मतदाता हेल्पलाइन ऐप (एंड्राइड के लिए)
अंग्रेज़ी में देखें   |   मुख्य विषयवस्तु में जाएं   |   स्क्रीन रीडर एक्सेस   |   A-   |   A+   |   थीम
Jump to content

Use the Advance Search of Election Commission of India website

Showing results for tags 'press release'.

  • टैग द्वारा खोजें

    Type tags separated by commas.
  • Search By Author

Content Type


श्रेणियाँ

  • वर्तमान मुद्दे
  • महत्वपूर्ण निर्देश
  • निविदा
  • प्रेस विज्ञप्तियाँ
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2020
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2019
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2018
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2017
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2016
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2015
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2014
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2013
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2012
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2011
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2010
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2009
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2008
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2007
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2006
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2005
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2004
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2003
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2002
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2001
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2000
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 1999
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 1998
  • हैंडबुक, मैनुअल, मॉडल चेक लिस्ट
    • हैंडबुक
    • मैनुअल
    • मॉडल चेक लिस्ट
    • ऐतिहासिक निर्णय
    • अभिलेखागार
  • अनुदेशों के सार-संग्रह
    • अनुदेशों के सार-संग्रह (अभिलेखागार)
  • न्यायिक संदर्भ
    • के आधार पर निरर्हता -
    • अयोग्य व्यक्तियों की सूची
    • आदेश और नोटिस - आदर्श आचार संहिता
    • आदेश और नोटिस - विविध
  • ई वी एम
    • ई वी एम - ऑडियो फाइल
  • उम्मीदवार/ प्रत्याशी
    • उम्मीदवार/ प्रत्याशी के शपथ पत्र
    • उम्मीदवार/प्रत्याशी का निर्वाचन व्यय
    • उम्मीदवार/प्रत्याशी नामांकन और अन्य प्रपत्र
  • राजनीतिक दल
    • राजनीतिक दलों का पंजीकरण
    • राजनीतिक दलों की सूची
    • निर्वाचन चिह्न
    • राजनीतिक दलों का संविधान
    • संगठनात्मक चुनाव
    • पार्टियों की मान्यता / मान्यता रद्द करना
    • विवाद, विलय आदि
    • विविध, आदेश, नोटिस, आदि
    • पारदर्शिता दिशानिर्देश
    • वर्तमान निर्देश
    • योगदान रिपोर्ट
    • इलेक्टोरल ट्रस्ट
    • व्यय रिपोर्ट
    • वार्षिक लेखा परीक्षा रिपोर्ट
  • साधारण निर्वाचन
  • विधानसभा निर्वाचन
  • उप-निर्वाचन
  • उप-निर्वाचन के परिणाम
  • राष्ट्रपति निर्वाचन
  • सांख्यिकीय रिपोर्ट
  • पुस्तकालय और प्रकाशन
  • न्यूज़लैटर
  • साइबर सुरक्षा न्यूज़लैटर
  • प्रशिक्षण सामग्री
  • निर्वाचक नामावली
  • परिसीमन
  • परिसीमन वेबसाइट
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग
  • बेस्ट शेयरिंग पोर्टल
  • निर्वाचन घोषणापत्र
  • राजभाषा
  • संचार
  • प्रस्तावित निर्वाचन सुधार
  • प्रेक्षक निर्देश
  • प्रवासी मतदाता
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग
  • अन्य संसाधन
  • अभिलेखागार

Categories

  • निर्वाचन
    • राज्यों की परिषद के लिए निर्वाचन
    • राष्ट्रपतिय निर्वाचन
    • आरओ/डीईओ के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
    • निर्वाचन तन्त्र
    • संसद
    • निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन
    • निर्वाचनों में खड़ा होना
    • परिणाम की गणना एवं घोषणा
  • मतदाता
    • सामान्य मतदाता
    • प्रवासी मतदाता
    • सेवा मतदाता
  • ई वी ऍम
    • सामान्य प्रश्न / उत्तर
    • सुरक्षा विशेषताएं
  • राजनीतिक दलों का पंजीकरण
  • आदर्श आचार संहिता

Categories

  • ईवीएम जागरूकता फिल्में
  • ईवीएम प्रशिक्षण फिल्में

Categories

  • मतदाता हेल्पलाइन ऍप
  • सी विजिल
  • उम्मीदवार सुविधा ऍप
  • पी डव्लू डी ऍप
  • वोटर टर्न आउट ऐप

Categories

  • Web Applications
  • Mobile Applications

Find results in...

ऐसे परिणाम ढूंढें जिनमें सम्‍मिलित हों....


Date Created

  • Start

    End


Last Updated

  • Start

    End


Filter by number of...

  1. 3 downloads

    सं. ई.सी.आई./प्रे.नो./55/2019 दिनांक : 14 मई, 2019 प्रेस नोट विषय : संबंधित विधान सभाओं के सदस्यों द्वारा बिहार, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना की राज्य विधान परिषदों के लिए उप-निर्वाचन-तत्संबंधी। बिहार, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना की राज्य विधान परिषदों में निम्नलिखित विवरणों के अनुसार चार आकस्मिक रिक्तियां हैं जिन्हें संबंधित राज्य की विधान सभा के सदस्यों द्वारा निर्वाचित किया जाना है: क्र.सं. राज्य का नाम निर्वाचन क्षेत्र रिक्ति की तारीख समयावधि 1. तेलंगाना हनमंथ राव म्यानामपल्ली 11.12.2018 को त्यागपत्र 29.03.2023 2. बिहार डॉ. सूरज नंदन प्रसाद 30.12.2018 को मृत्यु 06.05.2020 सैयद खुर्शीद मोहम्मद मोसिन 12.01.2019 को मृत्यु 06.05.2024 3. महाराष्ट्र देशमुख, शिवाजीराव बापूसो 14.01.2019 को मृत्यु 24.05.2020 2. आयोग ने संबंधित विधान सभाओं के सदस्यों द्वारा बिहार, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना की राज्य विधान परिषदों के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार उप-निर्वाचन आयोजित कराने का निर्णय लिया है: क्र.सं. कार्यक्रम का विषय तिथि एवं दिन 1. अधिसूचनाएं जारी करना 21 मई, 2019, (मंगलवार) 2. नाम-निर्देशनों की अंतिम तारीख 28 मई, 2019, (मंगलवार) 3. नाम-निर्देशनों की संवीक्षा 29 मई, 2019, (बुधवार) 4. अभ्यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख 31 मई, 2019, (शुक्रवार) 5. मतदान की तारीख 07 जून, 2019, (शुक्रवार) 6. मतदान का समय पूर्वाह्न 9.00 बजे से अपराह्न 4.00 बजे तक 7. मतगणना की तारीख 07 जून, 2019 (शुक्रवार) को अपराह्न 5.00 बजे 8. वह तारीख, जिससे पूर्व निर्वाचन संपन्न करवा लिया जाएगा 10 जून, 2019, (सोमवार) 3. आयोग ने निदेश दिया है कि मत पत्र पर चिह्नित विकल्प (पों) के प्रयोजनार्थ केवल रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उपलब्ध करवाए गए, पूर्व-नियत विनिर्देशन के इंटीग्रेटेड वॉयलेट स्कैच पैन (पैनों) का उपयोग किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में, उपरोक्त उक्त निर्वाचन में किसी अन्य पैन का उपयोग नहीं किया जाएगा। 4. स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए नियुक्ति प्रेक्षकों द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के गहन अनुवीक्षण के लिए पर्याप्त उपाय किए जाएंगें।
  2. 15 downloads

    सं. ई.सी.आई./प्रे.नो./54/2019 दिनांक : 14 मई, 2019 प्रेस नोट विषय : असम से राज्य सभा के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन-तत्संबंधी असम से निर्वाचित राज्य सभा के 02 (दो) सदस्यों की पदावधि निम्नलिखित विवरणों के अनुसार दिनांक 14.06.2019 को समाप्त होने जा रही है: राज्य सीटों की संख्या सदस्य का नाम सेवानिवृत्ति की तारीख असम 2 डॉ. मनमोहन सिंह 14.06.2019 शान्तिउस कुजुर 2. आयोग ने निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार असम से राज्य सभा के द्विवार्षिक निर्वाचन आयोजित करवाने का निर्णय लिया है: क्र.सं. कार्यक्रम का विषय तिथि एवं दिन 1. अधिसूचनाएं जारी करना 21 मई, 2019, (मंगलवार) 2. नाम-निर्देशनों की अंतिम तारीख 28 मई, 2019, (मंगलवार) 3. नाम-निर्देशनों की संवीक्षा 29 मई, 2019, (बुधवार) 4. अभ्यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख 31 मई, 2019, (शुक्रवार) 5. मतदान की तारीख 07 जून, 2019, (शुक्रवार) 6. मतदान का समय पूर्वाह्न 9.00 बजे से अपराह्न 4.00 बजे तक 7. मतगणना की तारीख 07 जून, 2019 (शुक्रवार) को अपराह्न 5.00 बजे 8. वह तारीख, जिससे पूर्व निर्वाचन संपन्न करवा लिया जाएगा 10 जून, 2019, (सोमवार) 3. आयोग ने निदेश दिया है कि मत पत्र पर चिह्नित विकल्प (पों) के प्रयोजनार्थ केवल रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उपलब्ध करवाए गए, पूर्व-नियत विनिर्देशन के इंटीग्रेटेड वॉयलेट स्कैच पैन (पैनों) का उपयोग किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में, उपरोक्त उक्त निर्वाचन में किसी अन्य पैन का उपयोग नहीं किया जाएगा। 4. स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए नियुक्ति प्रेक्षकों द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के गहन अनुवीक्षण के लिए पर्याप्त उपाय किए जाएंगें।
  3. 23 downloads

