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महत्वपूर्ण निर्देश

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  1. वीवीपीएटी पर्चियों की गणना संबंधी मुद्दे-कंट्रोल यूनिट से छद्म मतदान डाटा को नहीं हटाना या वीवीपीएटी से छद्म मतदान पर्चियों को नहीं हटाना- उनके मतों की गणना करना और अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया में बेमेलता-तत्‍संबंधी।

    सं.51/8/7/2019-ईएमपीएस                                     दिनांक : 21 मई, 2019
    सेवा में
    सभी राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्रों के
    मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी।
    विषय-वीवीपीएटी पर्चियों की गणना संबंधी मुद्दे-कंट्रोल यूनिट से छद्म मतदान डाटा को नहीं हटाना या वीवीपीएटी से छद्म मतदान पर्चियों को नहीं हटाना- उनके मतों की गणना करना और अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया में बेमेलता-तत्‍संबंधी।
    महोदय,
          उपर्युक्त विषय पर विद्यमान अनुदेशों के अनुक्रम में, मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि विगत एवं प्रगतिरत लोकसभा और एक साथ आयोजित किए जा रहे आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की राज्य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2019 के दौरान, कुछ मतदान केंद्रों पर कंट्रोल यूनिटों से छद्म मतदान के डाटा को समुचित रूप से हटाने और वीवीपीएटी से छद्म मतदान पर्चियों को हटाने में मानवीय त्रुटि की कुछ घटनाएं हुई हैं। कुछ मामलों में, पीठासीन अधिकारी या तो कंट्रोल यूनिट से छद्म मतदान के डाटा को हटाने में विफल रहे हैं या वीवीपीएटी के ड्रॉप बॉक्स से छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियों को हटाने में विफल रहे हैं।
    2.    आयोग ने इस मामले पर विचार किया है और यह निदेश दिया है कि ऐसे सभी मामलों में मतगणना के दौरान निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाएगी:-
    (क) सभी पूर्व-अभिज्ञात मामलों में (मतदान दिवस को, पी + 1 दिवस आदि को दस्तावेजों की जांच के दौरान), जहां छद्म मतदान को कंट्रोल यूनिट से हटाया नहीं जाता है या छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियों को हटाया नहीं जाता है (पूरी तरह या आंशिक रूप से), संबंधित कंट्रोल यूनिट(टों) को मतों की गणना के दौरान अलग रखा जाएगा अर्थात् इन मतदान केंद्रों को, कंट्रोल यूनिटों की नियमित चरण-वार गणना के दौरान मतगणना के लिए नहीं लिया जाएगा। ऐसे मतदान केंद्रों को आवंटित मेज को मतगणना के प्रासंगिक चरण के दौरान खाली रखा जाएगा। सभी पूर्व-अभिज्ञात मतदान केंद्रों की सूची मतगणना की प्रक्रिया शुरू होने से पहले निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के साथ साझा की जाएगी।
    (ख)   ईवीएम की चरण-वार गणना के दौरान, यदि कोई ऐसा मामला है जिसमें सीयू में मतदान किए गए कुल मत फॉर्म 17-ग में मतों के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते हैं, तो यह एक संकेत है कि वास्तविक मतदान के दौरान इस मतदान केंद्र के संबंध में छद्म मतदान के पश्चात क्लोज-रिजल्ट-क्लियर (सीआरसी) प्रोटोकॉल का सही तरीके से अनुसरण नहीं किया गया था। ऐसे सभी मामलों में, सीयू को अलग रखा जाएगा अर्थात् इन मतदान केंद्रों को, कंट्रोल यूनिटों को नियमित चरण-वार गणना के दौरान मतगणना के लिए नहीं लिया जाएगा। ऐसे मतदान केंद्रों को आवंटित मेजों को उस विशेष दौर के दौरान खाली रखा जाएगा। ऐसे परिदृश्य के सटीक विवरण और कारणों को आरओ/एआरओ द्वारा मतगणना हॉल में मौजूद निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों/निर्वाचन एजेंटों/मतगणना एजेंटों के समक्ष स्‍पष्‍ट किया जाएगा।
