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महत्वपूर्ण निर्देश

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  1. केरल, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश और कर्नाटक के लोक सभा तथा कर्नाटक, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तराखंड की विधान सभाओं के लिए उप-निर्वाचन-निर्वाचकों की पहचान के संबंध में निर्वाचन आयोग का आदेश।

    सं. 3/4/आईडी/2021/एसडीआर/खण्ड.II
    दिनांकः 26 मार्च, 2021
     
    आदेश
       यतः, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 61 में यह उपबंधित है कि निर्वाचकों के प्रतिरूपण का निवारण करने की दृष्टि से, ताकि उक्त अधिनियम की धारा 62 के अधीन वास्तविक निर्वाचकों का उनके मत देने के अधिकार को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके, उक्त अधिनियम के अधीन नियमों द्वारा मतदान के समय निर्वाचकों की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्वाचकों के लिए निर्वाचक फोटो पहचान पत्र के प्रयोग हेतु नियमों के द्वारा उपबंधों को बनाया जा सकता है; तथा   यतः, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 का नियम 28 निर्वाचन आयोग को, इस दृष्टि से कि निर्वाचकों के प्रतिरूपण का निवारण हो सके तथा मतदान के समय उनकी पहचान को सरल बनाया जा सके, निर्वाचकों को राज्य की लागत पर फोटोयुक्त निर्वाचक फोटो पहचान पत्र जारी करने के लिए निर्देश देने की शक्ति प्रदान करता है; तथा   यतः, निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 49ज (3) तथा 49ट (2) (ख) में यह अनुबंधित है कि जहां किसी निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचकों का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम 28 के उक्त उपबंधों के अधीन निर्वाचक फोटो पहचान पत्र दिये जाते हैं, निर्वाचकों को मतदान केन्द्र में अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र दिखाना होगा तथा उनके द्वारा निर्वाचक फोटो पहचान पत्रों को नहीं दिखाए जाने व असमर्थ होने पर उन्हें मत डालने की अनुमति देने से इनकार किया जा सकता है; तथा   यतः, उक्त अधिनियम तथा नियमों के उपर्युक्त उपबंधों को मिलाकर एवं सामंजस्यपूर्ण ढंग से उनके अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि यद्यपि मत देने का अधिकार निर्वाचक नामावली में नाम के होने से ही होता है, यह निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य की लागत पर, मतदान के समय उनकी पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदान करवाए गए निर्वाचक फोटो पहचान पत्र के प्रयोग पर भी निर्भर करता है, तथा दोनों को एक साथ प्रयोग करना होता है; तथा   यतः, निर्वाचन आयोग ने एक समयबद्ध योजना के अनुसार सभी निर्वाचकों को निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (एपिक) जारी करने के निर्देश देते हुए दिनांक 28 अगस्त, 1993 को एक आदेश जारी किया है; तथा   यतः, केरल, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तराखंड राज्यों में लगभग 100% निर्वाचकों को निर्वाचक फोटो पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं; तथा   अतः, अब सभी संबद्ध घटकों तथा विधिक एवं तथ्यात्मक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, निर्वाचन आयोग, एतद्द्वारा, यह निदेश देता है कि 12-03-2021 और 23-03-2021 को अधिसूचित किए गए केरल के 6-मलप्पुरम संसदीय निर्वाचन क्षेत्र, तमिलनाडु के 39-कन्याकुमारी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र, आंध्र प्रदेश के 23-तिरूपति (अ. जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और कर्नाटक के 2-बेलगाम संसदीय निर्वाचन क्षेत्र, गुजरात के 125-मोरवा हडफ (अ. ज. जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड के 13-मधुपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, कर्नाटक के 47-बासवकल्याण और 59-मास्की (अ. ज. जा) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, मध्य प्रदेश के 55-दमोह विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, महाराष्ट्र के 252-पंढरपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, मिजोरम के 26-सेरछिप (अ. ज. जा) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, नागालैंड के 51-नोकसेन (अ. ज. जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, ओडिशा के 110-पिपिली विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, राजस्थान के 179-सहाड़ा, 24-सुजानगढ़ (अ. जा.) और 175-राजसमन्द विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, तेलंगाना के 87-नागार्जुन सागर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र और उत्तराखंड के 49-सल्ट विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के वर्तमान उप-निर्वाचनों के लिए सभी मतदाता, जिन्हें निर्वाचक फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं, मतदान स्थल पर मत डालने से पहले पहचान सुनिश्चित करने हेतु अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करेंगे। ऐसे निर्वाचक, जो अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निम्नलिखित वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगाः- आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड,  बैंकों/ डाकघरों द्वारा जारी किए गए फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अधीन आरजीआई द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज,  केन्द्र/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू)/पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र।   एपिक के संबंध में, लिपिकीय त्रुटियां, वर्तनी की अशुद्धि इत्यादि को नजरअंदाज कर देना चाहिए बशर्ते मतदाता की पहचान एपिक से सुनिश्चित की जा सके। यदि कोई मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है, जो कि किसी अन्य विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया है, ऐसे एपिक भी पहचान स्थापित करने हेतु स्वीकृत किए जाएंगे बशर्ते निर्वाचक का नाम जहां वह मतदान करने आया है उस मतदान स्थल से संबंधित निर्वाचक नामावली में उपलब्ध होना चाहिए। यदि फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण मतदाता की पहचान सुनिश्चित करना संभव न हो तब मतदाता को उपयुर्कत पैरा 7 में वर्णित किसी एक वैकल्पिक फोटो दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा।   उक्त पैरा 7 में किसी बात के होने के बावजूद, ऐसे प्रवासी निर्वाचक, जो अपने पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20क के अधीन निर्वाचक नामावलियों में पंजीकृत हैं, उन्हें मतदान केन्द्र में उनके केवल मूल पासपोर्ट (तथा कोई अन्य पहचान दस्तावेज नहीं) के आधार पर ही पहचाना जाएगा ।

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  2. संसदीय/विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उप-निर्वाचन - लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना- कोविड – 19 के कारण क्वारंटीन होने वाले निर्वाचकों को डाक मतपत्र जारी करना-तत्संबंधी।

    सं. 52/2021/एसडीआर/खंड.I
    दिनांकः 26  मार्च, 2021
    चैत्र 5, 1943 (शक)
     
    अधिसूचना
          लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-60 के खंड (ग) के उपबंधों के अनुसरण में, निर्वाचन आयोग एतद्दवारा विनिर्दिष्ट करता है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित,कोविड-19 से संदिग्ध या प्रभावित व्यक्ति जो डाक-मतपत्र द्वारा मतदान करने के लिए अनुरोध करते हैं वे संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उनके अनुरोध के सत्यापन के अध्यधीन, विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना का. आ. सं. 1964 (ङ), दिनांक 19 जून, 2020 यथासंशोधित निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के भाग-IIIक के उपबंधों और उक्त विषय पर  निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए पठित निदेशों और दिशा-निर्देशों के अनुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 30 के अधीन अधिसूचित किए गए/किए जाने वाले लोक सभा और विधान सभा के वर्तमान उप-निर्वाचनों में डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने वाले व्यक्तियों की श्रेणी में आएंगे।

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  3. Bye-elections to the Parliamentary/Assembly Constituencies-Election Commission’s Notifications under Section 60(c) of the RP Act, 1951 – issue of postal ballot to electors above the age of 80 years and PwDs-regarding.

