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भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों के सीईओ के साथ एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया


इस फाइल के बारे में

सं. ईसीआई/प्रे. नो./72/2021
दिनांकः 28 जुलाई, 2021

 

भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों के सीईओ के साथ एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया 

भारत निर्वाचन आयोग ने आज निर्वाचन सदन में पांच राज्यों नामतः गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ आगामी निर्वाचनों के लिए अग्रिम योजना पर बैठक का आयोजन किया।

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 इस प्रारंभिक बैठक में मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं (एएमएफ), मतदाता सुविधा के लिए सरल पंजीकरण व्यवस्था, निर्वाचक नामावली, शिकायतों का समय पर समाधान, ईवीएम/वीवीपैट की व्यवस्था, वरिष्ठ नागरिकों (80+) और दिव्यांगजनों के लिए डाक मतपत्र की सुविधा, कोविड रोकथाम योजना, मतदान कर्मचारियों का प्रशिक्षण और अन्य के साथ-साथ व्यापक मतदाता आउटरीच सहित विभिन्न विषयगत (थीमेटिक) मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया था। 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री सुशील चंद्रा ने अपने संबोधन में कहा कि पारदर्शिता और निष्पक्षता निर्वाचन प्रक्रिया के हॉलमार्क हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक राज्य में मुद्दे और चुनौतियां अलग-अलग हो सकती हैं, परंतु निर्वाचन योजना के लिए सभी स्टेकहोल्डरों को शामिल करते हुए एक मतदाता-केंद्रित दृष्टिकोण और सहभागितापूर्ण निर्णय लेने की जरूरत है। 

अपने संबोधन के दौरान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) श्री सुशील चंद्रा ने निर्वाचक नामावली की विशुद्धता के महत्व पर बल दिया और सभी सीईओ से मतदाता पंजीकरण के संबंध में लंबित सभी आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के लिए कहा। उन्होंने कोविड 19 महामारी को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्रों के युक्तिकरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया और सभी मतदान केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की आवश्यकता को दोहराया। श्री चंद्रा ने यह भी उल्लेख किया कि वरिष्ठ नागरिकों (80+) और दिव्यांगजनों के लिए डाक मतपत्र की सुविधा के कार्यान्वयन में आने वाली सभी लॉजिस्टिकल चुनौतियों को निर्वाचनों के दौरान इसके सुचारू और पारदर्शी कार्यान्वयन के लिए पहचानने और हल करने की आवश्यकता है। 

सीईसी श्री सुशील चंद्रा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के साथ बातचीत करते हुए कहा कि अन्य राज्यों को निर्वाचन हो चुके राज्यों या अन्य राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से निर्वाचन प्रबंधन में नवाचारों और सर्वोत्तम प्रथाओं को सीखना और अपनाना चाहिए। 

निर्वाचन आयुक्त श्री अनूप चंद्र पांडेय ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचन के प्रत्येक पहलू पर सभी निर्वाचनरत सीईओ द्वारा आवधिक और व्यापक निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने आगामी निर्वाचनों की तैयारी शुरू करने के लिए पांच राज्यों में निर्वाचन मशीनरी को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को अवसंरचना संबंधी कमियों तथा संभार संबंधी अपेक्षा की पूर्ति करने, निर्वाचक नामावली के अद्यतन और शुद्धिकरण पर तथा एक व्यापक मतदाता शिक्षा और सशक्तिकरण आउटरीच कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। 

महासचिव श्री उमेश सिन्हा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि निर्वाचन प्रबंधन के लिए निर्वाचन योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है और हर निर्वाचन के लिए व्यापक और समय पर तैयार करने की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि यह पूर्व-योजना बैठक, पांच राज्यों में आगामी निर्वाचनों के लिए उचित व्यवस्था और आगे की तैयारी सुनिश्चित करने में आयोग का मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु राज्यों के लिए आयोजित की गई थी। 

पांच राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने निर्वाचक नामावली की स्थिति, बजट की उपलब्धता, जनशक्ति संसाधनों, स्वीप, योजना, मतदान केंद्रों की व्यवस्था और आईटी अनुप्रयोगों आदि सहित निर्वाचन के संचालन के विभिन्न पहलुओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। भारत निर्वाचन आयोग के सभी वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त, उप निर्वाचन आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया।

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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