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    सं. 116/बिहार-वि.स./व्‍यय प्रेक्षक/2020/सीईएमएस-III दिनांक: 16 अक्‍तूबर, 2020 सेवा में, मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, बिहार, पटना। विषय: बिहार विधान सभा का साधारण निर्वाचन, 2020 - प्रथम चरण - वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के लिए व्‍यय प्रेक्षकों का ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ – तत्‍संबंधी। महोदय, मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग फील्‍ड मशीनरी की मतदान तैयारियों का व्‍यापक रूप से आकलन करने के लिए तथा निर्वाचन संबंधी सभी नियमों, दिशा-निर्देशों एवं अनुदेशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए बिहार राज्‍य में प्रथम चरण में तैनात सभी व्‍यय प्रेक्षकों के साथ 17 अक्‍तूबर, 2020 को पूर्वाह्न 11.00 बजे वीडियो कॉन्‍फ्रेंस (वीसी) के माध्‍यम से समीक्षा बैठक का आयोजन करेगा। इस संबंध में, आपसे अनुरोध है कि अनुबंध ‘क’ पर संलग्‍न ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ प्रथम चरण के निर्वाचन के सभी व्‍यय प्रेक्षकों को परिचालित करें। व्‍यय प्रेक्षकों द्वारा ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’16 अक्‍तूबर, 2020 के अपराह्न 5.00 बजे तक अनिवार्यत: निम्‍नलिखित ई-मेल पर भेजी जाए। traogharu@eci.gov.in k.rajeev71@eci.gov.in इसे शीर्ष ‘कोई अन्‍य रिपोर्ट’ के अंतर्गत व्‍यय प्रेक्षक पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए। व्‍यय प्रेक्षकों के ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ अवश्‍यतया संक्षिप्‍त, स्‍वच्‍छ, सुस्‍पष्‍ट तथा सटीक होने चाहिए तथा टाइप किए हुए 2 A-4 पृष्‍ठों से अधिक नहीं होने चाहिए। ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ में कवर किए जाने वाले मुद्दों/बिंदुओं की निदर्शी सूची अनुबंध ‘क’ पर संलग्‍न है। सभी व्‍यय प्रेक्षकों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय/जिला मुख्‍यालय में उपस्थित रहना चाहिए जिससे कि वे महत्‍वपूर्ण खामियों, तत्‍काल कार्रवाई करने योग्‍य बिंदुओं, महत्‍वपूर्ण मुद्दों या अन्‍य उल्‍लेखनीय इनपुट, यदि कोई हों, पर आयोग के ध्‍यानार्थ व्‍यक्तिगत प्रतिपुष्टि (फीडबैक) दे सकें। स्‍टटेस नोट/फीडबैक का उपरोक्‍त प्रोफार्मा आयोग की वेबसाइट www.eci.gov.in पर भी उपलब्‍ध है और उसे शीर्ष ‘प्रेक्षक पोर्टल (केवल प्रेक्षकों के लिए)’ – ‘‘व्‍यय प्रेक्षकों के लिए महत्‍वपूर्ण अनुदेश’’ के अंतर्गत देखा जा सकता है। यह अनुदेश सभी व्‍यय प्रेक्षकों के अनुपालन हेतु उनके संज्ञान में तत्‍काल लाया जाए। भवदीय, ह./- (टीटव राव) अवर सचिव
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    सं.ईसीआई/प्रे.नो./18/2020 दिनांकः 31 जनवरी, 2020 प्रेस नोट विषय: भारत निर्वाचन आयोग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा, 2020 के साधारण निर्वाचन हेतु श्री बी मुरली कुमार को विशेष व्यय प्रेक्षक और श्री एम के दास को विशेष पुलिस प्रेक्षक के रूप में नियुक्त करता है भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली के सिविल और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 के लिए श्री बी मुरली कुमार (पूर्व आईआरएस-1983) को विशेष व्यय प्रेक्षक के रूप में और श्री मृणाल कांति दास (सेवानिवृत्त आईपीएस 1977) को विशेष पुलिस प्रेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। विशेष व्यय प्रेक्षक के रूप में श्री मुरली, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली से परामर्श करके, निर्वाचन तंत्र द्वारा किए जा रहे कार्यों का पर्यवेक्षण और अनुवीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदाताओं को नकदी, शराब और मुफ्त वस्तुएं आदि वितरित करके लुभाने वाले व्यक्तियों/संस्थाओं के खिलाफ सी-विजिल, मतदाता हेल्पलाइन 1950 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और आसूचना इन्पुट के आधार पर कठोर और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाए। इसी प्रकार से, श्री दास को विशेष पुलिस प्रेक्षक के रूप में तैनाती और अन्य सुरक्षा संबंधी मुद्दों के निरीक्षण का कार्य सौंपा गया है। यह भी स्मरणीय है कि श्री एम के दास, जो मणिपुर पुलिस के महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए, को पूर्व में भी वर्ष 2019 के लोक सभा निर्वाचनों के दौरान त्रिपुरा और मिजोरम के लिए और हाल ही में आयोजित हुए झारखंड विधान सभा निर्वाचनों के लिए विशेष पुलिस प्रेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। श्री बी मुरली कुमार को भी आयकर विभाग के अन्वेषण विंग में उनके पिछले अनुभवों को देखते हुए, 8-वेल्लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए और हाल ही में संपन्न हुए महाराष्ट्र एवं झारखंड में विधान सभा निर्वाचनों के लिए विशेष व्यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था।
