मतदाता हेल्पलाइन ऐप (एंड्राइड के लिए)
अंग्रेज़ी में देखें   |   मुख्य विषयवस्तु में जाएं   |   स्क्रीन रीडर एक्सेस   |   A-   |   A+   |   Theme
Jump to content

Press Releases 2019

121 files

  1. मतदाता टर्नआउट डाटा के संबंध में भारत निर्वाचन आयेाग की प्रेस विज्ञप्‍ति

    No. ECI/PN/61/2019      
    Dated: 1st June, 2019
    Press Note
    ECI PRESS RELEASE ON VOTER TURNOUT DATA
    Two categories of votes are counted to arrive at the final result of General Elections 2019, first is Votes polled in EVM by General voters from over 91.1 Crores electors at Polling Stations and second category is Postal Ballots returned from over18 Lakh Service voters and also from the polling personnel deployed for the poll duties, outside their Parliament Constituency in case of single elections and all polling personnel in case of simultaneous elections as was the case recently when besides the election to 17th Lok Sabha, the Assembly elections for four states namely Andhra Pradesh, Arunachal Pradesh, Odisha and Sikkim to Lok Sabha and Vidhan Sabha also went for poll.
    The provisional voter turnout data is displayed as percentage figure on Election Commission of India (ECI) Web site and Voter Helpline Mobile App on the poll day as uploaded by the Returning Officer(RO)/Assistant Returning Officer (ARO) based on the approximate percentage turnout figures obtained from Sector magistrates who in-turn get it periodically over phone/ in person from about 10 Presiding officers. After scrutiny of documents by the RO, provisional number of General voters’ turnout is compiled and uploaded on the ECI website based on the Polling Station wise tentative voter turnout data reported by the Presiding Officers, with male/female voter breakup, added together to get the PC wise provisional voter turnout. All these figures are provisional, based on estimates which are subject to change as is made clear from the disclaimer on the website that "the data is estimated and subject to change". This provisional voter turnout data is made available by ROs on regular intervals, which is collated by Chief Electoral Officers and ECI on the web site for wider dissemination and to ensure transparency in information dissemination.
    At the time of counting, postal ballots received up to 8 AM on Counting day are first pre-counted and valid Postal ballots are then taken up for after actual counting for both of the categories a. the Service voters and b. the polling personnel deployed for the poll duties. The Postal ballot count is added to the EVM General voters’ count to give the final votes polled in every PC and the votes secured candidate wise and the winning candidate is given return certificate in form 21E by the Returning Officers.
    Based on both the EVM votes and Postal Ballots counted, the Returning Officer prepares Form 21E and Index Card in which the breakup of voter turnout, including tendered votes for the Constituency, is tallied to get the final voter turnout for each Constituency. Form 21E is the return of election as specified under rule 64 of the Conduct of Election Rules, 1961, for which the sole authority is the Returning Officer concerned. Also, INDEX CARD in use since last over five decades, is prepared by the Returning officer to furnish the voting data (including postal ballot data), polled and counted, after the declaration of the Result, which becomes the final authenticated data for all purposes including analysis and research. For General Elections 2019, Commission has already directed all the Returning Officers on 26th March 2019 to send the INDEX CARDS within 15 days of the declaration of the Result.
    In earlier elections, it used to take months to collect such authenticated election data from all the ROs. Even in 2014, it took between 2 to 3 months after the declaration of results to collect and collate such data in authenticated form. Due to the innovative IT initiatives taken by the Commission this time, the final data on votes counted has been made available within a few days of declaration of results. The reconciliation of voters’ data for all PCs have been completed in all states and the Index Forms of all 542 PCs are expected to reach ECI from Returning Officers shortly, which after compilation, shall be immediately be made Public by the Election Commission.
    As made out clear in above paras, the provisional voter turnout data reported on ECI Website is only the tentative number of voters and not the final nos. therefore it is incorrect inference to find Ghost voters when there are none.

    7 downloads

    Submitted

  2. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्‍यों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों के डीब्रीफिंग सम्‍मेलन का आयोजन; महत्‍वपूर्ण मामलों पर नौ कार्यकारी दलों का गठन

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/62/2019                                     दिनांक: 03 जून, 2019
    प्रेस नोट  
    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्‍यों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों के डीब्रीफिंग सम्‍मेलन का आयोजन; महत्‍वपूर्ण मामलों पर नौ कार्यकारी दलों का गठन
    भारत निर्वाचन आयोग ने आज नई दिल्‍ली में सभी राज्‍यों/संघ शासित क्षेत्रों के मुख्‍य  निर्वाचन अधिकारियों के लिए एक पूर्ण दिवसीय सम्‍मेलन आयोजित किया। हाल ही में सम्‍पन्‍न हुए लोकसभा के साधारण निर्वाचन, 2019 के अनुभवों पर विचार विमर्श करने के लिए अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था।
    सभी मुख्‍य निर्वाचन अधि‍कारियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुनील अरोड़ा ने बताया कि हाल ही के निर्वाचनों में स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष निर्वाचनों के आयोजन के लिए अधिकारियों को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। विविध अप्रत्‍याशित परिस्थितियों यथा निज़ामाबाद में अभूतपर्व ईवीएम व्‍यवस्‍था, प्रतिकूल मौसम के बीच ओडीशा चुनौती इत्‍य‍ादि पर बात करते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने इस विशाल प्रक्रिया के सफलतापूर्वक प्रबंधन के लिए अधिकारियों की प्रशंसा की। श्री अरोड़ा ने राज्‍य के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों को अब मतदाताओं के हिसाब से इस प्रक्रिया के सरलीकरण पर विशेष रूप से ध्‍यान केन्द्रित करने के लिए कहा। उन्‍होंने उल्‍लेख किया कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में निर्वाचन आयोजित करवाने में प्रत्‍येक राज्‍य की अपनी विशिष्‍ट चुनौतियां होती हैं। उन्‍होंने मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों से सीईओ और डीईओ कार्यालयों को सुदृढ़ करने के तरीकों का सुझाव देने की सलाह दी ताकि वे निरंतर उभरने वाली अपेक्षाओं को पूरा कर सकें। उन्‍होंने उनसे कार्यान्‍वयन योजना-विशेषकर विभिन्‍न स्‍तरों अर्थात् ईआरओ, आरओ, सीईओ और ईसीआई सचिवालय के स्‍तर पर की जाने वाली कार्रवाईयों पर ध्‍यान केन्द्रित करने को कहा।
        
     आयोग ने मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों और आयोग के अधिकारियों के नौ कार्यकारी समूहों का गठन किया है जो निर्वाचक नामावली मामलों, मतदान केन्‍द्र प्रबंधन, एमसीसी, मतदान प्रक्रिया और सामग्री वस्‍तु सूची, क्षमता संवर्द्धन, आईटी ऐप्‍लीकेशन, व्‍यय प्रबंधन, स्‍वीप और मीडिया सम्‍बन्‍धी विषयों के साथ-साथ निर्वाचकीय सुधारों सहित निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्‍न पक्षों को कवर करते हैं। सभी समूह संबंधित विषयों पर विचार विमर्श करेंगे और अगस्‍त, 2019 तक इस संबंध में व्‍यवहार्य संस्‍तुतियों का सुझाव देंगे। प्रत्‍येक मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी अपने संबंधित राज्‍य के बारे में अनुभवों सम्‍बन्‍धी रिपोर्ट भी प्रस्‍तुत करेंगे।
    समूह को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयुक्‍त, श्री लवासा ने कहा कि निर्वाचनों के आयोजन के लिए वैसे तो ईसीआई पद्धति को अच्‍छी तरह से प्रलेखित और संहितबद्ध किया गया है, फिर भी मतदाताओं के पंजीकरण को और आसान बनाने और विशेष रूप से उनकी सहभागिता को और सहज बनाने के लिए उनकी आशाओं के अनुरूप तकनीकी को अपनाने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए वे करने योग्‍य लघु कालिक, मध्‍यम कालिक और दीर्घ कालिक प्रशासनिक एवं विधिक संस्‍तुतियां प्रस्‍तुत करें।
    निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चन्‍द्रा ने 2019 निर्वाचनों की अनेक नवोन्‍मेषी एवं चुनौतिपूर्ण बातों को उजागर किया। श्री चन्‍द्रा ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए मात्र सांकेतिक वृद्धि की नहीं बल्कि गुणात्‍मक अभिवृद्धि की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने इस बात पर बल दिया कि तकनीकी में हुई प्रगति का लाभ हमें मतदान में भी उठाना चाहिए ताकि यह केवल एक समावेशी अनुभव न होकर आनन्‍ददायी अनुभव बन सके।  
          
    आयोग ने साधारण निर्वाचन, 2019 के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए सभी मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों, भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों, फील्‍ड निर्वाचन स्‍टाफ को धन्‍यवाद दिया और बधाई दी। यह उल्‍लेख किया गया कि भारत निर्वाचन आयोग आईआईआईडीईएम से कार्यकारी समूहों द्वारा की जाने वाली इस प्रक्रिया के लिए सभी संसाधन उपलब्‍ध करवाएगा।

