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संपूर्ण देश के सामुदायिक रेडियो स्‍टेशनों ने मतदाता शिक्षा और जागरूकता के लिए अपना सर्वोत्‍तम योगदान देने का आश्‍वासन दिया।


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सं.भानिआ/पीएन/44/2019   
दिनांक: 30 मार्च, 2019

प्रेस नोट

संपूर्ण देश के सामुदायिक रेडियो स्‍टेशनों ने मतदाता शिक्षा और जागरूकता के लिए अपना सर्वोत्‍तम योगदान देने का आश्‍वासन दिया।

120 सामुदायिक रेडियोज ने भारत अंतरराष्‍ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्‍थान (आईआईआईडीईएम) में भारत निर्वाचन आयोग की स्‍वीप कार्यशाला में भाग लिया।

भारत निर्वाचन आयोग ने अपनी तरह की प्रथम पहल में मतदाताओं को शिक्षित और जागरूक करने के लिए देश भर के 150 सामुदायिक रेडियो स्‍टेशनों तक पहुंच बनाई है। इस कार्यशाला का आयोजन सिकिंग मॉडर्न एप्लिकेशंज फॉर रियल ट्रांसफॉरमेशन (स्‍मार्ट) की सहभागिता से भारत अंतरराष्‍ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्‍थान (आईआईआईडीईएम) द्वारा आईआईआईडीईएम, द्वारका, नई दिल्‍ली में किया गया। इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्‍य मतदाता शिक्षा और जागरूकता हेतु सामुदायिक रेडियोज को प्रशिक्षण देना और इनका क्षमता निर्माण करना था।

29 मार्च, 2019 को समापन संबोधन में, श्री उमेश सिन्‍हा, वरिष्‍ठ उप-निर्वाचन आयुक्‍त, भारत निर्वाचन आयोग, ने कहा कि सामुदायिक रेडियो देश के अंतिम मतदाता तक पहुंच बनाने के लिए सर्वोत्‍तम साधनों में से एक है। उन्‍होंने कहा कि ये कार्यशालाएं दीर्घकालिक और सतत विनियोजन की शुरूआत मात्र थीं और सामुदायिक रेडियो मतदाताओं को प्रेरित करने और एकजुट करने, निर्वाचक नामावली में अल्‍पसेवित मतदाताओं को सूचीबद्ध करने और उन्‍हें मतदान केन्‍द्रों तक जाने हेतु एकजुट करने, उन्‍हें उनके अधिकारों और दायित्‍वों के प्रति शिक्षित करने तथा जागरूक और शिक्षित मतदाता बनाने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। उन्‍होंने बल देकर कहा कि प्रत्‍येक मतदाता देश का प्रथम प्रतिनिधि है, वे सिपाही हैं और लोकतंत्र को सुरक्षित रखने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पूरे देश के सभी मतदाताओं के पास एक जैसी शक्ति है। निर्वाचन सभी के लिए समान अवसर उपलब्‍ध कराते हैं, क्‍योंकि प्रत्‍येक मत की शक्ति समान होती है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मत कौन डालता है – चाहे धनवानों में से सबसे अधिक धनी हो अथवा निर्धनों में से सबसे अधिक निर्धन हो। उन्‍होंने कहा कि सामुदायिक रेडियो अपनी स्‍थानीय बोलियों में विषय-वस्‍तु तैयार करके और जमीनी स्‍तर पर मतदाता शिक्षा और जागरूकता की प्रक्रिया की पैठ बनाकर लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्‍होंने आश्‍वासन दिया कि सामुदायिक रेडियो स्‍टेशन अब मतदाता शिक्षा कार्यक्रम का अभिन्‍न अंग होगा।

श्री चंद्र भूषण कुमार, उप-निर्वाचन आयुक्‍त एवं महानिदेशक, आईआईआईडीईएम द्वारा 25 मार्च को इस कार्यशाला का शुभांरभ किया गया; उन्‍होंने दोहराया कि सामुदायिक रेडियोज नामावली में मतदाता नामांकन एवं ‘‘लोकतंत्र के त्‍यौहार’’ में उनकी सहभागिता बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि ‘कोई भी मतदाता न छूटे’ की टैगलाइन का प्रयोजन यह सुनिश्चित करना था कि प्रत्‍येक पात्र मतदाता अपने मत का महत्‍व समझे, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति, वर्ग, जाति अथवा व्‍यवसाय कुछ भी हो, । उन्‍होंने प्रवासी कामगारों, बेघरों, जनजातीय व्‍यक्तियों, दिव्‍यांगजनों, सेवा मतदाताओं, अप्रवासी भारतीयों को शामिल करने के लिए किए गए उपायों के बारे में भी बताया। उन्‍होंने कहा कि आयोग का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि स्‍वतंत्र और भयरहित निर्वाचन हों तथा सामुदायिक रेडियो निर्वाचन आयोग को सहयोग देने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

स्‍मार्ट की संस्‍थापक सुश्री अर्चना कपूर ने कहा कि इस अभियान में सामुदायिक रेडियो स्‍टेशनों का समावेशन इन स्‍टेशनों द्वारा जमीनी स्‍तर पर किए जा रहे कार्यों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा स्‍वीकार करना भी है। ये स्‍टेशन प्रोत्‍साहक सामग्री प्रसारित करने के अतिरिक्‍त, अपनी बोली में कार्यक्रमों का प्रसारण करेंगे और प्रत्‍येक स्‍टेशन पांच-पांच कार्यक्रम भी तैयार करेगा। सुश्री कपूर ने आश्‍वासन दिया कि सामुदायिक रेडियो स्‍टेशन पूरे देश में मतदाता शिक्षा के क्षेत्र में अपना सर्वोत्‍तम योगदान देंगे।


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