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    ईसीआई/प्रे.नो./06/2020 दिनांक: 14 जनवरी, 2020 प्रेस नोट आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधानसभा निर्वाचनों के लिए सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों की ब्रीफिंग बैठक का आयोजन किया। भारत निर्वाचन आयोग ने आज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के आगामी निर्वाचनों हेतु तैनात किए जाने वाले प्रेक्षकों के लिए एक ब्रीफिंग बैठक का आयोजन किया, जिसके लिए अनुसूची की घोषणा 6 जनवरी, 2020 को की गई थी। दिल्ली के 70 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए एकल चरण के मतदान की तारीख 8 फरवरी, 2020 है और मतगणना 11 फरवरी, 2020 को की जाएगी। भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और साथ ही भारतीय राजस्व सेवा तथा अन्य केंद्रीय सेवाओं से लगभग 150 से अधिक अधिकारियों को आज सामान्य, पुलिस और व्यय प्रेक्षकों की ब्रीफिंग बैठक के लिए बुलाया गया था। अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में वास्तविक ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। प्रेक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने उन्हें सलाह दी कि वे क्षेत्र में तैनात अधिकारियों की टीमों के साथ गहन समन्वय बनाए रखें और हर समय उपलब्ध रहें। श्री अरोड़ा ने विशेष रूप से उन्हें आयोग के दिशानिर्देशों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ पालन करने और सौंपे गए कार्यों को पूरा करने में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरतने के साथ नीति संहिता का पालन करने के लिए कहा। उन्होंने प्रेक्षकों से कहा कि वे सभी मतदान केंद्रों पर उचित आश्‍वस्‍त न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करें। इस तथ्य के बावजूद कि राष्ट्रीय राजधानी में अवसंरचना अन्य आंतरिक स्थानों से श्रेष्ठ है, उन्होंने प्रेक्षकों से कहा कि वे वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिला मतदाताओं को उचित सुविधा की जांच के लिए मतदान बूथों का दौरा करें, ताकि समावेशी निर्वाचन के सिद्धांत के लिए आयोग की प्रतिबद्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने दोहराया कि आयोग किसी भी प्रकार की जान-बूझकर की गई लापरवाही को बर्दाशत नहीं करेगा। निर्वाचन आयुक्त, श्री अशोक लवासा ने प्रेक्षकों की भूमिका के महत्व पर बल दिया। श्री लवासा ने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित करने कि किसी भी प्रकार की चूक, चाहे वह बहुत छोटी हो, निर्वाचन प्रक्रिया में बाधा नहीं डाले, के लिए महत्वपूर्ण कार्यकलाप करने अपेक्षित हों, तो अधिकारियों को उसपर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। निर्धारित अनुदेशों के संबंध में परिचित होने और दिल्ली निर्वाचनों में शुरू की जा रही अतिरिक्त सुविधाओं जैसे कि आवश्यक सेवाओं की श्रेणियों के लिए अनुपस्थित मतदाता सुविधा, 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध मतदाताओं और चिह्नित दिव्यांगजनों को सुविधा; फोटो मतदाता पर्चियों पर क्यूआर कोड रीडर के विशिष्ट विवरणों पर ध्यान देने से कार्य सौंपे गए प्रेक्षकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का निवारण करने और अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करते हुए निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रहने की सलाह दी। अधिकारीगणों से बात करते हुए, निर्वाचन आयुक्त श्री सुशील चंद्रा ने अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया कि प्रेक्षक के रूप में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से कार्य निष्‍पादित करना उनका सांविधिक कर्त्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रतिनियुक्त अधिकारियों को अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में तटस्थ और निष्पक्ष रहना चाहिए और जमीनी स्तर पर आयोग का वास्तविक चेहरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेक्षकों को निर्वाचन आयोग के नियमों और मानक प्रचालन प्रक्रियाओं यथा मतदान बूथों पर सुविधाओं, संवेदनशीलता संबंधी मानचित्रण अथवा गैर-जमानती वारंट का अनुपालन, लाइसेंसी हथियारों को जमा करवाने और व्यय प्रबंधन मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए। आज आधे दिन तक चलने वाले ब्रीफिंग सत्र में महासचिव, भारत निर्वाचन आयोग, श्री उमेश सिन्हा द्वारा चुनाव योजना, सुरक्षा प्रबंधन और स्वीप के पहलुओं के संबंध में; वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त, श्री संदीप सक्सेना, जो भारत निर्वाचन आयोग में दिल्ली राज्य के प्रभारी भी हैं, द्वारा निर्वाचक नामावली संबंधी मामलों और आईटी अनुप्रयोगों के संबंध में; उप निर्वाचन आयुक्त, श्री सुदीप जैन द्वारा ईवीएम वीवीपीएटी प्रबंधन प्रणाली के संबंध में तथा उप निर्वाचन आयुक्त, श्री चन्द्र भूषण कुमार द्वारा विधिक मामलों के संबंध में व्यापक ब्रीफिंग सत्र आयोजित किए गए। निदेशक (व्यय), श्री विक्रम बत्रा ने व्यय प्रबंधन संबंधी मामलों का संक्षिप्त विवरण दिया और महानिदेशक (संचार), श्री धीरेंद्र ओझा ने अधिकारियों को पेड न्यूज, मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समितियों तथा सोशल मीडिया के पहलुओं के संबंध में संक्षेप में जानकारी दी। प्रेक्षकों को यह विशेष रूप से बताया गया कि हालांकि हाल के झारखंड निर्वाचनों में, 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों और दिव्यांगजन मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र सुविधा प्रायोगिक आधार पर शुरू की गई थी, तथापि दिल्ली के सभी 70 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में