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आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधानसभा निर्वाचनों के लिए सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों की ब्रीफिंग बैठक का आयोजन किया।

  

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ईसीआई/प्रे.नो./06/2020                                 
दिनांक:
14 जनवरी, 2020

 

प्रेस नोट

 

आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधानसभा निर्वाचनों के लिए सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों की ब्रीफिंग बैठक का आयोजन किया।

 

     भारत निर्वाचन आयोग ने आज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के आगामी निर्वाचनों हेतु तैनात किए जाने वाले प्रेक्षकों के लिए एक ब्रीफिंग बैठक का आयोजन किया, जिसके लिए  अनुसूची की घोषणा 6 जनवरी, 2020 को की गई थी। दिल्ली के 70 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए एकल चरण के मतदान की तारीख 8 फरवरी, 2020 है और मतगणना 11 फरवरी, 2020 को की जाएगी। भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और साथ ही भारतीय राजस्व सेवा तथा अन्य केंद्रीय सेवाओं से लगभग 150 से अधिक अधिकारियों को आज सामान्य, पुलिस और व्यय प्रेक्षकों की ब्रीफिंग बैठक के लिए बुलाया गया था। अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में वास्तविक ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। 

            प्रेक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने उन्हें सलाह दी कि वे क्षेत्र में तैनात अधिकारियों की टीमों के साथ गहन समन्वय बनाए रखें और हर समय उपलब्ध रहें। श्री अरोड़ा ने विशेष रूप से उन्हें आयोग के दिशानिर्देशों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ पालन करने और सौंपे गए कार्यों को पूरा करने में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरतने के साथ नीति संहिता का पालन करने के लिए कहा। उन्होंने प्रेक्षकों से कहा कि वे सभी मतदान केंद्रों पर उचित आश्‍वस्‍त न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करें। इस तथ्य के बावजूद कि राष्ट्रीय राजधानी में अवसंरचना अन्य आंतरिक स्थानों से श्रेष्ठ है, उन्होंने प्रेक्षकों से कहा कि वे वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिला मतदाताओं को उचित सुविधा की जांच के लिए मतदान बूथों का दौरा करें, ताकि समावेशी निर्वाचन के सिद्धांत के लिए आयोग की प्रतिबद्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने दोहराया कि आयोग किसी भी प्रकार की जान-बूझकर की गई लापरवाही को बर्दाशत नहीं करेगा। 

  निर्वाचन आयुक्त, श्री अशोक लवासा ने प्रेक्षकों की भूमिका के महत्व पर बल दिया। श्री लवासा ने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित करने कि किसी भी प्रकार की चूक, चाहे वह बहुत छोटी हो, निर्वाचन प्रक्रिया में बाधा नहीं डाले, के लिए महत्वपूर्ण कार्यकलाप करने अपेक्षित हों, तो अधिकारियों को उसपर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। निर्धारित अनुदेशों के संबंध में परिचित होने और दिल्ली निर्वाचनों में शुरू की जा रही अतिरिक्त सुविधाओं जैसे कि आवश्यक सेवाओं की श्रेणियों के लिए अनुपस्थित मतदाता सुविधा, 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध मतदाताओं और चिह्नित दिव्यांगजनों को सुविधा; फोटो मतदाता पर्चियों पर क्यूआर कोड रीडर के विशिष्ट विवरणों पर ध्यान देने से कार्य सौंपे गए प्रेक्षकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का निवारण करने और अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करते हुए निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रहने की सलाह दी। 