    (ग)   ऊपर (क) और (ख) के अंतर्गत आने वाले सभी मामलों में, इन मतदान केंद्रों से संबंधित वीवीपीएटी की गणना सीयू के साथ सभी मतगणना चरणों को पूरा करने के बाद की जाएगी।
    3.    कंट्रोल यूनिट की गणना के सभी नियमित चरणों के पूरा होने के बाद, निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा:
    क. राज्य विधान सभा निर्वाचनों के लिए -
    (i) यदि जीत का अंतर ऐसे सभी मतदान केंद्रों में डाले गए कुल मतों से अधिक है, तो पैरा 2(क) और (ख) के अनुसार यथाचिह्नित इन मतदान केंद्रों को मतगणना के लिए नहीं लिया जाएगा और इन मतदान केंद्रों के बिना परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
    (ii) यदि जीत का अंतर इन मतदान केंद्रों में डाले गए कुल मतों के बराबर या उससे कम है, ऐसे मामले में केवल संबंधित वीवीपीएटी की पेपर पर्चियों की गणना की जाएगी और कंट्रोल यूनिटों को मतगणना के उद्देश्य से छोड़ दिया जाएगा अर्थात् कंट्रोल यूनिटों को मतों का गणना के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा।
    (iii) उन मामलों में भी जहां, छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियां वीवीपीएटी के ड्रॉप बॉक्स से निकाले नहीं गए हैं, वीवीपीएटी पर्चियों की गिनती की जाएगी और अभ्यर्थी-वार डाले गए मतों की सही गणना पर आने के लिए छद्म मतदान प्रमाण-पत्र से अभ्यर्थी-वार मत काट लिए जाएंगे।
    (iv) इन सभी मतदान केंद्रों के वीवीपीएटी पर्ची गणना परिणाम को अभ्यर्थी-वार प्राप्‍त मत संख्‍या में जोड़ा जाएगा और अंतिम परिणाम संकलित किया जाएगा।
    ख. लोक सभा निर्वाचनों के लिए –
    (i) उन सभी मतदान केंद्रों के लिए जहां ईवीएम और वीवीपीएटी को उपर्युक्त 2(क) और (ख) के अनुसार अलग रखा गया है, केवल संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियों की गणना की जाएगी और कंट्रोल यूनिटों को गणना के उद्देश्य से खारिज कर दिया जाएगा अर्थात् मतगणना के लिए कंट्रोल यूनिटों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
    (ii) उन मामलों में भी जहां वीवीपीएटी ड्रॉप बाक्स से छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियां बाहर नहीं निकाली गई हैं, फिर भी वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की जाएगी और अभ्यर्थी-वार डाले गए मतों की सही गणना पर आने के लिए छद्म मतदान प्रमाण-पत्र से अभ्यर्थी-वार मत काट लिए जाएंगे।
    (iii) इन सभी मतदान केंद्रों के वीवीपीएटी पर्ची गणना परिणाम को अभ्यर्थी-वार प्राप्‍त मत संख्‍या में जोड़ा जाएगा और अंतिम परिणाम संकलित किया जाएगा।
    3. चूंकि, पूर्वोक्त मामलों में कंट्रोल यूनिटों को मतों की गणना के लिए छोड़ दिया जाएगा/उपयोग नहीं किया जाएगा, इसलिए इन मतदान केंद्रों को वीवीपीएटी पेपर पर्चियों की  गणना के अनिवार्य सत्यापन के लिए 5 (पांच) मतदान केंद्रों के यादृच्छिक चयन से बाहर रखा जाएगा।