घर से वोट डालने में सक्षम होने की वैकल्पिक सुविधा 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं; दिव्यांगजनों के रूप में चिह्नित मतदाताओं और मतदान के दिन दिल्ली मेट्रो में ऑन-ड्यूटी स्टाफ, उत्तर रेलवे परिवहन (यात्री और माल) सेवाओं, एवं मीडिया में कार्यरत लोगों, जिनके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में मतदान-दिवस की गतिविधियों को कवर करने के लिए प्राधिकार पत्र जारी किए गए हैं, जैसी अनिवार्य सेवाओं में नियुक्‍त व्‍यक्तियों को दी जाएगी। आईटी अनुप्रयोग यथा एनेबलिंग कॉम्युनिकेशन इन रियल टाइम एनवायरमेंट (ENCORE), जो अभ्यर्थी का नाम निर्देशन, शपथपत्रों को अपलोड करने, प्रतीक चिह्न निर्दिष्ट करने, अभ्यर्थियों के नाम-निर्देशनों की संवीक्षा करने, अभ्यर्थियों की अनुमतियों की संवीक्षा करने, मतों की गणना और परिणाम घोषित करने इत्यादि जैसे विभिन्न पहलुओं के संपूर्ण प्रबंधन के लिए निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्रयुक्त किए जाने हेतु एक एकीकृत पोर्टल है, का प्रभावी और शीघ्रातिशीघ्र काम-काज करने के लिए प्रयोग किया जाएगा। फोटो मतदाता पर्ची की क्यूआर कोड रीडिंग इत्यादि को सुविधाजनक बनाने हेतु अन्य एप्स भी लगभग 11 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में स्वतंत्र, निष्‍पक्ष, शांतिपूर्ण, समावेशी, सुगम्य, नैतिक और सहभागी निर्वाचनों हेतु प्रयोग में लाए जाएंगे।
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    सं.: ईसीआई/प्रेनो/104/2019 दिनांक: 03 नवंबर, 2019 प्रेस नोट भारत निर्वाचन आयोग द्वारा झारखंड हेतु विशेष व्‍यय प्रेक्षक की नियुक्‍त‍ि करना भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड विधान सभा के आगामी निर्वाचनों के लिए विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रुप में श्री बी. मुरली कुमार (पूर्व आई आर एस 1983) को नियुक्‍त किया है। मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, झारखंड के परामर्श से विशेष प्रेक्षक निर्वाचकीय तंत्र द्वारा किए जा रहे कार्य का पर्यवेक्षण और अनुवीक्षण करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि नकदी, शराब और मुफ्त उपहार इत्‍यादि बांटकर मतदाताओं को प्रलोभित करने का प्रयास करने वाले सभी व्‍यक्तियों/संस्‍थाओं के विरुद्ध सी-विजिल ऐप और मतदाता हेल्‍पलाइन 1950 के माध्‍यम से प्राप्‍त शिकायतों और आसूचना सामग्री के आधार पर कठोर और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाए। यह स्‍मरणीय है कि आयकर विभाग के अन्‍वेषण विंग में उनके पिछले अनुभव को देखते हुए श्री बी. मुरली कुमार को 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्‍ट्र में हाल ही में संपन्‍न हुए विधान सभा निर्वाचनों के लिए भी विशेष व्‍यय प्रेक्षक नियुक्‍त किया गया था।
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    सं.: ईसीआई/प्रेनो/103/2019 दिनांक: 02 नवंबर, 2019 प्रेस नोट आयोग द्वारा झारखंड राज्‍य में विधान सभा निर्वाचन, 2019 हेतु सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों की ब्रीफ्रिंग बैठक आयोजित करना। भारत निर्वाचन आयोग ने आज झारखंड विधान सभा के आगामी निर्वाचनों हेतु तैनात किए जाने वाले प्रेक्षकों के लिए एक ब्रीफिंग बैठक आयोजित की, जिसके लिए अनुसूची की घोषणा 01 नवंबर, 2019 को की गई थी। झारखंड में 30 नवंबर, 07 दिसंबर, 12 दिसंबर, 16 दिसंबर और 20 दिसंबर, 2019 की मतदान तारीखों को पांच चरणों में मतदान होगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और साथ ही भारतीय राजस्‍व सेवा तथा अन्‍य केंद्रीय सेवाओं से लिए गए लगभग 300 अधिकारियों को सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों के रुप में नियुक्‍त किया जा रहा है। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुनील अरोड़ा ने प्रेक्षकों को संबोधित करते हुए इस बात पर बल दिया कि निर्वाचनों के सुचारू और निष्‍पक्ष एवं पक्षपातरहित आयोजन के लिए प्रेक्षकों की भूमिका बहुत महत्‍वपूर्ण है। उन्‍होंने कहा कि आयोग द्वारा प्रेक्षकों को विशेष रुप से सशक्‍त किया गया है ताकि वे जमीनी स्‍थि‍ति का आकलन कर आवश्‍यक निर्णय ले सकें। उन्‍होंने अधिकारियों को आश्‍वासन दिया कि फील्‍ड ड्यूटी पर निष्‍कपट कार्रवाई करने वालों का आयोग हमेशा साथ देगा। श्री अरोड़ा ने प्रेक्षकों को निदेश दिया कि उन्‍हें फील्‍ड में दृश्‍यमान, सुलभ और उपलब्‍ध होना चाहिए और विशेष रुप से यह निदेश दिया कि प्रेक्षकों का लोगों के साथ व्‍यवहार समानुभूतिपूर्वक होना चाहिए और उन्‍हें सभी स्‍टेकहोल्‍डरों को सुविधा उपलब्‍ध करवानी चाहिए। