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Press Releases 2019

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  1. भारत निर्वाचन आयोग में पांचवें अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस का आयोजन

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/67/2019 
    दिनांक : 21 जून, 2019
    प्रेस नोट
    भारत निर्वाचन आयोग में पांचवें अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस का आयोजन
    भारत निर्वाचन आयोग में आज ईसीआई मुख्‍यालय, निर्वाचन सदन, नई दिल्‍ली में योग पर एक सत्र का आयोजन करके पांचवा अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया गया और फिट एवं स्‍वस्‍थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।


    विश्‍वभर में 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत निर्वाचन आयोग ने इस अवसर पर 6 बैचों में योग पर एक घंटे का सत्र आयोजित किया जिसमें वरिष्‍ठ अधिकारियों और स्‍टाफ सहित 400 प्रतिभागियों ने हिस्‍सा लिया। निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चन्‍द्रा; महानिदेशक, श्री धीरेन्‍द्र ओझा ने आयोग के वरिष्‍ठ अधिकारियों और स्‍टाफ सहित बहुत उत्‍साह और सकारात्‍मकता के साथ योग सत्र में हिस्‍सा लिया। इन सत्रों को मोरारजी देसाई राष्‍ट्रीय  योग संस्‍थान के दक्ष प्रशिक्षकों की   निगरानी में संचालित किया गया।

     

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  2. आई आई आई डी ई एम द्वारा यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के पदाधिकारियों के लिए ‘निर्वाचकीय प्रौद्योगिकी’ पर पांच दिवसीय क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम आयोजित किया जाना।

    सं.:  ईसीआई/प्रेनो/66/2019 
    दिनांक:  20 जून, 2019
    प्रेस नोट
    आई आई आई डी ई एम द्वारा यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के पदाधिकारियों के लिए ‘निर्वाचकीय प्रौद्योगिकी’ पर पांच दिवसीय क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम आयोजित किया जाना।
    निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चन्‍द्रा ने विश्‍वभर में लोकतंत्र को मज़बूत बनाने के लिए निर्वाचन प्रबंधन निकायों के मध्‍य निर्वाचनों की सर्वोत्‍तम पद्धतियों को साझा करने की आवश्‍यकता पर बल दिया। निर्वाचन आयुक्‍त आज यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के निर्वाचन पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे, ये पदाधिकारी भारत अंतर्राष्‍ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन संस्‍थान (आईआईआईडीईएम) नई दिल्‍ली में निर्वाचनों में प्रोद्योगिकी के प्रयोग पर प्रशिक्षण प्राप्‍त कर रहे हैं। उन्‍होंने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्‍वास और निष्‍पक्षता लाने के लिए प्रौद्योगिकी के प्रयोग पर बल दिया। इसके अतिरिक्‍त, उन्‍होंने बताया कि ई वी एम और वी वी पी ए टी के अतिरिक्‍त आई टी एप्‍लीकेशनों यथा वोटर हेल्‍पलाइन एप्‍लीकेशन, दिव्‍यांगजनों हेतु एप्‍लीकेशन, इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्र प्रणाली, सी-विजि़ल और अन्‍य एप्‍लीकेशन आरंभ करने के साथ ही, हाल ही के लोकसभा निर्वाचन 2019 में प्रौद्योगिकी का सफलतापूर्वक कार्यान्‍वयन किया गया। उन्‍होंने प्रतिभागियों को उत्‍साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रोत्‍साहित किया और म्‍यांमार की निर्वाचन प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी के प्रयोग हेतु विभिन्‍न क्षेत्रों की पहचान करने को कहा।
    निर्वाचकीय प्रौद्योगिकी पर चल रहा क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम वर्ष 2018-19 के लिए निर्धारित नौ कार्यक्रमों की श्रृखंला में सातवां कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के मध्‍यम और वरिष्‍ठ स्‍तर के अधिकारियों ने भाग लिया है और इस कार्यक्रम का संचालन भारत निर्वाचन आयोग के अनुभवी रिसोर्स व्‍यक्तियों द्वारा किया जा रहा है। यह कार्यक्रम क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक हिस्‍सा है जो विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के माध्‍यम से यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के अनुरोध पर डिजाइन किया गया है। आईआईआईडीईएम ने वर्ष 2017 में प्रशिक्षण आवश्‍यकता विश्‍लेषण आयोजित किया था ताकि वर्ष 2020 में उनके आगामी साधारण निर्वाचन के लिए यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के अधिकारियों के लिए उद्देश्‍य उन्‍मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया जा सके।
    श्री धीरेन्‍द्र ओझा, महानिदेशक, भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन प्रक्रिया में विभिन्‍न स्‍टेकहोल्‍डरों द्वारा सोशल मीडिया के बढ़ते हुए प्रयोग के बारे में बात की।
    श्री विवेक खरे, निदेशक, आईआईआईडीईएम ने निर्वाचनों के विभिन्‍न पहलुओं पर यूनियन इलेक्‍शन कमीशन ऑफ म्‍यांमार के पदाधिकारियों के लिए अब तक संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में सूचित किया। डॉ. नूर मोहम्‍मद, वरिष्‍ठ परामर्शी, आईआईआईडीईएम ने निर्वाचकीय प्रौद्योगिकी पर चल रहे प्रशक्षिण कार्यक्रम का परिचय दिया और निर्वाचन प्रक्रिया में निर्वाचकीय प्रौद्योगिकी के महत्‍व पर प्रकाश डाला।
    श्री एस बी जोशी, सचिव, भारत निर्वाचन आयोग ने धन्‍यवाद ज्ञापित किया।

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  3. बिहार, ओडिशा और गुजरात से राज्य सभा के उप निर्वाचन – तत्संबंधी।

    विषय: बिहार, ओडिशा और गुजरात से राज्य सभा के उप निर्वाचन – तत्संबंधी।
         राज्य सभा में नीचे दिए गए कारणों की वजह से बिहार, गुजरात और ओडिशा से छह आकस्मिक रिक्तियां हैं :
    क्रम सं
    राज्य
    सदस्य का नाम
    रिक्ति का कारण
    कार्यकाल की अवधि
    1.    
    बिहार
    रवि शंकर प्रसाद
    23.5.2019 को 17 वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित
    2.4.2024
    2.    
    गुजरात      
    शाह अमितभाई  अनिलचंद्र
    23.5.2019 को 17वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित
    18.8.2023
    3.    
    स्मृति ज़ुबिन ईरानी
    24.5.2019 को 17वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित
    18.8.2023
    4.    
    ओडिशा
    अच्‍युतानन्द सामंता
    24.5.2019 को 17वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित
    3.4.2024
    5.    
    प्रताप केशरी देब
    ओडिशा विधान सभा के लिए निर्वाचित। 9.6.2019 को सीट रिक्‍त हो गयी
    1.7.2022
    6.    
    सौम्य रंजन पटनाईक
    6.6.2019 को त्यागपत्र दिया
    3.4.2024
      
            आयोग ने प्रत्येक रिक्त पद के लिए निम्नलिखित अनुसूची के अनुसार उपर्युक्‍त रिक्तियों को भरने के लिए उपर्युक्त राज्यों से राज्य सभा के लिए उप-निर्वाचन का संचालन करने का निर्णय लिया है –
     
    क्रम सं
    कार्यक्रम
    दिनांक एवं दिन
    1.       
    अधिसूचना जारी करना
    18 जून , 2019 (मंगलवार)
    2.       
    नाम-निर्देशन करने की अंतिम तिथि
    25 जून, 2019 (मंगलवार)
    3.       
    नाम-निर्देशनों की संवीक्षा
    26 जून , 2019 (बुधवार)
    4.       
    अभ्यर्थिताएं वापिस लेने की अंतिम तिथि
    28 जून, 2019 (शुक्रवार)
    5.       
    मतदान की तिथि
    5 जुलाई , 2019 (शुक्रवार)
    6.       
    मतदान का समय
    पूर्वाह्न 9:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक
    7.       
    मतगणना
    5 जुलाई, 2019 (शुक्रवार) अपराह्न 5:00 बजे से
    8.       
    वह तारीख जिससे पूर्व निर्वाचन सम्पन्न कर लिया जाएगा
    9 जुलाई, 2019 ( मंगलवार)
            
             यह भी स्पष्ट किया जाता है कि राज्य सभा सहित सभी सदनों के उप-निर्वाचनों की रिक्तियों को अलग रिक्तियों के रूप में माना जाता है और अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की जाती हैं और प्रत्येक रिक्ति के लिए अलग- अलग मतदान होता है, हालाँकि उप-निर्वाचनों के लिए कार्यक्रम अनुसूची एकसमान हो सकती है। यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951, की धारा 147 से 151 के प्रावधानों के अनुरूप है, और ऐसे मामलों में यह आयोग की निरंतर कवायद रही है। वर्ष 1994 की सिविल रिट याचिका सं. 132 (ए.के. वालिया बनाम भारत सरकार और अन्य) और वर्ष 2006 की रिट याचिका सं.9357 (सत्यपाल मलिक बनाम भारत निर्वाचन आयोग) में माननीय दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय द्वारा क्रमश: दिनांक 14.1.1994 एवम् 20.01.2009 को दिए गए अपने निर्णय में अलग-अलग निर्वाचनों को उचित ठहराया गया है।