    4. वीवीपीएटी पर्चियों का अनिवार्य सत्यापन:    
          (क) यादृच्छिकीकरण रूप से चुने गए 5 मतदान केंद्रों से वीवीपीएटी और सीयू के अनिवार्य गणना और परिणाम के मिलान का उद्देश्य यह ऑडिट और परीक्षण करना है कि कोई ईवीएम उसके साथ संलग्न वीवीपीएटी द्वारा मुद्रित पर्चियों से अलग मत तो नहीं रिकॉर्ड कर रहा है। हालांकि, वास्तविक मतदान के दौरान मानवीय त्रुटि या मतदान कर्मचारियों द्वारा निदेशों का पालन नहीं करने के कारण कई स्थितियां उत्‍पन्‍न हुई हैं, जिनमें कुल वीवीपीएटी पर्चियों की संख्या सीयू की गणना से भिन्न हो सकती है। कुछ उदाहरण ऐसे भी सामने आए हैं जहां छद्म मतदान के पश्चात वीवीपीएटी से वीवीपीएटी पर्चियां पूरी तरह से नहीं हटाई  गई हैं, या छद्म मतदान के पश्चात सीयू में सीआरसी नहीं किया गया है या मानवीय त्रुटि के अन्य ऐसे मामले सामने आए हैं।
          (ख) यदि कंट्रोल यूनिट के इलेक्ट्रॉनिक अभ्यर्थी-वार परिणाम और वीवीपीएटी पर्चियों की अभ्यर्थी-वार मैनुअल गणना के बीच कोई बेमेल है, तो उस विशेष वीवीपीएटी की वीवीपीएटी पर्चियों की पुनर्गणना तब तक की जाएगी, जब तक कि पुनर्गणना ईवीएम गणना या पिछले वीवीपीएटी पर्ची की गणना  में से किसी एक के साथ मेल न हो जाए। हालांकि, ऐसे सभी मामलों में, पुनर्गणना करने से पहले, उन अभ्यर्थियों से संबंधित वीवीपीएटी पर्चियां, जिनकी सीयू गणना और वीवीपीएटी गणना का परिणाम मेल नहीं हो रहा है, मतगणना पर्यवेक्षक प्रत्येक बंडल के प्रत्येक वीवीपीएटी के निर्वाचन प्रतीकों को एक-एक करके ध्यानपूर्वक जांच करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी बंडलों में केवल संबंधित अभ्यर्थी की वीवीपीएटी पर्चियां ही शामिल हों। उपरोक्त प्रक्रिया का पालन करने के पश्चात ही पुनर्गणना की जाएगी।
          (ग) उपरोक्त प्रक्रिया का पालन करने के पश्चात भी, यदि कंट्रोल यूनिट और वीवीपीएटी की इलेक्ट्रॉनिक मैनुअल गणना अभी भी मेल नहीं खाती है, तो वीवीपीएटी पर्चियों की गणना निर्वाचन का संचालन नियम, 1961 के नियम 56घ(4)(ख) के अनुसार होगी और परिणाम शीट में संशोधन किया जाएगा और अंतिम परिणाम तद्नुसार घोषित किया जाएगा। 
                 (घ) अनिवार्य वीवीपीएटी पर्ची सत्यापन के सभी मामलों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट और साथ ही साथ नियम 56ग के तहत की गई वीवीपीएटी पर्ची की गणना निर्धारित प्रारूप में गिनती प्रक्रिया के पूरा होने के तुरंत बाद सीईओ के माध्यम से आयोग को प्रस्तुत की जाएगी।
          (ङ) ऐसे सभी मामलों में उचित तरीके से गहन विश्लेषण/जांच की जाएगी जहां वीवीपीएटी पर्ची गणना सीयू के इलेक्ट्रॉनिक परिणाम से मिलान करने में विफल रहती है और सटीक कारणों, तकनीकी, प्रक्रियात्मक, प्रणालीगत, मानवीय त्रुटि या अनुपालन में चूक का पता लगाया जाएगा और आयोग द्वारा उचित कार्रवाई(यां) की जाएगी।
    5.     इसके अतिरिक्त, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मतगणना के लिए उपयोग किए जाने वाली सभी ईवीएम की क्रम संख्या की प्रति-जांच एजेंटों द्वारा की जाएगी और मतगणना के समय उनसे इस आशय का प्रमाण पत्र लिया जाएगा।      
    6.    उपर्युक्त अनुदेशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा और गणना प्रेक्षकों सहित सभी संबंधितों के ध्यान में इनको लाया जाएगा।
     