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने कहा कि जल्‍द ही ईसीआई की टीम राज्‍य का दौरा करेगी और की जा रही कार्रवाई का आकलन करने के लिए आयोग वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से प्रेक्षकों के साथ समीक्षा बैठकें भी करेगा। निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चंद्रा ने सभा को संबोधित करते हुए अधिकारियों का ध्‍यान इस ओर आकृष्‍ट किया कि‍ प्रेक्षक के रुप में उन्‍हें भारत निर्वाचन आयोग की ओर से सांविधिक ड्यूटी का निर्वहन करना होता है। उन्‍होंने कहा कि हालांकि झारखंड में प्रेक्षक की ड्यूटी करने की अपनी तरह की कुछ विशिष्‍ट चुनौतियां होंगी, तथापि इसमें प्रतिनियुक्‍त अधिकारियों को अपने कर्त्‍तव्‍यों के निर्वहन में तटस्‍थ और निष्‍पक्ष रहना चाहिए और ''जमीनी स्‍तर पर उन्‍हें आयोग का वास्‍तविक चेहरा होना चाहिए।'' चूंकि पूरा स्‍थानीय तंत्र, प्रेक्षकों को मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक के रुप में देखता है अत: प्रेक्षक को जागरुक होना चाहिए तथा सभी स्‍टेकहोल्‍डरों के लिए उपलब्‍ध होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि प्रेक्षकों को आयोग के नियमों और मानक प्रचालन प्रक्रियाओं यथा मतदान बूथों पर सुविधाओं का कड़ाईपूर्वक अनुपालन, संवेदनशीलता संबंधी मानचित्रण अथवा गैर-जमानती वारंट का अनुपालन, लाइसेंसी हथियारों को जमा करवाने एवं व्‍यय प्रबंधन मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए। आज आधे दिन तक चलने वाले ब्रीफ्रिंग सत्र में महासचिव, भारत निर्वाचन आयोग, श्री उमेश सिन्‍हा द्वारा निर्वाचन योजना, सुरक्षा प्रबंधन और स्‍वीप के पहलुओं के संबंध में व्‍यापक ब्रीफिंग; वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त श्री संदीप सक्‍सेना द्वारा निर्वाचक नामावली मामलों और आई टी एप्‍लीकेशनों; उप निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुदीप जैन द्वारा ईवीएम वीवीपीएटी प्रबंधन प्रणाली; उप निर्वाचन आयुक्‍त श्री चन्‍द्र भूषण कुमार द्वारा विधिक मामलों के संबंध में सत्र आयोजित किए गए। झारखंड राज्‍य का प्रभारी होने के कारण श्री सुदीप जैन, उप निर्वाचन आयुक्‍त ने भी राज्‍य तंत्र द्वारा निर्वाचनों की तैयारियों के संबंध में प्रेक्षकों को ब्रीफ किया। महानिदेशक(व्‍यय), श्री दिलीप शर्मा ने व्‍यय प्रबंधन संबंधी मामलों का संक्षिप्‍त विवरण दिया और महानिदेशक (संचार), श्री धीरेन्‍द्र ओझा ने अधिकारियों को पेड न्‍यूज, मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समितियों तथा सोशल मीडिया के संबंध में ब्रीफ किया। प्रेक्षकों को यह विशेष रुप से इंगित किया गया कि निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 में विधि मंत्रालय द्वारा हाल ही के संशोधनों के पश्‍चात भारत निर्वाचन आयोग पहली बार अस्‍सी वर्ष के वृद्धजनों और दिव्‍यांग मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र सुविधा आरंभ करेगा। ऐसे अभिज्ञात मतदाता यदि इस विकल्‍प का प्रयोग करना चाहें, तो उनके पास डाक मतपत्र के माध्‍यम से मत करने का विकल्‍प होगा। अन्‍यथा वे मतदान केंद्र में जाकर भी मतदान कर सकते हैं। आई टी एप्‍लीकेशन यथा एनेबलिंग कॉम्‍युनिकेशन इन रियल टाइम एनवायरमेंट(ENCORE), जो अभ्‍यर्थी का नाम-निर्देशन, शपथपत्रों को अपलोड करना, प्रतीक चिन्‍ह विनिर्दिष्‍ट करना, अभ्‍यर्थियों के नाम-निर्देशन की संवीक्षा करना, अभ्‍यर्थियों के अनुमोदन की संवीक्षा करना, मतों की गणना और परिणाम घोषित करना इत्‍यादि जैसे, विभिन्‍न पहलुओं के संपूर्ण प्रबंधन हेतु निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्रयुक्‍त किए जाने हेतु एक एकीकृत पोर्टल है, का प्रभावी और तीव्र कार्यशीलता के लिए प्रयोग किया जाएगा। पंक्‍त‍ि-रहित मतदान प्रणाली, फोटो मतदाता पर्ची की क्‍यू आर कोड रीडिंग इत्‍यादि को सुविधाजनक बनाने हेतु अन्‍य ऐप्‍स भी स्‍वतंत्र, शांतिपूर्ण, समावेशी, सुगम्‍य, नैतिक और सहभागितापूर्ण निर्वाचनों हेतु प्रयोग में लाए जाएंगे।
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    सं.ईसीआई/प्रे.नो./97/2019 दिनांक: 18 अक्‍तूबर, 2019 प्रेस नोट विषय: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अम्‍बाला के व्‍यय प्रेक्षक को प्रतिस्‍थापित किया जाना। भारत निर्वाचन आयोग ने प्रगतिरत हरियाणा निर्वाचनों के दौरान प्रेक्षकों के कार्य-निष्‍पादन की समीक्षा करने के बाद अम्‍बाला के व्‍यय प्रेक्षक को प्रतिस्‍थापित कर दिया है। व्‍यय प्रेक्षक को प्रवर्तन गतिविधियों का पर्यवेक्षण सही प्रकार से नहीं करने पर हटाया गया था और उनका समग्र प्रदर्शन संतोषजनक नही पाया गया था। अम्‍बाला के नए व्‍यय प्रेक्षक श्री रितेश परमार, आईआरएस ने आज अर्थात् दिनांक 18 अक्‍तूबर, 2019 से अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
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    सं.ईसीआई/प्रे.नो./94/2019 दिनांक: 04 अक्‍टूबर, 2019 प्रेस नोट आयोग ने तेलंगाना और सिक्किम में उप-निर्वाचनों हेतु दो विशेष व्‍यय प्रेक्षक नियुक्‍त किए भारत निर्वाचन आयोग ने संविधान के अनुच्‍छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1951 की धारा 20ख के अंतर्गत इसे प्रदत्‍त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आज भारतीय राजस्‍व सेवा के पूर्व अधिकारी-श्री बी.आर.बालकृष्‍णन (पूर्व आईआरएस 1983) और भारतीय राजस्‍व सेवा के सेवारत अधिकारी, श्री सुरेश कुमार (आईआरएस 1988) को क्रमश: तेलंगाना और सिक्किम की विधान सभाओं के उप-निर्वाचनों के लिए विशेष व्‍यय प्रेक्षकों के रूप में नियुक्‍त किया। विशेष व्‍यय प्रेक्षक निर्वाचक मशीनरी द्वारा किए जा रहे कार्यों का पर्यवेक्षण और अनुवीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदान प्रक्रिया को दूषित करने के लिए नकदी, शराब एवं मुफ्त वस्‍तुओं को बांट करके मतदाताओं को लुभाने की कोशिश करने वाले व्‍यक्तियों/संगठनों के विरूद्ध संसूचना इनपुटों और सीविजिल, मतदाता हेल्‍पलाइन 1950 के माध्‍यम से प्राप्‍त शिकायतों के आधार पर सख्‍त एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। श्री बी.आर. बालाकृष्‍णन ने पूर्व में आयकर महानिदेशक (अन्‍वेषण), बेंगलुरू के रूप में कार्य किया था और श्री सुरेश कुमार वर्तमान में प्रधान आयकर आयुक्‍त (मध्‍य), अहमदाबाद के रूप में पदस्‍थापित हैं।
