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    सं. ईसीआई/प्रे.नो./55/2021 दिनांकः 24 अप्रैल, 2021 प्रेस नोट मुख्य निर्वाचन आयुक्त मुख्य सचिव पश्चिम बंगाल के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित करते हैं आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री सुशील चंद्रा और निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव, एसीएस (गृह), सचिव (आपदा प्रबंधन), सचिव (स्वास्थ्य), डीजीपी, सीपी कोलकाता के साथ पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी पश्चिम बंगाल और राज्य पुलिस नोडल अधिकारी सह एडीजी (एलएंडओ) भी उपस्थित थे। आयोग ने चिंता व्यक्त की कि निर्वाचन हेतु सार्वजनिक अभियानों के दौरान, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अन्तर्गत प्रवर्तन पर्याप्त से कम रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यकारी समिति, जिसकी अध्यक्षता राज्य के मुख्य सचिव द्वारा की गई और अधिनियम, 2005 के अधीन कोविड-19 के उचित व्यवहार के लागू होने के साथ काम किया, अपनी निर्धारित संवैधानिक कर्त्तव्य को पूरा करने की आवश्यकता है। जिला तंत्र, जो निर्वाचन कार्यों के साथ काम करती है, आपदा प्रबंधन अधिनियम सहित अन्य कानूनों को लागू करने के लिए जिम्मेदार बनी रहती है। आयोग ने निदेश दिया कि एसडीएमए और इसके पदाधिकारियों को लागू करना चाहिए तथा अभियान के दौरान कोविड मानदंडों के कार्यान्वयन की निगरानी करनी चाहिए और किसी उल्लंघन के मामले में उचित कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्य सचिव ने आयोग को सूचना दी कि राज्य की प्राप्ति में है और निर्वाचन के दौरान कोविड-19 मानदंडों के लागू करने पर भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों को आगे जारी किया गया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि संपूर्ण तंत्र को अब निदेश दिया गया है कि अधिनियम के अधीन विद्यमान अनुदेशों के संवेदनशीलता और प्रवर्तन के लिए और अधिक कठोर एवं त्वरित कदम उठाए जाए। आयोग ने मतदान बूथ में कोविड संबंधी उचित व्यवहार और बायो-मेडीकल वेस्ट के सुरक्षित निपटान के लिए त्रुटिरहित प्रबंधों में राज्य की व्यवस्था की सराहना की। यह सूचित किया गया कि आयोग द्वारा दिए गए अनुदेशों के अनुसार निर्वाचन उद्देश्यों के लिए निम्नलिखित सामग्री उपलब्ध करवाई गई है क्र.सं. मदें खरीदी गई संख्या 1 फेस मास्क 2,46,88,000 2 मतदान कार्मिक और एमओ के लिए फेस शील्ड 17,05,851 3 फेस शील्ड के लिए वाइजर 16,81,680 4 मतदान कार्मिक और एमओ के उपयोग के लिए 100 एमएल हैंड सेनिटाइजर 18,35,833 5 निर्वाचकों के उपयोग के लिए 500 एमएल हैंड सेनिटाइजर 2,72,000 6 2 लीटर जेरीकेन हैंड सेनिटाइजर 1,52,000 7 पीपीई (बॉडी शूट, एन 95 मास्क, दस्ताने, फेस शील्ड, गोग्लस, हेड कवर, शूज कवर) 1,31,600 8 निर्वाचकों के लिए प्लास्टिक हैंड ग्लब्स (एकल) (85% टर्न आउट पर विचार करते हुए) 9,00,00,000 9 पीपी रबर के लिए हैंड ग्लब्स (जोड़ी में) 53,76,000 10 ढके हुए डस्टबिन (100 लीटर) 2,61,500 11 डस्टबिनों में लगाने के लिए प्लास्टिक बैग (24") 6,26,000 स्वास्थ्य सचिव ने भी सूचना दी कि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक 294 विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्रों को नोडल स्वास्थ्य अधिकारी सौंपे गए हैं, सभी 24 सीएमओएच राज्य स्तर के नोडल स्वास्थ्य अधिकारी के अलावा अपने जिले के लिए नोडल स्वास्थ्य अधिकारी हैं। उन्होंने यह भी सूचित किया कि बायो-मेडिकल वेस्ट के रूप में मतदान केंद्रों पर उपयोग के पश्चात मतदाताओं द्वारा निकाले गए दस्तानों के निपटान एवं संग्रहण के लिए विस्तृत प्रबन्ध किए गए हैं। मतदान केंद्रों पर कोविड संबंधी सुरक्षित प्रबन्धों को सुनिश्चित करते हुए पिछले 6 चरणों में किए गए अच्छे कार्य की प्रशंसा करते हुए, आयोग ने निदेश दिया कि कोविड शिकायत व्यवहार की नियमित निगरानी और उल्लंघनों के विरूद्ध की गई कार्रवाई प्राधिकारी द्वारा की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त यह निदेश दिया गया कि सभी मतदान केंद्रों पर कोविड संबंधी सुरक्षित एवं सुदृढ़ वातावरण के बारे में मतदाताओं को सूचित करने के लिए सराहना और प्रभावी संचार कार्यनीतियों को करना चाहिए जैसे कि सभी मतदान केंद्र सैनिटाइज किए जा रहे हैं, सभी मतदाता मास्क पहने और उन्हें हैंड ग्लब्स औरर हैंड सैनिटाइज सुविधा उपलब्ध कराए जा रहे हैं एवं कतारों में भी सामाजिक दूरी बनाई जा रही है। मुख्य सचिव ने आयोग को सुनिश्चित किया कि निर्वाचन उद्देश्यों के लिए सार्वजनिक सभाओं के दौरान कोविड सराहनीय व्यवहार लागू करने के लिए सभी कार्रवाई तथा अन्यथा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अधीन भी और अन्य सभी सुसंगत संवैधानिक प्रावधानों का आयोग द्वारा यथा निदेशित सुनिश्चित किया जाएगा।
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    पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुड्डुचेरी विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2021 एवं विभिन्‍न राज्यों में उप-निर्वाचन : 2 मई, 2021 को मतगणना के दौरान कोविड सुरक्षा के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश-तत्संबंधी
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    सं. 437/प. बं.-वि.स./2021 दिनांकः 16 अप्रैल, 2021 नोटिस यतः, आयोग द्वारा दिनांक 26 फरवरी, 2021 के प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./16/2021 के अधीन पश्चिम बंगाल विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचनों की घोषणा की गई है और आदर्श आचार संहिता के उपबंध निर्वाचनों की घोषणा के साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं; और 2. यतः, राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के 'सामान्य आचरण', भाग I के खंड (1) में, अन्य बातों के साथ-साथ, यह प्रावधान है कि (1) "कोई दल या अभ्यर्थी ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जिससे भिन्न जातियों और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेद अधिक गंभीर हो सकते हैं या परस्पर घृणा पैदा हो सकती है या तनाव पैदा हो सकता है।" और 3. यतः, भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के खण्ड 153 (क) (1) (क) में, अन्य बातों के साथ-साथ, यह प्रावधान है कि 153 क. धर्म, मूलवंश, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना, और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य करना।-------- (1) कोई भी हो--------(क) बोले गए या लिखे गए शब्दों द्वारा, या संकेतों द्वारा या दृश्य अभ्यावेदन या अन्यथा धर्म, जाति, जन्मस्थान, निवास, भाषा, जाति या समुदाय या किसी अन्य आधार के आधारों पर प्रचार करने का प्रयास, जो भी हो, असहमति या विभिन्न धार्मिक, नस्लीय, भाषा या क्षेत्रीय समूहों या जातियों या समुदायों के बीच दुश्मनी, घृणा या शत्रुता की भावनाएं; और 4. यतः, इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 505 (2) में यह उपबंधित है : 505(2).