    No.52/2021/SDR/Vol.I
    Dated: 26th March, 2021
    Chaitra 5, 1943 (SAKA)
     
    NOTIFICATION
                  In pursuance of the provisions of clause (c) of Section-60 of the Representation of the People Act, 1951, the Election Commission hereby specifies that the electors above the age of 80 years and electors with physical disability (benchmark) as already marked/flagged in the data base of the electoral rolls of the State and, who request for voting by postal ballot paper and subject to the verification of his request by Returning Officer concerned, would be a class of persons to give vote by postal ballot in the current bye-elections to the House of the People and Legislative Assembly in the State notified under Section 30 of Representation of the People, 1951, as per the provisions in Part-III A of the Conduct of Elections Rules, 1961, as amended vide Ministry of Law & Justice, Govt. of India, Notification SO No. 3786(E), dated 22nd October, 2019, and the directions and guidelines issued by the Election Commission.

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  4. Bye-elections to the House of the People of Kerala, Tamil Nadu, Andhra Pradesh & Karnataka and Legislative Assemblies of various states - Use of EVM and VVPAT - regarding

    Dated: 25thMarch, 2021
    4 Chaitra, Saka, 1942
    DIRECTION
     
                No.576/3/EVM/2021/SDR-Vol.II:- Whereas, Section 61A of the Representation of the People Act, 1951, provides that the giving and recording of votes by Voting Machines in such manner as may be prescribed, may be adopted in such constituency or constituencies as the Election Commission of India may, having regard to the circumstances of each case, specify; and
    2.         Whereas, as per the proviso to Rule 49A of the Conduct of Elections Rules, 1961, a Printer with a drop box of such design, as may be approved by the Election Commission of India, may also be attached to voting machine for printing a paper trail of the vote, in such constituency or constituencies or parts thereof as the Election Commission of India may direct; and
    3.         Whereas, the Election Commission has considered the circumstances in 6-Malappuram Parliamentary Constituency of Kerala, 39-Kanniyakumari Parliamentary Constituency of Tamil Nadu 23-Tirupati(SC) Parliamentary Constituency of Andhra Pradesh & 2-Belgaum Parliamentary Constituency of Karnataka, 125-Morva Hadaf(ST) Assembly Constituency of Gujarat,  13-Madhupur Assembly Constituency of Jharkhand, 47-Basavakalyan &59-Maski(ST) Assembly Constituencies of Karnataka, 55-Damoh Assembly Constituency of Madhya Pradesh, 252-Pandharpur Assembly Constituency of Maharashtra, 26-Serchhip(ST) Assembly Constituency of Mizoram, 51-Noksen(ST) Assembly Constituency of Nagaland, 110-Pipili Assembly Constituency of Odisha,179-Sahara, 24-Sujangarh(SC) & 175-Rajsamand Assembly Constituencies of Rajasthan, 87-Nagarjuna Sagar Assembly Constituency of Telangana and 49-Salt Assembly Constituency of Uttarakhand,.announced vide the Election Commission’s Press Note No. ECI/PN/17/2021 dated 26thFebruary, 2021 and No. ECI/PN/28/2021 dated 16th March, 2021and is satisfied that sufficient number of Electronic Voting Machines (EVMs) and Printers for printing Paper Trail [Voter Verifiable Paper Audit Trail(VVPAT)] are available for taking the poll in above mentioned Parliamentary and Assembly Constituencies, the polling personnel are well trained in efficient handling of EVMs and ‘VVPAT Printers’ and the electors are also fully conversant with the operation of the EVMs and the VVPAT  Printers;
    4.         Now, therefore, the Election Commission of India, in exercise of its powers under the said Section 61A of the Representation of the People Act, 1951, and Rule 49A of the Conduct of Elections Rules, 1961, hereby specifies 6-Malappuram Parliamentary Constituency of Kerala, 39-Kanniyakumari Parliamentary Constituency of Tamil Nadu 23-Tirupati(SC) Parliamentary Constituency of Andhra Pradesh & 2-Belgaum Parliamentary Constituency of Karnataka, 125-Morva Hadaf(ST) Assembly Constituency of Gujarat,  13-Madhupur Assembly Constituency of Jharkhand, 47-Basavakalyan &59-Maski(ST) Assembly Constituencies of Karnataka, 55-Damoh Assembly Constituency of Madhya Pradesh, 252-Pandharpur Assembly Constituency of Maharashtra, 26-Serchhip(ST) Assembly Constituency of Mizoram, 51-Noksen(ST) Assembly Constituency of Nagaland, 110-Pipili Assembly Constituency of Odisha, 179-Sahara,  24-Sujangarh(SC) & 175-Rajsamand Assembly Constituencies of Rajasthan, 87-Nagarjuna Sagar Assembly Constituency of Telangana and 49-Salt Assembly Constituency of Uttarakhand,.notifiedon 12-03-2021& 23-03-2021, as theconstituencies in which the votes,shall be given and recorded by means of EVMsand  VVPAT printers in the manner prescribed, under the Conduct of Elections Rules, 1961, and the supplementary instructions issued by the Election Commission from time to time on the subject.
    5.         The Election Commission also hereby approves the design of EVMs and VVPAT Printers as developed by the Bharat Electronics Ltd., Bangalore and Electronics Corporation of India Ltd., Hyderabad, which shall be attached to the said machines, to be used for the giving and recording of votes in all the Constituencies.

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  5. केरल, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश और कर्नाटक की लोक सभा और कर्नाटक, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तराखंड की विधान सभाओं के लिए उप-निर्वाचन-सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से...

    सं. 52/2021/एसडीआर-खंड I
    दिनांक: 25 मार्च, 2021
     
    सेवा में
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
    केरल, तमिलनाडु आंध्र प्रदेश कर्नाटक गुजरात झारखंड मध्य प्रदेश महाराष्ट्र मिजोरम नागालैंड ओडिशा राजस्थान तेलंगाना उत्तराखंड  विषयः केरल, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश और कर्नाटक की लोक सभा और कर्नाटक, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तराखंड की विधान सभाओं के लिए उप-निर्वाचन-सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करने के संबंध में आयोग का निदेश-तत्संबंधी।
    महोदय,
          मुझे निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 23 के उप-नियम (1) के दूसरे परंतुक के संदर्भ में निर्वाचन आयोग द्वारा दिनांक 25 मार्च, 2021 को जारी निदेश की प्रति इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है, जिसमें 6-मलप्पुरम संसदीय निर्वाचन क्षेत्र, केरल, 39-कन्याकुमारी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र, तमिलनाडु, 23-तिरुपति (अ. जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र, आन्ध्र प्रदेश और 2-बेलगाम संसदीय निर्वाचन क्षेत्र, कर्नाटक, 125-मोरवा हडफ (अ. ज. जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, गुजरात, 13-मधुपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड, 47-बासवकल्याण और 59-मास्की (अ. ज. जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, कर्नाटक, 55-दमोह विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, मध्य प्रदेश, 252-पंढरपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, महाराष्ट्र, 26-सेरछिप (अ. ज. जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, मिजोरम, 51-नोकसेन (अ. ज. जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, नागालैंड, 110-पिपिली विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र,ओडिशा, 179-सहारा, 24-सुजानगढ़ (अ. जा.) और 175-राजसमंद विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, राजस्थान, 87-नागार्जुन सागर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, तेलंगाना और 49-सल्ट विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, उत्तराखंड से वर्तमान उप-निर्वाचन के दौरान सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करने की रीति निर्धारित की गई है।  
    2.    सेवा मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाक मतपत्रों को प्रेषित करने हेतु रिटर्निंग अधिकारियों को इस निदेश की एक प्रति भेज दी जाए। इसकी संसूचना जिला निर्वाचन अधिकारियों और अन्य निर्वाचन प्राधिकारियों को भी दी जाए। रिटर्निंग अधिकारियों/जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को भी इस बारे में अवगत कराया जाए।