    सं.ईसीआई/प्रेस नोट/53/2019 दिनांक: 12 मई, 2019 प्रेस नोट 17वीं लोकसभा के निर्वाचनों को निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आगुन्‍तक कार्यक्रम के भाग के रूप में विश्‍व के 20 निर्वाचन प्रबंधन निकायों के 65 से अधिक प्रतिनिधियों ने देखा। विश्‍व के 20 निर्वाचन प्रबंधन निकायों, अर्थात्: आस्‍ट्रेलिया, बंग्‍लादेश, भूटान, बो‍सनिया एवं हरजेगोवीना, फिज़ी, जार्जिया, केन्‍या, कोरिया गणराज्‍य, किर्गिस्‍तान, मलेशिया, मेक्सिको, म्‍यंमार, रोमानिया, रूस, श्रीलंका, सूरीनाम, संयुक्‍त अरब अमीरात, उज़बेकिस्‍तान और जिम्‍बाब्‍वे और अंतर्राष्‍ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचकीय सहयोग संस्‍थान (आइडिया) के प्रमुख और प्रतिनिधि 17वीं लोक सभा के चल रहे साधारण निर्वाचनों को देखने के लिए नई दिल्‍ली पहुंच चुके हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन आगुन्‍तक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 65 से अधिक प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। प्रतिभागियों को सम्‍बोधित करते हुए, मुख्‍य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने लोकतंत्र की घोषणा करने से एक दिन पहले भारत निर्वाचन आयोग की स्‍थापना करने में भारतीय संविधान के निर्माताओं की दूरदर्शिता एवं दृष्टिकोण की सराहना की। भारत के संविधान के अनुच्‍छेद 324 को उद्धृत करते हुए, श्री अरोड़ा ने दोहराया कि भारत निर्वाचन आयोग देश में स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष और मजबूत निर्वाचन सुनिश्चित करने के प्रति कटिबद्ध है। उन्‍होंने आगे कहा कि भारत निर्वाचन आयोग किसी भी तरह की संशयवादिता और आलोचना से कभी भी विचलित नहीं हुआ है और सदैव की भांति यह हमारे दूरदर्शी पूर्वजों द्वारा भारत के संविधान में प्रतिष्‍ठापित सिद्धांतों और आदर्शों के अनुसार कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री अरोड़ा ने इस बात पर बल देते हुए कहा कि ‘’आयोग का उद्देश्‍य और इच्‍छा यह है कि अतीत के अनुभवों से सदैव कुछ न कुछ सीखा जाता रहे जिससे भविष्‍य में आवश्‍यक सुधारात्‍मक कदम उठाए जा सकें।‘’ निर्वाचन कवरेज के दौरान हाल ही के चरणों में सामने आई बातों का उल्‍लेख करते हुए, श्री अरोड़ा ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़, नैतिक, समावेशी, सुगम और सहभागी बनाने के लिए और प्रयास किए जाएंगे। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने घोषणा की कि राज्‍यों की उत्‍तम पद्धतियों, दस्‍तावेज संबंधी मुद्दों और सामने आई चुनौतियों, इन निर्वाचनों से मिली सीख के माध्‍यम से प्रक्रियात्‍मक उपायों में और सुधार लाने की प‍द्धतियों का अध्‍ययन करने के लिए तथा महत्‍वपूर्ण कमियों की पहचान करने के लिए समितियों का गठन किया जाएगा। श्री अरोड़ा ने हाल ही में की गई सूचना प्रौद्योगिकी पहल का भी, विशेषकर, भारत निर्वाचन आयोग के सी-विजिल एप्लिकेशन की प्रभावशीलता पर प्रकाश डाला जिसके द्वारा नागरिकों को आदर्श आचार संहिता के उल्‍लंघनों की घटनाओं की रिपोर्ट करने में सक्षमता व सुगमता प्रदान की गई है और इसने संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। विश्‍व के सबसे बड़े लोकतंत्र में निर्वाचनों के सुचारू संचालन में सामने आई विभिन्‍न चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की संपूर्ण टीम की भूमिका को स्‍वीकार करते हुए, श्री अरोड़ा ने दलीय भावना के प्रदर्शन स्‍वरूप भारत निर्वाचन आयोग मुख्‍यालय के विभिन्‍न प्रभागों के टीम प्रमुखों का प्रतिनिधियों से परिचय कराया। निर्वाचन आयुक्‍त, श्री अशोक लवासा ने कहा कि भारत ने वर्ष 1950 से बहुत लम्‍बी यात्रा तय की है, जब पूरे विश्‍व को भारत के स्‍वतंत्र होने के पश्‍चात इसके द्वारा लोकतंत्र को संभालने पर संशय था। ‘’यह भारतीय संविधान के निर्माताओं के प्रति श्रद्धांजलि है कि उन्‍होंने पहले दिन से ही मत देने का सार्वभौमिक अधिकार प्रदान किया था।‘’ ‘’हम इस तथ्‍य से संतुष्‍ट है कि वर्ष 1952 के प्रथम निर्वाचन से जब मात्र 17 करोड़ निर्वाचक थे जो दो लाख मतदान केंद्रों में फैले हुए थे, अब भारतीय निर्वाचनों में इनकी सहभागिता बढ़कर 91 करोड़ से अधिक हो चुकी है जिनके लिए भारत निर्वाचन आयोग मशीनरी ने दस लाख से अधिक मतदान केंद्रों की स्‍थापना की है।‘’ श्री लवासा ने उल्‍लेख किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तकनीक के अपनाने और इसके अनुकूल अपने आप को ढालने से इतने बड़े पैमाने पर निर्वाचन प्रक्रिया की व्‍यवस्‍था करने में सहायता मिली है जिससे यह विश्‍व के सबसे बड़े प्रबंधन कार्यों में से एक बनी है। श्री सुशील चंद्रा ने निर्वाचन आगुन्‍तक कार्यक्रम के प्रतिभागियों को सम्‍बोधित करते हुए देश के 543 संसदीय निर्वाचन-क्षेत्रों पर 17वीं लोक सभा के निर्वाचनों और इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम राज्‍यों की राज्‍य विधान सभाओं के स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से साधारण निर्वाचनों के संचालन की व्‍यापक तैयारियों पर प्रकाश डाला। उन्‍होंने यह भी इंगित किया कि ‘’निर्वाचनों में धनबल का दुरूपयोग संपूर्ण विश्‍व के स्‍थापित और उभरते हुए, दोनों प्रकार के लोकतंत्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौ‍ती है।‘’ तदनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन व्‍यय अनुवीक्षण तंत्र के प्रभावी क्रियान्‍वयन की व्‍यापक व्‍यवस्‍था की है। उन्‍होंने प्रतिनिधियों को सूचित किया कि इस विशाल निर्वाचन प्रक्रिया पर सतर्क निगाह रखने के लिए सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों एवं साथ ही माइक्रो प्रेक्षकों की तैनाती निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करती है। निर्वाचन आयोग के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका और दायित्‍वों, और विश्‍व के सबसे बड़े लोकतंत्र के निर्वाचनों के आयोजन और संचालन में आने वाली विभिन्‍न चुनौतियों से अवगत कराने के लिए व्‍यापक प्रस्‍तुतिकरण दिया। राजनीतिक दलों के रजिस्‍ट्रीकरण, भारत निर्वाचन आयोग के उन्‍नत प्रशिक्षण और अनुसंधान विंग-भारत अंतर्राष्‍ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्‍थान (आईआईआईडीईएम), निर्वाचक नामावलियां तैयार करने और सूचना प्रौद्योगिकी पहल, इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और वीवीपीएटी, मीडिया को ब्रीफिंग करने और सोशल मीडिया से वार्तालाप, निर्वाचन विधियों और सबद्ध मामलों के संबंध में प्रस्‍तुतियां दी गई। इस अवसर पर आयोग द्वारा भारत निर्वाचन आयोग की तिमाही पत्रिका ‘’महत्‍वपूर्ण है मत मेरा’’ के द्वितीय अंक का विमोचन किया गया। इस पत्रिका में चल रहे निर्वाचनों के लिए विभिन्‍न राज्‍यों में की जा रही तैयारी संबंधी पहल की झलक प्रस्‍तुत की गई है। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुनील अरोड़ा द्वारा इस पत्रिका के प्रथम अंक को 25 जनवरी, 2019 को राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस पर भारत के माननीय राष्‍ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद को भेंट किया गया था। प्रतिनिधियों का स्‍वागत करते हुए, श्री उमेश सिन्‍हा, वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त ने इस बात पर बल देते हुए कहा कि ये भ्रमण निर्वाचन प्रबंधन निकायों के बीच अनुभवों को साझा करने और उत्‍तम पद्धतियों के आदान-प्रदान के लिए अच्‍छे अवसर उपलब्‍ध कराते हैं। उन्‍होंने निर्वाचन योजना, सुरक्षा प्रबंधन और आयोग द्वारा मतदाता शिक्षा और जागरूकता के लिए इसके अग्रगामी कार्यक्रम स्‍वीप के अंतर्गत की गई पहल का विवरण भी प्रस्‍तुत किया। उन्‍होंने कहा कि आज विश्‍व के सभी निर्वाचन प्रबंधन निकायों के लिए यह आवश्‍यक है कि नई-नई चुनौतियों का सामना करने के लिए वे एक-दूसरे के अनुभवों से सीखें। भारत में निर्वाचनों का संचालन करना एक अति व्‍यापक और जटिलताओं से भरा चुनौतीपूर्ण कार्य है। 11 मई, 2019 को छठे चरण के निर्वाचनों की पूर्व संध्‍या पर प्रतिनिधियों ने स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष और उत्‍साहपूर्ण निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए मतदान की तैयारियों संबंधी कार्यों, मतदान दलों की रवानगी और की गई व्‍यापक संभार व्‍यवस्‍थाओं की झलक पाने के लिए दक्षिण दिल्‍ली, पूर्वी दिल्‍ली, चांदनी चौक, पश्चिमी दिल्‍ली और गुडगांव (गुरूग्राम) संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया। उन्‍होंने जिला स्‍तर की निर्वाचन मशीनरी से वार्तालाप किया जिनके प्रमुख जिला निर्वाचन अधिकारी/रिटर्निंग अधिकारी थे। इसके पश्‍चात, प्रतिनिधियों ने आईआईआईडीईएम, द्वारका में स्थित भारत निर्वाचन आयोग के नए प्रशिक्षित और अनुसंधान कैम्‍पस का भ्रमण किया जिसमें लगभग 900 कार्मिकों को एक साथ प्रशिक्षित करने की क्षमता हैं। इस अत्‍याधुनिक कैम्‍पस में भारत निर्वाचन आयोग के कई अंतर्राष्‍ट्रीय और घरेलू प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिनिधि भारत में निर्वाचन संबंधी आयोजनों के संपूर्ण परिदृश्‍य से अवगत होने के लिए अत्‍यंत उत्‍सुक थे। 12 मई, 2019 को उन्‍होंने द्वारका के विभिन्‍न मतदान केंद्रों में सुबह सवेरे छद्म मतदान के संचालन को देखा। उन्‍होंने मतदान अधिकारियों से बातचीत की और मतदान की उन पद्धतियों और प्रक्रियाओं को समझा जो हमारे निर्वाचनों को इतना विश्‍वसनीय और पारदर्शी बनाती हैं। प्रतिनिधियों ने चल रहे मतदान और मतदान केंद्रों के आसपास उत्‍सवमय माहौल देखने के लिए उत्‍तर-पश्चिम दिल्‍ली, पूर्वी दिल्‍ली, चांदनी चौक, दक्षिण दिल्‍ली और गुड़गांव के भिन्‍न-भिन्‍न मतदान केंद्रों का पूरे दिन दौरा किया। उन्‍होंने कुछ मतदान केंद्रों का, जिनकी पूरी व्‍यवस्‍था महिला मतदान स्‍टाफ द्वारा की जा रही थी और साथ ही कुछ मॉडल मतदान केंद्रों का भी दौरा किया जो मतदाताओं के लिए उत्‍तम सुविधाओं से सुसज्जित थे। प्रतिनिधियों ने निर्वाचनों का राज्‍य स्‍तरीय परिप्रेक्ष्‍य जानने के लिए दिल्‍ली के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी से भी वार्ता की। उन्‍होंने दिल्‍ली के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में स्थित निर्वाचन संग्राहलय का भी भ्रमण किया। मतदान की समाप्ति और मशीनों को सील करने का प्रोटोकॉल एक अन्‍य पहलू है जिसे दिन में प्रतिनिधियों को दिखाया जाएगा। प्रतिनिधियों में विदेश मंत्रालय की प्रायोजकता के अंतर्गत, आईआईआईडीएम द्वारा संचालित किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के भाग के रूप में भारत के भ्रमण पर आए म्‍यंमार निर्वाचन आयोग के 6 सदस्‍यों और 9 वरिष्‍ठ निर्वाचन अधिकारियों का दल भी शामिल था।
  4. 38 downloads

