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Important Instructions

  

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  1. लोक सभा/विधान सभा के साधारण/उप निर्वाचन – वीवीपीएटी पर्चियों की मतगणना का छद्म ड्रिल – तत्संबंधी।

    सं. 51/8/7/2019-ईएमएलएस 
    दिनांकः 1 जनवरी, 2020
     
    सेवा में
          मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
          सभी राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र
    विषयः लोक सभा/विधान सभा के साधारण/उप निर्वाचन – वीवीपीएटी पर्चियों की मतगणना  का छद्म ड्रिल  – तत्संबंधी।
    महोदय
          मुझे आयोग के दिनांक 15 अप्रैल, 2019 के पत्र सं. 51/8/वीवीपीएटी/अनु/2019-ईएमपीएस के तहत जारी अनुदेशों का संदर्भ देने का निदेश हुआ है, जिसमें आयोग ने लोक सभा और विधान-सभाओं के सभी निर्वाचनों में प्रति विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र/संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र के प्रत्येक विधान सभा सेग्मेंट से यादृच्छिक रूप से चयनित 05 मतदान केंद्रों की वीवीपीएटी पर्चियों का अनिवार्य सत्यापन करने का निदेश दिया था।
          आयोग ने यह निदेश दिया है कि सीईओ/डीईओ मतगणना कर्मचारियों के प्रशिक्षण के दौरान और सामान्यतः मतगणना दिवस से पूर्ववर्ती दिवस को संचालित मतों की गणना की छद्म ड्रिल के समय वीवीपीएटी पर्चियों की मतगणना के संबंध में व्यावहारिक प्रशिक्षण सुनिश्चित करेंगे। इस प्रयोजन के लिए, निम्नलिखित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाना चाहिएः
    i.                    केवल प्रशिक्षण और जागरूकता से संबंधित ईवीएम एवं वीवीपीएटी का प्रयोग किया जाएगा। किसी भी स्थिति में, आरक्षित ईवीएम एवं वीवीपीएटी का प्रयोग प्रशिक्षण और छद्म ड्रिल के लिए नहीं किया जाएगा।
    ii.                   केवल आयोग के दिनांक 18 मई, 2017 के पत्र सं. 51/8/अनु/2017-ईएमएस (प्रति संलग्न) के तहत निर्धारित डमी प्रतीकों का उपयोग किया जाएगा।
    iii.                 वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की छद्म ड्रिल के लिए, एक डमी वीवीपीएटी गणना बूथ (वीसीबी) बनाया जाएगा।
    iv.                 छद्म ड्रिल के लिए कम से कम 500 वीवीपीएटी पर्चियों को जेनरेट किया जाएगा।
    v.                   वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की छद्म ड्रिल, वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की उचित प्रक्रिया के बाद वीसीबी में आयोजित की जाएगी।
    vi.                 वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की छद्म ड्रिल आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक की उपस्थिति में की जाएगी।
    आयोग के उपर्युक्त अनुदेशों को सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जाए।
     
    भवदीय
    ह/-
    (मधुसूदन गुप्ता)
    सचिव

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  2. लोक सभा/विधान सभा के साधारण निर्वाचन/उप-निर्वाचन – ईवीएम और वीवीपैट का भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था - तत्संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करना।

    सं. 51/8/7/2019-ईएमएलएस                        दिनांकः 1 जनवरी, 2020
     
    सेवा में
          सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के
          मुख्य निर्वाचन अधिकारी
     
    विषयः लोक सभा/विधान सभा के साधारण निर्वाचन/उप-निर्वाचन – ईवीएम और
          वीवीपैट का भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था - तत्संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
     
    महोदय,
          आयोग के दिनांक 24 अप्रैल 2014 के पत्र सं. 51/8/7/2014-ईएमएस के अधिक्रमण में, मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग ने यह निदेश दिया है कि सामान्य प्रेक्षक और पुलिस प्रेक्षक उन्हें आवंटित निर्वाचन-क्षेत्रों में पहुंचने के तीन दिन के भीतर मतयुक्त ईवीएमों और वीवीपैटों के भंडारण हेतु नियत किए गए स्ट्रांग रूम (रूमों) का संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगें। वे उसी दिन संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी को प्रपत्र (अनुलग्नक-I) में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगें।
    2.    आयोग ने यह निदेश भी दिया है कि सामान्य प्रेक्षक मतगणना से दो दिन पहले मतगणना केंद्र का निरीक्षण करेंगे और उसी दिन आयोग को प्रपत्र (अनुलग्नक-II) में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
    आयोग के उपर्युक्त अनुदेश सभी संबंधितों के ध्यान में लाए जाएंगे।
     
    भवदीय,
     
     
    (मधुसूदन गुप्ता)
    सचिव
     
    भारत निर्वाचन आयोग के सभी वरिष्ठ प्रधान सचिवों/प्रधान सचिवों/सचिवों/अवर सचिवों और ज़ोनल अनुभागों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रति अग्रेषित।
     
     
     
     
    अनुलग्नक-I
    स्ट्रांग रूम में व्यवस्था संबंधी रिपोर्ट
     
    राज्य का नाम :
    जिले का नाम :
    निर्वाचन क्षेत्र की संख्या और नाम :
    निरीक्षण किए गए स्ट्रांग रूम का पता :
     
       हमने----------- (दिनांक) को उपर्युक्त उल्लिखित स्ट्रांग रूम का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया है।--------- के मौजूदा साधारण/उप-निर्वाचन से संबंधित मतयुक्त ईवीएम और वीवीपैट के भण्डारण हेतु स्ट्रांग रूम में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं हैं। यह भी प्रस्तुत किया जाता है कि ईवीएमों और वीवीपैटों के भण्डारण के संबंध में आयोग के अनुदेशों का पालन किया गया है। यह भी प्रमाणित किया जाता है किः-
    क्र.सं.
    विवरण
    स्थिति
    यदि नहीं, तो तत्संबंधी टिप्पणी
    1.
    क्या सभी मतयुक्त ईवीएमों/वीवीपैटों को रखने के लिए स्ट्रांग रूम में पर्याप्त स्थान है?
    हां/नहीं
     
    2.
    क्या स्ट्रांग रूम में एक ही प्रवेश द्वार है और कोई सीलरहित खिड़की/रोशनदान नहीं है?
    हां/नहीं
     
    3.
    क्या इलेक्ट्रॉनिक शार्ट सर्किट से बचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कनेक्शन का मैन स्विच स्ट्रांग रूम के बाहर लगाया गया है?
    हां/नहीं
     
    4.
    क्या स्ट्रांग रूम में डबल लॉक सिस्टम है?
    हां/नहीं
     
    5.
    क्या स्ट्रांग रूम वाले स्थानों में बाधारहित विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था है?
    हां/नहीं
     