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  6. असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल एवं पुडुचेरी विधानसभाओं के साधारण निर्वाचन तथा विभिन्न राज्यों की विधान सभाओं एवं लोकसभा के लिए उप-निर्वाचन-एक्जिट पोल-तत्संबंधी।

    सं. 576/एग्जिट/2021/एसडीआर/खंड-I
    दिनांकः 24 मार्च, 2021
    3 चैत्र, शक,1942
    अधिसूचना
    यतः, निर्वाचन आयोग द्वारा दिनांक 26 फरवरी, 2021 के प्रेस नोट सं.ईसीआई/पीएन/16/2021 के तहत असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचनों के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है।  
    यतः, निर्वाचन आयोग द्वारा दिनांक 26 फरवरी, 2021 के प्रेस नोट सं.ईसीआई/पीएन/17/2021 के तहत केरल के 6-मलप्पुरम संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और तमिलनाडु के 39-कन्याकुमारी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से उप-निर्वाचनों के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है; और   
    यतः, निर्वाचन आयोग द्वारा दिनांक 16 मार्च, 2021 के प्रेस नोट सं.ईसीआई/पीएन/28/2021 के तहत आंध्र प्रदेश के 23-तिरूपति (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और कर्नाटक के 2-बेलगाम संसदीय निर्वाचन क्षेत्र, गुजरात के 125-मोरवा हडफ (अ.ज.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड के 13-मधुपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, कर्नाटक के 47-बासवकल्याण और 59-मास्की (अ.ज.जा) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, मध्य प्रदेश के 55-दमोह विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, महाराष्ट्र के 252-पंढरपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, मिजोरम के 26-सेरछिप (अ.ज.जा) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, नागालैंड के 51-नोकसेन (अ.ज.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, ओडिशा के 110-पिपिली विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, राजस्थान के 179-सहाड़ा, 24-सुजानगढ़ (अ.जा.) और 175-राजसमन्द विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, तेलंगाना के 87-नागार्जुन सागर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र और उत्तराखंड के 49-सल्ट विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है।   
    यतः, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 (संक्षेप में आरपी अधिनियम, 1951) की धारा 126क में यह निर्दिष्ट किया गया है कि " (1) कोई भी व्यक्ति कोई निर्गम मत सर्वेक्षण नहीं करेगा और किसी निर्गम मत सर्वेक्षण के परिणाम का, ऐसी अवधि के दौरान जो निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में अधिसूचित की जाए, प्रिंट या इलैक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशन या प्रचार या किसी भी प्रकार की अन्य रीति में प्रसार नहीं करेगा। 
    (2) निर्वाचन आयोग, उपधारा (1) के प्रयोजन के लिए, निम्नलिखित को ध्यान में रखते हुए साधारण आदेश द्वारा तारीख और समय अधिसूचित करेगा, अर्थात :-  
    (क) साधारण निर्वाचन की दशा में, वह अवधि मतदान के पहले दिन को मतदान के लिए नियत समय के आरंभ होने से प्रारंभ हो सकेगी और सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में मतदान समाप्त होने के आधे घंटे तक जारी रह सकेगी; 
    परंतु भिन्न-भिन्न दिनों पर एक साथ कराए जाने वाले अनेक उप-निर्वाचनों की दशा में, वह अवधि मतदान के पहले दिन को मतदान के लिए नियत समय के आरंभ होने से प्रारंभ हो सकेगी और अंतिम मतदान समाप्त होने के पश्चात आधे घंटे तक जारी रह सकेगी।  
    (3) ऐसा कोई व्यक्ति, जो इस धारा के उपबंधों का उल्लंघन करेगा ऐसी अवधि के कारावास से, जो दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से, दंडनीय होगा।" 
    अब, इसलिए, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126क की उपधारा (1) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निर्वाचन आयोग उक्त धारा की उप-धारा (2) के उपबंधों के दृष्टिगत दिनांक 27 मार्च, 2021 (शनिवार) को पूर्वाह्न 7.00 बजे और दिनांक 29 अप्रैल, 2021 (गुरूवार) को अपराह्न 07:30 बजे तक के बीच की अवधि को ऐसी अवधि के रूप में अधिसूचित करता है जिसके दौरान उपर्युक्त साधारण निर्वाचन/उप-निर्वाचनों के संबंध में किसी भी प्रकार के एग्ज़िट पोल का आयोजन करने तथा प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा इसके परिणाम के प्रकाशन या प्रचार अथवा किसी भी अन्य तरीके से उसका प्रचार-प्रसार करने पर प्रतिबंध होगा। 
    4.  इसके अतिरिक्त, यह भी स्पष्ट किया जाता है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126(1) (ख) के अधीन उपर्युक्त साधारण निर्वाचनों और उप-निर्वाचनों के संबंध में संबद्ध मतदान क्षेत्रों में मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय पर समाप्त होने वाले 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी ओपिनियन पोल या अन्य किसी मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले के प्रदर्शन पर प्रतिबन्ध होगा।

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  7. General Elections to Legislative Assemblies of Assam, Kerala, Puducherry, Tamil Nadu and West Bengal, 2O21 and on going bye-elections -Bike rallies- reg.

    No.464lINST/2021-EPS
    Dated: 22nd March, 2O21

    To

          The Chief Electoral Officers of,
    Assam, Dispur Kerala, Thiruvananthapuram UT of Puducherry, Puducherry Tamil Nadu, Chennai West Bengal, Kolkata
    Subject: General Elections to Legislative Assemblies of Assam, Kerala, Puducherry, Tamil Nadu and West Bengal, 2O21 and on going bye-elections -Bike rallies- reg.
     
    Sir,
    It has been brought to the notice of the Commission that in some places bikes are used by some antisocial elements to intimidate the voters before the Poll day and on Poll day.
    The Commission has considered the above issue and has decided that Bike Rallies shall not be allowed at any place 72 hours before date of poll and/or on the Poll day in all poll going constituencies.
    This is in supersession of all instructions issued from time to time related to the matter mentioned above.
    Kindly inform all concerned stake holders including candidates/political parties and Commission's Observers for strict compliance.

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  8. अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान के प्रयोजनार्थ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना – तत्संबंधी

    सं. 52/2021/एसडीआर/खंड-।   
    दिनांकः 17 मार्च, 2021
    26 फाल्गुन, 1942 (शक)
     
    अधिसूचना
            लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-60 के खंड (ग) के प्रावधानों के अनुसरण में, सरकार के साथ परामर्श करके इस मामले पर समुचित विचार करने पर निर्वाचन आयोग एतद्दवारा अधिसूचित करता है कि जो व्यक्ति निम्नलिखित अनिवार्य सेवाओं में नियोजित हैं:
           1. लोको पायलट;
           2. सहायक लोको पायलट;
           3. मोटरमैन;
           4. गार्ड;
           5. यात्रा टिकट परीक्षक;
           6. ए सी कोच अटेंडेंट;
           7. ट्रेन, रेलवे विभाग की सुरक्षा डयूटी में नियुक्त रेलवे सुरक्षा बल कार्मिक;
           8. मतदान के दिन ईसीआई द्वारा प्राधिकृत मीडिया व्यक्ति;
           9. विमानन ; और
          10. नौपरिवहन
     
    जो तमिलनाडु विधान सभा के मौजूदा उप-निर्वाचन में दिनांकः 12.03.2021 को अधिसूचित किए गए मतदान दिवस पर ड्यूटी पर होने के कारण अपने संबंधित मतदान केंद्र में उपस्थित होने में सक्षम नहीं होगें, वे विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार की दिनांक 22 अक्तूबर, 2019, की अधिसूचना का.आ. सं. 3786 (ङ) के तहत यथा संशोधित निर्वाचनों के संचालन के भाग-III क के प्रावधानों और इस निमित्त निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत निदेशों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार उक्त साधारण निर्वाचन में डाक-मतपत्र के द्वारा मतदान करने के लिए व्यक्तियों की एक श्रेणी होंगे।

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  9. Commission's Notification under Section 60(c) of the RP Act, 1951 for the purpose of voting through postal ballot for Absentee voters in the category of persons employed in essential services-regarding.

