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प्रेस विज्ञप्तियाँ

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  1. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधान सभाओं के निर्वाचनों के दौरान अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम 2021 की मेजबानी करना [05-06 अप्रैल, 2021]

    सं. भा.नि.आ/प्रेस नोट/43/2021
    दिनांकः 4 अप्रैल, 2021
     
    प्रेस नोट
    कर्टेन रेज़र 
    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधान सभाओं के निर्वाचनों के दौरान अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम 2021 की मेजबानी करना [05-06 अप्रैल, 2021]
     
          भारत निर्वाचन आयोग असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लिए प्रगतिरत निर्वाचनों के दौरान विदेशी निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबी)/संगठनों के लिए 05-06 अप्रैल, 2021 को अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (आईईवीपी) 2021 का आयोजन करने जा रहा है। 
    2.    विगत में भी, भारत निर्वाचन आयोग ने लोक सभा निर्वाचन, 2014 के दौरान फरवरी/मार्च, 2017 में कुछ राज्य विधान सभाओं के निर्वाचनों; मई, 2019 में लोक सभा के साधारण निर्वाचनों में विदेशी निर्वाचन प्रबंधन निकायों/संगठनों के लिए अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम और बिहार विधान सभा निर्वाचनों के दौरान अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम 2020 आयोजित किए हैं। इस अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (आईईवीपी) का प्रयोजन सदस्य विदेशी निर्वाचन प्रबंधन निकायों/संगठनों को हमारी निर्वाचकीय प्रणाली और विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में अपनाई गई उत्तम पद्धतियों से परिचित करवाना है। 
    3.    असम केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल राज्यों में हो रहे निर्वाचनों में 18.72 करोड़ से अधिक निर्वाचक वर्ग हैं जो वैश्विक महामारी कोविड-19 के बीच अभी तक विश्व के निर्वाचकों की सबसे बड़ी संख्या में से एक है। हमारी मतदान प्रक्रिया की उतम पद्धतियों और अनुभवों और साथ ही साथ महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए किए गए उपायों को साझा करने का यह अच्छा अवसर है।
    4.    विश्व भर के 26 से अधिक देशों, नामतः अफगानिस्तान, आस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भूटान, बोस्निया और हर्जेगोविना, कंबोडिया, जार्जिया, कज़ाखस्तान, केन्या, कोरिया गणराज्य, मेडागास्कर, मलावी, मलेशिया, मालदीव, मारीशस, मंगोलिया, नेपाल, पनामा, फिलीपींस, रोमानिया, रूस, दक्षिण अफ्रिका, सूरीनाम, यूक्रेन, उज्बेकिस्तान और ज़ाम्बिया इत्यादि के 106 से अधिक प्रतिनिधि और 3 अंतरराष्ट्रीय संगठन (नामतः अतंरराष्ट्रीय आईडीईए, इंटरनेशनल फाउडेंशन ऑफ इलेक्टोरल सिस्ट्मस (आईएफईएस) और एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड इलेक्शन बॉडीज (ए-वेब) अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन वर्चुअल कार्यक्रम, 2021 में भाग लेंगे। 
    5.    इसके अतिरिक्त, जार्जिया और उज्बेकिस्तान के राजदूतों, श्रीलंका के कार्यकारी उच्च आयुक्त और राजनयिक दलों के अन्य सदस्य भी अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन वर्चुअल कार्यक्रम 2021 में भाग लेंगे। 
    6.   अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन वर्चुअल कार्यक्रम, 2021 में 05 अप्रैल, 2021 को ऑनलाइन पर संक्षिप्त सत्र सम्मिलित है, जो प्रतिभागियों को भारतीय निर्वाचकीय प्रक्रियाओं के व्यापक फलक का सिहांवलोकन, मतदाता सुगमता, निर्वाचकीय प्रणाली की पारदर्शिता और सुगम पहुंच हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा की गई नई पहल, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण तथा कोविड-19 के लिए आवश्यक नए उपायों पर भारत निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रियाओं के संबंध में जानकारी प्रदान करेगा और असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और संघ राज्य क्षेत्र पुदुचेरी में हो रहे निर्वाचनों की अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा। 18.72 करोड़ से अधिक निर्वाचक वर्ग के साथ ये निर्वाचन कठिनाइयों के समाधान हेतु की गई तैयारियों और इसके साथ-साथ कोविड से सुरक्षित निर्वाचन आयोजित करवाने के लिए की गई विशिष्ट पहल के समक्ष विकट चुनौतियां खड़ी करते हैं। उद्घाटन सत्र में प्रतिभागियों को श्री राजीव कुमार और श्री सुशील चंद्रा, माननीय निर्वाचन आयुक्तों द्वारा संबोधित किया जाएगा और इनके बाद श्री सुनील अरोड़ा, भारत के माननीय मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं चेयरपर्सन, ए-वेब द्वारा मुख्य भाषण दिया जाएगा। 
    7.    अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन वर्चुअल कार्यक्रम 2021 का आयोजन करने के अतिरिक्त, भारत निर्वाचन आयोग ए-वेब जर्नल ऑफ इलेक्शन्स का प्रारंभिक अंक भी जारी करेगा। भारत निर्वाचन आयोग में वर्ष 2019 में स्थापित इंडिया ए-वेब सेंटर (http://indiaawebcentre.org/) द्वारा प्रकाशित पत्रिका में प्रतिष्ठित लेखकों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और ए-वेब कम्युनिटी तथा निर्वाचनों और निर्वाचकीय लोकतंत्र के क्षेत्र में विश्व भर के लोकतांत्रिक देशों के प्रेक्टिशनर्स के शोध पत्र, लेख, पुस्तक-समीक्षाएं इत्यादि शामिल हैं। ए-वेब इंडिया जर्नल ऑफ इलेक्शंस को उच्चतम अंतरराष्ट्रीय मानकों की पत्रिका बनाने की परिकल्पना की गई है और इसमें ए-वेब कम्युनिटी के सदस्यों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा दिए गए समकक्ष समीक्षित सहयोग भी शामिल होगा। 
    8.    6 अप्रैल, 2021 को प्रतिनिधियों को यह बताने कि निर्वाचनों का आयोजन कैसे किया जाता है, के लिए कुछ मतदान केंद्रों के प्रत्यक्ष स्नैपशॉट दिखाए जाएंगे जिसमें निर्वाचन प्रक्रिया, मतदान केंद्र पर व्यवस्थाओं, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं से अवगत करवाना और विभिन्न स्टेकहोल्डरों के साथ पारस्परिक विचार-विमर्श करना शामिल है।

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  2. विशेष सामान्य प्रेक्षक, असम से प्राप्त रिपोर्ट, सशस्त्र सुरक्षा अधिकारी भी निलंबित।

    सं. ईसीआई/प्रेसनोट/42/2021
    दिनांक:  2 अप्रैल, 2021
     
     
    प्रेस नोट
    विशेष सामान्य प्रेक्षक, असम से प्राप्त रिपोर्ट,
    सशस्त्र सुरक्षा अधिकारी भी निलंबित।
     
         इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के परिवहन के लिए निजी वाहन का उपयोग करते हुए 149-इंदिरा एम.वी. स्कूल, रतबाड़ी (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केन्द्र के मतदान दलों के शामिल होने की घटना के संबंध में असम के विशेष सामान्य प्रेक्षक की रिपोर्ट आयोग में प्राप्त हो गई है।       
    विशेष प्रेक्षक ने उक्त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के सामान्य प्रेक्षक और पुलिस प्रेक्षक के साथ-साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, डीसी द्वारा दिए गए इनपुट्स को सावधानीपूर्वक विचार किया है और निम्नानुसार संस्तुति की है:  
    क) भीड़ में फंसे मतदान दल को पीछे छोड़ने और गंतव्य पर उनके सुरक्षित आगमन को सुनिश्चित नहीं करने के लिए सशस्त्र सुरक्षा अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की जाए
    ख) रिटर्निंग ऑफिसर के बदलाव के लिए कोई आधार नहीं दिखता है क्योंकि यह छुट-पुट घटना है जो पीठासीन अधिकारी और उनके दल की संपूर्ण लापरवाही और मूर्खता के कारण घटित हुई है।
    ग) इस घटना में मतदान प्रक्रिया को बाधित करने के उद्देश्य से कोई जानबूझकर या दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं है।
    घ)  विश्वसनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, रतबाड़ी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 1 के मतदान केन्द्र संख्या 149 इंदिरा एमवी स्कूल में पुर्ननिर्वाचन कराने का आदेश देना उपयुक्त है। 
    आयोग के निर्णय के परिणामस्वरूप, पीठासीन अधिकारी:सहाबुद्दीन तालुकदार;  प्रथम मतदान अधिकारी: सौरव अचर्जी;  द्वितीय मतदान अधिकारी :अब्दुल मुमित चौधरी;  तीसरे मतदान अधिकारी : सहाबुद्दीन तापादर; को आज पूर्वाह्न् से पहले ही निलंबित कर दिया गया था। 
    इसके पश्चात, विशेष सामान्य प्रेक्षक से उक्त रिपोर्ट मिलने पर, सशस्त्र सुरक्षा अधिकारी श्री लुहितगोहेन उप-निरीक्षक, पुलिस (सशस्त्र शाखा), तीसरी असम पुलिस बटालियन, टीटाबोर को भी निलंबित कर दिया गया है। आयोग ने रतबाड़ी(अ.जा.) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के 149- इंदिरा एम.वी. स्कूल मतदान केन्द्र में पुन: मतदान करवाने का निदेश दिया है।

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  3. करीमगंज में ईवीएम से जुड़ी घटना के संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट पीठासीन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई और अतिरिक्त सावधानी के तहत रतबाडी, असम के मतदान केंद्र सं. 149 में पुनर्मतदान के आदेश दिए गए

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./41/2021
    दिनांकः 2 अप्रैल, 2021
    प्रेस नोट
    करीमगंज में ईवीएम से जुड़ी घटना के संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट
    पीठासीन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई और अतिरिक्त सावधानी के तहत रतबाडी, असम के मतदान केंद्र सं. 149 में पुनर्मतदान के आदेश दिए गए
    1.      एलएसी 1 रतबाडी (अ. जा.) के सं. 149-इंदिरा एम. वी. स्कूल के मतदान दल के साथ दिनांक 1 अप्रैल, 2021 को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। मतदान दल में एक पीठासीन अधिकारी और तीन मतदान कर्मी शामिल थे। उनके साथ पुलिस कर्मी भी थे, जिनमें एक कांस्टेबल और एक होमगार्ड शामिल थे।
    2.      1800 बजे मतदान समाप्त होने के बाद मतदान दल पुलिस सेक्टर अधिकारी एबीएसआई लुहित गोहेन की अगुवाई में सशस्त्र सुरक्षा द्वारा एस्कॉर्ट किए गए काफिले में लौट रहा था। 1 अप्रैल को मौसम खराब था और देर शाम को भारी बारिश हो रही थी, जिससे सड़कों पर कीचड़ हो गया था।
    3.      एन एच 8 ही केवल मुख्य मार्ग सड़क है जो जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से करीमगंज तक जाती है। चूंकि वह मतदान दिवस था तथा मतदान 1800 बजे समाप्त होता है, अतः लगभग 1300 वाहन एक ही राजमार्ग पर लौट रहे थे क्योंकि सभी मतदान दल 1800 बजे से करीमगंज लौटना शुरू कर देते हैं। खराब मौसम होने की वजह से इस राजमार्ग पर एक अप्रत्याशित यातायात जाम लग गया।
    4.      जैसे ही उपर्युक्त मतदान दल नीलम बाज़ार पहुंचने वाला था, मतदान दल को ले जाने के लिए मतदान दल हेतु निर्वाचन शाखा, डी सी कार्यालय के परिवहन प्रकोष्ठ द्वारा आबंटित किया गया वाहन 1 अप्रैल, 2021 को लगभग 2100 बजे खराब हो गया। ट्रैफिक जाम और मौसम की मौजूदा स्थिति के कारण यह दल अपने काफिले से अलग हो गया। मतदान दल अपने वाहन से उतर गया और सेक्टर अधिकारी श्री अजय सूत्रधर को उनके मोबाइल पर फोन किया और उन्हें सूचना दी। जबकि, सेक्टर अधिकारी वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था कर रहे थे, मतदान दल ने सामग्री प्राप्ति केंद्र तक शीघ्र पहुंचने के लिए स्वयं ही वाहन की व्यवस्था करने का निर्णय लिया, क्योंकि मतयुक्त ईवीएम उनकी अभिरक्षा में थी।
    5.      लगभग 2120 बजे, मतदान दल ने पास से गुजर रहे वाहन को रोका और एएस-10बी-0022 संख्या वाले इस वाहन के मालिक की जांच किए बिना ही उसमें ईवीएम और अन्य चीजों के साथ इसमें बैठ गए। जैसा कि मतदान दल द्वारा रिपोर्ट किया गया, वे करीमगंज की तरफ आगे बढ़े और लगभग 2200 बजे जैसे ही वे करीमगंज में कनाइशील पहुंचे, उन्हें अत्यधिक यातायात होने की वजह से रफ्तार कम करनी पड़ी। जैसे ही उन्होंने रफ्तार धीमी की, उन्हें लगभग 50 लोगों की भीड़ ने घेर लिया, और उन पर पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने उनके साथ भी दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया और वाहन को गुजरने नहीं दिया। जब उन्होंने भीड़ के नेता से पूछा तो उसने जवाब दिया कि वह वाहन श्री कृष्णनेन्दु पॉल का था, जो एक पड़ोसी निर्वाचन क्षेत्र (पाथरकाण्डी एलएसी-2) के निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी हैं और उसने आरोप लगाए कि ईवीएम को छेड़छाड़ के लिए ले जाया जा रहा था।
    इसके बाद ही उन्हें एहसास हुआ कि कुछ गलत है और उन्होंने सेक्टर अधिकारी को सतर्क कर दिया। हालांकि, तब तक अत्यधिक भीड़ जमा हो गई थी और उन पर हमला किया गया तथा 2145 बजे भीड़ ने यह आरोप लगाते हुए उन्हें वाहन में ईवीएम के साथ बंधक बना लिया था कि ईवीएम को छेड़छाड़ के लिए ले जाया जा रहा था।
    6.      इस घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद, डीईओ, करीमगंज और एसपी, करीमगंज 2220 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। और इसी बीच, वाहन के पूर्वृत्त के बारे में पता लगाया गया और यह पाया गया कि वाहन श्रीमती मधुमिता पॉल, पाथरकाण्डी एलएसी सं. 2 से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी श्री कृष्णनेन्दू पॉल की पत्नी के नाम पर पंजीकृत था। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद, यह देखा गया कि भीड़ मतदान दल को बाहर निकाल रही थी और उनके साथ मारपीट करने वाली थी। भीड़ उग्र हो गई थी और पथराव द्वारा वाहन के शीशे तोड़ दिए गए थे। पथराव की घटना के दौरान, एस पी, करीमगंज के कॉलरबोन पर हल्की चोटें आईं और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायर का सहारा लेना पड़ा। प्रथम मतदान अधिकारी को हंगामे में गायब पाया गया, ईवीएम और शेष मतदान दल को क्षेत्र से सुरक्षित रूप से निकाला गया और 2320 बजे डीईओ के नियंत्रण में ले लिया गया। 
    जांच-पड़ताल करने पर, बीयू, सीयू तथा वीवीपैट सहित मतयुक्त ईवीएम को बिना किसी क्षति के साथ अपनी सील के साथ अक्षुण्ण पाया गया। सभी वस्तुओं को स्ट्रांग रूम में जमा कर दिया गया है।
    7.      पहला मतदान अधिकारी 2 अप्रैल 2021 की सुबह के ब्रह्म मुहूर्त तक गायब था क्योंकि वह पास ही झाडियों में छिपा हुआ था और इसके लिए रात भर तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इससे इस रिपोर्ट के प्रसारण में कुछ घंटों की देरी हुई।
    8.      इस संबंध में, पीठासीन अधिकारी को परिवहन प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। तत्पश्चात, पीओ और 3 अन्य अधिकारियों को निलंबनाधीन रखा गया है। हालांकि, ईवीएम की सील बरकरार पाई गई थी, फिर भी एलएसी 1 रतबाडी (अ. जा.) के सं. 149-इंदिरा एम. वी. स्कूल पर अतिरिक्त सावधानी के तौर पर पुनर्मतदान करवाने का निर्णय लिया गया है। विशेष प्रेक्षक से एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