    6.
    क्या स्ट्रांग रूम के ताले की चाबियां भारत निर्वाचन आयोग के दिनांक 13 नवंबर, 2018 के अनुदेश सं. 51/8/7/2018-ईएमपीएस के अनुसार रखी गईं हैं?
    हां/नहीं
     
    7.
    क्या स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था की गई है?
    हां/नहीं
     
    8.
    क्या आयोग के दिनांक 29 अगस्त, 2018 के पत्र सं. 51/8/7/2018-ईएमपीएस के तहत विहित मानदण्डों के अनुसार स्ट्रांग रूम पर चौबीसों घंटे पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है?
    हां/नहीं
     
    9.
    क्या अग्निशामक के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है?
    हां/नहीं
     
    10.
    क्या स्ट्रांग रूम में रोशनी हेतु वैकल्पिक व्यवस्था की गई है?
    हां/नहीं
     
    11.
    क्या मतयुक्त ईवीएम और वीवीपैटों वाले स्ट्रांग रूम पर चौबीसों घंटे द्विस्तरीय सुरक्षा व्यवस्थाओं की योजना तैयार की गई है?
    हां/नहीं
     
    12.
    क्या आगंतुकों का विवरण रखने के लिए सीपीएफ को लॉग बुक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है?
    हां/नहीं
     
    13.
    क्या किसी भी अधिकृत पदाधिकारी की विजिट को रिकार्ड करने के लिए सीपीएफ को विडियो कैमरा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है?
    हां/नहीं
     
    14.
    क्या अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के लिए आंतरिक परिधि से बाहर किसी ऐसे स्थान पर ठहरने का कोई प्रावधान किया गया है जहां से उन्हें स्ट्रांग रूम का प्रवेश बिन्दु दिखाई देता रहे?
    हां/नहीं
     
    15.
    यदि मुख्य द्वार सामने से स्पष्ट दिखाई न दे सके, तो क्या सीसीटीवी लगाने की योजना तैयार की गई है जिससे अभ्यर्थी स्ट्रांग रूम का मुख्य द्वार देख सकें?
    हां/नहीं
     
    16.
    क्या भंडारण केंद्रों में 24/7 नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की योजना बनाई गई है?
    हां/नहीं
     
    17.
    क्या अभ्यर्थियों को लिखित में सूचित किया गया है कि वे मतदान के बाद स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था पर नज़र रखने के लिए अपने प्रतिनिधियों को नियुक्त करें?
    हां/नहीं
     
    18.
    क्या आप स्ट्रांग रूम की व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं?
    हां/नहीं
     
     
    अन्य टिप्पणी, यदि कोई हो :
     
     
    (पुलिस प्रेक्षक के हस्ताक्षर) :
            (सामान्य प्रेक्षक के हस्ताक्षर)
    पुलिस प्रेक्षक का नाम : 
             सामान्य प्रेक्षक का नाम :
    पुलिस प्रेक्षक का कोड :  
             सामान्य प्रेक्षक का कोड :
    आबंटित विधान सभा/निर्वाचन क्षेत्र/जिले की संख्या और नाम :
             आबंटित विधान सभा
             निर्वाचन क्षेत्र की संख्या
             और नाम :
     
     
     
    अनुलग्‍नक – II
     
    मतगणना केंद्र पर व्‍यवस्‍था संबंधी रिपोर्ट
    राज्‍य का नाम:
    जिले का नाम:
    विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र
    की संख्‍या और नाम :
    निरीक्षण किए गए मतगणना केंद्र का पता:
     
    मैंने.....................................(दिनांक) को उपर्युक्‍त उल्लिखित मतगणना केंद्र का निरीक्षण कर लिया है।................................................................................के मौजूदा साधारण/उप-निर्वाचन की मतगणना करने के लिए मतगणना केंद्र पर सभी आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं की गईं हैं। यह भी प्रस्तुत किया जाता है कि मतगणना केंद्र पर व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में आयोग के अनुदेशों का पालन किया गया है। यह भी प्रमाणित किया जाता है कि:
     
    क्र.सं.
    विवरण
    स्थिति
    यदि नहीं है, तो तत्संबंधी टिप्‍पणी
    1.
    क्‍या मतगणना हाल में आधारभूत संरचना, अधिकारियों और मतगणना एजेंटों को समायोजित करने के लिए पर्याप्‍त स्‍थान उपलब्‍ध है ?
    हाँ/नहीं
     
    2.
    क्‍या स्‍ट्रांग रूम से गणना हॉल तक ईवीएम/वीवीपैटों को लाने और वापिस ले जाने के लिए निर्बाध रास्‍ता तैयार किया गया है ?
    हाँ/नहीं
     
    3.
    क्‍या उचित वैकल्पिक (स्‍टैंडबाई) व्‍यवस्‍थाओं (जेनेरेटर इत्यादि) सहित  रोशनी की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था की गई है ?
    हाँ/नहीं
     
    4.
    क्‍या मतगणना केंद्र के आस-पास की 100 मीटर की परिधि को ‘पैदल यात्री क्षेत्र’ के रूप में चिह्नित किया गया है और वहां बैरिकेड लगाएं गए हैं ?
    हाँ/नहीं
     
    5.
    क्‍या (03) त्रिस्‍तरीय सुरक्षा प्रक्रिया स्थापित की गई है?[प्रथम (बाह्य) स्‍तर पैदल यात्री क्षेत्र से प्रारंभ, जहां पर  स्‍थानीय पुलिस की पर्याप्‍त तैनाती होगी, मतगणना परिसर/कैम्‍पस के द्वार पर द्वितीय (मध्‍य) स्‍तर, जहां पर एसएपी तैनात होगी और मतगणना हाल के द्वार पर तृतीय (आंतरिक) स्तर, जहां पर सीपीएफ तैनात होगी]
    हाँ/नहीं
     
    6.
    क्‍या मतगणना की प्रत्‍येक मेज के लिए पारदर्शी सामग्री/वायर मेश का प्रयोग करते हुए समुचित बैरिकैडिंग कर ली गई है जिससे एजेंट/अभ्‍यर्थी/गणना एजेंट आदि मतयुक्‍त ईवीएम तक न पहुंच पाएं ?
    हाँ/नहीं
     
    7.
    क्‍या मतगणना हॉल के भीतर मतगणना मेंजों में से एक मेज़ को वीवीपैट गणना बूथ के रूप में वीवीपैट पेपर स्लिपों की गणना करने के लिए नियत किया गया है?
    हाँ/नहीं
     