अधिकारीगणों से बात करते हुए, निर्वाचन आयुक्त श्री सुशील चंद्रा ने अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया कि प्रेक्षक के रूप में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से कार्य निष्‍पादित करना उनका सांविधिक कर्त्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रतिनियुक्त अधिकारियों को अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में तटस्थ और निष्पक्ष रहना चाहिए और जमीनी स्तर पर आयोग का वास्तविक चेहरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेक्षकों को निर्वाचन आयोग के नियमों और मानक प्रचालन प्रक्रियाओं यथा मतदान बूथों पर सुविधाओं, संवेदनशीलता संबंधी मानचित्रण अथवा गैर-जमानती वारंट का अनुपालन, लाइसेंसी हथियारों को जमा करवाने और व्यय प्रबंधन मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए। 

            आज आधे दिन तक चलने वाले ब्रीफिंग सत्र में महासचिव, भारत निर्वाचन आयोग, श्री उमेश सिन्हा द्वारा चुनाव योजना, सुरक्षा प्रबंधन और स्वीप के पहलुओं के संबंध में; वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त, श्री संदीप सक्सेना, जो भारत निर्वाचन आयोग में दिल्ली राज्य के प्रभारी भी हैं, द्वारा निर्वाचक नामावली संबंधी मामलों और आईटी अनुप्रयोगों के संबंध में; उप निर्वाचन आयुक्त, श्री सुदीप जैन द्वारा ईवीएम वीवीपीएटी प्रबंधन प्रणाली के संबंध में तथा  उप निर्वाचन आयुक्त, श्री चन्द्र भूषण कुमार द्वारा विधिक मामलों के संबंध में व्यापक ब्रीफिंग सत्र आयोजित किए गए। निदेशक (व्यय), श्री विक्रम बत्रा ने व्यय प्रबंधन संबंधी मामलों का संक्षिप्त विवरण दिया और महानिदेशक (संचार), श्री धीरेंद्र ओझा ने अधिकारियों को पेड न्यूज, मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समितियों तथा सोशल मीडिया के पहलुओं के संबंध में संक्षेप में जानकारी दी।       

प्रेक्षकों को यह विशेष रूप से बताया गया कि हालांकि हाल के झारखंड निर्वाचनों में, 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों और दिव्यांगजन मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र सुविधा प्रायोगिक आधार पर शुरू की गई थी, तथापि दिल्ली के सभी 70 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में घर से वोट डालने में सक्षम होने की वैकल्पिक सुविधा 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं; दिव्यांगजनों के रूप में चिह्नित मतदाताओं और मतदान के दिन दिल्ली मेट्रो में ऑन-ड्यूटी स्टाफ, उत्तर रेलवे परिवहन (यात्री और माल) सेवाओं, एवं मीडिया में कार्यरत लोगों, जिनके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में मतदान-दिवस की गतिविधियों को कवर करने के लिए प्राधिकार पत्र जारी किए गए हैं, जैसी अनिवार्य सेवाओं में नियुक्‍त व्‍यक्तियों को दी जाएगी। आईटी अनुप्रयोग यथा एनेबलिंग कॉम्युनिकेशन इन रियल टाइम एनवायरमेंट (ENCORE), जो अभ्यर्थी का नाम निर्देशन, शपथपत्रों को अपलोड करने, प्रतीक चिह्न निर्दिष्ट करने, अभ्यर्थियों के नाम-निर्देशनों की संवीक्षा करने, अभ्यर्थियों की अनुमतियों की संवीक्षा करने, मतों की गणना और परिणाम घोषित करने इत्यादि जैसे विभिन्न पहलुओं के संपूर्ण प्रबंधन के लिए निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्रयुक्त किए जाने हेतु एक एकीकृत पोर्टल है, का प्रभावी और शीघ्रातिशीघ्र काम-काज करने के लिए प्रयोग किया जाएगा। फोटो मतदाता पर्ची की क्यूआर कोड रीडिंग इत्यादि को सुविधाजनक बनाने हेतु अन्य एप्स भी लगभग 11 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में स्वतंत्र, निष्‍पक्ष, शांतिपूर्ण, समावेशी, सुगम्य, नैतिक और सहभागी निर्वाचनों हेतु प्रयोग में लाए जाएंगे।




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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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