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श्री करन अवतार सिंह, मुख्य सचिव, पंजाब सरकार को आयोग का पत्र


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सं. 76/पंजाब-लोकसभा/04/2019/एन एस-1                  दिनांक: 23 जुलाई, 2019

 

जिला निर्वाचन अधिकारी और

उपायुक्त, जालंधर

पंजाब

विषय: लोकसभा साधारण निर्वाचन,2019- निवार्चन व्ययों का लेखा- 4-जालंधर संसदीय निवार्चन क्षेत्र- तत्संबंधी

 

महोदय,

मुझे आपकी रिर्पोट सं. निर्वाचन-2019/आर-7142 दिनांक 08.07.2019 के साथ निर्वाचन संचालन नियम,1961 के नियम 89 के उप-नियम (1) के अधीन आपके द्वारा प्रस्तुत रिर्पोट को संदर्भित करने का निर्देश हुआ है और यह कहना है कि निर्वाचन संचालन नियम,1961 के नियम 89 के उप-नियम(4) के अंतर्गत उक्त रिर्पोट पर विचार करने के बाद आयोग ने निर्णय लिया है कि श्री वाल्मिकाचार्य नित्य आनंद अपने निवार्चन व्यय के लेखा प्रस्तुत करने में विफल रहे हैं।

2. तदनुसार, आयोग ने उपर्युक्त-उल्लिखित अभ्यर्थी को पूर्वोक्त नियम 89 के उप-नियम (5) के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि उपर्युक्त उल्लिखित असफलता के लिए उस अभ्यर्थी को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम,1951 की धारा 10 क के अधीन क्यों न निरर्हित कर दिया जाए

3.1 पूर्वोक्त नोटिस, एतद्वारा इस अनुरोध के साथ भेजा जा रहा है कि इसे विशेष संवाहक अथवा प्रोसेस सर्वर के माध्यम से संबंधित अभ्यर्थी को तत्काल प्राप्त करा दिया जाए। नोटिस दे देने के बाद अभ्यर्थी से पावती भी प्राप्त की जाए।

3.2 यदि अभ्यर्थी नोटिस प्राप्त करने के लिए स्वयं उपस्थित नहीं हो तो नोटिस में दिए गए पते पर उपस्थित अभ्यर्थी के परिवार के किसी वयस्क सदस्य से इसकी यथोचित पावती लेकर उसे दिया जा सकता है। पावती पर प्राप्तकर्ता का पूरा नाम, नोटिस देने की तारीख और अभ्यर्थी के साथ उसके संबंध को अवश्य लिखा जाना चाहिए।

3.3 यदि नोटिस में दिए गए पते पर विशेष्ज्ञ संवाहक अथवा प्रोसेस सर्वर के बार-बार कम से कम तीन बार जाने पर भी न तो अभ्यर्थी मिलता है और न ही उसके परिवार का कोई वयस्क सदस्य मिलता है तो उसी परिवार अथवा आसपास में रहने वाले कम से कम दो जिम्मेवार व्यक्तियों की उपस्थिति में अभ्यर्थी के बाहरी द्वार अथवा सुस्पष्ट और उपयुक्त स्थान पर नोटिस चिपका दिया जाए। विशेष संवाहक/प्रोसेस सर्वर की रिर्पोट में उन व्यक्तियों को पूरा नाम और पते, जिनकी उपस्थिति में नोटिस चिपकाया गया है, का स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए और उन व्यक्तियों के हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान भी लिया जाना चाहिए।

4. अभ्यर्थी को नोटिस देने के बाद अभ्यर्थी से प्राप्त पावती अथवा विशेष संवाहक/प्रोसेस सर्वर की रिर्पोट सहित नोटिस देने की तारीख दर्शाते हुए एक समेकित रिर्पोट आयोग को तत्काल भेजी जानी चाहिए।

5. संदर्भित नोटिस में चूक करने वाले अभ्यर्थी को कहा जा रहा है कि वे इस नोटिस की प्राप्ति से 20 दिन के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करें अथवा उनके द्वारा पहले से दायर किए गए लेखा में त्रुटियों को दूर करें।

20 दिन की पूर्वोक्त अवधि समाप्त होते ही उक्त नियम 89 के उप-नियम (7) के अंतर्गत परिकल्पित पांच दिन के भीतर आप के द्वारा आयोग को एक अनुपूरक रिर्पोट भेजी जाएगी कि संबंधित अभ्यर्थी द्वारा अपेक्षित कार्रवाई की जा चुकी है अथवा नहीं।

6. कृप्या इस पत्र की पावती दें।

 

भवदीय,

(अजय कुमार वर्मा)

अवर सचिव

सं. 76/पंजाब-लोकसभा/04/2019

प्रति: मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब, चण्डीगढ


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