    8.
    क्‍या वीसीबी को बैंक में कैशियर के कैबिन की तरह चारों ओर से लोहे की जाली लगाकर सुरक्षित बनाया गया है जिससे कि वीवीपैट की पर्चियों तक कोई भी अनधिकृत व्‍यक्ति न पहुंच पाए?
    हाँ/नहीं
     
    9.
    क्‍या आपने कम से कम 500 वीवीपैट पर्चियों के साथ वीवीपैट पर्चियों की गणना करने के पूरे छद्म अभ्‍यास को देख लिया है ?
    हाँ/नहीं
     
    10.
    क्‍या आप मतगणना केंद्र पर की गई व्‍यवस्‍थाओं से संतुष्‍ट हैं?
    हाँ/नहीं
     
     
     
     
    अन्‍य टिप्‍पणी, यदि कोई हो:
       (सामान्‍य प्रेक्षक के हस्‍ताक्षर)
     सामान्‍य प्रेक्षक का नाम:
                    सामान्‍य प्रेक्षक का कोड:
    आबंटित विधान सभा निर्वाचन:
              क्षेत्र की संख्‍या और नाम
     

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  3. मतदान केंद्रों पर बीयू एवं वीवीपीएटी की कनेक्टिंग केबल की सुरक्षा के संबंध में अनुदेश – तत्‍संबंधी।

    सं.51/8/7/2019-ईएमएस 
    दिनांक: 30 दिसम्‍बर, 2019
     
    सेवा में,
          सभी राज्‍यों और संघ राज्‍य क्षेत्रों के 
          मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी।
     
    विषय: मतदान केंद्रों पर बीयू एवं वीवीपीएटी की कनेक्टिंग केबल की सुरक्षा के संबंध में अनुदेश – तत्‍संबंधी।
     महोदय/महोदया,
          मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि दिनांक 04.12.2019 को टीईसी और विनिर्माताओं के साथ हुई बैठक में यह इंगित किया गया था कि मतदान केंद्र पर, बीयू और वीवीपीएटी के कनेक्टिंग तार की सुरक्षा अति आवश्‍यक है, क्‍योंकि वीवीपीएटी और बैलेट यूनिट से जुड़े हुए लटकते तार के भार की वजह से बीयू/वीवीपीएटी के कनेक्टिंग सॉकेट को क्षति पहुंच सकती है, जिससे कनेक्‍शन बाधित हो सकता है और यूनिट खराब हो सकती है।
           इस प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए, यह सुझाव दिया गया था कि बीयू, सीयू और वीवीपीएटी का उचित प्रकार से कनेक्‍शन करने के बाद, कनेक्टिंग तारों को मेज के पाए से सटाकर इस प्रकार टेप लगा दी जाए, ताकि तार हवा में नहीं लटके जिससे कि बीयू एवं वीवीपीएटी के कनेक्टिंग स्विच पर लटकते हुए तार के भार का प्रभाव नहीं पड़े और आवश्‍यकता पड़ने पर यूनिटों (बीयू/सीयू/वीवीपीएटी) के प्रतिस्‍थापन के दौरान टेप को सरलतापूर्वक हटाया जा सके।
           तदनुसार, आपसे निवेदन है कि उपर्युक्‍त प्रयोजनार्थ पीठासीन अधिकारियों को एक आधा इंच चौड़ी पारदर्शी टेप प्रदान करें और पीठासीन अधिकारियों के प्रशिक्षण में इस गतिविधि को शामिल करें। यह भी ध्‍यान दिया जाना चाहिए कि टेपिंग केवल ‘‘पारदर्शी चिपकने वाली टेप’’ से इस प्रकार की जानी चाहिए जिससे कि कनेक्टिंग तारों की दृश्‍यता प्रभावित नहीं हो और आवश्‍यकतानुसार यूनिटों (बीयू/सीयू/वीवीपीएटी) के प्रतिस्‍थापन के समय इसे आसानी से हटाया जा सके।
           उपर्युक्‍त अनुदेशों का सख्‍ती से अनुपालन हेतु सभी संबंधितों के ध्‍यान में लाया जाए।
     
    भवदीय
    ह./-
    (लता त्रिपाठी)
    अवर सचिव

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  4. Instructions on storage of EVMs & VVPATs- clarification for using Wooden racks.

    Instructions on storage of EVMs & VVPATs- clarification for using Wooden racks.
     

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  5. EVM Brochure for Electors.

    EVM Brochure for Electors.
     

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  6. Brochure for Presiding Officer on use of EVM and VVPAT.

    Brochure for Presiding Officer on use of EVM and VVPAT.
     

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  7. Instruction on use of EVMs with VVPATs system- Signature of the polling agents on the address tag used for sealing drop box of VVPAT.

    Instruction on use of EVMs with VVPATs system- Signature of the polling agents on the address tag used for sealing drop box of VVPAT.
     

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  8. General/bye election to the Lok Sabha/Legislative Assembly- Instruction on Counting of votes-reg.

    General/bye election to the Lok Sabha/Legislative Assembly- Instruction on Counting of votes-reg.
     

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  9. Poll Day Report from Presiding Officers.

    Poll Day Report from Presiding Officers.
     

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  10. Instruction on Mock Poll before starting the actual poll.

    Instruction on Mock Poll before starting the actual poll- leaflet on conduct of Mock Poll before starting the actual poll at polling stations.

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  11. Disposal of VVPAT printed paper slips.

    Disposal of VVPAT printed paper slips.
     

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  12. SoP on use of EVMs and VVPATs for bye-election to the Assembly Constituency.

    SoP on use of EVMs and VVPATs for bye-election to the Assembly Constituency.
     

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  13. Storage & Safety arrangements of EVMs and VVPATs- Not to keep any material in EVM/VVPAT warehouse/Strong Room.

    Storage & Safety arrangements of EVMs and VVPATs- Not to keep any material in EVM/VVPAT warehouse/Strong Room.

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  14. Storage of EVMs & VVPATs in Educational Institutions.

    Storage of EVMs & VVPATs in Educational Institutions.
     

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  15. Movement of EVMs & VVPATs.

    Movement  of defective EVMs & VVPATs and reserved EVMs & VVPATs. 

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  16. Clarification on non deletion of mock poll data from CU or non removal of mock poll slips from VVPAT.

    Clarification on non deletion of mock poll data from CU or non removal of mock poll slips from VVPAT.

