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स्‍थानांतरण/तैनाती एडवाइजरी -राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली

  

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सं.437/6/1/अनुदेश/ईसीआई/प्रकार्या./एमसीसी/2019
दिनांक: 17 अक्तूबर, 2019

सेवा में,

  1. 1.   मुख्‍य सचिव,
    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार, नई दिल्ली।
     
  2.  मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार, नई दिल्ली।

 विषय: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली की राज्‍य विधान सभा का साधारण निर्वाचन-निर्वाचनों के संचालन से संबंधित अधिकारियों का स्‍थानांतरण/तैनाती के लिए एडवाइजरी–तत्‍संबंधी।

महोदय/महोदया,

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली की विद्यमान विधान सभा का कार्यकाल 22 फरवरी, 2020 तक है।

 2.     स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए, आयोग इस आशय की एक सुसंगत नीति का अनुपालन करता रहा है कि निर्वाचनरत राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों के निर्वाचन से सीधे जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिलों या उन स्थानों पर तैनात नहीं किया जाता हो जहाँ उन्होंने लंबे समय तक सेवा की है। इसे ध्यान में रखते हुए, लोकसभा और आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की राज्य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2019 के संबंध में दिनांक 16 जनवरी, 2019 के सम संख्यक पत्र के तहत स्‍थानांतरण/तैनाती संबंधी विस्तृत निदेश जारी किए गए हैं (प्रतिलिपि संलग्न)।

3.     तद्नुसार, यह सुझाव दिया जाता है कि निर्वाचन के संचालन से सीधे जुड़े सभी सरकारी अधिकारियों के संबंध में निम्नलिखित सुनिश्चित किया जाए-

  • कि वह अपने गृह जिले में तैनात न हो
  • कि पिछले चार (4) वर्षों के दौरान उस जिले में उसने 3 वर्ष पूरे नहीं किए हो या 31 जनवरी, 2020 को या उससे पहले तीन वर्ष पूरे कर लेगा/लेगी।
  • कि किसी भी डीईओ/आरओ/एआरओ/पुलिस इंस्‍पेक्‍टर/सब-इंस्‍पेक्‍टर या उनसे उच्‍चतर अधिकारियों को ऐसे विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र/जिले में वापस तैनात न किया जाए या न बने रहने दिया जाए जहां वे 01 फरवरी, 2016 से 31 जनवरी, 2018 के बीच साधारण/विधान सभा में आयोजित उप-निर्वाचन के दौरान तैनात थे। तथापि, इस अवधि के दौरान आयोग की सिफारिश पर तैनात अधिकारियों को उपर्युक्त शर्त से छूट प्राप्त है। 4 वर्षों में से 3 वर्षों की अवधि की गणना करने के लिए, 01.02.2016 से आगे/पहले जाना अपेक्षित नहीं है।  
  •  कि ऐसे अधिकारियों/प्राधिकारियों, जिनके विरूद्ध आयोग ने विगत में अनुशासनात्‍मक कार्रवाई की सिफारिश की थी और जो लंबित है या जिसकी परिणति में दंड दिया गया है अथवा जिन्‍हें विगत में निर्वाचन या निर्वाचन संबंधी किसी कार्य में कोई चूक के लिए आरोपित किया गया है, को निर्वाचन संबंधी कोई भी ड्यूटी नहीं सौंपी जाएगी। इसके अतिरिक्‍त आगामी छह महीनों के भीतर सेवानिवृत होने वाले किसी भी अधिकारी को निर्वाचन संबंधी किसी भी कार्य में नहीं लगाया जाएगा।
  •   कि लोक सभा निर्वाचन, 2019 के दौरान आयोग की सिफारिश पर तैनात अधिकारियों को उपर्युक्त स्थानांतरण नीति से छूट दी जा सकती है।

 4.     आयोग की उपर्युक्त एडवाइजरी को सख्ती तथा समय पूर्वक अनुपालन के लिए सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जाए।




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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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