मतदाता हेल्पलाइन ऐप (एंड्राइड के लिए)
अंग्रेज़ी में देखें   |   मुख्य विषयवस्तु में जाएं   |   स्क्रीन रीडर एक्सेस   |   A-   |   A+   |   Theme
Jump to content

About This File

सं. ईसीआई/प्रे.नो./52/2020                       
दिनांक: 24 अगस्‍त
, 2020

प्रेस नोट

1.     भारत निर्वाचन आयोग ने दिनांक 10 दिसंबर, 2008 को आदेश सं. 23/एसईसी/2008/ईआरएस जारी किया था, जिसमें विभिन्‍न सरकारी विभागों के साथ निर्वाचक नामावली और एपिक डाटाबेस को साझा करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए थे। दिशा-निर्देशों की प्रति संलग्‍न है। तत्‍पश्‍चात, भारत निर्वाचन आयोग ने दिनांक  16 जुलाई, 2020 को मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओज्) को आगे अनुदेश जारी किए, जिसमें अन्‍य बातों के साथ-साथ यह कहा गया कि सभी राज्‍य निर्वाचन आयोग (एसईसीज्) भी मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा उपलब्‍ध कराए गए ईआर डाटाबेस को किसी अन्‍य संगठन/एजेंसी के साथ साझा नहीं करेंगे। 

2.     अत:, एतद्द्वारा उपख्‍यानात्‍मक रिपोर्टों, जो अनुभवजन्‍य तथ्‍यों पर आधारित नहीं है, को देखते हुए यह स्‍पष्‍ट किया जाता है कि आयोग ने किसी भी तरह से 2008 के मूल दिशा-निर्देशों का और किसी भी तरीके से 2020 के स्‍पष्‍ट आदेशों का उल्‍लंघन नहीं किया है।  

3.     यह उल्‍लेख करना भी आवश्‍यक है कि जहां तक नियामक विभागों/प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा आपराधिक जांच करने का संबंध है, यह उनके स्‍वयं के मौजूदा अधिनियमों, नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत है, जिन्‍हें कभी भी कानून की माननीय अदालतों में चुनौती दी जा सकती है। वास्‍तव में, आपराधिक न्‍याय प्रणाली की पूरी अधिरचना इसी पर स्‍थापित की गई है। निर्वाचन आयोग किसी भी ऐसी वारदात(तों)/घटना(ओं), जिसमें/जिनमें निर्वाचन प्रक्रिया के सुचारू संचालन में गड़बड़ी फैलाने और/या उसे बाधित करने की संभावना होती है, का केवल तभी संज्ञान लेता है जब आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है और भारत निर्वाचन आयोग नियामक विभागों, प्रवर्तन एजेंसियों के दिन-प्रतिदिन के कामकाज में हस्‍तक्षेप नहीं करता है। हालांकि, यदि कोई राजनीतिक संस्‍था/व्‍यक्ति किसी घटना विशेष को आयोग के संज्ञान में लाता है, जिसमें निर्वाचन प्रक्रिया को बाधित करने की संभावना हो, तो आयोग के पास इस दौरान मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों, सामान्‍य प्रेक्षकों, पुलिस प्रेक्षकों और व्‍यय प्रेक्षकों से सूचना प्राप्‍त करने के लिए सुस्‍थापित व्‍यवस्‍था है और इन पदाधिकारियों की रिपोर्टों के अनुसार आवश्‍यक कार्रवाई की जाती है।  

4.     विगत लोक सभा/विधान सभा निर्वाचनों के दौरान कई घटनाएं हुईं हैं जिनमें अति वरिष्‍ठ पदाधिकारियों को ऐसे मौकों पर राज्‍य सरकारों में वरिष्‍ठतम पदों से हटाया/स्‍थानांतरित किया गया है।


ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

मतदाता हेल्पलाइन ऍप

हमारा नया मोबाइल ऐप ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ प्‍ले स्‍टोर से डाउनलोड करें। ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ एन्‍ड्रॉड ऐप आपको निर्वाचक नामावली में अपना नाम खोजने, ऑनलाइन प्ररूप भरने, निर्वाचनों के बारे में जानने, और सबसे महत्‍वपूर्ण शिकायत दर्ज करने की आसान सुविधा उपलब्‍ध कराता है। आपकी भारत निर्वाचन आयोग के बारे में हरेक बात तक पहुंच होगी। आप नवीनतम  प्रेस विज्ञप्ति, वर्तमान समाचार, आयोजनों,  गैलरी तथा और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। 
आप अपने आवेदन प्ररूप और अपनी शिकायत की वस्‍तु स्थिति के बारे में पता कर सकते हैं। डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। आवेदन के अंदर दिए गए लिंक से अपना फीडबैक देना न भूलें। 

×
×
  • Create New...