    8 downloads

    Submitted

  3. जम्‍मू-कश्‍मीर में विधानसभा निर्वाचन का संचालन

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/63/2019                                       दिनांक: 04.06.2019
    प्रेस नोट
    जम्‍मू-कश्‍मीर में विधानसभा निर्वाचन का संचालन  
          निर्वाचन आयोग ने, संविधान के अनुच्‍छेद 324 और वर्तमान कानूनों/नियमों आदि के अंतर्गत सर्वसम्‍मति से यह निर्णय लिया है कि जम्‍मू-कश्‍मीर में विधानसभा निर्वाचनों के आयोजन करवाने पर इस वर्ष के अंत में विचार किया जाएगा। आयोग सभी महत्‍वपूर्ण पक्षों से जानकारी प्राप्‍त करते हुए जम्‍मू-कश्‍मीर की स्थिति पर नियमित और वास्‍तविक समय के अनुसार निगरानी रखेगा, और अमरनाथ यात्रा समाप्‍त हो जाने के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर में विधानसभा निर्वाचन के संचालन हेतु निर्वाचन अनुसूची की घोषणा करेगा।    

    6 downloads

    Submitted

  4. अगले पांच वर्षों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श करने हेतु देशभर के स्वीप नोडल अधिकारियों का सम्मेलन।

    सं.ईसीआई/प्रेस नोट/64/2019
    दिनांक: 13 जून, 2019
    प्रेस नोट
    विषय: अगले पांच वर्षों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श करने हेतु देशभर के स्वीप नोडल अधिकारियों का सम्मेलन।
    लोक सभा निर्वाचन, 2019 के दौरान आउटरीच कार्यक्रमों की कार्यनीति और कार्यान्वयन की समीक्षा करने और अगले 5 वर्षों के लिए रूपरेखा तैयार करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 10-11 जून, 2019 को गुरूग्राम में टैरी रीट्रीट में स्वीप नोडल अधिकारियों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। 
    11 जून को समापन सत्र में, निर्वाचन आयुक्त, श्री अशोक लवासा ने ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत, भागीदारी में सबसे कम लैंगिक अंतर और निर्वाचनों को सुगम बनाने के लिए व्यवस्थित प्रयासों के लिए बधाई देते हुए 36 राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों के स्वीप नोडल अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सच्ची भावना से और क्या किया जा सकता था, पर आत्मनिरीक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे सरोकार वाले क्षेत्रों की पहचान करें और कम भागीदारी वाले क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करें ताकि कम भागीदारी के कारणों को बेहतर रूप से समझा जा सके। 18-19 वर्ष के नए पात्र मतदाताओं के बीच पंजीकरण में अंतर और पंजीकृत आबादी के 32% के बीच भागीदारी अंतर को चिह्नित करते हुए, श्री लवासा ने कहा कि निर्वाचन आयोग को वृद्धिशील प्रगति से आगे जाने और छलांग लगाने के बारे में सोचना होगा जिसके लिए शायद निर्वाचन प्रबंधन के कई पहलुओं में बड़े बदलाव करने की जरूरत है। श्री लवासा ने अधिकारियों से कहा कि वे निर्वाचन तंत्र से बाहर के लोगों से मिलें ताकि नए विचार प्राप्त हो सकें और उन्हें शामिल किया जा सके। 
    इससे पहले, वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त, श्री उमेश सिन्हा ने निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर किए गए नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को ऐसी दक्षता प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए जहां किसी निर्वाचक को पंजीकृत करने के लिए कम समय लगे और पंजीकृत निर्वाचक के लिए अपना वोट डालने की पूरी प्रक्रिया आसान बने और नागरिकों के लिए सुविधा हो सके। श्री सिन्हा ने यह भी कहा कि मतदाताओं की संख्या के साथ-साथ, निर्वाचन सहभागिता की गुणवत्ता में सुधार लाने पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। 
    देशभर के स्वीप नोडल अधिकारी राज्यों के अनुभवों, सामना की गई चुनौतियों, अच्छी पद्धतियों के साथ-साथ मामला अध्ययन पर जानकारी साझा करने के लिए पहले दिन एकत्रित हुए। सम्मेलन के दूसरे दिन, अधिकारियों ने 6 विषयों अर्थात् महत्वपूर्ण अंतर, सुगम निर्वाचन, युवा एवं लिंग, निर्वाचक साक्षरता क्लब, सहभागिता और स्वयंसेवक और सोशल मीडिया का उपयोग और स्वीप के अगले चरण के लिए नीति तैयार की। सुबह को सोशल मीडिया पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया कि ट्विटर और इंस्टाग्राम पर मतदाताओं को प्रभावी ढंग से कैसे जोड़ा जाए।  
    सम्मेलन के दौरान तैयार किए गए सभी बिंदुओं पर स्वीप कार्यक्रम के चरण IV का और आगे विस्तार करने के लिए आगे काम किया जाएगा  जो वर्ष 2020-2024 को कवर करेगा।

    5 downloads

    Submitted

  5. बिहार, ओडिशा और गुजरात से राज्य सभा के उप निर्वाचन – तत्संबंधी।

    विषय: बिहार, ओडिशा और गुजरात से राज्य सभा के उप निर्वाचन – तत्संबंधी।
         राज्य सभा में नीचे दिए गए कारणों की वजह से बिहार, गुजरात और ओडिशा से छह आकस्मिक रिक्तियां हैं :
    क्रम सं
    राज्य
    सदस्य का नाम
    रिक्ति का कारण
    कार्यकाल की अवधि
    1.    
    बिहार
    रवि शंकर प्रसाद
    23.5.2019 को 17 वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित
    2.4.2024
    2.    
    गुजरात      
    शाह अमितभाई  अनिलचंद्र
    23.5.2019 को 17वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित
    18.8.2023
    3.    
    स्मृति ज़ुबिन ईरानी
    24.5.2019 को 17वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित
    18.8.2023
    4.    
    ओडिशा
    अच्‍युतानन्द सामंता
    24.5.2019 को 17वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित
    3.4.2024
    5.    
    प्रताप केशरी देब
    ओडिशा विधान सभा के लिए निर्वाचित। 9.6.2019 को सीट रिक्‍त हो गयी
    1.7.2022
    6.    
    सौम्य रंजन पटनाईक
    6.6.2019 को त्यागपत्र दिया
    3.4.2024
      
            आयोग ने प्रत्येक रिक्त पद के लिए निम्नलिखित अनुसूची के अनुसार उपर्युक्‍त रिक्तियों को भरने के लिए उपर्युक्त राज्यों से राज्य सभा के लिए उप-निर्वाचन का संचालन करने का निर्णय लिया है –
     
    क्रम सं
    कार्यक्रम
    दिनांक एवं दिन
    1.       
    अधिसूचना जारी करना
    18 जून , 2019 (मंगलवार)
    2.       
    नाम-निर्देशन करने की अंतिम तिथि
    25 जून, 2019 (मंगलवार)
    3.       
    नाम-निर्देशनों की संवीक्षा
    26 जून , 2019 (बुधवार)
    4.       
    अभ्यर्थिताएं वापिस लेने की अंतिम तिथि
    28 जून, 2019 (शुक्रवार)
    5.       
    मतदान की तिथि
    5 जुलाई , 2019 (शुक्रवार)
    6.       
    मतदान का समय
    पूर्वाह्न 9:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक
    7.       
    मतगणना
    5 जुलाई, 2019 (शुक्रवार) अपराह्न 5:00 बजे से
    8.       
    वह तारीख जिससे पूर्व निर्वाचन सम्पन्न कर लिया जाएगा
    9 जुलाई, 2019 ( मंगलवार)
            
             यह भी स्पष्ट किया जाता है कि राज्य सभा सहित सभी सदनों के उप-निर्वाचनों की रिक्तियों को अलग रिक्तियों के रूप में माना जाता है और अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की जाती हैं और प्रत्येक रिक्ति के लिए अलग- अलग मतदान होता है, हालाँकि उप-निर्वाचनों के लिए कार्यक्रम अनुसूची एकसमान हो सकती है। यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951, की धारा 147 से 151 के प्रावधानों के अनुरूप है, और ऐसे मामलों में यह आयोग की निरंतर कवायद रही है। वर्ष 1994 की सिविल रिट याचिका सं. 132 (ए.के. वालिया बनाम भारत सरकार और अन्य) और वर्ष 2006 की रिट याचिका सं.9357 (सत्यपाल मलिक बनाम भारत निर्वाचन आयोग) में माननीय दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय द्वारा क्रमश: दिनांक 14.1.1994 एवम् 20.01.2009 को दिए गए अपने निर्णय में अलग-अलग निर्वाचनों को उचित ठहराया गया है।

    4 downloads

    Submitted

  6. आई आई आई डी ई एम द्वारा यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के पदाधिकारियों के लिए ‘निर्वाचकीय प्रौद्योगिकी’ पर पांच दिवसीय क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम आयोजित किया जाना।