विभिन्न वर्गों में शत्रुता, घॄणा या वैमनस्य पैदा या सम्प्रवर्तित करने वाले कथन - जो भी कोई जनश्रुति या संत्रासकारी समाचार अन्तर्विष्ट करने वाले किसी कथन या सूचना, इस आशय से कि, या जिससे यह संभाव्य हो कि, विभिन्न धार्मिक, मूलवंशीय, भाषायी या प्रादेशिक समूहों या जातियों या समुदायों के बीच शत्रुता, घॄणा या वैमनस्य की भावनाएं, धर्म, मूलवंश, जन्म-स्थान, निवास-स्थान, भाषा, जाति या समुदाय के आधारों पर या अन्य किसी भी आधार पर पैदा या संप्रवर्तित हो, को रचेगा, प्रकाशित करेगा या परिचालित करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास, जिसे तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दण्ड, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा; और 5. यतः, आयोग को श्री मुख्तार अब्बास नकवी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से शिकायत मिली है जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि सुश्री सुजाता मंडल खान, जो ऑल इंडिया तृणमूल काँग्रेस की नेता है, ने न्यूज 18 बांग्लादेश न्यूज चैनल को साक्षात्कार देते हुए जो मीडिया में व्यापक रूप से रिपोर्ट किया गया है, अनुसूचित जाति समुदाय के विरूद्ध अपमानजनक टिप्पणी की; और 6. यतः, जिला निर्वाचन अधिकारी, हुगली से कथित भाषण का प्रमाणित ट्रांसक्रिप्ट भी प्राप्त हुआ है। इस भाषण का प्रासंगिक भाग निम्नानुसार हैः "----------जैसा कि अनुसूचित जाति के परिवारों में संसाधनों की कमी है।कितनी भी, ममता बंद्योपाध्याय ने उनकी मदद की हो, फिर भी यह कमी नहीं जाएगी।जैसेकि एक कहावत है, कुछ वास्तव में भिखारी होते हैं और अन्य स्वभाव से भिखारी होते हैं।अनुसूचित जातियां यहां स्वभाव से भिखारी हैं, और इसके बावजूद ममता बंद्योपाध्याय ने उनकी इतनी मदद की, फिर भी वे क्षुद्र राशि पर बीजेपी के हाथों बिक गए हैं और अब हमें प्रताड़ित कर रहे हैं।आज मेरे वाहन का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया है और वे मुझे मारने के लिए लाठियों, बंदूकों और बमों के साथ थे और मैं स्पष्ट रूप से यह बता सकती हूं कि वे बीजेपी के समर्थक हैं।उन्हें बीजेपी द्वारा समर्थन और संरक्षण दिया गया है।मैं निश्चित रूप से भारत निर्वाचन आयोग को सूचित करूंगी, और अगर आज भारत निर्वाचन आयोग का कोई नाम है, तो वह तटस्थ होगा, तब मुझे लगेगा कि किसी भी अभ्यर्थी या उसके वाहन पर इस प्रकार का अत्याचार/उत्पीड़न संभव नहीं होगा--------"; और 7. यतः, सुश्री सुजाता मंडल खान द्वारा दिए गए उपर्युक्त कथन (वक्तव्य), की आयोग में जांच की गई है और यह भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 153क(1) (क) और धारा 505(2) तथा राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के लिए दिशा-निर्देश के लिए आदर्श आचार संहिता के सामान्य आचरण के भाग I के खण्ड (1) का उल्लंघन करते हुए पाया गया है। 8. अब, इसलिए, आयोग आपको एक अवसर देता है कि इस नोटिस की प्राप्ति के 24 घंटों के भीतर कुछ दिनों के लिए स्टार प्रचारक के रूप में अपने स्टेटस को निलंबित करने के लिए नहीं बल्कि उपर्युक्त कथित बयान देते समय अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर आयोग आगे आपको संदर्भ दिए बिना निर्णय लेगा। आदेश से, संलग्नकः उपरोक्त। (मधुसूदन गुप्ता) सचिव सेवा में, सुश्री सुजाता मंडल खान, ऑल इंडिया तृणमूल काँग्रेस की नेता, पश्‍चिम बंगाल।
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    सं. 437/प.बं.-वि.स./2021 दिनांक : 13 अप्रैल, 2021 आदेश यतः, आयोग द्वारा दिनांक 26 फरवरी, 2021 को प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./16/2021 के द्वारा पश्चिम बंगाल विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचनों की घोषणा की गई है और आदर्श आचार संहिता के उपबंध निर्वाचनों की घोषणा के साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं; और 2. यतः, राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के 'सामान्य आचरण', भाग I के खंड (1) और (4) में, अन्य बातों के साथ-साथ, ये प्रावधान हैं किः- " (1) कोई दल या अभ्यर्थी ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जिससे भिन्न जातियों और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेद अधिक गंभीर हो सकते हैं या परस्पर नफरत हो सकती है या तनाव पैदा हो सकता है।" "(4) सभी दल और अभ्यर्थी ऐसी सभी गतिविधियों से ईमानदारी से परहेज करेंगे जो निर्वाचन विधि के अधीन "भ्रष्ट आचरण" एवं अपराध हैं जैसे कि मतदाताओं को घूस देना, मतदाताओं को डराना-धमकाना, मतदाताओं का प्रतिरूपण, मतदान केंद्रों से 100 मीटर दूरी के भीतर प्रचार करना, मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय के समाप्त होने से 48 घंटों की अवधि के दौरान सार्वजनिक सभाएं आयोजित करना और मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक ले जाने और वापस लाने के लिए परिवहन और वाहन उपलब्ध करना।"; और 3. यतः, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 की उप-धारा (3क) के अधीन उपबंध में, अन्य बातों के साथ-साथ, उपबंधित है किः- "(3क) किसी अभ्यर्थी या उसके अभिकर्ता या अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता की सम्मति से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उस अभ्यर्थी के निर्वाचन की सम्भाव्यताओं को अग्रसर करने के लिए या किसी अभ्यर्थी के निर्वाचन पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए भारत के नागरिकों के विभिन्न वर्गों के बीच, धर्म, मूलवंश, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर शत्रुता या घृणा की भावनाओं का संप्रवर्तन करना, अथवा संप्रवर्तन का प्रयत्न करना।"; और 4. यतः, भारतीय दंड संहिता की धारा 153(क) की उप-धारा (1) (क) के उपबंध में, अन्य बातों के साथ-साथ, यह प्रावधान है किः- "153क. धर्म, मूलवंश, जन्मस्थान, निवास स्थान, भाषा इत्यादि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य करना। -(1) जो कोई - (क) बोले गए या लिखे गए शब्दों द्वारा या संकेतों द्वारा या दृश्यरूपणों द्वारा या अन्यथा विभिन्न धार्मिक, मूलवंशीय या भाषाई या प्रादेशिक समूहों, जातियों या समुदायों के बीच असौहार्द अथवा शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावनाओं को धर्म, मूलवंश, जन्मस्थान, निवास स्थान, भाषा, जाति या समुदाय के आधारों पर या अन्य किसी भी आधार पर संप्रवर्तित करेगा या संप्रवर्तित करने का प्रयत्न करेगा"; और 5. यतः श्री राहुल सिन्हा, बीजेपी ने एक भाषण दिया है जिसे न्यूज़ 18 बांग्ला चैनल पर 12.04.2021 को प्रातः 11.30 बजे प्रसारित किया गया है; और 6. यतः, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल से भी कथित भाषण की प्रमाणीकृत ट्रांसक्रिप्ट प्राप्त हुई है जो निम्नानुसार हैः " ………… केंद्रीय बलों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया है। यदि वे दोबारा ऐसे करते हैं तो उन्हें फिर इसी प्रकार का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। केंद्रीय बलों को शीतलकुची में चार की बजाय आठ को मारना चाहिए था। केंद्रीय बलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाना चाहिए कि उन्होंने उनमें से केवल चार को ही क्यों मारा …………….."; और 7. यतः, आयोग ने इस मामले पर सावधानीपूर्वक स्वतः संज्ञान लिया है और इसका यह सुविचारित मत है कि श्री राहुल सिन्हा ने राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्ग दर्शन की आदर्श आचार संहिता के 'सामान्य आचरण' के भाग I के खंड (1) और (4) तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 की उप-धारा (3क) में विनिर्दिष्ट उपबंधों और भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 153(क) की उप धारा (1) (क) के उल्लंघन में बलों को उकसाकर, मानव जीवन का मजाक उड़ाते हुए अत्यधिक उकसाने वाला भाषण दिया जिससे कानून और व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती थी तथा इससे निर्वाचन प्रक्रिया भी बुरी तरह से प्रभावित हो सकती थी। 