    भवदीय,
    ह./-
    (मधुसुदन गुप्ता)
    अवर सचिव

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  2. वीवीपीएटी पेपर स्लिप का अनिवार्य सत्यापन – तत्संबंधी

    वीवीपीएटी पेपर स्लिप का अनिवार्य सत्यापन – तत्संबंधी

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  3. वीवीपीएटी में पावर पैक (बैटरी) के उपयोग के संबंध में निर्देश – तत्‍संबंधी

    वीवीपीएटी में पावर पैक (बैटरी) के उपयोग के संबंध में निर्देश – तत्‍संबंधी

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  4. वीवीपैट पेपर का अनिवार्य सत्‍यापन – तत्‍संबंधी।

    सं. 51/8/वीवीपैट-अनुदेश/2019/ईएमपीएस                              दिनांक: 19 मई, 2019
    सेवा में
          सभी राज्‍यों और संघ राज्‍य क्षेत्रों
          के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी
     विषय:   वीवीपैट पेपर का अनिवार्य सत्‍यापन – तत्‍संबंधी।
    महोदय,
          मुझे उपर्युक्‍त विषय पर आयोग के दिनांक 15 अप्रैल, 2019 के पत्र सं. 51/8/वीवीपैट-अनुदेश/2019-ईएमपीएस, के संदर्भ में यह कहने का निदेश हुआ है कि मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने, वीवीपैट पेपर पर्चियों के अनिवार्य सत्‍यापन के प्रयोजनार्थ यादृच्छिक रूप से चयन किए जाने हेतु मतदान केंद्रों की संख्‍या के संबंध में स्‍पष्‍टीकरण मांगा है क्‍योंकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में कोई विधान सभा सेग्‍मेंट नहीं है।
          इस संबंध में, मुझे यह स्‍पष्‍ट करने का निदेश हुआ है कि लोकसभा निर्वाचनों के लिए, यदि किसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में विधान सभा सेग्‍मेंट नहीं है तो, वीवीपैट पेपर पर्चियों के अनिवार्य सत्‍यापन के लिए उस संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्रों से 05 (पांच) मतदान केंद्रों का यादृच्छिक रूप से चयन किया जाएगा।
          उक्‍त पत्र के अन्‍य सभी निर्देशों का अक्षरश: अनुपालन किया जाएगा। 
          
    भवदीय,
    (मधुसूदन गुप्‍ता)
    अवर सचिव

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  5. व्‍यय प्रेक्षकों के लिए महत्‍वपूर्ण अनुदेश

    सं. 116/बिहार-वि.स./व्‍यय प्रेक्षक/2020/सीईएमएस-III 
     दिनांक: 16 अक्‍तूबर, 2020
     
    सेवा में,
          मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी,
          बिहार,  पटना।
     
    विषय: बिहार विधान सभा का साधारण निर्वाचन, 2020 - प्रथम चरण - वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के लिए व्‍यय प्रेक्षकों का ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ – तत्‍संबंधी।
    महोदय,
          मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग फील्‍ड मशीनरी की मतदान तैयारियों का व्‍यापक रूप से आकलन करने के लिए तथा निर्वाचन संबंधी सभी नियमों, दिशा-निर्देशों एवं अनुदेशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए बिहार राज्‍य में प्रथम चरण में तैनात सभी व्‍यय प्रेक्षकों के साथ 17 अक्‍तूबर, 2020 को पूर्वाह्न 11.00 बजे वीडियो कॉन्‍फ्रेंस (वीसी) के माध्‍यम से समीक्षा बैठक का आयोजन करेगा।  
    इस संबंध में, आपसे अनुरोध है कि अनुबंध ‘क’ पर संलग्‍न ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’  प्रथम चरण के निर्वाचन के सभी व्‍यय प्रेक्षकों को परिचालित करें।  
          व्‍यय प्रेक्षकों द्वारा ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’16 अक्‍तूबर, 2020 के अपराह्न 5.00 बजे तक अनिवार्यत: निम्‍नलिखित ई-मेल पर भेजी जाए।
          traogharu@eci.gov.in                           k.rajeev71@eci.gov.in          
    इसे शीर्ष ‘कोई अन्‍य रिपोर्ट’ के अंतर्गत व्‍यय प्रेक्षक पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए।  
    व्‍यय प्रेक्षकों के ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ अवश्‍यतया संक्षिप्‍त, स्‍वच्‍छ, सुस्‍पष्‍ट तथा सटीक होने चाहिए तथा  टाइप किए हुए 2 A-4 पृष्‍ठों से अधिक नहीं होने चाहिए। ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’  में कवर किए जाने वाले मुद्दों/बिंदुओं की निदर्शी सूची अनुबंध ‘क’ पर संलग्‍न है। 
    सभी व्‍यय प्रेक्षकों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय/जिला मुख्‍यालय में उपस्थित रहना चाहिए जिससे कि वे महत्‍वपूर्ण खामियों, तत्‍काल कार्रवाई करने योग्‍य बिंदुओं, महत्‍वपूर्ण मुद्दों या अन्‍य उल्‍लेखनीय इनपुट, यदि कोई हों, पर आयोग के ध्‍यानार्थ व्‍यक्तिगत प्रतिपुष्टि (फीडबैक) दे सकें।  
          स्‍टटेस नोट/फीडबैक का उपरोक्‍त प्रोफार्मा आयोग की वेबसाइट www.eci.gov.in पर भी उपलब्‍ध है और उसे शीर्ष ‘प्रेक्षक पोर्टल (केवल प्रेक्षकों के लिए)’ – ‘‘व्‍यय प्रेक्षकों के लिए महत्‍वपूर्ण अनुदेश’’ के अंतर्गत देखा जा सकता है।  
          यह अनुदेश सभी व्‍यय प्रेक्षकों के अनुपालन हेतु उनके संज्ञान में तत्‍काल लाया जाए।  
     