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  4. अगले पांच वर्षों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श करने हेतु देशभर के स्वीप नोडल अधिकारियों का सम्मेलन।

    सं.ईसीआई/प्रेस नोट/64/2019
    दिनांक: 13 जून, 2019
    प्रेस नोट
    विषय: अगले पांच वर्षों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श करने हेतु देशभर के स्वीप नोडल अधिकारियों का सम्मेलन।
    लोक सभा निर्वाचन, 2019 के दौरान आउटरीच कार्यक्रमों की कार्यनीति और कार्यान्वयन की समीक्षा करने और अगले 5 वर्षों के लिए रूपरेखा तैयार करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 10-11 जून, 2019 को गुरूग्राम में टैरी रीट्रीट में स्वीप नोडल अधिकारियों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। 
    11 जून को समापन सत्र में, निर्वाचन आयुक्त, श्री अशोक लवासा ने ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत, भागीदारी में सबसे कम लैंगिक अंतर और निर्वाचनों को सुगम बनाने के लिए व्यवस्थित प्रयासों के लिए बधाई देते हुए 36 राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों के स्वीप नोडल अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सच्ची भावना से और क्या किया जा सकता था, पर आत्मनिरीक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे सरोकार वाले क्षेत्रों की पहचान करें और कम भागीदारी वाले क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करें ताकि कम भागीदारी के कारणों को बेहतर रूप से समझा जा सके। 18-19 वर्ष के नए पात्र मतदाताओं के बीच पंजीकरण में अंतर और पंजीकृत आबादी के 32% के बीच भागीदारी अंतर को चिह्नित करते हुए, श्री लवासा ने कहा कि निर्वाचन आयोग को वृद्धिशील प्रगति से आगे जाने और छलांग लगाने के बारे में सोचना होगा जिसके लिए शायद निर्वाचन प्रबंधन के कई पहलुओं में बड़े बदलाव करने की जरूरत है। श्री लवासा ने अधिकारियों से कहा कि वे निर्वाचन तंत्र से बाहर के लोगों से मिलें ताकि नए विचार प्राप्त हो सकें और उन्हें शामिल किया जा सके। 
    इससे पहले, वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त, श्री उमेश सिन्हा ने निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर किए गए नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को ऐसी दक्षता प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए जहां किसी निर्वाचक को पंजीकृत करने के लिए कम समय लगे और पंजीकृत निर्वाचक के लिए अपना वोट डालने की पूरी प्रक्रिया आसान बने और नागरिकों के लिए सुविधा हो सके। श्री सिन्हा ने यह भी कहा कि मतदाताओं की संख्या के साथ-साथ, निर्वाचन सहभागिता की गुणवत्ता में सुधार लाने पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। 
    देशभर के स्वीप नोडल अधिकारी राज्यों के अनुभवों, सामना की गई चुनौतियों, अच्छी पद्धतियों के साथ-साथ मामला अध्ययन पर जानकारी साझा करने के लिए पहले दिन एकत्रित हुए। सम्मेलन के दूसरे दिन, अधिकारियों ने 6 विषयों अर्थात् महत्वपूर्ण अंतर, सुगम निर्वाचन, युवा एवं लिंग, निर्वाचक साक्षरता क्लब, सहभागिता और स्वयंसेवक और सोशल मीडिया का उपयोग और स्वीप के अगले चरण के लिए नीति तैयार की। सुबह को सोशल मीडिया पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया कि ट्विटर और इंस्टाग्राम पर मतदाताओं को प्रभावी ढंग से कैसे जोड़ा जाए।  
    सम्मेलन के दौरान तैयार किए गए सभी बिंदुओं पर स्वीप कार्यक्रम के चरण IV का और आगे विस्तार करने के लिए आगे काम किया जाएगा  जो वर्ष 2020-2024 को कवर करेगा।

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  5. जम्‍मू-कश्‍मीर में विधानसभा निर्वाचन का संचालन

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/63/2019                                       दिनांक: 04.06.2019
    प्रेस नोट
    जम्‍मू-कश्‍मीर में विधानसभा निर्वाचन का संचालन  
          निर्वाचन आयोग ने, संविधान के अनुच्‍छेद 324 और वर्तमान कानूनों/नियमों आदि के अंतर्गत सर्वसम्‍मति से यह निर्णय लिया है कि जम्‍मू-कश्‍मीर में विधानसभा निर्वाचनों के आयोजन करवाने पर इस वर्ष के अंत में विचार किया जाएगा। आयोग सभी महत्‍वपूर्ण पक्षों से जानकारी प्राप्‍त करते हुए जम्‍मू-कश्‍मीर की स्थिति पर नियमित और वास्‍तविक समय के अनुसार निगरानी रखेगा, और अमरनाथ यात्रा समाप्‍त हो जाने के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर में विधानसभा निर्वाचन के संचालन हेतु निर्वाचन अनुसूची की घोषणा करेगा।    

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  6. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्‍यों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों के डीब्रीफिंग सम्‍मेलन का आयोजन; महत्‍वपूर्ण मामलों पर नौ कार्यकारी दलों का गठन

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/62/2019                                     दिनांक: 03 जून, 2019
    प्रेस नोट  
    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्‍यों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों के डीब्रीफिंग सम्‍मेलन का आयोजन; महत्‍वपूर्ण मामलों पर नौ कार्यकारी दलों का गठन
    भारत निर्वाचन आयोग ने आज नई दिल्‍ली में सभी राज्‍यों/संघ शासित क्षेत्रों के मुख्‍य  निर्वाचन अधिकारियों के लिए एक पूर्ण दिवसीय सम्‍मेलन आयोजित किया। हाल ही में सम्‍पन्‍न हुए लोकसभा के साधारण निर्वाचन, 2019 के अनुभवों पर विचार विमर्श करने के लिए अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था।
    सभी मुख्‍य निर्वाचन अधि‍कारियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुनील अरोड़ा ने बताया कि हाल ही के निर्वाचनों में स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष निर्वाचनों के आयोजन के लिए अधिकारियों को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। विविध अप्रत्‍याशित परिस्थितियों यथा निज़ामाबाद में अभूतपर्व ईवीएम व्‍यवस्‍था, प्रतिकूल मौसम के बीच ओडीशा चुनौती इत्‍य‍ादि पर बात करते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने इस विशाल प्रक्रिया के सफलतापूर्वक प्रबंधन के लिए अधिकारियों की प्रशंसा की। श्री अरोड़ा ने राज्‍य के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों को अब मतदाताओं के हिसाब से इस प्रक्रिया के सरलीकरण पर विशेष रूप से ध्‍यान केन्द्रित करने के लिए कहा। उन्‍होंने उल्‍लेख किया कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में निर्वाचन आयोजित करवाने में प्रत्‍येक राज्‍य की अपनी विशिष्‍ट चुनौतियां होती हैं। उन्‍होंने मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों से सीईओ और डीईओ कार्यालयों को सुदृढ़ करने के तरीकों का सुझाव देने की सलाह दी ताकि वे निरंतर उभरने वाली अपेक्षाओं को पूरा कर सकें। उन्‍होंने उनसे कार्यान्‍वयन योजना-विशेषकर विभिन्‍न स्‍तरों अर्थात् ईआरओ, आरओ, सीईओ और ईसीआई सचिवालय के स्‍तर पर की जाने वाली कार्रवाईयों पर ध्‍यान केन्द्रित करने को कहा।
        