8. अतः, अब आयोग, एतद्द्वारा श्री राहुल सिन्हा, बीजेपी द्वारा दिए गए उपरोक्त बयानों की कड़ी भर्त्सना करता है और कड़ी चेतावनी देता है कि लागू आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान सार्वजनिक भाषण देते समय वे ऐसे कथनों का प्रयोग करने में पूरी सावधानी बरतें। आयोग श्री राहुल सिन्हा पर किसी भी प्रकार से प्रचार-प्रसार करने के लिए आज 12.00 बजे से आरंभ करके 15.04.2021 को 12.00 बजे तक, अगले 48 घंटे की रोक भी लगाता है। 9. मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने राहुल सिन्हा, बीजेपी को बिना कोई नोटिस दिए इस आदेश को जारी करने का निर्णय लिया है। अनुलग्‍नक : यथोपरि। (राकेश कुमार) सचिव सेवा में, श्री राहुल सिन्हा, भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम बंगाल अनुबंध ख के रूप में चिह्नित, राहुल सिन्हा के भाषण की ट्रांसक्रिप्ट, जैसी सीडी में पाई गई। यह शिकायतकर्ता द्वारा प्रदान की गई है और न्यूज़ 18 बांग्ला चेनल पर 12.04.2021 को प्रातः 11:30 बजे प्रसारित की गई वीडियो से मेल खाती है। केंद्रीय बलों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया है। यदि वे दोबारा ऐसा करते हैं तो उन्हें फिर इसी प्रकार का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। केंद्रीय बलों को शीतलकुची में चार की जगह आठ को मारना चाहिए था। केंद्रीय बलों को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया जाना चाहिए कि उन्होंने उनमें से केवल चार को क्यों मारा। द्वारा अनुवादित हस्ता./- पदमिनी चक्रवर्ती अनुवादक 12.4.21
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    सं. 437/प.बं.-वि.स./2021 दिनांकः 13 अप्रैल, 2021 नोटिस यतः, आयोग द्वारा दिनांक 26 फरवरी, 2021 को प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे.नो./16/2021 के द्वारा पश्चिम बंगाल की विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचनों की घोषणा कर दी गई है और आदर्श आचार संहिता के उपबंध निर्वाचनों की घोषणा के साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं; और 2. यतः, राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के 'सामान्य आचरण', भाग I के खंड (1) और (4) में, अन्य बातों के साथ-साथ, ये प्रावधान हैं कि (1) "कोई भी दल या अभ्यर्थी ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जिससे भिन्न जातियों और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेद अधिक गंभीर हो सकते हैं या परस्पर घृणा पैदा हो सकती है या तनाव पैदा हो सकता है।" "(4) सभी दल और अभ्यर्थी ऐसी सभी गतिविधियों से ईमानदारी से परहेज करेंगे जो निर्वाचन विधि के अधीन "भ्रष्ट आचरण" एवं अपराध हैं जैसे कि मतदाताओं को घूस देना, मतदाताओं को डराना-धमकाना, मतदाताओं का प्रतिरूपण, मतदान केंद्रों से 100 मीटर दूरी के भीतर प्रचार करना, मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय के समाप्त होने से 48 घंटों की अवधि के दौरान सार्वजनिक सभाएं आयोजित करना और मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक ले जाने और वापस लाने के लिए परिवहन और वाहन उपलब्ध करना।"; और 3. यतः, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 (3क) में, अन्य बातों के साथ-साथ, उपबंधित है किः- "(3क) किसी अभ्यर्थी या उसके अभिकर्ता या अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता की सम्मति से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उस अभ्यर्थी के निर्वाचन की सम्भाव्यताओं को अग्रसर करने के लिए या किसी अभ्यर्थी के निर्वाचन पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए भारत के नागरिकों के विभिन्न वर्गों के बीच, धर्म, मूलवंश, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर शत्रुता या घृणा की भावनाओं का संप्रवर्तन करना, अथवा संप्रवर्तन का प्रयत्न करना।"; और 4. यतः, भारतीय दंड संहिता की धारा 153क (1) (क) में, अन्य बातों के साथ-साथ, यह प्रावधान है किः- "153क. धर्म, मूलवंश, जन्मस्थान, निवास स्थान, भाषा इत्यादि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य करना। -(1) जो कोई - (क) बोले गए या लिखे गए शब्दों द्वारा या संकेतों द्वारा या दृश्यरूपणों द्वारा या अन्यथा विभिन्न धार्मिक, मूलवंशीय या भाषाई या प्रादेशिक समूहों, जातियों या समुदायों के बीच असौहार्द अथवा शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावनाओं को धर्म, मूलवंश, जन्मस्थान, निवास स्थान, भाषा, जाति या समुदाय के आधारों पर या अन्य किसी भी आधार पर संप्रवर्तित करेगा या संप्रवर्तित करने का प्रयत्न करेगा"; और 5. यतः, आयोग को श्री डेरेक 'ओ' ब्राइन, एआईटीसी से एक शिकायत प्राप्त हुई है जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि श्री दिलीप घोष, भारतीय जनता पार्टी के राज्य अध्यक्ष ने बारांगर, उत्तर 24 परगना में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए एक भड़काऊ भाषण दिया जो बंगाल और इसके लोगों को खुली धमकी है, मीडिया में भी इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रसारित की गई है; और 6. यतः, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल से भी कथित भाषण की प्रमाणीकृत ट्रांसक्रिप्ट प्राप्त हुई है। उनके भाषण का प्रासंगिक भाग निम्नानुसार हैः " ………… इतने सारे शैतान लड़के कहां से आए थे?उन शैतान लड़कों को कल शीतलकुची में गोली मार दी गई। ऐसे शैतान लड़के बंगाल में नजर नहीं आएंगे।यह तो केवल शुरूआत है। जो यह सोचते थे कि केंद्रीय बलों की राइफलें केवल दिखाने के लिए हैं, अब गोलियों की ताकत अच्छी तरह से जान चुके हैं। और ऐसा ही पूरे बंगाल में किया जाएगा। जो भी कानून अपने हाथ में लेगा उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी 17 अप्रैल की सुबह अपना वोट डालने के लिए कतार में खड़े होंगे। बूथों पर केंद्रीय बल तैनात रहेंगे। कोई भी आपको आंख नहीं दिखा सकता। क्योंकि हम यहां पर हैं। और यदि कोई अपनी सीमा लांघता है तो आप देख चुके हैं कि शीतलकुची में क्या हुआ था। ऐसे स्थानों पर शीतलाकुची जैसा हाल किया जाएगा। इसलिए सावधान रहें………”; और 7. यतः, आयोग ने इस मामले पर सावधानीपूर्वक विचार किया है और इसका यह सुविचारित मत है कि श्री दिलीप घोष, जो बीजेपी के राज्य अध्यक्ष भी हैं, ने 'राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्ग दर्शन की आदर्श आचार संहिता के सामान्य आचरण' के भाग I के खंड (1) और (4) तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 की उप-धारा (3क) में विनिर्दिष्ट उपबंधों और भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 153(क) की उप धारा (1) (क) के उल्लंघन में ऐसे कथन किए हैं जो उकसाने वाले हैं और जो गंभीर रूप से भावनाएं भड़का सकते हैं और कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। 