    6. मतदान का समय पूर्वाह्न 8.00 बजे से अपराह्न 4.00 बजे तक 7. मतगणना की तारीख 3 जून, 2019 (सोमवार) 8. वह तारीख जिससे पहले निर्वाचन सम्पन्न हो जाएगा 7 जून, 2019 (शुक्रवार) 3. संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में इन निर्वाचनों से संबंधित आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। कृपया आयोग की वेबसाइट https://eci.gov.in/files/file/4070-biennial-bye-elections-to-the-legislative-councils-from-council-constituencies-by-graduates%E2%80%99-and-teachers%E2%80%99-and-local-authorities%E2%80%99-constituencies-%E2%80%93-mcc-instructions-%E2%80%93-regarding/ के अंतर्गत विवरण को देखें।
  5. 12 downloads

    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/51/2019 दिनांक: 20 अप्रैल, 2019 प्रेस नोट विषय: पश्चिम बंगाल की राज्‍य विधान सभा में आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन हेतु अनुसूची-तत्‍संबंधी। पश्चिम बंगाल की राज्‍य विधान सभा में 29-इस्‍लामपुर, 68-कंडी, 74-नावादा, 43-हबीबपुर (अ.ज.जा.) और 105-भाटपाड़ा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों से पांच स्‍पष्‍ट रिक्तियां है, जिन्‍हें भरा जाना अपेक्षित है। त्‍योहारों, निर्वाचक नामावलियों, आदि जैसे विभिन्‍न कारकों को ध्‍यान में रखते हुए, आयोग ने इन रिक्तियों को निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार भरने के लिए उप-निर्वाचन आयोजित करने का निर्णय लिया है:- क्रम सं. मतदान कार्यक्रम अनुसूची राजपत्र अधिसूचना जारी करने की तारीख 22.04.2019 (सोमवार) नाम-निर्देशनों की अंतिम तारीख 29.04.2019 (सोमवार) नाम-निर्देशनों की संवीक्षा की तारीख 30.04.2019 (मंगलवार) अभ्‍यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख 02.05.2019 (गुरूवार) मतदान की तारीख 19.05.2019 (रविवार) मतगणना की तारीख 23.05.2019 (गुरूवार) वह तारीख, जिससे पहले निर्वाचन सम्‍पन्‍न करवा लिया जाएगा । 27.05.2019 (बुधवार) निर्वाचक नामावली अर्हक तिथि के रूप में दिनांक 01.01.2019 के संदर्भ में उक्‍त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए निर्वाचक नामावलियां अंतिम रूप से प्रकाशित कर दी गई हैं। इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपीएटी आयोग ने सभी मतदान केन्‍द्रों में उप-निर्वाचनों में ईवीएम और वीवीपीएटी का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। ईवीएम और वीवीपीएटी पर्याप्‍त संख्‍या में उपलब्‍ध कराई गई हैं और यह सुनिश्चित करने के पूरे प्रयास किए गए हैं कि इन मशीनों से मतदान निर्विघ्‍न रूप से संचालित किए जाएं। मतदाताओं की पहचान विगत प्रथा के अनुरूप, आयोग ने निर्णय लिया है कि उपर्युक्‍त उप-निर्वाचनों में मतदान के समय मतदाता की पहचान करना अनिवार्य होगा। मतदाता फोटो पहचान-पत्र (ईपीआईसी) मतदाता की पहचान का मुख्‍य दस्‍तावेज होगा। आयोग द्वारा लोकसभा और राज्‍य विधान सभा, 2019 के साधारण निर्वाचन के संबंध में जारी किए गए आदेश उक्‍त उप-निर्वाचन में मतदान के समय मतदाताओं की पहचान के लिए लागू होंगे। आदर्श आचार संहिता सभी राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों में दिनांक 10 मार्च, 2019 को लोक सभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2019 की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता पहले से ही लागू हो चुकी है। आदर्श आचार संहिता सभी अभ्‍यर्थियों, राजनैतिक दलों और संबंधित राज्‍य सरकारों पर लागू होगी। आदर्श आचार संहिता संबंधित राज्‍यों के जिले के संबंध में संघ सरकार पर भी लागू होगी।
  6. 3 downloads