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  4. दिनांक 1.04.2021 को नन्दीग्राम की घटना पर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) का वक्तव्य

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./40/2021
    दिनांकः 1 अप्रैल, 2021
    प्रेस नोट 
    दिनांक 1.04.2021 को नन्दीग्राम की घटना पर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) का वक्तव्य 
    संचार माध्यमों के कई वर्ग पश्चिम बंगाल की माननीय मुख्यमंत्री के कथित घेराव और आज 210 नन्दीग्राम विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में मतदान केंद्र सं. 7 पर भीड़ इकट्ठा होने, जिसके परिणामस्वरूप, अन्य बातों के साथ-साथ, मतदान प्रक्रिया बाधित हुई, के मामले को कवर कर रहे हैं। साधारण प्रेक्षक श्री हेमेन दास (आईएएस 2009 बैच) और पुलिस प्रेक्षक श्री आशुतोष रॉय (आईपीएस 1994 बैच) को तत्काल मौके पर पहुंचने के लिए कहा गया था। 
    साधारण प्रेक्षक से अपराह्न 4.06 बजे प्राप्त रिपोर्ट निम्नानुसार हैः- 
    "महोदय नमस्कार, 
    मतदान केंद्र सं. 7 (बोयल मोक्ताब प्राइमरी स्कूल) पर मतदान सुचारू रूप से चल रहा है। माननीय मुख्यमंत्री, जो निर्वाचन लड़ने वाली अभ्यर्थी भी हैं, लगभग डेढ़ घंटा तक रुकने के बाद लगभग अपराह्न 3.35 बजे वहां से चली गई हैं। 
    यह बात कृपया नोट की जाए कि मतदान किसी भी समय बाधित नहीं हुआ था। 
    अब तक, 943 में से 702 मत डाले गए हैं, जो 74% बनता है। 
    जब हम केंद्र पर पहुंचे तो वहां लगभग 3000 लोग थे। सभी अब जा चुके हैं। 
    अब, यहां पर मैं और पुलिस प्रेक्षक के अतिरिक्त सीएपीएफ सहित प्राधिकृत पुलिस कर्मी हैं। 
    सादर"
    सीईओ, पश्चिम बंगाल के माध्यम से आज दोपहर बाद माननीय मुख्यमंत्री से एक अलग हस्त–लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। उसे विशेष साधारण प्रेक्षक, श्री अजय नायक और विशेष पुलिस प्रेक्षक, श्री विवेक दुबे को अग्रेषित कर दिया गया है और उसकी सूचना सीईओ को भी दी गई है। उन्हें कल अपराह्न 6 बजे तक रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है।

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  5. Polling for Phase 2 Assam and West Bengal Assembly Constituencies conducted peacefully.

    No. ECI/PN/39/2021                                                   
    Dated: 1stApril, 2021
    PRESS NOTE
     
    Polling for Phase 2 Assam and West Bengal Assembly Constituencies conducted peacefully. 
    Elaborate arrangements made for COVID safe, intimidation free and inducement free elections 
    The second phase of Assam and West Bengal Assembly Elections was conducted peacefully across 21,212 Polling Stations spread over 69 Assembly Constituencies today. The Commission has laid great emphasis on ensuring transparent and vigilant mechanism for COVID safe, intimidation free and inducement free elections amidst tight security arrangements. 
    The second phase of elections were conducted for 39 Assembly Constituencies in Assam. More than 73 lakh electorates across 10,592 Polling Stations are registered to exercise their franchise in this phase. Voting was held in 30 Assembly Constituencies of West Bengal with nearly 76 lakh electorates registered across 10,620 Polling Stations in Phase II. The number of Polling Stations has increased in view of the fact that the number of voters per polling station has been reduced from 1500 to 1000 keeping social distancing norms in view. 
    Polling across ACs was conducted under strict security arrangements. Election Commission has laid out an elaborate security plan to ensure smooth and safe conduct of elections. Eighteen Police Observers have been deployed by ECI to ensure safe environment during the elections. Central Armed Police Forces (CAPFs) along with the local police force have been deployed to ensure peaceful, intimidation free and conducive atmosphere for the smooth conduct of elections in a free, fair, inclusive and accessible manner. Route marches in vulnerable pockets, regular point patrolling and other Confidence Building Measures were carried out to reassure voters, especially those belonging to the weaker sections of society. Force deployment in the Assembly segments has been done under the supervision of the Central Observers deputed by the Commission.
    It is the standing instruction of the Commission that outsiders will not be allowed in the areas of poll going assembly constituencies during the silence period i.e. 48 hours before the end of polling hours. DEOs and SPs were given instructions during briefings that this instruction should be strictly adhered to. The Commission has also issued instruction that police officials including CAPF personnel will not go inside the polling booth unless required by Presiding Officer due to law and order problem. The Commission had reiterated this instruction in briefing of DEOs and police officials. These guidelines were strictly and rigorously followed. In any case anecdote reportage of any kind is not a substitute for hard empirical evidence. ECI is always committed to enquire into specific instances and taking swift action. 
    As a major push for conducting free and fair elections, live monitoring and webcasting of more than 50% of Polling Stations including critical and vulnerable polling booths has been put in place as per ECI norms, to ensure safe and secure atmosphere in polling areas. Commission, CEOs, DEOs, Observers could watch live streaming and keep a close watch on these polling booths in Assam and West Bengal. Webcasting arrangements were put in place for 5535 Polling Stations in West Bengal and 5193 Polling Stations in Assam. 
    To ensure inclusive and accessible elections, ECI has extended the option of postal ballot facility to PwDs, Senior Citizens above the age of 80 years, COVID-19 suspect or affected persons and persons employed in essential services. The Observers at the ground level oversaw that proper arrangements for facilitation were made available for these voters. 
    Keeping pandemic concerns in view, all the Polling Stations followed COVID-19 Safety protocols. For the safety of the voters and the election officials it was ensured that the Polling Stations were sanitized one day prior to poll and facility of thermal scanning, hand sanitisers, face masks were also made available at the Polling Stations. Proper arrangements for social distancing were put in place. BLOs and volunteers monitored and regulated strict compliance of social distancing norms at the Polling Stations. At the last hour of poll, polling was conducted in full COVID-19 protective gear, with proper COVID-19 protocols and supervision of health authorities.
    Assured Minimum Facilities (AMF) like drinking water, waiting shed, toilet with water facility, adequate arrangements for lighting, ramp of appropriate gradient for wheelchair for PwD electors and a standard voting compartment etc were made available at all the Polling Stations. Arrangements like transport facility, volunteers assisting Persons with Disability and senior citizens were present at the Polling Stations.
    During this phase, a total of 10620 Ballot Units (BUs), 10620 Control Units(CUs) and 10620 VVPATs were used in West Bengal and 10819 Ballot Units (BUs), 10592 Control Units (CUs) and 10592 VVPATs were used in Assam. As per standard procedure all these EVMs and VVPATs had already undergone First Level Checking, Randomisation, and Commissioning in the presence of Political Parties/Candidates agents. During FLC and during commissioning each of these EVMs and VVPATs had undergone mock polls. Today before the start of the poll each of the EVMs and VVPATs again underwent a mock poll in the presence of polling agents of the candidates with minimum 50 votes cast on each, as per standard procedure. At the end of the mock poll the result of EVM were matched with the result of VVPAT slips and shown to the polling agents. Nonfunctioning rate during the poll is lesser than experienced in last few polls. 
    During the ongoing elections till second phase, a record seizure of Rs. 366.09 Crore has already been achieved for both the states. The seizure figure, which includes seizure of cash, liquor, narcotics, freebies etc, is more than six times higher than the total combined seizure of Rs. 60.91 Crore in GE LA 2016. The Commission has been laying specific emphasis on inducement free elections and curbing the malaise of undue money power, liquor, freebies. Till date Rs. 112.54 crore has been seized in Assam (as against a total seizure of Rs. 16.58 crore in LA 2016) and a total of 253.55 crores for West Bengal (as against a total seizure of Rs 44.33 crore in  LA 2016). For effective monitoring and hand holding a total of 53 & 85 Expenditure Observers have been deployed in Assam & West Bengal Assembly Elections, 2021 respectively. In Assam, 603 Flying Squads (FS) and 762 Static Surveillance Teams (SST) were operationalised to check movement of cash, liquor, drugs & freebies. The figures of FS & SST deployed in West Bengal are 1137 & 1012 respectively. In Assam, 06 Air Intelligence Units (AIU) of IT Department are set up at Guwahati, Dibrugarh, Jorhat, Silchar, Tezpur & Lakhimpur. In West Bengal, 03 Air Intelligence Units (AIU) of IT Department are set up at Kolkata, Andal in Durgapur & Bagdogra.
    Election Commission of India’s cVIGIL App is a citizen centric mobile application which empowers people to report cases of MCC violations in real time basis, with auto populated details of location etc and responded within 100 minutes after verification at field level. A total number of 1306 cases of Model Code of Conduct violations were reported through the cVIGIL app from Assam out of which 927 were disposed as of 4.30 pm. Similarly 14499 cases were reported from West Bengal with 11630 disposed till 4.30 pm.
    Election Commission of India expresses gratitude to all stakeholders specially the voters for their enthusiastic and fearless participation in the election process today. Commission particularly thanks PwD electors, senior citizens, service voters for taking part in elections honoring COVID protocol norms. The voter turnout reported by 5pm from the 39 ACs of phase 2 in Assam is 73.03 %. The poll Percentage reported from the 30 ACs of phase 2 in West Bengal is 80.43 % as of 5pm. 
    ECI also recognizes the services of the entire electoral machinery including polling staff on duty, security personnel, supervisory staff, Observers, Special Observers railway authorities, enforcement agencies as also the Health authorities for making comprehensive arrangements and dedicatedly working towards successful conduct of free, fair, transparent and safe elections despite pandemic. The Commission solicits active cooperation, close collaboration and constructive partnership from all stakeholders including media for delivering smooth and peaceful elections.

