस जवाब भेजा जाता है। अब दिल्ली निर्वाचनों में सी-विजिल का इस्तेमाल किया जा रहा है। अक्तूबर-दिसंबर 2018 के दौरान पांच राज्यों के विधानसभा साधारण निर्वाचनों में अपनी पहली प्रायोगिक शुरूआत से लेकर नवंबर-दिसंबर 2019 के दौरान झारखंड राज्य में विधानसभा के साधारण निर्वाचनों तक, सी-विजिल के माध्यम से कुल 1,71,745 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 1,27,567 (74%) मामलों को सही पाया गया है। मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर पर यहां:  
    https://play.google.com/store/apps/details?id=in.nic.eci.cvigil&hl=en_IN
    और एप्पल स्टोर में यहां:
    https://apps.apple.com/in/app/cvigil/id145571954141
    उपलब्ध हैं। 
    गूगल और एप्पल के एप स्टोरों से 2.16 करोड़ डाउनलोड के साथ 'मतदाता हेल्पलाइन एप', राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एप्लीकेशन ने नागरिकों के सशक्तिकरण के लिए एक प्रमुख साधन के रूप में जड़ें जमा ली हैं। यह एप्लीकेशन मतदाताओं को 90 करोड़ से अधिक मतदाता डेटाबेस में अपना नाम खोजने, नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म भरने, माइग्रेशन और संशोधन करने, डिजिटल फोटो मतदाता पर्चियों को डाउनलोड करने, निर्वाचन में खड़े अभ्यर्थियों और उनके शपथपत्रों के बारे में पूरी जानकारी प्रदर्शित करने और सबसे महत्वपूर्ण रूप से मतदाताओं को वास्तविक समय में परिणाम देखने के लिए एक विकल्प प्रदान करती है। यह एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर पर उपलब्ध है। 
    भारत निर्वाचन आयोग की आईसीटी पहल के लिए ये 'उत्कृष्टता पुरस्कार' भारत निर्वाचन आयोग के आईसीटी विजन और नागरिकों एवं स्टेकहोल्डरों के लाभार्थ उपयोग करने के लिए ई-गवर्नेंस संबंधी पहल लाने में सभी स्तरों पर ईसीआई के अधिकारियों के प्रयासों हेतु स्वीकारोक्ति है।

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  25. राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020- राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों को रेडियो प्रसारण/दूरदर्शन प्रसारण के समय का आबंटन-तत्संबंधी।

    सं.: ईसीआई/प्रे.नो./07 /2020/संचार                            
    दिनांक: 15 जनवरी, 2020
     
    प्रेस नोट
    विषय: राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020- राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों को रेडियो प्रसारण/दूरदर्शन प्रसारण के समय का आबंटन-तत्संबंधी।
     
    राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 में राष्‍ट्रीय/राज्‍यीय राजनैतिक दलों को रेडियो प्रसारण/दूरदर्शन प्रसारण के समय के आबंटन के संबंध में आयोग द्वारा जारी दिनांक 15 जनवरी, 2020 के आदेश संख्‍या 437/टीए-वि.स/1/2020/संचार की एक प्रति जन साधारण के सूचनार्थ संलग्‍न है।

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

मतदाता हेल्पलाइन ऍप

spacer.pngहमारा नया मोबाइल ऐप ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ प्‍ले स्‍टोर से डाउनलोड करें। ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ एन्‍ड्रॉड ऐप आपको निर्वाचक नामावली में अपना नाम खोजने, ऑनलाइन प्ररूप भरने, निर्वाचनों के बारे में जानने, और सबसे महत्‍वपूर्ण शिकायत दर्ज करने की आसान सुविधा उपलब्‍ध कराता है। आपकी भारत निर्वाचन आयोग के बारे में हरेक बात तक पहुंच होगी। आप नवीनतम  प्रेस विज्ञप्ति, वर्तमान समाचार, आयोजनों,  गैलरी तथा और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। 
आप अपने आवेदन प्ररूप और अपनी शिकायत की वस्‍तु स्थिति के बारे में पता कर सकते हैं। डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। आवेदन के अंदर दिए गए लिंक से अपना फीडबैक देना न भूलें। 

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