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  17. Counting of VVPAT Paper Slips

    Counting of VVPAT Paper Slips
     

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  18. लोक सभा का साधारण निर्वाचन, 2019- मतदान के पश्चात वोटिंग मशीनों एवं अन्य दस्तावेजों की सुरक्षित अभिरक्षा-तत्संबंधी।

    464/एल एण्ड ओ/2019/ईपीएस                              दिनांकः 04 मई, 2019
     
    सेवा में
          सभी राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी 
    विषयः लोक सभा का साधारण निर्वाचन, 2019- मतदान के पश्चात वोटिंग मशीनों एवं अन्य दस्तावेजों की सुरक्षित अभिरक्षा-तत्संबंधी।
     महोदया/महोदय,
                 भारत निर्वाचन आयोग ने लोक सभा एवं आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, उड़ीसा तथा सिक्किम की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2019 की घोषणा कर दी है। मुझे उद्धृत विषय पर रिटर्निंग ऑफिसर हैंडबुक-2019 के पैरा 13.55.3 को संदर्भित करने का निदेश हुआ है। इस संबंध में, आयोग ने निम्नलिखित अनुदेशों को, इनके कड़ाई से अनुपालन के लिए, पुनः दोहराने का निदेश दिया हैः-
    प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए चौकोर/आयताकार बक्से के रूप में अलग स्थान चिह्नित किया जाना चाहिए। एक मतदान केंद्र से मतदान में प्रयुक्त बैलेट यूनिट, केंट्रोल यूनिट एवं वीवीपीएटी को उस मतदान केंद्र के लिए निर्धारित बक्से में एक ही स्थान पर एक साथ रखा जाना चाहिए। मतदान केंद्र के लिए प्ररूप-17 ग की एक प्रति, जो प्रत्येक मतदान केंद्र के संबंधित पीठासीन अधिकारी द्वारा भरी गई हो, पर टेप लगाई जानी चाहिए और मतदान केंद्र से संबंधित मॉक पोल से संबंधित वीवीपीएटी स्लिप वाले प्लास्टिक बक्से के साथ कंट्रोल यूनिट से जुड़ी हुई होनी चाहिए। मतदान शुरू होने और मतदान समाप्त होने से पहले पीठासीन अधिकारियों द्वारा की गई घोषणाओं वाले सीलबंद लिफाफे को भी मतदान में प्रयुक्त ईवीएम के साथ स्ट्रांग रूप में रखा जाना चाहिए। यदि मतदान में प्रयुक्त ईवीएम और वीवीपीएटी (दोषपूर्ण मतदान में प्रयुक्त सहित) को एक एकल स्ट्रांग रूम (विधान सभा/वि.स. खंडवार) में संग्रहीत करना संभव नहीं हो, तो वे आयोग के अनुदेश सं. 51/8/6/2019-ईएमपीएस, दिनांक 12.03.2019 (प्रतिलिपि संलग्न) में निर्दिष्ट प्रोटोकॉल का पालन कर सकते हैं। अभिलिखित मतों के लेखे की डुप्लीकेट प्रति (प्ररूप ग) पीठासीन अधिकारी की डायरी तथा अन्य अभिलेख जैसे मतदाता रजिस्टर (17क), सेक्टर/जोनल मजिस्ट्रेटों की रिपोर्ट, पीठासीन अधिकारी द्वारा ईसीआई के अनुदेशों के अनुसार विभिन्न बिन्दुओं पर दिए गए अतिरिक्त इनपुट आदि रिटर्निंग अधिकारी की अभिरक्षा में रखी जानी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में ये कागजात/अभिलेख उस स्ट्रांग रूम में नहीं रखे जाने चाहिए जहां मतदान में प्रयुक्त ईवीएम रखी जाती हैं। यह भी निदेश दिया जाता है कि पैरा 2 में उल्लिखित पूर्वोक्त कागजात उसी परिसर में पृथक स्ट्रांग रूम में रखे जाने चाहिए जिसमें दो ताले लगे हों, जिसकी एक चाबी स्ट्रांग रूम के प्रभारी के पास रखी जाए तथा दूसरी चाबी कम से कम एडीएम रैंक के अधिकारी के पास रखी जाए। एक अलग लॉग बुक भी बनाई रखी जाएगी और स्ट्रांग रूम खोले जाने की स्थिति में, तारीख, समयावधि और व्यक्ति(यों) के नाम एवं स्ट्रांग रूम को खोले जाने के उद्देश्य के बारे में प्रविष्टि की जानी चाहिए। स्ट्रांग रूम खोलने के लिए अन्य प्रोटोकॉल जैसे कि निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को पूर्व सूचना देना, स्ट्रांग रूम में कार्यकलापों, जिनमें इसे खोलना और पुनः सीलबंद करना शामिल है, की वीडियोग्राफी, आदि का निष्ठापूर्वक पालन किया जाना चाहिए।

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  19. Pre-certification of Political Advertisements in Print Media on the day of poll & one day prior to poll

    Pre-certification of Political Advertisements in Print Media on the day of poll & one day prior to poll
     

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  20. Bye elections to 01-Manjeshwar, 82-Ernakulam, 102-Aroor, 114-Konni, & 133- Vattiyoorkavu ACs in the State of Kerala- Commission's order regarding identification of electors-reg.

    Bye elections to 01-Manjeshwar, 82-Ernakulam, 102-Aroor, 114-Konni, & 133- Vattiyoorkavu ACs in the State of Kerala- Commission's order regarding identification of electors-reg.
     
     

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  21. हरियाणा और महाराष्‍ट्र के लिए साधारण निर्वाचन एवं 18 राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार के 23-समस्‍तीपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के उप-निर्वाचन – सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्‍ट्रॉनिक रूप..

    हरियाणा और महाराष्‍ट्र विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन एवं 18 राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार के 23-समस्‍तीपुर (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में साथ-साथ आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करने से संबंधित निदेश
     
     

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  22. हरियाणा और महाराष्‍ट्र के साधारण निर्वाचन एवं 17 राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार के 23-समस्‍तीपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – ईवीएम और वीवीपीएटी का उपयोग किया जाना 

    हरियाणा और महाराष्‍ट्र विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन एवं 17   राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार राज्‍य के 23-समस्‍तीपुर (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र राज्‍य के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में साथ-साथ आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – ईवीएम और वीवीपीएटी का उपयोग किया जाना 
     

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  23. हरियाणा और महाराष्‍ट्र के लिए साधारण निर्वाचन एवं 17 राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार के 23-समस्‍तीपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – एग्‍जिट पोल पर प्रतिबंध

    हरियाणा और महाराष्‍ट्र विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन एवं 17 राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार राज्‍य के 23-समस्‍तीपुर (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र राज्‍य के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में साथ-साथ आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – एग्‍जिट पोल पर प्रतिबंध

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  24. 16 राज्‍यों की 46 विधान सभाओं और बिहार राज्‍य के 23-समस्‍तीपुर (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र राज्‍य के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में साथ-साथ आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – निर्वाचकों की पहचान के संबंध में आयोग का आदेश