    सं.:  ईसीआई/प्रेनो/66/2019 
    दिनांक:  20 जून, 2019
    प्रेस नोट
    आई आई आई डी ई एम द्वारा यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के पदाधिकारियों के लिए ‘निर्वाचकीय प्रौद्योगिकी’ पर पांच दिवसीय क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम आयोजित किया जाना।
    निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चन्‍द्रा ने विश्‍वभर में लोकतंत्र को मज़बूत बनाने के लिए निर्वाचन प्रबंधन निकायों के मध्‍य निर्वाचनों की सर्वोत्‍तम पद्धतियों को साझा करने की आवश्‍यकता पर बल दिया। निर्वाचन आयुक्‍त आज यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के निर्वाचन पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे, ये पदाधिकारी भारत अंतर्राष्‍ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन संस्‍थान (आईआईआईडीईएम) नई दिल्‍ली में निर्वाचनों में प्रोद्योगिकी के प्रयोग पर प्रशिक्षण प्राप्‍त कर रहे हैं। उन्‍होंने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्‍वास और निष्‍पक्षता लाने के लिए प्रौद्योगिकी के प्रयोग पर बल दिया। इसके अतिरिक्‍त, उन्‍होंने बताया कि ई वी एम और वी वी पी ए टी के अतिरिक्‍त आई टी एप्‍लीकेशनों यथा वोटर हेल्‍पलाइन एप्‍लीकेशन, दिव्‍यांगजनों हेतु एप्‍लीकेशन, इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्र प्रणाली, सी-विजि़ल और अन्‍य एप्‍लीकेशन आरंभ करने के साथ ही, हाल ही के लोकसभा निर्वाचन 2019 में प्रौद्योगिकी का सफलतापूर्वक कार्यान्‍वयन किया गया। उन्‍होंने प्रतिभागियों को उत्‍साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रोत्‍साहित किया और म्‍यांमार की निर्वाचन प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी के प्रयोग हेतु विभिन्‍न क्षेत्रों की पहचान करने को कहा।
    निर्वाचकीय प्रौद्योगिकी पर चल रहा क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम वर्ष 2018-19 के लिए निर्धारित नौ कार्यक्रमों की श्रृखंला में सातवां कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के मध्‍यम और वरिष्‍ठ स्‍तर के अधिकारियों ने भाग लिया है और इस कार्यक्रम का संचालन भारत निर्वाचन आयोग के अनुभवी रिसोर्स व्‍यक्तियों द्वारा किया जा रहा है। यह कार्यक्रम क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक हिस्‍सा है जो विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के माध्‍यम से यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के अनुरोध पर डिजाइन किया गया है। आईआईआईडीईएम ने वर्ष 2017 में प्रशिक्षण आवश्‍यकता विश्‍लेषण आयोजित किया था ताकि वर्ष 2020 में उनके आगामी साधारण निर्वाचन के लिए यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के अधिकारियों के लिए उद्देश्‍य उन्‍मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया जा सके।
    श्री धीरेन्‍द्र ओझा, महानिदेशक, भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन प्रक्रिया में विभिन्‍न स्‍टेकहोल्‍डरों द्वारा सोशल मीडिया के बढ़ते हुए प्रयोग के बारे में बात की।
    श्री विवेक खरे, निदेशक, आईआईआईडीईएम ने निर्वाचनों के विभिन्‍न पहलुओं पर यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के पदाधिकारियों के लिए अब तक संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में सूचित किया। डॉ. नूर मोहम्‍मद, वरिष्‍ठ परामर्शी, आईआईआईडीईएम ने निर्वाचकीय प्रौद्योगिकी पर चल रहे प्रशक्षिण कार्यक्रम का परिचय दिया और निर्वाचन प्रक्रिया में निर्वाचकीय प्रौद्योगिकी के महत्‍व पर प्रकाश डाला।
    श्री एस बी जोशी, सचिव, भारत निर्वाचन आयोग ने धन्‍यवाद ज्ञापित किया।

    4 downloads

    Submitted

  7. भारत निर्वाचन आयोग में पांचवें अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस का आयोजन

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/67/2019 
    दिनांक : 21 जून, 2019
    प्रेस नोट
    भारत निर्वाचन आयोग में पांचवें अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस का आयोजन
    भारत निर्वाचन आयोग में आज ईसीआई मुख्‍यालय, निर्वाचन सदन, नई दिल्‍ली में योग पर एक सत्र का आयोजन करके पांचवा अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया गया और फिट एवं स्‍वस्‍थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।


    विश्‍वभर में 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत निर्वाचन आयोग ने इस अवसर पर 6 बैचों में योग पर एक घंटे का सत्र आयोजित किया जिसमें वरिष्‍ठ अधिकारियों और स्‍टाफ सहित 400 प्रतिभागियों ने हिस्‍सा लिया। निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चन्‍द्रा; महानिदेशक, श्री धीरेन्‍द्र ओझा ने आयोग के वरिष्‍ठ अधिकारियों और स्‍टाफ सहित बहुत उत्‍साह और सकारात्‍मकता के साथ योग सत्र में हिस्‍सा लिया। इन सत्रों को मोरारजी देसाई राष्‍ट्रीय  योग संस्‍थान के दक्ष प्रशिक्षकों की   निगरानी में संचालित किया गया।

     

    8 downloads

    Submitted

  8. तमिलनाडु से राज्‍य सभा, 2019 के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन – तत्‍संबंधी

    सं.ईसीआई/प्रेस नोट/68/2019                         दिनांक: 25 जून, 2019
     
    प्रेस नोट
    तमिलनाडु से राज्‍य सभा, 2019 के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन – तत्‍संबंधी।
    तमिलनाडु से निर्वाचित राज्‍य सभा के 06 (छह) सदस्‍यों की पदावधि का निम्‍नलिखित के अनुसार दिनांक 24.07.2019 को अवसान होने वाला है:-
    क्रम सं.
    सदस्‍य का नाम
    सेवानिवृत्‍त‍ि की तारीख
    1.
    टी. राथीनवेल
     
     
     
     
           24.07.2019
    2.
    डॉ. वी. मेत्रेयन
    3.
    के.आर. अर्जुनन
    4.
    डॉ. आर. लक्ष्‍मणन
    5.
    डी. राजा
    6. 
    कनीमोझी (दिनांक 23.05.2019 को लोक सभा के लिए निर्वाचित)
    .    आयोग ने निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार तमिलनाडु से राज्‍य सभा के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन आयोजित कराने का निर्णय लिया है:-
    क्रम सं.
    कार्यक्रम का विषय
    दिन एवं दिनांक
    1.
    अधिसूचना जारी करना
    01 जुलाई, 2019 (सोमवार)
    2.
    नाम-निर्देशन करने की अंतिम तारीख
    08 जुलाई, 2019 (सोमवार)
    3.
    नाम-निर्देशनों की संवीक्षा
    09 जुलाई, 2019 (मंगलवार)
    4.
    अभ्‍यर्थिताएं वापिस लेने की अंतिम तारीख
    11 जुलाई, 2019 (गुरुवार)
    5.
    मतदान की तारीख
    18 जुलाई, 2019 (गुरुवार)
    6.
    मतदान का समय
    पूर्वाह्न 9:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक
    7.
    मतों की गणना
    18 जुलाई, 2019 (गुरुवार) अपराह्न
    5:00 बजे
    8;
    वह तारीख जिसके पहले निर्वाचन सम्‍पन्‍न हो जाएगा
    22 जुलाई, 2019 (सोमवार)
    3.    आयोग ने निदेश दिया है कि मतपत्र पर अधिमान(नों) को चिह्न्ति करने के उद्देश्‍य के लिए रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उपलब्‍ध कराई गई, पूर्व-नियत विनिर्देश के केवल बैंगनी रंग के एकीकृत स्‍कैच पैन (नों) का उपयोग किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में, उपर्युक्‍त निर्वाचन में कोई भी दूसरे पैन का उपयोग नहीं किया जाएगा।
    4.    स्‍वतंत्र एवं निष्‍पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए नियुक्‍त किए गए प्रेक्षकों द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के सतर्क अनुवीक्षण के लिए समुचित उपाय किए जाएंगें।

    4 downloads

    Submitted

  9. ओडिशा राज्‍य विधान सभा में 96 – पटकुरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से रिक्‍ति को भरने के लिए साधारण निर्वाचन का कार्यक्रम

    ओडिशा राज्‍य विधान सभा में 96 – पटकुरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से रिक्‍ति को भरने के लिए साधारण निर्वाचन का कार्यक्रम 

    1 download

    Submitted

  10. तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन हेतु अनुसूची – तत्‍संबंधी।

    सं.ईसीआई/प्रेस नोट/70/2019                                       दिनांक: 04 जुलाई, 2019
    प्रेस नोट
    विषय: तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन हेतु अनुसूची – तत्‍संबंधी।
    आयोग की दिनांक 14.04.2019 की कार्यवाही सं. 464/ईसीआई/पत्र/प्रादे./तमिलनाडु/द.अ-1/2019 के अनुसरण में राष्‍ट्रपति द्वारा दिनांक 19.03.2019 की अधिसूचना सं. 464/ईपीएस/2019(2) के तहत तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए साधारण निर्वाचन से संबंधित अधिसूचना निरस्‍त कर दी गई थी। इस संबंध में आयोग ने प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रेस नोट/49/2019 दिनांक 16 अप्रैल, 2019 जारी किया था।
    3.     अब, आयोग ने इस मामले पर विचार किया है और तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए लोक प्र‍तिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 30 और 56 के अनुसरण में, निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार साधारण निर्वाचन आयोजित कराने का निर्णय लिया है:-   
     
