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Important Instructions

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  1. Before the Election Commission of India- Dispute Case No. 1 of 1996 -(Under Para 15 of the Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 relation to the Indian National Congress)-ORDER

    Before the Election Commission of India- Dispute Case No. 1 of 1996 -(Under Para 15 of the Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 relation to the Indian National Congress)-ORDER
     

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  2. बिहार विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन- इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों एवं वीवीपैट का उपयोग।

    ­­­­­­­­­­­­सं. 576/3/ईवीएम/2020/एसडीआर/खंड-I
    दिनांक: 3 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
    बिहार, पटना
     
    विषय:- बिहार विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन- इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों  एवं वीवीपैट का उपयोग।
    महोदय,
    मुझे बिहार विधान सभा के लिए वर्तमान साधारण निर्वाचन में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और वीवीपैट के उपयोग के संबंध में आयोग के दिनांक 3 अक्तूबर, 2020 के निदेश को इसके साथ संलग्न करने का निदेश हुआ है। इस निदेश को बिहार के राजकीय राजपत्र में तत्काल प्रकाशित किया जाए।
    2.    इसके अतिरिक्त, मुझे आपका ध्यान वोटिंग मशीनों के डिजाइन, बैलेटिंग यूनिट पर मतपत्र के प्ररूप और भाषा(ओं), निविदत्त मतपत्र के डिजाइन एवं भाषा और मतदान के पश्चात् वोटिंग मशीनों को सीलबंद करने से संबंधित निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम, 49क, 49ख, 49त और 49न(2) की ओर आकर्षित करने का निदेश हुआ है। कृपया इस संबंध में "रिटर्निंग अधिकारियों के लिए हैंडबुक, 2019" संस्करण के अध्याय “डाक मतपत्रों और वोटिंग मशीनों के लिए डाक मतपत्र" में उल्लिखित संबंधित अनुदेश का अनुपालन किया जाए। आपका ध्यान वीवीपैट प्रणाली के उपयोग और मतगणना पूर्ण होने के पश्चात् पेपर स्लिप को सीलबंद करने संबंधी अनुदेशों की ओर भी आकर्षित किया जाता है।
    3.    उपर्युक्त अनुदेश सूचना एवं अनुपालन हेतु सभी निर्वाचन क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों के ध्यान में लाए जाएं।
    4.    आयोग के उपर्युक्त निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए।
    5.    जहां तक मतों की गणना का संबंध है, आपका ध्यान निर्वाचनों का संचालन अधिनियम, 1961 के नियम, 50 से 54क, 60 से 66क तक और 55ग से 57ग तक के प्रावधानों और रिटर्निंग अधिकारियों की हैंडबुक, 2019 में उल्लिखित मतगणना संबंधी आयोग द्वारा समय-समय पर जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों और अनुदेशों और समय समय पर इस विषय से सम्बधित जारी अन्य अनुपूरक अनुदेशों की ओर आकृष्ट किया जाता है। रिटर्निंग अधिकारियों को निदेश दिया जाए कि उक्त दिशा-निर्देशों और अनुदेशों का अनुपालन कर्तव्यपरायणता से किया जाए।
    6.    कृपया पावती दें और कृत कार्रवाई की पुष्टि करें।
    भवदीय 
    (अश्वनी कुमार मोहाल)
    अवर सचिव

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  3. General Election to the Legislative Assembly of Bihar - Instructions of delivery of Electronically Transmitted Postal Ballots(ETPB) through Speed Post regarding.

    General Election to the Legislative Assembly of Bihar - Instructions of delivery of Electronically Transmitted Postal Ballots(ETPB) through Speed Post regarding.
     

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  4. General Election to the Legislative Assembly of Bihar- the Election Commission's Direction regarding electronic transmission of postal ballot papers to service voters- regarding.

    General Election to the Legislative Assembly of Bihar- the Election Commission's Direction regarding electronic transmission of postal ballot papers to service voters- regarding.
     

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  5. निर्वाचनों का संचालन (संशोधन) नियम, 2020 – निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 90 का संशोधन – निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा में वृद्धि - तत्संबंधी

    संख्या 3/4/2020/एसडीआर-खंड ।।
    दिनांक: 21 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में,
    मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय/राज्यीय  
    राजनैतिक दलों के अध्यक्ष/महासचिव
     
    विषय: निर्वाचनों का संचालन (संशोधन) नियम, 2020 – निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 90 का संशोधन – निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा में वृद्धि - तत्संबंधी
     
    महोदय/महोदया,     
    मुझे लोकसभा और विधान सभाओं के निर्वाचनों में अभ्यर्थियों पर लागू निर्वाचन व्यय की ऊपरी सीमा बढ़ाने हेतु निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 90 का संशोधन से संबंधित विधि एवं न्याय मंत्रालय, विधायी विभाग की अधिसूचना का.आ. 3667 (असा.), दिनांक 19 अक्तूबर, 2020 की एक प्रति इसके साथ भेजने का निदेश हुआ है।
      
    भवदीय,
    हस्ता./-
    (एन.टी. भूटिया)
    सचिव

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  6. महामारी कोविड-19-की अवधि के दौरान अभियान के लिए राजनीतिक दलों को सलाह-तत्‍संबंधी

    सं. 4/2020/एसडीआर/खंड-I 
    दिनांक: 21 अक्‍तूबर, 2020
     
    सेवा में,
           मान्‍यताप्राप्त राष्‍ट्रीय/राज्‍यीय राजनीतिक दलों
           के अध्‍यक्ष/महासचिव
     