    No.52/2021/SDR/Vol.I
    Dated: 17th March, 2021
    26 Phalguna, 1942(Saka)
     
    NOTIFICATION
                     In pursuance of the provisions of clause (c) of Section-60 of the Representation of the People Act, 1951, on due consideration of the matter in consultation with the Government, the Election Commission hereby notifies that the persons employed in the following essential services:
    Health Department, Police, Fire Force, Jail, Excise, Milma, Electricity, Water Authority, K.S.R.T.C., Treasury Service, Forest, Central Govt. Institution (All India Radio, Dooradarshan, BSNL, Railways, Posts & Telegraph and Aviation) , Ambulance; Media Persons authorized by ECI for poll coverage; Aviation; and Shipping                   who on account of being on duty on the day of poll in the current bye election to House of the People of Kerala notified on 12-03-2021 ,will not be able to be present in their respective polling station, as a class of persons to give vote by postal ballot in the said bye election as per the provisions of Part-IIIA of the Conduct of Elections Rules, 1961, as amended vide Ministry of Law & Justice, Govt. of India, Notification, SO No. 3786(E), dated 22nd October, 2019, and directions and guidelines issued by the Election Commission, in this behalf.

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  10. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना-80 वर्ष से अधिक आयु के निर्वाचकों, शारीरिक रूप से निःशक्त निर्वाचकों को डाक मतपत्र जारी करना-तत्संबंधी।

    सं. 52/2021/एसडीआर/खंड.I
    दिनांकः 17 मार्च, 2021
    26 फाल्गुन, 1942 (शक)
     
     अधिसूचना 
          लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-60 के खंड (ग) के उपबंधों के अनुसरण में, निर्वाचन आयोग एतद्दवारा विनिर्दिष्ट करता है कि 80 वर्ष से अधिक आयु के निर्वाचक और शारीरिक रूप से निःशक्त (बेंचमार्क) निर्वाचक, जिन्हें राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के डाटा बेस में पहले ही चिह्नित/इंगित किया जा चुका है और जो डाक-मतपत्र द्वारा मतदान करने के लिए अनुरोध करते हैं वे संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उनके अनुरोध के सत्यापन के अध्यधीन, विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना का. आ. सं. 3786 (ङ), दिनांक 22 अक्तूबर, 2019 के तहत यथासंशोधित निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के भाग-IIIक के उपबंधों और निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए निदेशों और दिशा-निर्देशों के अनुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 30 के अधीन अधिसूचित किए गए/किए जाने वाले लोक सभा के वर्तमान उप-निर्वाचनों में डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने वाले व्यक्तियों की श्रेणी में आएंगे।

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  11. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना-80 वर्ष से अधिक आयु के निर्वाचकों, शारीरिक रूप से निःशक्त निर्वाचकों को डाक मतपत्र जारी करना-तत्संबंधी।

    सं. 52/2021/एसडीआर/खंड.I 
    दिनांकः 26 फरवरी, 2021
     
    सेवा में,
          असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल 
           के मुख्य निर्वाचन अधिकारी 
     
    विषयः लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की    अधिसूचना-80 वर्ष से अधिक आयु के निर्वाचकों, शारीरिक रूप से निःशक्त निर्वाचकों को डाक मतपत्र जारी करना-तत्संबंधी।
     
    महोदय,
                मुझे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60 के खंड (ग) के अंतर्गत जारी आयोग की अधिसूचना सं. 52/2021/एसडीआर/खंड.I, दिनांक 26 फरवरी, 2021 की एक प्रति इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है। इसे राज्य के राजपत्र में तत्काल प्रकाशित किया जाए तथा उसकी एक प्रति आयोग को भी इसके सूचनार्थ और रिकॉर्ड हेतु अग्रेषित की जाए। 
                आपको स्मरण होगा कि इस संबंध में दिशा-निर्देश आयोग के दिनांक 02-02-2021 के पत्र के तहत पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

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  12. General Elections to the Legislative Assemblies ofAssam, Kerala, Tamil Nadu, West Bengal & Puducherry- Commission's Direction regarding transmission of postal ballot papers for service voters- electronically- regarding.

    No. 52/2021/SDR-Vol.I 
    Dated: 4th March 2021
    To,
     
    The Chief Electoral Officers of
    Assam, Dispur. Kerala, Thiruvanathapuram, Tamil Nadu, Chennai West Bengal, Kolkata, and Puducherry  
    Sub: - General Elections to the Legislative Assemblies of Assam, Kerala, Tamil Nadu, West Bengal & Puducherry- Commission's Direction regarding transmission of postal ballot papers for service voters- electronically- regarding. 
    Sir,
    I am directed to forward herewith a copy of the Direction dated 4th March, 2021 issued by the Election Commission in terms of second proviso to sub-rule (1) of Rule 23 of the Conduct of Elections Rules, 1961, laying down the procedure of transmitting postal ballot papers electronically to service voters during the current General Elections to the State Legislative Assemblies of Assam, Kerala, Tamil Nadu, West Bengal & Puducherry.
    2.         A copy of the Direction may be sent to the Returning Officers for electronic transmission of postal ballot papers to the service voters. This may also be communicated to District Election Officers and the other election authorities. The contesting candidates should also be briefed by Returning Officers /District Election Officers, in this regard.  
    3.         Kindly acknowledge receipt of this letter.

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  13. असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन- इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों एवं वीवीपैट का उपयोग।

    सं. 576/3/ईवीएम/2021/एसडीआर/खंड-I
    दिनांक: 6 मार्च, 2021
     
    सेवा में
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
    असम, दिसपुर केरल, तिरूवनंतपुरम  तमिलनाडु, चेन्नई पश्चिम बंगाल, कोलकाता पुडुचेरी  
    विषय:- असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन- इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों एवं वीवीपैट का उपयोग। 
    महोदय,
    मुझे असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधान सभाओं के लिए वर्तमान साधारण निर्वाचन में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और वीवीपैट के उपयोग के संबंध में आयोग के दिनांक 6 मार्च, 2021 के निदेश को इसके साथ संलग्न करने का निदेश हुआ है। इस निदेश को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के राजकीय राजपत्र में तत्काल प्रकाशित किया जाए।
    2.     इसके अतिरिक्त, मुझे आपका ध्यान वोटिंग मशीनों के डिजाइन, बैलेटिंग यूनिट पर मतपत्र के प्ररूप और भाषा(ओं), निविदत्त मतपत्र के डिजाइन एवं भाषा और मतदान के पश्चात् वोटिंग मशीनों को सीलबंद करने से संबंधित निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम, 49क, 49ख, 49त और 49न(2) की ओर आकर्षित करने का निदेश हुआ है। कृपया इस संबंध में "रिटर्निंग अधिकारियों के लिए हैंडबुक, 2019" संस्करण के अध्याय “डाक मतपत्रों और वोटिंग मशीनों के लिए डाक मतपत्र" में उल्लिखित संबंधित अनुदेश का अनुपालन किया जाए। आपका ध्यान वीवीपैट प्रणाली के उपयोग और मतगणना पूर्ण होने के पश्चात् पेपर स्लिप को सीलबंद करने संबंधी अनुदेशों की ओर भी आकर्षित किया जाता है।
    3.     उपर्युक्त अनुदेश सूचना एवं अनुपालन हेतु सभी निर्वाचन क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों के ध्यान में लाए जाएं।
    4.     आयोग के उपर्युक्त निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए।
    5.     जहां तक मतों की गणना का संबंध है, आपका ध्यान निर्वाचनों का संचालन अधिनियम, 1961 के नियम, 50 से 54क, 60 से 66क तक और 55ग से 57ग तक के प्रावधानों और रिटर्निंग अधिकारियों की हैंडबुक, 2019 में उल्लिखित मतगणना संबंधी आयोग द्वारा समय-समय पर जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों और अनुदेशों और समय समय पर इस विषय से सम्बधित जारी अन्य अनुपूरक अनुदेशों की ओर आकृष्ट किया जाता है। रिटर्निंग अधिकारियों को निदेश दिया जाए कि उक्त दिशा-निर्देशों और अनुदेशों का अनुपालन पूरी ईमानदारी से किया जाए।
    6.     कृपया पावती दें और की गई कार्रवाई की पुष्टि करें।
     
    भवदीय 
    (अभिषेक तिवारी)
    अवर सचिव

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  14. General Elections to the Legislative Assemblies of Assam, Kerala, Tamil Nadu, West Bengal & Puducherry - the Election Commission’s Order regarding identification of electors.