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  6. Polling for Phase 1 Assam and West Bengal Assembly Constituencies conducted peacefully & successfully

    No. ECI/PN/38/2021 
    Dated: 27th March, 2021
     
    PRESS NOTE
    Polling for Phase 1 Assam and West Bengal Assembly Constituencies conducted peacefully & successfully
    The first phase of Assam and West Bengal Assembly Elections was conducted successfully across 21825 Polling Stations spread over 77 Assembly Constituencies today. The Commission has laid great emphasis on ensuring transparent and vigilant mechanism for inducement and intimidation free elections. 
    The first phase of elections were conducted for 30 Assembly Constituencies in West Bengal. Nearly 74 lakh electorates  across 10,288 Polling Stations are registered to exercise their franchise in this phase. Voting was held in 47 Assembly Constituencies of Assam with a total of 81lakh electorates registered across 11,537 Polling Stations. The number of Polling Stations has increased in view of the fact that the number of voters per polling station has been reduced from 1500 to 1000 keeping social distancing norms in view. 
    As a major push in conducting free and fair elections, live monitoring and webcasting mechanism for more than 50% of Polling Stations including critical and vulnerable polling booths was put in place to ensure safe and secure atmosphere in polling areas. Commission, CEOs, DEOs, Observers could watch live streaming and keep a close watch on these polling booths in Assam and West Bengal. Webcasting arrangements were put in place for 5392 Polling Stations in West Bengal and 5039 Polling Stations in Assam. 
    As an initiative towards inclusive and accessible elections, the option of postal ballot facility has been extended to PwDs, Senior Citizens above the age of 80 years, COVID-19 suspect or affected persons and persons employed in essential services. The Observers were specifically asked to oversee arrangements for facilitation of these voters. 
    For handholding and for guidance of the poll going states the Commission also directed Special Observers to have additional role in supervising deployment of forces and their randomization for poll duties.
    All the Polling Stations were directed to follow COVID-19 Safety protocols. Accordingly it was ensured that the Polling Stations were sanitized one day prior to poll and facility of thermal scanning, hand sanitisers,  face masks were also made available at the Polling Stations. Proper arrangements for social distancing were put in place. Nodal Health Officers have been  designated for State, district and Assembly Constituencies to oversee COVID-19 related arrangements and preventive measures during the entire electoral process. 
    All the 21825 Polling Stations of phase-1 in Assam and West Bengal, have been equipped with Assured Minimum Facilities (AMF) of drinking water, waiting shed, toilet with water facility, adequate arrangements for lighting, ramp of appropriate gradient for wheelchair for PwD electors and a standard voting compartment etc were made available at all the Polling Stations. All arrangements like transport facility, volunteers assisting Persons with Disability and senior citizens have also been put in place.
    During this phase, a total of 10288 Ballot Units (BUs), 10288 Control Units(CUs) and 10288 VVPATs were used in West Bengal and 11,537 Ballot Units (BUs), 11,537 Control Units (CUs) and 11,537 VVPATs were used in Assam. As per standard procedure all these EVMs and VVPATs had already undergone First Level Checking, Randomisation, and Commissioning in the presence of Political Parties/Candidates agents. During FLC and during commissioning each of these EVMs and VVPATs had undergone mock polls. Today before the start of the poll each of the EVMs and VVPATs again underwent a mock poll in the presence of polling agents of the candidates with minimum 50 votes cast on each, as per standard procedure. At the end of the mock poll the result of EVM were matched with the result of VVPAT slips and shown to the polling agents.   Nonfunctioning rate during the poll is lesser than experienced in last few polls. 
    Since the date of notification of Election till first phase, record seizure of Rs. 281.28 Crore has already been achieved for both the states. The seizure figure, which includes seizure of cash, liquor, narcotics, freebies etc, is more than four times higher than the total combined seizure of Rs. 60.91 Crore in GE LA 2016. The Commission has been laying specific emphasis on inducement free elections and curbing the malaise of undue money power, liquor, freebies. Till date Rs. 97.31crore has been seized in Assam (as against a total seizure of Rs. 16.58crore in LA 2016) and a total of 183.97crores for West Bengal (as against a total seizure of Rs 44.33crore in  LA 2016). Total 53 & 85 Expenditure Observers have been deployed in Assam & West Bengal Assembly Elections, 2021 respectively for effective monitoring. In Assam, 603 Flying Squads (FS) and 762 Static Surveillance Teams (SST) were operationalised to check movement of cash, liquor, drugs & freebies. The figures of FS & SST deployed in West Bengal are 1137 & 1012 respectively. In Assam, 06 Air Intelligence Units (AIU) of IT Department are set up at Guwahati, Dibrugarh, Jorhat, Silchar, Tezpur & Lakhimpur. In West Bengal, 03 Air Intelligence Units (AIU) of IT Department are set up at Kolkata, Andal in Durgapur & Bagdogra.
    Election Commission of India’s Cvigil App is a citizen centric mobile application which empowers people to report cases of MCC violations in real time basis, with auto populated details of location etc and responded within 100 minutes after verification at field level. Today a total number of 167 cases of Model Code of Conduct violations were reported through the cVIGIL app from West Bengal out of which 111 were disposed as of 4.30 pm. Similarly 582 cases were reported from Assam with 423 disposed till 4.30 pm.
    Election Commission of India expresses gratitude to all stakeholders specially the voters for their enthusiastic and fearless participation in the election process today. Commission particularly thanks PwD electors, senior citizens, service voters for taking part in elections honoring COVID protocol norms. The voter turnout reported by 5pm from the 30 AC of phase 1 in West Bengal is 79.79%. The poll Percentage reported from the 47 ACs of phase 1 in Assam is 72.14% as of 5pm. 
    ECI also recognizes the services of the entire electoral machinery including polling staff on duty, security personnel, supervisory staff, Observers, Special Observers railway authorities, enforcement agencies as also the Health authorities for making comprehensive arrangements and dedicatedly working towards successful conduct of free, fair, transparent and safe elections despite pandemic. The Commission solicits active cooperation, close collaboration and constructive partnership from all stakeholders including media for delivering smooth and peaceful elections.

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  7. असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन और लोक सभा तथा विभिन्न राज्यों की विधान सभाओं के लिए उप-निर्वाचन-एग्ज़िट पोल पर प्रतिबंध।

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./37/2021
    दिनांकः 26 मार्च, 2021
     
    प्रेस नोट 
    विषयः असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन और लोक सभा तथा विभिन्न राज्यों की विधान सभाओं के लिए उप-निर्वाचन-एग्ज़िट पोल पर प्रतिबंध।     
    आयोग के दिनांक 26 फरवरी, 2021 और 16 मार्च, 2021 के प्रेस नोट के तहत जारी असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधान सभाओं के लिए चल रहे साधारण निर्वाचन और लोक सभा तथा विभिन्न राज्यों की विधान सभाओं के उप-निर्वाचनों में, भारत निर्वाचन आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126क की उप-धारा (1) के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए 27 मार्च, 2021 (शनिवार) को पूर्वाह्न 7.00 बजे और 29 अप्रैल, 2021 (गुरुवार) को अपराह्न 7.30 बजे के बीच की अवधि को उस अवधि के रूप अधिसूचित किया है, जिसके दौरान किसी भी एग्ज़िट पोल का आयोजन करने और प्रिंट अथवा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अथवा किसी अन्य तरीके के माध्यम द्वारा एग्ज़िट पोल के परिणाम को प्रकाशित या प्रसारित करने पर प्रतिबंध होगा।     
    इसके अतिरिक्त, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126(1)(ख) के अधीन, उपर्युक्त साधारण निर्वाचन और उप-निर्वाचनों के प्रत्येक चरण में संबंधित मतदान केंद्रों में मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय पर समाप्त होने वाले 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी ओपिनियन पोल या अन्य किसी मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले के प्रदर्शन पर प्रतिबंध होगा।     
    इस संबंध में दिनांक 24 मार्च, 2021 को जारी अधिसूचना सभी संबंधितों की सूचना के लिए इसके साथ संलग्न है।

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  8. दिनांक 21.04.2021 को सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों की सीटों को भरने के लिए केरल से राज्य सभा के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन -तत्संबंधी।

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./36/2021
    दिनांकः 24 मार्च, 2021
     
    प्रेस नोट                             
    विषयः दिनांक 21.04.2021 को सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों की सीटों को भरने के लिए केरल से राज्य सभा के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन -तत्संबंधी।
          आयोग ने दिनांक 17.03.2021 के प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रेस/29/2021 के तहत इसमें यथा उल्लिखित केरल से राज्य सभा की 03 सीटों के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन हेतु कार्यक्रम की घोषणा की थी, जिसकी अधिसूचना दिनांक 24.03.2021 को जारी की जानी थी।           
          इसी दौरान, विधि एवं न्याय मंत्रालय से एक संदर्भ प्राप्त हुआ है। संदर्भ की जांच पूरी होने तक, आयोग ने ऊपरोल्लिखित प्रस्तावित अधिसूचना और कार्यक्रम को आगामी आदेशों तक प्रास्थगित रखने का निर्णय लिया है।

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  9. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा असम विधान सभा निर्वाचन के लिए मतदान संबंधी तैयारियों की समीक्षा

    सं. ईसीआई/पीएन/35/2021
    दिनांकः 22 मार्च, 2021
     
    प्रेस नोट
     
    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा असम विधान सभा निर्वाचन के लिए मतदान संबंधी तैयारियों की समीक्षा
            भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने आज असम विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन-2021 के संबंध में मतदान की तैयारियों की समीक्षा की। निर्वाचन आयुक्तों श्री सुशील चंद्रा और श्री राजीव कुमार की उपस्थिति में तेजपुर और बाद में गुवाहाटी में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता श्री सुनील अरोड़ा द्वारा की गई। आयोग ने उन सभी जिलों, जहाँ प्रथम और द्वितीय चरण में निर्वाचन होने है, के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ प्रर्वतन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों के साथ भी मुलाकात की। कोविड की व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा मुख्य सचिव श्री जिष्णु बरूआ के साथ और पुलिस महानिदेशक, असम श्री बी मोहंता के साथ मुद्दों पर हुई।      
           भारत निर्वाचन आयोग में वरिष्ठ उप-निर्वाचन आयुक्त और असम राज्य के प्रभारी श्री धर्मेंद्र शर्मा, उप निर्वाचन आयुक्त श्री सुदीप जैन के साथ-साथ विशेष सामान्य प्रेक्षक श्री एस श्रीनिवासन, विशेष पुलिस प्रेक्षक श्री अशोक कुमार तथा विशेष व्यय प्रेक्षक श्रीमती नीना निगम ने राज्य के अधिकारियों के साथ बातचीत की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), असम श्री नीतिन खाड़े, राज्य पुलिस नोडल अधिकारी श्री दीपक केडिया, राज्य बल समन्वयक, सीएपीएफ सुश्री सोनल वी मिश्रा, ऊपरी और उत्तरी असम के मंडल आयुक्त और उत्तर-पूर्व, उत्तरी, पूर्वी, मध्य और मध्य-पश्चिमी रेंज के उप महानिरीक्षकों ने तेजपुर में आयोजित आज की समीक्षा बैठक में भाग लिया। 
           मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री सुनील अरोड़ा ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया कि असम राज्य में उच्च मतदाता टर्नआउट के साथ निर्वाचन शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो। श्री अरोड़ा ने दोहराया कि इस बार स्पेशल जनरल तथा पुलिस प्रेक्षक, संयुक्त रूप से निर्वाचन सुरक्षा योजना निश्चित करने के लिए राज्य और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के यादृच्छिकीकरण से जुड़े हैं। 
           निर्वाचन आयुक्त श्री सुशील चंद्रा, ने जब्ती में तेजी लाने का आग्रह किया और विभागों से विशेष रूप से निर्वाचन व्यय से संबंधित मनी ट्रेल लिंक स्थापित करने के लिए कहा। उन्होंने निर्वाचन की अवधि के दौरान अपनी तलाशियों और जब्ती संबंधी आपरेशनों में सुधार लाने के लिए जांच एजेंसियों को डेटा के बेहतर समन्वय और सहयोग के लिए निदेश दिया। निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार ने सभी एजेंसियों को असम राज्य में 3 चरणों में निर्वाचन समाप्त होने के बाद भी अपने सतर्क प्रयासों को जारी रखने के लिए कहा, क्योंकि निकटवर्ती राज्य, पश्चिम बंगाल में अभी और भी निर्वाचन होंगे। उन्होंने जोर दिया कि निर्वाचन के परिणामों तक सीमा पर स्थित चौकियों को सख्ती से काम करने की आवश्यकता है ताकि राज्य की सीमाओं के पार किसी भी अवैध माल के हस्तांतरण/क्रांसिंग को रोका जा सके। 
           विशेष सामान्य प्रेक्षक श्री एस श्रीनिवासन ने आयोग को राज्य में तैयारियों की समग्र स्थिति से अवगत कराया, जबकि विशेष पुलिस प्रेक्षक श्री अशोक कुमार ने निर्वाचन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए किए गए सुरक्षा उपायों का संक्षिप्त विवरण दिया। विशेष व्यय प्रेक्षक श्रीमती नीना निगम ने राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात कार्यरत फ्लाइंग स्क्वैड टीमों और एसएसटीएस के ठोस प्रयासों के कारण पहले ही जब्त किए गए 80 करोड़ रूपये (पहले निर्वाचन में 16 करोड़ रूपए के मुकाबले) के बारे में भारत निर्वाचन आयोग को अवगत कराया। 
           भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने आज तेजपुर में पहले चरण के जिलों की मतदान की तैयारियों की समीक्षा की, जबकि दूसरे चरण के जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों ने वर्चुअल तरीके से बैठक में भाग लिया। उप महानिरीक्षकों और मंडल आयुक्तों ने आयोग को अभी तक की गई गतिविधियों से अवगत कराया। आयोग ने केंद्रीय और राज्य की नियामक एजेंसियों जैसे आबकारी विभाग, राजस्व आसूचना निदेशालय, आयकर, प्रवर्तन निदेशालय, स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, रेल और हवाई अड्डा प्राधिकरणों, डाक विभाग, सुरक्षा एजेसियां जैसे सीआईएसएफ, रेलवे पुलिस, एसएसबी, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति इत्यादि के नोडल अधिकारियों के साथ निर्वाचन के दौरान धन/मादक पदार्थों/शराब और मुफ्त सामान के वितरण के दुरूपयोग को रोकने की कार्यनीति की विस्तृत रूप से समीक्षा करने के लिए भी बैठक की। 
           बैठक के दौरान, उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों ने प्रस्तुतीकरण दिया जिसमें उन्होंने अपने-अपने जिलों में मतदान की तैयारियों की स्थिति पर प्रकाश डाला। एपिक के वितरण की स्थिति, मतदाता सूचना पर्चियों के वितरण, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा आपराधिक पूर्ववृत्त के प्रकाशन, दिव्यांगजन मतदाताओं के साथ-साथ 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर किए गए प्रावधानों, मतदाता टर्नआउट में वृद्धि के लिए की जा रही स्वीप की गतिविधियों, अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र की स्थिति, नकद जब्ती, अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने के साथ-साथ कोविड-19 संदिग्धों के लिए की गई तैयारियों के अलावा अन्य के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया गया। अंतर-जिला समन्वय, सुरक्षा बलों की तैनाती, सुदूर स्थित मतदान केंद्रों के लिए प्रबंधन योजना, शेडो एरिया के लिए संचार योजना, वेबकास्टिंग और निगरानी के लिए उपबंध, मतदाता हेल्पलाइन और सी-विजिल एप पर प्राप्त शिकायतों के समाधान, सहायक मतदान केंद्रो में आश्वस्त न्यूनतम सुविधाओं (एएमएफ) की उपलब्धता, सुरक्षा बलों में प्रशिक्षण आदि की विशेष रूप से समीक्षा की गई। 
           असम में 126 विधान सभाओं के लिए 33530 मतदान केंद्रो में दिनांक 27 मार्च, 1 अप्रैल और 6 अप्रैल, 2021 को 3 चरणों में मतदान होने हैं जिसमें 2.33 करोड़ से अधिक निर्वाचक शामिल होंगें।

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  10. सभी निर्वाचनरत निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान दिवस और मतदान की तारीख से पूर्व 72 घंटे के दौरान बाईक रैलियों पर प्रतिबंध