     आयोग ने मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों और आयोग के अधिकारियों के नौ कार्यकारी समूहों का गठन किया है जो निर्वाचक नामावली मामलों, मतदान केन्‍द्र प्रबंधन, एमसीसी, मतदान प्रक्रिया और सामग्री वस्‍तु सूची, क्षमता संवर्द्धन, आईटी ऐप्‍लीकेशन, व्‍यय प्रबंधन, स्‍वीप और मीडिया सम्‍बन्‍धी विषयों के साथ-साथ निर्वाचकीय सुधारों सहित निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्‍न पक्षों को कवर करते हैं। सभी समूह संबंधित विषयों पर विचार विमर्श करेंगे और अगस्‍त, 2019 तक इस संबंध में व्‍यवहार्य संस्‍तुतियों का सुझाव देंगे। प्रत्‍येक मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी अपने संबंधित राज्‍य के बारे में अनुभवों सम्‍बन्‍धी रिपोर्ट भी प्रस्‍तुत करेंगे।
    समूह को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयुक्‍त, श्री लवासा ने कहा कि निर्वाचनों के आयोजन के लिए वैसे तो ईसीआई पद्धति को अच्‍छी तरह से प्रलेखित और संहितबद्ध किया गया है, फिर भी मतदाताओं के पंजीकरण को और आसान बनाने और विशेष रूप से उनकी सहभागिता को और सहज बनाने के लिए उनकी आशाओं के अनुरूप तकनीकी को अपनाने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए वे करने योग्‍य लघु कालिक, मध्‍यम कालिक और दीर्घ कालिक प्रशासनिक एवं विधिक संस्‍तुतियां प्रस्‍तुत करें।
    निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चन्‍द्रा ने 2019 निर्वाचनों की अनेक नवोन्‍मेषी एवं चुनौतिपूर्ण बातों को उजागर किया। श्री चन्‍द्रा ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए मात्र सांकेतिक वृद्धि की नहीं बल्कि गुणात्‍मक अभिवृद्धि की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने इस बात पर बल दिया कि तकनीकी में हुई प्रगति का लाभ हमें मतदान में भी उठाना चाहिए ताकि यह केवल एक समावेशी अनुभव न होकर आनन्‍ददायी अनुभव बन सके।  
          
    आयोग ने साधारण निर्वाचन, 2019 के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए सभी मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों, भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों, फील्‍ड निर्वाचन स्‍टाफ को धन्‍यवाद दिया और बधाई दी। यह उल्‍लेख किया गया कि भारत निर्वाचन आयोग आईआईआईडीईएम से कार्यकारी समूहों द्वारा की जाने वाली इस प्रक्रिया के लिए सभी संसाधन उपलब्‍ध करवाएगा।

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  7. मतदाता टर्नआउट डाटा के संबंध में भारत निर्वाचन आयेाग की प्रेस विज्ञप्‍ति

    No. ECI/PN/61/2019      
    Dated: 1st June, 2019
    Press Note
    ECI PRESS RELEASE ON VOTER TURNOUT DATA
    Two categories of votes are counted to arrive at the final result of General Elections 2019, first is Votes polled in EVM by General voters from over 91.1 Crores electors at Polling Stations and second category is Postal Ballots returned from over18 Lakh Service voters and also from the polling personnel deployed for the poll duties, outside their Parliament Constituency in case of single elections and all polling personnel in case of simultaneous elections as was the case recently when besides the election to 17th Lok Sabha, the Assembly elections for four states namely Andhra Pradesh, Arunachal Pradesh, Odisha and Sikkim to Lok Sabha and Vidhan Sabha also went for poll.
    The provisional voter turnout data is displayed as percentage figure on Election Commission of India (ECI) Web site and Voter Helpline Mobile App on the poll day as uploaded by the Returning Officer(RO)/Assistant Returning Officer (ARO) based on the approximate percentage turnout figures obtained from Sector magistrates who in-turn get it periodically over phone/ in person from about 10 Presiding officers. After scrutiny of documents by the RO, provisional number of General voters’ turnout is compiled and uploaded on the ECI website based on the Polling Station wise tentative voter turnout data reported by the Presiding Officers, with male/female voter breakup, added together to get the PC wise provisional voter turnout. All these figures are provisional, based on estimates which are subject to change as is made clear from the disclaimer on the website that "the data is estimated and subject to change". This provisional voter turnout data is made available by ROs on regular intervals, which is collated by Chief Electoral Officers and ECI on the web site for wider dissemination and to ensure transparency in information dissemination.
    At the time of counting, postal ballots received up to 8 AM on Counting day are first pre-counted and valid Postal ballots are then taken up for after actual counting for both of the categories a. the Service voters and b. the polling personnel deployed for the poll duties. The Postal ballot count is added to the EVM General voters’ count to give the final votes polled in every PC and the votes secured candidate wise and the winning candidate is given return certificate in form 21E by the Returning Officers.
    Based on both the EVM votes and Postal Ballots counted, the Returning Officer prepares Form 21E and Index Card in which the breakup of voter turnout, including tendered votes for the Constituency, is tallied to get the final voter turnout for each Constituency. Form 21E is the return of election as specified under rule 64 of the Conduct of Election Rules, 1961, for which the sole authority is the Returning Officer concerned. Also, INDEX CARD in use since last over five decades, is prepared by the Returning officer to furnish the voting data (including postal ballot data), polled and counted, after the declaration of the Result, which becomes the final authenticated data for all purposes including analysis and research. For General Elections 2019, Commission has already directed all the Returning Officers on 26th March 2019 to send the INDEX CARDS within 15 days of the declaration of the Result.
    In earlier elections, it used to take months to collect such authenticated election data from all the ROs. Even in 2014, it took between 2 to 3 months after the declaration of results to collect and collate such data in authenticated form. Due to the innovative IT initiatives taken by the Commission this time, the final data on votes counted has been made available within a few days of declaration of results. The reconciliation of voters’ data for all PCs have been completed in all states and the Index Forms of all 542 PCs are expected to reach ECI from Returning Officers shortly, which after compilation, shall be immediately be made Public by the Election Commission.
    As made out clear in above paras, the provisional voter turnout data reported on ECI Website is only the tentative number of voters and not the final nos. therefore it is incorrect inference to find Ghost voters when there are none.

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  8. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 17वीं लोक सभा के नव-निर्वाचित सदस्यों की सूची भारत के माननीय राष्ट्रपति जी को प्रस्तुत करना।

    सं. ई.सी.आई./प्रे.नो./60/2019                               दिनांक : 25 मई, 2019
    प्रेस नोट
    विषय : भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 17वीं लोक सभा के नव-निर्वाचित सदस्यों की सूची भारत के माननीय राष्ट्रपति जी को प्रस्तुत करना।
          मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने निर्वाचन आयुक्त श्री अशोक लवासा और निर्वाचन आयुक्त श्री सुशील चन्द्रा के साथ आज (25 मई, 2019) को अपराह्न 12:30 बजे भारत के माननीय राष्ट्रपति जी से मुलाकात की। उनके द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 73 के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना की प्रति माननीय राष्ट्रपति जी को प्रस्तुत की गई, जिसमें – 17वीं लोक सभा के साधारण निर्वाचनों के पश्चात लोक सभा के निर्वाचित सदस्यों के नाम थे। 

    इसके पश्चात, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, दोनों निर्वाचन आयुक्त और भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी लोक सभा निर्वाचनों के समापन के उपरांत भारत के राष्ट्रपिता का आशीर्वाद लेने राजघाट गए।     
     
     

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  9. वीवीपीएटी गणना क्रम को उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा अनुमोदित दिशा-निर्देशों के अनुसार जारी रखना: भारत निर्वाचन आयोग

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/59/2019                              दिनांक : 22 मई, 2019
    प्रेस नोट
    वीवीपीएटी गणना क्रम को उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा अनुमोदित दिशा-निर्देशों के अनुसार जारी रखना: भारत निर्वाचन आयोग
    22 राजनीतिक दलों के एक प्रतिनिधिमण्‍डल ने दिनांक 21 मई, 2019 को पूर्ण निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। उनके द्वारा उठाए गए अन्‍य मुद्दों के अलावा, उन्‍होंने ईवीएम(मों) में डाले गए मतों की गणना शुरू होने से पहले वीवीपीएटी की पर्चियों को गिनने का अनुरोध किया।
    प्रतिनिधिमण्‍डल के प्रस्‍थान के तुरन्‍त बाद, आयोग ने भारत निर्वाचन आयोग में इस मुद्दे से संबंधित कार्रवाई करने वाले वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। कल एवं आज, दो दौर की गहन चर्चा के बाद समग्र संदर्भ में और विशेष रूप से वर्ष 2019 की रिट याचिका (सिविल) सं. 273 में माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा दिनांक 08.04.2019 को दिए गए निर्णय को देखते हुए इस मांग को स्‍वीकार करना न तो संभव पाया गया है और न ही व्‍यावहारिक। उक्‍त निर्णय में यह निदेश है कि वीवीपीएटी का यादृच्छिक चयन प्रवृत्‍त ईवीएम मैनुअल (https://www.eci.gov.in/files/file/9230-manual-on-electronic-voting-machine-and-vvpat/) के दिशा-निर्देश 16.6 के अनुरूप पर्ची सत्‍यापन की प्रक्रिया के अध्‍यधीन होगा।
    कुछ अन्‍य प्रक्रियात्‍मक मुद्दे थे जैसे कि सभी रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के साथ अभ्‍यर्थियों के गणना एजेन्‍ट को अनुमति देना, जिसके संबंध में पहले ही आवश्‍यक अनुदेश दोहराए जा चुके हैं और इन्‍हें यथावश्‍यक अधिकाधिक अभ्‍यर्थी – अनुकूल बनाया गया है।
    आयोग प्रतिनिधिमण्‍डल के सभी सम्‍मानित सदस्‍यों को धन्‍यवाद देता है तथा उन्‍हें और देश के सभी निर्वाचकों को यह विश्‍वास दिलाता है कि समस्‍त गणना, विशेष रूप से स्‍टाँग रूम और मतगणना केन्‍द्रों की पूरी निगरानी, पूर्ण रूप से निष्‍पक्ष पारदर्शी तरीके से की जाएगी।