    No.3/4/ID/2021/SDR/VOL.I 
    Dated: 5th March, 2021
     
    ORDER
     
    1.         Whereas, Section 61 of the Representation of the People Act, 1951 provides that with a view to preventing impersonation of electors, so as to make the right of genuine electors to vote under section 62 of that Act more effective, provisions may be made by rules under that Act for use of Electors Photo Identity Card for electors as the means of establishing their identity at the time of polling; and
    2.    Whereas, Rule 28 of the Registration of Electors Rules, 1960, empowers the Election Commission to direct, with a view to preventing impersonation of electors and facilitating their identification at the time of poll, the issue of Electors Photo Identity Card to electors bearing their photographs at State cost; and
    3.         Whereas, Rules 49H (3) and 49K (2) (b) of the Conduct of Elections Rules, 1961, stipulate that where the electors of a constituency have been supplied with Electors Photo Identity Card under the said provisions of Rule 28 of the Registration of Electors Rules, 1960, the electors shall produce their Electors Photo Identity Card at the polling station and failure or refusal on their part to produce those Electors Photo Identity Card may result in the denial of permission to vote; and
    4.         Whereas, a combined and harmonious reading of the aforesaid provisions of the said Act and the Rules, makes it clear that although the right to vote arises by the existence of the name in the electoral roll, it is also dependent upon the use of the Electors Photo Identity Card, where provided by the Election Commission at State cost, as the means of establishing their identity at the time of polling and that both are to be used together; and
    5.         Whereas, the Election Commission made an Order on the 28th August, 1993, directing the issue of Electors Photo Identity Card (EPIC) to all electors, according to a time bound programme; and
    6.        Whereas, Electors Photo Identity Card have been issued to approximate 100% electors in the State of Assam, Kerala, Tamil Nadu, West Bengal & Puducherry and
    7.         Now, therefore, after taking into account all relevant factors and the legal and factual position, the Election Commission hereby directs that for the General Election to the State Legislative Assemblies of Assam notified/to be notified on 02-03-2021, 05-03-2021 & 12-03-2021, of Kerala, Tamil Nadu & Puducherry to be notified on 12-03-2021 and of West Bengal notified/to be notified on 02-03-2021, 05-03-2021, 12-03-2021, 16-03-2021, 23-03-2021, 26-03-2021 & 31-03-2021, all electors who have been issued EPIC shall produce the EPIC for their identification at the polling station before casting their votes. Those electors who are not able to produce the EPIC shall produce one of the following alternative photo identity documents for establishing their identity: -
    (i) Aadhaar Card,
    (ii) MNREGA Job Card,
    (iii)Passbooks with photograph issued by Bank/Post Office,
    (iv) Health Insurance Smart Card issued under the scheme of Ministry of Labour,
    (v) Driving License,
    (vi) Pan Card,
    (vii) Smart Card issued by RGI under NPR,
    (viii) Indian Passport,
    (ix)   Pension document with photograph,
    (x)  Service Identity Cards with photograph issued to employees by Central/State Govt./PSUs/Public Limited Companies, and
    (xi)  Official identity cards issued to MPs/MLAs/MLCs.
    8.         In the case of EPIC, clerical errors, spelling mistakes, etc. should be ignored provided the identity of the elector can be established by the EPIC. If an elector produces an EPIC which has been issued by the Electoral Registration Officer of another Assembly Constituency, such EPIC shall also be accepted for identification provided the name of that elector finds place in the electoral roll pertaining to the polling station where the elector has turned up for voting. If it is not possible to establish the identity of the elector on account of mismatch of photograph, etc. the elector shall have to produce one of the alternative photo documents mentioned in Para 7 above.
    9.    Notwithstanding anything in Para 7 above, overseas electors who are registered in the electoral roll under Section 20A of the Representation of the People Act, 1950, based on the particulars in their Indian Passport, shall be identified on the basis of their original passport only (and no other identity document) in the polling station.

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  15. वर्ष 2015 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 784 (लोक प्रहरी बनाम भारत संघ और अन्य) और वर्ष 2011 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 536 (पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य) तथा वर्ष 2011 की रिट याचिका (सिविल) सं. 536 में वर्ष 2018 की अवमानना...

    सं. 3/4/2021/एसडीआर/
    दिनांक: 26 फरवरी 2021
     
    सेवा में
    सभी राज्‍यों/संघ राज्य क्षेत्रों के
    मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी।
     विषय:  वर्ष 2015 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 784 (लोक प्रहरी बनाम भारत संघ और अन्य) और वर्ष 2011 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 536 (पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य) तथा वर्ष 2011 की रिट याचिका (सिविल) सं. 536 में वर्ष 2018 की अवमानना याचिका (सिविल) सं. 2192 में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के अनुपालन में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों और राजनैतिक दलों द्वारा आपराधिक पूर्ववृत्त का प्रकाशन-तत्संबंधी।  
    संदर्भ:  
    सं.3/4/2017/एसडीआर/खंड-II, दिनांक 10 अक्तूबर, 2018 सं.3/4/2019/एसडीआर/खंड-I, दिनांक 19 मार्च, 2019 सं.76/ईसीआई/अनु./प्रका./ईईएम/ईईपीएस/2019/खंड-XVII, दिनांक 08 मई, 2019 सं.3/4/2019/एसडीआर/खंड-III, दिनांक 30 अगस्त, 2019 सं.3/4/2020/एसडीआर/खंड-III, दिनांक 06 मार्च, 2020 सं.3/4/2020/एसडीआर/खंड-III, दिनांक 19 मार्च, 2020 सं.3/4/2019/एसडीआर/खंड-IV, दिनांक 16 सितंबर, 2019 सं.3/4/2019/एसडीआर/खंड-IV, दिनांक 30 अक्तूबर, 2020 सं.3/4/2020/एसडीआर/खंड-III, दिनांक 11 जनवरी, 2021  
    महोदय/महोदया
    मुझे उल्लिखित विषय पर उपर्युक्त पत्रों का संदर्भ देने तथा इस संबंध में जारी 'राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा आपराधिक पूर्ववृत्त का प्रकाशन संबंधी दिशानिर्देश' युक्त पुस्तिका की एक प्रति आपकी सूचना और भावी संदर्भ के लिए इसके साथ संलग्न करने का निदेश हुआ है। 
    2.     इस पुस्तिका के पैरा 5 (प्रस्तावना) की ओर आपका ध्यान आकृष्टकिया जाता है जिसमें दिनांक 13 फरवरी, 2020 के माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के संदर्भ में राष्ट्रीय/देशी भाषा के समाचार पत्रों का अर्थ निर्धारित किया गया है। यह सभी संबंधितों की जानकारी में लाया जाना चाहिए।  
    3.     इसकी सूचना राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों/रिटर्निंग अधिकारियों को दी जाएगी जिससे कि वे अपनी ओर से आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
    4.     इसे राज्य में आधारित राजनैतिक दलों अर्थात मान्यताप्राप्त दलों की राज्य इकाईयों तथा अन्य राज्यों के मान्यताप्राप्त राज्यीय दलों तथा आपके राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में मुख्यालय वाले सभी पंजीकृत गैर-मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों को भी इस अनुदेश के साथ परिचालित किया जाएगा कि सभी भावी निर्वाचनों में दलों और उनके अभ्यर्थियों, दोनों द्वारा उक्त निदेशों का सख्ती से अनुपालन किया जाए। यह तथ्यउनकी जानकारी में भी लाया जाना चाहिए कि समाचार पत्र में घोषणा प्रकाशित करने में विफल रहने वाले अभ्यर्थी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा संलग्न प्रारूप में नोटिस जारी किया जाएगा।