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./34/2021
    दिनांकः 22 मार्च, 2021
     
    प्रेस नोट 
    सभी निर्वाचनरत निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान दिवस और मतदान की तारीख से पूर्व 72 घंटे के दौरान बाईक रैलियों पर प्रतिबंध 
          आयोग के ध्यान में यह लाया गया है कि कुछ स्थानों पर मतदान से पूर्व और मतदान दिवस पर मतदाताओं को डराने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बाइकों का उपयोग किया जाता है। 
          आयोग ने उपर्युक्त मुद्दे पर विचार किया है और यह निर्णय लिया है कि सभी निर्वाचनरत निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान दिवस पर और मतदान की तारीख से 72 घंटे पूर्व किसी भी स्थान पर बाइक रैलियों को अनुमति नहीं दी जाएगी। 
          इस संबंध में, निर्वाचन होने वाले राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को अनुदेश जारी कर दिए गए हैं जो आयोग की वेबसाइट : https://eci.gov.in पर उपलब्ध है।

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  11. प्रेस नोट

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./33/2021
    दिनांकः 20 मार्च, 2021
    प्रेस नोट
    निर्वाचन आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत प्रदत्त अपनी पूर्ण शक्तियों का प्रयोग करते हुए आज अर्थात दिनांक 20.03.2021 को ऐसे नगर निगमों से संबंधित एक आदेश जारी किया है, जिनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है और जिन्हें ऐसे पूर्ववर्ती अध्यक्ष(क्षों)/महापौर(रों)) द्वारा चलाया जा रहा है, जो राजनैतिक रूप से संबद्ध लोग हैं और पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रशासक/प्रशासक मंडल के प्रमुख के रूप में उनके संबंधित निर्वाचित कार्यकाल पूरा होने पर नियुक्त किए गए हैं। आयोग द्वारा अन्य बातों के साथ-साथ यह निर्देशित किया गया है कि ऐसी स्थिति, जहां शहरी स्थानीय निकायों के संवेदनशील कार्य वास्तविक तौर पर इस प्रकार से निष्पादित किए जाए कि इस वजह से आदर्श आचार संहिता के संचालन के दौरान एक समान अवसर की सुलभता प्रभावित होती हो या निर्वाचन प्रक्रिया की तटस्थता तथा निष्पक्षता के बारे में मतदाताओं के मन में वैध आशंका पनपे और/अथवा पनपने की संभावना हो, से बचने के लिएः
    1.   राजनैतिक रूप से नियुक्त किए गए ऐसे व्यक्तियों, जिन्होंने पश्चिम बंगाल के नगर निगमों में उनका निर्वाचित कार्यकाल समाप्त होने के बाद नियुक्ति आधार पर प्रशासकों/प्रशासकों के बोर्ड के प्रमुख का पद धारण किया हुआ है, को आदर्श आचार संहिता के लागू होने की अवधि के दौरान बोर्ड में भाग लेने/कार्य करने से अस्थायी रूप से रोका जाता है।
    2.   कि मुख्य सचिव, पश्चिम बंगाल की अध्यक्षता में और समिति के सदस्यों के रूप में प्रधान सचिव शहरी विकास तथा प्रधान सचिव कार्मिक द्वारा, आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के दिनांक 18.12.2020 के अनुदेशों को ध्यान में रखते हुए प्रशासकों/प्रशासकों के बोर्ड प्रमुख के रूप में कार्य करने के लिए सरकारी पदधारियों की नियुक्ति की जाएगी।
    3.   कि मुख्य सचिव से यह अपेक्षा की जाती है कि वे एक समान अवसरों को सुनिश्चित करने में बाधा डालने वाले अपने निर्णयों की कड़ी समीक्षा करके, पश्चिम बंगाल राज्य के अन्य सभी नगर निकायों में एक समान अवसर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
    4.   आदेश का अनुपालन दिनांक 22.03.2021 को 10.00 बजे तक भेजें।
    विस्तृत आदेश https://eci.gov.in/ पर भी उपलब्ध है।
     

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  12. माननीय उच्च न्यायालय, मद्रास ने अनुपस्थित मतदाताओं के लिए ईसीआई की डाक मतपत्र की सुविधा का समर्थन किया 

    सं.ईसीआई/प्रेस नोट/32/2021
    दिनांक: 18 मार्च, 2021
    प्रेस नोट
    माननीय उच्च न्यायालय, मद्रास ने अनुपस्थित मतदाताओं के लिए ईसीआई की डाक मतपत्र की सुविधा का समर्थन किया 
          माननीय उच्‍च न्‍यायालय, मद्रास ने दिनांक 17.03.2021 को 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्‍ठ नागरिकों, दिव्‍यांगजनों, कोविड-19 से प्रभावित/संदिग्‍ध और अनिवार्य सेवाओं में कार्यरत व्‍यक्तियों सहित अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों की सुविधा के लिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) और तदनुरूपी नियमों की शक्ति को चुनौती देने वाली याचिका (वर्ष 2020) की रिट याचिका सं. 20027) को खारिज कर दिया। 
          माननीय मुख्‍य न्‍यायाधीश की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने अपने आदेश में अभिनिर्धारित किया कि: 
          ''56. यह स्‍वीकार किया जाना चाहिए कि निर्वाचन आयोग ने यहां जो कुछ भी किया है वह समावेशी है और कुछ ऐसे व्‍यक्तियों की श्रेणियों को अनुमति दी है जो डाक मतपत्र का उपयोग करने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करने और लोकतंत्र के उत्‍सव में भाग लेने से वंचित रह जाते हैं। एस. रघुवीर सिंह गिल प्रकरण के निर्णय में समझदार व्‍यक्तियों ने यह देखा है कि मतपत्र की गोपनीयता और निष्पक्ष निर्वाचनों का संचालन, एक दूसरे के पूरक हैं। कोई भी विनम्रपूर्ण यह कह सकता है कि यदि निर्वाचनों के संचालनों में मतपत्र की गोपनीयता या निष्‍पक्षता, दोनों के साथ समझौता किए बिना प्रक्रिया को समावेशी बनाया जाए, तो यह निर्वाचनों का संचालन करने वाले निकाय के लिए उत्सव मनाने और अभिनंदित होने का समुचित कारण होगा।''   
          न्‍यायालय ने डाक मतपत्र के द्वारा अपना मत डालने के लिए 1961 के नियमों द्वारा प्रतिबद्ध व्‍यक्तियों की श्रेणी में कोई मनमानी नहीं पाई। इसने अभिनिर्धारित किया कि:
    ''60. इसी प्रकार, डाक मतपत्र द्वारा अपना मत डालने के लिए 1961 के नियमों द्वारा अनुमत व्‍यक्तियों की श्रेणी में भी कोई मनमानी नजर नहीं आती है। इस विचार से ऐसा प्रतीत होता है कि ऐसे कौन से व्‍यक्ति हैं जो किसी मतदान केंद्र में शारीरिक रूप से उपस्थित होकर अपना मतदान नहीं कर सकते। यदि इस तरह का विचार है तो वर्ष 2019 और 2020 के संशोधनों द्वारा परिकलित व्‍यक्तियों की श्रेणियों में कोई मनमानी नहीं है, विशेषकर इसका उद्देश्‍य यह लगता है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए व्‍यक्तियों की ऐसी श्रेणियों को उनका मूल अधिकार दिया जाए।''  
          माननीय न्‍यायालय ने टिप्पणी की कि यह निर्वाचनों में सहजता व सुविधा के लिए दिशा-निर्देश जारी करने हेतु आयोग की पूर्ण शक्तियों के दायरे में आता हैं: 
    ''62. अंत में, याचिकाकर्ता के इस तर्क कि निर्वाचन आयोग के पास दिशा-निर्देश जारी करने का कोई अधिकार नहीं है, को उस पूर्ण प्राधिकार के आलोक में त्यक्त कर देना चाहिए, जिसे संविधान के अनुच्‍छेद 324 द्वारा ऐसे आयोग को प्रदान किया गया प्रतीत होता है। इसके आलावा, ए.सी. जोस प्रकरण में उच्‍चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग के प्राधिकार को यह मान्‍यता दी थी कि यदि निर्वाचनों के संचालन के संबंध में कोई संसदीय विधान या उक्‍त विधान के अधीन कोई नियम न बना हो, तो वह कोई भी आदेश पारित कर सकता है। ऐसा प्राधिकार तब भी देखा गया था जब ''अनुच्‍छेद 324 द्वारा यथाअनुबंधित अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण संबंधी मामलों में...... विधि की...... अनुपूरकता के लिए................." आयोग के लिए बनाए गए नियमों में कोई स्पष्ट उपबंध नहीं किया गया था।'' इसके अतिरिक्‍त, इस निर्णय में स्‍वीकार किया गया कि ''निर्वाचनों के संचालन..........के संबंध में कोई निर्देश देने के लिए" आयोग को पूर्ण शक्तियां हैं।  
          आयोग ने वर्ष 2019 के झारखंड निर्वाचनों से इनमें से कुछ श्रेणियों के लिए वैकल्पिक डाक मतपत्र की शुरूआत की थी। वर्ष 2020 में बिहार के साधारण निर्वाचनों में, इन सभी श्रेणियों के लिए डाक मतपत्र के विकल्‍प की सुविधा दी गयी थी, जिसका 52,000 से अधिक निर्वाचकों द्वारा प्रयोग किया गया था। मौजूदा निर्वाचनों और उप-निर्वाचनों में आयोग ने पहले से ही निर्वाचकों की ऐसी श्रेणियों के लिए डाक मतपत्र विकल्‍पों की सुविधा के लिए विस्‍तृत दिशा-निर्देश निर्धारित कर दिए हैं ताकि ''कोई मतदाता न छूटे'' के अपने आदर्श वाक्‍य की तर्ज पर निर्वाचनों को अधिक समावेशी बनाया जा सके।  
          इस सुविधा को प्रदान करने के पीछे भावना यह है कि जो मतदाता 80 वर्ष से अधिक आयु के हैं या दिव्‍यांग हैं और जिन्‍हें चलने-फिरने में समस्‍या है तथा दुर्बलता के कारण मतदान केंद्र तक नहीं आ सकते हैं, उन्‍हें घर बैठे डाक मतपत्र के माध्‍यम से मतदान करने की सुविधा प्रदान की जाए। इस सुविधा से बड़ी संख्‍या में ऐसे मतदाताओं को लाभ मिला है। यह उल्‍लेख करना भी उचित है कि आयोग ने मतदान केंद्रों को दिव्‍यांग मतदाताओं या वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए पूरी तरह से सुलभ बनाया है। यहां तक कि अब दिव्‍यांग मतदाताओं अथवा वरिष्‍ठ नागरिकों को नि:शुल्‍क परिवहन सुविधा भी प्रदान की जाती है।

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  13. असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2021 - लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 126 में संदर्भित अवधि के दौरान मीडिया कवरेज।

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./31 2021
    दिनांकः 17 मार्च, 2021
     