    सं.ईसीआई/प्रेस नोट/50/2019 दिनांक: 19 अप्रैल, 2019 प्रेस नोट विषय: उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल की राज्‍य विधान सभाओं में क्रमश: 89-आगरा एवं 23-दार्जिलिंग विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों से आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिए उप-निर्वाचन हेतु अनुसूची–तत्‍संबंधी। उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल की राज्‍य विधान सभा में क्रमश: 89-आगरा एवं 23-दार्जिलिंग विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में दो स्‍पष्‍ट रिक्ति हैं, जिन्हें भरा जाना अपेक्षित है। त्‍योहारों, निर्वाचक नामावलियों आदि जैसे विभिन्‍न कारकों को ध्‍यान में रखते हुए, आयोग ने इस रिक्ति को निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार भरने के लिए उप-निर्वाचन आयोजित करने का निर्णय लिया है:- क्रम सं. मतदान कार्यक्रम अनुसूची 1 राजपत्र अधिसूचना जारी करने की तारीख 22.04.2019 (सोमवार) 2 नाम-निर्देशन करने की अंतिम तारीख 29.04.2019 (सोमवार) 3 नाम-निर्देशनों की संवीक्षा करने की तारीख 30.04.2019 (मंगलवार) 4 अभ्‍यर्थिताएं वापस लेने की अंतिम तारीख 02.05.2019 (गुरुवार) 5 मतदान की तारीख 19.05.2019 (रविवार) 6 मतगणना की तारीख 23.05.2019 (गुरूवार) 7 वह तारीख, जिससे पहले निर्वाचन सम्‍पन्‍न हो जाएगा 27.05.2019 (सोमवार) निर्वाचक नामावली 01.01.2019 के संदर्भ में उक्‍त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियाँ अंतिम रूप से प्रकाशित कर दी गई हैं। इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपीएटी आयोग ने सभी मतदान केन्‍द्रों में उप-निर्वाचनों में ईवीएम एवं वीवीपीएटी का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। ईवीएम एवं वीवीपीएटी पर्याप्‍त संख्‍या में उपलब्‍ध कराई गई हैं और यह सुनिश्चित करने के पूरे प्रयास किए गए हैं कि इन मशीनों की सहायता से मतदान सुचारू रूप से संचालित किए जाएं। मतदाताओं की पहचान पूर्व परिपाटी के अनुरूप, आयोग ने निर्णय लिया है कि पूर्वोल्लिखित उप-निर्वाचन में मतदान के समय मतदाता की पहचान करना अनिवार्य होगा। निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र (एपिक) मतदाता की पहचान का मुख्‍य दस्‍तावेज होगा। लोक सभा एवं राज्य विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2019 के लिए इस संबंध में आयोग द्वारा जारी आदेश उक्‍त उप-निर्वाचन में मतदान के समय मतदाताओं की पहचान करने के लिए लागू होंगे। आदर्श आचार संहिता दिनांक 10 मार्च, 2019 को लोक सभा के साधारण निर्वाचन, 2019 की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता सभी राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों में पहले से ही लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता सभी अभ्‍यर्थियों, राजनैतिक दलों और संबंधित राज्‍य सरकार पर लागू होगी। आदर्श आचार संहिता संबंधित राज्‍य के जिले के लिए संघ सरकार पर भी लागू होगी।
  7. 5 downloads

    No. ECI/PN/49/2019 Dated: 16th April, 2019 Press Note Election to 8 Vellore Parliamentary Constituency stands rescinded ECI's decision based on reports of systematic design to influence voters, unearthed during Income Tax raids The Election Commission of India made a recommendation to the Hon’ble President of India, under Article 324 of the Constitution read with Section 21 of the General Clauses Act, 1897, to rescind the Election to 8-Vellore Parliamentary Constituency, Tamil Nadu vide its proceedings no.464/ECI/LET/TERR/TN/SS-I/2019 dated 14.4.2019. The decision of the ECIto make this recommendation was based on detection of a systematic design to influence voters in 8- Vellore Parliamentary Constituency during the election process. Thereport of the DGIT(Inv.), Chennai, Sh. B. Murali Kumar, dated 5th of April 2019, details the search and seizure operations u/s 132 of the I.T. Act carried out on 29th and 30th of March, 2019 at the residence of Sh. Durai Murugan, MLA and Treasurer of DMK Party and Sh. Kathir Anand, s/o Sh. Durai Murugan and contesting candidate for Vellore Parliamentary Constituency and at Kingston medical College, run by the Durai Murugan Educational Trust. The search team observed that evidently there was prior rummaging of the premises and removal of material including the control panel of the CCTV as well as the hard disks of the computers. Further discreet surveillance resulted in the confirmation that a large amount of cash and other incriminating material had indeed been shifted out of the college premises while the teams were being denied entry. Further as per DGIT report, based on the intelligence gathered during the discreet surveillance, certain premises of close associates of the candidate Shri Kathir Anand and their relatives were identified and fresh searches u/s 132 of the Income Tax Act, 1961, at Katapadi Taluk, Vellore District were initiated on 01.04.2019 at the residence of Sh. Damodaran, brother in law of Sh.Srinivasan, a DMK functionary. The search operations of the Income Tax Department on 1.4.2019 yielded a total cash seizure of Rs.11.48 Crores, most of which was packed in plastic packets with ward wise details. In addition, unused labels, loose sheets with details of ward-wise breakup of voters and documents related to Kingston Engineering College were found from the residence of Sh. Damodaran. Sh.Srinivasan claimed the ownership of Rs.11.48 Crores and in his statement recorded u/s 131 of IT Act stated that the cash was meant to influence voters in favour of DMK’s candidate. The fact that the claimant does not have any explained source of income and that the documents found with the cash pertain to an institution run by the family of the DMK candidate lays bare the nexus between the candidate and the sums so found. The Special Expenditure Observer, Ms. Madhu Mahajan, filed a report on 8.4.2019 stating that the searches had unearthed a systematic design to influence voters through inducements and that such activities come under the ambit of “corrupt practices” as per Section 123 of the RP Act, 1951.The Special Expenditure Observer was of the opinion that the situation is not conducive for the conduct of free and fair elections. The CEO Tamil Nadu filed his report on the 12.4.2019, wherein he has stated that the cash seizure of Rs. 11.48 Cr. along with evidence in the form of computer printouts detailing proposed assembly segment, ward and booth wise money distribution suggests a clear-cut pattern and design to induce the electors at a large scale across the Vellore Parliamentary Constituency. This organised way of inducement of voters had vitiated the electoral environment which was now not conducive for conducting inducement free, ethical election in Vellore Parliamentary Constituency at this juncture. After taking into account all relevant facts and circumstances of the present case, the Commission was fully satisfied that the current electoral process in the said 8-Vellore Parliamentary Constituency in Tamil Nadu has been seriously vitiated on account of the above-mentioned unlawful activities on behalf of the candidate, Sh. Kathir Anand, and some members/ workers of the political party in question. In the Commission’s considered opinion, allowing the current electoral process to proceed and conducting the poll in the constituency on 18thApril, 2019, as scheduled, in such a vitiated atmosphere would have severely jeopardised the conduct of free and fair election in the said 8-Vellore Parliamentary Constituency. The Hon’ble President, accepting the recommendation of the Election Commission of India, made in this regard, is pleased to partially rescind Notification No.1389(E) dt.19th March 2019 in so far as it relates to calling upon the said 8-Vellore Parliamentary Constituency in Tamil Nadu to elect a member to the Lok Sabha.
  8. 2 downloads

    Schedule for bye-elections to fill casual vacancy from 42 – Chincholi (SC) Assembly Constituency in the State Legislative Assembly of Karnataka – Regarding.
  9. 8 downloads