8. अतः, अब आयोग द्वारा आपको कल सुबह 10.00 बजे तक उपर्युक्त भाषण दिए जाने पर अपना स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया जाता है जिसके विफल रहने पर आपको बिना कोई सूचना दिए आयोग निर्णय करेगा। आदेश से, हस्‍ता/- (राकेश कुमार) सचिव सेवा में, श्री दिलीप घोष, भारतीय जनता पार्टी के राज्य अध्यक्ष, पश्चिम बंगाल 11.04.2021 को अपराह्न 2:01:24 बजे से अपराह्न 2:02:04 बजे तक एबीपी न्यूज चैनल पर प्रसारित बारांगर में दिलीप घोष द्वारा दिए गए भाषण की ट्रांसक्रिप्ट इतने सारे शैतान लड़के कहां से आए थे? उन शैतान लड़कों को कल शीतलकुची में गोली मार दी गई। ऐसे शैतान लड़के बंगाल में नजर नहीं आएंगे। यह तो केवल शुरूआत भर है। जो यह सोचते थे कि केंद्रीय बलों की राइफलें केवल दिखाने के लिए हैं, अब गोलियों की ताकत अच्छी तरह से जान चुके हैं। और ऐसा ही पूरे बंगाल में किया जाएगा। जो भी कानून अपने हाथ में लेगा उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी 17 अप्रैल की सुबह अपना वोट डालने के लिए कतार में खड़े होंगे। बूथों पर केंद्रीय बल तैनात रहेंगे। कोई भी आपको आंख नहीं दिखा सकता। क्योंकि हम यहां पर हैं। और यदि कोई अपनी सीमा लांघता है तो आप देख चुके हैं कि शीतलकुची में क्या हुआ था। ऐसे स्थानों पर शीतलाकुची जैसा हाल किया जाएगा। इसलिए सावधान रहें। द्वारा अनुवादित हस्‍ता/- पदमिनी चक्रवर्ती अनुवादक
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    सं. 464/अनु./2021/ईपीएस दिनांक: 27 अप्रैल, 2021 सेवा में, सभी राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी विषय: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन, 2021- विजय जुलूस पर प्रतिबंध। संदर्भ: 21 अगस्‍त, 2020 को कोविड-19 के दौरान साधारण निर्वाचन/उप-निर्वाचन के संचालन के लिए आयोग के व्‍यापक दिशा-निर्देश। महोदय, आयोग ने राष्‍ट्रीय/राज्‍यीय राजनैतिक दलों से विचारों/सुझावों को प्राप्‍त करने के बाद 21 अगस्‍त, 2020 को कोविड-19 के दौरान साधारण निर्वाचन/उप-निर्वाचन के संचालन के लिए व्‍यापक दिशा-निर्देश जारी किए। आयोग ने इसके अतिरिक्‍त, निर्वाचन अभियान और जन सभाओं के संबंध में राज्यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों के विभिन्‍न मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों से प्राप्‍त विचारों/सुझावों पर और विचार किया है। 2. आयोग ने पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की विधान सभाओं के साथ-साथ विभिन्‍न राज्‍यों में उप-निर्वाचनों के साधारण निर्वाचन के लिए दिनांक 02.05.2021 को मतगणना निर्धारित कर दी है। देश भर में कोविड-19 के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए, आयोग ने दिनांक 21 अगस्‍त, 2020 के मौजूदा व्‍यापक दिशा-निर्देशों के अलावा, मतगणना की प्रक्रिया के दौरान पालन किए जाने हेतु और ज्यादा कठोर प्रावधान बनाने का निर्णय लिया है और निदेश दिया है कि – क. 02.05.2021 को मतगणना के बाद विजय जुलूस अनुमत्य नहीं होगा। ख. विजयी अभ्‍यर्थी के साथ दो से अधिक व्‍यक्तियों को जाने की अनुमति नहीं होगी या उसका/उसकी प्राधिकृत प्रतिनिधित्‍व संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्राप्‍त करेगा। यह सभी संबंधितों के ध्‍यान में लाया जाए। भवदीय, ह./- (सुमित मुखर्जी) वरि.प्रधान सचिव
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    Puducherry General Legislative Election 2021 1 - Abbreviations and Description (Pdf and Excel) 2 - List of Successful Candidates (Pdf and Excel) 3 - List Of Political Parties Participated (Pdf and Excel) 4 - Highlights (Pdf and Excel) 5 - Performance of Political Parties (Pdf and Excel) 6 - Electors Data Summary (Pdf and Excel) 7 - Individual Performance of Women Candidates (Pdf and Excel) 8 - Constituency Data Summary (Pdf and Excel) 9 -Candidates Data Summary (Pdf and Excel) 10 -Detailed Results (Pdf and Excel) 11 - Annexure-1 Electors Data Summary (Pdf and Excel) Disclaimer :- These reports are developed on the basis of information provided by Chief Electoral Officers of States and UTs.
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    सं. 437/पश्चिम बंगाल-वि. स./2021 दिनांकः 8 अप्रैल, 2021 सूचना यतः, आयोग द्वारा दिनांक 26 फरवरी, 2021 को प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे. नो./16/2021 के तहत पश्चिम बंगाल विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचनों की घोषणा की गई है और आदर्श आचार संहिता के उपबंध निर्वाचनों की घोषणा के साथ ही तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गए हैं; और 2. यत:, राजनैतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के 'सामान्य आचरण', भाग-। के खंड (2) और (3) में अन्‍य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि "(2) अन्य दलों की आलोचना करते समय यह आलोचना उनकी नीतियों और कार्यक्रम, पिछले रिकार्ड और कार्य तक ही सीमित होनी चाहिए। दलों और अभ्यर्थियों को अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के बारे में ऐसे किसी भी पहलू की आलोचना नहीं करनी चाहिए जिनका उनके सार्वजनिक कार्यकलापों से सरोकार न हो। असत्‍यापित आरोपों अथवा तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों के आधार पर अन्‍य दलों और उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से बचना चाहिए;" "(3) मत हासिल करने के लिए जाति अथवा सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। मस्जिदों, चर्चों, मंदिरों या अन्य किसी भी पूजा स्थल को निर्वाचन संबंधी प्रचार के लिए मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा;" और 3. यतः, आयोग को सुश्री कविता कृष्णन, सीपीआईएमएल केंद्रीय समिति से एक शिकायत मिली है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि दिनांक 29 मार्च, 2021 को भारतीय जनता पार्टी के 210-नन्दीग्राम विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी श्री सुवेंदु अधिकारी ने नन्दीग्राम में एक जन सभा को संबोधित करते हुए द्वेषपूर्ण भाषण दिया, जिसे व्यापक रूप से मीडिया में रिपोर्ट किया गया है; और 4. यतः, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल से कथित भाषण का प्रमाणित ट्रांसक्रिप्ट (टेप) भी प्राप्त हुआ है। इस भाषण का प्रासंगिक भाग निम्नानुसार हैः "....मुझे गाना गाने और कीर्तन सुनने का शौक है। खैर, मेरे पास आपको बताने के लिए कुछ भी नया नहीं है। एक तरफ बेगम हमारे खिलाफ लड़ रहीं हैं। दूसरी तरफ, यहां आपके परिवार का बेटा है, आपका छोटा भाई, आपका दोस्त, अपने कनिष्ठों के लिए बड़ा भाई है। आप किसे स्वीकार करना चाहेंगे, मुझे बताइए? निर्वाचन दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। आप बेगम को मत नहीं देंगे। यदि आप बेगम को मत देंगे तो छोटा पाकिस्तान बन जाएगा। (मुश्किल से सुनाई दे रहा है)... आपके इलाके में दाउद इब्राहिम आ गया है...