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  • दिव्यांग मतदाताओं के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:


    Webmaster

    कम चलने-फिरने एवं कम कार्य कर सकने वाले दिव्यांग निर्वाचक/मतदाता:

    दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 द्वारा यथाउल्लिखित 21 दिव्यांगता में से कोई एक दिव्यांगता होने पर निर्वाचक/मतदाता को दिव्यांग माना जाता है। इसके अतिरिक्त, यदि किसी व्यक्ति की आयु, अस्थायी बीमारी, गर्भावस्था और अन्य रोग के कारण चलना-फिरना कम हो गया है और/या तेज़ नहीं चल सकता  और या जिसका मस्तिष्क और शरीर के साथ समन्वय कम हो गया है, और वह पंजीकृत मतदाता बनना चाहता है तो उसक कम चलने-फिरने और कम शारीरिक कार्य करने वाला निर्वाचक/मतदाता कहा जाता है।

    दिव्यांग/कम चलने-फिरने/कम कार्य कर सकने वाले मतदाता का पंजीकरण

    दिव्यांग या कम चलने-फिरने/कम कार्य कर सकने वाले प्रत्येक भारतीय नागरिक जिसने अर्हक तिथि अर्थात् उस वर्ष की निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण की पहली जनवरी को 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली हो, जब तक कि अन्यथा सक्षम न्यायालय द्वारा अपराध या अस्वस्थ चित्त के कारण अयोग्य करार नहीं कर दिया जाता, निर्वाचन क्षेत्र, जहां का वह निवासी है, के उस भाग/मतदान क्षेत्र की नामावली में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के लिए पात्र है।

    निर्वाचक नामावली में पंजीकरण कराने के लिए दिव्यांगजनों के लिए प्रक्रिया एवं सुविधाएं:

    पात्र दिव्यांगजन या कम चलने-फिरने/कम शारीरिक कार्य करने वाला व्यक्ति www.nvsp.in पर ऑनलाइन अपनी दिव्यांगता के बारे में फॉर्म 6 में सूचना भरकर तथा आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके निर्वाचक नामावली में पंजीकरण करवा सकता है।

    कोर्इ्र भी मतदाता पंजीकरण केन्द्रों या निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों/सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों के कार्यालयों में भी नामांकन करवा सकता है, जो दिव्यांगजनों और कम चलने-फिरने/कम शारीरिक कार्य करने वाले व्यक्तियों के लिए सुलभ होगा, और वे दो प्रतियों में फॉर्म 6, जोकि ऐसे केन्द्रों/कार्यालयों में मुफ्त उपलब्ध हैं, भरकर संबंधित दस्तावेज़ों की प्रतियों के साथ संलग्न कर सकते हैं। फार्म भरने में अपेक्षित सूचना के लिए किसी सहायता/सुविधा के संबंध में, इसे दोनों कार्यालयों में उपलब्ध कराया जाएगा। फार्म निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी को डाक द्वारा भी भेजे जा सकते हैं।

    फार्म 6 की प्रतियां बूथ लेवल अधिकारियों के पास भी उपलब्ध होंगी जो दिव्यांगजन के निवास-स्थान पर आ सकते हैं और उसके अनुरोध पर उसका पंजीकरण कर सकते हैं।

    उपर्युक्त के अलावा सिविल सोसाइटी संगठन अपने परिसर में उनके साथ जुड़े दिव्यांगजनों के लिए सुलभ पंजीकरण शिविर (कैम्प) आयोजित करने के लिए निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी को अनुरोध भेज सकता है।

    प्ररूप 6 के साथ संलग्न किए जाने वाले दस्तावेज

    प्ररूप 6 में इस उद्देश्य के लिए दिए गए बॉक्स में विधिवत रूप से चिपकाया गया हाल ही का पासपोर्ट आकार का एक रंगीन फोटोग्राफ  और 18 तथा 21 वर्ष की आयु प्रमाणित करने वाले दस्तावेज की फोटो-प्रतियां तथा निवास-स्थान का प्रमाण फार्म 6 के साथ संलग्न किए जाने अपेक्षित हैं। आयु तथा निवास-स्थान के दस्तावेजी प्रमाण-पत्र की सूची जिसे प्ररूप 6 के साथ संलग्न किया जा सकता है, को प्ररूप 6 के साथ संलग्न किए गए दिशा-निर्देशों में संदर्भित किया जा सकता है।