    ECI/PN/47/2019 Dated: 15th April, 2019 Press Note Commission Reviews Poll Arrangements with Central Observers in Tripura and West Bengal through Video Conferencing for next Phases of Polling Chief Election Commissioner Sh Sunil Arora and Election Commissioners Sh Ashok Lavasa and Sh Sushil Chandra today reviewed poll arrangements in specific constituencies of West Bengal and Tripura going to polls in Phase 2 & 3 of ongoing General Elections to Lok Sabha 2019. The review through video conferencing was held with General Observers, Police Observers and Expenditure Observers deployed in Phase 2 and Phase 3 Parliamentary Constituencies in West Bengal namely the 3-Jalpaiguri, 4-Darjeeling, 5- Raiganj, 6- Balurghat, 7-Maldaha Uttar, 8-Maldaha Dakshin, 9-Jangipur and 11- Murshidabad in West Bengal and Phase 2(final phase) of Tripura ie 2-Tripura East Parliamentary Constituency. The General Observers briefed the Commission on the preparedness in terms of Assured Minimum Facilities (AMF) at the Polling Stations; mapping of PWDs and the arrangements made for their facilitation at the Polling Stations; Awareness amongst the voters that Photo Voter Slips (PVSs) will no longer be treated as the Identification document but that the Voter has to necessarily bring one of the 12 specified Identification Documents to be shown at the Polling Station on the poll day. Commission also reviewed the complaints, if any, from Political Parties, etc as received by Observers and their status. The preventive actions taken against the identified trouble makers and potential intimidators were also reviewed. Commission reviewed at length the Central Armed Police Forces deployment status in each of the Parliamentary Constituencies. The Police Observers briefed about Preparation of District Security/Force Deployment plan; Use of Central Paramilitary Forces for area domination and confidence building measures and the Law and Order situation. The Special Central Police Observer for West Bengal and Jharkhand Sh Vivek Dube and Sh M K Das, the Special Central Police Observer for Tripura and Mizoram were also present in the meeting. The Expenditure Observers informed the Commission about Deployment of Flying Squads (FS), Static Surveillance Teams (SST) & Video Surveillance Teams; Complaint Monitoring Cell; Seizures made by FS, SST & Police and Inspection of Candidates Accounts. Commission impressed upon all the Observers to remain on constant vigil and ensure that the polls are conducted in absolutely free, fair and credible manner
  10. 5 downloads

    No. ECI/PN/46/2019 Dated: 09th April, 2019 Press Note Schedule for bye-election to fill casual vacancy in the State Legislative Assemblies of Tamil Nadu, Goa and Karnataka– Regarding.
  11. 422 downloads

    No. ECI/PN/41/2019 Dated : 26th March 2019 PRESS NOTE ECI appoints Special Central Police Observer for States of West Bengal and Jharkhand Election Commission of India has appointed Sh K K Sharma (IPS 1982 Retd DG Border Security Force) as Special Central Police Observer for the States of West Bengal and Jharkhand. Sh Sharma would oversee the deployment and other security related issues in the said States.
  12. 326 downloads

    सं.ईसीआई/प्रेस नोट/40/2019 दिनांक : 26 मार्च, 2019 प्रेस नोट भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आन्ध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, नागालैंड तथा तेलंगाना राज्यों के लिए विशेष व्यय प्रेक्षकों की नियुक्ति। भारत निर्वाचन आयोग ने दो प्रतिष्ठित पूर्व सिविल सेवकों श्री गोपाल मुखर्जी एवं श्री डी.डी. गोयल को आगामी लोक सभा निर्वाचन के लिए विशेष व्यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। श्री गोपाल मुखर्जी पूर्व-आईआरएस (1980), सीबीडीटी के पूर्व सदस्य को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में और श्री डी.डी. गोयल पूर्व-आईआरएस (1982), पूर्व महानिदेशक आयकर (अन्वे.) को अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में तैनात किया गया है। इन दोनों अधिकारियों को आयकर विभाग द्वारा संचालित तलाशी और जब्ती कार्यों का व्यापक ज्ञान है। विशेष प्रेक्षक, निर्वाचन तंत्र द्वारा किए जा रहे कार्यों का पर्यवेक्षण और अनुवीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदान प्रक्रिया को दूषित करने के लिए नकदी, मदिरा और मुफ्त उपहारों आदि के वितरण द्वारा मतदाताओं को प्रलोभित करने की कोशिश करने वाले/वाली सभी व्यक्तियों/इकाईयों के विरूद्ध खुफिया इनपुट्स और सी-विजिल एवं वोटर हेल्पलाइन 1950 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर सख्त और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, आयोग ने गुजरात और कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार क्रमशः श्री शैलेंद्र हांडा और सुश्री मधु महाजन को देने का फैसला किया है। यह स्मरण कराया जाता है कि आयोग ने इन अधिकारियों को दिनांक 19 मार्च 2019 को विशेष व्यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्त किया था। इस प्रकार, श्री हांडा महाराष्ट्र और गुजरात के लिए विशेष व्यय प्रेक्षक होंगे जबकि सुश्री महाजन को तमिलनाडु और कर्नाटक में तैनात किया जाएगा।
  13. 361 downloads

    No. ECI/PN/39/2019 Dated: 26th March, 2019 PRESS NOTE ECI conducts briefing sessions for 2nd batch of General, Police and Expenditure Observers for the Lok Sabha and State Legislative Assembly Elections - 2019 In continuation of the briefing held for the first batch of General, Police and Expenditure Observers held on 14th March, the Commission today conducted day long sessions for over a thousand more officers drawn from IAS, IPS, Indian Revenue Service and few other Central Services. These officers are being deployed as Observers in the ongoing Elections to the Lok Sabha and Legislative Assemblies of four States. Addressing the participants, Chief Election Commissioner Shri Arora said that while all Observers are essentially the eyes and ears of the Commission, Senior Expenditure Observers are assuming an enormous role given the quantum of money power vitiating the election process. He added that the Commission has already appointed two Special Expenditure Observers for the States of Tamil Nadu, Gujarat, Maharashtra and Karnataka. To further identify the role of illegitimate resources in the elections, the Commission is considering appointing few more Special Expenditure Observers in more Expenditure Sensitive States. Shri Arora reminded the Observers of their enormous responsibility to ensure fair, ethical and transparent election process in the field. He asked them to be vigilant, impartial and accessible to all stakeholders to reinforce the faith in the minds of the citizen towards the electoral process. While elucidating the myriad responsibilities of Observers, the CEC mentioned that Electoral Rolls are the bed rock of election process and Observers need to ensure the integrity of the Electoral Rolls. Reminding the Observers of their crucial role , Shri Arora said that The Commission reposes complete trust in the senior officers being deputed to the field and would like the Observers & CEOs to be the first and last point of contact. However, he also cautioned them that even a trace of proven malafide or partisanship, would lead to ruthless action from the Commission. He further added that, keeping pace with the changing times, the Commission has been proactive in making the electoral process participative by involving & empowering citizens particularly through cVigil App. He said that the cVigil App initiative which started as a pilot project in the Karnataka State elections and then implemented in the five State elections held last year, has now been extended pan India for the ongoing General Elections. Shri Ashok Lavasa, Election Commissioner in his address stated that the Observers have been a critical part of the election process and machinery. He advised Observers to be alert, accessible and responsive and effective in the field to ensure fairness and transparency of the election process. He urged the Observers to be familiar with all the instructions & guidelines to ensure clarity in execution in the field. He said the senior Observers need to play dual roles of monitoring and mentoring. While addressing the Expenditure Observers, Shri Lavasa stressed that only the seizure figures may not be taken as a measure of the efficacy of enforcement machinery, but the money trail and actual perpetrators behind the consignment should be investigated. Welcoming the participants, Election Commissioner Shri Sushil Chandra noted that Observers play an important role for the Election Commission for robust monitoring of the complete process in the field. He asked the Observers to ensure better co-ordination amongst all the Stakeholders in the field. Elaborating the diverse challenges for the Observers in the current scenario, he urged them to be vigilant and accessible. He mentioned that developing real time intelligence and monitoring of accounts of the candidates would be crucial to downplay the role of illegitimate resources adversely influencing the election process. Comprehensive Expenditure Monitoring Handbook, Observers Manual and National Election Planner were provided to the Observers to facilitate their work. During the day long sessions, detailed thematic presentations were made on Election planning, Observer’s roles and responsibilities, electoral roll issues, enforcement of Model Code of Conduct, legal provisions, EVM/VVPAT management, media engagement and the wide array of activities undertaken for voter facilitation under the Commission’s flagship SVEEP (Systematic Voter’s Education and Electoral Participation) programme to apprise the Observers. The Observers were also acquainted with the various IT initiatives and mobile applications launched by the Commission for voter facilitation as well as effective and efficient management of election process in the field. Detailed presentations were made about ‘Observer App’, cVIGIL App and other initiatives
  14. 747 downloads

    No. ECI/PN/38/2019 Dated: 26th March, 2019 PRESS NOTE GENERAL ELECTIONS TO THE LOK SABHA, 2019 - PROGRESSIVE SEIZURE A total seizure of nearly Rs 540 crores has been made by various enforcement agencies across the country as on March 25, 2019. A break up of seizure of cash, liquor, drugs/narcotics, precious metals & freebies is given below. Summary: Total Cash Seizure : Rs. 143.47 Cr. Total Liquor Seizure : Worth Rs. 89.64 Cr. Total Drugs/Narcotics seizure : Worth Rs. 131.75 Cr. Total Precious Metals (Gold etc.) seizure : Worth Rs. 162.93 Cr Total Freebies/other items seizure : Worth Rs. 12.202 Cr. Download the file to view details
  15. 1,924 downloads