हम सबकुछ नोट करेंगे। सरकार क्या कर रही है? इसका क्या फायदा है? अगला त्यौहार कौन सा आ रहा है? रामनबमी। रामचंद्र किस पुष्प से मां दुर्गा की पूजा करते थे? इसलिए, आप सभी को कमल के लिए वोट करना चाहिए। आपको 1 नंबर के सामने वाला बटन दबाना चाहिए। निर्वाचन के पहले चरण में तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ मत पड़े हैं। क्या आप सभी तुष्टिकरण का मतलब समझते हैं? चूंकि निर्वाचन चल रहे हैं, अतः हमें अपनी भाषा के प्रति सतर्क रहना होगा। क्या आप समझते हैं कि तुष्टिकरण का क्या मतलब होता है? क्या आप तुष्टिकरण का अर्थ समझते हैं? हां, आप समझते हैं। क्या उन्होंने लोक सभा के मत के बाद यह नहीं कहा था कि वे उन लोगों से भी चोट खाने के लिए तैयार हैं जो उनके लिए फायदेमंद थे? इसे तुष्टिकरण कहते हैं। पहले चरण में तुष्टिकरण के खिलाफ मत पड़े थे। इस बार भी तुष्टिकरण के खिलाफ मत पड़ेंगे। अम्फान राहत घोटाले में शामिल टीएमसी की पंचायतें आस-पास भटक रहीं हैं......."; और 5. यतः, 29 मार्च, 2021 को श्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा दिए गए उपर्युक्त वक्तव्य की आयोग में जांच की गई है और इसे 'राजनैतिक दलों तथा अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के सामान्य आचरण' के भाग I के खंड (2) और (3) का उल्लंघन करते हुए पाया गया है, 6. अब, इसलिए, आयोग आपको एक अवसर देता है कि इस नोटिस की प्राप्ति के 24 घंटों के भीतर अपने उपर्युक्त बयान के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर आयोग आगे संदर्भ दिए बिना निर्णय लेगा। संलग्नकः यथोपरि। आदेश से ह./- (राकेश कुमार) सचिव सेवा में, श्री सुवेंदु अधिकारी, 210-नन्दीग्राम विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के अभ्यर्थी, पश्चिम बंगाल। *********************************** 29.03.21 को पूर्वाह्न 11.25-11.29 तक सीएन समाचार चैनल पर प्रसारित सुवेंदु अधिकारी द्वारा दिया गया भाषण [सुवेंदु अधिकारी भगवान कृष्ण और भगवान राम का भजन गाते और नाम लेते हैं।] मैं यहां राधामाधव मंदिर में जाने के बाद आया हूँ। मैंने तुलसी (हिंदुओं के लिए एक पवित्र पौधा) पर हार चढ़ाया है। [वे तुलसी की महिमा का वर्णन करते हुए कीर्तन गाते हैं]। मैं इस्कॉन के मंदिर में गाए जाने वाले कीर्तन में भाग लेने जाता हूं। मुझे गाना गाने और कीर्तन सुनने का शौक है। खैर, मेरे पास आपको बताने के लिए कुछ भी नया नहीं है। एक तरफ बेगम हमारे खिलाफ लड़ रहीं हैं। दूसरी तरफ, यहां आपके परिवार का बेटा है, आपका छोटा भाई, आपका दोस्त, अपने कनिष्ठों के लिए बड़ा भाई है। आप किसे स्वीकार करना चाहेंगे, मुझे बताइए। निर्वाचन दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। आप बेगम को मत नहीं देंगे। यदि आप बेगम को मत देंगे तो छोटा पाकिस्तान बन जाएगा। (मुश्किल से सुनाई दे रहा है)... आपके इलाके में दाउद इब्राहिम आ गया है...हम सबकुछ नोट करेंगे। सरकार क्या कर रही है? जैसे योगी आदित्यनाथ ने उनको सबक सिखाया है, हम भी वैसा ही करेंगे। यदि उत्तर प्रदेश कर सकता है तो पश्चिम बंगाल भी कर सकता है। वोटिंग मशीन में मेरा नाम किस क्रम संख्या में है? मेरा प्रतीक चिह्न क्या है? इसका क्या फायदा है? अगला त्यौहार कौन सा आ रहा है? रामनबमी। रामचंद्र किस पुष्प से मां दुर्गा की पूजा करते थे? इसलिए, आप सभी को कमल के लिए वोट करना चाहिए। आपको 1 नंबर के सामने वाला बटन दबाना चाहिए। और हम मोदीजी के नेतृत्व में और उनकी प्रेरणा से "सोनार बांग्ला" का निर्माण करेंगे। शक्तिकेंद्र के जनक, तपस भाई, मंडल अध्यक्ष, कौशिक और कई अन्य नेता यहां पर उपस्थित हैं। मैं अलग-अलग सभी का नाम नहीं ले रहा हूँ। मैं जानता हूँ कि यहां पर मुझे लोगों का समर्थन मिलेगा। निर्वाचन के पहले चरण में तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ मत पड़े हैं। क्या आप सभी तुष्टिकरण का मतलब समझते हैं? चूंकि निर्वाचन चल रहे हैं, अतः हमें अपनी भाषा के प्रति सतर्क रहना होगा। क्या आप समझते हैं कि तुष्टिकरण का क्य मतलब होता है? क्या आप तुष्टिकरण का अर्थ समझते हैं? हां, आप समझते हैं। क्या उन्होंने लोक सभा के मत के बाद यह नहीं कहा था कि वे उन लोगों से भी चोट खाने के लिए तैयार हैं जो उनके लिए फायदेमंद थे? इसे तुष्टिकरण कहते हैं। पहले चरण में तुष्टिकरण के खिलाफ मत पड़े थे। इस बार भी तुष्टिकरण के खिलाफ मत पड़ेंगे। अम्फान राहत घोटाले में शामिल टीएमसी पंचायतें आस-पास भटक रहीं हैं।
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    सं. 437/पश्चिम बंगाल-वि. स./2021 दिनांकः 8 अप्रैल, 2021 सूचना यतः, आयोग द्वारा दिनांक 26 फरवरी, 2021 को प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे. नो./16/2021 के तहत पश्चिम बंगाल विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचनों की घोषणा की गई है और आदर्श आचार संहिता के उपबंध निर्वाचनों की घोषणा के साथ ही तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गए हैं; यतः, निर्वाचन आयोग ने 21 फरवरी, 2021 को पश्चिम बंगाल की यात्रा की थी और परम्परानुसार राजनैतिक दलों से फीडबैक प्राप्त कर अपना कार्य आरम्भ कर दिया था। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के समक्ष अन्य साधारण मुद्दों को उठाने के अतिरिक्त अन्य बातों के साथ-साथ यह भी आरोप लगाया कि उस वक्त के आगामी विधान सभा निर्वाचनों के संदर्भ में बीएसएफ कर्मी किसी विशेष राजनैतिक दल के पक्ष में मत डालने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों के गांव में रहने वालों लोगों को डरा-धमका रहे हैं। एआईटीसी के प्रतिनिधिमंडल से अनुरोध किया गया था कि वे उपाख्यानात्मक आरोप लगाने के बजाय, अनुभवजन्य साक्ष्य, यदि कोई हों, प्रस्तुत करें। हालांकि, उन्होंने आयोग के द्वारा उठाए गए इस प्रश्न का कोई उत्तर नहीं दिया था। दो दिवसीय यात्रा के समापन पर, आयोग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, जो किसी भी राज्य में निर्वाचकीय तैयारियों की औपचारिक समीक्षा करने के बाद एक लंबे समय से परम्परा भी रही है। यहां फिर से कुछ पत्रकारों ने एआईटीसी द्वारा बीएसएफ के बारे में लगाए गए आरोपों का जिक्र किया। इस चरण में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निम्नानुसार कहाः "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक दल ने बीएसएफ के बारे में आरोप लगाए हैं। मैंने ठोस दृष्टांत बताने के लिए कहा है। वे (बीएसएफ) देश के सबसे बेहतरीन बलों में से एक हैं। किसी भी दल की किसी भी बिंदु पर आलोचना करने का कोई मतलब नहीं है।" यतः, सीईओ, पश्चिम बंगाल से एक रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिसके साथ सीएनएन समाचार चैनल पर प्रसारण के रूप में 28.03.2021 को सुश्री ममता बनर्जी, माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए वक्तव्य की एक प्राधिकृत ट्रांसक्रिप्ट संलग्न है, जिसमें