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  16. अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान के प्रयोजनार्थ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना – तत्संबंधी।

    सं. 52/2021/एसडीआर/खंड-।
    दिनांकः 27 फरवरी, 2021
     
    सेवा में
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी
    असम, दिसपुर, केरल, तिरूवनन्तपुरम, तमिलनाडु, चेन्नई, ✓पश्चिम बंगाल, कोलकाता पुडुचेरी       
    विषयः  अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान के प्रयोजनार्थ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना – तत्संबंधी। 
    महोदय,
           मुझे आयोग की अधिसूचना सं. 52/2020/एसडीआर/वाल्यूम.I दिनांक 27 फरवरी, 2021 जिसमें अनिवार्य सेवा पर तैनात अनुपस्थित मतदाताओं के रूप में डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा देने के प्रयोजनार्थ उसमें उल्लिखित निर्वाचकों की श्रेणियां अधिसूचित की गयी थी, इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है। इसे राज्य के राजपत्र में तत्काल प्रकाशित किया जाए और उसकी एक प्रति आयोग को भी अग्रेषित की जाए। 
    2.     निर्वाचकों की अधिसूचित श्रेणी के विभागों को तद्नुसार सूचित किया जाए, और उन्हें डाक-मतपत्र सुविधा के इस उद्देश्य के लिए “नोडल अधिकारी” नामित करने के लिए कहा जाए। नोडल अधिकारी को इस सुविधा, और उसके द्वारा निष्पादित किए जाने वाले उत्तरदायित्वों एवं कर्त्तव्यों से अवगत कराया जाए। निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 से संलग्न प्ररूप 12(घ) की प्रतियां नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। नोडल अधिकारी को इस सुविधा के बारे में संबंधित निर्वाचकों को सूचित करना चाहिए। 
    3.     अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं द्वारा डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान के लिए अनुपालन किए जाने वाले दिशा-निर्देशों की एक प्रति भी इसके साथ संलग्न है।

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  17. अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान के प्रयोजनार्थ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना – तत्संबंधी।

    सं. 52/2021/एसडीआर/खंड-।
    दिनांकः 27 फरवरी, 2021
     
     
    सेवा में
     मुख्य निर्वाचन अधिकारी
    असम, दिसपुर, केरल, तिरूवनन्तपुरम, ✓तमिलनाडु, चेन्नई, पश्चिम बंगाल, कोलकाता पुडुचेरी       
    विषयः  अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान के प्रयोजनार्थ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना – तत्संबंधी। 
    महोदय,
           मुझे आयोग की अधिसूचना सं. 52/2020/एसडीआर/वाल्यूम.I दिनांक 27 फरवरी, 2021 जिसमें अनिवार्य सेवा पर तैनात अनुपस्थित मतदाताओं के रूप में डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा देने के प्रयोजनार्थ उसमें उल्लिखित निर्वाचकों की श्रेणियां अधिसूचित की गयी थी, इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है। इसे राज्य के राजपत्र में तत्काल प्रकाशित किया जाए और उसकी एक प्रति आयोग को भी अग्रेषित की जाए। 
    2.     निर्वाचकों की अधिसूचित श्रेणी के विभागों को तद्नुसार सूचित किया जाए, और उन्हें डाक-मतपत्र सुविधा के इस उद्देश्य के लिए “नोडल अधिकारी” नामित करने के लिए कहा जाए। नोडल अधिकारी को इस सुविधा, और उसके द्वारा निष्पादित किए जाने वाले उत्तरदायित्वों एवं कर्त्तव्यों से अवगत कराया जाए। निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 से संलग्न प्ररूप 12(घ) की प्रतियां नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। नोडल अधिकारी को इस सुविधा के बारे में संबंधित निर्वाचकों को सूचित करना चाहिए। 
    3.     अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं द्वारा डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान के लिए अनुपालन किए जाने वाले दिशा-निर्देशों की एक प्रति भी इसके साथ संलग्न है। 

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  18. अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान के प्रयोजनार्थ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना – तत्संबंधी। 

    सं. 52/2021/एसडीआर/खंड-।
    दिनांकः 27 फरवरी, 2021
     
    सेवा में 
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी
    असम, दिसपुर, ✓केरल, तिरूवनन्तपुरम, तमिलनाडु, चेन्नई, पश्चिम बंगाल, कोलकाता पुडुचेरी       
    विषयः  अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान के प्रयोजनार्थ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना – तत्संबंधी। 
    महोदय,
           मुझे आयोग की अधिसूचना सं. 52/2020/एसडीआर/वाल्यूम.I दिनांक 27 फरवरी, 2021 जिसमें अनिवार्य सेवा पर तैनात अनुपस्थित मतदाताओं के रूप में डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा देने के प्रयोजनार्थ उसमें उल्लिखित निर्वाचकों की श्रेणियां अधिसूचित की गयी थी, इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है। इसे राज्य के राजपत्र में तत्काल प्रकाशित किया जाए और उसकी एक प्रति आयोग को भी अग्रेषित की जाए। 
    2.     निर्वाचकों की अधिसूचित श्रेणी के विभागों को तद्नुसार सूचित किया जाए, और उन्हें डाक-मतपत्र सुविधा के इस उद्देश्य के लिए “नोडल अधिकारी” नामित करने के लिए कहा जाए। नोडल अधिकारी को इस सुविधा, और उसके द्वारा निष्पादित किए जाने वाले उत्तरदायित्वों एवं कर्त्तव्यों से अवगत कराया जाए। निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 से संलग्न प्ररूप 12(घ) की प्रतियां नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। नोडल अधिकारी को इस सुविधा के बारे में संबंधित निर्वाचकों को सूचित करना चाहिए। 
    3.     अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं द्वारा डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान के लिए अनुपालन किए जाने वाले दिशा-निर्देशों की एक प्रति भी इसके साथ संलग्न है।

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  19. अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान के प्रयोजनार्थ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना – तत्संबंधी।