    विषय: वैश्विक महामारी कोविड-19 की अवधि के दौरान प्रचार-अभियान – तत्‍संबंधी। 
    महोदय/महोदया,
           भारत निर्वाचन आयोग ने दिनांक 9 अक्तूबर, 2020 को अपने परामर्शी पत्र(प्रति संलग्‍न) के तहत सभी चरणों में, विशेषकर जहां व्यक्तिगत रूप में लोक संपर्क निहित हो, वैश्विक महामारी कोविड-19 से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग देने को कहा था। लोक स्‍वास्‍थ्‍य के व्‍यापक हित में सभी स्‍टेकहोल्‍डरों का यह कर्तव्‍य बनता है कि वे मास्‍क पहनने, सैनिटाइजरों को इस्‍तेमाल करने तथा सामाजिक दूरी का पालन करने सहित निवारक उपायों का पालन करें। उपर्युक्‍त उल्लिखित परामर्शीपत्र के पैरा 4 में विशेष रूप से उल्लिखित किया गया था कि:  
    ‘‘लोगों का प्रतिनिधि होने के नाते यह सुनिश्चित करने की व्यापक जिम्मेदारी राजनैतिक दलों की है कि वे न केवल यथा-विहित लोक स्वास्थ्य सुरक्षा के नियत मानदंडों का पालन करने में जिला प्रशासन तंत्र के साथ सहयोग करें, बल्कि प्रचार के दौरान जमीनी व्यवस्था करते समय अपने कैडर में सभ्य व्यवहार के लिए अनुशासन की भावना भी पैदा करें। यह अनुरोध किया जाता है कि आप अपने सभी फील्ड प्रतिनिधियों को परामर्श दें कि वे लोक स्वास्थ्य के व्यापक हित में सभी मौजूदा अनुदेशों का पालन करने में अधिकतम सतर्कता और सावधानी बरतें तथा उपबंधों के उल्लंघन से संबंधित किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचें।’’  
    इससे पूर्व, अपने दिनांक 21 अगस्‍त, 2020 के विस्तृत दिशा-निर्देशों में, आयोग ने यह भी कहा था कि लोक संपर्क की अवधि के दौरान इन आदेशों का पालन नहीं करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के उपबंधों के अनुसार, और भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अनुसार तथा गृह मंत्रालय के दिनांक 29 जुलाई, 2020 के आदेश सं. 40-3/2020-डीएम-I(ए) में यथाविनिर्दिष्‍ट प्रावधानों के अनुसार  कार्रवाई की जाएगी।
    आयोग के नोटिस में ऐसी जनसभाओं के दृष्टातं सामने आए हैं जिनमें सामाजिक दूरी का घोर उल्‍लंघन करते हुए अपार जन समूह एकत्रित हुआ और राजनीतिक दल/प्रचारक, निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/अनुदेशों की पूरी तरह से अनदेखी करते हुए मास्क लगाए बिना जनसमूह को संबोधित कर रहें हैं। ऐसा करके, राजनीतिक दल और अभ्‍यर्थी, न केवल आयोग के दंडमुक्‍त दिशा-निर्देशों की अवज्ञा कर रहें है बल्कि स्‍वयं को और रैलियों/बैठकों में शामिल होने वाले लोगों को भी वैश्विक महामारी के दौरान संक्रमण के जोखिम में डाल रहे हैं।  
    यह दोहराने की आवश्‍यकता नहीं है कि निर्वाचनों के दौरान, राजनीतिक दल/संस्‍थाएं निर्वाचक प्रक्रिया में अत्‍यधिक महत्‍वपूर्ण स्‍टेकहोल्‍डर हैं और वे निर्वाचन अभियान के लिए आयोग द्वारा निर्धारित मानदंडों का पालन करने के प्रति कर्तव्‍यबद्ध हैं।  
    आयोग ने रैलियों/बैठकों में जन समूह को अनुशासित न रखें जाने के लिए राजनीतिक दलों और अभ्‍यर्थियों की अनदेखी को गंभीरता से लिया है और एतद्द्वारा दोहराता है और उन्हें परामर्श भी देता है कि निर्वाचन अभियान के दौरान अधिकतम सतर्कता एवं सावधानी बरतें। आयोग को मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों और जिला मशीनरी से यह अपेक्षा है कि वे इस प्रकार का उल्‍लंघन करने वाले संबंधित अभ्‍यर्थियों और आयोजकों के विरूद्ध यथोचित और संगत  उपबंधों के अनुसार दंडात्‍मक कार्रवाई करें। निर्वाचनरत राज्‍यों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों और राज्‍य सरकारों को कड़े अनुपालन हेतु अलग से अनुदेश जारी किए जा रहें हैं।  
    आयोग आपसे संपूर्ण सहयोग की अपेक्षा करता है ताकि हमारी जिला निर्वाचन मशीनरी यह सुनिश्चित कर सके कि आयोजकों सहित सभी सहभागी समस्‍त निवारक उपायों का पालन करें।
                                                 
    भवदीय,   
    (नरेंन्‍द्र एन. बुटोलिया)
    वरि. प्रधान सचिव  

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  7. व्‍यय प्रेक्षकों के लिए महत्‍वपूर्ण अनुदेश

    सं. 116/बिहार-वि.स./व्‍यय प्रेक्षक/2020/सीईएमएस-III 
     दिनांक: 16 अक्‍तूबर, 2020
     
    सेवा में,
          मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी,
          बिहार,  पटना।
     
    विषय: बिहार विधान सभा का साधारण निर्वाचन, 2020 - प्रथम चरण - वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के लिए व्‍यय प्रेक्षकों का ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ – तत्‍संबंधी।
    महोदय,
          मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग फील्‍ड मशीनरी की मतदान तैयारियों का व्‍यापक रूप से आकलन करने के लिए तथा निर्वाचन संबंधी सभी नियमों, दिशा-निर्देशों एवं अनुदेशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए बिहार राज्‍य में प्रथम चरण में तैनात सभी व्‍यय प्रेक्षकों के साथ 17 अक्‍तूबर, 2020 को पूर्वाह्न 11.00 बजे वीडियो कॉन्‍फ्रेंस (वीसी) के माध्‍यम से समीक्षा बैठक का आयोजन करेगा।  
    इस संबंध में, आपसे अनुरोध है कि अनुबंध ‘क’ पर संलग्‍न ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’  प्रथम चरण के निर्वाचन के सभी व्‍यय प्रेक्षकों को परिचालित करें।  
          व्‍यय प्रेक्षकों द्वारा ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’16 अक्‍तूबर, 2020 के अपराह्न 5.00 बजे तक अनिवार्यत: निम्‍नलिखित ई-मेल पर भेजी जाए।
          traogharu@eci.gov.in                           k.rajeev71@eci.gov.in          
    इसे शीर्ष ‘कोई अन्‍य रिपोर्ट’ के अंतर्गत व्‍यय प्रेक्षक पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए।  
    व्‍यय प्रेक्षकों के ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ अवश्‍यतया संक्षिप्‍त, स्‍वच्‍छ, सुस्‍पष्‍ट तथा सटीक होने चाहिए तथा  टाइप किए हुए 2 A-4 पृष्‍ठों से अधिक नहीं होने चाहिए। ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’  में कवर किए जाने वाले मुद्दों/बिंदुओं की निदर्शी सूची अनुबंध ‘क’ पर संलग्‍न है। 
    सभी व्‍यय प्रेक्षकों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय/जिला मुख्‍यालय में उपस्थित रहना चाहिए जिससे कि वे महत्‍वपूर्ण खामियों, तत्‍काल कार्रवाई करने योग्‍य बिंदुओं, महत्‍वपूर्ण मुद्दों या अन्‍य उल्‍लेखनीय इनपुट, यदि कोई हों, पर आयोग के ध्‍यानार्थ व्‍यक्तिगत प्रतिपुष्टि (फीडबैक) दे सकें।  
          स्‍टटेस नोट/फीडबैक का उपरोक्‍त प्रोफार्मा आयोग की वेबसाइट www.eci.gov.in पर भी उपलब्‍ध है और उसे शीर्ष ‘प्रेक्षक पोर्टल (केवल प्रेक्षकों के लिए)’ – ‘‘व्‍यय प्रेक्षकों के लिए महत्‍वपूर्ण अनुदेश’’ के अंतर्गत देखा जा सकता है।  
          यह अनुदेश सभी व्‍यय प्रेक्षकों के अनुपालन हेतु उनके संज्ञान में तत्‍काल लाया जाए।  
     
    भवदीय,
    ह./-
    (टीटव राव)
    अवर सचिव 
     

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  8. लोक सभा तथा राज्य विधान सभाओं के उप-निर्वाचन, 2020 – एक्जिट पोल – तत्संबंधी।

    सं. 576/एक्जिट/2020/एसडीआर/खंड II
    दिनांकः 14 अक्तूबर, 2020
     
                                                                             
    सेवा में
           मुख्य निर्वाचन अधिकारी
     बिहार  छत्तीसगढ़  गुजरात  हरियाणा  झारखंड  कर्नाटक  मध्य प्रदेश  मणिपुर  नागालैंड  ओडिशा  तेलंगाना  उत्तर प्रदेश  विषयः  लोक सभा तथा राज्य विधान सभाओं के उप-निर्वाचन, 2020 – एक्जिट पोल – तत्संबंधी।
     महोदय,      
    मुझे आयोग की अधिसूचना सं. 576/एक्जिट/2020/एसडीआर/खंड II, दिनांक 14 अक्तूबर, 2020 को इस अनुरोध के साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है कि इसे राज्य के राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाए तथा अभिलेखन हेतु इसकी एक प्रति आयोग को भेजी जाए।
    इसे समाचार ब्यूरो, मीडिया घरानों, रेडियो और टेलीविजन चैनलों आदि सहित सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जाए।
    भवदीय 
    (अभिषेक तिवारी)
    अवर सचिव
     

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  9. Bye Elections to the House of the people of Bihar and Legislative Assemblies of Chhattisgarh, Gujarat, Haryana, Jharkhand, Kamataka, M P, Manipur, Nagaland, Odisha, Telangana and UP,2020. - Identifications of electors of polling station

    Bye Elections to the House of the people of Bihar and Legislative Assemblies of Chhattisgarh, Gujarat, Haryana, Jharkhand, Karnataka, Madhya Pradesh, Manipur, Nagaland, Odisha, Telangana and Uttar Pradesh,2020. - Identifications of electors of polling stations.
    The Election Commission hereby directs that for the Bye-Election, all electors who have been issued EPIC shall produce the EPIC for their identification at the polling station before casting their votes. Those electors who are not able to produce the EPIC shall produce one of the following alternative photo identity documents for establishing their identity: -
    Aadhaar Card, MNREGA Job Card, Passbooks with photograph issued by Bank/Post Office, Health Insurance Smart Card issued under the scheme of Ministry of Labour, Driving License, Pan Card, Smart Card issued by RGI under NPR, Indian Passport, Pension document with photograph, Service Identity Cards with photograph issued to employees by Central/State Govt./PSUs/Public Limited Companies, and Official identity cards issued to MPs/MLAs/MLCs.

