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मतयुक्‍त ईवीएम स्‍ट्रांग रूम में पूरी तरह सुरक्षित हैं।


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सं. ईसीआई/प्रेस नोट/56/2019                            दिनांक : 21 मई, 2019

प्रेस नोट

विषय : मतयुक्‍त ईवीएम स्‍ट्रांग रूम में पूरी तरह सुरक्षित हैं।

      स्‍ट्रांग में रखी मतयुक्‍त ईवीएमों को ईवीएमों की कथित आवाजाही के दौरान बदलने की कतिपय शिकायतें मीडिया में प्रसारित की जा रही हैं। भारत निर्वाचन आयोग दृढ़तापूर्वक  और संपूर्ण विश्‍वास के साथ यह स्‍पष्‍ट करता है कि इस प्रकार की सभी रिपोर्ट और आरोप बिल्‍कुल झूठे और मिथ्‍या हैं। मीडिया में वॉयरल किए जा रहे दृश्‍यों का मतदान के दौरान प्रयुक्‍त की गई ईवीएमों से कोई संबंध नहीं है।

      मतदान की समाप्ति के पश्‍चात, मतयुक्‍त सभी ईवीएमों और वीवीपैटों को संपूर्ण सुरक्षा में निर्दिष्‍ट स्‍ट्रांगरूमों में लाया जाता है, जिन्‍हें अभ्‍यर्थियों की उपस्थिति और निर्वाचन आयोग के प्रेक्षकों की उपस्थिति में दो ताले लगाकर सील किया जाता है। इन्‍हें भण्‍डारित करने और स्‍ट्रांग रूम को सील करने की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाती है। मतगणना पूरी होने तक इनकी सीसीटीवी से लगातार कवरेज की जाती है। चौबीसों घंटे प्रत्‍येक स्‍टांग रूम की रखवाली केंद्रीय सशस्‍त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) द्वारा की जाती है। इसके अतिरिक्‍त, स्‍ट्रांग रूम पर हर समय चौबीसों घंटे अभ्‍यर्थी अथवा उनके द्वारा नामोद्दिष्‍ट अभिकर्ता उपस्थित रहते हैं।

      मतगणना के दिन, स्‍ट्रांग रूम अभ्‍यर्थियो/एजेंटों और प्रेक्षकों की उपस्थिति में वीडियो बनाते हुए खोले जाते हैं। ईवीएमों  की गणना प्रारंभ करने से पहले मतगणना एजेंटों को ईवीएमों का एड्रेस टैग, सील और क्रम संख्‍या दिखाई जाती है जिससे कि वे वास्‍तविक मतदानों में प्रयुक्‍त मशीनों की वास्‍तविकता और प्रामाणिकता से संतुष्‍ट हो सकें।

      राजनीतिक दलों को कई अवसरों पर उपबंधों और नयाचारों के बारे में बताया जा चुका है जिसमें निर्वाचनों की घोषणा होने से आयोग की उनके साथ की गई 93 बैठकों में से कई बैठकों में बताया गया था। सभी मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को पुन: सलाह दी जाती है कि वे मतगणना की व्‍यापक व्‍यवस्‍थाओं के बारे में अभ्‍यर्थियों को संक्षिप्‍त विवरण दें।

      यह प्रशंसनीय है कि विस्‍तृत प्रशासनिक नयाचार, सुरक्षा फ्रेमवर्क और आयोग द्वारा अधिदेशित प्रक्रियात्‍मक दिशा-निदेश केंद्रीय सशस्‍त्र पुलिस बल और अभ्‍यर्थियों की चौबीसों घंटे निगरानी में निर्दिष्‍ट स्‍ट्रांगरूम में भण्‍डारित मतयुक्‍त ईवीएमों और वीवीपैट में किसी भी हेर-फेर करने अथवा उन्‍हें बदलने की संभावना को पूरी तरह से खत्‍म कर देते हैं और समाप्‍त कर देते है।

     मीडिया में दिखाई जा रही आक्षेपित क्लिप्‍स का संबंध केवल रिजर्व अप्रयुक्‍त ईवीएमों के भण्‍डारण अथवा परिवहन से है। फिर भी, रिजर्व ईवइएमों की हैन्‍डलिंग में पाई गई किसी भी चूक की पूर्ण रूप में जांच की जाती है और दोषी अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई भी की जाती है। मतगणना समाप्‍त होने तक ईवीएम हैंडलिंग से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए निर्वाचन सदन में एक ईवीएम कंट्रोल रूम नं. 011-23052123 भी कार्य करेगा। यह कंट्रोल रूम 22 मई, 2019 को प्रात: 11.00 बजे से कार्य करना शुरू कर देगा।


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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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