    प्र. एक आवेदक को कैसे पता चलेगा कि उसका नाम मतदाता सूची में शामिल है

         कोई भी आवेदक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट के माध्यम से निर्वाचक नामावली में अपने नाम को शामिल करने की पुष्टि कर सकता है जो सभी दिव्यांगजनों के लिए सुलभ होगा। यदि उसे सहायता की आवश्यकता है तो वह इस संबंध में बूथ लेवल अधिकारी से भी संपर्क कर सकता/सकती है।

    दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुविधाओं की पहले से व्यवस्था करना

    व्हीलचेयर और स्वयंसेवक के लिए ऑनलाइन/एस एम एस बुकिंग मतदान दिवस से पूर्व की जा सकती है ताकि मतदान केन्द्रों पर दिव्यांगजनों/कम चलने-फिरने वाले मतदाताओं को सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। कुछ मतदान केन्द्रों में पार्किंग सुविधा के लिए पूर्व बुकिंग भी उपलब्ध है। उसी प्रकार, दिव्यांग मतदाता कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में विशिष्ट परिवहन सुविधा का भी लाभ उठा सकते हैं।

    मतदान केन्द्र में सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं (ए एम एफ): 

    मतदान केन्द्रों में सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं जो उपजग्ध कराई जाएंगी जैसे - संकेतक सूचक, हेल्प डेस्क, भूतल पर मतदान बूथ, प्रवेश द्वार से मतदान कम्पार्टमेंट तक बाधा रहित समतल चौड़ा मार्ग, भारत सरकार के मानकों के अनुसार रैंप, दिव्यांगों की प्रक्रिया के अनुकूल शौचालय, पीने का पानी, अलग प्रवेश एवं निकास द्वार, प्रकाश व्यवस्था, सुविधाजनक फर्नीचर, ब्रेल बैलट गाईड, सुविधाजनक उभरे हुए ब्रेल निशान वाली ई वी एम, व्हीलचेयर्स, बूथ स्वयंसेवक और मतदान से संबंधित सूचना प्रदान करने वाले पोस्टरों का प्रदर्शन।

    निर्वाचनों के दौरान दिव्यांग मतदाताओं के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाएं:

    स्थानीय सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सभी दिव्यांगजनों को मुफ्त परिवहन सुविधा  भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

    दिव्यांग मतदाताओं के वाहनों के लिए विशिष्ट पार्किंग व्यवस्था:

    मतदान केन्द्रों पर कतार में इंतजार किए बिना, दिव्यांग और कम चल फिर सकने/कम शारीरिक कार्य करने वाले मतदाताओं को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश प्रदान किया जाता है। यदि दिव्यांग मतदाता चाहें तो मतदान कम्पार्टमेंट तक सहायता के लिए अपना साथी ला सकते हैं। यदि मतदान करने में साथी द्वारा सहायता की आवश्यकता हो, तो फार्म 49क साथी द्वारा भरा जाना चाहिए। दिव्यांगजन के वोट के बाद उसका साथी तत्काल मत डाल सकता है। वैकल्पिक रूप से, दिव्यांग मतदाता बूथ स्वयंसेवक/पीठासीन अधिकारी की सहायता ले सकता है, यदि वह ऐसा चाहती/चाहती है।

    मतदान केन्द्र पर दिव्यांग मतदाता की सहायता के संबंध में प्राधिकारियों से संपर्क करना:

    दिव्यांग मतदाता या उसका साथी मतदान के संबंध में किसी विशिष्ट आवश्यकता के लिए हेल्प डेस्क या बूथ लेवल अधिकारी या पीठासीन अधिकारी से संपर्क कर सकता है।

    निर्वाचक नामावली में अपना विवरण बदलवाने की प्रक्रिया:

    निर्वाचक नामावलियों में कुछ विवरण बदलने और उसे ठीक करने के लिए, संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी को फार्म 8क में आवेदन प्रस्तुत करना होगा।

    दिव्यांगजन अधिनियम, 2016 के अधिकारों में सूचीबद्ध 21 दिव्यांगता:

    दृष्टिहीन, कम दृष्टि, बधिर, ऊंचा सुनने वाले, शारीरिक दिव्यांगता, मानसिक रूप से बीमार,

    (मनोसामाजिक दिव्यांगता), कुष्ठ रोगी, वैश्विक अक्षमता, मस्तिष्क पक्षाघात, बौनापन, मस्कुलर डिस्ट्रोफी, तेजाब हमले के पीड़ित, वाणी एवं भाषा दिव्यांगता, सीखने में अक्षमता, स्वलीनता स्पेक्ट्रम विकार, मल्टीपल स्केलेरोसिस और पार्किसंस रोग सहित गंभीर तंत्रिका विकार, हीमोफीलिया सहित रक्त विकार, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया और बहु-विकार।



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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

मतदाता हेल्पलाइन ऍप

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