    प्रेस नोट
    विषयः  असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2021 - लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 126 में संदर्भित अवधि के दौरान मीडिया कवरेज।
    असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल की विधान सभाओं  के साधारण निर्वाचन, 2021 आयोजित करवाने संबं‍धी अनुसूची दिनांक 26.02.2021 को घोषित कर दी गई है। राज्यों में मतदान निम्नानुसार अनुसूची के अनुसार आयोजित किया जाना निर्धारित हैः
    राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का नाम
    चरण और मतदान की तारीख
    असम
    तीन चरण-27/03/2021, 01/04/2021 और 06/04/2021
    पुडुचेरी, केरल और तमिलनाडु
    एकल चरण-06/04/2021
    पश्चिम बंगाल
    आठ चरण-27/03/2021, 01/04/2021, 06/04/2021, 10/04/2021, 17/04/2021, 22/04/2021, 26/04/2021 और 29/04/2021
      इस संबंध में, सारे मीडिया का ध्यान लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 126 की ओर आकृष्ट किया जाता है, जो किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान की समाप्ति हेतु निर्धारित घंटे से 48 घंटे पहले की अवधि के दौरान, अन्‍य बातों के साथ-साथ टेलीविजन या समरूप साधन के माध्‍यम से किसी भी निर्वाचन संबंधी बात के प्रदर्शन का निषेध करती है। उक्‍त धारा 126 के सुसंगत अंश नीचे उद्धृत किए गए हैं:-
     (126. मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय के साथ समाप्त होने वाली अड़तालीस घंटो की कालावधि के दौरान सार्वजनिक सभाओं का प्रतिबंध-
    (1)    कोई भी व्‍यक्ति-
    (क) ..............................
    (ख)  चलचित्र, टेलीविजन या अन्‍य समरूप उपकरणों के माध्‍यम से जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का प्रदर्शन नहीं करेंगे;
    (ग)   ...................................................................
    मतदान क्षेत्र में किसी भी निर्वाचन के लिए मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय के साथ समाप्‍त होने वाले अड़तालीस घंटों की कालावधि के दौरान।
    (2) कोई भी व्‍यक्ति जो उपधारा (1) के उपबंधों का उल्‍लंघन करेगा, वह दो वर्ष तक कारावास, या जुर्माने या दोनों से दंडनीय होगा।
    (3) इस धारा में, ‘‘निर्वाचन संबंधी बात’’ पद से अभिप्रेत है कोई ऐसी बात जो किसी निर्वाचन के परिणाम पर असर डालने या उसे प्रभावित करने के लिए आशयित या निरूपित है।
    2.     निर्वाचनों के दौरान, कभी-कभी टी.वी चैनलों द्वारा उनकी पैनल चर्चाओं/वाद-विवाद तथा अन्‍य  समाचारों और वर्तमान मामला कार्यक्रमों के प्रसारण में लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की उपर्युक्‍त  धारा 126 के उल्‍लंघन का आरोप लगता रहा है। विगत में आयोग ने यह स्पष्‍ट किया था कि उक्‍त  धारा 126, निर्वाचन क्षेत्र में मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय के साथ समाप्‍त होने वाले 48 घंटों की कालावधि के दौरान अन्‍य बातों के साथ-साथ टेलीविजन या समरूप उपकरणों के माध्‍यम से किसी भी निर्वाचन संबंधी बात के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाती है। उस धारा में ‘‘निर्वाचन संबंधी बात’’  को ऐसी बात के रूप में परिभाषित किया गया है जो किसी निर्वाचन के परिणाम पर असर डालने या उसे प्रभावित करने के लिए आशयित या निरूपित हो। धारा 126 के उपर्युक्‍त उपबंधों का उल्‍लंघन दो वर्ष के कारावास या जुर्माने अथवा दोनों द्वारा दंडनीय है।
    3.     आयोग इस बात को पुन: दोहराता है कि टीवी/रेडियो चैनलों तथा केबल नेटवर्कों/इंटरनेट वेबसाइट/सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धारा 126 में संदर्भित 48 घंटों की अवधि के दौरान उनके द्वारा प्रसारित/ब्रॉडकास्ट/प्रदर्शित कार्यक्रमों की विषय सूची में पैनल के सदस्‍यों/प्रतिभागियों द्वारा दिए गए विचारों/अपीलों सहित कोई ऐसी सामग्री न हो जिससे निर्वाचन के परिणामों को प्रभावित करने/असर डालने या अभ्‍यर्थी(र्थियों) अथवा किसी विशेष दल की संभावनाओं को प्रोत्‍साहित करने/प्रतिकूल प्रभाव डालने का अर्थ लगाया जाए। अन्‍य बातों के अलावा, इसमें किसी भी ओपीनियन पोल तथा सामान्य वाद-विवाद, विश्‍लेषण, विजुअल तथा साउंड बाइट्स का प्रदर्शन भी शामिल होगा।
    4.     इस संबंध में, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126क की ओर ध्‍यान आकर्षित किया जाता है जो कि किसी राज्य में पहले चरण में मतदान प्रारंभ होने से तथा अंतिम चरण में मतदान समाप्त होने के आधा घंटा बाद तक के बीच की अवधि के दौरान एग्जिट पोल आयोजित करने और उसके परिणामों को प्रसारित करने को प्रतिबंधित करती है।
    5.   धारा 126 द्वारा कवर न होने वाली अवधि के दौरान संबंधित टीवी/रेडियो/केबल/एफ एम चैनल/इंटरनेट वेबसाइट/सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किसी भी ब्रॉडकास्ट/प्रसारण संबंधी घटनाओं (एग्जिट पोल के अलावा) के संचालन, जो शालीनता, सांप्रदायिक एकता के अनुसरण आदि के संबंध में केबल नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम के अधीन सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रोग्राम कोड और आदर्श आचार संहिता के उपबंधों के अनुरूप हो, हेतु आवश्‍यक अनुमति के लिए राज्‍य/जिला/स्‍थानीय प्राधिकारियों से संपर्क करने के लिए स्‍वतंत्र है। सभी इंटरनेट वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अपने प्लेटफार्म पर सभी राजनैतिक विषय पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 और आयोग (ईसीआई) के दिशानिर्देश संख्या- 491/एसएम/2013/संचार, दिनांक 25 अक्टूबर, 2013 के प्रावधानों का पालन करना चाहिए। जहां तक राजनैतिक विज्ञापनों का संबंध है, आयोग के दिनांक 15 अप्रैल, 2004 के आदेश संख्‍या 509/75/2004/जेएस-I के अनुसार राज्‍य/जिला स्‍तर पर गठित समिति द्वारा इसका पूर्व प्रमाणन किया जाना आवश्यक  है।
    6.  निर्वाचन के दौरान अनुपालन हेतु प्रेस कॉउन्सिल ऑफ इंडिया द्वारा दिनांक 30.7.2010 को जारी दिशानिर्देशों और पत्रकारिता आचरण के मानदंड-2020 की ओर भी सभी प्रिंट मीडिया का ध्यान आकर्षित किया जाता है। (अनुलग्नक-I)
    7.  एनबीएसए द्वारा दिनांक 03 मार्च, 2014 को जारी ‘‘निर्वाचन प्रसारण हेतु दिशा-निर्देश” की ओर इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया का ध्‍यान आकर्षित किया जाता है। (अनुलग्नक-II)
    8.     इंटरनेट एंड मोबाइल एसोशिएसन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) ने लोक सभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2019 के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया की सत्यनिष्ठा बनाए रखने के लिए अपने प्लेटफार्म का स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं नीतिपरक उपयोग सुनिश्चित करने हेतु सभी प्रतिभागी सोशल मीडिया के लिए “स्वैच्छिक नैतिक संहिता” भी विकसित किया है। जैसा कि आईएएमएआई द्वारा दिनांक 23.09.2019 के पत्र द्वारा सहमति दी गई है, “स्वैच्छिक नैतिक संहिता” का सभी निर्वाचनों में अनुपालन किया जाएगा। तद्नुसार, यह संहिता असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2021 में भी लागू होती है। इस संबंध में सभी संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का ध्यान दिनांक 20 मार्च, 2019 के “स्वैच्छिक नैतिक संहिता” की ओर आकर्षित किया जाता है। (अनुलग्नक-III)
    9. जहां कहीं भी लागू हो, अनुपालन हेतु आईटी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 की ओर ध्यान आकृष्ट किया जाता है।
    उपर्युक्‍त दिशा-निर्देशों का सभी संबंधित मीडिया द्वारा विधिवत रूप से अनुपालन किया जाना चाहिए।
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  14. Huge push by ECI to curb menace of money power during ongoing elections in States of Assam, West Bengal, Tamil Nadu, Kerala and Union Territory of Puducherry

    No. ECI/PN/30/2021
    Dated: 17th March 2021
    PRESS NOTE
    Huge push by ECI to curb menace of money power during ongoing elections in States of Assam, West Bengal, Tamil Nadu, Kerala and Union Territory of Puducherry
    Record Seizures worth Rs. 331 crores have been made in Expenditure Monitoring Process in ongoing Assembly Elections, 2021 in States of Assam, West Bengal, Tamil Nadu, Kerala and Union Territory of Puducherry. Seizures already surpass the total seizures made in Assembly Elections to these State/UT in 2016 and significant point is that record seizures have been made even though polling is yet to start. Details of record seizures already done so far (as on 16th March 2021) - compared to total of Rs 225.77 cr in AE 2016 is put as under:  
     (Figures in Rs Crores)
    States
    Cash
    Liquor (worth Rs crores)
    Drugs (worth Rs crores)
    Freebies
    Precious Metals
    Total
    Assam
    11.73
    17.25
    27.09
    4.87
    2.82
    63.75
    Puducherry
    2.32
    0.26
    0.15
    0.14
    2.85
    5.72
    Tamil Nadu
    50.86
    1.32
    0.35
    14.06
    61.04
    127.64
    Kerala
    5.46
    0.38
    0.68
    0.04
    15.23
    21.77
    West Bengal
    19.11
    9.72
    47.40
    29.42
    6.93
    112.59
    Total 
    89.48
    28.93
    75.67
    48.52
    88.87
    331.47
     
    Total seizures in the above poll bound States/UT  in Assembly Elections 2016: Rs 225.77 crores
    For effective monitoring to curb black money in General Election to Legislative Assemblies of Assam, West Bengal, Tamil Nadu, Kerala and Union Territory of Puducherry, Election Commission of India has deployed 295 Expenditure Observers. Commission has also appointed five Special Expenditure Observers; Ms. Madhu Mahajan, ex-IRS(IT):1982 and Sh. B. R Balakrishnan, ex-IRS(IT):1983 (both for Tamil Nadu and UT of Puducherry), Sri B.Murali Kumar, ex-IRS, 1983 batch  (for West Bengal), Ms. Neena Nigam, ex-IRS, 1983 batch (for Assam) and Sri Pushpinder Singh Puniha, ex-IRS, 1985 batch (for Kerala). These officers having formidable domain expertise and impeccable track record are deputed for more effective election expenditure monitoring.  After due assessment, 259 Assembly Constituencies have been marked as Expenditure Sensitive Constituencies for more focussed vigil.
    On expenditure monitoring, Commission has convened various meetings with senior officials of Enforcement Agencies of poll bound States and UT. Seeking the importance of central enforcement agencies in election expenditure monitoring process, Commission also convened a meeting of Revenue Secretary, Chairman CBDT, Chairman CBIC and Director FIU-Ind on 02.03.2021.
    Distributing cash and gifts during electoral process is not permitted under the law, e.g., distribution of money, liquor, or any other item disbursed and given to the electors with the intent to influence them. This expenditure comes under the definition of “bribery” which is an offence both under 171B of IPC and under R.P. Act, 1951. The expenditure on such items is illegal. With the drive for curbing inducements which vitiate electoral process intensifying, the seizure figures are expected to rise further.

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  15. दिनांक 21.04.2021 को सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों की सीटों को भरने के लिए केरल से राज्य सभा के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन -तत्संबंधी।

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./29/2021 
    दिनांकः 17 मार्च, 2021
     
    प्रेस नोट                             
    विषयः दिनांक 21.04.2021 को सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों की सीटों को भरने के लिए केरल से राज्य सभा के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन -तत्संबंधी।     
          केरल से निर्वाचित राज्यसभा के 03 सदस्यों की पदावधि अप्रैल, 2021 में उनके सेवानिवृत्त होने के कारण समाप्त होने वाली है जिसका विवरण निम्नानुसार है : 
    क्रम सं.
       सदस्य का नाम
            सेवानिवृत्ति की तारीख
    1.
    अब्दुल वहाब
     
    21.04.2021
    2.
    के.के. रागेश
    3.
    वायालार रवि
     2.   आयोग ने उपरोक्‍त रिक्तियों को भरने के लिए केरल से राज्य सभा के लिए निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार द्विवार्षिक निर्वाचन आयोजित करवाने का निर्णय लिया है:- 
    क्र. सं.
          कार्यक्रम
         दिन एवं तारीख
    1.
    अधिसूचनाएं जारी करना
    24 मार्च, 2021 (बुधवार)
    2.
    नाम-निर्देशन करने की अंतिम तारीख
    31 मार्च, 2021 (बुधवार))
    3.
    नाम-निर्देशनों की संवीक्षा
    03 अप्रैल, 2021 (शनिवार)
    4.
    अभ्‍यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख
    05 अप्रैल, 2021 (सोमवार)
    5.
    मतदान की तारीख
    12 अप्रैल, 2021 (सोमवार)
    6.
    मतदान का समय
    पूर्वाह्न 9.00 बजे से अपराह्न 4.00 बजे तक
    7.
    मतगणना
    12 अप्रैल, 2021 (सोमवार) अपराह्न 5.00 बजे से
    8.
    वह तारीख, जिससे पूर्व निर्वाचन सम्‍पन्‍न हो जाएगा
    16 अप्रैल, 2021 (शुक्रवार)
     
    3.    सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान सभी व्यक्तियों के लिए अनुपालन हेतु व्यापक दिशा-निर्देश:-
    निर्वाचन संबंधी प्रत्येक गतिविधि के दौरान प्रत्येक व्यक्ति फेस मास्क पहनेगा। निर्वाचन के प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त हॉल/कमरा/परिसरों के प्रवेश पर:-   सभी व्यक्तियों की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। सभी स्थानों पर सैनिटाइजर उपलब्ध कराए जाएंगें।  राज्य सरकार और गृह मंत्रालय के कोविड-19 संबंधी मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार सामाजिक दूरी बरकरार रखी जाएगी।  4.    मुख्य सचिव, केरल को निदेश दिया जा रहा है कि वे राज्य से एक वरिष्ठ अधिकारी को प्रतिनियुक्त करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि  उक्त द्विवार्षिक निर्वाचन करवाने के लिए व्यवस्थाएं करते समय कोविड-19 की रोकथाम के उपायों के संबंध में मौजूदा दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाए। 
    5. इसके अतिरिक्त, आयोग ने निर्वाचन के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, केरल को प्रेक्षक के रूप में भी नियुक्त किया है।

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  16. विभिन्‍न राज्‍यों के संसदीय/विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में उप-निर्वाचनों के लिए कार्यक्रम – तत्‍संबंधी।

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/28/2021
    दिनांक: 16 मार्च, 2021
    प्रेस नोट
     विषय: विभिन्‍न राज्‍यों के संसदीय/विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में उप-निर्वाचनों के लिए कार्यक्रम – तत्‍संबंधी।
           आयोग ने आन्‍ध्र प्रदेश और कर्नाटक दो(02) संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में तथा विभिन्‍न राज्‍यों की विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में चौदह (14) रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसका विवरण निम्‍नानुसार है: 
    क्रम सं.
    राज्‍य
    निर्वाचन क्षेत्र की संख्‍या एवं नाम
      आन्‍ध्र प्रदेश
    23 – तरूपति (अ.जा.)
      कर्नाटक
    2 – बेलगाम
     
    क्रम सं.
    राज्‍य
    निर्वाचन क्षेत्र की संख्‍या एवं नाम
      गुजरात
    125 – मोरवा हडफ (अ.ज.जा.)
      झारखण्‍ड
    13 – मधुपुर
      कर्नाटक
    47 – बासवकल्‍याण
      कर्नाटक
    59 – मास्‍की (अ.ज.जा.)
      मध्‍य प्रदेश
    55 – दमहो
      महाराष्‍ट्र
    252 – पंठरपुर
      मिजोरम
    26 – सेरछिप
      नागालैण्‍ड
    51 – नोकसेन (अ.ज.जा.)
      ओडिशा
    110 – पिपिली
      राजस्‍थान
    179 – सहाड़ा
      राजस्‍थान
    24 – सुजानगढ़ (अ.जा.)
      राजस्‍थान
    175 – राजसमन्‍द
      तेलंगाना
    87 – नागार्जुन सागर
      उत्‍तराखंड
    49 – सल्‍ट
            विभिन्‍न कारकों जैसे कि स्‍थानीय त्‍यौहार, निर्वाचक नामावलियों, मौसमी परिस्थितियों, सुरक्षा बलों का मुवमेंट, महामारी आदि को ध्‍यान में रखकर आयोग ने नीचे उल्लिखित कार्यक्रम के अनुसार, इन सभी रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन आयोजित करने का निर्णय लिया है:
     