    सं. 52/2021/एसडीआर/खंड-।
    दिनांकः 27 फरवरी, 2021
     
    सेवा में 
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी
     असम, दिसपुर,  केरल, तिरूवनन्तपुरम,  तमिलनाडु, चेन्नई,  पश्चिम बंगाल, कोलकाता  ✓पुडुचेरी       
    विषयः  अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान के प्रयोजनार्थ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना – तत्संबंधी। 
    महोदय,
           मुझे आयोग की अधिसूचना सं. 52/2020/एसडीआर/वाल्यूम.I दिनांक 27 फरवरी, 2021 जिसमें अनिवार्य सेवा पर तैनात अनुपस्थित मतदाताओं के रूप में डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा देने के प्रयोजनार्थ उसमें उल्लिखित निर्वाचकों की श्रेणियां अधिसूचित की गयी थी, इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है। इसे राज्य के राजपत्र में तत्काल प्रकाशित किया जाए और उसकी एक प्रति आयोग को भी अग्रेषित की जाए। 
    2.     निर्वाचकों की अधिसूचित श्रेणी के विभागों को तद्नुसार सूचित किया जाए, और उन्हें डाक-मतपत्र सुविधा के इस उद्देश्य के लिए “नोडल अधिकारी” नामित करने के लिए कहा जाए। नोडल अधिकारी को इस सुविधा, और उसके द्वारा निष्पादित किए जाने वाले उत्तरदायित्वों एवं कर्त्तव्यों से अवगत कराया जाए। निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 से संलग्न प्ररूप 12(घ) की प्रतियां नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। नोडल अधिकारी को इस सुविधा के बारे में संबंधित निर्वाचकों को सूचित करना चाहिए। 
    3.     अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं द्वारा डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान के लिए अनुपालन किए जाने वाले दिशा-निर्देशों की एक प्रति भी इसके साथ संलग्न है।

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  20. अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान के प्रयोजनार्थ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना – तत्संबंधी।

    सं. 52/2021/एसडीआर/खंड-।
    दिनांकः 27 फरवरी, 2021
     
     
    सेवा में 
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी
    ✓असम, दिसपुर,  केरल, तिरूवनन्तपुरम,  तमिलनाडु, चेन्नई,  पश्चिम बंगाल, कोलकाता  पुडुचेरी       
    विषयः  अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान के प्रयोजनार्थ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत आयोग की अधिसूचना – तत्संबंधी।
    महोदय,
           मुझे आयोग की अधिसूचना सं. 52/2020/एसडीआर/वाल्यूम.I दिनांक 27 फरवरी, 2021 जिसमें अनिवार्य सेवा पर तैनात अनुपस्थित मतदाताओं के रूप में डाक-मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा देने के प्रयोजनार्थ उसमें उल्लिखित निर्वाचकों की श्रेणियां अधिसूचित की गयी थी, इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है। इसे राज्य के राजपत्र में तत्काल प्रकाशित किया जाए और उसकी एक प्रति आयोग को भी अग्रेषित की जाए। 
    2.     निर्वाचकों की अधिसूचित श्रेणी के विभागों को तद्नुसार सूचित किया जाए, और उन्हें डाक-मतपत्र सुविधा के इस उद्देश्य के लिए “नोडल अधिकारी” नामित करने के लिए कहा जाए। नोडल अधिकारी को इस सुविधा, और उसके द्वारा निष्पादित किए जाने वाले उत्तरदायित्वों एवं कर्त्तव्यों से अवगत कराया जाए। निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 से संलग्न प्ररूप 12(घ) की प्रतियां नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। नोडल अधिकारी को इस सुविधा के बारे में संबंधित निर्वाचकों को सूचित करना चाहिए। 
    3.     अनिवार्य सेवाओं में तैनात व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं द्वारा डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान के लिए अनुपालन किए जाने वाले दिशा-निर्देशों की एक प्रति भी इसके साथ संलग्न है।

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  21. लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1951 की धारा 60 (ग) के अंतर्गत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना – कोविड-19 संदिग्‍ध अथवा प्रभावित व्‍यक्तियों को डाक मतपत्र जारी करना-तत्‍संबंधी।  

    सं.52/2021/एसडीआर/खंड-।
    दिनांक: 26 फरवरी, 2021
     
    सेवा में,
    मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी
    असम, केरल तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा पश्चिम बंगाल
     
    विषय: लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1951 की धारा 60 (ग) के अंतर्गत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना – कोविड-19 संदिग्‍ध अथवा प्रभावित व्‍यक्तियों को डाक मतपत्र जारी करना-तत्‍संबंधी।  
    संदर्भ :- दिनांक 2 फरवरी - 2021 का पत्र सं. 52/2021/एसडीआर/खंड.।. 
    महोदय,
          मुझे उपर्युक्‍त विषय पर आयोग की दिनांक 26 फरवरी, 2021 की अधिसूचना सं.52/2021/एसडीआर/खंड.। इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है। इसे तत्‍काल राज्य के राजपत्र में प्रकाशित किया जाए और इसकी प्रति इसकी सूचना तथा रिकार्ड के लिए आयोग को अग्रेषित की जाए।  
    2. कोविड-19 संदिग्‍ध/प्रभावित व्‍यक्तियों को सक्षम स्‍वास्‍थ्‍य प्राधिकारी द्वारा जारी किए जाने वाला प्रमाण पत्र का प्रोफार्मा, जिसे फार्म 12घ के साथ प्रस्‍तुत किया जाना है, इसके साथ संलग्‍न है।   
    3. आयोग के उपर्युक्‍त अनुदेश को उनके अनुपालनार्थ सभी संबंधितों के ध्‍यान में  लाया जाए।  

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  22. वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और कोविड-19 के संदिग्ध एवं प्रभावित व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं द्वारा डाक मतपत्र के जरिए मतदान के लिए दिशा-निर्देश – तत्संबंधी।

    सं. 52/2021/एसडीआर/खंड.1
    दिनांकः 2 फरवरी, 2021
     
    सेवा में,
          सभी राज्य व संघ राज्य-क्षेत्र के
          मुख्य निर्वाचन अधिकारी 
    विषयः वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और कोविड-19 के संदिग्ध एवं प्रभावित व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं द्वारा डाक मतपत्र के जरिए मतदान के लिए दिशा-निर्देश – तत्संबंधी। 
    संदर्भ :- (i) पत्र सं. 52/2020/एसडीआर/खंड. I दिनांक 17.09.2020 और
           (ii) पत्र सं. 52/2020/एसडीआर/खंड. I दिनांक 03.10.2020 
    महोदय/महोदया 
    मुझे आयोग के ऊपर उल्लिखित पत्रों का संदर्भ लेने और आगामी सभी निर्वाचनों में अनुपालन हेतु वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष से अधिक आयु), निर्वाचन नामावली में इंगित दिव्यांगजनों और कोविड-19 के संदिग्ध एवं प्रभावित व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं द्वारा डाक मतपत्र के जरिए मतदान के लिए संशोधित दिशा-निर्देश को एतद्द्वारा अग्रेषित करने का निदेश हुआ है। 
    2.    इसे सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और अन्य संबंधित निर्वाचक प्राधिकारियों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की राज्य यूनिटों और आपके राज्य/संघ-राज्य क्षेत्र में आधारित सभी पंजीकृत अमान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों की जानकारी में लाया जाए। 
    कृपया पावती दें।

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  23. वर्ष 2011 की रिट याचिका (सिविल) सं. 536 में वर्ष 2018 की अवमानना याचिका (सिविल) संख्‍या 2192 में माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय का दिनांक 13 फरवरी, 2020 का आदेश-राज्‍य सभा और राज्‍य विधान परिषद के निर्वाचनों में लंबित आपराधिक मामलों वाले अभ्‍यर्थियों के संबंध म

    सं.3/4/2020/एसडीआर/खंड.।।।
    दिनांक: 11 जनवरी, 2021
     
    सेवा में,
          मान्‍यताप्राप्‍त सभी राष्‍ट्रीय और राज्‍यीय
          राजनैतिक दलों के अध्‍यक्ष, महासचिव
          चेयरपर्सन/संयोजक
     
    विषय:  वर्ष 2011 की रिट याचिका (सिविल) सं. 536 में वर्ष 2018 की अवमानना याचिका (सिविल) संख्‍या 2192 में माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय का दिनांक 13 फरवरी, 2020 का आदेश-राज्‍य सभा और राज्‍य विधान परिषद के निर्वाचनों में लंबित आपराधिक मामलों वाले अभ्‍यर्थियों के संबंध में ब्‍यौरा प्रकाशित करने की अपेक्षा-तत्‍संबंधी
     