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  10. लोक सभा साधारण निर्वाचन – 2019 के लिए मतगणना के दिन रूझानों और परिणामों का रियल टाइम प्रचार-प्रसार

    No. ECI/PN/58/2019                                                           Dated: 22nd May, 2019
    Press Note
     
    General Election to the House of the People – 2019
    Real-Time Dissemination of Counting Day Trends and Results
     
    The Counting of Votes for General Election to the House of the People – 2019 shall be held on 23rd May, 2019.  In this regard, the Commission has come up with a new IT based initiative, which will enable the system in providing real-time trends and results of the vote counting across the States/UTs.  The counting trends and results will be available on the ECI Website at the URL https://results.eci.gov.in  as well as on the Voter Helpline App, both iOS and Android Mobile Apps.  The dissemination will start functioning from 8.00 a.m. on the Counting Day and would be continuously updated.
    The Voter Helpline App can be downloaded from the Google Play Store or Apple Play Store.  For the first time, the citizens can use a smart phone to know the results.  They can use the available filter to find out the winning/leading or trailing candidate details, along with the Constituency-wise or State-wise results from the Voter Helpline App.  The citizens can bookmark their favourite candidate and watch the real-time results, as per their convenience on the Voter Helpline App or make a wish list to track the real-time status.
    The local display of the trends and results by the CEOs/ROs/DEOs will also be done through the Digital Display Panels provided by Election Commission of India.
     

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  11. भारत निर्वाचन आयोग में नियंत्रण कक्ष: दिनांक 21 मई, 2019

    No. ECI/PN/57/2019                                                           Dated: 21st May, 2019
    Press Note
     
    Control room at ECI
    A 24 hour EVM Control Room has been made functional at Nirvachan Sadan to monitor complaints relating to polled EVMs. The complaints related to storage issues at strongrooms, security of strongrooms,  permissions to candidates to post their agents at strongrooms, cctv monitoring, movement of any EVMs, and any complaints during counting related to EVMs can be informed at control room number is 011-23052123 (with 5 hunting lines)
     

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  12. मतयुक्‍त ईवीएम स्‍ट्रांग रूम में पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/56/2019                            दिनांक : 21 मई, 2019
    प्रेस नोट
    विषय : मतयुक्‍त ईवीएम स्‍ट्रांग रूम में पूरी तरह सुरक्षित हैं।
          स्‍ट्रांग में रखी मतयुक्‍त ईवीएमों को ईवीएमों की कथित आवाजाही के दौरान बदलने की कतिपय शिकायतें मीडिया में प्रसारित की जा रही हैं। भारत निर्वाचन आयोग दृढ़तापूर्वक  और संपूर्ण विश्‍वास के साथ यह स्‍पष्‍ट करता है कि इस प्रकार की सभी रिपोर्ट और आरोप बिल्‍कुल झूठे और मिथ्‍या हैं। मीडिया में वॉयरल किए जा रहे दृश्‍यों का मतदान के दौरान प्रयुक्‍त की गई ईवीएमों से कोई संबंध नहीं है।
          मतदान की समाप्ति के पश्‍चात, मतयुक्‍त सभी ईवीएमों और वीवीपैटों को संपूर्ण सुरक्षा में निर्दिष्‍ट स्‍ट्रांगरूमों में लाया जाता है, जिन्‍हें अभ्‍यर्थियों की उपस्थिति और निर्वाचन आयोग के प्रेक्षकों की उपस्थिति में दो ताले लगाकर सील किया जाता है। इन्‍हें भण्‍डारित करने और स्‍ट्रांग रूम को सील करने की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाती है। मतगणना पूरी होने तक इनकी सीसीटीवी से लगातार कवरेज की जाती है। चौबीसों घंटे प्रत्‍येक स्‍टांग रूम की रखवाली केंद्रीय सशस्‍त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) द्वारा की जाती है। इसके अतिरिक्‍त, स्‍ट्रांग रूम पर हर समय चौबीसों घंटे अभ्‍यर्थी अथवा उनके द्वारा नामोद्दिष्‍ट अभिकर्ता उपस्थित रहते हैं।
          मतगणना के दिन, स्‍ट्रांग रूम अभ्‍यर्थियो/एजेंटों और प्रेक्षकों की उपस्थिति में वीडियो बनाते हुए खोले जाते हैं। ईवीएमों  की गणना प्रारंभ करने से पहले मतगणना एजेंटों को ईवीएमों का एड्रेस टैग, सील और क्रम संख्‍या दिखाई जाती है जिससे कि वे वास्‍तविक मतदानों में प्रयुक्‍त मशीनों की वास्‍तविकता और प्रामाणिकता से संतुष्‍ट हो सकें।
          राजनीतिक दलों को कई अवसरों पर उपबंधों और नयाचारों के बारे में बताया जा चुका है जिसमें निर्वाचनों की घोषणा होने से आयोग की उनके साथ की गई 93 बैठकों में से कई बैठकों में बताया गया था। सभी मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को पुन: सलाह दी जाती है कि वे मतगणना की व्‍यापक व्‍यवस्‍थाओं के बारे में अभ्‍यर्थियों को संक्षिप्‍त विवरण दें।
          यह प्रशंसनीय है कि विस्‍तृत प्रशासनिक नयाचार, सुरक्षा फ्रेमवर्क और आयोग द्वारा अधिदेशित प्रक्रियात्‍मक दिशा-निदेश केंद्रीय सशस्‍त्र पुलिस बल और अभ्‍यर्थियों की चौबीसों घंटे निगरानी में निर्दिष्‍ट स्‍ट्रांगरूम में भण्‍डारित मतयुक्‍त ईवीएमों और वीवीपैट में किसी भी हेर-फेर करने अथवा उन्‍हें बदलने की संभावना को पूरी तरह से खत्‍म कर देते हैं और समाप्‍त कर देते है।
         मीडिया में दिखाई जा रही आक्षेपित क्लिप्‍स का संबंध केवल रिजर्व अप्रयुक्‍त ईवीएमों के भण्‍डारण अथवा परिवहन से है। फिर भी, रिजर्व ईवइएमों की हैन्‍डलिंग में पाई गई किसी भी चूक की पूर्ण रूप में जांच की जाती है और दोषी अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई भी की जाती है। मतगणना समाप्‍त होने तक ईवीएम हैंडलिंग से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए निर्वाचन सदन में एक ईवीएम कंट्रोल रूम नं. 011-23052123 भी कार्य करेगा। यह कंट्रोल रूम 22 मई, 2019 को प्रात: 11.00 बजे से कार्य करना शुरू कर देगा।

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  13. संबंधित विधान सभाओं के सदस्यों द्वारा बिहार, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना की राज्य विधान परिषदों के लिए उप-निर्वाचन-तत्संबंधी।

    सं. ई.सी.आई./प्रे.नो./55/2019                               दिनांक : 14 मई, 2019
    प्रेस नोट
    विषय : संबंधित विधान सभाओं के सदस्यों द्वारा बिहार, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना की राज्य विधान परिषदों के लिए उप-निर्वाचन-तत्संबंधी।
           बिहार, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना की राज्य विधान परिषदों में निम्नलिखित विवरणों के अनुसार चार आकस्मिक रिक्तियां हैं जिन्हें संबंधित राज्य की विधान सभा के सदस्यों द्वारा निर्वाचित किया जाना है:
    क्र.सं.
    राज्य का नाम
    निर्वाचन क्षेत्र
    रिक्ति की तारीख
    समयावधि
    1.
    तेलंगाना
    हनमंथ राव म्यानामपल्ली
    11.12.2018 को त्यागपत्र
    29.03.2023
    2.
    बिहार
    डॉ. सूरज नंदन प्रसाद
    30.12.2018 को मृत्यु
    06.05.2020
    सैयद खुर्शीद मोहम्मद मोसिन
    12.01.2019 को मृत्यु
    06.05.2024
    3.
    महाराष्ट्र
    देशमुख, शिवाजीराव बापूसो
    14.01.2019 को मृत्यु
    24.05.2020
    2.    आयोग ने संबंधित विधान सभाओं के सदस्यों द्वारा बिहार, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना की राज्य विधान परिषदों के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार उप-निर्वाचन आयोजित कराने का निर्णय लिया है:
    क्र.सं.
    कार्यक्रम का विषय
    तिथि एवं दिन
    1.
    अधिसूचनाएं जारी करना
    21 मई, 2019, (मंगलवार)
    2.
    नाम-निर्देशनों की अंतिम तारीख
    28 मई, 2019, (मंगलवार)
    3.
    नाम-निर्देशनों की संवीक्षा
    29 मई, 2019, (बुधवार)
    4.
    अभ्यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख
    31 मई, 2019, (शुक्रवार)
    5.
    मतदान की तारीख
    07 जून, 2019, (शुक्रवार)
    6.
    मतदान का समय
    पूर्वाह्न 9.00 बजे से अपराह्न 4.00 बजे तक
    7.
    मतगणना की तारीख
    07 जून, 2019 (शुक्रवार) को अपराह्न 5.00 बजे
    8.
    वह तारीख, जिससे पूर्व निर्वाचन संपन्न करवा लिया जाएगा
    10 जून, 2019, (सोमवार)
     3.    आयोग ने निदेश दिया है कि मत पत्र पर चिह्नित विकल्प (पों) के प्रयोजनार्थ केवल रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उपलब्ध करवाए गए, पूर्व-नियत विनिर्देशन के इंटीग्रेटेड वॉयलेट स्कैच पैन (पैनों) का उपयोग किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में, उपरोक्त उक्त निर्वाचन में किसी अन्य पैन का उपयोग नहीं किया जाएगा।
    4.    स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए नियुक्ति प्रेक्षकों द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के गहन अनुवीक्षण के लिए पर्याप्त उपाय किए जाएंगें।
     