    मतदान कार्यक्रम
    तारीख एवं दिन
    राजपत्र अधिसूचना जारी होने की तारीख
    23.03.2021 (मंगलवार)
    नाम-निर्देशन की अंतिम तारीख
    30.03.2021 (मंगलवार)
    नाम-निर्देशनों की संवीक्षा की तारीख
    31.03.2021 (बुधवार)
    अभ्यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख
    03.04.2021 (शनिवार)
    मतदान की तारीख
    17.04.2021 (शनिवार)
    मतगणना की तारीख
    02.05.2021 (रविवार)
    वह तारीख जिसके पहले निर्वाचनों को संपन्न करा लिया जाएगा
    04.05.2021 (मंगलवार)
     
    1.     निर्वाचक नामावली
           01.01.2021 की अर्हक तिथि के संदर्भ में उपर्युक्त संसदीय एवं विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए निर्वाचक नामावलियों को अंतिम तौर पर प्रकाशित किया जा चुका है। 
    2.     इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपीएटी
           आयोग ने सभी मतदान केंद्रों में इन उप-निर्वाचनों में ईवीएम एवं वीवीपीएटी का उपयोग करने के लिए निर्णय लिया है। पर्याप्‍त संख्‍या में ईवीएम और वीवीपीएटी उपलब्‍ध करा दिए गए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए हैं कि इन मशीनों की सहायता से आसानीपूर्वक मतदान संचालित किए जाते हैं।
    3.     मतदाताओं की पहचान
    विद्यमान पद्धति के क्रम में पूर्वोल्लिखित निर्वाचनों में मतदान के समय मतदाता की पहचान अनिवार्य होगी। किसी मतदाता की पहचान के लिए निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (एपिक) मुख्य दस्तावेज होगा। हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसा कोई भी मतदाता जिसका नाम निर्वाचक नामावली में है, अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित न रहे, निम्नलिखित वैकल्पिक पहचान दस्तावेज भी विहित किए गए हैं:
    (i)        आधार कार्ड,
    (ii)       मनरेगा जॉब कार्ड,
    (iii)      बैंक/डाक घर द्वारा जारी फोटोयुक्‍त पासबुक,
    (iv)      श्रम मंत्रालय की स्‍कीम के अंतर्गत जारी स्‍वास्‍थ्‍य बीमा स्‍मार्ट कार्ड,
    (v)       ड्राइविंग लाइसेंस,
    (vi)      पैन कार्ड,
    (vii)     एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्‍मार्ट कार्ड,
    (viii)     भारतीय पासपोर्ट,
    (ix)      फोटोयुक्‍त पेंशन दस्‍तावेज,
    (x)       केन्‍द्रीय/राज्‍य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कम्‍पनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्‍त सेवा पहचान पत्र, और
    (xi)      सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्‍यों को जारी अधिकारिक पहचान पत्र।
    4.     आदर्श आचार संहिता
           आयोग के अनुदेश सं. 437/6/अनु./2016-सीसीएस, दिनांक 29 जून, 2017 (आयोग की वेबसाइट https://eci.gov.in//  पर उपलब्‍ध) के जरिए यथा-जारी आंशिक संशोधन आदर्श आचार संहिता उस जिले (जिलों) में तत्‍काल प्रभाव से लागू हो जाएगी जिसमें निर्वाचन होने वाले संसदीय/विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र का पूरा या कोई भाग शामिल हो (प्रति संलग्‍न)। आदर्श आचार संहिता सभी अभ्‍यर्थियों, राजनैतिक दलों और संबंधित राज्‍य सरकारों के संदर्भ में लागू हो जाएगी। यह आदर्श आचार संहिता संघ सरकार पर भी लागू होगी।
    5.     मतदाता सूचना पर्ची (वीआईएस)
    मतदाता अपने मतदान केन्‍द्र की निर्वाचक नामावली की क्रम संख्‍या, मतदान की तारीख, समय आदि जान सकें, इन सब बातों के लिए आयोग ने दिनांक 26.02.2021 के आदेश द्वारा मतदाताओं को फोटो मतदाता पर्ची के स्‍थान पर 'मतदाता सूचना पर्ची' जारी करने का निर्णय लिया है। मतदाता सूचना पर्ची में मतदान केन्‍द्र, तारीख, समय आदि जैसी सूचना सम्मिलित होगी, न कि मतदाता का फोटो। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी नामांकित निर्वाचकों को मतदान की तारीख से कम से कम 5 दिन पहले मतदाता सूचना पर्ची वितरित की जाएगी। हालांकि, मतदाताओं की पहचान के प्रमाण के रूप में मतदाता सूचना पर्ची को अनुमति नहीं प्रदान की जाएगी। यह स्‍मरण दिलाया जाता है कि आयोग ने 28 फरवरी, 2019 से पहचान के प्रमाण के रूप में फोटो मतदाता पर्चियों को अनुमति देना बंद कर दिया है।
    6.     कोविड-19 के दौरान उप-ननिर्वाच नों के संचालन के दौरान अनुपालनार्थ विस्तृत दिशानिर्देश
           कोविड-19 के प्रसार को देखते हुए, आयोग ने 21 अगस्त, 2020 को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनका निर्वाचनों के संचालन के दौरान सख्त अनुपालन किया जाना है, ये आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं। जारी किए गए सभी अनुदेश बिहार, विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 और 5 राज्‍यों/संघ शासित क्षेत्रों की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचनों के दौरान ऊपर – उल्लिखित उप-निर्वाचनों में भी यथावश्‍यक परिवर्तन सहित लागू हो जाएंगे।

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  17. Schedule for Bye-Elections in Parliamentary and Assembly Constituencies of Various States - reg.

    No. ECI/PN/ 28 /2021
    Dated: 16th March, 2021
     PRESS NOTE
    Subject:  Schedule for Bye-elections in Parliamentary/ Assembly Constituencies of various States – reg.
     The Commission has decided to hold bye-elections to fill vacancies in Two (2) Parliamentary Constituencies of Andhra Pradesh and Karnataka and Fourteen (14) vacancies in Assembly Constituencies of various States as per details given below: 
    Sl. No.
    State
    Constituency No. & Name 
    1.    
    Andhra Pradesh
    23-Tirupati (SC)
    2.    
    Karnataka
    2-Belgaum
     
    Sl. No.
    State
    Constituency No. & Name
     
    1.    
    Gujarat
    125– Morva Hadaf (ST)
    2.    
    Jharkhand
    13-Madhupur
    3.    
    Karnataka
    47-Basavakalyan
    4.    
    Karnataka
    59–Maski (ST)
    5.    
    Madhya Pradesh
    55-Damoh
    6.    
    Maharashtra
    252-Pandharpur
    7.    
    Mizoram
    26-Serchhip (ST)
    8.    
    Nagaland
    51-Noksen (ST)
    9.    
    Odisha
    110-Pipili
    10.      
    Rajasthan
    179- Sahara
    11.      
    Rajasthan
    24-Sujangarh (SC)
    12.      
    Rajasthan
    175-Rajsamand
    13.      
    Telangana
    87-Nagarjuna Sagar
    14.      
    Uttarakhand
    49-Salt

    After taking into consideration various factors like local festivals, electoral rolls, weather conditions, movement of forces, pandemic etc., the Commission has decided to hold bye-elections to fill these vacancies as per the programme mentioned as under:
    Poll Events
    Date and Day
    Date of Issue of Gazette Notification
    23.03.2021 (Tuesday)
    Last Date of Nominations
    30.03.2021 (Tuesday)
    Date for Scrutiny of Nominations
    31.03.2021 (Wednesday)
    Last Date for Withdrawal of candidatures
    03.04.2021 (Saturday)
    Date of Poll
    17.04.2021 (Saturday)
    Date of Counting
    02.05.2021 (Sunday)
    Date before which election shall be completed
    04.05.2021 (Tuesday)
    1.   ELECTORAL ROLL
    The Electoral Rolls for the aforesaid Parliamentary and Assembly Constituencies w.r.t 01.01.2021 as the qualifying date has been finally published. 
    2.   ELECTRONIC VOTING MACHINES (EVMs) and VVPATs
             The Commission has decided to use EVMs and VVPATs in these bye-election in all polling stations. Adequate numbers of EVMs and VVPATs have been made available and all steps have been taken to ensure that the polls are conducted smoothly with the help of these machines. 
    3.   IDENTIFICATION OF VOTERS
             In continuance to the existing practice, the voter's identification shall be mandatory in the aforementioned election at the time of poll. Electoral Photo Identity Cards (EPIC) shall be the main document of identification of a voter. However, in order to ensure that no voter is deprived of his/her franchise, if his/her name figures in the electoral rolls, following alternate identity documents are also prescribed:
      Aadhar Card,   MNREGA Job Card,  Passbooks with photograph issued by Bank/Post Office,  Health Insurance Smart Card issued under the scheme of Ministry of Labour,  Driving License,  PAN Card,  Smart Card issued by RGI under NPR, Indian Passport, Pension document with photograph,  Service Identity Cards with photograph issued to employees by Central/State Govt./PSUs/Public Limited Companies, and  Official identity cards issued to MPs/MLAs/MLCs.  4.   MODEL CODE OF CONDUCT
             Model code of conduct shall come into force with immediate effect in the district(s) in which the whole or any part of the Parliamentary/Assembly constituency going for election is included, subject to partial modification as issued vide Commission’ s instruction No. 437/6/1NST/2016-CCS, dated 29th June, 2017 (available on the commission's website https://eci.gov.in/) (copy enclosed). The Model code of conduct shall be applicable to all candidates, political parties and the State government concerned. The Model Code of Conduct shall also be applicable to the Union Government also.        
    5.   VOTER INFORMATION SLIPS (VIS)
    To facilitate the voter to know the serial number of electoral roll of his/her polling station, date of poll, time etc., the Commission vide letter dated 26.02.2021, has decided to issue ‘Voter Information Slip’ to the voters in place of Photo Voter Slip. Voter Information Slip will include information like Polling Station, Date, Time etc. but not the photograph of the voter. Voter Information Slip will be distributed at least 5 days before the date of poll to all enrolled electors, by the District Election Officer. However, Voter Information Slip will not be allowed as proof of identity of voters. It may be recalled that the Commission had discontinued Photo Voter Slips as an identity proof with effect from 28th February, 2019.     
    6.   BROAD GUIDELINES TO BE FOLLOWED DURING THE CONDUCT OF BYE-ELECTIONS DURING COVID-19
    In view of spread of COVID-19, the Commission on 21st August, 2020, issued broad guidelines, which is to be followed strictly during the conduct of elections, which is available on Commission’s website. 
    All instructions issued during General Election to Legislative Assemblies of Bihar, 2020 and General Elections to Legislative Assemblies of 5 States/UT shall also be mutatis mutandis applicable to the aforementioned bye-elections.

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  18. प्रेस नोट

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/27/2021
    दिनांक: 14 मार्च, 2021
     
    प्रेस नोट
     
    भारत निर्वाचन आयोग ने नंदीग्राम की घटना, जिसमें सुश्री ममता बनर्जी, मुख्‍यमंत्री 10 मार्च, 2021 को घायल हो गई थी; के संबंध में मुख्‍य सचिव, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्टों और विशेष जनरल प्रेक्षक, श्री अजय नायक और विशेष पुलिस प्रेक्षक श्री विवेक दुबे द्वारा प्रस्‍तुत संयुक्‍त रिपोर्ट पर चर्चा करने के लिए आज एक बैठक की।
    जिला मजिस्‍ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, पूर्व मेदिनीपुर और 210 – नंदीग्राम विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी की रिपोर्टों के अनुबंधों के आधार पर मुख्‍य सचिव की रिपोर्ट और विशेष प्रेक्षकों की रिपोर्ट के दस्‍तावेजों और इस घटना के तथ्‍यों और परिस्थितियों के अन्‍य इनपुटों का अनुशीलन करने के बाद, आयोग ने निम्‍नलिखित निर्णय लिए:- 
    श्री विवेक सहाय भा.पु.से., निदेशक, सुरक्षा को निदेशक, सुरक्षा के पद से हटा दिया जाएगा और उन्‍हें तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा। ज़ेड + सुरक्षाग्राही (प्रोटेक्‍टी) की सुरक्षा के लिए निदेशक, सुरक्षा के रूप में अपने प्राथमिक कर्तव्‍य के निर्वहन में विफल रहने के लिए एक सप्‍ताह के भीतर उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने चाहिएं।  मुख्‍य सचिव, पुलिस महानिदेशक से परामर्श करके मौजूदा प्रक्रिया का पालन करते हुए एक उपयुक्‍त निदेशक, सुरक्षा को तत्‍काल तैनात करने के लिए अधिकृत हैं। तैनाती संबंधी आदेश की सूचना दिनांक 15 मार्च, 2021 को अपराह्न 1.00 बजे तक आयोग को प्रेषित की जाए।   मुख्‍य सचिव और पुलिस महानिदेशक की एक समिति अगले तीन दिनों के भीतर निदेशक, सुरक्षा से अधीनस्थ श्रेणी के ऐसे अन्‍य आसन्न सुरक्षा कर्मियों की पहचान करेगी, जो इस घटना को रोकने और वीवीआईपी जेड + सुरक्षाग्राही (प्रोटेक्‍टी) की सुरक्षा करने के अपने कर्तव्‍यों के निर्वहन में विफल रहे और यह समिति उनकी विफलता के लिए उपयुक्‍त कार्रवाई करेगी तथा 17 मार्च, 2021 को अपराह्न 5:00 बजे तक आयोग को इसकी सूचना देगी।   सुश्री स्‍मिता पांडे भा.प्र.से.: 2005 को श्री विभू गोयल भा.प्र.से., जिन्‍हें गैर-निर्वाचन पद पर स्‍थानांतरित किया जाएगा, के स्‍थान पर तुरंत जिला मजिस्‍ट्रेट और जिला निर्वाचन अधिकारी, पूर्व मेदिनीपुर के रूप में तैनात किया जाए।  श्री प्रवीण प्रकाश, भा.पु.से., पुलिस अधीक्षक पूर्व मेदिनीपुर को भी तत्‍काल निल‍ंबित कर दिया जाएगा और बंदोबस्‍त की बड़ी विफलता के लिए उनके खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे।  श्री सुनील कुमार यादव, भा.पु.से.:2009 को तत्काल श्री प्रवीण प्रकाश भा.पु.से. के स्‍थान पर पुलिस अधीक्षक, पूर्व मेदिनीपुर के रूप में तैनात किया जाए।    मुख्‍य सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि नंदीग्राम पुलिस थाना प्रकरण संख्‍या 97/21 दिनांक 11-03-2021 की जांच अगले 15 दिनों में पूरी की जाए और इसमें कानून के अनुसार परिणामी कार्रवाई की जाए। इस संबंध में आयोग को 31 मार्च, 2021 तक रिपोर्ट भेजी जाए।   आयोग ने यह निर्देश भी दिया कि चूंकि निर्वाचन प्रचार के दौरान स्‍टार प्रचारकों की सुरक्षा बड़ी संख्या में भीड़ जुटने पर उनसे संभावित निकटता के कारण और अधिक संवेदनशील हो जाती है, और पूरे राज्‍य में कानून और व्‍यवस्‍था पर ऐसी किसी भी तरह की घटनाओं का सनसनीखेज प्रभाव पड़ता है, अतः स्‍थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), और अग्रिम विस्‍तृत कार्यक्रम, रैलियों या रोड शो आयोजित करने के लिए आवश्‍यक अनुमति सहित, बुलेट प्रूफ वाहन की तैनाती एवं उपयोग, यदि प्रोटेक्‍टी की सुरक्षा की श्रेणी के अनुसार अपेक्षित हो, पूर्व निर्धारित मार्ग (गों) पर तैनाती, मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों इत्‍यादि का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। अनुमोदित कार्यक्रम में किसी भी परिवर्तन की अनुमति केवल आवश्‍यक अनुमोदन (नों) के बाद ही दी जानी चाहिए।  
    उपरोक्‍त के संबंध में, आयोग ने सभी निर्वाचनरत राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों को अलग से यह निर्देश जारी करने का भी निर्णय लिया कि वे सभी राजनैतिक दलों/अभ्‍यर्थियों के ध्‍यान में यह लाएं कि वे सुरक्षा की श्रेणी और स्‍थानीय खतरे के मूल्‍यांकन के अनुसार स्‍टार प्रचारकों की मौजूदा नियमों/दिशानिर्देशों/मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार सुरक्षा का कड़ाई से पालन करें।
    इसके अलावा, भारत निर्वाचन आयोग ने पूर्व महानिदेशक पुलिस, इंटेलिजेंस, पंजाब, श्री अनिल कुमार शर्मा (सेवानिवृत्‍त 1984 पंजाब कैडर) को पश्चिम बंगाल की विधान सभा के साधारण निर्वाचनों के लिए विशेष पुलिस प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया है। विशेष पुलिस प्रेक्षक के रूप में श्री ए.के. शर्मा पश्चिम बंगाल में निर्वाचनों के संचालन का अवलोकन करने के लिए, श्री विवेक दुबे के अतिरिक्‍त, दूसरे विशेष पुलिस प्रेक्षक होंगे।