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  10. बिहार लोक सभा एवं छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना एवं उत्तर प्रदेश विधान सभाओं के लिए उप-निर्वाचन, 2020 – मतदान केंद्रों के निर्वाचकों की पहचान – तत्संबंधी।

    सं. 3/4/आईडी/2020/एसडीआर/खंड. II 
    दिनांकः 14 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में
           मुख्य निर्वाचन अधिकारी
     बिहार  छत्तीसगढ़  गुजरात  हरियाणा  झारखंड  कर्नाटक  मध्य प्रदेश  मणिपुर  नागालैंड  ओडिशा  तेलंगाना  उत्तर प्रदेश  
    विषयः   बिहार लोक सभा एवं छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना एवं उत्तर प्रदेश विधान सभाओं के लिए उप-निर्वाचन, 2020 – मतदान केंद्रों के निर्वाचकों की पहचान – तत्संबंधी। 
    महोदय,
           मुझे बिहार लोक सभा एवं छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना एवं उत्तर प्रदेश विधान सभाओं (अनुलग्नक-I के अनुसार) के लिए उप-निर्वाचनों में निर्वाचकों की पहचान के संबंध में, निर्वाचन आयोग के दिनांक 14 अक्तूबर, 2020 के आदेश को इसके साथ संलग्न करने का निदेश हुआ है।
    2.     निर्वाचन आयोग ने निदेश दिया है कि सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सभी निर्वाचकों, जिन्हें एपिक जारी किया जा चुका है, को अपना मत डालने से पहले मतदान केंद्र पर अपनी पहचान के लिए निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (एपिक) प्रस्तुत करना होगा। जो निर्वाचक एपिक प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए आदेश के पैराग्राफ 7 में उल्लिखित किसी एक वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा।
    3.     एपिक के संबंध में, प्रविष्टियों में मामूली विसंगतियों को नजरअंदाज कर देना चाहिए बशर्ते  कि निर्वाचक की पहचान उक्त द्वारा सुनिश्चित की जा सके। यदि कोई निर्वाचक ऐसा एपिक प्रस्तुत करता है जो किसी अन्य विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया है, ऐसे पत्र भी पहचान के लिए स्वीकृत किए जाएंगे बशर्ते कि उस निर्वाचक का नाम, उस मतदान केंद्र, जहां वह मतदान करने आया है से संबंधित निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो। यदि फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करना संभव न हो तो निर्वाचक को पैरा 7 में उल्लिखित कोई एक वैकल्पिक फोटो दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा।
    4.     प्रवासी निर्वाचकों को पहचान के लिए केवल अपना वास्तविक भारतीय पासपोर्ट ही प्रस्तुत करना होगा।
    5.     इस आदेश को सभी रिटर्निंग अधिकारियों एवं पीठासीन अधिकारियों के ध्यान में लाया जाए। रिटर्निंग अधिकारी विशेष ब्रीफिंग के माध्यम से पीठासीन अधिकारियों को इस आदेश के निहितार्थ तथा विषय-वस्तु के बारे में बताएंगे। प्रत्येक पीठासीन अधिकारी को मातृभाषा में अनूदित आदेश की प्रति को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। रिटर्निंग अधिकारियों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारियों के पास आदेश की प्रतियां उपलब्ध हों। आदेश को तत्काल राज्य के राजपत्र में प्रकाशित किया जाना चाहिए और उसकी एक प्रति को आयोग में इसके सूचना तथा अभिलेखन हेतु भेजा जाना चाहिए।
    6.     इस आदेश का आम जनता और निर्वाचकों की सूचना के लिए तत्काल और तत्पश्चात मतदान की तारीख तक नियमित अंतराल पर प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। इसमें अखबारों में पेड विज्ञापन शामिल होने चाहिएं। इन अनुदेशों के संबंध में, अपने राज्य/संघ राज्य-क्षेत्र में सभी राजनीतिक दलों और निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को भी लिखित में सूचित किया जाना चाहिए।
    7.     पूर्व में भी, निर्वाचन आयोग ने पहचान के लिए दस्तावेज के रूप में फोटो मतदान पर्ची की अनुमति दी थी। हालांकि, फोटो मतदाता पर्ची में किसी भी प्रकार की सुरक्षा संबंधी सुविधा नहीं होने की वजह से इसके दुरूपयोग होने के आधार पर एकमात्र पहचान दस्तावेज के रूप में इसका उपयोग करने के खिलाफ अभ्यावेदन दिए गए थे। चूंकि, 100 प्रतिशत निर्वाचकों के पास एपिक है, और 99 प्रतिशत वयस्कों को आधार कार्ड जारी किया जा चुका है, आयोग ने अब निर्णय लिया है कि फोटो मतदाता पर्ची को मतदान के लिए एक मात्र पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा, हालांकि फोटो मतदाता पर्ची तैयार होती रहेगी और जागरूकता पैदा करने के अभियान के रूप में निर्वाचकों को जारी की जाती रहेगी। निर्वाचकों को यह स्पष्ट करने के लिए कि फोटो मतदाता पर्चियों को मतदान के लिए एकमात्र पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा ये शब्द, फोटो मतदाता पर्ची में साफ अक्षरों में मुद्रित किए जाएंगे “मतदान केंद्र में इस पर्ची को पहचान के प्रयोजनार्थ स्वीकृत नहीं किया जाएगा। आपसे अनुरोध है कि एपिक अथवा आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैकल्पिक दस्तावेजों में से एक को साथ में अवश्य लाएं” ।
    8.     कृपया पावती दें और कृत कार्रवाई की पुष्टि करें।
    भवदीय 
    (अभिषेक तिवारी)
    अवर सचिव

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  11. General Elections to the Legislative Assembly of Bihar - EXIT POLL -regarding.

    In exercise of the powers under sub-Section (1) of Section 126A of the R.P. Act, 1951, the Election Commission, having regard to the provisions of sub-Section (2) of the said Section, hereby notifies the period between 7:00 A.M on 28th October, 2020 (Wednesday) and 6.30 PM on 7th November, 2020 (Saturday),as the period during which conducting any exit poll and publishing or publicizing by means of the print or electronic media or dissemination in any other manner whatsoever, the result of any exit poll in connection with the above mentioned General Election to the State Legislative Assembly of Bihar, shall be prohibited.
    It is further clarified that under Section 126(l)(b) of the R.P. Act, 1951, displaying any election matter including results of any opinion poll or any other poll survey, in any electronic media, would be prohibited during the period of 48 hours ending with the hours fixed for conclusion of poll in the respective polling areas in each phase of the aforesaid General election.

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  12. General Election to the State Legislative Assembly of Bihar, 2020- the Election Commission's Order regarding identification of electors.