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    सं. आयोग/प्रे.नो./87/2019 दिनांक: 23 सितम्‍बर, 2019 प्रेस नोट भारत निर्वाचन आयोग ने महाराष्‍ट्र के लिए दो विशेष व्‍यय प्रेक्षकों की नियुक्ति की। भारत निर्वाचन आयोग ने संविधान के अनुच्‍छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1951 की धारा 20ख के अंतर्गत इसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आज भारतीय राजस्‍व सेवा के दो पूर्व अधिकारियों – सुश्री मधु महाजन (पूर्व आईआरएस 1982) और श्री बी मुरली कुमार (पूर्व आईआरएस 1983) को महाराष्‍ट्र विधान सभा के आगामी निर्वाचनों के लिए विशेष व्‍यय प्रेक्षकों के रूप में नियुक्‍त किया। सुश्री महाजन के लिए अपेक्षित होगा कि वे मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी के परामर्श से मुंबई में धन शक्ति के दुरूपयोग पर अंकुश लगाने पर विशेष जोर देने के साथ निर्वाचनों के संचालन पर नज़र रखें। इसी प्रकार, श्री मुरली कुमार राज्‍य के शेष भाग में मामलों को, अधि‍कारियों और निर्वाचन अधिकारियों, जैसा वे आवश्‍यक समझें, के साथ देखने के लिए पुणे में रह कर कार्य करेंगे। विशेष प्रेक्षक निर्वाचक मशीनरी द्वारा किए जा रहे कार्यों का पर्यवेक्षण और अनुवीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदान प्रक्रिया को दूषित करने के लिए नकदी, शराब और मुफ्त वस्‍तुओं, इत्‍यादि को बांट करके मतदाताओं को लुभाने का प्रयास करने वाले सभी व्‍यक्तियों/संस्‍थाओं के खिलाफ सी-विजिल, मतदाता हेल्‍पलाइन 1950 से प्राप्‍त संसूचना इनपुट और शिकायतों के आधार पर सख्‍त और प्रभावी प्रर्वतन कारवाई की जाए। ध्‍यातव्‍य है कि आयकर विभाग के अन्‍वेषण विंग में उनके पूर्व अनुभवों को देखते हुए, सुश्री महाजन को हाल के लोकसभा निर्वाचनों में तमिलनाडु और कर्नाटक के लिए विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया गया था। श्री बी. मुरली कुमार को भी लोक सभा निर्वाचनों के दौरान 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया गया था और उन्‍होंने पूर्व में चेन्‍नई में आयकर महानिदेशक (अन्‍वेषण) के रूप में कार्य किया था।
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    सं. आयोग/प्रेस नोट/86/2019 दिनांक: 23 सितम्‍बर, 2019 प्रेस नोट भारत निर्वाचन आयोग ने हरियाणा एवं महाराष्‍ट्र राज्‍यों में विधान सभा निर्वाचनों के लिए साधारण, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों को ब्रीफ किया भारत निर्वाचन आयोग ने आज हरियाणा एवं महाराष्‍ट्र विधान सभाओं के लिए अगले महीने आयोजित होने वाले निर्वाचनों हेतु तैनात किए जाने वाले प्रेक्षकों के लिए ब्रीफिंग का आयोजन किया। भा.प्र.से, भा.पु.से. के साथ-साथ भारतीय राजस्‍व सेवा कतिपय अन्‍य केन्‍द्रीय सेवाओं से लिए गए लगभग 500 अधिकारियों ने ब्र‍ीफिंग बैठक में भाग लिया। इन अधिकारियों को साधारण, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों के रूप में भी तैनात किया जा रहा है। प्रेक्षकों को उनकी महत्‍वपूर्ण भूमिका का स्‍मरण कराते हुए, मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुनील अरोड़ा ने इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचनों का संचालन पारदर्शी, सहभागी एवं मतदाता हितैषी तरीके से किया जाए, खासकर दिव्‍यांगजनों एवं वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए, जिन्‍हें सहायता की जरूरत होती है। उन्‍होंने कहा कि प्रेक्षकों को आयोग के नियमों और पालन की जाने वाली मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करवाना चाहिए। श्री सुनील अरोड़ा ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई गलती न हो, बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। श्री अरोड़ा ने आगाह करते हुए कहा कि कभी-कभी एकदम छोटी-सी गलती भी टालने योग्‍य न्‍यूज रिपोर्टिंग में बदल जाती है। उन्‍होंने कहा कि आयोग द्वारा नियुक्‍त नामितियों के रूप में प्रेक्षकों को फील्‍ड स्‍तर पर सभी हितधार‍कों के प्रति अपने दृष्टिकोण में सचेत, तटस्‍थ और अनुक्रियाशील होने की जरूरत है। श्री अरोड़ा ने विशिष्‍ट जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए कहा कि आयोग ने भी महाराष्‍ट्र राज्‍य के लिए दो विशेष व्‍यय प्रेक्षकों नामत: सुश्री मधु महाजन (पूर्व आईआरएस 1982) को नियुक्‍त किया है, जिन्‍हें आयकर विभाग के अन्‍वेषण विंग में उनके पूर्व अनुभव को देखते हुए हालिया लोक सभा निर्वाचनों में तमिलनाडु के लिए भी विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया गया था और श्री बी.