    मतदान कार्यक्रम
    अनुसूची
    राजपत्र में अधिसूचना जारी करने की तारीख
    11.07.2019 (गुरूवार)
    नाम निर्देशन करने की अंतिम तारीख
    18.07.2019 (गुरूवार)
    नाम निर्देशनों की संवीक्षा की तारीख
    19.07.2019 (शुक्रवार)
    अभ्‍यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख
    22.07.2019 (सोमवार)
    मतदान की तारीख
    05.08.2019 (सोमवार)
    मतगणना की तारीख
    09.08.2019 (शुक्रवार)
    वह तारीख, जिससे पहले निर्वाचन सम्‍पन्‍न हो जाएगा 
    11.08.2019 (रविवार)
    निर्वाचक नामावली
    दिनांक 01.01.2019 की अर्हक तिथि के संदर्भ में, उपर्युक्‍त संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियां अन्तिम रूप से प्रकाशित कर दी गई हैं।   
    इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपीएटी  
    आयोग ने सभी मतदान केन्‍द्रों में ईवीएम एवं वीवीपीएटी का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। ईवीएम एवं वीवीपीएटी पर्याप्‍त संख्‍या में उपलब्‍ध कराई गईं हैं और यह सुनिश्चित करने के पूरे प्रयास किए गए हैं कि इन मशीनों की सहायता से मतदान सुचारू रूप से संचालित किए जाएं। 
    मतदाताओं की पहचान  
    पूर्व परिपाटी के अनुरूप, आयोग ने निर्णय लिया है कि पूर्वोल्लिखित निर्वाचन में मतदान के समय मतदाता की पहचान करना अनिवार्य होगा। निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र (ईपीआईसी) मतदाता की पहचान का मुख्‍य दस्‍तावेज होगा। तथापि, यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी मतदाता उस स्थिति में अपने मताधिकार से वंचित न रहे, जब उसका नाम निर्वाचक नामावलियों में दिया गया हो, उक्‍त निर्वाचन में मतदान के समय मतदाताओं की पहचान करने के लिए अतिरिक्‍त दस्‍तावेजों की अनुमति देने हेतु अलग से अनुदेश जारी किए जाएंगे।
    आदर्श आचार संहिता   
          आयोग के दिनांक 29 जून, 2017 के अनुदेश सं 437/6/अनु./2016-सीसीएस (आयोग की वेबसाइट पर उपलब्‍ध) के तहत यथा जारी आंशिक संशोधन के अध्‍यधीन आदर्श आचार संहिता उस जिले (उन जिलों) में तात्‍कालिक प्रभाव से लागू होगी, जिनमें निर्वाचन होने वाले संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों का पूर्ण या कोई भाग सम्मिलित है। आदर्श आचार संहिता सभी अभ्‍यर्थियों, राजनैतिक दलों और संबंधित राज्‍य सरकार पर लागू होगी। आदर्श आचार संहिता संबंधित राज्‍य के जिले के लिए संघ सरकार पर भी लागू होगी।  

    0 downloads

    Submitted

  11. भारत निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचन के लिए श्री बी. मुरली कुमार को विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया।

    सं.ईसीआई/प्रे.नो./71/2019
    दिनांक : 16 जुलाई, 2019
    प्रेस नोट  
    भारत निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचन के लिए श्री बी. मुरली कुमार को विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया।
          भारत निर्वाचन आयोग ने पूर्व आयकर महानिदेशक चेन्‍नई, श्री बी.मुरली कुमार  (पूर्व आईआरएस-1983) को 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया है जहां अब 5 अगस्‍त, 2019 को मतदान होने वाले हैं। उल्‍लेखनीय है कि 14 अप्रैल, 2019 को आयोग ने साधारण खंड अधिनियम, 1897 की धारा 21 के साथ पठित संविधान के अनुच्‍छेद 324 के अंतर्गत भारत के माननीय राष्‍ट्रपति से तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचन रद्द करने की सिफारिश की थी।
          भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सुनियोजित तरकीब का पता लगने पर वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचन रद्द करने का निर्णय लिया था।
          श्री बी.मुरली कुमार उस समय चेन्‍नई में आयकर महानिदेशक (अन्‍वेषण) थे, जब उनके नेतृत्‍व में आयकर अधिनियम की धारा 132 के अंतर्गत तलाशी और जब्‍ती कार्रवाईयाँ की गई थीं और आयकर दल ने धन के प्रस्‍तावित विधान सभा खंड, वार्ड और बूथवार वितरण का विवरण देने वाले कम्‍प्‍यूटर प्रिंटआउट के रूप में साक्ष्‍य के साथ 11.48 करोड़ रुपए जब्‍त किए थे, जो वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में निर्वाचकों को बड़े पैमाने पर उत्‍प्रेरित करने के एक साफ-साफ पैटर्न और डिजाइन का संकेत देते थे। निर्वाचनों से संबंधित विभिन्‍न अन्‍य तलाशी कार्रवाईयों में कुल मिलाकर 61.76 करोड़ रुपए जब्‍त किए गए थे।
          तत्‍कालीन विशेष व्‍यय प्रेक्षक, सुश्री मधु महाजन ने 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचन रद्द करने की सिफारिश की थी क्‍योंकि मतदाताओं को प्रलोभन देने के इस संगठित तरीके ने निर्वाचन परिवेश को दूषित कर दिया था और स्थिति स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष निर्वाचनों के लिए अनुकूल नहीं थी।

    2 downloads

    Submitted

  12. औरंगाबाद-सह-जालना स्‍थानीय प्राधिकारी निर्वाचन-क्षेत्र से महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन।

    सं. ईसीआई/प्रे.नो./72/2019 
    दिनांक: 19 जुलाई, 2019
    प्रेस नोट
    विषय: औरंगाबाद-सह-जालना स्‍थानीय प्राधिकारी निर्वाचन-क्षेत्र से महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन।
    महाराष्ट्र विधान परिषद के आसीन सदस्‍य का कार्यकाल निम्‍नलिखित ब्‍योरों के अनुसार समाप्‍त होने वाला है:
    क्रम सं.
    सदस्‍य का नाम
    स्‍थानीय प्राधिकारी निर्वाचन-क्षेत्र का नाम
    सेवानिवृत्ति की तारीख
    1.
    श्री जाम्बद सुभाष माणकचंद
    औरंगाबाद-सह-जालना स्‍थानीय प्राधिकारी निर्वाचन-क्षेत्र
    29.08.2019
    2.     अब, आयोग ने निम्‍नलिखित अनुसूची के अनुसार औरंगाबाद-सह-जालना स्‍थानीय प्राधिकारी निर्वाचन-क्षेत्र से महाराष्ट्र विधान परिषद के उक्त द्विवार्षिक निर्वाचन आयोजित करने का निर्णय लिया है:
    क्रम सं.
    कार्यक्रम
    तारीखें और दिन
    1.       
    अधिसूचना जारी करना
    25 जुलाई, 2019 (गुरूवार)
    2.       
    नामनिर्देशन की अंतिम तारीख
    01 अगस्त, 2019 (गुरूवार)
    3.       
    नामनिर्देशनों की संवीक्षा
    02 अगस्त, 2019 (शुक्रवार)
    4.       
    अभ्‍यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख
    05 अगस्त, 2019 (सोमवार)
    5.       
    मतदान की तारीख
    19 अगस्त, 2019 (सोमवार)
    6.       
    मतदान का समय
    पूर्वाह्न 8:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक
    7.       
    मत गणना
    22 अगस्त, 2019 (गुरूवार)
    8.       
    वह तारीख जिससे पहले निर्वाचन संपन्‍न हो जाएगा
    26 अगस्त, 2019 (सोमवार)
     
    3.     उक्त स्‍थानीय प्राधिकारी निर्वाचन-क्षेत्र से महाराष्ट्र विधान परिषद के निर्वाचित सदस्य का कार्यकाल एसएलपी (सी) सं. 17123/2015 (भारत निर्वाचन आयोग बनाम देवेश चन्द्र ठाकुर एवं अन्य) में भारत के माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अधीन होगा।
    4.     संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में इस निर्वाचन से संबंधित आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। कृपया आयोग की वेबसाइट https://eci.gov.in/files/file/4070-biennial-bye-elections-to-the-legislative-councils-from-council-constituencies-by-graduates%E2%80%99-and-teachers%E2%80%99-and-local authorities%E2%80%99-constituencies-%E2%80%93-mcc-instructions-%E2%80%93-regarding/  के अंतर्गत विवरण को देखें।

    4 downloads

    Submitted

  13. ईटीपीबीएस और सेवा मतदाता; लोक सभा निर्वाचन, 2019 में सफल मतदान वृद्धि

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/73/2019
    दिनांक: 21 जुलाई, 2019
     