    The Election Commission hereby directs that for the General Election to the State Legislative Assembly of Bihar notified/to be notified on 01-10-2020, 09-10-2020 and 13-10- 2020 all electors who have been issued EPIC shall produce the EPIC for their identification at the polling station before casting their votes. Those electors who are not able to produce the EPIC shall produce one of the following alternative photo identity documents for establishing their identity: -
    Aadhaar Card,
    MNREGA Job Card,
    Passbooks with photograph issued by Bank/Post Office,
    Health Insurance Smart Card issued under the scheme of Ministry of Labour,
    Driving License,
    Pan Card,
    Smart Card issued by RGI under NPR,
    Indian Passport,
    Pension document with photograph,
    Service Identity Cards with photograph issued to employees by Central/State Govt./PSUs/Public Limited Companies, and
    Official identity cards issued to MPs/MLAs/MLCs.
    overseas electors who are registered in the electoral roll under Section 20A of the Representation of the People Act, 1950, based on the particulars in their Indian Passport, shall be identified on the basis of their original passport only (and no other identity document) in the polling station. 

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  13. Advisory to Political Parties for campaigning during the period of pandemic COVID-19-Reg.

    Advisory to Political Parties for campaigning during the period of pandemic COVID-19-Reg.
     

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  14. बिहार लोक सभा एवं बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश विधान सभाओं के लिए उप-निर्वाचन, 2020-सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्टॉनिक रूप से प्रेषित करने के संबंध में आयोग

    सं. 52/2020/एसडीआर/ईटीपीबीएस/खंड II                     दिनांक: 08 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में
          मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
    बिहार छत्तीसगढ़ गुजरात हरियाणा झारखंड कर्नाटक मध्य प्रदेश मणिपुर नागालैंड ओडिशा तेलंगाना उत्तर प्रदेश विषय: बिहार लोक सभा एवं बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश विधान सभाओं के लिए उप-निर्वाचन, 2020-सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्टॉनिक रूप से प्रेषित करने के संबंध में आयोग का निदेश-तत्संबंधी।  
    महोदय/महोदया,
           मुझे इसके साथ निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 23 के उप-नियम (1) के दूसरे परंतुक के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिनांक 08 अक्तूबर, 2020 को जारी निदेश की प्रति इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है, जिसमें बिहार के 1- वाल्मीकिनगर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र एवं 12 राज्यों के 59 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों (अनुलग्नक-I के अनुसार) से मौजूदा उप-निर्वाचन के दौरान सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करने की रीति निर्धारित की गई है।
    2.    सेवा मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाक मतपत्र प्रेषित करने हेतु रिटर्निंग अधिकारी को इस निदेश की एक प्रति अग्रेषित की जाए। इसकी संसूचना जिला निर्वाचन अधिकारी और अन्य निर्वाचन प्राधिकारियों को भी दी जाए। रिटर्निंग अधिकारियों/जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को भी इस बारे में अवगत कराया जाए।
    3.    कृपया इस पत्र की पावती भेजें।
     
     
    भवदीय 
     (अभिषेक तिवारी)
    अवर सचिव
     *******************
                                      
    अनुलग्नक-I
     
     
    क्र. सं.
    राज्य का नाम
    संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की संख्या और नाम
    1
    बिहार
    1-वाल्मीकिनगर
     
     
    क्र. सं.
    राज्य का नाम
    विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की संख्या और नाम
    1
    छत्तीसगढ़
    24-मरवाही (अ.ज.जा)
    2
    गुजरात
    01-अबडासा
    3
    गुजरात
    61-लींबडी
    4
    गुजरात
    65-मोरबी
    5
    गुजरात
    94-धारी
    6
    गुजरात
    106-गढडा (अ.जा.)
    7
    गुजरात
    147-करजण
    8
    गुजरात
    173-डांग (अ.ज.जा.)
    9
    गुजरात
    181-कपराडा (अ.ज.जा.)
    10
    हरियाणा
    33-बरोदा
    11
    झारखंड
    10-दुमका (अ.ज.जा)
    12
    झारखंड
    35-बेरमो
    13
    कर्नाटक
    136-सिरा
    14
    कर्नाटक
    154-राजाराजेश्वरीनगर
    15
    मध्य प्रदेश
    04-जौरा
    16
    मध्य प्रदेश
    5-सुमावली
    17
    मध्य प्रदेश
    6-मुरैना
    18
    मध्य प्रदेश
    7-दिमनी
    19
    मध्य प्रदेश
    8-अम्बाह (अ.जा.)
    20
    मध्य प्रदेश
    12-मेहगांव
    21
    मध्य प्रदेश
    13-गोहद (अ.जा.)
    22
    मध्य प्रदेश
    15-ग्वालियर
    23
    मध्य प्रदेश
    16-ग्वालियर पूर्व
    24
    मध्य प्रदेश
    19-डबरा (अ.जा.)
    25
    मध्य प्रदेश
    21-भाण्डेर (अ.जा.)
    26
    मध्य प्रदेश
    23-करेरा (अ.जा.)
    27
    मध्य प्रदेश
    24-पोहरी
    28
    मध्य प्रदेश
    28-बामोरी
    29
    मध्य प्रदेश
    32-अशोकनगर (अ.जा.)
    30
    मध्य प्रदेश
    34-मुंगावली
    31
    मध्य प्रदेश
    37-सुरखी
    32
    मध्य प्रदेश
    53-मलहरा
    33
    मध्य प्रदेश
    87-अनुपपुर (अ.ज.जा.)
    34
    मध्य प्रदेश
    142-सांची (अ.जा.)
    35
    मध्य प्रदेश
    161-ब्यावरा
    36
    मध्य प्रदेश
    166-आगर (अ.जा.)
    37
    मध्य प्रदेश
    172-हाटपिपल्या
    38
    मध्य प्रदेश
    175-मांधाता
    39
    मध्य प्रदेश
    179-नेपानगर (अ.ज.जा.)
    40
    मध्य प्रदेश
    202-बदनावर
    41
    मध्य प्रदेश
    211-सांवेर (अ.जा.)
    42
    मध्य प्रदेश
    226-सुवासरा
    43
    मणिपुर
    30-लिलोंग
    44
    मणिपुर
    34-वाँग्जिंग टेन्था
    45
    मणिपुर
    22-बाँगोई
    46
    मणिपुर
    51-सैतू (अ.ज.जा.)
    47
    मणिपुर
    60-सिंघाट (अ.ज.जा.)
    48
    नागालैंड
    14-दक्षिणी अंगामी-I (अ.ज.जा.)
    49
    नागालैंड
    60-पुंगरो-किफिरे (अ.ज.जा.)
    50
    उड़ीसा
    38-बालासौर
    51
    उड़ीसा
    102-तिरतोल (अ.जा.)
    52
    तेलंगाना
    41-डुब्बक
    53
    उत्तर प्रदेश
    40-नौगावां सादात
    54
    उत्तर प्रदेश
    65-बुलंदशहर
    55
    उत्तर प्रदेश
    95-टूण्डला (अ.जा.)
    56
    उत्तर प्रदेश
    162-बांगरमऊ
    57
    उत्तर प्रदेश
    218-घाटमपुर (अ.जा.)
    58
    उत्तर प्रदेश
    337-देवरिया
    59
    उत्तर प्रदेश
    367-मल्हनी
     
     
    *****************
     
    भारत निर्वाचन आयोग
    निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110001
     
    सं. 52/2020/एसडीआर/खंड-। 
    दिनांक: 08 अक्तूबर, 2020
     
    निदेश
     
    निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 23 के उप-नियम (1) के दूसरे परंतुक के उपबंधों के अनुसरण में निर्वाचन आयोग एतदद्वारा, सेवा मतदाताओं को इलेक्ट्रानिक साधनों द्वारा डाक मतपत्रों के प्रेषण के लिए और सेवा मतदाताओं से वापस प्राप्त हुए इन डाक मतपत्रों की गणना के लिए निम्नलिखित रीतियों का निर्धारण करता है:-
     
    1.     प्रेषित किए जाने वाले दस्तावेज –
    रिटर्निंग अधिकारी निम्नलिखित दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करेगा:
    (क)     डाक मतपत्र,
    (ख)     प्ररूप 13–क–निर्वाचक द्वारा घोषणा,
    (ग)     प्ररूप 13-ख-आवरण ए के लिए लेबल (भीतरी लिफाफा),
    (घ)     प्ररूप 13-ग-आवरण बी के लिए लेबल (बाहरी लिफाफा)
    (ङ)     प्ररूप 13-घ-निर्वाचक के मार्गनिर्देशन हेतु अनुदेश
     