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  19. भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) फर्जी खबरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। इंटरनेट पर प्रसारित पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) श्री टी. एस. कृष्णमूर्ति को ईवीएम हैकिंग के बारे में जिम्मेदार ठहराते हुए फर्जी खबरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./26/2021
    दिनांकः 11 मार्च, 2021
     
    प्रेस नोट
    भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) फर्जी खबरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा  
    इंटरनेट पर प्रसारित पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) श्री टी. एस. कृष्णमूर्ति को ईवीएम हैकिंग के बारे में जिम्मेदार ठहराते हुए फर्जी खबरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है  
    भारत निर्वाचन आयोग के संज्ञान में आया है कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म/इंटरनेट पर ईवीएम हैकिंग के बारे में एक पुरानी झूठी खबर प्रसारित की जा रही है। खबरों ने 21 दिसंबर, 2017 को दुर्भावनापूर्ण रूप से जिम्मेदार ठहराया कि भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री टी. एस. कृष्णमूर्ति ने दावा किया था कि एक विशेष दल ने ईवीएम को हैक करके विधानसभा निर्वाचन में जीत हासिल की थी। वर्ष 2018 में इस मामले की जानकारी के तुरंत सामने आने के बाद, पूर्व सीईसी ने स्वयं इस गलत जानकारी का खंडन किया था।  
    इस फर्जी खबर का खंडन करते हुए श्री कृष्णमूर्ति ने फिर से एक बयान जारी कर कहा है
    "मेरे संज्ञान में यह लाया गया है कि एक फर्जी खबर जो कुछ समय पहले एक हिंदी समाचार पत्र में छपी थी, को सक्रिय किया जा रहा है और फिर से प्रसारित किया जा रहा है जैसे कि मैं इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, ईवीएम, भारत में निर्वाचनों के संचालन में विश्वसनीयता पर संदेह व्यक्त करता हूं। भावी निर्वाचनों में एक गलत धारणा को प्रसारित करने के लिए यह बिल्कुल गलत और शरारतपूर्ण काम है। मैं फिर से कहना चाहता हूं कि ईवीएम सबसे विश्वसनीय है और मुझे इसकी प्रभावकारिता और विश्वसनीयता पर कोई संदेह नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन वास्तव में हमारे राष्ट्र का गर्व है और साथ ही इसकी विश्वसनीयता पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता है।" 
    आयोग के निदेश पर सीईओ, दिल्ली द्वारा आईपीसी की धारा 500 (मानहानि की सजा) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 128 (मतदान की गोपनीयता बनाए रखने), 134 (निर्वाचनों के संबंध में आधिकारिक कर्तव्य का उल्लंघन) के तहत एक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है। इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है और उन उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में गलत धारणा बनाने के लिए फर्जी खबरें अपलोड की हैं।

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  20. असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2021-राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों को प्रसारण/टेलिकास्ट के समय का आबंटन-तत्संबंधी। 

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./25/2020/संचार
    दिनांक: 09 मार्च, 2021
     
    प्रेस नोट
    विषय: असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2021-राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों को प्रसारण/टेलिकास्ट के समय का आबंटन-तत्संबंधी। 
    भारत निर्वाचन आयोग ने चल रहे कोविड-19 महामारी और गैर-संपर्क आधारित अभियान की बढ़ती प्रासंगिकता को देखते हुए, प्रसार भारती निगम के परामर्श से प्रत्येक राष्ट्रीय दल और असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मान्यताप्राप्त राज्यीय दल को आबंटित प्रसारण/टेलीकास्ट समय को दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधान सभा के लिए चल रहे साधारण निर्वाचन, 2021 के दौरान दोगुना करने का निर्णय लिया है। 
    2.    असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2021 में राष्‍ट्रीय/राज्‍यीय राजनैतिक दलों को प्रसारण/टेलिकास्ट के समय के आबंटन के संबंध में आयोग द्वारा जारी दिनांक 9 मार्च, 2021 के आदेश सं. 437/टीए-वि.स/1/2021/संचार की एक प्रति जन साधारण के सूचनार्थ संलग्‍न है।

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  21. भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) का वक्तव्य

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./24/2021
    दिनांकः 5 मार्च, 2021
     
    प्रेस नोट
    भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) का वक्तव्य 
          मीडिया के कुछ भागों ने आज, अर्थात दिनांक 5.3.2021 को टीएमसी के सांसद द्वारा सीईओ, पश्चिम बंगाल को लिखे पत्र का उद्धरण दिया है, जिसमें भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष पश्चिम बंगाल विधान सभा निर्वाचन, 2021 के प्रभारी उप निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग की गई है। निम्नलिखित तथ्य आपके ध्यान में लाए जाते हैं:- 
    i)         प्रश्नगत शिकायत, स्पष्टतया सीईओ, पश्चिम बंगाल को दी गई थी, जिन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के मुख्यालाय में एक प्रति भेजी है। आयोग स्पष्टतापूर्वक कहना चाहता है कि हमारे सभी उप-निर्वाचन आयुक्त और भारत निर्वाचन आयोग के मुख्यालय में तैनात और/या फील्ड में कार्यरत अन्य अधिकारीगण, भारतीय संविधान तथा निर्वाचनों के संचालन से संबंधित विभिन्न मौजूदा नियमों के अनुसार अपने कर्तव्यों का सख्ती से निर्वहन कर रहे हैं। इधर-उधर कुछ असंगत अपवाद हो सकते हैं, ऐसे मामले में आयोग तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करता है। वर्तमान मामले में, आयोग को श्री सुदीप जैन, डीईसी की सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है। दुर्भाग्यवश, यह पहली बार नहीं है जब आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ निर्वाचनों की पूर्व संध्या/प्रक्रिया के दौरान संगठित अभियान चलाया गया है।
    ii)        उपर्युक्त खबरों में, श्री जैन, द्वारा लोक सभा निर्वाचन, 2019 के दौरान लिए गए दो निर्णयों के बारे में टीएमसी द्वारा उद्धृत किए गए आरोपों का उल्लेख किया गया है, जब श्री जैन पश्चिम बंगाल के निर्वाचनों में भारत निर्वाचन आयोग में प्रभारी उप निर्वाचन आयुक्त थे। यह स्पष्ट किया जाता है कि ये दोनों निर्णय आयोग द्वारा स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचनों का आयोजन करने के हित में लिए गए थे और डीईसी, जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस के नोडल अधिकारी और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण के अंतर्गत जिला निर्वाचन तंत्र द्वारा इन्हें लागू किया गया था। 
    चूंकि, यह मुद्दा वाट्सएप/एसएमएस संदेशों आदि के माध्यम से मीडिया के अन्य भागों द्वारा उठाया गया है, अतः आयोग की वेबसाइट (eci.gov.in) पर इस वक्तव्य की एक प्रति उपलब्ध करवाई जा रही है।

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  22. भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) मुख्यालय में कोविड-19 टीकाकरण अभियान आरंभ हुआ 

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./23/2021
    दिनांकः 4 मार्च, 2021
    प्रेस नोट
    भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) मुख्यालय में कोविड-19 टीकाकरण अभियान आरंभ हुआ 
    भारत निर्वाचन आयोग ने आज निर्वाचन सदन, दिल्ली में कार्यरत अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू किया। पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री एम एस गिल ने टीकाकरण अभियान की शुरुआत के प्रतीकस्वरूप वैक्सीन का पहला शॉट लिया। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री सुनील अरोड़ा और निर्वाचन आयुक्त श्री सुशील चन्द्रा तथा श्री राजीव कुमार, निर्वाचन आयोग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा टीकाकरण कार्यक्रम से लाभान्वित होने के बाद टीका लगावाएंगे। 
    मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने हाल ही में घोषणा की थी कि आगामी विधानसभा निर्वाचनों के लिए मतदान ड्यूटी पर सभी कर्मचारियों को 'फ्रंटलाइन वर्कर्स' के रूप में घोषित किया गया है और इसलिए उनके द्वारा निर्वाचन संबंधी कर्तव्यों को संभालने से पहले उनका टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस टीकाकरण से मतदान ड्यूटी पर अधिकारियों को कोरोना से डर के बिना अपने कर्तव्य निर्वहन के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा। श्री अरोड़ा ने आगे कहा कि राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान ने निर्वाचन आयोजित करवाने की स्थिति को और अधिक अनुकूल बना दिया है। डॉक्टरों, एम्बुलेंस आदि के प्रावधान के साथ भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) में विशेष शिविर भी लगाया गया है। 
    विशेष टीकाकरण अभियान के तहत, पांच राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के लाखों मतदान अधिकारी आगामी विधानसभा निर्वाचनों के लिए निर्वाचन ड्यूटी पर जाने से पहले टीका लगावाएंगे।

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  23. भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए साधारण निर्वाचन - 2021 के निर्बाध संचालन हेतु नियुक्‍त किए गए विशेष प्रेक्षकों के साथ बैठक की।

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/22/2021
    दिनांक: 04 मार्च, 2021
    प्रेस नोट
    भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए साधारण निर्वाचन - 2021 के निर्बाध संचालन हेतु नियुक्‍त किए गए विशेष प्रेक्षकों के साथ बैठक की।
          भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आगामी साधारण निर्वाचन - 2021 से जुड़े विशेष प्रेक्षकों के साथ आज ब्रीफिंग बैठक आयोजित की। यह बैठक आज प्रथम मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुकुमार सेन की स्‍मृति में निर्वाचन सदन में समर्पित नव नवीकृत सुकुमार सेन हॉल में संपन्‍न हुई।
          मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुनील अरोड़ा ने नव नियुक्‍त विशेष प्रेक्षकों का स्‍वागत करते हुए पिछले निर्वाचनों में उनके द्वारा महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए और भारत निर्वाचन आयोग के स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष, पारदर्शी पक्षपातरहित और प्रलोभनरहित निर्वाचन संचालन के संवैधानिक अधिदेश को पूरा करने में सहयोग देने के लिए उनकी प्रशंसा की। श्री अरोड़ा ने मतदान क्षेत्रों में कार्यरत सभी प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अधिकाधिक समन्‍वय लाने पर जोर दिया। उन्‍होंने यह भी कहा कि बलों की तैनाती के पर्यवेक्षण और मतदान ड्यूटी के लिए उनके यादृच्छिकीकरण में विशेष प्रेक्षकों की अतिरिक्‍त भूमिका रहेगी।
          निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुशील चंद्र ने सभी अतिसंवेदनशील बूथों की वेबकास्टिंग के संबंध में आयोग के हाल ही के आदेश की ओर उनका ध्‍यान आकृष्‍ट किया और अपने निर्वाचनों को पूरी तरह से प्रलोभन रहित बनाने पर जोर दिया। निर्वाचन आयुक्‍त श्री राजीव कुमार ने कहा कि आयोग एक स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित रीति से निर्वाचन करवाने के लिए सभी ईमानदार और सक्षम वरिष्‍ठ अधिकारियों से जुड़कर अत्‍यंत खुश है।
    विशेष प्रेक्षकों, जिन्‍होंने पिछले निर्वाचनों के दौरान कार्य किया था, ने आयोग को अपने पिछले अनुभवों के आधार पर मुद्दों और चुनौतियों के बारे में अवगत करवाया।
          निर्वाचनरत असम, केरल, तमिलनाडु, और पश्चिम बंगाल राज्‍यों और पुदुचेरी संघ राज्‍य क्षेत्र में निम्‍नलिखित अधिकारियों को विशेष सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों के रूप में नियुक्‍त किया गया है। श्री सुदर्शनम श्रीनिवासन, भा.प्रशा.से. (सेवानिवृत्‍त) (ओडिशा:80); श्री अशोक कुमार, भा.पु.से. (सेवानिवृत्‍त); तमिलनाडु:82 और श्रीमती नीना निगम, भा.राज.से. (सेवानिवृत्‍त) (भा.राज.से: 83) असम राज्‍य के लिए प्रेक्षक रहेंगे। श्री अजय नायक, भा.प्रशा.से. (सेवानिवृत्‍त) (बिहार:84), श्री विवेक दुबे, भा.पु.से.(सेवानिवृत्‍त) (आंध्र प्रदेश:81), श्री बी. मुरली कुमार, भा.राज.से. (सेवानिवृत्‍त) (भा.राज.से.:1983) पश्चिम बंगाल के लिए प्रेक्षक रहेंगें। श्री दीपक मिश्रा, भा.पु.से. (सेवानिवृत्‍त) (एजीएमयूटी:84), श्री पुष्‍पेंद्र सिंह पूनीहा, भा.राज.सेवा. (सेवानिवृत्‍त) (भा.राज.सेवा:1985) को केरल के लिए प्रेक्षकों के रूप में नियुक्‍त किया गया है। श्री आलोक चतुर्वेदी भा.प्रशा.से. (सेवानिवृत्‍त) (बिहार:86) को तमिलनाडु राज्‍य के लिए और श्री मंजीत सिंह, भा.प्रशा.से. (सेवानिवृत्‍त) (राजस्‍थान:88) को पुदुचेरी संघ राज्‍य क्षेत्र के लिए प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया गया है जब कि श्री धमेंद्र कुमार भा.पु.से. (सेवानिवृत्‍त) (एजीएमयूटी:84) सुश्री मधु महाजन, भा.राज.से. (सेवानिवृत्‍त) (भा.राज.से.:1982) और बी.आर बालाकृष्‍णन, भा.राज.से. (सेवानिवृत्‍त) (भा.राज.सेवा:1983) तमिलनाडु और पुदुचेरी, दोनों के लिए प्रेक्षक रहेंगे। नियुक्‍त किए गए सभी विशेष प्रेक्षकों का अपने-अपने कैरियर में काम के प्रति बेदाग और शानदार ट्रैक रिकार्ड है।
          विशेष प्रेक्षक अपने-अपने निर्धारित राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्र का दौरा करेंगे और राज्‍य तथा जिला स्‍तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही मतदान संबंधी तैयारियों का पर्यवेक्षण करेंगे और उन पर नजर रखेंगे। वे इन क्षेत्रों में तैनात सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों के साथ कई बैठक भी करेंगे।