    ईटीपीबीएस और सेवा मतदाता; लोक सभा निर्वाचन, 2019 में सफल मतदान वृद्धि
     
    हाल ही में संपन्‍न हुए लोक सभा निर्वाचन 2019 के दौरान रिकार्ड की गई अनेक उपलब्धियों में से अपनी तरह की एक अनूठी उपल‍ब्धि विश्‍व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रक्रिया में इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्र प्रणाली (ईटीपीबीएस) है। वर्ष 2014 के विगत साधारण निर्वाचन में पंजीकृत सेवा निर्वाचकों की 13,27,627 की संख्‍या की तुलना में एक समर्पित पोर्टल https://www.servicevoter.eci.nic.in  सहित ऑनलाइन पंजीकरण के माध्‍यम से सेवा निर्वाचकों के रूप में रिकार्ड अधिकतम संख्‍या में 18,02,646 का ऑनलाइन पंजीकरण किया गया था जिन्‍हें इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से डाक मतपत्र प्रेषित किए  गए थे। पहली बार सेवा मतदाताओं के लिए पूर्ण रूप से समर्पित एक ऑनलाइन पंजीकरण  पोर्टल का प्रयोग किया गया था ताकि प्रक्रिया समय और संसाधनों की बचत हो और मानव त्रुटियों से बचा जा सके।
    शस्‍त्र अधिनियम के अधीन केन्‍द्रीय बलों में कार्यरत व्‍यक्तियों और देश से बाहर दूतावासों में तैनात सरकारी पदाधिकारियों को सेवा मतदाता के रूप में वर्गीकृत किया गया है और उनके लिए ऑनलाइन पंजीकरण का प्रावधान किया गया है। सेवा निर्वाचकों की कुल संख्‍या में से 10,16,245 रक्षा मंत्रालय से थे; 7,82,595 गृह मंत्रालय (केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बल), 3539 विदेश मंत्रालय से और 267 राज्‍य पुलिस से थे। सात चरणों की निर्वाचनावधि में भारत निर्वाचन आयोग के प्रमुख आईटी कार्यक्रम जिसे ईटीपीबीएस के नाम से जाना जाता है, का प्रयोग करते हुए कुल 18,02,646 डाक मत्रपत्रों को इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से प्रेषित किया गया था। वर्ष 2019 में 10,84,266 ई-डाक मतपत्र प्राप्‍त किए गए जो 60.14 प्रतिशत का टर्नआउट इंगित करते हैं और वर्ष 2014 की तुलना में, जबकि टर्नआउट केवल 4% था, इसमें उल्‍लेखनीय सुधार हुआ है।
    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सेवा मतदाताओं के प्रयोग के लिए ईटीपीबीएस विकसित किया गया है। यह पूर्णत: एक सुरक्षित प्रणाली है जिसमें दो स्‍तरीय सुरक्षा होती है। ओटीपी और पिन के माध्‍यम से मतदान की गोपनीयता रखी जाती है और पोर्टल https://www.etpbs.in में विशिष्‍ट क्‍यू आर कोड के कारण ईटीपीबीएस का डुप्‍लीकेशन संभव नहीं है। इस प्रणाली के माध्‍यम से सेवा मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर कहीं से भी इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से प्राप्‍त डाक मतपत्र के द्वारा अपना मत दे सकते हैं और इस प्रकार से मतदान का अवसर गंवाने की संभावना कम हो गयी है। ऑनलाइन प्रणाली का उद्देश्‍य  सेवा कार्मिकों के लिए सेवा मतदाता बनने के लिए सुविधाजनक और प्रयोग करने में आसान ऑनलाइन प्रणाली तैयार करना था।
    "कोई भी मतदाता न छूटे" के आदर्श वाक्‍य के साथ भारत निर्वाचन आयोग के ईटीपीबीएस ने सभी पात्र सेवा निर्वाचकों को राष्‍ट्र के लिए अपने कर्तव्‍यों का निष्‍पादन करते हुए अपनी संवैधानिक शक्ति का प्रयोग करते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शक्ति प्रदान की है।

    3 downloads

    Submitted

  14. सुगम निर्वाचन; लोक सभा निर्वाचन 2019 के दौरान भारत निर्वाचन आयोग का एक सफल प्रयास

    सुगम निर्वाचन; लोक सभा निर्वाचन 2019 के दौरान भारत निर्वाचन आयोग का एक सफल प्रयास

    7 downloads

    Submitted

  15. General Election to Lok Sabha 2019 and State Legislative Assemblies 2019 - Allotment of Broadcast/Telecast time to Recognized National/State Political Parties -regarding.

    General Election to Lok Sabha 2019 and State Legislative Assemblies 2019 - Allotment of Broadcast/Telecast time to Recognized National/State Political Parties -regarding.

    1,919 downloads

    Submitted

  16. राजस्थान और उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के उप निर्वाचन- तत्संबंधी।

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/75/2019                            दिनांक: 1 अगस्त, 2019  
     
    विषय: राजस्थान और उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के उप निर्वाचन- तत्संबंधी।
     राज्य सभा में दो आकस्मिक रिक्तियां है जिनका विवरण निम्नलिखित है:- 
    क्र.स.
    राज्य
    सदस्य का नाम
    रिक्ति का कारण
    कार्यकाल की अवधि
    1
    राजस्थान
    मदनलाल सैनी
    24.06.2019 को निधन
    03.04.2024 तक
    2
    उत्तर प्रदेश
    नीरज शेखर
    15.07.2019 को त्याग-पत्र
    25.11.2020 तक
     आयोग ने निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार उपर्युक्त राज्यों से राज्य सभा की उक्त रिक्तियों को भरने के लिए उप निर्वाचन कराने का निर्णय लिया है:-
    क्र.स.
    कार्यक्रम
    तारीख एवं दिन
    1.    
    अधिसूचनाएं जारी करना
    07 अगस्त, 2019 (बुधवार)
    2.    
    नाम निर्देशन करने की अंतिम तारीख
    14 अगस्त, 2019 (बुधवार)
    3.    
    नाम निर्देशनों की संवीक्षा
    16 अगस्त, 2019 (शुक्रवार)
    4.    
    अभ्यर्थिताएं वापिस लेने की अंतिम तारीख
    19 अगस्त, 2019 (सोमवार)
    5.    
    मतदान की तारीख
    26 अगस्त, 2019 (सोमवार)
    6.    
    मतदान का समय
    पूर्वाह्न 9.00 बजे से
    अपराह्न 4.00 बजे तक
    7.    
    मतगणना की तारीख
    26 अगस्त, 2019 (सोमवार)
    को अपराह्न 5.00 बजे 
    8.    
    वह तारीख जिससे पहले निर्वाचन सम्पन्न हो जाएगा
    28 अगस्त, 2019 (बुधवार)

    4 downloads

    Submitted

  17. विधान सभा के सदस्‍यों द्वारा आन्‍ध्र प्रदेश और तेलंगाना के विधान परिषदों का उप-निर्वाचन – तत्‍संबंधी।

    सं. ईसीआई/प्रे.नो./76/2019                        दिनांक : 01 अगस्‍त, 2019
    विषय: विधान सभा के सदस्‍यों द्वारा आन्‍ध्र प्रदेश और तेलंगाना के विधान परिषदों का उप-निर्वाचन – तत्‍संबंधी।
    विधान सभा सदस्‍यों द्वारा आन्‍ध्र प्रदेश विधान परिषद में तीन आकस्मिक रिक्तियाँ हैं और तेलंगाना विधान परिषद में एक आकस्मिक रिक्ति है। रिक्तियों के विवरण इस प्रकार हैं:
    आन्‍ध्र प्रदेश
    सदस्‍य का नाम
    रिक्ति का कारण
    कार्यावधि
    करनम बलराम कृष्‍णा मूर्थि
     
    06.06.2019 को त्‍यागपत्र
    29.03.2023
    अल्‍ला कलि कृष्‍णा श्रीनिवास
    29.03.2023
    कोलगटला वीरभद्र स्‍वामी
    29.03.2021
    तेलंगाना
    के यादवा रेड्डी
    16.01.2019 को निरर्हित
    03.06.2021
     2. आयोग ने ऊपर उल्लिखित रिक्तियों को संबंधित विधान सभा के सदस्‍यों द्वारा निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार भरने के लिए आन्‍ध्र प्रदेश विधान परिषद के लिए तीन उप-निर्वाचनों और तेलंगाना विधान परिषद के लिए एक उप-निर्वाचन का आयोजन करने का निर्णय लिया है:- 
    क्रम सं.
    कार्यक्रम का विषय  
    तारीख एवं दिन
      अधिसूचना जारी करना
    07 अगस्‍त 2019 (बुधवार)  
      नाम-निर्देशन करने की अंतिम तिथि
    14 अगस्‍त, 2019 (बुधवार)
      नाम-निर्देशनों की संवीक्षा
    16 अगस्‍त, 2019 (शुक्रवार)  
      अभ्‍यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तिथि
    19 अगस्‍त, 2019 (सोमवार)
      मतदान की तिथि
    26 अगस्‍त, 2019 (सोमवार)
      मतगणना का समय
    पूर्वाह्न 9:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक
      मतगणना
    26 अगस्‍त, 2019 (सोमवार) अपराह्न 5:00 बजे से
      वह तारीख जिससे पूर्व निर्वाचन सम्‍पन्‍न कर लिया जाएगा ।
    28 अगस्‍त, 2019 (बुधवार)

    2 downloads

    Submitted

  18. General election to 17th Lok Sabha, 2019 and State Legislative Assemblies of Andhra Pradesh, Arunachal Pradesh, Odisha and Sikkim 2019 - Media Coverage during the period referred to in Section 126 of RP Act, 1951.