    16 राज्‍यों की 46 विधान सभाओं और बिहार राज्‍य के 23-समस्‍तीपुर (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र राज्‍य के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में साथ-साथ आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – निर्वाचकों की पहचान के संबंध में आयोग का आदेश

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  25. निर्वाचक सत्‍यापन कार्यक्रम (ईवीपी), पूर्व-पुनरीक्षण कार्यकलाप और एसएसआर 2020 के संबंध में नोट

    निर्वाचक सत्‍यापन कार्यक्रम (ईवीपी) पूर्व-पुनरीक्षण कार्यकलापों और एसएसआर 2020 के संबंध में नोट
    1.     दिनांक 25 जुलाई, 2019 को ईवीपी और एसएसआर 2020 के संबंध में अनुदेश जारी किए गए।
    2.     ईवीपी की प्रचालनात्‍मकता के संबंध में विवरण देते हुए अनुपूरक पत्र 25 जुलाई, 2019 को जारी किया गया था।  
    3.     मध्‍य प्रदेश के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी और भोपाल और इंदौर के जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ चर्चा की गई और वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त संदीप सक्‍सेना द्वारा 26 और 27 जुलाई, 2019 को फीडबैक लिया गया।
    4.     वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त, संदीप सक्‍सेना, प्रधान सचिव एन.एन.बुटोलिया और निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) द्वारा 30 जुलाई, 2019  को ईवीपी, पूर्व-पुनरीक्षण कार्यकलाप और एसएसआर 2020 के संबंध में मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेस संचालित की गई (कार्यवृत्‍त संलग्‍न)।
    5.     वीडियो कांफ्रेंस के दौरान मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा यथाप्रस्‍तावित, दिनांक  संशोधित ईवीपी अनुसूची आदि संबंधी पत्र 31 जुलाई, 2019 को जारी किया गया था।
    6.     वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त संदीप सक्‍सेना और निदेशक आईटी द्वारा दिनांक 01 अगस्‍त, 2019 को राजस्‍थान के सीएससी और ई-मित्र के प्रतिनिधियों के साथ चर्चाएं की गईं।
    7.     आंकड़ों की साझेदारी/अनुमार्गण (रूटिंग) किए बिना राष्‍ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल/मतदाता हेल्‍पलाइन एप, जिसमें उमंग प्‍लेटफार्म शामिल है, हेतु गेटवे के प्रावधान के लिए निदेशक एनईजीडी के साथ वार्ता की गई।
    8.     प्रत्‍यक्ष अपलोडिंग से बचते हुए एकसमान स्रोत परिज्ञापक (यूआरआई) प्रणाली के माध्‍यम से डिजी लॉकर से सत्‍यापित दस्‍तावेज प्राप्‍त करने की संभावना।  
    तकनीकी कार्यविधियों को अंतिम रूप देने के पश्‍चात उपर्युक्‍त बिंदु 7 और 8 पर प्रथक प्रस्‍ताव आयोग के विचार एवं अनुमोदन के लिए प्रस्‍तुत किया जाएगा।
    क. ईवीपी और पुनरीक्षण पूर्व कार्यकलाप शुरू करने के लिए कार्य योजना
    1. शुरू करने से पहले भा.नि.आ. स्‍तर पर स्‍वीप क्रियाकलापों की सूची बनाई जाएगी (कार्रवाई - निर्वाचक नामावली एवं आईटी/आईसीटी प्रभाग के साथ स्‍वीप प्रभाग, प्रशिक्षण प्रभाग):  
    निर्वाचक नामावलियों (ईआर), एनईआरपी, एनईआरपीएपी, एसएसआर आदि के लिए उपलब्‍ध स्‍वीप सामग्री एकत्र करना। मौजूदा विज्ञापनों, बैनरों, जिंगलों आदि में परिवर्तन करके और नए बनाकर मानक विज्ञापन, बैनर, जिंगल तैयार करना। रेडियो जिंगल, सोशल मीडिया और यू-ट्यूब के लिए श्रव्‍य दृश्‍य या ऑडियो एवं पाठ सामग्री तैयार करना। 16.08.2019 को जारी करने और संशोधन के साथ 31 अगस्‍त एवं 15 सितंबर, 2019 को जारी किए जाने के लिए सामान्‍य विज्ञापन तैयार करना। आरडब्‍ल्‍यूए, कैंपस अंबेसेडर, निर्वाचक साक्षरता क्‍लब, बीएजी आदि के साथ संपर्क करने के लिए सामान्‍य रूप रेखा तैयार करना। उपर्युक्‍त सभी का अनुवीक्षण करने और उन्‍हें अंतिम रूप देने के लिए सीईओ के एक समूह को अभिज्ञात किया जा सकता है जिसमें दिल्‍ली, राजस्‍थान, पंजाब, हरियाणा, मध्‍य प्रदेश के समीपस्‍थ मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍तों को शामिल किया जाएगा। ईवीपी से जुड़े प्रत्‍येक अधिकारी के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सामग्री तैयार करना। ईआर एवं आईटी प्रभाग द्वारा 7 अगस्‍त, 2019 को एसएलएमटी का प्रशिक्षण संचालित करने के लिए व्‍यवस्‍था करना। 2. निर्वाचक नामावली प्रभाग के साथ आईटी/आईसीटी प्रभाग द्वारा पोर्टल्‍स और ऐप में परिवर्तन किया जाना।