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  14. असम से राज्य सभा के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन-तत्संबंधी

    सं. ई.सी.आई./प्रे.नो./54/2019                               दिनांक : 14 मई, 2019
    प्रेस नोट
    विषय : असम से राज्य सभा के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन-तत्संबंधी
          असम से निर्वाचित राज्य सभा के 02 (दो) सदस्यों की पदावधि निम्नलिखित विवरणों के अनुसार दिनांक 14.06.2019 को समाप्त होने जा रही है:
    राज्य
    सीटों की संख्या
    सदस्य का नाम
    सेवानिवृत्ति की तारीख
    असम
    2
    डॉ. मनमोहन सिंह
    14.06.2019
    शान्तिउस कुजुर
    2.    आयोग ने निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार असम से राज्य सभा के द्विवार्षिक निर्वाचन आयोजित करवाने का निर्णय लिया है:
    क्र.सं.
    कार्यक्रम का विषय
    तिथि एवं दिन
    1.
    अधिसूचनाएं जारी करना
    21 मई, 2019, (मंगलवार)
    2.
    नाम-निर्देशनों की अंतिम तारीख
    28 मई, 2019, (मंगलवार)
    3.
    नाम-निर्देशनों की संवीक्षा
    29 मई, 2019, (बुधवार)
    4.
    अभ्यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख
    31 मई, 2019, (शुक्रवार)
    5.
    मतदान की तारीख
    07 जून, 2019, (शुक्रवार)
    6.
    मतदान का समय
    पूर्वाह्न 9.00 बजे से अपराह्न 4.00 बजे तक
    7.
    मतगणना की तारीख
    07 जून, 2019 (शुक्रवार) को अपराह्न 5.00 बजे
    8.
    वह तारीख, जिससे पूर्व निर्वाचन संपन्न करवा लिया जाएगा
    10 जून, 2019, (सोमवार)
    3.    आयोग ने निदेश दिया है कि मत पत्र पर चिह्नित विकल्प (पों) के प्रयोजनार्थ केवल रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उपलब्ध करवाए गए, पूर्व-नियत विनिर्देशन के इंटीग्रेटेड वॉयलेट स्कैच पैन (पैनों) का उपयोग किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में, उपरोक्त उक्त निर्वाचन में किसी अन्य पैन का उपयोग नहीं किया जाएगा।
    4.    स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए नियुक्ति प्रेक्षकों द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के गहन अनुवीक्षण के लिए पर्याप्त उपाय किए जाएंगें।

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  15. 17वीं लोकसभा के निर्वाचनों को निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आगुन्‍तक कार्यक्रम के भाग के रूप में विश्‍व के 20 निर्वाचन प्रबंधन निकायों के 65 से अधिक प्रतिनिधियों ने देखा।