    General Election to Lok Sabha 2019 and State Legislative Assemblies 2019 - Allotment of Broadcast/Telecast time to Recognized National/State Political Parties -regarding.
  16. 615 downloads

    No. ECI/PN/34/2019 Dated: 22nd March, 2019 PRESS NOTE Indian Statistical Institute (ISI) presents its Report on Sample Size of VVPAT Counting to Election Commission of India Indian Statistical Institute(ISI) today presented its Report on the sample size of Voter Verifiable Paper Audit Trail (VVPAT) slip counting to the Chief Election Commissioner Shri Sunil Arora and Election Commissioners Shri Ashok Lavasa and Shri Sushil Chandra. The Report was presented by Prof. Abhay G. Bhatt, Head ISI, Delhi Centre. It may be recalled that in view of the varying demands for enhanced percentage of VVPAT Slip count during elections in the country, the Commission had engaged the Indian Statistical Institute to systematically analyse and scientifically examine the issue of VVPAT Slip verification with electronic count of the Electronic Voting Machines (EVMs). ISI is one of the most prominent and reputed national institution devoted to research, teaching and application of statistics and sampling methodology in the country. Keeping in view their domain expertise and subject specialization, the Commission decided to engage the Institute in arriving at mathematically sound, statistically robust and practically cogent solutions to the issue of a number/percentage of VVPAT slip counts to done during the elections. Apart from Prof Abhay G. Bhatt, Head ISI, Delhi Centre, the Expert Committee also consisted of Prof Rajeeva L. Karandikar, Director, Chennai Mathematical Institute (CMI) and Shri Onkar Prosad Ghosh, Dy. Director General (Social Statistics Division), Central Statistics Office, MOSPI, who was nominated by Director General, National Sample Survey Office (NSSO). Before finalizing its report, the Expert Committee had wide ranging consultations with other experts in the field of statistics and examined suggestions received from other groups. This Expert Committee has submitted its Report titled 'Random Sampling For Testing of EVMs via VVPAT Slip Verification' to the Commission today i.e. 22nd March 2019. The Report submitted by the Expert Committee shall now be examined by the Commission and necessary action initiated.
  17. 226 downloads

    No. ECI/PN/30/2019 Dated: 15th March, 2019 PRESS NOTE Sub : ECI convenes a meeting of Multi-Departmental Committee on Election Intelligence Chief Election Commissioner Shri Sunil Arora along with Election Commissioners Shri Ashok Lavasa and Shri Sushil Chandra today held a meeting of Multi Departmental Committee on Election Intelligence. Heads of Tax Boards, Law enforcement agencies, Central Paramilitary Forces and representatives of Financial Institutions attended the meeting. Addressing the meeting, CEC Shri Arora said it is the constitutional mandate of the Election Commission of India to conduct free and fair elections. Conducting clean elections is now one of the biggest challenges in our democracy given the prevalent abuse of money power, particularly when it manifests in inducement of voters. He said Commission is determined to curb this menace and has issued detailed guidelines to monitor election expenditure incurred by candidates and political parties. The expenditure monitoring mechanism has got stronger over a period of time and larger seizures have been made by our enforcement teams in successive elections. He said individually and collectively the agencies participating in the meeting are the bulwarks of clean elections. The outcome of synergised action should exceed the commitments made. Election Commissioner Shri Lavasa pointed out that implementation of ECI’s instructions on field requires co-ordination among the various expenditure monitoring teams and the agencies tasked with enforcement. Sharing of Intelligence amongst the agencies should ensure that there is concerted attack on problems faced. He noted that multidimensional, multi-fanged crime needs to be tackled with coordinated action. He reminded the agencies that due follow-up action on seizures done in previous MCC phase should see demonstrative action against antisocial elements enough to feel deterred next time. He emphasised that mischief mongers are ever devising more ingenious ways to beat the system. Election Commissioner Shri Chandra highlighted that election expenditure monitoring mechanism with its two thrust areas of keeping track of the legal expenditure incurred by candidates and political parties for election campaigns, and more importantly, ensuring that there is no illegal use of money and other items for buying of votes, is vital to ensure clean elections. Use of money during the elections has increased by leaps and bounds in recent times and therefore there is greater need to have synergy amongst various enforcement agencies so that a collective strategy is developed to fight this menace. The Commission desires that all enforcement agencies should have proper sharing of information for taken coordinated action rather than working in silos. The issues discussed at the meeting included ways of Curbing of covert expenditure by candidates and political parties; sensitisation of the law enforcement agencies about their role during elections; co-operation and sharing of intelligence of economic offences amongst law enforcement agencies for effective action; preparation of road map for action during the elections; mapping of constituencies by concerned agencies to check transportation of smuggled goods, drugs, liquor and cash, including fake currency, through seaports, inter-state borders and international borders and pro-active and preventive action by each law enforcement agency. The Heads of Tax Boards, Law enforcement agencies, Central Paramilitary Forces and representatives of Financial Institutions assured the Commission of prompt 24X7 expenditure monitoring and surveillance action and implementation of instructions to ensure curbing of abuse of money power in elections. The senior Officers who attended the meeting included Shri P.C. Mody, Chairperson & Member (Inv.), CBDT; Shri Pranab Kumar Das, Chairman, CBIC; Shri Sanjay Kumar Mishra, IRS, Director, Enforcement Directorate; Smt. Mitali Madhusmita, IRS, DG, CEIB; Shri Pankaj Kumar Mishra, IRS, Director, Financial Intelligence Unit-IND; Sh. Rajesh Ranjan, IPS,DG, CISF; Shri Rajni Kant Mishra, IPS, DG, BSF; Shri Rajeev Rai Bhatnagar, IPS, DG, CRPF; Shri Kumar Rajesh Chandra, IPS, DG, SSB; Shri Abhay, IPS, DG, NCB; Shri Arun Kumar, IPS, DG, RPF; Shri Sunil Mehta, Chairman, Indian Bank Association; Shri Rakesh Asthana, IPS, DG, BCAS; Sr. Level Functionary from the RBI.
  18. 179 downloads

    No. ECI/PN/28/2018 Dated: 14h March, 2019 PRESS NOTE Subject : Schedule for bye-election to fill casual vacancy in the State Legislative Assembly of Gujarat– Regarding. There is one clear vacancy in the State Legislative Assembly of Gujarat, which needs to be filled up: Sl. No. State Number & Name of Assembly Constituency 1 Gujarat 77 - Jamnagar Rural Assembly Constituency After taking into consideration various factors like local festivals, electoral rolls, weather conditions etc., the Commission has decided to hold bye-election to fill this vacancy as per the programme mentioned as under: - Poll Events Schedule Date of Issue of Gazette Notification 28.03.2019 (THU) Last Date of Nominations 04.04.2019 (THU) Date for Scrutiny of Nominations 05.04.2019 (FRI) Last Date for Withdrawal of candidatures 08.04.2019 (MON) Date of Poll 23.04.2019 (TUE) Date of Counting 23.05.2019 (THU) Date before which election shall be completed 27.05.2019 (MON) ELECTORAL ROLL The Electoral Rolls for the aforesaid Assembly Constituencies w.r.t 01.01.2019 as the qualifying date has been finally published. ELECTRONIC VOTING MACHINES (EVMs) and VVPATs The Commission has decided to use EVMs and VVPATs in the bye-election in all the polling stations. Adequate numbers of EVMs and VVPATs have been made available and all steps have been taken to ensure that the polls are conducted smoothly with the help of these machines. IDENTIFICATION OF VOTERS In consonance with the past practice, the Commission has decided that the voter’s identification shall be mandatory in the aforementioned bye- election at the time of poll. Electoral Photo Identity Cards (EPIC) shall be the main document of identification of a voter. However, in order to ensure that no voter is deprived of his/her franchise, if his/her name figures in the Electoral Rolls, separate instructions will be issued to allow additional documents for identification of voters at the time of poll in the said bye-elections. MODEL CODE OF CONDUCT The Model Code of Conduct shall come into force with immediate effect in the district(s) in which the whole or any part of the Assembly Constituency going for bye-election is included, subject to partial modification as issued vide Commission’s instruction No. 437/6/INST2016-CCS, dated 29th June, 2017 (available on the Commission’s website). The Model Code of Conduct shall be applicable to all candidates, political parties and the State Government concerned. The Model Code of Conduct shall also be applicable to the Union Government for the district of the State concerned.
  19. 681 downloads