    05 अगस्‍त, 2019 को या उससे पहले ईवीपी के लिए अपेक्षित सभी विशिष्‍टताओं और  सुविधाओं को एनवीएसपी में शामिल करना। 05 अगस्‍त, 2019 को या इससे पहले हाइब्रिड बीएलओ ऐप में सभी विशिष्‍टताओं को शामिल करना। ईवीपी को 12 अगस्‍त, 2019 से आरंभ करने के लिए ईआरओ नेट पर सभी आवश्‍यक प्रक्रियाएं और यूआई तैयार करना। (प्रशिक्षण उद्देश्‍यों के लिए 05 अगस्‍त तक डेवलपमेंट सर्वर स्‍थापित किया जाना)। 05 अगस्‍त, 2019 को या इससे पहले मतदाता हेल्‍पलाइन ऐप तैयार करना। एनजीएस के माध्‍यम से लॉगिन के लिए 1950 प्रोसेस प्रोटोकॉल और प्रोटोकॉल का डिजाइन तैयार करना। सीएससी/वीएफएस लॉगिन करने के लिए प्रोसेस प्रोटोकॉल और प्रोटोकॉल डिजाइन तैयार करना। क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण (अधिकारियों के विवरण अद्यतन किएं जाएं)। जीआईएस मॉड्यूल/प्रोटोकॉल तैयार करना-उन्‍नत मानचित्र, पता, अनुभाग और भाग मानकीकरण के लिए । निम्‍नलिखित के संबंध में अनुवीक्षण करने के लिए मानदंड   संग्रहण, सत्‍यापन और पता मानकीकरण इंगित करने वाला डेशबोर्ड एलर्ट जनरेट करने के लिए प्रणाली संग्रहण और सत्‍यापन के संबंध में बीएलओ निष्‍पादन ईआरओ नेट में जिला निर्वाचन अधिकारी के स्‍तर पर पंजीकृत मृत्‍यु संबंधी आंकड़ों को एकत्रित करने के लिए प्रावधान 3. 15 अगस्‍त, 2019 से पहले जिला मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी के स्‍तर पर किए जाने वाले क्रियाकलाप:-
    आरडब्‍ल्‍यूए, कैंपस अम्‍बेसेडर, ईएलसी, बीएजी आदि जैसे नागरिकों और हितधारकों तथा स्‍वयंसेवियों का संवेदीकरण, प्रेरण और मॉबिलाइजेशन। पारंपरिक और प्रिंट, इलेक्‍ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया, दोनों के माध्‍यम से एक प्रभावकारी स्‍वीप प्‍लान तैयार करना और शुरू करना, नागरिकों को एनवीएसपी का प्रयोग करने या सुविधा केंद्रों में जाने हेतु प्रेरित करना, ताकि मतदाताओं/निर्वाचकों/नागरिकों की सूचना संग्रहण को अधिकतम किया जा सके। ईवीपी कार्यक्रम चलाने के लिए पदाधिकारियों की पहचान करना।   ईवीपी में फ्रंट-ऐंड पर नागरिकों की सहज भागीदारी को सुकर बनाने के लिए सीएससी, अन्‍य मतदाता सुविधा केंद्रों और राज्‍य स्‍तरीय एजेंसियों की नियुक्ति की पहचान करना और उन्‍हें सक्रिय बनाना। एमओयू, एनडीए पर हस्‍ताक्षर करना और आंकड़ों की हिफाजत और सुरक्षा के लिए अन्‍य औपचरिकताओं को पूरा करना। भारत निर्वाचन आयोग के साथ एक संपर्क सूत्र के रूप में कार्य करने और अभिज्ञात  सीएससी/एजेंसियों द्वारा एनवीएसपी, ईआरओ नेट और ईवीपी पोर्टल के साथ तकनीकी संबंध स्‍थापित करने के लिए सीएससी से जुडे व्‍यक्तियों में से राज्‍य नोडल व्‍यक्ति का अभिनिर्धारण। तकनीकी प्रणालियों की कार्यप्रणाली का पूर्ण रूप से पूर्व-परीक्षण। प्रत्‍येक प्राधिकृत केंद्र में भा.नि.आ. सत्‍यापित मतदाता सुविधा केंद्र बैनर का प्रदर्शन।   ऐसे प्रत्‍येक व्‍यक्ति की जिम्‍मेदारियां निर्धारित करना, जो सूचना एकत्रीकरण और सत्‍यापन के लिए ईवीपी के संचालन हेतु पोर्टल का प्रयोग कर रहा है। सीएससी/वीएफसीएस में कार्यरत कार्मिकों का प्रशिक्षण। स्‍टेकहोल्‍डरों का क्षमता निर्माण/प्रशिक्षण। एसएलएमटी द्वारा डीएलएमटी और एसीएलएमटी का प्रशिक्षण और उसके पश्‍चात जिला स्‍तर से लेकर बीएलओ स्‍तर तक सोपानित प्रशिक्षण।   स्‍टेकहोल्‍डरों का बार-बार सुग्राहीकरण। 1950 मतदाता हेल्‍पलाइन केंद्रों का प्रशिक्षण। ईवीपी, एसएसआर 2020 के संबंध में राज्‍य के मुख्‍य सचिवों को जानकारी देना और उनसे पूर्ण समर्थन का अनुरोध करना। ईआरओ नेट में जिला निर्वाचन अधिकारी के स्‍तर पर पंजीकृत मृत्‍यु संबंधी आंकड़ों को एकत्रित करने की प्रणाली को सक्रिय बनाना। ईवीपी के प्रभावी कार्यान्‍वयन के लिए कार्य योजना तैयार करना, ताकि 30-09-2019 तक पूर्ण सत्‍यापन किया जा सके। 4. जोनल अनुभागों के साथ ईआर प्रभाग और आईटी प्रभाग द्वारा किए जाने वाली कार्यकलापों की सूची
    07 अगस्‍त, 2019 को दोपहर में चौथी मंजिल स्थित सम्‍मेलन कक्ष में प्रशिक्षण आयोजित करना, जिसमें सभी अवर सचिव/सचिव/निजी सचिव/वरिष्‍ठ निजी सचिव और वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त/उप निर्वाचन आयुक्‍त/ महानिदेशक को अनिवार्य रूप से भाग लेना चाहिए। प्रत्‍येक सप्‍ताह क्षेत्रीय प्रभागों और खराब प्रदर्शन करने वाले राज्‍यों को अपेक्षित अनुवर्ती कार्रवाई के लिए प्रगति रिपोर्ट जारी करना। ईवीपी की प्रगति के संबंध में वीसी द्वारा राज्‍यों की सावधिक समीक्षा। क्षेत्रीय सचिव/प्रधान सचिव/वरिष्‍ठ प्रधान सचिव की निरीक्षण अनुसूची तैयार करना (अगस्‍त/सितंबर में प्रत्‍येक महीने में एक निरीक्षण)।  आयोग की सूचनार्थ और विचारार्थ प्रस्‍तुत।     ************************
    राज्‍यों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों के साथ किए गए वीडियो कांफ्रेंस का कार्यवृत्‍त
    दिनांक: 30.07.2019
    स्‍थान: 601, निर्वाचन सदन, नई दिल्‍ली
    उपस्थिति:  
    श्री संदीप सक्‍सेना, वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त, भारत निर्वाचन आयोग श्री वी.एन. शुक्‍ला, निदेशक (सू.प्रौ.) भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्‍ली श्री एन.एन. बुटोलिया, प्रधान सचिव, भारत निर्वाचन आयोग श्री ए.के. वर्मा, अवर सचिव, भारत निर्वाचन आयोग श्रीमती वीना त्‍यागी, प्रोजेक्‍ट निदेशक, सी-डेक सी-डेक टीम जीआईएस टीम, सी-डेक पुणे  
    कार्यसूची:निर्वाचक सत्‍यापन कार्यक्रम (ईवीपी) का शुभारंभ और इसके कार्यान्‍वयन, पूर्व पुनरीक्षण
    कार्यकलाप, घर-घर जाकर 100% सत्‍यापन, साधारण सेवा केंद्रों की सहभागिता, मतदाता हेल्‍पलाइन 1950, हाईब्रिड बीएलओ मोबाइल एप और राष्‍ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (एनवीएसपी) के प्रयोग, ईवीपी के कार्यान्‍वयन के लिए स्‍टॉफ जुटाने और प्रशिक्षण के सबंध में विचार विमर्श
     वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त (एसएस), निदेशक (सू्.प्रौ) और प्रधान सचिव (एन.एन.बी.) ने उपर्युक्‍त विषय पर निम्‍नलिखित बिन्‍दुओं को शामिल करते हुए पीपीटी (दिन में पहले ही सीईओ को मेल भेज दिया गया था) की व्‍यापक प्रस्‍तुति दी:-
    1 से 31 अगस्‍त तक निर्वाचक सत्‍यापन कार्यक्रम के शुभारंभ सहित 1 अगस्‍त, 2019 से पूर्व पुनरीक्षण कार्यकलाप प्रारंभ करने का प्रस्‍ताव है जिसके अंतर्गत प्रत्‍येक मतदाता के विवरण को अभिप्रमाणित करने के लिए साधारण सेवा केंद्र सहित एनवीएसपी, मतदाता हेल्पलाइन एप, बीएलओ एप, 1950 इत्‍यादि कई स्रोतों के माध्‍यम से मतदाताओं से सूचना प्राप्‍त की जाएगी। मतदाताओं से सूचना प्राप्‍त करने के बाद, सितंबर माह के दौरान बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सत्‍यापन किया जाएगा। नागरिकों से उनके संपर्क विवरण, अपंजीकृत, मृत, स्‍थानांतरित सदस्‍यों सहित उनके परिवार के सदस्‍यों और वर्ष 2020 और 2021 के पुनरीक्षण के दौरान पात्र होने वाले सदस्‍यों  की सूचना एकत्रित की जाएगी।  सत्‍यापन कार्यक्रम में बहु प्रविष्टियां, तर्कसंगत त्रुटियां, डीएसई भी दूर की जाएंगी और दिव्‍यांगजनों को चिह्नित भी किया जाएगा।  इस कार्यक्रम के दौरान धुंधली फोटो को भी बदला जाएगा और विनिर्देशनों के अनुसार नई एपिक संख्‍या आबंटित की जाएगी। राज्‍यों को सभी कार्यकलापों के लिए समय-सीमा की सूचना भी दी गई। मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया कि वे नागरिकों को जागरूक और प्रेरित करें तथा स्‍टाफ और सूचना प्रौद्योगिकी संसाधनों को प्रशिक्षित एवं संघटित करें। वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त(एसएस) द्वारा उन बिन्‍दुओं पर सुझाव मांगें गए जिन्‍हें पीपीटी में लाल रंग से चिह्नित किया गया था। निदेशक (सू.प्रौ.) ने राज्‍यों द्वारा अपलोड किए जाने वाले 6 उन्‍नत नजरी नक्‍शा के चित्रों के बारे में स्‍पष्‍टीकरण दिया। मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित न्‍यूनतम सुविधाओं की फोटोग्राफी भी की जाएगी। पतों के मानकीकरण के लिए समस्‍त बिंदुओं की सूची सभी राज्‍यों को दिखाई गई। राज्‍यों को नया एपिक फोर्मेट दिखाया गया। निदेशक (सू.प्रौ.) ने कहा कि समेकित नामावली में विलोपन, आशोधन और परिवर्धन अनुपूरकों की सूची भी सम्मिलित होगी। वरिष्‍ठ उप-निर्वाचन आयुक्त (एसएस) ने यह भी स्‍पष्‍ट किया कि ईवीपी के लिए विकसित किए जा रहे मॉडयूल्‍स के लिए सभी आईटी एप्लिकेशनों पर एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन भी किया जाएगा। प्रस्‍तुतीकरण के पश्‍चात बैठक में चर्चा किए गए विभिन्‍न बिंदुओं पर मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों की टिप्‍पणियां, अभिमत और सुझाव आमंत्रित किए गए थे, जिनका राज्‍यवार विवरण नीचे दिया गया है:-
    पंजाब
    स्‍वीप कार्यकलापों के लिए 15 दिन का समय अपेक्षित है। ईवीपी द्वारा सूचना एकत्रित करने के लिए स्‍वयंसेवकों और गैर-सरकारी संस्‍थाओं को सम्मिलित किया जाए, जिनके लिए मानदेय का प्रस्‍ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। पुरानी श्रृंखला के एपिक (लगभग 33 लाख) एक बहुत बड़ा मुद्दा है, इन्‍हें इस वर्ष बदला जाएगा। आईएसई/पीएसई पोपुलेटिड होने चाहिए और तत्‍काल शुद्धियों हेतु डैशबोर्ड पर प्रदर्शित किए जाने चाहिए। जम्‍मू-कश्‍मीर
    प्रवासी निर्वाचकों के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान करने का अनुरोध किया गया। ईआरओ प्रवासी लॉग-इन सुविधा का अनुरोध किया गया। ब्‍लॉक लेवल अधिकारी के कार्यों के निर्धा‍रण (मूल्‍यांकन) हेतु बीएलओ निर्धारण मॉडयूल का अनुरोध किया गया।  दिल्‍ली
    ईवीपी के अंतर्गत सूचना प्राप्‍त करने के लिए बीएलओ एप में समुचित प्रबंध-व्‍यवस्‍था की जानी। ईवीपी के दौरान बीएलओ को दैनिक कार्यों से छूट देने का अनुरोध। निर्वाचन क्षेत्र के भाग का कोई भी निर्वाचक नए और अनुपस्थित/स्‍थानांतरित/मृत निर्वाचक के रूप में परिवर्धन/विलोपन/आशोधन कर सकता है। कृपया विलोपन संबंधी मामलों के लिए समाचार पत्र में विज्ञापन देने की प्रथा को वैकल्पिक बनाया जाए, क्‍योंकि यह अत्‍यधिक महंगी है। एसएसआर को केवाईसी जैसे सत्‍यापन तंत्र के साथ प्रतिस्‍थापित किया जा सकता है, जिसे प्रत्‍येक दूसरे वर्ष की समाप्ति पर कार्यान्वित किया जा सकेगा। भावी निर्वाचकों के लिए अर्हक ति‍थि को हटाया जा सकता है। पुनरावृत्ति (डुप्‍लीकेट) चित्र/फोटो हटाने के लिए एएसएपी में एक जैसी प्रविष्टियां की जानी चाहिए।  हिमाचल प्रदेश
    डीएसई/एलई गैर मानक फोटो को लगाया जाए और शीघ्र कार्रवाई के लिए डेशबोर्ड पर प्रदर्शित किया जाए।  उत्‍तराखंड
    आईएसई/पीएसई लगाया जाना चाहिए और डेशबोर्ड पर दिखाई देना चाहिए। उत्‍तराखंड में राजस्‍व विभाग की सहायता से जीआईएस टूल पहले से ही प्रयोग किया जा रहा है। तिमाही आधार पर निरंतर अद्यतन कार्यान्वित किया जाना चाहिए। राजस्‍थान