    सं.ईसीआई/प्रेस नोट/53/2019
    दिनांक: 12 मई, 2019
    प्रेस नोट
    17वीं लोकसभा के निर्वाचनों को निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आगुन्‍तक कार्यक्रम के भाग के रूप में विश्‍व के 20 निर्वाचन प्रबंधन निकायों के 65 से अधिक प्रतिनिधियों ने देखा।
    विश्‍व के 20 निर्वाचन प्रबंधन निकायों, अर्थात्: आस्‍ट्रेलिया, बंग्‍लादेश, भूटान, बो‍सनिया एवं हरजेगोवीना, फिज़ी, जार्जिया, केन्‍या, कोरिया गणराज्‍य, किर्गिस्‍तान, मलेशिया, मेक्सिको, म्‍यंमार, रोमानिया, रूस, श्रीलंका, सूरीनाम, संयुक्‍त अरब अमीरात, उज़बेकिस्‍तान और जिम्‍बाब्‍वे और अंतर्राष्‍ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचकीय सहयोग संस्‍थान (आइडिया) के प्रमुख और प्रतिनिधि 17वीं लोक सभा के चल रहे साधारण निर्वाचनों को देखने के लिए नई दिल्‍ली पहुंच चुके हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन आगुन्‍तक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 65 से अधिक प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
    प्रतिभागियों को सम्‍बोधित करते हुए, मुख्‍य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने लोकतंत्र की घोषणा करने से एक दिन पहले भारत निर्वाचन आयोग की स्‍थापना करने में भारतीय संविधान के निर्माताओं की दूरदर्शिता एवं दृष्टिकोण की सराहना की। भारत के संविधान के अनुच्‍छेद 324 को उद्धृत करते हुए, श्री अरोड़ा ने दोहराया कि भारत निर्वाचन आयोग देश में स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष और मजबूत निर्वाचन सुनिश्चित करने के प्रति कटिबद्ध है। उन्‍होंने आगे कहा कि भारत निर्वाचन आयोग किसी भी तरह की संशयवादिता और आलोचना से कभी भी विचलित नहीं हुआ है और सदैव की भांति यह हमारे दूरदर्शी पूर्वजों द्वारा भारत के संविधान  में प्रतिष्‍ठापित सिद्धांतों और आदर्शों के अनुसार कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री अरोड़ा ने इस बात पर बल देते हुए कहा कि ‘’आयोग का उद्देश्‍य और इच्‍छा यह है कि अतीत के अनुभवों से सदैव कुछ न कुछ सीखा जाता रहे जिससे भविष्‍य में आवश्‍यक सुधारात्‍मक कदम उठाए जा सकें।‘’  
    निर्वाचन कवरेज के दौरान हाल ही के चरणों में सामने आई बातों का उल्‍लेख करते हुए, श्री अरोड़ा ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़, नैतिक, समावेशी, सुगम और सहभागी बनाने के लिए और प्रयास किए जाएंगे। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने घोषणा की कि राज्‍यों की उत्‍तम पद्धतियों, दस्‍तावेज संबंधी मुद्दों और सामने आई चुनौतियों, इन निर्वाचनों से मिली सीख के माध्‍यम से प्रक्रियात्‍मक उपायों में और सुधार लाने की प‍द्धतियों का अध्‍ययन करने के लिए तथा महत्‍वपूर्ण कमियों की पहचान करने के लिए समितियों का गठन किया जाएगा। श्री अरोड़ा ने हाल ही में की गई सूचना प्रौद्योगिकी पहल का भी, विशेषकर, भारत निर्वाचन आयोग के सी-विजिल एप्लिकेशन की प्रभावशीलता पर प्रकाश डाला जिसके द्वारा नागरिकों को आदर्श आचार संहिता के उल्‍लंघनों की घटनाओं की रिपोर्ट करने में सक्षमता व सुगमता प्रदान की गई है और इसने संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है।
    विश्‍व के सबसे बड़े लोकतंत्र में निर्वाचनों के सुचारू संचालन में सामने आई विभिन्‍न चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की संपूर्ण टीम की भूमिका को स्‍वीकार करते हुए, श्री अरोड़ा ने  दलीय भावना के प्रदर्शन स्‍वरूप भारत निर्वाचन आयोग मुख्‍यालय के विभिन्‍न प्रभागों के टीम प्रमुखों का प्रतिनिधियों से परिचय कराया।
    निर्वाचन आयुक्‍त, श्री अशोक लवासा ने कहा कि भारत ने वर्ष 1950 से बहुत लम्‍बी यात्रा तय की है, जब पूरे विश्‍व को भारत के स्‍वतंत्र होने के पश्‍चात इसके द्वारा लोकतंत्र को संभालने पर संशय था। ‘’यह भारतीय संविधान के निर्माताओं के प्रति श्रद्धांजलि है कि उन्‍होंने पहले दिन से ही मत देने का सार्वभौमिक अधिकार प्रदान किया था।‘’  ‘’हम इस तथ्‍य से संतुष्‍ट है कि वर्ष 1952 के प्रथम निर्वाचन से जब मात्र 17 करोड़ निर्वाचक थे जो दो लाख मतदान केंद्रों में फैले हुए थे, अब भारतीय निर्वाचनों में इनकी सहभागिता बढ़कर 91 करोड़ से अधिक हो चुकी है जिनके लिए भारत निर्वाचन आयोग मशीनरी ने दस लाख से अधिक मतदान केंद्रों की स्‍थापना की है।‘’ श्री लवासा ने उल्‍लेख किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तकनीक के अपनाने और इसके अनुकूल अपने आप को ढालने से इतने बड़े पैमाने पर निर्वाचन प्रक्रिया की व्‍यवस्‍था करने में सहायता मिली है जिससे यह विश्‍व के सबसे बड़े प्रबंधन कार्यों में से एक बनी है।
    श्री सुशील चंद्रा ने निर्वाचन आगुन्‍तक कार्यक्रम के प्रतिभागियों को सम्‍बोधित करते हुए देश के 543 संसदीय निर्वाचन-क्षेत्रों पर 17वीं लोक सभा के निर्वाचनों और इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम राज्‍यों की राज्‍य विधान सभाओं के स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से साधारण निर्वाचनों के संचालन की व्‍यापक तैयारियों पर प्रकाश डाला। उन्‍होंने यह भी इंगित किया कि ‘’निर्वाचनों में धनबल का दुरूपयोग संपूर्ण विश्‍व के स्‍थापित और उभरते हुए, दोनों प्रकार के लोकतंत्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौ‍ती है।‘’ तदनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन व्‍यय अनुवीक्षण तंत्र के प्रभावी क्रियान्‍वयन की व्‍यापक व्‍यवस्‍था की है। उन्‍होंने प्रतिनिधियों को सूचित किया कि इस विशाल निर्वाचन प्रक्रिया पर सतर्क निगाह रखने के लिए सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों एवं साथ ही माइक्रो  प्रेक्षकों की तैनाती निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करती है।
    निर्वाचन आयोग के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका और दायित्‍वों, और विश्‍व के सबसे बड़े लोकतंत्र के निर्वाचनों के आयोजन और संचालन में आने वाली विभिन्‍न चुनौतियों से अवगत कराने के लिए व्‍यापक प्रस्‍तुतिकरण दिया। राजनीतिक दलों के रजिस्‍ट्रीकरण, भारत निर्वाचन आयोग के उन्‍नत प्रशिक्षण और अनुसंधान विंग-भारत अंतर्राष्‍ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्‍थान (आईआईआईडीईएम), निर्वाचक नामावलियां तैयार करने और सूचना प्रौद्योगिकी पहल, इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और वीवीपीएटी, मीडिया को ब्रीफिंग करने और सोशल मीडिया से वार्तालाप, निर्वाचन विधियों और सबद्ध मामलों के संबंध में प्रस्‍तुतियां दी गई।
    इस अवसर पर आयोग द्वारा भारत निर्वाचन आयोग की तिमाही पत्रिका ‘’महत्‍वपूर्ण है मत मेरा’’ के द्वितीय अंक का विमोचन किया गया। इस पत्रिका में चल रहे निर्वाचनों के लिए विभिन्‍न राज्‍यों में की जा रही तैयारी संबंधी पहल की झलक प्रस्‍तुत की गई है। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुनील अरोड़ा द्वारा इस पत्रिका के प्रथम अंक को 25 जनवरी, 2019 को राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस पर भारत के माननीय राष्‍ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद को भेंट किया गया था।
     प्रतिनिधियों का स्‍वागत करते हुए, श्री उमेश सिन्‍हा, वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त ने इस बात पर बल देते हुए कहा कि ये भ्रमण निर्वाचन प्रबंधन निकायों के बीच अनुभवों को साझा करने और उत्‍तम पद्धतियों के आदान-प्रदान के लिए अच्‍छे अवसर उपलब्‍ध कराते हैं। उन्‍होंने निर्वाचन योजना, सुरक्षा प्रबंधन और आयोग द्वारा मतदाता शिक्षा और जागरूकता के लिए इसके अग्रगामी कार्यक्रम स्‍वीप के अंतर्गत की गई पहल का विवरण भी प्रस्‍तुत किया। उन्‍होंने कहा कि आज विश्‍व के सभी निर्वाचन प्रबंधन निकायों के लिए यह आवश्‍यक है कि नई-नई चुनौतियों का सामना करने के लिए वे एक-दूसरे के अनुभवों से सीखें।
    भारत में निर्वाचनों का संचालन करना एक अति व्‍यापक और जटिलताओं से भरा चुनौतीपूर्ण कार्य है। 11 मई, 2019 को छठे चरण के निर्वाचनों की पूर्व संध्‍या पर प्रतिनिधियों ने स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष और उत्‍साहपूर्ण निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए मतदान की तैयारियों संबंधी कार्यों, मतदान दलों की रवानगी और की गई व्‍यापक संभार व्‍यवस्‍थाओं की झलक पाने के लिए दक्षिण दिल्‍ली, पूर्वी दिल्‍ली, चांदनी चौक, पश्चिमी दिल्‍ली और गुडगांव (गुरूग्राम) संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया। उन्‍होंने जिला स्‍तर की निर्वाचन मशीनरी से वार्तालाप किया जिनके प्रमुख जिला निर्वाचन अधिकारी/रिटर्निंग अधिकारी थे। इसके पश्‍चात, प्रतिनिधियों ने आईआईआईडीईएम, द्वारका में स्थित भारत निर्वाचन आयोग के नए प्रशिक्षित और अनुसंधान कैम्‍पस का भ्रमण किया जिसमें लगभग 900 कार्मिकों को एक साथ प्रशिक्षित करने की क्षमता हैं। इस अत्‍याधुनिक कैम्‍पस में भारत निर्वाचन आयोग के कई अंतर्राष्‍ट्रीय और घरेलू प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिनिधि भारत में निर्वाचन संबंधी आयोजनों के संपूर्ण परिदृश्‍य से अवगत होने के लिए अत्‍यंत उत्‍सुक थे। 12 मई, 2019 को उन्‍होंने द्वारका के विभिन्‍न मतदान केंद्रों में सुबह सवेरे छद्म मतदान के संचालन को देखा। उन्‍होंने मतदान अधिकारियों से बातचीत की और मतदान की उन पद्धतियों और प्रक्रियाओं को समझा जो हमारे निर्वाचनों को  इतना विश्‍वसनीय और पारदर्शी बनाती हैं।
    प्रतिनिधियों ने चल रहे मतदान और मतदान केंद्रों के आसपास उत्‍सवमय माहौल देखने के लिए उत्‍तर-पश्चिम दिल्‍ली, पूर्वी दिल्‍ली, चांदनी चौक, दक्षिण दिल्‍ली और गुड़गांव के भिन्‍न-भिन्‍न मतदान केंद्रों का पूरे दिन दौरा किया। उन्‍होंने कुछ मतदान केंद्रों का, जिनकी पूरी व्‍यवस्‍था महिला मतदान स्‍टाफ द्वारा की जा रही थी और साथ ही कुछ मॉडल मतदान केंद्रों का भी दौरा किया जो मतदाताओं के लिए उत्‍तम सुविधाओं से सुसज्जित थे। प्रतिनिधियों ने निर्वाचनों का राज्‍य स्‍तरीय परिप्रेक्ष्‍य जानने के लिए दिल्‍ली के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी से भी वार्ता की। उन्‍होंने दिल्‍ली के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में स्थित निर्वाचन संग्राहलय का भी भ्रमण किया। मतदान की समाप्ति और मशीनों को सील करने का प्रोटोकॉल एक अन्‍य पहलू है जिसे दिन में प्रतिनिधियों को दिखाया जाएगा।
    प्रतिनिधियों में विदेश मंत्रालय की प्रायोजकता के अंतर्गत, आईआईआईडीएम द्वारा संचालित किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के भाग के रूप में भारत के भ्रमण पर आए म्‍यंमार  निर्वाचन आयोग के 6 सदस्‍यों और 9 वरिष्‍ठ निर्वाचन अधिकारियों का दल भी शामिल था।

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  16. स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों से तेलंगाना विधान परिषद के लिए उप - निर्वाचन

    6.
    मतदान का समय
    पूर्वाह्न 8.00 बजे से अपराह्न 4.00 बजे तक
      7.
    मतगणना की तारीख
    3 जून, 2019 (सोमवार)
      8.
    वह तारीख जिससे पहले निर्वाचन सम्पन्न हो जाएगा
    7 जून, 2019 (शुक्रवार)
     