मुरली कुमार (पूर्व आईआरएस 1983) जिन्‍हें भी लोकसभा निर्वाचनों के दौरान 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया गया था और जिन्‍होंने पूर्व में आयकर महानिदेशक (अन्‍वेषण), चेन्‍नई के रूप में काम किया था। निर्वाचन आयुक्‍त, श्री अशोक लवासा ने उल्‍लेख किया कि फील्‍ड स्‍तर के अधिकारियों के लिए आयोग की प्रक्रियाएं अच्‍छी तरह से निर्धारित हैं। श्री लवासा ने यह भी कहा, ''आयोग को और प्रेक्षकों से बहुत उम्‍मीदें रहती हैं और यह उन पर बहुत निर्भर करता है क्‍योंकि जमीनी स्‍तर के अधिकारी भी इस रूप में पदस्‍थापित प्रेक्षकों की विशेषज्ञ सलाह और निष्‍पक्ष दृष्टिकोण पर निर्भर करते हैं।'' निर्वाचन आयुक्‍त ने कहा कि आयोग ने प्रेक्षक एप और अधिकारियों की सहायता के लिए सी-विजिल जैसे अन्‍य तकनीकी साधान तैयार किए हैं, हालांकि यह उम्‍मीद की जाती है कि प्रेक्षक सतर्क रहेंगे और हर वक्‍त अपने कर्त्तव्‍यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करेंगे। समूह को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चंद्रा ने अधिकारियों का ध्‍यान आकर्षित करते हुए कहा कि प्रेक्षकों के रूप में उन्‍हें भारत निर्वाचन आयोग की ओर से महत्‍वपूर्ण सांविधिक दायित्‍व निभाने हैं। उन्‍होंने अधिकारियों से इस बात का आह्वान किया कि वे जमीनी स्‍तर पर निर्वाचनों के सुचारू संचालन के संबंध में सभी नियत बारीकियों का पालन करें- चाहे वह मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित न्‍यूनतम सुविधिओं की बात हो अथवा इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के लिए मॉक पोल की निर्धारित प्रक्रियाओं का सावधानीपूर्वक अनुपालन करने की बात हो इत्‍यादि, अथवा व्‍यय दिशा-निर्देशों का प्रर्वतन करना हो और स्‍वतंत्र एवं निष्‍पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए निवारक उपाय हेतु सभी एजेंसियों के बीच समन्वित रूप से कार्य करना हो। उन्‍होंने कहा कि आज के परिवेश में व्‍यय प्रेक्षकों की भूमिका बहुत अहम हो गई है। श्री चंद्रा ने आगे बढ़ते हुए कहा कि प्रेक्षकों को फील्‍ड में सभी महत्‍वपूर्ण निर्वाचन पदाधिकारियों पर पैनी नज़र रखनी चाहिए और आयोग की आँख और कान बनकर काम करना चाहिए। आधे दिन तक चले ब्रीफिंग सत्रों के दौरान वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त (योजना और स्‍वीप), श्री उमेश सिन्‍हा द्वारा अधिकारियों को निर्वाचन प्रबंधन के वि‍भिन्‍न पहलुओं के बारे में व्‍यापक और गहन जानकारी दी गई। साथ ही, श्री संदीप सक्‍सेना, वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त द्वारा निर्वाचक नामावली, आईटी अनुप्रयोगों, आदर्श आचार संहिता के पहलुओं पर जानकारी दी गई। राज्‍य के निर्वाचन प्रभारी के रूप में श्री सक्‍सेना ने हरियाणा राज्‍य की फील्‍ड स्‍तरीय चिंताओं से अधिकारियों को अवगत कराया। महाराष्‍ट्र राज्‍य के प्रभारी और आयोग में कानूनी प्रावधानों के प्रभारी श्री चंद्र भूषण, उप निर्वाचन आयुक्‍त, ने अनुपालन की जाने वाली बारीकियों से प्रेक्षकों को अवगत कराया। उप निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुदीप जैन ने ध्‍यान रखे जाने वाले ईवीएम-वीवीपीएटी प्रोटोकॉलों के बारे में प्रेक्षकों को ब्रीफ किया। निर्वाचन योजना, प्रेक्षकों की भूमिका और दायित्‍वों, निर्वाचक नामावली मुद्दों, आदर्श आचार संहिता को लागू करना, कानूनी प्रावधानों, ईवीएम/वीवीपीएटी प्रबंधन, मीडिया सहभागिता और आयोग की फ्लैगशिप स्‍वीप (सुव्‍यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता) कार्यक्रम के तहत मतदाता सुविधा के लिए शुरू किए गए भांति भांति की गतिविधियों पर विस्‍तृत विषयपरक प्रस्‍तुतीकरण दिए गए। प्रेक्षकों को विभिन्‍न आईटी पहल और व्‍यय दिशा-निर्देशों से भी अवगत कराया गया। प्रेक्षक एप का उपयोग करते हुए, सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षक मोबाईल एप से संबंधित दस्‍तावेज़ अपलोड करने के लिए आयोग को अपनी रिपोर्ट सुरक्षित तरीके से प्रस्‍तुत कर सकते हैं। प्रेक्षक डयूटी पर रहते हुए भी इस एप के माध्‍यम से सभी महत्‍वपूर्ण सूचनाएं, अलर्ट और तत्‍काल संदेश प्राप्‍त कर सकेंगे। इससे प्रेक्षक तैनाती की स्थिति जान सकेंगे, आईडी कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे और अपनी प्रोफाइल को अद्यतन कर पाएंगे। प्रेक्षक उड़न दस्‍ते द्वारा मामले की जांच करने के बाद लिखित रिपोर्ट दे सकते हैं। प्रेक्षकों को अक्‍तूबर 2019 के अंत तक निर्वाचन प्रक्रिया की सम्‍पूर्ण अवधि के लिए आयोग में प्रतिनियुक्ति पर रखा गया है।
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    सं.ईसीआई/प्रे.नो./71/2019 दिनांक : 16 जुलाई, 2019 प्रेस नोट भारत निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचन के लिए श्री बी. मुरली कुमार को विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया। भारत निर्वाचन आयोग ने पूर्व आयकर महानिदेशक चेन्‍नई, श्री बी.मुरली कुमार (पूर्व आईआरएस-1983) को 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया है जहां अब 5 अगस्‍त, 2019 को मतदान होने वाले हैं। उल्‍लेखनीय है कि 14 अप्रैल, 2019 को आयोग ने साधारण खंड अधिनियम, 1897 की धारा 21 के साथ पठित संविधान के अनुच्‍छेद 324 के अंतर्गत भारत के माननीय राष्‍ट्रपति से तमिलनाडु के 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचन रद्द करने की सिफारिश की थी। भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सुनियोजित तरकीब का पता लगने पर वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचन रद्द करने का निर्णय लिया था। श्री बी.