    प्रशिक्षण और स्‍वीप कार्यकलापों के लिए अपेक्षित समय। ईवीपी के लिए सीएससी के अतिरिक्‍त ई-मित्र के समावेशन का अनुरोध किया गया।   निदेशक (सू.प्रौ.) ने ई-मित्र के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया वे ई-मित्र कार्यान्‍वयन की कार्यविधियों के संबंध में आगे विस्‍तृत चर्चा करने के लिए वे भारत निर्वाचन आयोग का दौरा करें।
    गोवा
    गोवा में बीएलओ द्वारा पूर्व में प्रयुक्‍त बीएलओ एप में डाटा सिंचिंग संबंधी मुद्दे थे। गुजरात
    मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, गुजरात ने कहा कि उन व्‍यक्तियों के नामों को समाचार-पत्र में प्रकाशित करवाने में बहुत व्‍यय होगा, जिन्‍हें विलोपन नोटिस जारी किए गए हैं। ईवीपी के लिए दूरस्‍थ स्‍थानों पर प्रपत्रों में डाटा एकत्रण की ऑफ लाइन आवश्‍यकता भी  होगी। एसएसआर की संपूर्ण अवधि के लिए नामावली प्रेक्षकों को शामिल किया जाएगा।  मध्‍य प्रदेश
    ऑफ लाइन अथवा प्ररूप 8 के माध्‍यम से गैर-मानक एपिक शुद्धि तंत्र। ब्‍लैक एंड व्‍हाइट फोटो और डुप्लिकेट एपिक बदलने के लिए अभियान चलाना। ईआरओ नेट के माध्‍यम से मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी के वेब पोर्टल पर प्रदर्शित करने के लिए फार्मेट 9,10,11 डाटा उपलब्‍धता। पीएसआई मॉडयूल लाइव बनाया जाना चाहिए। उत्‍तर प्रदेश
    ऑनलाइन एप सहित ईवीपी प्रोग्राम के लिए ऑफलाइन मॉडयूल की भी आवश्‍यकता है। संपूर्ण एसएसआर के लिए बीएलओ को शामिल करना अत्‍यंत कठिन होगा। सभी सीएससी को एपिक प्रिंट करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। सभी सीएससी अंकीकरण संबंधी कार्य कर सकते हैं।  ओडिशा
    मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी ने टिप्‍पणी की कि जिस दर पर सीएससी की प्रतिपूर्ति की जानी है वह बहुत कम है। ईवीपी के लिए बीएलओ की लंबे समय तक उपलब्‍धता भी एक मुद्दा है। तेलंगाना
    ईवीपी को अब प्रारंभ किया जा सकता है और इसे सितंबर के अंत तक अथवा दिसंबर तक भी जारी रखा जा सकता है। प्ररूप-7 और सर्विन्‍ग नोटिस के माध्‍यम से विलोपन किया जाएगा। आंध्र प्रदेश
     ईवीपी अनुसूची सही है किंतु इसे 10 अगस्‍त के उपरांत आरंभ किया जा सकता है।  
    अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
     लो नेटवर्क कनेक्टिविटी के कारण बीएलओ एप का प्रयोग व्‍यावहारिक नहीं है। कर्नाटक
    विशेष सार पुनरीक्षण का कार्य प्रत्‍येक वर्ष जारी रखा जाना चाहिए। समाचार-पत्रों में दैनिक आधार पर व्‍यक्तिगत विलोपन नोटिस देने के स्‍थान पर समूहों में साप्‍ताहिक आधार पर विलोपन नोटिस दिए जा सकते हैं। ईवीपी अनुसूची सही है और इसका पालन किया जाएगा। पुदुच्‍चेरी
    राज्‍य में गैर-मानक एपिक बहुत बड़ी संख्‍या में है और इन्‍हें बदला जाएगा। तमिलनाडु
    ईवीपी अनुसूची सही है। राज्‍य में गैर-मानक एपिक बहुत बड़ी संख्‍या में है और इन्‍हें बदला जाएगा। केरल
    विलोपनों के सभी मामलों में, निर्वाचकों के नामों के प्रस्‍तावित विलोपन का नोटिस किसी  स्‍थानीय दैनिक समाचार-पत्र में दिया जाएगा। इस पर विचार किया जाना चाहिए और इसमें छूट दी जानी चाहिए क्‍योंकि समाचार-पत्र में नोटिस देना किफ़ायती नहीं है। पश्चिम बंगाल
    ऐसे गैर-मानक एपिक को कैसा बदला जाए जिसे पहले ही मतदाता को जारी किया जा चुका है। इसे प्ररूप संख्‍या 8 के बगैर बदला जा सकता है और निर्वाचक को एक नया कार्ड दे दिया जाएगा। यदि एपिक कार्ड में कोई परिवर्तन हो, केवल तभी प्ररूप 8 भरे जाने की आवश्‍यकता होती है। प्रारूप प्रकाशन से पहले ई-नामावली के एकीकरण के लिए पूर्वापेक्षा के रूप में ईआरओ-नेट से डाटा की आवश्‍यकता होगी, इसके लिए फेमिली टैगिंग में प्रयुक्‍त एपिक संख्‍या की आवश्‍यकता होगी। इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग से और संपर्क करने की आवश्‍यकता है। स्‍व: प्रेरित

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ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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spacer.pngहमारा नया मोबाइल ऐप ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ प्‍ले स्‍टोर से डाउनलोड करें। ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ एन्‍ड्रॉड ऐप आपको निर्वाचक नामावली में अपना नाम खोजने, ऑनलाइन प्ररूप भरने, निर्वाचनों के बारे में जानने, और सबसे महत्‍वपूर्ण शिकायत दर्ज करने की आसान सुविधा उपलब्‍ध कराता है। आपकी भारत निर्वाचन आयोग के बारे में हरेक बात तक पहुंच होगी। आप नवीनतम  प्रेस विज्ञप्ति, वर्तमान समाचार, आयोजनों,  गैलरी तथा और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। 
आप अपने आवेदन प्ररूप और अपनी शिकायत की वस्‍तु स्थिति के बारे में पता कर सकते हैं। डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। आवेदन के अंदर दिए गए लिंक से अपना फीडबैक देना न भूलें। 

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