    2.     प्रेषण की रीति -
    केंद्रीय प्रशासन अधिकारी (सी-एडमिन) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाक मतपत्र जारी करने के संबंध में 'आरओ प्रचालन' सक्रिय कर देने के उपरांत, रिटर्निंग अधिकारी सिस्टम में लॉग-इन करने में समर्थ हो जाएगा और निम्नलिखित कार्यकलाप करेगा:
     
    क.            निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए डाटा प्रविष्ट 'करेगा/देखेगा' (अर्थात निर्वाचन का विवरण, निर्वाचन क्षेत्र का राज्य कोड, निर्वाचन क्षेत्र का प्रकार (विधान सभा या संसदीय निर्वाचन क्षेत्र), निर्वाचन क्षेत्र की संख्या, निर्वाचन क्षेत्र का नाम, निर्वाचन की तिथि और चिह्

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  15. 02 स्नातक तथा 02 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से कर्नाटक विधान परिषद के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन, जिनके लिए 28 अक्तूबर, 2020 को मतदान निर्धारित किया गया है- निर्वाचकों की पहचान के संबंध में निर्वाचन आयोग का आदेश।  

    सं. 3/4/आईडी/2020/एसडीआर/(परिषद-कर्नाटक)
    दिनांक 08 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
    कर्नाटक,
    बंगलोर।
     
    विषय:  02 स्नातक तथा 02 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से कर्नाटक विधान परिषद के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन, जिनके लिए 28 अक्तूबर, 2020 को मतदान निर्धारित किया गया है- निर्वाचकों की पहचान के संबंध में निर्वाचन आयोग का आदेश।  
    महोदय,
           मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निर्वाचन आयोग ने यह निदेश दिया है कि कर्नाटक राज्य में कर्नाटक दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, कर्नाटक पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, कर्नाटक पूर्वोत्तर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और बंगलोर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जिन सभी निर्वाचकों को उनके संबंधित विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचकों के रूप में एपिक जारी किया गया है, उन सभी को 01 अक्तूबर, 2020 (गुरुवार) को अधिसूचित कर्नाटक विधान परिषद के निर्वाचनों में मतदान हेतु मतदान केंद्र पर आने पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने लिए ये कार्ड या संलग्न आदेश में यथोल्लिखित कोई अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। 
    2.     इस आशय से दिनांक 08 अक्तूबर, 2020 को जारी आदेश की एक प्रति इसके साथ संलग्न है। निर्वाचन आयोग ने ऐसे निर्वाचक, जो एपिक प्रस्तुत नहीं करते हैं, के संदर्भ में पहचान हेतु 9 वैकल्पिक दस्तावेज अनुमोदित किए हैं। सभी पीठासीन अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से आदेश के पैराग्राफ 4 में दिए गए निर्देशों की ओर आकृष्ट किया जाए।   
    3.     पीठासीन अधिकारियों को स्पष्ट अनुदेश दिए जाएंगे कि निर्वाचक फोटो पहचान पत्र में निर्वाचक के नाम, पिता/माता/पति के नाम, लिंग, आयु या पते में निर्वाचकों से संबंधित प्रविष्टियों में मामूली विसंगतियों को नजरअंदाज किया जाए और यदि उस कार्ड के माध्यम से निर्वाचक की पहचान स्थापित की जा सकती हो, तो निर्वाचकों को मतदान करने की अनुमति दी जाए।  
    4.     आयोग के दिनांक 8 अक्तूबर, 2020 के आदेश को राज्य के राजपत्र में तत्काल प्रकाशित किया जाए। स्नातक तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से द्विवार्षिक निर्वाचन हेतु नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी, पीठासीन अधिकारी तथा अन्य संबंधित सभी निर्वाचन प्राधिकारियों को निर्वाचन आयोग के निदेशों की तत्काल सूचना दी जाए। इस आदेश को आम जनता तथा निर्वाचकों की सूचनार्थ प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित किया जाए। यह स्पष्ट किया जाए कि जिन्हें एपिक जारी किया गया है, उनको मतदान केंद्र पर मतदान हेतु आने पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए एपिक प्रस्तुत करना होगा और जो एपिक प्रस्तुत करने में असमर्थ हैं उन्हें मतदान के समय निर्वाचन आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट कोई वैकल्पिक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। आपके राज्य में द्विवार्षिक निर्वाचन में खड़े सभी अभ्यर्थियों को निर्वाचन आयोग के इस निदेश की लिखित सूचना भी दी जाए।  
    5.     रिटर्निंग अधिकारियों को इस आदेश के निहितार्थों को नोट करने और विशेष ब्रीफिंग के माध्यम से सभी पीठासीन अधिकारियों को इसकी विषय वस्तु स्पष्ट करने का अनुदेश दिया जाएगा। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि इस आदेश की एक प्रति निर्वाचन क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों/बूथों पर पीठासीन अधिकारियों के पास उपलब्ध होनी चाहिए।  
    6.     कृपया इस पत्र की पावती दें तथा की गई कार्रवाई की पुष्टि करें। 
     
    भवदीय,
    हस्ता./-
    (अभिषेक तिवारी)
    अवर सचिव
     
     ****************
    भारत निर्वाचन आयोग
    निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110 001
     
    सं. 3/4/आईडी/2020/एसडीआर (काउंसिल)
    दिनांक: 9 अक्तूबर, 2020
    आदेश
    यतः, भारत निर्वाचन आयोग वर्ष 2000 से लोक सभा तथा विधान सभाओं के निर्वाचनों में निर्दिष्ट पहचान दस्तावेजों के माध्यम से निर्वाचकों की अनिवार्य पहचान की नीति का अनुसरण कर रहा है ताकि निर्वाचकों के प्रतिरूपण को रोका जा सके जिससे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 62 के अंतर्गत असली निर्वाचक के मत देने के अधिकार को अधिक प्रभावी बनाया जा सके; और  
    2.     यतः, निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 35(3) और 37(2) (ख) के उपबंधों के दृष्टिगत आयोग यह निर्देश जारी करता रहा है कि लोक सभा और विधान सभाओं के निर्वाचनों में निर्वाचक मतदान केंद्र पर अपना निर्वाचन फोटो पहचान पत्र या अन्य निर्दिष्ट दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे और उनकी ओर से उक्त निर्वाचन फोटो पहचान पत्र या दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहने पर या इंकार करने पर उनको बैलेट पेपर प्रदान करने या मत देने से मना किया जा सकता है; और  
    3.     यतः, निर्वाचकों की पहचान और प्रतिरूपण के प्रति सुरक्षोपाय से संबंधित उक्त प्रावधान, 'स्नातक' और 'शिक्षक' निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचनों में भी समान रूप से लागू होते हैं और चूंकि इन निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक, विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में भी निर्वाचक होतें हैं, इसलिए उन्हें उनके संबंधित विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में निर्वाचक के रूप में निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रदान किए गए होंगे; 
    4.     अतः, अब, सभी संबद्ध कारकों तथा विधिक एवं तथ्यात्मक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, निर्वाचन आयोग, एतद्द्वारा, यह निदेश देता है कि कर्नाटक राज्य में कर्नाटक दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, कर्नाटक पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, कर्नाटक पूर्वोत्तर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और बंगलोर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से कर्नाटक विधान परिषद के मौजूदा द्विवार्षिक निर्वाचन में सभी निर्वाचकों, जिन्हें एपिक जारी किया गया है, को 01 अक्तूबर, 2020 (गुरूवार) को अधिसूचित उक्त निर्वाचन क्षेत्रों से बिहार विधान परिषद के मौजूदा द्विवार्षिक निर्वाचन में मतदान के लिए मतदान केंद्र आने पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने लिए इन कार्डों को प्रस्तुत करना होगा। तथापि, ऐसे निर्वाचक जो अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निम्नलिखित वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगाः-
    (i)        आधार कार्ड;
    (ii)       ड्राइविंग लाइसेन्स,
    (iii)      पैन कार्ड,
    (iv)      भारतीय पासपोर्ट,
    (v)       राज्य/केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या अन्य निजी औद्योगिक घरानों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए सेवा पहचान-पत्र,
    (vi)      सांसदों/विधायकों/पार्षदों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र,
    (vii)     शैक्षिक संस्थाओं, जिसमें संबंधित शिक्षक/स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का निर्वाचक नियोजित हो, द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र,
    (viii)     विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री/डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र,
    (ix)      सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण-पत्र।
    भवदीय,
    हस्ता./-
    (एन.टी. भूटिया)
    सचिव

