मतदाता हेल्पलाइन ऐप (एंड्राइड के लिए)
अंग्रेज़ी में देखें   |   मुख्य विषयवस्तु में जाएं   |   स्क्रीन रीडर एक्सेस   |   A-   |   A+   |   थीम
Jump to content

  • श्री सुशील चन्‍द्रा


    ECI
     Share

    मुख्य निर्वाचन आयुक्‍त 

    श्री सुशील चंद्रा ने 13 अप्रैल, 2021 को भारत के 24वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वे भारतीय राजस्व सेवा के 1980 बैच के अधिकारी हैं। श्री चंद्रा भारत निर्वाचन आयोग में 15 फरवरी, 2019 से निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे 06 मार्च, 2020 से परिसीमन आयोग के सदस्य भी हैं और जम्मू-कश्मीर संघ राज्य-क्षेत्र के परिसीमन का कार्य देख रहे हैं।

    आयकर विभाग में लगभग 39 वर्षों तक विभिन्न पदों पर कार्य करने के बाद श्री सुशील चंद्रा को 1 नवंबर, 2016 को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इन्होंने निदेशक, अन्वेषण और महानिदेशक, अन्वेषण के रूप में क्रमशः मुंबई और गुजरात में काफी लंबी अवधि तक कार्य किया और तत्पश्चात् सदस्य (अन्वेषण), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड तथा उसके बाद इस शीर्ष निकाय के अध्यक्ष का दायित्व संभाला।

    राजनैतिक निधि की पारदर्शिता और शुचिता का स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराने की भूमिका में अत्यंत महत्व है। काले धन के जोखिम के विरुद्ध केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में आरंभ किए गए अपने संघर्ष को जारी रखते हुए श्री चंद्रा ने पूर्ववर्ती निर्वाचन आयुक्त के रूप में धन बल के दुरुपयोग जिससे निर्वाचन प्रक्रिया दूषित होती है, उसे रोकने में अहम भूमिका निभाई। इन्होंने निरंतर "प्रलोभन-मुक्त" निर्वाचनों की अवधारणा पर बल दिया और यह वर्तमान में संचालित हो रहे सभी और आगामी निर्वाचनों की निर्वाचन प्रक्रिया की जाँच का अभिन्न अंग बन गया है। विशेष व्यय प्रेक्षकों की तैनाती के जरिए केंद्रित और व्यापक जाँच की प्रक्रिया, निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण की प्रक्रिया में कई प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका को सक्रिय बनाना, प्रेक्षकों और अन्य एजेंसियों की अधिकाधिक व्यापक और नियमित समीक्षा इनके द्वारा प्रारंभ किए गए निर्वाचन प्रबंधन के कुछ मुख्य पहलू हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान इन्होंने विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में अक्सर प्रयोग में लाए जाने वाले अवैध धन को उजागर करने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। हाल ही में संपन्न हुए निर्वाचनों में इनकी निरंतर कड़ी निगरानी की वजह से नकदी, मदिरा, मुफ्त उपहारों, मादक पदार्थों की जब्ती में अत्यधिक वृद्धि हुई है।

    फार्म 26 जैसे व्यवस्थागत बदलावों में भी इनका योगदान प्रतिबिंबित होता है जो अब अनिवार्य कागजी कार्रवाई का अभिन्न भाग बन चुका है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में श्री चंद्रा ने चुनावों से पहले अभ्यर्थियों द्वारा दायर किए गए शपथ-पत्रों के प्रमाणन के क्षेत्र में विशेष प्रयास किए। वर्ष 2018 में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका में श्री चंद्रा ने अभ्यर्थियों के शपथ-पत्रों में अनुल्लिखित सभी परिसंपत्तियों और देयताओं का विवरण साझा करने का एकसमान फार्मेट तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    प्रौद्योगिकी के उपयोग के प्रबल समर्थक श्री चंद्रा ने चुनाव प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी एप्लिकेशनों के कार्यान्वयन पर जोर दिया। वर्ष 2019 के 17वें लोक सभा निर्वाचनों और आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली की विधान सभाओं के चुनावों में निर्वाचन पद्धतियों में नवीन आईटी एप्लिकेशनों के जरिए सुविधा प्रदान करने में श्री चंद्रा का विशिष्ट योगदान रहा है। कोविड महामारी के दौरान बिहार, असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधान सभाओं के निर्वाचन आयोजित करने में और नाम-निर्देशन तथा दस्तावेज ऑनलाइन जमा करवाने, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग जनों, अनिवार्य सेवा कार्मिकों और कोविड से संक्रमित/संदिग्ध कोविड मरीजों की विशेष श्रेणियों को डाक मतपत्र का विकल्प देने जैसी प्रक्रियाएं तैयार करने में भी श्री चंद्रा ने कठिन चुनौतियों के बावजूद अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़कर नेतृत्व किया है।

    अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव प्रबंधन निकायों के बीच उत्तम चुनाव पद्धतियों के आदान-प्रदान में श्री चंद्रा की भूमिका उल्लेखनीय रही है। जून, 2019 में, इन्होंने कज़ाखिस्तान की राष्ट्रपतीय चुनाव प्रक्रिया में एक अंतर्राष्ट्रीय चुनाव प्रेक्षक के रूप में भाग लिया था। जुलाई, 2019 में कामनवेल्थ ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज, यूनाइटेड किंगडम में इन्हें निर्वाचकीय लोकतंत्र पर 18वें कैंम्ब्रिज सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था। इन्होंने नवंबर, 2019 में लॉस काबोस, मेक्सिको में आयोजित तीसरी प्लेनरी असेम्बली ऑफ ग्लोबल नेटवर्क इलेक्टोरल जस्टिस कान्फ्रेंस में भाग लिया। तथा दिसंबर, 2019 में बाली में आयोजित दूसरी इलेक्टोरल-स्टडीज प्रोग्राम कान्फ्रेंस में भी भाग लिया।

    15 मई, 1957 को जन्मे, श्री चंद्रा ने आईआईटी रूड़की (बीई, सिविल 1977) से बी. टेक. किया। इन्हें 25 नवंबर, 2019 को इनकी मातृ संस्था से विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार (Alumnus Award) से सम्मानित किया गया। इन्होंने डीएवी कॉलेज, देहरादून से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की और प्रबंधन पर आईएमएफ, आईआईएम बैंगलूरू तथा व्हार्टन से विभिन्न प्रशिक्षण भी प्राप्त किए हैं। भारतीय राजस्व सेवा में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व ये भारतीय इंजीनियरिंग सेवा में कार्यरत थे।

     Share



ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

मतदाता हेल्पलाइन ऍप

हमारा मोबाइल ऐप ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ प्‍ले स्‍टोर एवं ऐप स्टोर से डाउनलोड करें। ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ ऐप आपको निर्वाचक नामावली में अपना नाम खोजने, ऑनलाइन प्ररूप भरने, निर्वाचनों के बारे में जानने, और सबसे महत्‍वपूर्ण शिकायत दर्ज करने की आसान सुविधा उपलब्‍ध कराता है। आपकी भारत निर्वाचन आयोग के बारे में हरेक बात तक पहुंच होगी। आप नवीनतम  प्रेस विज्ञप्ति, वर्तमान समाचार, आयोजनों,  गैलरी तथा और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। 
आप अपने आवेदन प्ररूप और अपनी शिकायत की वस्‍तु स्थिति के बारे में पता कर सकते हैं। डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। आवेदन के अंदर दिए गए लिंक से अपना फीडबैक देना न भूलें। 

×
×
  • Create New...