    No. ECI/PN/ 36/2019            Date:   23rd March, 2019
    PRESS NOTE
    Sub: General election to 17th Lok Sabha, 2019 and State Legislative Assemblies of Andhra Pradesh, Arunachal Pradesh, Odisha and Sikkim 2019 - Media Coverage during the period referred to in Section 126 of RP Act, 1951.
    The Schedule for holding general election to the 17th Lok Sabha 2019 and Legislative Assemblies of Andhra Pradesh, Arunachal Pradesh, Odisha and Sikkim 2019 has been announced on 10th March, 2019.  Poll is scheduled to be held in multiple phases. Section 126 of the Representation of the People Act, 1951, prohibits displaying any election matter by means, inter alia, of television or similar apparatus, during the period of 48 hours before the hour fixed for conclusion of poll in a constituency. The relevant portions of the said Section 126 are re-produced below:
    (126. Prohibition of public meeting during period of forty-eight hours ending with hour fixed for conclusion ofpoll-
    (1) No person shall-
    (a).....................
    (b) Display to the public any election matter by means of cinematograph, television or other similar apparatus;
    (c)........................
    In any polling area during the period of forty-eight hours ending with the hour fixed for the conclusion of the poll for any election in the polling area.
    (2) Any person who contravenes the provisions of sub-section (1) shall be punishable with imprisonment for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.
    (3) In this Section, the expression “election mater” means any.matter intended or calculated to influence or affect the result of an election)
    2. During elections, there are sometimes allegations of violation of the provisions of the above Section 126 of the Representation of the People Act, 1951 by TV channels in the telecast of their panel discussions/debates and other news and current affairs programmes. The Commission has clarified in the past that the said Section 126 prohibits displaying any election matter by means, inter alia, of television or similar apparatus, during the period of 48 hours ending with the hour fixed for conclusion of poll in a constituency. "Election matter" has been defined in that Section as any matter intended or calculated to influence or affect the result of an election. Violation of the aforesaid provisions of Section 126 is punishable with imprisonment upto a period of two years, or with fine or both.
    3. The Commission once again reiterates that the TV/Radio channels and cable networks/internet website/social media platforms should ensure that the contents of the programmes telecast/broadcast/ displayed by them during the period of 48 hours referred to in Section 126 do not contain any material, including views/appeals by panelists/participants that may be construed as promoting/ prejudicing the prospect of any particular party or candidate(s) or influencing/ affecting the result of the election. This shall, among other things include display of any opinion poll and of standard debates, analysis, visuals and sound-bytes.
    4. In this connection, attention is also invited to Section 126A of the R.P. Act 1951, which prohibits conduct of Exit poll and dissemination of its results during the period mentioned therein, i.e. the hour fixed for commencement of poll in the first phase and half an hour after the time fixed for close of poll for the last phase in all the States.
    5. During the period not covered by Section 126, concerned TV/Radio/Cable/FM channels/internet websites/Social Media platforms are free to approach the state/ district/ local authorities for necessary permission for conducting any broadcast/Telecast related events (other than exit polls) which must also conform to the provisions of the model code of conduct, the programme code laid down by the Ministry of Information and Broadcasting under the Cable Network  (Regulation)  Act  with  regard to decency,  maintenance  of communal  harmony,  etc.  All Internet websites and Social Media platforms must also comply with the provisions of The Information      Technology      Act,      2000     and      ECI     guidelines No-491/SM/2013/Communication, dt 25thOctober,2013, for all political content on their platform. As regards political advertisement, the same needs pre-certification by the Committees set up at State/District level as per the Commission's order  No. 509/75/2004/JS-I, dt 15th April,2004.
    6. Attention of all print media is also drawn to the following guidelines issued    by Press Council of India to follow for observance during the election:
    i. It will be the duty of the Press to give objective reports about elections and the candidates.  The newspapers are not expected to indulge in unhealthy election campaigns, exaggerated reports about any candidate/party or incident during the elections.  In practice, two or three closely contesting candidates attract all the media attention. While reporting on the actual campaign, a newspaper may not leave out any important point raised by a candidate and make an attack on his or her opponent. ii. Election campaign along communal or caste lines is banned under the election rules. Hence, the Press should eschew reports, which tend to promote feelings of enmity or hatred between people on the ground of religion, race, caste, community orlanguage. iii. The Press should refrain from publishing false or critical statements in regard to the personal character and conduct of any candidate or in relation to the candidature or withdrawal of any candidate or his candidature, to prejudice the prospects of that candidate in the elections. The Press shall not publish unverified allegations against any candidate/party. iv. The Press shall not accept any kind of inducement, financial or otherwise, to project a candidate/party. It shall not accept hospitality or other facilities offered to them by or on behalf of any candidate/party.
    v. The Press is not expected to indulge in canvassing of a particular candidate/party. If it does, it shall allow the right of reply to the other candidate/party.
    vi. The Press shall not accept/publish any advertisement at the cost of public exchequer regarding achievements of a party/ governmentin power.
    vii. The Press shall observe all the directions/ orders/instructions of the Election Commission/Returning Officers or Chief Electoral Officer issued from time to time.
     
    7. Attention of the electronic media is invited to the "Guidelines for Election Broadcasts" issued by NBSA dt 3rd March, 2014.
    i. News broadcasters should endeavour to inform the public in an objective manner, about relevant electoral matters, political parties, candidates, campaign issues and voting processes as per rules and regulations laid down under The Representation of the People Act 1951 and by the Election Commission of India. ii. News channels shall disclose any political affiliations, either towards a party or candidate. Unless they publicly endorse or support a particular party or candidate, news broadcasters have a duty to be balanced and impartial, especially in their election reporting.
    iii. News broadcasters must endeavour to avoid all forms of rumor, baseless speculation and disinformation, particularly when these concern specific political parties or candidates. Any candidate/political party, which has been defamed or is a victim of misrepresentation, misinformation or other similar injury by broadcast of information should be afforded prompt correction, and where appropriate granted an opportunity of reply.
    iv. News broadcasters must resist all political and financial pressures which may affect coverage of elections and election related matters.
    v. News broadcasters should maintain a clear distinction between editorial and expert opinion carried on their news channels.
    vi. News broadcasters that use video feed from political parties should disclose it and appropriately tagged.
    vii. Special care must be taken to ensure that every element of news/ programmes dealing with elections and election related matters is accurate on all facts relating to events, dates, places and quotes. If by mistake or inadvertence any inaccurate information is broadcast, the broadcaster must correct it as soon as it comes to the broadcaster's notice with the same prominence as was given to the original broadcast.
    viii. News broadcasters, their journalists and officials must not accept any money, or valuable gifts, or any favour that could influence or appear to influence, create a conflict of interest or damage the credibility of the broadcaster or their personnel.
    ix. News broadcasters must  not  broadcast  any  form  of  'hate  speech' or other obnoxious content  that may lead  to incitement  of violence or promote public unrest or disorder as election campaigning based  on communal or caste factors is prohibited under Election Rules. News broadcasters should strictly avoid reports which tend to promote feelings of enmity or hatred among people, on the ground of religion, race, caste, community, region or language.
    x. News broadcasters are required to scrupulously maintain a distinction between news and paid content.  All paid content should be clearly marked as "Paid Advertisement" or "Paid Content”: and paid content must be carried in compliance with the "Norms & Guidelines on Paid News" dated 24.11.2011 issued by NBA.
    xi Special care must be taken to report opinion polls accurately and fairly, by disclosing to viewers as to who commissioned, conducted and paid for the conduct of the opinion polls and the broadcast. If a news broadcaster carries the results of an opinion poll or other election projection, it must also explain the context, and the  scope and limits of such polls with their limitations. Broadcast of opinion polls should be accompanied by information to assist viewers to understand the poll's significance, such as  the methodology used, the sample size, the margin of error, the fieldwork dates, and data used. Broadcasters should also disclose how vote shares  are converted to seat shares.
    xii. The broadcasters shall not broadcast any "election matter" i.e. any matter intended or calculated to influence or affect the result of an election, during the 48 hours ending with the hours fixed for the conclusion of poll in  violation of Section 126(1)(b) of  the Representation of the People Act1951.
    xiii. The Election Commission of India (ECI) will monitor the broadcasts made by news broadcasters from the time elections are announced until the conclusion and announcement of election results. Any violation by member broadcasters reported to the News Broadcasting Standards Authority (NBSA) by the Election Commission will be dealt with by the NBSA under its regulations.
    xiv. Broadcasters should, to the extent possible, carry voter education programmes to effectively inform voters about the voting process,  the importance of voting, including how, when and where to vote, to register to vote and the secrecy of theballot.
    xv. News broadcasters must not air any final, formal and definite results until such results are formally announced by the Election Commission of India, unless such results are carried with clear disclaimer that they are unofficial or incomplete or partial results or projections which should not be taken as final results.
     