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  16. 04 स्नातक तथा 04 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से बिहार विधान परिषद के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन, जिनके लिए 22 अक्तूबर, 2020 को मतदान निर्धारित किया गया है- निर्वाचकों की पहचान के संबंध में निर्वाचन आयोग का आदेश।

    सं. 3/4/आईडी/2020/एसडीआर/(परिषद-बिहार)
    दिनांक 07 अक्तूबर, 2020
     
    सेवा में
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी, 
    बिहार, पटना।
     
    विषय:  04 स्नातक तथा 04 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से बिहार विधान परिषद के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन, जिनके लिए 22 अक्तूबर, 2020 को मतदान निर्धारित किया गया है- निर्वाचकों की पहचान के संबंध में निर्वाचन आयोग का आदेश।  
    महोदय,
           मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निर्वाचन आयोग ने यह निदेश दिया है कि बिहार राज्य में पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक, तिरहट स्नातक, कोसी स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा शिक्षक, तिरहट शिक्षक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से जिन सभी निर्वाचकों को उनके संबंधित विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचकों के रूप में एपिक जारी किया गया है, उन सभी को 28 सितंबर, 2020 (सोमवार) को अधिसूचित बिहार विधान परिषद के निर्वाचनों में मतदान हेतु मतदान केंद्र पर आने पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने लिए ये कार्ड या संलग्न आदेश में यथोल्लिखित कोई अन्य वैकल्पिक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। 
    2.     इस आशय से  दिनांक 07 अक्तूबर, 2020 को जारी आदेश की एक प्रति इसके साथ संलग्न है। निर्वाचन आयोग ने ऐसे निर्वाचकों, जो एपिक प्रस्तुत नहीं करते हैं, के संदर्भ में पहचान हेतु 9 वैकल्पिक दस्तावेज अनुमोदित किए हैं। सभी पीठासीन अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से आदेश के पैराग्राफ 4 में दिए गए निर्देशों की ओर आकृष्ट किया जाए।   
    3.     पीठासीन अधिकारियों को स्पष्ट अनुदेश दिए जाएंगे कि निर्वाचक फोटो पहचान पत्र में निर्वाचक के नाम, पिता/माता/पति के नाम, लिंग, आयु या पते में निर्वाचकों से संबंधित प्रविष्टियों में मामूली विसंगतियों को नजरअंदाज किया जाए और, यदि उस कार्ड के माध्यम से निर्वाचक की पहचान स्थापित की जा सकती हो, तो निर्वाचकों को मतदान करने की अनुमति दी जाए।  
    4.     आयोग के दिनांक 7 अक्तूबर, 2020 के आदेश को राज्य के राजपत्र में तत्काल प्रकाशित किया जाए। स्नातक तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से द्विवार्षिक निर्वाचन हेतु नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी, पीठासीन अधिकारी तथा अन्य संबंधित सभी निर्वाचन प्राधिकारियों को निर्वाचन आयोग के निदेशों की तत्काल सूचना दी जाए। इस आदेश को आम जनता तथा निर्वाचकों की सूचनार्थ प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित किया जाए। यह स्पष्ट किया जाए कि जिन्हें एपिक जारी किया गया है, उनको मतदान केंद्र पर मतदान हेतु आने पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए एपिक प्रस्तुत करना होगा और जो एपिक प्रस्तुत करने में असमर्थ हैं उन्हें मतदान के समय निर्वाचन आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट कोई वैकल्पिक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। आपके राज्य में द्विवार्षिक निर्वाचन में खड़े सभी अभ्यर्थियों को निर्वाचन आयोग के इस निदेश की लिखित सूचना भी दी जाए।  
    5.     रिटर्निंग अधिकारियों को इस आदेश के निहितार्थों को नोट करने और विशेष ब्रीफिंग के माध्यम से सभी पीठासीन अधिकारियों को इसकी विषय वस्तु स्पष्ट करने का अनुदेश दिया जाएगा। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि इस आदेश की एक प्रति निर्वाचन क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों/बूथों पर पीठासीन अधिकारियों के पास उपलब्ध होनी चाहिए।  
    6.     कृपया इस पत्र की पावती दें तथा की गई कार्रवाई की पुष्टि करें।
     
     
    भवदीय,
    हस्ता./-
    (अभिषेक तिवारी)
    अवर सचिव
     
     ****************
    भारत निर्वाचन आयोग
    निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110 001
     
    सं. 3/4/आईडी/2020/एसडीआर (काउंसिल)
    दिनांक: 7 अक्तूबर, 2020
    आदेश
    यतः, भारत निर्वाचन आयोग वर्ष 2000 से लोक सभा तथा विधान सभाओं के निर्वाचनों में निर्दिष्ट पहचान दस्तावेजों के माध्यम से निर्वाचकों की अनिवार्य पहचान की नीति का अनुसरण कर रहा है ताकि निर्वाचकों के प्रतिरूपण को रोका जा सके जिससे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 62 के अंतर्गत असली निर्वाचक के मत देने के अधिकार को अधिक प्रभावी बनाया जा सके; और  
    2.     यतः, निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 35(3) और 37(2) (ख) के उपबंधों के दृष्टिगत आयोग यह निर्देश जारी करता रहा है कि लोक सभा और विधान सभाओं के निर्वाचनों में निर्वाचक मतदान केंद्र पर अपना निर्वाचन फोटो पहचान पत्र या अन्य निर्दिष्ट दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे और उनकी ओर से उक्त निर्वाचन फोटो पहचान पत्र या दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहने पर या इंकार करने पर उनको बैलेट पेपर की प्रदायगी करने या मत देने की अनुमति देने से मना किया जा सकता है; और  
    3.     यतः, निर्वाचकों की पहचान और प्रतिरूपण के प्रति सुरक्षोपाय से संबंधित उक्त प्रावधान स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचनों में भी समान रूप से लागू होते हैं और क्योंकि इन निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक, विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में भी निर्वाचक होते हैं, इसलिए उन्हें उनके संबंधित विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में निर्वाचक के रूप में निर्वाचक फोटो पहचान पत्र की प्रदायगी की गई होगी; 
    4.     अतः, अब, सभी संबद्ध कारकों तथा विधिक एवं तथ्यात्मक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, निर्वाचन आयोग, एतद्द्वारा, यह निदेश देता है कि पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक, तिरहट स्नातक, कोसी स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा शिक्षक, तिरहट शिक्षक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से बिहार विधान परिषद से मौजूदा द्विवार्षिक निर्वाचन में सभी निर्वाचक जिन्हें एपिक जारी किया गया है, उन सभी को 28 सितंबर, 2020 (सोमवार) को अधिसूचित उक्त निर्वाचन क्षेत्रों से बिहार विधान परिषद के मौजूदा द्विवार्षिक निर्वाचन में मतदान के लिए मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने लिए इन कार्डों को प्रस्तुत करना होगा। तथापि, ऐसे निर्वाचक जो अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निम्नलिखित वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगाः-
    (i)        आधार कार्ड;
    (ii)       ड्राइविंग लाइसेन्स,
    (iii)      पैन कार्ड,
    (iv)      भारतीय पासपोर्ट,
    (v)       राज्य/केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या अन्य प्राइवेट औद्योगिक घरानों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए सेवा पहचान-पत्र,
    (vi)      सांसदों, विधायकों/विधान परिषद् सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र,
    (vii)     शैक्षिक संस्था जिसमें संबंधित शिक्षक/स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का निर्वाचक नियोजित हो, को जारी सेवा पहचान पत्र,
    (viii)     विश्वविद्यालय डिग्री/डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र,
    (ix)      सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण-पत्र। 
     
     
    भवदीय,
    हस्ता./-
    (एन.टी. भूटिया)
    सचिव

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  17. Optional facility of online data entry of personal details by candidates in Nomination Form and Affidavit (in Form 26 appended to the CE Rules, 1961) -Guidelines (All CEOs) -reg.