    सं. ईसीआई/प्रे.नो./27/2019 दिनांक: 14 मार्च, 2019 प्रेस नोट विषय: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी निर्वाचनों हेतु सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों को ब्रीफ करने के लिए पूर्ण दिवसीय सत्र आयोजित करना। भारत निर्वाचन आयोग ने आज लोक सभा और चार राज्‍यों की विधान सभा के आगामी निर्वाचनों की तैयारी के रूप में निर्वाचन होने वाले राज्‍यों में तैनात किए जाने वाले प्रेक्षकों हेतु पहला ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया। आईएएस, आईपीएस अधिकारियों तथा साथ ही भारतीय राजस्‍व सेवा और कुछ अन्‍य केन्‍द्रीय सेवाओं से लिए गए 1800 से अधिक वरिष्‍ठ अधिकारियों ने इस ब्रीफिंग बैठक में भाग लिया। इन अधिकारियों को सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों के रूप में तैनात किया जा रहा है। प्रेक्षकों को उनकी महत्‍वपूर्ण भूमिका का स्‍मरण करवाते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुनील अरोड़ा ने इंगित किया कि अधिकारियों को निष्‍ठावान होने की आवश्‍यकता है और उनके पास कोई विकल्‍प नहीं होना चाहिए सिवाय इसके कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई गलती न की जाए। श्री अरोड़ा ने स्‍मरण किया कि हाल ही में आयोजित राज्‍य निर्वाचनों में ईवीएम-वीवीपीएटी हेतु निर्धारित प्रोटोकाल का अनुसरण करने में चूक की घटनाओं या निर्वाचक नामावली से कुछ नामों के छूट जाने अथवा मतों की गणना में देरी का प्रतिशत नगण्‍य रहा है और पृष्‍ठभूमि में रहकर सभी अच्‍छा कार्य चलता रहा। उन्‍होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की आधारशिला के रूप में कार्य करने के लिए वर्ष 1950 से एक विशिष्‍ट संस्‍था के रूप में संस्‍थापित, भारत निर्वाचन आयोग विभिन्‍न कार्यक्षेत्रों के अधिकारियों को इसमें सम्मिलित करता रहा है जो सुपरिभाषित कर्तव्‍यों के अनुसार निर्वाचनों के संचालन में मदद करते हैं। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने इस बात पर बल दिया कि निर्वाचन प्रक्रिया का पालन करते समय अधिकारी प्रेक्षक के रूप में भारी कर्तव्‍यों का निर्वहन करते हैं और आयोग यह देखता है कि ये अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उन्‍हें विनिर्दिष्‍ट कर्तव्‍यों का वे ईमानदारी से निर्वहन करें। श्री अरोड़ा ने नोट किया कि बदलते हुए समय में धनबल और साथ ही सोशल मीडिया के दुरूपयोग के बारे में सरोकार, नई चुनौतियों के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का प्रयास न केवल स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष निर्वाचन अपितु पारदर्शी, निष्‍पक्ष और नैतिक निर्वाचन भी आयोजित करवाना है। निर्वाचन आयुक्‍त, श्री अशोक लवासा ने समूह को स्‍मरण करवाया कि प्रेक्षक के रूप में उन्‍हें यह सुनिश्चित करने की आवश्‍यकता है कि ईसीआई के सभी अनुदेशों का अक्षरश: कार्यान्‍वयन हो। श्री लवासा ने उल्‍लेख किया कि हाल ही में आरंभ किए गए सी-विजिल ऐप ने आयोग की सहायता करने के लिए प्रत्‍येक नागरिक को सशक्‍त किया है ताकि वे आदर्श आचार संहिता के उल्‍लंघन के संबंध में अपनी आंखे खुली रखते हुए सतर्क रहें। परन्‍तु इस ऐप की उपलब्‍धता ने अपने आप ही निर्वाचन तंत्र का प्रबंधन और निरीक्षण करने वाले अधिकारियों पर और अधिक जिम्‍मेदारी डाल दी है। उन्‍होंने इस संबंध में पुन: उल्‍लेख किया कि प्रेक्षकों को जमीनी स्‍तर पर सभी स्‍टेकहोल्‍डरों के लिए सुलभ और उपलब्‍ध रहने की आवश्‍यकता है क्‍योंकि ये अधिकारी पूरी तरह से ईसीआई का अभिवृद्धित अंग होते हैं। अधिकारियों को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चन्‍द्रा ने अधिकारियों का ध्‍यान इस ओर आकर्षित किया कि प्रेक्षक के रूप में उनकी भूमिका आयोग की आंख और कान बनना है ताकि स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने में सभी निवारक उपाय किए जा सकें। उन्‍होंने इंगित किया कि व्‍यय प्रेक्षकों की भूमिका तब और भी अधिक महत्‍वपूर्ण हो जाती है जब मतदाताओं को प्रलोभित करने के तरीके भी बहुत अभिनव हों। दिनभर के ब्रीफिंग सत्र के दौरान अधिकारियों को ईसीआई के वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त, उप निर्वाचन आयुक्‍तों और महानिदेशकों द्वारा निर्वाचन प्रबंधन के विभिन पहलुओं के बारे में व्‍यापक और गहन इनपुट दिए गए। निर्वाचन योजना, प्रेक्षक की भूमिका और जिम्‍मेदारियां, निर्वाचक नामावलियों से सम्‍बन्धित मुद्दों, आदर्श आचार संहिता के प्रवर्तन, विधिक प्रावधानों, ईवीएम/वीवीपीएटी प्रबंधन, मीडिया सहयोग और आयोग के अग्रगामी कार्यक्रम स्‍वीप (सुव्‍यवस्थित मतदाता शिक्षा और निर्वाचक सहभागिता) के अधीन चल रहे मतदाता सुविधा सम्‍बन्‍धी कार्यकलापों पर विस्‍तृत विषयक प्रस्‍तुतीकरण दिए गए। प्रेक्षकों को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रभावी और कुशल प्रबंधन तथा मतदाता सुविधा हेतु आयोग द्वारा इस क्षेत्र में आरंभ की गई विभिन्‍न आईटी पहल और मोबाइल एप्‍लीकेशनों से परिचि‍त करवाया गया। प्रेक्षकों को ईवीएम और वीवीपीएटी का कार्यात्‍मक प्रदर्शन किया गया और उन्‍हें बहुआयामी तकनीकी सुरक्षा विशिष्टियों, प्रशासनिक प्रोटोकॉल और प्रक्रियात्‍मक सुरक्षापाय, जो ईवीएम ईको-सिस्‍टम को पूर्णत: सुरक्षित, मजबूत, विश्‍वसनीय, छेड़छाड़ रहित और प्रामाणिक बनाते हैं, सम्‍बन्‍धी लक्षणों के बारे में ब्रीफ किया गया। निर्वाचन प्रबंधन के विभिन्‍न विषयों पर सभी विषयक प्रस्‍तुतीकरणों के संकलन, राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र प्रोफाइल और राष्‍ट्रीय निर्वाचन प्‍लानर और निर्वाचन व्‍यय अनुवीक्षण पर अनुदेशों का सार-संग्रह, जैसे व्‍यापक प्रकाशनों का आयोग द्वारा अनावरण किया गया जिन्‍हें प्रेक्षकों को उपलब्‍ध करवाया गया ताकि उनके काम में आसानी हो सके। भारत निर्वाचन आयोग ने पहली बार एक नया मोबाइल ऐप ‘ऑब्‍ज़र्वर ऐप’ शुरू किया है। इस ऐप का प्रयोग करते हुए सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षक सुरक्षित तरीके से अपनी प्रेक्षक रिपोर्ट ईसीआई को प्रस्‍तुत कर सकते हैं जिससे वे मोबाइल ऐप से सुसंगत दस्‍तावेजों को अपलोड कर सकते हैं। प्रेक्षक ड्यूटी पर रहते हुए सभी महत्‍वपूर्ण अधिसूचनाएं, एलर्ट और तत्‍काल संदेश, इस ऐप पर प्राप्‍त करेंगे। यह प्रेक्षकों को उनकी तैनाती की स्थिति, पहचान पत्र डाउनलोड करने और प्रोफाइल अपडेट करने में सुविधा प्रदान करेगा। चूंकि, प्रेक्षक आदर्श आचार संहिता के उल्‍लंघन सम्‍बन्‍धी मामलों के रियल-टाइम निष्‍पादन में पूरी तरह से शामिल रहेंगे इसलिए सी-विजिल ऐप उनके क्षेत्राधिकार में इन सभी मामलों को देखने में मदद करेगा। उड़न दस्‍तों द्वारा मामले की जांच कर लेने के पश्‍चात, प्रेक्षक लिखित टिप्‍पणी कर सकते हैं। निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान प्रेक्षक ईसीआई के साथ प्रतिनियुक्ति पर होते हैं।
  20. 292 downloads