    8. Internet and Mobile Association of India (IAMAI) has also developed a “Voluntary Code of Ethics” for all the participating social media platforms to ensure free, fair & ethical usage of their platforms to maintain integrity of electoral process during the general elections to the Lok Sabha 2019 and Legislative Assemblies of four states and the bye-elections being held simultaneously. Attention of all concerned Social Media platforms is invited to the following text of “Voluntary Code of Ethics” dt 20th March, 2019:   
    i. Participants will endeavour to, where appropriate and keeping in mind the principle of freedom of expression, deploy appropriate policies and processes to facilitate access to information regarding electoral matters on their products and/ or services.
    ii. Participants will endeavour to voluntarily undertake information, education and communication campaigns to build awareness including electoral laws and other related instructions. Participants will also endeavour to impart training to the nodal officer at ECI on their products/ services, including mechanism for sending requests as per procedure established by law.
    iii. Participants and the Election Commission of India (ECI) have developed a notification mechanism by which the ECI can notify the relevant platforms of potential violations of Section 126 of the Representation of the People Act, 1951 and other applicable electoral laws in accordance with procedures established by law. These valid legal orders will be acknowledged and/ or processed within 3 hours for violations reported under Section 126 as per the Sinha Committee recommendations. All other valid legal requests will be acted upon expeditiously by the Participants, based on the nature of reported violation.
    iv. Participants are creating/opening a high priority dedicated reporting mechanism for the ECI and appoint dedicated person(s) / teams during the period of General Elections to interface with and to exchange feedback as may assist with taking expeditious action upon receipt of such a lawful request, following due legal process, from the ECI.
    v. Participants will provide a mechanism for relevant political advertisers, in accordance with their obligations under law, to submit pre-certificates issued by ECI and/ or Media Certification & Monitoring Committee (MCMC) of the ECI in relation to election advertisements that feature names of political parties, candidates for the 2019 General Elections. Further, Participants shall expeditiously process/action paid political advertisements lawfully notified to Participants by the ECI that do not feature such certification.
    vi. Participants will commit to facilitating transparency in paid political advertisements, including utilising their pre-existing labels/ disclosure technology for such advertisements.
    vii. Participants will, pursuant to a valid request received from the ECI, via Internet and Mobile Association of India (IAMAI) provide an update on the measures taken by them to prevent abuse of their respective platforms.
    viii. IAMAI will coordinate with the Participants on the steps carried out under this Code and IAMAI as well as Participants will be in constant communication with the ECI during the election period.
    The above guidelines should be duly observed for compliance by all the concerned media.

    1,249 downloads

    Submitted

  19. छत्‍तीसगढ़, केरल, त्रिपुरा और उत्‍तर प्रदेश राज्‍य विधान सभा में आकस्‍मिक रिक्‍तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचना का कार्यक्रम

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/77/2019                            
    दिनांक: 25 अगस्‍त, 2019
     
    प्रेस नोट
     
    विषय: छत्‍तीसगढ़, केरल, त्रिपुरा और उत्‍तर प्रदेश की राज्‍य विधान सभाओं में आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए उप-निर्वाचन हेतु अनुसूची-तत्‍संबंधी।
     
    छत्‍तीसगढ़, केरल, त्रिपुरा और उत्‍तर प्रदेश की राज्‍य विधान सभाओं में चार स्‍पष्‍ट रिक्तियां हैं, जिन्‍हें भरा जाना अपेक्षित है:
     
    क्रम सं.
    राज्‍य
    विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की संख्‍या एवं नाम
    1.
    छत्‍तीसगढ़
    88- दन्‍तेवाड़ा (अ.ज.जा.)
    2.
    केरल
    93-पाला
    3.
    त्रिपुरा
    14-बधारघाट (अ.जा.)
    4.
    उत्‍तर प्रदेश
    228-हमीरपुर
     
    स्‍थानीय त्‍योहारों, निर्वाचक नामावलियों, मौसमी स्थितियों आदि जैसे विभिन्‍न कारकों को ध्‍यान में रखते हुए, आयोग ने इन रिक्तियों को निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार भरने के लिए उप-निर्वाचन आयोजित करने का निर्णय लिया है:-
     
    मतदान कार्यक्रम
    अनुसूची
    राजपत्र अधिसूचना जारी करने की तारीख
    28.08.2019 (बुधवार)
    नाम-निर्देशन करने की अंतिम तारीख
    04.09.2019 (बुधवार)
    नाम-निर्देशनों की संवीक्षा करने की तारीख
    05.09.2019 (गुरूवार)
    अभ्‍यर्थियाएं वापस लेने की अंतिम तारीख
    07.09.2019 (शनिवार)
    मतदान की तारीख
    23.09.2019 (सोमवार)
    मतगणना की तारीख
    27.09.2019 (शुक्रवार)
    वह तारीख, जिससे पहले निर्वाचन सम्‍पन्‍न करवा लिया जाएगा ।
    29.09.2019 (रविवार)
     निर्वाचक नामावली
    01.01.2018 के संदर्भ में उक्‍त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियां अंतिम रूप से प्रकाशित की गई हैं।
    इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपीएटी
          आयोग ने सभी मतदान केन्‍द्रों में उप-निर्वाचनों में ईवीएम और वीवीपीएटी का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। ईवीएम और वीवीपीएटी पर्याप्‍त संख्‍या में उपलब्‍ध कराई गई हैं और यह सुनिश्चित करने के पूरे प्रयास किए गए हैं कि इन मशीनों से मतदान निर्विघ्‍न रूप से संचालित किए जाएं।
     
    मतदाताओं की पहचान
          विगत प्रथा के अनुरूप, आयोग ने निर्णय लिया है कि उपर्युक्‍त उप-निर्वाचनों में मतदान के समय मतदाता की पहचान करना अनिवार्य होगा। मतदाता फोटो पहचान-पत्र (ईपीआईसी) मतदाता की पहचान का मुख्‍य दस्‍तावेज होगा। तथापि, यह सुनिश्चित करने कि यदि किसी मतदाता का नाम निर्वाचक नामावलियों में दिया गया हो, तो कोई भी मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे, के  लिए उक्‍त उप-निर्वाचनों में मतदान के समय मतदाताओं की पहचान करने के लिए अतिरिक्‍त दस्‍तावेजों की अनुमति देने हेतु अलग से निदेश जारी किए जाएंगे।
     
    आदर्श आचार संहिता
          आयोग ने दिनांक 29 जून, 2017 के अनुदेश सं. 437/6/अनु./2016-सीसीएस (आयोग की वेबसाइट पर उपलब्‍ध) के तहत जारी किए गए आंशिक संशोधन के अध्‍यधीन आदर्श आचार संहिता उन जिलों में तत्‍काल प्रभाव से लागू होगी, जिनमें उप निर्वाचन होने वाले विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों का पूर्ण या कोई भाग सम्मिलित है। आदर्श आचार संहिता सभी अभ्‍यर्थियों, राजनैतिक दलों और संबंधित राज्‍य सरकारों पर लागू होगी। आदर्श आचार संहिता संबंधित राज्‍यों के बारे में संघ सरकार पर भी लागू होगी।

    16 downloads

    Submitted

  20. उत्‍तर प्रदेश से राज्‍य सभा के लिए उप निर्वाचन – तत्‍संबंधी

    उत्‍तर प्रदेश से राज्‍य सभा के लिए उप निर्वाचन – तत्‍संबंधी

    68 downloads

    Submitted

  21. PGIMER New Academic Session inaugurated by the Chief Election Commissioner of India

    No.ECI/PN/1/2019 
    Dated: 7th January, 2019
    Press Note
    Subject: PGIMER New Academic Session inaugurated by the Chief Election Commissioner of India
          The Chief Election Commissioner of India, Shri Sunil Arora today inaugurated the new academic session of Postgraduate Institute of Medical Education & Research (PGIMER) in Chandigarh. While delivering the inaugural address- "The Road Ahead- Opportunities and Challenges'', he said that constant upgradation of oneself in every respect is very essential in any institution to be at par with the ever-changing technological advancements in the world.  January marks the beginning of the new academic session at the Institute which annually trains 400 postgraduate students in different specialties and super specialties in its various 50 departments. Sh. Sunil Arora also congratulated PGI for being ranked No. 2 amongst medical colleges of the country in the NIRF (National Institutional Ranking Framework), 2018. In this competitive world an institution has to constantly upgrade itself to stay abreast of the times, he said.

    Chief Election Commissioner of India, Sh. Sunil Arora addressing at the Inauguration of New Academic Session of the PGIMER
    He further stated that future medicine will possibly treat the human body in more dignified and less invasive manner and expressed belief that PGIMER Chandigarh will play its worthy role in this matter.  
    Shri Arora also urged the medical students to keep their morale up even when challenged. He emphasized that ideas rule the world. Today we are not so much limited by access or resource as much by our own imagination. “Today’s medicine was yesterday’s research; and today’s research will become tomorrow’s medicine. So think out of the box”.
     