    Optional facility of online data entry of personal details by candidates in Nomination Form and Affidavit (in Form 26 appended to the CE Rules, 1961) -Guidelines-reg.

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  18. Optional facility of online data entry of personal details by candidates in Nomination Form and Affidavit (in Form 26 appended to the CE Rules, 1961) -Guidelines (All recognized National/ State Parties) - reg.

    Optional facility of online data entry of personal details by candidates in Nomination Form and Affidavit (in Form 26 appended to the CE Rules, 1961) -Guidelines-reg.
    Guidelines for optional facility for candidates for online data entry of personal details in Nomination Form
    A facility has been provided for the Candidates to make online data entry of their personal details in the nomination form and the affidavit (Form-26) through ECI suvidha portal i.e. suvidha.eci.gov.in. Validation checks at each step of the process will help the candidates to fill the form in proper format and without errors. The facility for online payment of security deposit by the candidates is also available through the same suvidha portal. 
    1. Online data entry in Nomination Form 
    1.1. The facility of Online data entry in nominations form will be available for the Candidates through ECI Suvidha Portal https://suvidha.eci.gov.in 
    Step 1- Registration- The Candidate will have to do the registration and login with the mobile number and OTP. After a successful login, the candidate needs to enter the EPIC number and the relevant details will be auto-fetched from the electoral roll 
    Step 2- Data entry of personal details in the form and affidavit- Candidate then needs to make data entry of his personal details in the nomination form and affidavit online. In case of error or mistake entries, filled in the form, can be edited/corrected, till the finalization of the form by the candidate. 
    Step 3- Selection of preferable dates- After complete details verification, Candidate has to finalize the form and proceed further for selection of 3 preferable dates, by ticking at the same, for physical submission of the form before the Returning Officer. 
    Step 4- Security deposit-Further, the candidate can submit the security deposit online by choosing the available options from net banking. Optionally, the candidate can choose to enter the details of challan or indicate the option to deposit it by cash 
    Step 5- Physical submission of print out of the form filled online-It is to be noted that the form in which the online data entry was made by candidate, will only be treated duly submitted if a printout with QR Code is taken from the system, signed in ink, notarized and delivered by hand, either by the candidate himself or by his proposer between the hours of 11'0 clock in the forenoon and 3'0 clock in the afternoon to the Returning Officer, on the appointed date and place, specified by him. The online Nomination Facility will be closed one day prior to the last date of nomination.

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  19. Commission's Notification under Section 60(c) of the RP Act, 1951 for the purpose of voting through postal ballot for Absentee voters on essential services-regarding.

    Commission's Notification under Section 60(c) of the RP Act, 1951 for the purpose of voting through postal ballot for Absentee voters on essential services-regarding.
     

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  20. राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा आपराधिक पूर्ववृत्त के प्रचार के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देश

    राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा आपराधिक पूर्ववृत्त के प्रचार के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देश
    वर्ष 2015 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 784 (लोक प्रहरी बनाम भारत संघ और अन्य) और वर्ष 2011 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 536 (पब्लिक इंट्रेस्ट फाउंडेशन और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य) तथा वर्ष 2011 की रिट याचिका (सिविल) सं. 536 में वर्ष 2018 की अवमानना याचिका (सिविल) सं. 2192 में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के अनुपालन में
    (अगस्त, 2020)

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  21. Permission for opening of the warehouse for taking out the EVMs & VVPATs, after final disposal of the Election Petition/court case

    Permission for opening of the warehouse for taking out the EVMs & VVPATs, after final disposal of the Election Petition/court case
     

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  22. ईवीएम-वीवीपीएटी वेयरहाउस को खोलने और बंद करते समय वीडियोग्राफी के संबंध में स्पष्टीकरण।

    सं. 51/8/6/2020-ईएमएस 
    दिनांक: 15 जून, 2020
     
    सेवा में
         सभी राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी
     
    विषय: ईवीएम-वीवीपीएटी वेयरहाउस को खोलने और बंद करते समय वीडियोग्राफी के संबंध में स्पष्टीकरण।
     
    महोदया/महोदय
     
         मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि ईवीएम-वीवीपीएटी वेयरहाउस को राष्ट्रीय और राज्य के मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों (निर्वाचन अवधि के दौरान) की उपस्थिति में खोला और बंद किया जाता है। आयोग ने वेयरहाउस के खोलने और बंद होने की वीडियोग्राफी भी कराने का निदेश दिया है।
         इस संबंध में मुझे यह स्पष्ट करने का निदेश हुआ है कि    
    1)      निर्वाचन अवधि अथवा गैर-निर्वाचन अवधि के दौरान जब भी ईवीएम-वीवीपीएटी वेयरहाउस को खोला और बंद किया जाएगा, तब वीडियोग्राफी करवानी आवश्यक है।
    2)      यदि आपातकाल जैसे कि बाढ़ अथवा आग आदि की स्थिति में वेयरहाउस के खुलने और बंद होने की वीडियोग्राफी संभव न हो, तब भी रिकॉर्ड रखने के उद्देश्य से ईवीएम-वीवीपीएटी वेयरहाउस के खुलने और बंद होने की वीडियो मोबाइल के जरिए बनाई जाएगी। 
    आयोग के उपर्युक्त अनुदेशों को कड़ाई से अनुपालन हेतु सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जाए।

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  23. श्री सीताराम येचुरी, महासचिव, सीपीआई (एम) का दिनांक 29 जून, 2020 के पत्र का भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जवाब

    सं. 4/3/2020/एसडीआर/380                                   
    दिनांकः 01.07.2020
     
    सेवा में,
           श्री सीताराम येचुरी,
           महासचिव, सीपीआई (एम)
     
