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अरविंद केजरीवाल को आयोग का आदेश

  

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संख्या 437/दिल्ली-वि.स./1/2020/एनएस-।।                           
दिनांक: 05 फरवरी, 2020

 

आदेश

       यतः, आयोग द्वारा दिनांक 6 जनवरी, 2020 के अपने प्रेस नोट सं. ईसीआई/पीएन/4/2020 के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन आयोजित करने के लिए अनुसूची की घोषणा की गई है और राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के लिए उक्त दिनांक से आदर्श आचार संहिता के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं; और

 2.     यत:, आयोग को श्री नीरज, भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश से दिनांक 14 जनवरी, 2020 की  सीईओ/शिकायत/007 संख्यांक वाली एक शिकायत प्राप्त हुई है (प्रति संलग्न) जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ आरोप लगाया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री की हैसियत से श्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली बार एसोसिएशन द्वारा तीस हजारी कोर्ट में दिनांक 13 जनवरी, 2020 को आयोजित मकर संक्रान्ति और लोहड़ी के उत्सव में वकीलों की सभा के समक्ष एक घोषणा की है कि "यदि परिसर (न्यायालय परिसर में) में जमीन उपलब्ध करवाई जाए, तो मोहल्ला क्लिनिक स्थापित किए जाएंगे"; और

3.     यत:, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली से इस संबंध में प्राप्त रिपोर्ट से भी इस बात की पुष्टि होती है कि आपने दिनांक 13 जनवरी, 2020 को उक्त स्थान पर सभा को संबोधित करते हुए निम्नलिखित भाषण देते हुए एक वायदा किया है

".............................. जहां तक मोहल्ला क्लिनिक की बात है हम सभी कोर्ट के अंदर सभी बार के अंदर मोहल्ला क्लिनिक बनाने के लिए तैयार हैं अगर आप स्पेस हमें प्रोवाइड कर दें हर जगह हर कोर्ट के अंदर अगर हमें स्पेस दे दी जाए 2 या 3 कमरे की जरूरत पड़ती है तो हम मोहल्ला क्लिनिक बनवा देंगे जिम की बात की गयी जिम भी बनवा देंगे और जैसा मैंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है इस बार आप लोगो का जो सपोर्ट है वो सपोर्ट हमें पॉजिटिव मिलेगा नेगेटिव सपोर्ट की बजाए इस बार तो आज आप लोगों ने मुझे अपने बीच में मुझे बुलाया इतना प्यार दिया इतना सम्मान दिया उसके लिए बहुत बहुत शुक्रिया...................."; और

 4.     यत:, राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के भाग VII में अन्य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि केंद्र या राज्य या संबंधित राज्यों का सत्ताधारी दल यह सुनिश्चित करेगा कि इस वजह से कोई भी शिकायत करने का अवसर न दिया जाए कि उन्‍होंने अपने निर्वाचन अभियान के प्रयोजनार्थ अपने आधिकारिक पद का उपयोग किया है और उसके खंड (vi) के उप-खंड (ग) में यह प्रावधान है कि आयोग द्वारा निर्वाचनों की घोषणा के समय से मंत्री और अन्य प्राधिकारी सड़कों के निर्माण, पेयजल सुविधाओं आदि के प्रावधान आदि का कोई वायदा नहीं करेंगे; और

 5.     यत:, आयोग का मत था कि उक्त वायदा करके श्री अरविंद केजरीवाल ने आदर्श आचार संहिता के उक्त प्रावधानों का उल्लंघन किया है; और

 6.     यत:, आयोग ने आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए श्री अरविंद केजरीवाल को दिनांक 30 जनवरी, 2020 को कारण बताओ नोटिस संख्या 437/दिल्ली-वि.स./2020/एनएस-।। जारी किया था; और

 7.     यत:, आयोग के उपर्युक्त नोटिस के प्रत्युत्तर में श्री अरविंद केजरीवाल की ओर से वकील श्री मोहम्मद इरशाद से दिनांक 31 जनवरी, 2020 को उत्तर प्राप्त हुआ है; और

 8.     यत:, उत्तर में यह बताया गया है कि तीस हजारी कोर्ट परिसर में दिनांक 13 जनवरी 2020 को दिल्ली बार एसोशिएसन द्वारा आयोजित समारोह में वकीलों की सभा  पूर्णत: एक निजी समारोह था जिसमें उनके द्वारा आधिकारिक हैसियत से भाग नहीं लिया गया था बल्कि यह एक निजी कार्य था जिसमें निजी वाहन का उपयोग किया गया था और उक्त बार एसोशिएसन द्वारा आमंत्रण पर भाग लिया गया था तथा इसके अलावा नोटिस में तथा कथित वायदा चुनावी वायदा नहीं था अपितु सरकार के पुराने निर्णय को पुन: दोहराया गया था और इसका ताल्लुक किसी भी तरह से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली के मौजूदा निर्वाचनों से नहीं था तथा प्रश्नगत बयान सरकार की नीति के कार्यान्वयन के तरीके को स्पष्ट करने के लिए दिया गया था; और

 9.     यत:, आयोग ने इस मामले पर सावधानीपूर्वक विचार किया है और इसका सुविचारित मत है कि श्री अरविंद केजरीवाल ने उपर्युक्त सभा के सामने दिनांक 13 जनवरी, 2020 को उक्त बयान दिया है और भले ही यह निजी कार्य हो, जैसा कि दावा किया गया है, लेकिन यह आधिकारिक हैसियत से दिया गया बयान था और इस प्रकार आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन था तथा समान अवसर की प्रक्रिया बाधित हुई थी;

10.    अत:, अब आयोग उत्तर को स्वीकार्य न पाते हुए, एतद्द्वारा श्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिए गए विवादित बयान की निंदा करता है और उनको चेतावनी देता है कि वे भविष्य में सार्वजनिक बयान देते समय अधिक सावधान रहें तथा सतर्कता बरतें, क्योंकि आदर्श आचार संहिता की भावना में अपेक्षित है कि मंत्री सहित लोक सेवक निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता सुनिश्चित करें, न तो ऐेसा बयान दें या बयान देते हुए प्रतीत हों जो निर्वाचनों के संचालन के लिए समान अवसर को बाधित करे या बाधित करता हुआ प्रतीत हो या जिससे निर्वाचकों के मन में निर्वाचन प्रकिया की सत्यनिष्ठा के बारे में संदेह उत्पन्न हो।     

 

 

आदेश से

(अजय कुमार)

सचिव

सेवा में

श्री अरविंद केजरीवाल

राष्ट्रीय संयोजक, आम आदमी पार्टी




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