    PGIMER felicitates Chief Election Commissioner of India, Shri Sunil Arora
    “The PGIMER already has a glorious history of more than 50 years. The question is where we see it in 10, 20 and 50 years from now. The foresight, resolve and zeal of its present leadership will determine that”, he added.

    69 downloads

    Submitted

  22. Chief Election Commissioner of India reviews election preparedness in Punjab, Haryana and Chandigarh in connection with Lok Sabha Elections- 2019

    No.ECI/PN/2/2019
    Dated: 7th January, 2019
    Press Note
    Subject: Chief Election Commissioner of India reviews election preparedness in Punjab, Haryana and Chandigarh in connection with Lok Sabha Elections- 2019
    Sh. Sunil Arora, Chief Election Commissioner of India today reviewed the election preparedness of Punjab, Haryana and Chandigarh in connection with the forthcoming Lok Sabha Elections in 2019.

    The Commission while reviewing the poll preparedness took meeting with the Chief Electoral Officers of Punjab, Haryana and UT of Chandigarh and discussed various issues related to provision of Assured Minimum Facilities (AMFs) at the Polling Stations, strengthening of manpower and infrastructure of CEO’s offices, filling up of all vacant positions of elections functionaries at the field level, availability of EVMs/VVPATs and other election material, adequate budget provisions etc. The Chief Electoral officers of Punjab, Haryana Special Summary Revision (w.r.t 01-01-2019), Voter Helpline (1950) and other IT Applications.  and UT of Chandigarh also briefed the CEC about the progress of 
    This was followed by a comprehensive discussion with the Chief Secretary, DGP, Home Secretary and other senior Officials of Punjab and Haryana, as also with the Advisor to Administrator and other senior officials of Union Territory of Chandigarh on the various election related arrangements to be in place for the smooth and peaceful conduct of elections in a free, fair, inclusive, participative and credible manner.   
    Sh. Arora emphasized the urgent need to create a comprehensive data base of PwD voters along with their PS-wise mapping to ensure that adequate assistance is provided to all PwD voters on day of Poll, which is very important to realize the Commission’s motto of ‘No Voter to be Left Behind’. The Chief Election Commissioner directed that forthcoming Lok Sabha Elections should be made voter friendly and all necessary facilitations should be provided specially to Persons with Disability, senior citizens and women.
    CEC also stressed on the imperative of imparting robust and comprehensive training to all election related officials, at all levels on the entire spectrum of election related matters including ERO-NET, BLO-NET, revision of Electoral Rolls and implementation of IT applications like Suvidha, Samadhan, Sugam, cVIGIL, and Electronically Transmitted Postal Ballot System (ETPBS).

    The review meeting was also attended by Shri Umesh Sinha, Senior Deputy Election commissioner, Shri Dhirendra Ojha, Director General and Shri Nikhil Kumar, Director.
     

    371 downloads

    Submitted

  23. हरियाणा और महाराष्‍ट्र विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2019

    हरियाणा और महाराष्‍ट्र विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन की अनुसूची 
    गजट अधिसूचना जारी होने की तिथि
    नाम-निर्देशन की अंतिम तिथि
    नाम-निर्देशन की संवीक्षा की तिथि
    अभ्‍यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि
    मतदान की तिथि, यदि आवश्‍यक हो तो
    27.09.2019
    04.10.2019
    05.10.2019
    07.10.2019
    21.10.2019
    शुक्रवार
    शुक्रवार
    शनिवार
    सोमवार
    सोमवार
    मतगणना की तिथि:24.10.2019 (बृहस्‍पतिवार)
    वह तिथि जिसके पहले निर्वाचन संपन्‍न हो जाएगा: 27.10.2019 (रविवार)

    13 downloads

    Submitted

  24. Schedule for bye-elections to fill casual vacancy in the Parliamentary Constituency & State Legislative Assemblies of various States/UTs

    Schedule for bye-elections to fill casual vacancy in the Parliamentary Constituency & State Legislative Assemblies of various States/UTs

    11 downloads

    Submitted

  25. गुजरात की राज्‍य विधान सभा में दो आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन हेतु अनुसूची-तत्‍संबंधी।

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/85/2019                            
    दिनांक: 22 सितंबर, 2019
    प्रेस नोट
    विषय: गुजरात की राज्‍य विधान सभा में दो आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन हेतु अनुसूची-तत्‍संबंधी।
     गुजरात की राज्‍य विधान सभा में दो रिक्तियां हैं जिन्‍हें निम्‍नानुसार भरा जाना अपेक्षित है:-  
    क्रम सं.
    राज्‍य का नाम
    विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की संख्‍या एवं नाम
    1.
    गुजरात
    16 – राधनपुर  
    2.
    गुजरात
    32 - बायड
    मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, गुजरात से प्राप्‍त जानकारी और स्‍थानीय त्‍योहारों, निर्वाचक नामावलियों, मौसमी स्थितियों आदि जैसे विभिन्‍न कारकों को ध्‍यान में रखते हुए, आयोग ने निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार इन रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन आयोजित करने का निर्णय लिया है:-  
    मतदान कार्यक्रम
    अनुसूची
    राजपत्र अधिसूचना जारी करने की तारीख
    23.09.2019 (सोमवार)
    नाम-निर्देशन करने की अंतिम तारीख
    30.09.2019 (सोमवार)
    नाम-निर्देशनों की संवीक्षा करने की तारीख
    01.10.2019 (मंगलवार)
    अभ्‍यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख
    03.10.2019 (गुरूवार)
    मतदान की तारीख
    21.10.2019 (सोमवार)
    मतगणना की तारीख
    24.10.2019 (गुरूवार)
    वह तारीख, जिससे पहले निर्वाचन सम्‍पन्‍न करवा लिया जाएगा ।
    27.10.2019 (रविवार)
     निर्वाचक नामावली
    अर्हक तारीख 01.01.2019 के संदर्भ में उक्‍त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियां अंतिम रूप से प्रकाशित की गई हैं।
    इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपीएटी
    आयोग ने सभी मतदान केन्‍द्रों में उप-निर्वाचनों में ईवीएम और वीवीपीएटी का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। ईवीएम और वीवीपीएटी पर्याप्‍त संख्‍या में उपलब्‍ध कराई गई हैं और यह सुनिश्चित करने के पूरे प्रयास किए गए हैं कि इन मशीनों से मतदान निर्विघ्‍न रूप से संचालित किए जाएं।  
    मतदाताओं की पहचान
    विगत प्रथा के अनुरूप, आयोग ने निर्णय लिया है कि उपर्युक्‍त उप-निर्वाचनों में मतदान के समय मतदाता की पहचान करना अनिवार्य होगा। मतदाता फोटो पहचान-पत्र (ईपीआईसी) मतदाता की पहचान का मुख्‍य दस्‍तावेज होगा। तथापि, यह सुनिश्चित करने कि यदि किसी मतदाता का नाम निर्वाचक नामावलियों में दिया गया हो, तो कोई भी मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे, के  लिए उक्‍त उप-निर्वाचनों में मतदान के समय मतदाताओं की पहचान करने के लिए अतिरिक्‍त दस्‍तावेजों की अनुमति देने हेतु अलग से निदेश जारी किए जाएंगे।
    आदर्श आचार संहिता
    आयोग के दिनांक 29 जून, 2017 के अनुदेश सं. 437/6/अनु./2016-सीसीएस (आयोग की वेबसाइट पर उपलब्‍ध) के तहत जारी किए गए आंशिक संशोधन के अध्‍यधीन आदर्श आचार संहिता उन जिलों में तत्‍काल प्रभाव से लागू होगी, जिनमें उप निर्वाचन होने वाले विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों का पूर्ण या कोई भाग सम्मिलित है। आदर्श आचार संहिता सभी अभ्‍यर्थियों, राजनैतिक दलों और संबंधित राज्‍य सरकारों पर लागू होगी। आदर्श आचार संहिता संबंधित राज्‍यों के जिले के संबंध में संघ सरकार पर भी लागू होगी।
    हरियाणा एवं महाराष्‍ट्र राज्‍य की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचनों के लिए जारी किए गए सभी अनुदेश उपर्युक्‍त उप-निर्वाचनों पर भी लागू होंगे।

    2 downloads

    Submitted


ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

मतदाता हेल्पलाइन ऍप

हमारा नया मोबाइल ऐप ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ प्‍ले स्‍टोर से डाउनलोड करें। ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ एन्‍ड्रॉड ऐप आपको निर्वाचक नामावली में अपना नाम खोजने, ऑनलाइन प्ररूप भरने, निर्वाचनों के बारे में जानने, और सबसे महत्‍वपूर्ण शिकायत दर्ज करने की आसान सुविधा उपलब्‍ध कराता है। आपकी भारत निर्वाचन आयोग के बारे में हरेक बात तक पहुंच होगी। आप नवीनतम  प्रेस विज्ञप्ति, वर्तमान समाचार, आयोजनों,  गैलरी तथा और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। 
आप अपने आवेदन प्ररूप और अपनी शिकायत की वस्‍तु स्थिति के बारे में पता कर सकते हैं। डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। आवेदन के अंदर दिए गए लिंक से अपना फीडबैक देना न भूलें। 

×
×
  • Create New...