    3.  संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में इन निर्वाचनों से संबंधित आदर्श आचार संहिता  तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। कृपया आयोग की वेबसाइट https://eci.gov.in/files/file/4070-biennial-bye-elections-to-the-legislative-councils-from-council-constituencies-by-graduates%E2%80%99-and-teachers%E2%80%99-and-local-authorities%E2%80%99-constituencies-%E2%80%93-mcc-instructions-%E2%80%93-regarding/  के अंतर्गत विवरण को देखें।

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  17. पश्चिम बंगाल की राज्‍य विधान सभा में आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन हेतु अनुसूची-तत्‍संबंधी।

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/51/2019                             दिनांक: 20 अप्रैल, 2019
    प्रेस नोट
    विषय: पश्चिम बंगाल की राज्‍य विधान सभा में आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन हेतु अनुसूची-तत्‍संबंधी।
     पश्चिम बंगाल की राज्‍य विधान सभा में  29-इस्‍लामपुर, 68-कंडी, 74-नावादा, 43-हबीबपुर (अ.ज.जा.) और 105-भाटपाड़ा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों से पांच स्‍पष्‍ट रिक्तियां है, जिन्‍हें भरा जाना अपेक्षित है।
     त्‍योहारों, निर्वाचक नामावलियों, आदि जैसे विभिन्‍न कारकों को ध्‍यान में रखते हुए, आयोग ने इन रिक्तियों को निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार भरने के लिए उप-निर्वाचन आयोजित करने का निर्णय लिया है:-
    क्रम सं.
    मतदान कार्यक्रम
    अनुसूची
      राजपत्र अधिसूचना जारी करने की तारीख
    22.04.2019 (सोमवार)
      नाम-निर्देशनों की अंतिम तारीख
    29.04.2019 (सोमवार)
      नाम-निर्देशनों की संवीक्षा की तारीख
    30.04.2019 (मंगलवार)
      अभ्‍यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख
    02.05.2019 (गुरूवार)
      मतदान की तारीख
    19.05.2019 (रविवार)
      मतगणना की तारीख
    23.05.2019 (गुरूवार)
      वह तारीख, जिससे पहले निर्वाचन सम्‍पन्‍न करवा लिया जाएगा ।
    27.05.2019 (बुधवार)
    निर्वाचक नामावली
          अर्हक तिथि के रूप में दिनांक 01.01.2019 के संदर्भ में उक्‍त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए निर्वाचक नामावलियां अंतिम रूप से प्रकाशित कर दी गई हैं।
    इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपीएटी
          आयोग ने सभी मतदान केन्‍द्रों में उप-निर्वाचनों में ईवीएम और वीवीपीएटी का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। ईवीएम और वीवीपीएटी पर्याप्‍त संख्‍या में उपलब्‍ध कराई गई हैं और यह सुनिश्चित करने के पूरे प्रयास किए गए हैं कि इन मशीनों से मतदान निर्विघ्‍न रूप से संचालित किए जाएं।
     मतदाताओं की पहचान
          विगत प्रथा के अनुरूप, आयोग ने निर्णय लिया है कि उपर्युक्‍त उप-निर्वाचनों में मतदान के समय मतदाता की पहचान करना अनिवार्य होगा। मतदाता फोटो पहचान-पत्र (ईपीआईसी) मतदाता की पहचान का मुख्‍य दस्‍तावेज होगा। आयोग द्वारा लोकसभा और  राज्‍य विधान सभा, 2019 के साधारण निर्वाचन के संबंध में जारी किए गए आदेश उक्‍त उप-निर्वाचन में मतदान के समय मतदाताओं की पहचान के लिए लागू होंगे।
     आदर्श आचार संहिता
          सभी राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों में दिनांक 10 मार्च, 2019 को लोक सभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2019 की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता पहले से ही लागू हो चुकी है। आदर्श आचार संहिता सभी अभ्‍यर्थियों, राजनैतिक दलों और संबंधित राज्‍य सरकारों पर लागू होगी। आदर्श आचार संहिता संबंधित राज्‍यों के जिले के संबंध में संघ सरकार पर भी लागू होगी।

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  18. Final Voter turnout of Phase 1 and Phase 2 of the Lok Sabha Elections 2019

    The final Voter turnout of Phase 1 and Phase 2. The document contains
    1. Final Voter turnout Phase 1 (Updated)
    2. Final Voter Turnout- Comparison Phase 1 (PC wise) (Updated)
    3. Final Voter Turnout Phase 2 (Updated)
    4. Final Voter Turnout Comparison Phase 2 (PC wise) (Updated)
    5. Final Voter Turnout Phase 3
    6. Final Voter Turnout Comparison Phase 3 (PC wise) 
    7. Final Voter Turnout Phase 4
    8. Final Voter Turnout Comparison Phase 4 (PC wise) 


     

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  19. उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल की राज्‍य विधान सभाओं में क्रमश: 89-आगरा एवं 23-दार्जिलिंग विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों से आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन हेतु अनुसूची–तत्‍संबंधी।

    सं.ईसीआई/प्रेस नोट/50/2019                                   दिनांक: 19 अप्रैल, 2019
    प्रेस नोट
    विषय: उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल की राज्‍य विधान सभाओं में क्रमश: 89-आगरा एवं 23-दार्जिलिंग विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों से आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन हेतु अनुसूची–तत्‍संबंधी।
     
           
    उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल की राज्‍य विधान सभा में क्रमश: 89-आगरा एवं 23-दार्जिलिंग विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में दो स्‍पष्‍ट रिक्ति हैं, जिन्हें भरा जाना अपेक्षित है।
     
          त्‍योहारों, निर्वाचक नामावलियों आदि जैसे विभिन्‍न कारकों को ध्‍यान में रखते हुए, आयोग ने इस रिक्ति को निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार भरने के लिए उप-निर्वाचन आयोजित करने का निर्णय लिया है:-
    क्रम सं.
    मतदान कार्यक्रम
    अनुसूची
    1
    राजपत्र अधिसूचना जारी करने की तारीख
    22.04.2019 (सोमवार)
    2
    नाम-निर्देशन करने की अंतिम तारीख
    29.04.2019 (सोमवार)
    3
    नाम-निर्देशनों की संवीक्षा करने की तारीख
    30.04.2019 (मंगलवार)
    4
    अभ्‍यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख
    02.05.2019 (गुरुवार)
    5
    मतदान की तारीख
    19.05.2019 (रविवार)
    6
    मतगणना की तारीख
    23.05.2019 (गुरूवार)
    7
    वह तारीख, जिससे पहले निर्वाचन सम्‍पन्‍न हो जाएगा 
    27.05.2019 (सोमवार)
     
    निर्वाचक नामावली
          01.01.2019 के संदर्भ में उक्‍त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियाँ अंतिम रूप से प्रकाशित कर दी गई हैं।
    इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपीएटी  
          आयोग ने सभी मतदान केन्‍द्रों में उप-निर्वाचनों में ईवीएम एवं वीवीपीएटी का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। ईवीएम एवं वीवीपीएटी पर्याप्‍त संख्‍या में उपलब्‍ध कराई गई हैं और यह सुनिश्चित करने के पूरे प्रयास किए गए हैं कि इन मशीनों की सहायता से मतदान सुचारू रूप से संचालित किए जाएं। 
    मतदाताओं की पहचान
          पूर्व परिपाटी के अनुरूप, आयोग ने निर्णय लिया है कि पूर्वोल्लिखित उप-निर्वाचन में मतदान के समय मतदाता की पहचान करना अनिवार्य होगा। निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र (एपिक) मतदाता की पहचान का मुख्‍य दस्‍तावेज होगा। लोक सभा एवं राज्य विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2019 के लिए इस संबंध में आयोग द्वारा जारी आदेश उक्‍त उप-निर्वाचन में मतदान के समय मतदाताओं की पहचान करने के लिए लागू होंगे।
    आदर्श आचार संहिता
          दिनांक 10 मार्च, 2019 को लोक सभा के साधारण निर्वाचन, 2019 की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता सभी राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों में पहले से ही लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता सभी अभ्‍यर्थियों, राजनैतिक दलों और संबंधित राज्‍य सरकार पर लागू होगी। आदर्श आचार संहिता संबंधित राज्‍य के जिले के लिए संघ सरकार पर भी लागू होगी।
     

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  20. Estimated Voter Turnout of Phase-2 of Lok Sabha Elections

    The estimated turnout Parliamentary Constituency wise data for the second phase of elections of Lok Sabha.