    महोदय,
           कृपया उपर्युक्त विषय पर अपने दिनांक 29 जून, 2020 के पत्र का संदर्भ लें, जो मीडिया में व्यापक रूप से उपलब्ध होने के बाद ही आयोग में प्राप्त हुआ था । उक्त पत्र में दिए गए प्रकथन के प्रत्युत्तर में आपका ध्यान निम्नलिखित की ओर आकर्षित किया जाता हैः
    1.                   आयोग ने मतदाताओं की विनिर्दिष्ट श्रेणी को डाक मत-पत्र की सुविधा देने के लिए अनुच्छेद 324 का प्रयोग नहीं किया है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60 (ग) के तहत निर्धारित सांविधिक ढांचे में निम्नलिखित प्रावधान हैं:-
    “मतदान करवाए जाने वाले किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में किसी भी निर्वाचन में उन नियमों में यथाविनिर्दिष्ट ऐसी अर्हताओं की पूर्ति के अध्यधीन अपना वोट डाक मतपत्र द्वारा देने और अन्य किसी रीति से नहीं देने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा सरकार से परामर्श करके अधिसूचित व्यक्तियों की श्रेणी वाले व्यक्ति।“
    तद्नुसार, आयोग ने तीन श्रेणियों (क) 80 वर्ष तथा इससे अधिक आयु के व्यक्तियों (ख) दिव्यांग निर्वाचकों; तथा (ग) आवश्यक सेवाओं में नियुक्त निर्वाचकों, को डाक मतपत्र सुविधाएं देने की अनुशंसा की, जिसे दिनांक 22.10.2019 को सरकार द्वारा निर्वाचन का संचालन नियम, 1961 के तहत अधिसूचित किया गया था। आयोग ने सावधानी बरतते हुए वर्ष 2019 के अपने साधारण निर्वाचन में झारखंड के सात निर्वाचन क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांग निर्वाचकों को डाक मतपत्र सुविधा मुहैया कराई। इस नये मैकेनिज्म का ब्यौरा मुख्य चुनाव अधिकारी तथा संबंधित जिला चुनाव अधिकारी द्वारा संबंधित सभी राजनैतिक दलों तथा संबंधित अभ्यर्थियों के साथ विधिवत रूप से साझा किया गया था। 680 वरिष्ठ नागरिकों तथा 1338 दिव्यांग निर्वाचकों द्वारा इस सुविधा का उपयोग किया गया। इसके बाद, फरवरी, 2020 में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र में दिल्ली विधान सभा निर्वाचन में इस सुविधा का सभी 70 निर्वाचन क्षेत्रों में विस्तार किया गया था। 2257 वरिष्ठ नागरिकों, 429 दिव्यांग निर्वाचकों, तथा आवश्यक सेवा के 19 निर्वाचकों को यह सुविधा मुहैया कराई गई। आयोग को राजनैतिक दलों सहित किसी भी स्टेकहोल्डर से इस संबंध में कोई सरोकार प्राप्त नहीं हुआ।
    2.   कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर दिनांक 24 मार्च, 2020 (मध्यरात्रि) से समय-समय पर शहरों में  लॉकडाउन संबंधी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। कोविड-19 दिशानिर्देश के तहत, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत राष्ट्रीय कार्यकारी समिति विभिन्न दिशानिर्देश जारी करती रही है जिसमें, अन्य बातों के साथ निम्नलिखित शामिल थाः-
    (क) 65 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को असुरक्षित के रूप में वर्गीकृत किया जाना,
    (ख) सभी कोविड-19 पाजिटिव/संदेहात्मक व्यक्तियों को गृह/संस्थागत क्वारंटाइन रखा जाना।
    आयोग ने इन असाधारण स्थितियों पर विचार किया तथा इन अभिज्ञेय श्रेणियों के लिए डाक मतपत्र सुविधाओं का विस्तार करने की सिफारिश करने का फैसला किया ताकि वे भीड़-भाड़ से दूर रहें और अपने मतदान के अधिकार से वंचित भी न रहें।
    3.   कोविड-19 के उपायों को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने पहले ही प्रत्येक मतदान केन्द्र (पीएस) पर निर्वाचकों की संख्या 1000 तक सीमित करने और उसी स्थान/आसपास के क्षेत्र में सहायक मतदान केंद्र बनाने का निर्देश दिया है ताकि स्वास्थ्य प्राधिकारियों द्वारा निर्धारित सामाजिक दूरी संबंधी मानदंडों को मतदान के समय सुचारू रूप से लागू किया जा सके। आयोग ने बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इन सभी उपायों के संबंध में सभी मान्यताप्राप्त राजनैतिक दलों के साथ परामर्श करने का निर्देश भी दिया। इस संबंध में बिहार के मुख्य निर्वाचक अधिकारी द्वारा यथा प्रेषित दिनांक 26.06.2020 को आयोजित बैठक के कार्यवृत्त की एक प्रति आपके संदर्भ के लिए इसके साथ संलग्न है। राजनैतिक दलों के साथ इस तरह के परामर्श करना निर्वाचन प्रक्रिया के अभिन्न अंग होते हैं।
    4.   निर्वाचक तथा राजनैतिक दल/संस्थाएँ हमारी निर्वाचन प्रणाली में सबसे महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर है। इस प्रक्रिया की शुचिता से समझौता किए बिना उनकी समावेशिता सुनिश्चित करने हेतु सभी प्रयास किए जाते हैं। वरिष्ठ नागरिक तथा दिव्यांग  श्रेणियों से संबंधित निर्वाचकों को डाक मतपत्र की सुविधा देने संबंधी उपाय ने जमीन पर पहले ही संतोषजनक रूप से कार्य किया है। इस सुविधा को और ज्यादा मजबूत बनाने और प्रक्रियाओं को कारगर बनाने के लिए किसी भी प्रकार के सुझाव का हमेशा स्वागत है।
    5.   आयोग निर्वाचकों के हित में मौजूदा संवैधानिक ढांचे को सतत रूप से लागू करता रहा है जिससे उनकी अधिकतम भागीदारी प्राप्त होती है, विशेष रूप से वर्तमान के चुनौतीपूर्ण समय में। आयोग, आने वाले चुनौतियों का सामना करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों हेतु किसी भी सुझाव का स्वागत करेगा। आयोग, विगत की भांति हमेशा राजनैतिक दलों के इनपुट को महत्व देता है।

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  24. Order dated 13th February, 2020 of Hon’ble Supreme Court in Contempt Petition (C) No. 2192 of 2018 in WP (C) No. 536 of 2011- Requirement of publishing details regarding candidates with pending criminal cases- regarding.

    ELECTION COMMISSION OF INDIA
                                                                                        Nirvachan Sadan, Ashoka Road, New Delhi-110001
    No.3/4/2020/SDR – Vol.III                                                                                                                                                      Dated:  19th March, 2020
    To
                The Chief Electoral Officers of
                 All States and UTs
     
    Subject: -        Order dated 13th February, 2020 of Hon’ble Supreme Court in Contempt Petition (C) No. 2192 of 2018 in WP (C) No. 536 of 2011- Requirement of publishing details regarding candidates with pending criminal cases- regarding.
     
    Sir,
                I am directed to refer to the Commission’s letter of even No. dated 06.03.2020, on the above subject and addressed to recognized political parties, a copy of the letter endorsed to CEOs and to say that in pursuance of the directions given by the Hon’ble Supreme Court in its Order dated 13.02.2020, if a political party fails to submit compliance report with the Election Commission, the Election Commission shall bring such non compliance by the political party concerned to the notice of the Supreme Court as being in contempt of the court’s order. Accordingly, the political parties shall publish information regarding candidates with criminal antecedents with the reason for selection of such individuals in Format C-7 within the given time and a compliance report shall be sent in Format C-8 to the Commission within 72 hours of the selection of the candidates.
              The CEOs are requested to obtain information with regard to the individuals with criminal antecedents, selected as candidates by the political parties, in the elections being held in their states, from the ROs concerned and furnish the same in compiled form, in the enclosed Format CA. The information shall be sent to the Principal Secretary/Secretary of the concerned Territorial Zone/Biennial Election Division in the Commission by the last date of making nominations for the said election so that information of non-compliance by the political parties may be submitted to the Supreme Court, in time.
     

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  25. Affidavits filed by candidates with their nomination paper-uploading on website-regarding.

    ELECTION COMMISSION OF INDIA
    NirvachanSadan, Ashoka Road, New Delhi-110001
    No.3/ER/2020/SDR                                                                            Dated: 19th  March, 2020
    To,
                The Chief Electoral Officer of
                All States and Union Territories
     
    Sub:-    Affidavits filed by candidates with their nomination paper-uploading on website-regarding
     
    Sir/Madam,
                I am directed to state that as per the Commission’s letters no. 3/ER/2011/SDR dated 12th October, 2012 and no. 3/ER/2013/SDR dated 12th July, 2013, the Affidavit in Form 26 appended to the CE Rules, 1961 and counter-affidavit thereupon are uploaded on the CEO’s website within 24 hours of filing the same.
                It has come to the notice of the Commission, that along with the Affidavits, copies of other documents such as Aadhaar card etc.,which have not been prescribed in the Commission’s instructions, are also being uploaded on the website.The Commission has directed that copy of no document, other than the Affidavit, shall be uploaded on the website.
                Kindly acknowledge  receipt.
     
    Yours faithfully,
     
    (N.T.Bhutia)
     Secretary

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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