उन्होंने कहाः "ममता बनर्जी बाहरी नहीं है। बाहरी कौन हैं? बंदूकों के साथ गुंडे, जिन्हें आप कहीं और से लाएं हैं। क्या उन्होंने कोंटाइ में नहीं किया था? पिता, पुत्र और अंकलों में निष्पक्ष तरीके से निर्वाचन लड़ने की क्षमता नहीं है, इसलिए उन्होंने कोंटाई में परसों रात हंगामा किया।" "उन्हें किसने इतनी हिम्मत दी कि केंद्रीय पुलिस महिलाओं को धमका रही है और उन्हें मत नहीं डालने दे रही है? मैंने यही 2019 में देखा था। मैंने 2016 में भी यही देखा थाः "मैं जानती हूं कि किसके अनुदेश पर वे मारते हैं और किस तरह मारते हैं। यह आपका कर्तव्य है कि आप लोगों के परिवार की रक्षा करें। यदि हमारी माताओं और बहनों को डंडे से जरा भी चोट आती है तो उन पर करछुल, खुरपे और चाकू से हमला करें। मैं बता रहीं हूं। यह महिलाओं का हक है। और यदि हमारी किसी भी माता तथा बहनों को मतदान कक्ष में प्रवेश करने नहीं दिया जाए तो आप सभी बाहर आएं और आंदोलन करें।" यतः, सीईओ, पश्चिम बंगाल से एक अन्य रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिसके साथ 7.04.2021 को कूच बिहार में सुश्री ममता बनर्जी द्वारा दिए गए भाषण की एक प्राधिकृत ट्रांसक्रिप्ट संलग्न है, जहां उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बलों पर निम्नलिखित अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणी कीः "वे असम से आतंक फैलाने के लिए गंडे लाएंगे। मैं प्रशासन से नाका जांच मजबूत करने और असम की सीमा को सील करने की मांग करूंगी। मैं निर्वाचन आयोग से असम सीमा को सील करने के लिए कहूंगी। भूटान शांतिपूर्ण देश है और हमारा अच्छा पड़ोसी है। फिर भी सीमा को सील किया जाना चाहिए। याद रखें कि कूच बिहार के आस-पास ऐसे कई अन्य क्षेत्र हैं, जो बांग्लादेश के हैं। उन सीमाओं को भी सील किया जाना चाहिए, ताकि कोई बाहरी यहां हंगामा न खड़ा कर सके। और यदि सीएपीएफ बाधाएं उत्पन्न करता है तो, मैं आप औरतों को बता रहीं हूं, आपका एक समूह जाए और उनका घेराव करे जबकि दूसरा समूह अपना मत डालने जाएगा। अपना मत बेकार न जाने दें। यदि आप सभी उनका घेराव करने में ही लग जाएंगे तो वे खुश होंगे की आप अपना मत डालने नहीं गए। यह उनकी योजना है। यह बीजेपी की योजना है। और आपकी योजना यह होगी कि यदि वे एक तरफ आपके गांव आकर आपको धमकाने की कोशिश करते हैं तो आप डरेंगे नहीं, बल्कि आप उनसे बात करेंगे। उनसे बात करने का मतलब उन पर लगाम कसना होगा। आपको उनका सच में घेराव नहीं करना पड़ेगा।" यतः, प्रथम दृष्टया, सुश्री ममता बनर्जी, एआईटीसी की अध्यक्षा, जो पश्चिम बंगाल की माननीय मुख्यमंत्री भी हैं, के द्वारा पूरी तरह से गलत, भड़काऊ और तीखे वक्तव्य, निर्वाचकीय प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को अपमानित और तिरस्कृत करने का प्रयास है, जिससे इन बलों के सभी रैंक पदाघिकारी बहुत ज्यादा हतोत्साहित हो रहे हैं, जो 80 के दशक के अंत से निर्वाचनों के बाद निर्वाचनों में स्वेच्छा भाव से सेवा प्रदान करते आ रहे हैं और जिन्होंने विशेष रूप से क्षेत्राधिकार सुनिश्चित करने और अपनी वास्तविक उपस्थिति से असामाजिक गुंडों के लिए अवरोध उत्पन्न करने में एक सराहनीय योगदान दिया है, जिससे वह स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और सुगम निर्वाचनों का संचालन करवाने के लिए ईसीआई की सहायता करने में एक प्रमुख भूमिका निभाता रहा है; यतः, 28.03.2021 और 7.04.2021 के वक्तव्यों और पैरा 2 तथा 3 में वर्णित और इंगित गए अनुवर्ती वक्तव्य की ऐतिहासिकता को देखते हुए, यह और अधिक स्पष्ट है कि सुश्री ममता बनर्जी, एआईटीसी की अध्यक्षा, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को नीचा दिखाने और हतोत्साहित करने में लगीं हुईं हैं, जो अक्सर कानून और व्यवस्था को बहाल करने और/या राज्य सरकारों के दिन-प्रतिदिन के कामकाज में राज्य सरकारों द्वारा कभी भी मंगवाए जाने पर, संबंधित राज्य सरकार और संघ राज्य क्षेत्रों की सरकारों की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे भी अधिक हतोत्साहित करने वाला तथ्य यह है कि सुश्री बनर्जी महिला मतदाताओं को सीपीएफ के कर्मियों पर हमला करने के लिए उकसाने के लिए एक भावनात्मक पिच बनाने की कोशिश कर रही हैं। पैरा 1 और 2 पर दी गई ऐतिहासिकता का जानबूझकर एआईटीसी द्वारा सामान्य रूप से बिलकुल जानबूझकर अपनाए गए पैटर्न को समर्थन करने और सुश्री बनर्जी द्वारा विशेष रूप से सीपीएफ को अपमानित करने के लिए पैटर्न शुरू करने का उल्लेख किया गया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनैतिक लड़ाई अभियानों आदि में लड़ने के बजाय इस तरीके से लड़ी जा रहीं हैं। केंद्रीय बलों ने अपनी जान की बाजी लगा कर भी देश के सभी क्षेत्रों में उन्हें सौंपे गए कार्यों को बखूबी निभाया है, जिसमें हाल ही में बीजापुर, छत्तीसगढ़ का प्रकरण सबसे दुखद है। यह भी रिकॉर्ड में रखा जाए कि वे और संघ सरकार के अन्य कई मंत्रालय एवं विभाग तथा राज्य सरकार के विभाग, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की निर्वाचनों के संचालन में सहायता करते हैं। परंतु, स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और सुगम निर्वाचन सुनिश्चित करने में केंद्रीय बलों की सराहनीय भूमिका अत्यंत उल्लेखनीय है। सुश्री बनर्जी शायद यह महसूस नहीं कर रही है कि इस तरह के बयान से पश्चिम बंगाल की राज्य पुलिस में अविश्वास की भावना पैदा हो सकती है, जो एक-दूसरे के पूरक होने के बजाय केंद्रीय बलों के साथ भी अपना कार्य कर रहे हैं। वास्तव में, सुश्री बनर्जी यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहीं हैं कि उनके बीच एक गहरी दरार और खाईं पैदा हो, जिसके निर्वाचन की प्रक्रिया के समाप्त होने के बाद भी गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे। यतः, निर्वाचन आयोग का प्रथम दृष्टया समाधान हो गया है कि आपके बयान आदर्श आचार संहिता के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 186, 189 और 505 का उल्लंघन करते हैं। अब, इसलिए, आयोग दिनांक 10.04.2021 को पूर्वाह्न 11.00 बजे तक आपको उपर्युक्त बयान के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करने का एक अवसर देता है, ऐसा न करने पर आयोग आपको आगे संदर्भ दिए बिना निर्णय लेगा। आदेश से, ह./- (राकेश कुमार) सचिव सुश्री ममता बनर्जी, अध्यक्ष, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस, कोलकाता ************************************************ सीएन समाचार चैनल पर दिनांक 28.3.21 को यथा प्रसारित सीएम का भाषण ममता बनर्जी बाहरी नहीं है। कौन बाहरी हैं? बंदूकधारी गुंडे, जिन्हें आप कहीं और से लाएं हैं। क्या उन्होंने यह कॉन्टाई में नहीं किया था? पिता, पुत्र और चाचाओं में निष्पक्ष तरीके से निर्वाचन जीतने की क्षमता नहीं है, इसलिए उन्होंने कॉन्टाई में कल से एक दिन पहले रात में हंगामा किया। आप बंदूकें लेकर आएं हैं। आपने बूथों पर कब्जा किया। भागबानपुर में महिलाएं को रोते हुए लौटा दिया गया। यह माताओं की बददुआएं हैं। याद रखना कि आपने दृष्टिहीन मतदाताओं को उनका मत नहीं डालने दिया। आपने अनेकों माताओं और बहनों को उनका मत नहीं डालने दिया। आपने महिलाओं को निशाना बनाया। बूथ में जाते हुए