    भवदीय,
    ह./-
    (टीटव राव)
    अवर सचिव 
     

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  6. श्री सीताराम येचुरी, महासचिव, सीपीआई (एम) का दिनांक 29 जून, 2020 के पत्र का भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जवाब

    सं. 4/3/2020/एसडीआर/380                                   
    दिनांकः 01.07.2020
     
    सेवा में,
           श्री सीताराम येचुरी,
           महासचिव, सीपीआई (एम)
     
    महोदय,
           कृपया उपर्युक्त विषय पर अपने दिनांक 29 जून, 2020 के पत्र का संदर्भ लें, जो मीडिया में व्यापक रूप से उपलब्ध होने के बाद ही आयोग में प्राप्त हुआ था । उक्त पत्र में दिए गए प्रकथन के प्रत्युत्तर में आपका ध्यान निम्नलिखित की ओर आकर्षित किया जाता हैः
    1.                   आयोग ने मतदाताओं की विनिर्दिष्ट श्रेणी को डाक मत-पत्र की सुविधा देने के लिए अनुच्छेद 324 का प्रयोग नहीं किया है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60 (ग) के तहत निर्धारित सांविधिक ढांचे में निम्नलिखित प्रावधान हैं:-
    “मतदान करवाए जाने वाले किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में किसी भी निर्वाचन में उन नियमों में यथाविनिर्दिष्ट ऐसी अर्हताओं की पूर्ति के अध्यधीन अपना वोट डाक मतपत्र द्वारा देने और अन्य किसी रीति से नहीं देने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा सरकार से परामर्श करके अधिसूचित व्यक्तियों की श्रेणी वाले व्यक्ति।“
    तद्नुसार, आयोग ने तीन श्रेणियों (क) 80 वर्ष तथा इससे अधिक आयु के व्यक्तियों (ख) दिव्यांग निर्वाचकों; तथा (ग) आवश्यक सेवाओं में नियुक्त निर्वाचकों, को डाक मतपत्र सुविधाएं देने की अनुशंसा की, जिसे दिनांक 22.10.2019 को सरकार द्वारा निर्वाचन का संचालन नियम, 1961 के तहत अधिसूचित किया गया था। आयोग ने सावधानी बरतते हुए वर्ष 2019 के अपने साधारण निर्वाचन में झारखंड के सात निर्वाचन क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांग निर्वाचकों को डाक मतपत्र सुविधा मुहैया कराई। इस नये मैकेनिज्म का ब्यौरा मुख्य चुनाव अधिकारी तथा संबंधित जिला चुनाव अधिकारी द्वारा संबंधित सभी राजनैतिक दलों तथा संबंधित अभ्यर्थियों के साथ विधिवत रूप से साझा किया गया था। 680 वरिष्ठ नागरिकों तथा 1338 दिव्यांग निर्वाचकों द्वारा इस सुविधा का उपयोग किया गया। इसके बाद, फरवरी, 2020 में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र में दिल्ली विधान सभा निर्वाचन में इस सुविधा का सभी 70 निर्वाचन क्षेत्रों में विस्तार किया गया था। 2257 वरिष्ठ नागरिकों, 429 दिव्यांग निर्वाचकों, तथा आवश्यक सेवा के 19 निर्वाचकों को यह सुविधा मुहैया कराई गई। आयोग को राजनैतिक दलों सहित किसी भी स्टेकहोल्डर से इस संबंध में कोई सरोकार प्राप्त नहीं हुआ।