मुरली कुमार उस समय चेन्‍नई में आयकर महानिदेशक (अन्‍वेषण) थे, जब उनके नेतृत्‍व में आयकर अधिनियम की धारा 132 के अंतर्गत तलाशी और जब्‍ती कार्रवाईयाँ की गई थीं और आयकर दल ने धन के प्रस्‍तावित विधान सभा खंड, वार्ड और बूथवार वितरण का विवरण देने वाले कम्‍प्‍यूटर प्रिंटआउट के रूप में साक्ष्‍य के साथ 11.48 करोड़ रुपए जब्‍त किए थे, जो वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में निर्वाचकों को बड़े पैमाने पर उत्‍प्रेरित करने के एक साफ-साफ पैटर्न और डिजाइन का संकेत देते थे। निर्वाचनों से संबंधित विभिन्‍न अन्‍य तलाशी कार्रवाईयों में कुल मिलाकर 61.76 करोड़ रुपए जब्‍त किए गए थे। तत्‍कालीन विशेष व्‍यय प्रेक्षक, सुश्री मधु महाजन ने 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचन रद्द करने की सिफारिश की थी क्‍योंकि मतदाताओं को प्रलोभन देने के इस संगठित तरीके ने निर्वाचन परिवेश को दूषित कर दिया था और स्थिति स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष निर्वाचनों के लिए अनुकूल नहीं थी।
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    लोक सभा निर्वाचन 2019 , आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्‍किम विधान सभाओं के निर्वाचन और उप-निर्वाचन, 2019 में तैनात व्‍यय प्रेक्षकों की सूची
  12. निर्वाचन व्यय अनुभाग

    व्‍यय प्रेक्षकों की सूची -2019

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    लोक सभा साधारण निर्वाचन 2019 और कुछ अन्‍य राज्‍यों की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन में तैनात सभी व्‍यय प्रेक्षकों की सूची
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    अंडमान और निकोबार व्‍यय प्रेक्षक राज्‍य: अंडमान और निकोबार
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    तेलंगाना के व्‍यय प्रेक्षक 2019
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    ECI/PN/32/2019 Dated : 19th March 2019 PRESS NOTE Sub : ECI appoints Special Expenditure Observers for Maharashtra and Tamil Nadu Election Commission of India has appointed two eminent former Civil Servants Sh. Shailendra Handa & Ms. Madhu Mahajan as Special Expenditure Observers for the upcoming Lok Sabha Elections. While Sh. Shailendra Handa ex-IRS (1980) has been deployed in Maharashtra, Ms. Madhu Mahajan ex-IRS (1982) has been deployed in Tamil Nadu. Both these officers have rich experience of working in Investigation Wing of I.T Department and have supervised many successful search and seizure actions unearthing tax evasion in complicated cases. The Special Observers will be supervising and monitoring the work being done by the electoral machinery and ensure that stringent and effective enforcement action is undertaken based on intelligence inputs and complaints received through C-VIGIL and Voter Helpline 1950 against all persons/entities trying to induce voters by distributing cash, liquor & freebies etc. in order to vitiate the poll process.
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    सं. ईसीआई/प्रे.नो./27/2019 दिनांक: 14 मार्च, 2019 प्रेस नोट विषय: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी निर्वाचनों हेतु सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों को ब्रीफ करने के लिए पूर्ण दिवसीय सत्र आयोजित करना। भारत निर्वाचन आयोग ने आज लोक सभा और चार राज्‍यों की विधान सभा के आगामी निर्वाचनों की तैयारी के रूप में निर्वाचन होने वाले राज्‍यों में तैनात किए जाने वाले प्रेक्षकों हेतु पहला ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया। आईएएस, आईपीएस अधिकारियों तथा साथ ही भारतीय राजस्‍व सेवा और कुछ अन्‍य केन्‍द्रीय सेवाओं से लिए गए 1800 से अधिक वरिष्‍ठ अधिकारियों ने इस ब्रीफिंग बैठक में भाग लिया। इन अधिकारियों को सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों के रूप में तैनात किया जा रहा है। प्रेक्षकों को उनकी महत्‍वपूर्ण भूमिका का स्‍मरण करवाते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुनील अरोड़ा ने इंगित किया कि अधिकारियों को निष्‍ठावान होने की आवश्‍यकता है और उनके पास कोई विकल्‍प नहीं होना चाहिए सिवाय इसके कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई गलती न की जाए। श्री अरोड़ा ने स्‍मरण किया कि हाल ही में आयोजित राज्‍य निर्वाचनों में ईवीएम-वीवीपीएटी हेतु निर्धारित प्रोटोकाल का अनुसरण करने में चूक की घटनाओं या निर्वाचक नामावली से कुछ नामों के छूट जाने अथवा मतों की गणना में देरी का प्रतिशत नगण्‍य रहा है और पृष्‍ठभूमि में रहकर सभी अच्‍छा कार्य चलता रहा। उन्‍होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की आधारशिला के रूप में कार्य करने के लिए वर्ष 1950 से एक विशिष्‍ट संस्‍था के रूप में संस्‍थापित, भारत निर्वाचन आयोग विभिन्‍न कार्यक्षेत्रों के अधिकारियों को इसमें सम्मिलित करता रहा है जो सुपरिभाषित कर्तव्‍यों के अनुसार निर्वाचनों के संचालन में मदद करते हैं। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने इस बात पर बल दिया कि निर्वाचन प्रक्रिया का पालन करते समय अधिकारी प्रेक्षक के रूप में भारी कर्तव्‍यों का निर्वहन करते हैं और आयोग यह देखता है कि ये अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उन्‍हें विनिर्दिष्‍ट कर्तव्‍यों का वे ईमानदारी से निर्वहन करें। श्री अरोड़ा ने नोट किया कि बदलते हुए समय में धनबल और साथ ही सोशल मीडिया के दुरूपयोग के बारे में सरोकार, नई चुनौतियों के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का प्रयास न केवल स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष निर्वाचन अपितु पारदर्शी, निष्‍पक्ष और नैतिक निर्वाचन भी आयोजित करवाना है। निर्वाचन आयुक्‍त, श्री अशोक लवासा ने समूह को स्‍मरण करवाया कि प्रेक्षक के रूप में उन्‍हें यह सुनिश्चित करने की आवश्‍यकता है कि ईसीआई के सभी अनुदेशों का अक्षरश: कार्यान्‍वयन हो। श्री लवासा ने उल्‍लेख किया कि हाल ही में आरंभ किए गए सी-विजिल ऐप ने आयोग की सहायता करने के लिए प्रत्‍येक नागरिक को सशक्‍त किया है ताकि वे आदर्श आचार संहिता के उल्‍लंघन के संबंध में अपनी आंखे खुली रखते हुए सतर्क रहें। परन्‍तु इस ऐप की उपलब्‍धता ने अपने आप ही निर्वाचन तंत्र का प्रबंधन और निरीक्षण करने वाले अधिकारियों पर और अधिक जिम्‍मेदारी डाल दी है। उन्‍होंने इस संबंध में पुन: उल्‍लेख किया कि प्रेक्षकों को जमीनी स्‍तर पर सभी स्‍टेकहोल्‍डरों के लिए सुलभ और उपलब्‍ध रहने की आवश्‍यकता है क्‍योंकि ये अधिकारी पूरी तरह से ईसीआई का अभिवृद्धित अंग होते हैं। अधिकारियों को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चन्‍द्रा ने अधिकारियों का ध्‍यान इस ओर आकर्षित किया कि प्रेक्षक के रूप में उनकी भूमिका आयोग की आंख और कान बनना है ताकि स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने में सभी निवारक उपाय किए जा सकें। उन्‍होंने इंगित किया कि व्‍यय प्रेक्षकों की भूमिका तब और भी अधिक महत्‍वपूर्ण हो जाती है जब मतदाताओं को प्रलोभित करने के तरीके भी बहुत अभिनव हों। दिनभर के ब्रीफिंग सत्र के दौरान अधिकारियों को ईसीआई के वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त, उप निर्वाचन आयुक्‍तों और महानिदेशकों द्वारा निर्वाचन प्रबंधन के विभिन पहलुओं के बारे में व्‍यापक और गहन इनपुट दिए गए। निर्वाचन योजना, प्रेक्षक की भूमिका और जिम्‍मेदारियां, निर्वाचक नामावलियों से सम्‍बन्धित मुद्दों, आदर्श आचार संहिता के प्रवर्तन, विधिक प्रावधानों, ईवीएम/वीवीपीएटी प्रबंधन, मीडिया सहयोग और आयोग के अग्रगामी कार्यक्रम स्‍वीप (सुव्‍यवस्थित मतदाता शिक्षा और निर्वाचक सहभागिता) के अधीन चल रहे मतदाता सुविधा सम्‍बन्‍धी कार्यकलापों पर विस्‍तृत विषयक प्रस्‍तुतीकरण दिए गए। प्रेक्षकों को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रभावी और कुशल प्रबंधन तथा मतदाता सुविधा हेतु आयोग द्वारा इस क्षेत्र में आरंभ की गई विभिन्‍न आईटी पहल और मोबाइल एप्‍लीकेशनों से परिचि‍त करवाया गया। प्रेक्षकों को ईवीएम और वीवीपीएटी का कार्यात्‍मक प्रदर्शन किया गया और उन्‍हें बहुआयामी तकनीकी सुरक्षा विशिष्टियों, प्रशासनिक प्रोटोकॉल और प्रक्रियात्‍मक सुरक्षापाय, जो ईवीएम ईको-सिस्‍टम को पूर्णत: सुरक्षित, मजबूत, विश्‍वसनीय, छेड़छाड़ रहित और प्रामाणिक बनाते हैं, सम्‍बन्‍धी लक्षणों के बारे में ब्रीफ किया गया। निर्वाचन प्रबंधन के विभिन्‍न विषयों पर सभी विषयक प्रस्‍तुतीकरणों के संकलन, राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र प्रोफाइल और राष्‍ट्रीय निर्वाचन प्‍लानर और निर्वाचन व्‍यय अनुवीक्षण पर अनुदेशों का सार-संग्रह, जैसे व्‍यापक प्रकाशनों का आयोग द्वारा अनावरण किया गया जिन्‍हें प्रेक्षकों को उपलब्‍ध करवाया गया ताकि उनके काम में आसानी हो सके। भारत निर्वाचन आयोग ने पहली बार एक नया मोबाइल ऐप ‘ऑब्‍ज़र्वर ऐप’ शुरू किया है। इस ऐप का प्रयोग करते हुए सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षक सुरक्षित तरीके से अपनी प्रेक्षक रिपोर्ट ईसीआई को प्रस्‍तुत कर सकते हैं जिससे वे मोबाइल ऐप से सुसंगत दस्‍तावेजों को अपलोड कर सकते हैं। प्रेक्षक ड्यूटी पर रहते हुए सभी महत्‍वपूर्ण अधिसूचनाएं, एलर्ट और तत्‍काल संदेश, इस ऐप पर प्राप्‍त करेंगे। यह प्रेक्षकों को उनकी तैनाती की स्थिति, पहचान पत्र डाउनलोड करने और प्रोफाइल अपडेट करने में सुविधा प्रदान करेगा। चूंकि, प्रेक्षक आदर्श आचार संहिता के उल्‍लंघन सम्‍बन्‍धी मामलों के रियल-टाइम निष्‍पादन में पूरी तरह से शामिल रहेंगे इसलिए सी-विजिल ऐप उनके क्षेत्राधिकार में इन सभी मामलों को देखने में मदद करेगा। उड़न दस्‍तों द्वारा मामले की जांच कर लेने के पश्‍चात, प्रेक्षक लिखित टिप्‍पणी कर सकते हैं। निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान प्रेक्षक ईसीआई के साथ प्रतिनियुक्ति पर होते हैं।
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    Deployed Expenditure Observer in Telangana Election: GE to the Legislative Assembly of Telangana, 2018
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    Deployed Expenditure Observer in Rajasthan Election: GE to the Legislative Assembly of Rajasthan, 2018
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    List of Expenditure Observer deployed in Karnataka Bye-Elections (Parliamentary Constituencies)

ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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