कृपया करके फेस मास्क पहनें। यह केंद्रीय पुलिस का मामला नहीं है। फिर भी उन्होंने मतदाताओं को प्रवेश नहीं करने दिया और उनके मत दिए बिना उन्हें वापस भेज दिया क्योंकि उन्होंने मास्क नहीं पहने थे। आप में से कोई भी वापस नहीं जाएगा। पुलिस से डरने का कोई कारण नहीं है। आशा है कि मैं जो कह रही हूं वह आप सभी सुन रहे होंगे। किसने उन्हें इतनी हिम्मत दी कि केंद्रीय पुलिस महिलाओं को उनका मत डालने की अनुमति दिए बिना उन्हें धमका रही है? मैंने 2019 में भी यही देखा था। मैंने 2016 में भी यही देखा था। मेरे इलाके में क्लबों को बंद कर दिया गया था। इतना दुस्साहस! आप जब काम करने के लिए बंगाल आएंगे तो हम आपके रहने और खाने का भुगतान करेंगे और आप डंडों से मारेंगे! उनकी हिम्मत कैसे हुई मारने की? किसके इशारे पर उन्होंने मारा था? मैं जानती हूं कि उन्होंने किसके कहने पर मारा और कैसे मारा। यह आपका कर्तव्य है कि आप लोगों के परिवारजनों को बचाएं। अगर हमारी माताओं और बहनों में से कोई भी छड़ी से घायल होती हैं, तो उन पर करछुल, खुरपे और चाकू से हमला करें। मैं बता रही हूं। यह महिलाओं का अधिकार है। और यदि हमारी माताओं और बहनों में से किसी को भी मतदान कक्ष में प्रवेश करने से मना किया जाता है तो आप सभी बाहर आएं और आंदोलन करें। माताओं और बहनों तुम मरी नहीं हो.....(मुश्किल से सुनाई दे रहा है)। तुम चुड़ियां पहनती हो और उसी दौरान स्टड से खाना बनाती हो। और एजेंटों, यदि मैंने देखा कि तुम डर की वजह से अपनी पीठ दिखा रहे हो....इन गुंडों के डर से, तो मैं तुमको माफ नहीं करूंगी। जमीन पर मेरे लोग हैं। मैं जानती हूं कि कान्थी और भागबनपुर में ऐसा किसने किया। मैं सब कुछ जानती हूं कि किसकी सांठ-गांठ किसके साथ है। याद रखें कि जो हमारे लिए काम कर रहे हैं वो आपके बीच हैं, जो उन एजेंटों के बारे में सब कुछ जानते हैं जो पैसे ले रहे हैं और बांट रहे हैं। अंकल का बेटा परसों पैसा बांट रहा था और रंगे-हाथों पकड़ा गया। ************************************************ दिनांक 7.4.21 को कूच बिहार (उत्तर) में ममता बंदोपाध्याय द्वारा दिए गए भाषण की ट्रांसक्रिप्ट शिकायत पत्र में यथा उल्लिखित 32 मिन. 20 सेकं. से लेकर 33 मिन. 23 सेकं. तक यह (https:/www.facebook.com/AITCofficial/videos/) लिंक पर पाया गया था वे दहशत पैदा करने के लिए असम से गुंडे लाएंगे। मैं प्रशासन से नाका चेकिंग को मजबूत करने और असम की सीमाओं को सील करने के लिए कहूंगी। मैं निर्वाचन आयोग से असम सीमा को सील करने के लिए कहूंगी। भूटान एक शांतिपूर्ण देश और हमारा मित्र पड़ोसी है। फिर भी सीमा को सील किया जाना चाहिए। याद रखें कि कूच बिहार के आसपास कई अन्य क्षेत्र हैं जो बांग्लादेश से संबंधित हैं। उन सीमाओं को भी सील किया जाना चाहिए, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति यहां हंगामा न कर सके। और अगर सीआरपीएफ गड़बड़ी पैदा करती है, तो मैं आपको महिलाओं को बताती हूं, आप का एक समूह जाए और उन्हें रोके (घेराव करे) है, जबकि एक अन्य समूह अपना वोट डालने जाएगा। अपना वोट बर्बाद मत करो। यदि आप सभी उन्हें रोकने में ही लग जाएंगे, तो उन्हें खुशी होगी कि आपने अपना वोट नहीं डाला। यह उनकी योजना है। यह भाजपा की योजना है। और आपकी योजना यह होगी कि आप डरेंगे नहीं यदि वे एक तरफ आपके गाँव में आने के लिए आपको डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं, तो दूसरी तरफ आप उनसे बात करें। उनसे बात करना उन पर लगाम कसने जैसा होगा। आपको उनका सचमुच में घेराव करने की जरूरत नहीं है......
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    सं. ईसीआई/प्रे.नो./59/2021 दिनांकः 1 मई, 2021 प्रेस नोट विषयः असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी की विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचनों और विभिन्न राज्यों के पीसी (संसदीय निर्वाचन क्षेत्र)/एसी (विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र) के उप-निर्वाचनों, 2021 के लिए रूझानों एवं परिणामों के प्रचार-प्रसार के लिए 2 मई, 2021 को व्यवस्थाएं। असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी की विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचनों तथा विभिन्न राज्यों के उप-निर्वाचनों, 2021 के लिए रूझान एवं परिणाम सभी मतगणना केंद्रों के अलावा निम्नलिखित स्थानों से 02.05.2021 को पूर्वाह्न 8.00 बजे से उपलब्ध होंगेः 1. https://results.eci.gov.in भारत निर्वाचन आयोग की इस वेबसाइट पर परिणाम प्रदर्शित किए जाते हैं और प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के मौजूदा चरणवार रूझानों और परिणामों को प्रदर्शित करने के लिए कुछ-कुछ मिनटों में अद्यतन किए जाते हैं। 2. रूझान और परिणाम गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर पर उपलब्ध "मतदाता हेल्पलाइन" मोबाइल एप के माध्यम से भी सुलभ है। वेबसाइट/मोबाइल एप संबंधित मतगणना केंद्रों से रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा प्रणाली में दर्ज की गई सूचना को प्रदर्शित करेगा। निर्वाचन आयोग (ईसी) रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा उनके संबंधित मतगणना केंद्रों से प्रणाली में दर्ज की गई सूचना को प्रदर्शित करेगा। प्रत्येक पीसी/एसी के लिए अंतिम डाटा केवल फॉर्म 20 में साझा किया जाएगा।
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    No. ECI/PN/58/2021 Dated: April 29, 2021 PRESS NOTE Peaceful Polling concludes across 11,860 Polling Stations in 35 ACs in last Phase of WB Elections - Repolling in Amtali Madhyamik Siksha Kendra polling station in 5- Sitalkuchi (SC)Assembly Constituency was also conducted today Strict preventive measures and Timely seizures of bombs and arms ensures violence free, peaceful elections Voters abide by Covid protocols at Polling Booths Voter Turnout (at 5 PM) for Phase VIII West Bengal Election 76.07 % ECI gives detailed instructions to District authorities to take action under extant rules against Covid protocol violators as also for steps to be followed for Counting arrangements
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    No. ECI/PN/56/2021 Dated: 26th April 2021 PRESS NOTE Peaceful polling held in 11,376 Polling Stations spread across 34 ACs in Phase VII WB Elections Voter Turnout (at 5 PM) for Phase VII West Bengal Election 75.06% Voters scrupulously follow Covid appropriate behaviour at Polling Booths ECI reiterates instructions to District authorities to take action under extant rules against Covid protocol violators 5982 out of 11376 polling stations monitored live through webcasting; Timely seizure of bombs and arms ensures secure and peaceful elections