    2.   कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर दिनांक 24 मार्च, 2020 (मध्यरात्रि) से समय-समय पर शहरों में  लॉकडाउन संबंधी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। कोविड-19 दिशानिर्देश के तहत, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत राष्ट्रीय कार्यकारी समिति विभिन्न दिशानिर्देश जारी करती रही है जिसमें, अन्य बातों के साथ निम्नलिखित शामिल थाः-
    (क) 65 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को असुरक्षित के रूप में वर्गीकृत किया जाना,
    (ख) सभी कोविड-19 पाजिटिव/संदेहात्मक व्यक्तियों को गृह/संस्थागत क्वारंटाइन रखा जाना।
    आयोग ने इन असाधारण स्थितियों पर विचार किया तथा इन अभिज्ञेय श्रेणियों के लिए डाक मतपत्र सुविधाओं का विस्तार करने की सिफारिश करने का फैसला किया ताकि वे भीड़-भाड़ से दूर रहें और अपने मतदान के अधिकार से वंचित भी न रहें।
    3.   कोविड-19 के उपायों को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने पहले ही प्रत्येक मतदान केन्द्र (पीएस) पर निर्वाचकों की संख्या 1000 तक सीमित करने और उसी स्थान/आसपास के क्षेत्र में सहायक मतदान केंद्र बनाने का निर्देश दिया है ताकि स्वास्थ्य प्राधिकारियों द्वारा निर्धारित सामाजिक दूरी संबंधी मानदंडों को मतदान के समय सुचारू रूप से लागू किया जा सके। आयोग ने बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इन सभी उपायों के संबंध में सभी मान्यताप्राप्त राजनैतिक दलों के साथ परामर्श करने का निर्देश भी दिया। इस संबंध में बिहार के मुख्य निर्वाचक अधिकारी द्वारा यथा प्रेषित दिनांक 26.06.2020 को आयोजित बैठक के कार्यवृत्त की एक प्रति आपके संदर्भ के लिए इसके साथ संलग्न है। राजनैतिक दलों के साथ इस तरह के परामर्श करना निर्वाचन प्रक्रिया के अभिन्न अंग होते हैं।
    4.   निर्वाचक तथा राजनैतिक दल/संस्थाएँ हमारी निर्वाचन प्रणाली में सबसे महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर है। इस प्रक्रिया की शुचिता से समझौता किए बिना उनकी समावेशिता सुनिश्चित करने हेतु सभी प्रयास किए जाते हैं। वरिष्ठ नागरिक तथा दिव्यांग  श्रेणियों से संबंधित निर्वाचकों को डाक मतपत्र की सुविधा देने संबंधी उपाय ने जमीन पर पहले ही संतोषजनक रूप से कार्य किया है। इस सुविधा को और ज्यादा मजबूत बनाने और प्रक्रियाओं को कारगर बनाने के लिए किसी भी प्रकार के सुझाव का हमेशा स्वागत है।
    5.   आयोग निर्वाचकों के हित में मौजूदा संवैधानिक ढांचे को सतत रूप से लागू करता रहा है जिससे उनकी अधिकतम भागीदारी प्राप्त होती है, विशेष रूप से वर्तमान के चुनौतीपूर्ण समय में। आयोग, आने वाले चुनौतियों का सामना करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों हेतु किसी भी सुझाव का स्वागत करेगा। आयोग, विगत की भांति हमेशा राजनैतिक दलों के इनपुट को महत्व देता है।

