मतदाता हेल्पलाइन ऐप (एंड्राइड के लिए)
अंग्रेज़ी में देखें   |   मुख्य विषयवस्तु में जाएं   |   स्क्रीन रीडर एक्सेस   |   A-   |   A+   |   Theme
Jump to content

मतगणना – तत्‍संबंधी।


About This File

सं.470/2019/एसडीआर/                                दिनांक : 18 मई, 2019

सेवा में,

      सभी राज्‍यों और संघ राज्‍य क्षेत्रों के

      मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी

विषय :- मतगणना – तत्‍संबंधी।

महोदय/महोदया,   

मुझे मतगणना से संबंधित आयोग के दिनांक  25 नवंबर, 2003 के पत्र सं. 470/2003/जेएस-II तथा दिनांक 21 जनवरी, 2009 के पत्र सं. 470/2009/ईपीएस का संदर्भ देने का निदेश हुआ है। इसमें अन्‍य बातों के साथ-साथ यह निर्देश दिया गया था कि ईवीएम की मतगणना का अंतिम दौर से पहले का दौर तब तक शुरू न किया जाए जब तक कि सभी डाक मतपत्रों की गणना पूरी न हो जाए। यह भी अनुदेश दिया गया है कि यदि जीत का अंतर डाक मत पत्रों की संख्‍या से कम हो, तो रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा सभी डाक मतपत्रों का पुन: सत्‍यापन किया जाना चाहिए।

2.    ईटीपीबीएस की शुरूआत होने तथा निर्वाचन ड्यूटी स्‍टाफ द्वारा सुविधा केंद्र में डाक मत डाले जाने से, मतगणना के लिए डाक मतपत्रों की संख्‍या में अत्‍यधिक बढ़ोतरी हुई है। इसके अतिरिक्‍त, ईटीपीबीएस के लिए अनिवार्य क्‍यूआर कोड पठन की अपेक्षा होने से, डाक मतपत्र गणना के लिए अब अधिक समय की आवश्‍यकता होगी। इसके अलावा, वीवीपीएटी गणना के मामलों, जो अन्‍य कारणों जैसे कि छद्म मतदान (मॉक पोल) के बाद सीयू के क्लियर न होने, सीयू द्वारा मतगणना के समय परिणाम प्रदर्शित न किए जाने इत्‍य‍ादि की वजह से अपेक्षित हो सकते हैं, के अतिरिक्‍त प्रति विधानसभा सेग्‍मेंट पांच मतदान केन्‍द्रों की वीवीपीएटी पर्चियों की अनिवार्य गणना की जाती है।

3.    उपर्युक्‍त के दृष्टिगत आयोग ने उपर्युक्‍त संदर्भित अनुदेशों की समीक्षा की है और आशोधित अनुदेश निम्‍नलिखित हैं:-

 (i) इस अनुदेश कि ईवीएम की मतगणना के अंतिम दौर से पहले का दौर डाक मत गणना के पूरा होने के बाद ही शुरू किया जाना चाहिए, को वापस ले लिया गया है। तद्नुसार, ईवीएम की मतगणना डाक मत गणना के चरण पर ध्‍यान दिए बगैर जारी रह सकती है। जैसे ही ईवीएम की मतगणना पूरी हो जाती है, वीवीपीएटी पर्चियों की गणना के लिए विहित प्रक्रिया के अनुसार वीवीपीएटी पर्चियों की गणना शुरू की जा सकती है।  

(ii) सभी डाक मत पत्रों की इस आधार पर पुनर्गणना कि जीत का अंतर डाक मतों की संख्‍या से कम है, के संबंध में आयोग के अनुदेश में इस आशय का संशोधन कर दिया गया है कि यदि जीत का अंतर मतगणना के समय अमान्‍य के रूप में रद्द किए गए डाक मत पत्रों की संख्‍या से कम हो, तो परिणाम की घोषणा से पूर्व सभी रद्द किए गए डाक मत पत्रों का रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अनिवार्य रूप से पुन: सत्‍यापन किया जाएगा। जब कभी, ऐसा पुन: सत्‍यापन किया जाता है तो ऊपर संदर्भित आयोग के दिनांक 21.01.2009 के पत्र सं.470/2009/ईपीएस के पैराग्राफ-7 के अनुदेशों के अनुसार समस्‍त कार्यवाही की वीडियोग्राफी की जानी चाहिए। 

4.    ये अनुदेश आपके राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में नियुक्‍त सभी निर्वाचन प्रेक्षकों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को तत्‍काल संप्रेषित किए जाने चाहिए। ये राजनैतिक दलों को भी संप्रेषित किए जाएं।  

5 .       कृपया पावती दें और की जा रही कार्रवाई की संपुष्टि करें।

 

भवदीय,

(के.एफ.विल्‍फ्रेड)

वरिष्‍ठ प्रधान सचिव

जोनल अनुभागों में मानक वितरण   


ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

मतदाता हेल्पलाइन ऍप

हमारा नया मोबाइल ऐप ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ प्‍ले स्‍टोर से डाउनलोड करें। ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ एन्‍ड्रॉड ऐप आपको निर्वाचक नामावली में अपना नाम खोजने, ऑनलाइन प्ररूप भरने, निर्वाचनों के बारे में जानने, और सबसे महत्‍वपूर्ण शिकायत दर्ज करने की आसान सुविधा उपलब्‍ध कराता है। आपकी भारत निर्वाचन आयोग के बारे में हरेक बात तक पहुंच होगी। आप नवीनतम  प्रेस विज्ञप्ति, वर्तमान समाचार, आयोजनों,  गैलरी तथा और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। 
आप अपने आवेदन प्ररूप और अपनी शिकायत की वस्‍तु स्थिति के बारे में पता कर सकते हैं। डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। आवेदन के अंदर दिए गए लिंक से अपना फीडबैक देना न भूलें। 

×
×
  • Create New...