    महोदय/महोदया,
          मुझे वर्ष 2011 की रिट याचिका (सिविल) सं. 536 में वर्ष 2018 की अवमानना याचिका (सिविल) संख्‍या 2192 में माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के दिनांक 13 फरवरी, 2020 के आदेश के अनुसरण में जारी किए गए आयोग के पत्र सं. सं.3/4/2020/एसडीआर/खंड.।।।, दिनांक 16 सितंबर, 2020 की ओर आपका ध्‍यान आकर्षित करने का निदेश हुआ है। आयोग के उपर्युक्‍त निदेशों के अनुसार, प्रचार अवधि के दौरान आपराधिक मामलों का ब्‍यौरा निम्‍नलिखित तीन अवसरों पर प्रकाशित करना होगा, ताकि निर्वाचकों के पास ऐसे अभ्‍यर्थियों की पृष्‍ठभूमि के बारे में जानने के लिए पर्याप्‍त समय हो:- 
    (i)       नाम-निर्देशन वापस लेने के 4 दिन के भीतर।  
    (ii)      अगले 5 वें और 8 वें दिन के बीच।
    (iii)    9 वें दिन से प्रचार के अंतिम दिन तक (मतदान की तारीख से पहले दूसरा दिन)।  
    2. इस संबंध में राज्‍य सभा और राज्‍य विधान परिषदों हेतु निर्वाचनों से संबंधित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1951 की धारा 39 के खंड (घ) में निम्‍नलिखित व्‍याख्‍या है:- 
    (1) जैसे ही किसी राज्‍य की विधान सभा के निर्वाचित सदस्‍यों या किसी संघ राज्‍य क्षेत्र के निर्वाचकमंडल के सदस्‍यों से किसी सदस्‍य या सदस्‍यों का निर्वाचन करने की अपेक्षा करने वाली अधिसूचना निकाली जाए वैसे ही निर्वाचन आयोग शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा-
    (घ)       वह तारीख या वे तारीखें जिसकों या जिनको, यदि आवश्‍यक हो तो मतदान होगा और जो तारीख या जिन तारीखों में से पहली तारीख अभ्‍यर्थिताएं वापिस लेने के लिए नियत अंतिम तारीख के पश्‍चात सातवें दिन के पूर्वतर न होने वाली तारीख होगी; नियत करेगा
     3. उपर्युक्‍त उपबंधों को ध्‍यान में रखते हुए, विधायकों द्वारा राज्‍य सभा और राज्‍य विधान परिषदों के निर्वाचनों के मामले में, मतदान, यदि आवश्‍यक हुआ, की तारीख अभ्‍यर्थिता वापिस लेने की तारीख के बाद के सातवें दिन से पहले की नहीं होगी। तदनुसार, उपर्युक्‍त दो निर्वाचनों अर्थात विधायकों द्वारा राज्‍य सभा और राज्‍य विधान परिषद के निर्वाचन के मामले में निम्‍नलिखित तीन अवसरों पर आपराधिक मामलों का ब्‍यौरा प्रकाशित करने की समय-सीमा निम्‍नलिखित होगी:- 
    (i) नाम-निर्देशन वापिस लेने के पहले 2 दिन के भीतर
    (ii) अगले तीसरे-चौथे दिन के बीच; और
    (iii) पांचवे दिन से छठे दिन तक अर्थात मतदान की तारीख से पहले  
    4. कृपया पावती दें।

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  24. प्रवासी निर्वाचकों को भी डाक मतपत्र की सुविधा देने हेतु आयोग के प्रस्ताव पर शिकायतें-तत्संबंधी।

    फा. सं. 4/3/2020/एसडीआर/ 
    दिनांकः 19 दिसम्बर, 2020
     
    सेवा में
          श्री सीताराम येचुरी,
          महासचिव, सीपीआई (एम),
          ए के गोपालन भवन,  27-29 भाई वीर सिंह मार्ग,
          नई दिल्ली-110 001 
    विषयः- प्रवासी निर्वाचकों को भी डाक मतपत्र की सुविधा देने हेतु आयोग के प्रस्ताव पर शिकायतें-तत्संबंधी। 
    महोदय
          कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 04.12.2020 के अपने पत्र का संदर्भ लें।     
    जैसा कि आप अवगत हैं कि वर्ष 2011 में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20क के अंतर्गत प्रवासी निर्वाचकों के लिए पंजीकरण/मताधिकार हेतु विशेष प्रावधान निर्धारित किए गए थे। हालांकि, मौजूदा प्रावधानों के अंतर्गत, प्रवासी निर्वाचक भारत में अपने संबंधित मतदान केंद्रों पर और वह भी स्वयं उपस्थित होकर अपने मत डाल सकते हैं।     
          2015 में, राजनैतिक दलों सहित विभिन्न पक्षकारों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद, जैसा कि आपके उपर्युक्त पत्र में कहा गया है, समिति की सिफारिश पर, आयोग ने विधि एवं न्याय मंत्रालय को प्रवासी निर्वाचकों के लिए एक या उससे अधिक विकल्पों द्वारा मतदान की सुविधा देने की संस्तुति की हैः (i) डाक मतपत्र;  (ii) परोक्षी (प्रतिनिधि);  या (iii) व्यक्तिगत रुप से।      
          तत्पश्चात, दिनांक 21 अक्तूबर, 2016 को निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 23 में सेवा निर्वाचकों को डाक मतपत्र के एकतरफा इलेक्ट्रॉनिक प्रेषण (ईटीपीबीएस) (आरओ से निर्वाचक तक) की सुविधा प्रदान करने के लिए संशोधन किया गया था। सेवा मतदाताओं (भारत से बाहर किसी पद पर तैनात भारत सरकार के अंतर्गत सेवारत सुरक्षा बल और व्यक्ति) के लिए ईटीपीबीएस प्रणाली अब पूर्णतः सुव्यवस्थित है और संतोषजनक रूप से काम कर रही है। सेवा निर्वाचकों के लिए ईटीपीबीएस के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के बाद, प्रवासी निर्वाचकों के लिए सुविधा प्रदान करने की प्रक्रिया पर आयोग में विचार-विमर्श किया गया था। 2015 में पहले ही की गई संस्तुतियों के अनुरूप, आयोग ने नियमों में संशोधन करके प्रवासी निर्वाचकों के लिए ईटीपीबीएस हेतु विधि एवं न्याय मंत्रालय को संस्तुतियां दीं। आयोग ने उपर्युक्त पत्र से नोट किया कि "सीपीआई(एम) देश में निर्वाचन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रवासी निर्वाचकों/अनिवासी भारतीयों को भी मताधिकार की सुविधा देने के पक्ष में है"। 
          दिनांक 27.11.2020 को विधि एवं न्याय मंत्रालय को भेजे गए, प्रवासी निर्वाचकों के पक्ष में ईटीपीबीएस मतदान के विकल्प का विस्तार करने का मौजूदा प्रस्ताव उन सभी प्रवासी निर्वाचकों को मतदान की सुविधा देने के लिए आयोग के निरंतर प्रयासों का विस्तार है, जो 2011 में अधिनियम में संशोधन के बावजूद अपने मताधिकार का प्रयोग करने में असमर्थ हैं।  

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  25. Before the Election Commission of India- Dispute Case No. 1 of 1996 -(Under Para 15 of the Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 relation to the Indian National Congress)-ORDER

    Before the Election Commission of India- Dispute Case No. 1 of 1996 -(Under Para 15 of the Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 relation to the Indian National Congress)-ORDER
     

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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