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  7. समान संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के एक विधान सभा खंड से दूसरे विधान सभा खंड की आरक्षित ईवीएम/वीवीपीएटी के उपयोग से संबंधित निर्देश

    समान संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के एक विधान सभा खंड से दूसरे विधान सभा खंड की आरक्षित ईवीएम/वीवीपीएटी के उपयोग से संबंधित निर्देश

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  8. संसदीय/विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उप-निर्वाचन - लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(ग) के अंतर्गत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना- कोविड – 19 के कारण क्वारंटीन होने वाले निर्वाचकों को डाक मतपत्र जारी करना-तत्संबंधी।

    सं. 52/2021/एसडीआर/खंड.I
    दिनांकः 26  मार्च, 2021
    चैत्र 5, 1943 (शक)
     
    अधिसूचना
          लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-60 के खंड (ग) के उपबंधों के अनुसरण में, निर्वाचन आयोग एतद्दवारा विनिर्दिष्ट करता है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित,कोविड-19 से संदिग्ध या प्रभावित व्यक्ति जो डाक-मतपत्र द्वारा मतदान करने के लिए अनुरोध करते हैं वे संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उनके अनुरोध के सत्यापन के अध्यधीन, विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना का. आ. सं. 1964 (ङ), दिनांक 19 जून, 2020 यथासंशोधित निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के भाग-IIIक के उपबंधों और उक्त विषय पर  निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए पठित निदेशों और दिशा-निर्देशों के अनुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 30 के अधीन अधिसूचित किए गए/किए जाने वाले लोक सभा और विधान सभा के वर्तमान उप-निर्वाचनों में डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने वाले व्यक्तियों की श्रेणी में आएंगे।

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  9. साथ-साथ होने वाले निर्वाचनों के लिए ईवीएम और वीवीपीएटी का निर्धारण और मान्‍यता

    साथ-साथ होने वाले निर्वाचनों के लिए ईवीएम और वीवीपीएटी का निर्धारण और मान्‍यता 

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  10. सार्वजनिक सभाओं, जुलुसों आदि के माध्‍यम से निर्वाचन प्रचार अभियान और टेलीविजन और समान उपकरणों के माध्‍यम से निर्वाचन मामलों को प्रदर्शित्‍ करने पर प्रतिबंध के संबंध में लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1951 की धारा 126 के प्रावधान

    Section 126 of the RP Act, 1951, inter-alia, prohibits election  campaign activities through public meetings, processions, etc, and displaying of election matter by means of television and similar apparatus. The purpose sought to be served by this prohibition is to provide a period of tranquil (silence period) for the electors before the voting day.

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  11. हरियाणा और महाराष्‍ट्र के लिए साधारण निर्वाचन एवं 17 राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार के 23-समस्‍तीपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – एग्‍जिट पोल पर प्रतिबंध

    हरियाणा और महाराष्‍ट्र विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन एवं 17 राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार राज्‍य के 23-समस्‍तीपुर (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र राज्‍य के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में साथ-साथ आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – एग्‍जिट पोल पर प्रतिबंध

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  12. हरियाणा और महाराष्‍ट्र के लिए साधारण निर्वाचन एवं 18 राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार के 23-समस्‍तीपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के उप-निर्वाचन – सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्‍ट्रॉनिक रूप..

    हरियाणा और महाराष्‍ट्र विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन एवं 18 राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार के 23-समस्‍तीपुर (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में साथ-साथ आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करने से संबंधित निदेश
     
     

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  13. हरियाणा और महाराष्‍ट्र के साधारण निर्वाचन एवं 17 राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार के 23-समस्‍तीपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – ईवीएम और वीवीपीएटी का उपयोग किया जाना 

    हरियाणा और महाराष्‍ट्र विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन एवं 17   राज्‍यों की 51 विधान सभाओं तथा बिहार राज्‍य के 23-समस्‍तीपुर (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र राज्‍य के 45-सतारा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में साथ-साथ आयोजित किए जाने वाले उप-निर्वाचन – ईवीएम और वीवीपीएटी का उपयोग किया जाना 
     

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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