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  24. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधान सभा निर्वाचनों के लिए सामान्य, पुलिस और व्यय प्रेक्षकों की ब्रीफिंग बैठक का आयोजन

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/21/2021
    दिनांकः 3 मार्च, 2021
     
    प्रेस नोट 
    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधान सभा निर्वाचनों के लिए सामान्य, पुलिस और व्यय प्रेक्षकों की ब्रीफिंग बैठक का आयोजन
    भारत निर्वाचन आयोग ने आज असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधान सभाओं के लिए आगामी साधारण निर्वाचनों के लिए तैनात किए जाने वाले प्रेक्षकों हेतु एक ब्रीफिंग बैठक आयोजित की, जिसके लिए कार्यक्रम की घोषणा 26 फरवरी, 2021 को की गई थी। 120 से अधिक दूरस्थ स्थानों से 1650 से अधिक प्रेक्षकों ने आज प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से इस ब्रीफिंग बैठक में भाग लिया। आईएएस, आईपीएस, आईआरएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों को सामान्य, पुलिस और व्यय प्रेक्षकों के रूप में तैनात किए जाने हेतु शामिल किया गया है। 
    प्रेक्षकों को संबोधित करते हुए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री अरोड़ा ने कहा कि प्रेक्षक भारतीय लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण पथप्रदर्शकों में से एक हैं। श्री सुनील अरोड़ा ने कहा कि सितंबर, 2017 से भारत निर्वाचन आयोग में अपने कार्यकाल के दौरान, वे 14 राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचनों और 2019 के लोक सभा के साधारण निर्वाचनों से जुड़े रहे हैं, जिनमें प्रेक्षकों ने निर्वाचनों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कोविड की व्यापक चिंताओं के बावजूद, बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा पूरे किए गए अनुकरणीय कार्यों का संज्ञान लेते हुए श्री अरोड़ा ने कहा कि बिहार विधान सभा निर्वाचन वस्तुतः भारतीय निर्वाचनों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गए हैं। यहां तक कि बिहार में विधान सभा और संसद के पूर्ववर्ती निर्वाचनों की तुलना में मतदाताओं की भागीदारी बेहतर थी। श्री अरोड़ा ने कहा कि निर्वाचनों का सफल आयोजन हमेशा फील्ड अधिकारियों और भारत निर्वाचन आयोग का संयुक्त प्रयास होता है जिसमें प्रेक्षक और विशेष प्रेक्षक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन निर्वाचनों के दौरान, बलों के रेंडमाईजेशन और इनकी तैनाती में विशेष प्रेक्षकों की अतिरिक्त भूमिका होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र का लचीलापन इस तथ्य में निहित है कि तथाकथित "आम आदमी" (कॉमन मैन) सरकार के गठन में निर्णायक भूमिका निभाता है। भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य सशक्त, सतर्क, जागरूक और सुरक्षित मतदाता सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रेक्षकों को याद दिलाया कि वे नागरिकों को दृष्टिगोचर और सुलभ होने चाहिए और उन्हें निडर होकर मतदान करने में सक्षम बनाना चाहिए। उन्होंने प्रेक्षकों को चेताया कि यदि कोई भी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में ढिलाई बरतते हुए पाया गया तो भारत निर्वाचन आयोग तत्काल और कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने पुनः दोहराया कि भारत निर्वाचन आयोग जानबूझकर की गई गलती को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। श्री अरोड़ा ने प्रेक्षकों से कहा कि वे वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिला मतदाताओं के लिए यथोचित सुविधाओं की जाँच करने के लिए मतदान केंद्र का दौरा करें ताकि समावेशी निर्वाचनों के सिद्धांत के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता सुनिश्चित की जा सके। 
    निर्वाचन आयुक्त श्री सुशील चंद्रा ने कहा कि आगामी निर्वाचनों में, 18 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करने के लिए 80,000 से अधिक मतदान केंद्रों को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि प्रेक्षकों को फील्ड स्तर के अधिकारियों को उचित निदेश सुनिश्चित करने की आवश्यकता है ताकि भारत निर्वाचन आयोग का संवैधानिक अधिदेश निष्ठापूर्वक साकार हो सके। उन्होंने प्रेक्षकों से उनके सक्रिय कार्यकलापों और उपस्थिति का आह्वान किया, जिससे विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में मतदाताओं के बीच भरोसा कायम हो और सभी प्रवर्तन एजेंसियों की पूर्ण भागीदारी के साथ धनशक्ति अथवा मुफ्त में मदिरा या अन्य सामान बांटने जैसी बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए भरसक प्रयास किए जाएं। श्री चंद्रा ने जोर देते हुए कहा कि प्रेक्षकों को इन निर्वाचनों को पूरी तरह से प्रलोभन मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। 
    अधिकारियों को संबोधित करते हुए, निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार ने प्रेक्षकों को याद दिलाया कि उनका स्वयं का आचरण लोगों, मीडिया और राजनीतिक संस्थाओं की संवीक्षा के अधीन होगा। प्रेक्षकों को असाधारण आचरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता है ताकि किसी भी कीमत पर निर्वाचन की वैधता और शुचिता बरकरार रहे। उन्होंने कहा कि विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए प्रेक्षकों की पहुंच और दृष्टिगोचरता, गुणवत्ता और समयबद्ध प्रतिक्रिया सुनिश्चित करनी होती है। श्री कुमार ने कहा कि प्रेक्षकों की रिपोर्टों के प्रामाणिक साक्ष्य कई बार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्णय लेने का आधार बनाने हेतु उनके लिए महत्वपूर्ण कारक बन जाते हैं। श्री कुमार ने दोहराया कि प्रेक्षकों को वास्तव में प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी कानूनी प्रावधानों, भारत निर्वाचन आयोग के अनुदेशों और नवीनतम परिपत्रों की जानकारी होना आवश्यक है। 
    आज आयोजित आधे दिन के ब्रीफिंग सत्रों में भारत निर्वाचन आयोग के महासचिव श्री उमेश सिन्हा द्वारा निर्वाचन योजना, सुरक्षा प्रबंधन और स्वीप के पहलुओं के संबंध में व्यापक ब्रीफिंग की गई। श्री सिन्हा, जो भारत निर्वाचन आयोग की ओर से तमिलनाडु राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में निर्वाचनों के प्रभारी भी हैं, ने अधिकारियों को तमिलनाडु राज्य और पुडुचेरी केंद्रशासित प्रदेश से संबंधित विशिष्ट मुद्दों की जानकारी दी। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त श्री धर्मेंद्र शर्मा द्वारा कार्मिकों के प्रशिक्षण और असम राज्य संबंधी इनपुट्स, भारत निर्वाचन आयोग में असम निर्वाचनों के राज्य प्रभारी होने के कारण, श्री सुदीप जैन, उप निर्वाचन आयुक्त द्वारा निर्वाचक नामावली संबंधी मुद्दों और सूचना प्रौद्योगिकी एप्लिकेशन्स तथा ईवीएम-वीवीपैट प्रबंधन प्रणाली पर संक्षिप्त सत्र भी आयोजित किए गए। श्री जैन ने केरल और पश्चिम बंगाल निर्वाचनों के विशिष्ट मुद्दों पर भी प्रकाश डाला। उप निर्वाचन आयुक्त, श्री चंद्र भूषण कुमार और निदेशक व्यय, श्री पंकज श्रीवास्तव ने कानूनी मुद्दों, आदर्श आचार संहिता और व्यय अनुवीक्षण का संक्षिप्त विवरण दिया। श्रीमती शेफाली शरण, प्रवक्ता भारत निर्वाचन आयोग ने मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समितियों, पेड न्यूज और सोशल मीडिया के पहलुओं के संबंध में अधिकारियों को संक्षिप्त जानकारी दी। 
    इन आगामी निर्वाचनों के लिए, भारत निर्वाचन आयोग ने उन निर्वाचकों को डाक मतपत्र की सुविधा का विकल्प दिया है, जिन्हें दिव्यांगजनों के रूप में चिह्नित किया गया है, जो निर्वाचक 80 वर्ष से अधिक आयु के हैं, जो निर्वाचक अधिसूचित अनिवार्य सेवाओं में नियुक्त हैं और जो निर्वाचक सक्षम प्राधिकारी द्वारा यथाप्रमाणित कोविड-19 पॉजिटिव/संदिग्ध हैं और संगरोध (घर/संस्थागत) हैं। कोविड से सुरक्षित निर्वाचन के लिए सभी व्यक्तियों के लिए पूरी निर्वाचन प्रक्रियाओं के दौरान अनुकरणीय आयोग के व्यापक दिशानिर्देशों में सहायक मतदान केंद्रों की संख्या में वृद्धि, सभी व्यक्तियों की थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजर और मास्क का उपयोग; मतगणना मेजों के लिए पर्याप्त स्थान वाले बड़े हॉल; मतदान कर्मियों को लाने-ले-जाने के लिए वाहनों की पर्याप्त संख्या, कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षाकर्मी और निर्वाचन प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मियों के लिए टीकाकरण भी शामिल है।

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  25. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29क के अंतर्गत राजनैतिक दलों का पंजीकरण-सार्वजनिक नोटिस अवधि-तत्संबंधी।

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./20/2021
    दिनांकः 2 मार्च, 2021
    प्रेस नोट
    लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29क के अंतर्गत राजनैतिक दलों का पंजीकरण-सार्वजनिक नोटिस अवधि-तत्संबंधी। 
    राजनैतिक दलों का पंजीकरण लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29क के प्रावधानों द्वारा शासित होता है। आयोग में उक्त धारा के तहत पंजीकरण की अपेक्षा रखने वाले दल को भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29क द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने दल के गठन की तारीख के 30 दिनों के भीतर आयोग को एक आवेदन प्रस्तुत करना होता है। मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवेदक संघ से अन्य बातों के साथ-साथ कहा गया है कि वे दो राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों और दो स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों में दल का प्रस्तावित नाम दो दिनों तक प्रकाशित करें ताकि इस तरह के प्रकाशन से 30 दिनों के भीतर आयोग के समक्ष दल के प्रस्तावित पंजीकरण के संबंध में आपत्तियां, यदि कोई हों, प्रस्तुत की जा सके। इस प्रकार से प्रकाशित नोटिस आयोग की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया जाता है। 
    2.    आयोग ने दिनांक 26.02.2021 को पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के लिए निर्वाचनों की घोषणा की है। आयोग के ध्यान में यह लाया गया है कि कोविड-19 के कारण प्रचलित प्रतिबंधों के मद्देनजर, पंजीकरण के लिए आवेदनों को स्थानांतरित करने में अव्यवस्था और देरी हुई, जिसके परिणामस्वरूप राजनैतिक दल के रूप में पंजीकरण करने में देरी हुई। इसलिए, मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद, आयोग ने दिनांक 26.02.2021 को या उससे पहले अपने सार्वजनिक नोटिस को प्रकाशित करने वाले दलों को शिथिलता दी है और नोटिस की अवधि 30 दिन से घटाकर 7 दिन कर दी है। उन दलों, जिन्होंने 26.02.2021 से पहले 7 दिनों से कम समय में पहले ही सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित किया है, सहित सभी दलों के संबंध में यदि कोई आपत्ति है, तो इसे दिनांक 02.03.2021 को अपराह्न 05.30 बजे या मूल रूप से प्रदान किए गए 30 दिन की अवधि, जो भी पहले हो, समाप्त होने तक प्रस्तुत किया जा सकता है। 
    3.    यह शिथिलता असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के साधारण निर्वाचन के लिए दिनांक 19.03.2021, जो नाम-निर्देशन की अंतिम तारीख है, तक और पश्चिम बंगाल के लिए 07.04.2021 (पश्चिम बंगाल विधान सभा के लिए साधारण हेतु नाम-निर्देशन की अंतिम तिथि) तक लागू रहेगी।

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ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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