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  21. Election to 8 Vellore Parliamentary Constituency stands rescinded ECI's decision based on reports of systematic design to influence voters, unearthed during Income Tax raids

    No. ECI/PN/49/2019                                                           Dated: 16th April, 2019
    Press Note
     
    Election to 8 Vellore Parliamentary Constituency stands rescinded ECI's decision based on reports of systematic design to influence voters, unearthed during Income Tax raids                                                                     
     
    The Election Commission of India made a recommendation to the Hon’ble President of India, under Article 324 of the Constitution read with Section 21 of the General Clauses Act, 1897, to rescind the Election to 8-Vellore Parliamentary Constituency, Tamil Nadu vide its proceedings no.464/ECI/LET/TERR/TN/SS-I/2019 dated 14.4.2019.
    The decision of the ECIto make this recommendation was based on detection of  a systematic design to influence voters in 8- Vellore Parliamentary Constituency during the election process. Thereport of the DGIT(Inv.), Chennai, Sh. B. Murali Kumar, dated 5th of April 2019, details the search and seizure operations u/s 132 of the I.T. Act carried out on 29th and 30th of March, 2019 at the residence of Sh. Durai Murugan, MLA and Treasurer of DMK Party and Sh. Kathir Anand, s/o Sh. Durai Murugan and contesting candidate for Vellore Parliamentary Constituency and at Kingston medical College, run by the Durai Murugan Educational Trust. The search team observed that evidently there was prior rummaging of the premises and removal of material including the control panel of the CCTV as well as the hard disks of the computers. Further discreet surveillance resulted in the confirmation that a large amount of cash and other incriminating material had indeed been shifted out of the college premises while the teams were being denied entry. 
    Further as per DGIT report, based on the intelligence gathered during the discreet surveillance, certain premises of close associates of the candidate Shri Kathir Anand and their relatives were identified and fresh searches u/s 132 of the Income Tax Act, 1961, at Katapadi Taluk, Vellore District were initiated on 01.04.2019 at the residence of Sh. Damodaran, brother in law of Sh.Srinivasan, a DMK functionary.  The search operations of the Income Tax Department on 1.4.2019 yielded a total cash seizure of Rs.11.48 Crores, most of which was packed in plastic packets with ward wise details. In addition, unused labels, loose sheets with details of ward-wise breakup of voters and documents related to Kingston Engineering College were found from the residence of Sh. Damodaran. Sh.Srinivasan claimed the ownership of Rs.11.48 Crores and in his statement recorded u/s 131 of IT Act stated that the cash was meant to influence voters in favour of DMK’s candidate. The fact that the claimant does not have any explained source of income and that the documents found with the cash pertain to an institution run by the family of the DMK candidate lays bare the nexus between the candidate and the sums so found. 
    The Special Expenditure Observer, Ms. Madhu Mahajan, filed a report on 8.4.2019 stating that the searches had unearthed a systematic design to influence voters through inducements and that such activities come under the ambit of  “corrupt practices” as per Section 123 of the RP Act, 1951.The Special Expenditure Observer was of the opinion that the situation is not conducive for the conduct of free and fair elections.
    The CEO Tamil Nadu filed his report on the 12.4.2019, wherein he has stated that the cash seizure of Rs. 11.48 Cr. along with evidence in the form of computer printouts detailing proposed assembly segment, ward and booth wise money distribution suggests a clear-cut pattern and design to induce the electors at a large scale across the Vellore Parliamentary Constituency. This organised way of inducement of voters had vitiated the electoral environment which was now not conducive for conducting inducement free, ethical election in Vellore Parliamentary Constituency at this juncture. 
    After taking into account all relevant facts and circumstances of the present case, the Commission was fully satisfied that the current electoral process in the said 8-Vellore Parliamentary Constituency in Tamil Nadu has been seriously vitiated on account of the above-mentioned unlawful activities on behalf of the candidate, Sh. Kathir Anand, and some members/ workers of the political party in question. In the Commission’s considered opinion, allowing the current electoral process to proceed and conducting the poll in the constituency on 18thApril, 2019, as scheduled, in such a vitiated atmosphere would have severely jeopardised the conduct of free and fair election in the said 8-Vellore Parliamentary Constituency. 
    The Hon’ble President, accepting the recommendation of the Election Commission of India, made in this regard, is pleased to partially rescind Notification No.1389(E) dt.19th March 2019 in so far as it relates to calling upon the said 8-Vellore Parliamentary Constituency in Tamil Nadu to elect a member to the Lok Sabha. 

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  22. Schedule for bye-elections to fill casual vacancy from 42 – Chincholi (SC) Assembly Constituency in the State Legislative Assembly of Karnataka – Regarding.

    Schedule for bye-elections to fill casual vacancy from 42 – Chincholi (SC) Assembly Constituency in the State Legislative Assembly of Karnataka – Regarding.

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  23. Commission Reviews Poll Arrangements with Central Observers in Tripura and West Bengal through Video Conferencing for next Phases of Polling

    ECI/PN/47/2019                                                           Dated: 15th April, 2019
    Press Note
    Commission Reviews Poll Arrangements with Central Observers in Tripura and West Bengal through Video Conferencing for next Phases of Polling
    Chief Election Commissioner Sh Sunil Arora and Election Commissioners Sh Ashok Lavasa and Sh Sushil Chandra today reviewed poll arrangements in specific constituencies of West Bengal and Tripura going to polls in Phase 2 & 3 of ongoing General Elections to Lok Sabha 2019. The review through  video conferencing was held with General Observers, Police Observers and Expenditure Observers deployed in Phase 2 and Phase 3 Parliamentary Constituencies in West Bengal namely the 3-Jalpaiguri, 4-Darjeeling, 5- Raiganj, 6- Balurghat, 7-Maldaha Uttar, 8-Maldaha Dakshin, 9-Jangipur and 11- Murshidabad in West Bengal and  Phase 2(final phase) of Tripura ie 2-Tripura East Parliamentary Constituency.
    The General Observers briefed the Commission on the preparedness in terms of Assured Minimum Facilities (AMF) at the Polling Stations; mapping of PWDs and the arrangements made for their facilitation at the Polling Stations; Awareness amongst the voters that Photo Voter Slips (PVSs) will no longer be treated as the Identification document but that the Voter has to necessarily bring  one of the 12 specified Identification Documents to be shown at the Polling Station on the poll day. Commission also reviewed the complaints, if any, from Political Parties, etc as received by Observers and their status. The preventive actions taken against the identified trouble makers and potential intimidators were also reviewed.
    Commission reviewed at length the Central Armed Police Forces deployment status in each of the Parliamentary Constituencies. The Police Observers briefed about Preparation of District Security/Force Deployment plan;  Use of Central Paramilitary Forces for area domination and confidence building measures and the Law and Order situation. The Special Central Police Observer for West Bengal and Jharkhand Sh Vivek Dube and Sh M K Das, the Special Central Police Observer for Tripura and Mizoram were also present in the meeting.
    The Expenditure Observers informed the Commission about Deployment of Flying Squads (FS), Static Surveillance Teams (SST) & Video Surveillance Teams;  Complaint Monitoring Cell;  Seizures made by FS, SST & Police and  Inspection of Candidates Accounts. 
    Commission impressed upon all the Observers to remain on constant vigil and ensure that the polls are conducted in absolutely free, fair and credible manner

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  24. Schedule for bye-election to fill casual vacancy in the State Legislative Assemblies of Tamil Nadu, Goa and Karnataka– Regarding.

    No. ECI/PN/46/2019                                                            Dated: 09th April, 2019
    Press Note
    Schedule for bye-election to fill casual vacancy in the State Legislative Assemblies of Tamil Nadu, Goa and Karnataka– Regarding.

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  25. General Election to the Lok Sabha and Legislative Assemblies of Andhra Pradesh, Arunachal Pradesh, Odisha & Sikkim 2019 and bye elections to 37 Assembly Constituencies of 12 States to be held simultaneously – Ban on Exit Poll.

    No. ECI/PN/45/2019                                                            Dated: 08th April, 2019
    Press Note
    General Election to the Lok Sabha and Legislative Assemblies of Andhra Pradesh, Arunachal Pradesh, Odisha & Sikkim 2019 and bye elections to 37 Assembly Constituencies of 12 States to be held simultaneously – Ban on Exit Poll.
    Election Commission of India, in exercise of the powers under sub-section(1) of Section 126A of the Representation of the People Act, 1951 has notified the period between 7.00 A.M. on 11.04.2019 (Thursday) and 6.30 P.M. on 19.05.2019 (Sunday) as the period during which conducting any exit poll and publishing or publicizing  the result of exit poll by means of the print or electronic media or in any other manner shall be prohibited during the ongoing General election to the  Lok Sabha and Legislative Assemblies of Andhra Pradesh, Arunachal Pradesh, Odisha & Sikkim 2019 and bye elections from assembly constituencies.
    Further, under Section 126(1) (b) of the Representation of the People Act, 1951, displaying any election matter including results of any opinion poll or any other poll survey, in any electronic media, would be prohibited during the period of 48 hours ending with the hour fixed for conclusion of poll in each of the phases in the respective polling area during the aforesaid elections.
    Notification dated 7th April, 2019 issued in this regard is enclosed herewith for the information of all concerned.

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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