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    सं. 437/पश्चिम बंगाल-वि. स./2021 दिनांकः 7 अप्रैल, 2021 सूचना यतः, आयोग द्वारा दिनांक 26 फरवरी, 2021 को प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रे. नो./16/2021 के तहत पश्चिम बंगाल विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचनों की घोषणा की गई है और आदर्श आचार संहिता के उपबंध निर्वाचनों की घोषणा के साथ ही तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गए हैं; और 2. यत:, राजनैतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के 'सामान्य आचरण', भाग-। के खंड (2), (3) और (4) में अन्‍य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि "(2) अन्य दलों की आलोचना करते समय यह आलोचना उनकी नीतियों और कार्यक्रम, पिछले रिकार्ड और कार्य तक ही सीमित होनी चाहिए। दलों और अभ्यर्थियों को अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के बारे में ऐसे किसी भी पहलू की आलोचना नहीं करनी चाहिए जिनका उनके सार्वजनिक कार्यकलापों से सरोकार न हो। असत्‍यापित आरोपों अथवा तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों के आधार पर अन्‍य दलों और उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से बचना चाहिए;" "(3) मत हासिल करने के लिए जाति अथवा सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। मस्जिदों, चर्चों, मंदिरों या अन्य किसी भी पूजा स्थल को निर्वाचन संबंधी प्रचार के लिए मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा;" और "(4) सभी दलों और अभ्यर्थियों को ऐसे सभी कार्यकलापों से ईमानदारीपूर्वक बचना चाहिए, जो निर्वाचन विधि के अधीन "भ्रष्ट आचरण" और अपराध हैं, जैसे कि मतदाताओं को रिश्वत देना, मतदाताओं को धमकाना, किसी अन्य मतदाता का मत डालना, मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार करना, मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित घंटे के 48 घंटे की अवधि समाप्त होने पर जनसभाएं करना और मतदाताओं को मतदान केंद्र ले जाना और लाना"; और 3. यतः, आयोग को श्री मुख्तार अब्बास नकवी के नेतृत्व में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल से एक शिकायत मिली है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि दिनांक 3 अप्रैल, 2021 को ऑल इंडिया तृणमूल कॉन्ग्रेस की 210-नन्दीग्राम विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचन लड़ने वाली अभ्यर्थी सुश्री ममता बनर्जी ने एबीपी आनंदा टीवी चैनल पर प्रसारित हुगली में तारकेश्वर पर निर्वाचन अभियान के दौरान एक बैठक में जनता को भाषण देते हुए मुस्लिम मतदाताओं से विभिन्न राजनैतिक दलों के बीच अपना मत नहीं बँटने देने की अपील की और पश्चिम बंगाल के मौजूदा विधान सभा निर्वाचनों में तृणमूल कांग्रेस के लिए सांप्रदायिक आधार पर खुलेआम मतदान करने के लिए कहा; और 4. यतः, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल से कथित भाषण का प्रमाणित ट्रांसक्रिप्ट (टेप) भी प्राप्त हुआ है। इस भाषण का प्रासंगिक भाग निम्नानुसार हैः "....कन्याश्री, कन्याश्री, विश्वविद्यालय तक छात्रवृत्ति है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लिए शिक्षाश्री है। सामान्य वर्ग के लिए स्वामी विवेकानंद छात्रवृत्ति है। अल्पसंख्यक समुदाय के मेरे भाइयों और बहनों के लिए ओईक्याश्री है और मैंने इसे 2 करोड़ 35 लाख लाभार्थियों को दिया है। मैं अपने अल्पसंख्यक भाइयों और बहनों से हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि शैतान व्यक्ति, जिसने बीजेपी से पैसे लिए थे, की बात सुनने के बाद अल्पसंख्यक मतों को विभाजित न होने दें। वह कई सांप्रदायिक वक्तव्य देता है और हिंदू तथा मुस्लिमों के बीच झगड़े शूरू करवाता है। वह बीजेपी के प्रचारकों में से एक है, कामरेड है। अल्पसंख्यक मतों को विभाजित करने के लिए सीपीएम और बीजेपी के कामरेड बीजेपी द्वारा दिए गए पैसों के साथ आस-पास घूम रहे हैं। कृपया उन्हें ऐसा न करने दें। इस बात को मन में रखें कि यदि बीजेपी सरकार में आ जाती है तो आप गंभीर खतरे में होंगे। मैं हिंदू भाइयों और बहनों से भी कहूंगी कि बीजेपी को सुनने के बाद हिंदू और मुस्लिम के रूप में अपने बीच में बंटवारा न होने दें। देखो। मैंने अल्पसंख्यक समुदाय के अपने भाइयों और बहनों से कहा है कि उनके बीच एक या दो बदमाश, मीर जाफर हैं, जो हमारे बीच भी हैं। क्या हमारे बीच कई सारे मीर जाफर नहीं हैं? क्या हमारे बीच कई सारे गद्दार नहीं हैं? बीजेपी में अब वहां कौन हैं?......."; और 5. यतः, 3 अप्रैल, 2021 को सुश्री ममता बनर्जी द्वारा दिए गए उपर्युक्त वक्तव्य की आयोग में जांच की गई है और इसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 (3), 3 (क) में निहित प्रावधानों और 'राजनैतिक दलों तथा अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के सामान्य आचरण' के भाग I के खंड (2), (3) और (4) का उल्लंघन करते हुए पाया गया है, और 6. अब, इसलिए, आयोग आपको एक अवसर देता है कि इस नोटिस की प्राप्ति के 48 घंटों के भीतर अपने उपर्युक्त बयान के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें, ऐसा न करने पर आयोग आगे संदर्भ दिए बिना निर्णय लेगा। संलग्नकः यथोपरि आदेश से ह./- (राकेश कुमार) सचिव सेवा में, सुश्री ममता बनर्जी, 210-नन्दीग्राम विधान सभी निर्वाचन क्षेत्र से एआईटीसी की अभ्यर्थी, पश्चिम बंगाल। टीवी चैनल एबीपी आनंदा पर 3 अप्रैल, 2021 को प्रसारित हुगली के तारकेश्वर में एक बैठक में निर्वाचन प्रचार के दौरान जनता को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी के भाषण की ट्रांसक्रिप्ट "....कन्याश्री 2, कन्याश्री 3, विश्वविद्यालय तक छात्रवृत्ति है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लिए शिक्षाश्री है। सामान्य वर्ग के लिए स्वामी विवेकानंद छात्रवृत्ति है। अल्पसंख्यक समुदाय के मेरे भाइयों और बहनों के लिए ओईक्याश्री है और मैंने इसे 2 करोड़ 35 लाख लाभार्थियों को दिया है। मैं अपने अल्पसंख्यक भाइयों और बहनों से हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि शैतान व्यक्ति, जिसने बीजेपी से पैसे लिए थे, की बात सुनने के बाद अल्पसंख्यक मतों को विभाजित न होने दें। वह कई सांप्रदायिक वक्तव्य देता है और हिंदू तथा मुस्लिमों के बीच झगड़े शूरू करवाता है। वह बीजेपी के प्रचारकों में से एक है, कामरेड है। अल्पसंख्यक मतों को विभाजित करने के लिए सीपीएम और बीजेपी के कामरेड बीजेपी द्वारा दिए गए पैसों के साथ आस-पास घूम रहे हैं। कृपया उन्हें ऐसा न करने दें। इस बात को मन में रखें कि यदि बीजेपी सरकार में आ जाती है तो आप गंभीर खतरे में होंगे। मैं हिंदू भाइयों और बहनों से भी कहूंगी कि बीजेपी को सुनने के बाद हिंदू और मुस्लिम के रूप में अपने बीच में बंटवारा न होने दें। देखो। मैंने अल्पसंख्यक समुदाय के अपने भाइयों और बहनों से कहा है कि उनके बीच एक या दो बदमाश, मीर जाफर हैं, जो हमारे बीच भी हैं। क्या हमारे बीच कई सारे मीर जाफर नहीं हैं? क्या हमारे बीच कई सारे गद्दार नहीं हैं? बीजेपी में अब वहां कौन हैं?.......";
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    ASSAM ASSEMBLY ELECTION 2021: LIST OF STAR CAMPAIGNERS FOR INDIAN NATIONAL CONGRESS TO BE HELD ON 6TH APRIL 2021

ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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