    No. ECI/PN / 26 /2019 Dated: 13th March, 2019 PRESS NOTE Subject : Schedule for bye-elections to fill casual vacancies from 64 – Dhrangadhra AC and 85 – Manavadar AC in the State Legislative Assembly of Gujarat – Regarding. There are two clear vacancies in State Legislative Assembly of Gujarat, which need to be filled up: Sl. No. Number and Name of Assembly Constituency 1. 64 – Dhrangadhra 2. 85 – Manavadar After taking into consideration various factors like, festivals, electoral rolls, etc., the Commission has decided to hold the bye-elections to these 2 Assembly Constituencies following the same schedule as for the relevant Parliamentary Constituency as per the programme mentioned as under: - Sl No. Event Date 1 Issue of Notification 28.03.2019 2 Last date of making Nominations 04.04.2019 3 Scrutiny of Nominations 05.04.2019 4 Last date for withdrawal of Candidatures 08.04.2019 5 Date of Poll 23.04.2019 6 Counting of Votes 23.05.2019 7 Date before which election shall be completed 27.05.2019 ELECTORAL ROLL The electoral rolls of the Assembly Constituencies where bye-elections are being held have been revised with reference to 01.01.2019 as the qualifying date. ELECTRONIC VOTING MACHINES (EVMs) & VVPATs The Commission has decided to use EVMs & VVPATs in the bye-elections in all the polling stations. Adequate numbers of EVMs have been made available and all steps have been taken to ensure that the polls are conducted smoothly with the help of these machines. IDENTIFICATION OF VOTERS In consonance with the past practice, the Commission has decided that the voter’s identification shall be mandatory in the aforementioned bye- elections at the time of poll. Electoral Photo Identity Cards (EPIC) shall be the main document of identification of a voter. However, in order to ensure that no voter is deprived of his/her franchise, if his/her name figures in the Electoral Rolls, separate instructions will be issued to allow additional documents for identification of voters at the time of poll in the said bye-elections. MODEL CODE OF CONDUCT The Model Code of Conduct shall come into force with immediate effect in the district(s) in which the whole or any part of the Assembly Constituencies going for bye-elections is included, subject to partial modification as issued vide Commission’s instruction No. 437/6/INST/2016/CCS, dated 29th June, 2017 (available on the Commission’s website). The Model Code of Conduct shall be applicable to all candidates, political parties and the State Government concerned. The Model Code of Conduct shall also be applicable to the Union Government for the State concerned.
  21. 46,999 downloads

    आंध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्‍किम में लोक सभा ओर विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन 2019 के लिए कार्यक्रम की घोषणा प्रेस नोट डाउनलोड करने का वैकल्‍पिक लिंक : आंध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्‍किम में लोक सभा ओर विधान सभाओं के लिए साधारण निर्वाचन 2019 के लिए कार्यक्रम की घोषणा
  22. 463 downloads

    Commission’s State Review of J&K for Poll Preparedness Dated 4th and 5th March 2019 Press note Jammu 5th March 2019 Chief Election Commissioner Shri Sunil Arora accompanied by Election Commissioners Shri Ashok Lavasa and Sh Sushil Chandra alongwith the team of officers from Election Commission of India, conducted a two day review of Poll Preparedness of the State of Jammu and Kashmir on 4th and 5th March 2019. During the visit, the Commission met with representatives of various political parties and noted their issues and concerns. The Commission took note of their concerns for holding free, fair and ethical elections. The Commission reviewed the work of District Election Officers, SPs/Commissioner of Police, Divisional Commissioners and IGs and discussed election preparedness with Chief Secretary, DGP and other Nodal Officials of the State. The Commission also met with Nodal officers of Income Tax, Excise, Narcotics Control, Customs, Banks, Postal Department, Railways, Airports and with State Level Bankers Committee convener to review in detail the strategy to curb misuse of money/liquor & freebies distribution during the election. Highlights of the issues discussed during the meeting and instructions of the Commission include issues regarding Electoral Roll; Polling Arrangements; Security arrangements required for conducting Elections in the State as also Expenditure monitoring concerns among other issues detailed below. Specifically, the Political Party Representatives mentioned on Electoral Roll issues, that copies of the Roll have not been received by their Central offices. They also requested for copies in English apart from Hindi and Urdu. Some instances of duplicate voters were pointed out. Some parties voiced concern for Migrant Voters finding the M Form procedure not very convenient. They desired that special Polling Stations be set up for such migrant voters rather than them needing to make separate trips for filling the form. Delays in printed Electors Photo Identity Cards were mentioned. Regarding Polling arrangements, Some Representatives pointed out that Polling Stations are shifted at very late stages citing security concerns and causing confusion about the location. At times with such relocation, Polling Booths get set up far from their residences and travel to the distant PS makes them vulnerable on commute enroute. The representatives desired that Polling stations be set up closer to areas where large number of voters reside. On the issue of Need for Elections, almost all Political Parties voiced the need to have both – Parliamentary and Assembly Elections conducted at the earliest in the State saying that recent turnout in the Panchayat and ULB elections, suggests that general population in the State wishes to have their democratically elected government in place. They said the party representatives and public at large have full faith in ECI that they would fulfill their constitutional mandate to conduct free and fair elections in the State. With respect to Security Arrangements, Representatives from all Political Parties emphasized that due security arrangements be made to provide adequate security to voters and candidates so as to instill confidence in them for conducive environment for forthcoming elections. Some political party members desired that adequate security should be continued for ex-Ministers and candidates even after actual election process is over. Among other Miscellaneous issues, the Parties cited instances of transfer of some officers in violation of ECI norm was brought to the notice of the Commission. They requested that officials who can adversely influence conduct of free and fair elections, should not be allowed to continue in their posts. They also said given the snowbound conditions in the State, polling dates be considered after month of May. Commission's assurance and instructions The Commission is committed to deliver free, fair, peaceful, transparent, ethical and inclusive elections. The Commission attaches prime importance to ensuring conducive environment for conducting elections in the State keeping in view the specific concerns of the State. Effective mechanism is being fine tuned for smooth conduct of the electoral process. The Commission has directed the State level and District Level Election Machinery to meticulously coordinate all logistics arrangements for smooth conduct of elections and make comprehensive action plans so as to instill absolute confidence in all stakeholders. Officers have been asked to ensure Effective monitoring and vigilance. The Commission solicits proactive support of all political parties, media organisations, civil society, youth and community organisations and all voters of the State to join hands with the Commission and wholeheartedly participate in poll process. Election Commission attaches utmost priority to ensure purity of Electoral Rolls. All DEOs have tried their best to enroll all eligible voters. While Final publication of Electoral Rolls has been done on 7th February, 2019 and copies of the same have been distributed at district level, copies as desired will also be made available to all Political Parties in Hard as well soft form. The Electoral Rolls without photographs have also been hosted on the CEO’s official website. Efforts are still on to include those who have been left out. Special camps are being organised by DEOs. Special camps have already been organized by CEO on 23rd & 24th February 2019 and more camps are being organized in the month of March. The Commission’s motto is ‘No Voter To Be Left Behind’ and our officers will make all efforts to register all eligible voters. As mere possession of Electoral Photo Identity Card is not sufficient – a #GOVERIFY campaign has been started so that voters can proactively confirm their own name in the Electoral Roll. Recently it also has been clarified that Electors Photo Identity Card or one of the eleven specified photo identity documents will be essential for casting vote and the Photo Voter Slips issued will not be valid as stand-alone identification document for voting. As regards the specific concern pointed out for M Forms for Migrant Voters, it was explained to the Party representatives also that to facilitate registration,voting and other issues/grievances, at present there are three AERO-Migrants (Assistant Electoral Registration Officers) who also perform duties of AROs as well as BLOs (Booth Level Officers) appointed specially to register the Kashmiri migrants. Special camps were conducted at the migrant camps during SSR 2019 which resulted in addition of 4988 Kashmiri migrant voters during last one year. Two more Special Camps are being organised on 6th and 7th March, 2019 for migrant voters in all 26 special polling stations. Similarly to facilitate Voting, Three Assistant Returning Officers (Migrants) are appointed ,one each for Jammu, Udhampur and Delhi. 26 Special Polling Stations are setup for voting by migrants at Jammu, Udhampur and Delhi. Dedicated EPIC printing facility has been provided in the office of Relief Commissioner J&K. Due publicity for these special arrangements shall be scaled up for benefit of all concerned. Regarding Security Concerns, the Commission is indeed mindful of the specific challenging law and order situation in the State of J&K and especially in certain Assembly segments given their location and concerns. Commission will look into due security arrangements while deciding on the timing and phasing of the elections. Commission does as a matter of practice keep in mind local festivals, geographical conditions and related needs while deciding the schedule of election dates. The Commission would also keep in view the sentiments voiced by the representatives with respect to need for restoring democratically elected government in the State. The Commission is aware that Elections have been conducted in the past under trying circumstances in the State. J&K elections do attract global and national attention more than any other State. For the first time in the forthcoming general elections, VVPATs will also be used at all Polling Booths along with the EVM machines. Thus the officers need to ensure due awareness to all stakeholders about proper usage of the machines. The officers were also asked to strictly adhere to the laid down procedures and Standard Operating Procedures about use, storage and Transportation of the machines in all the constituencies. The Chief Electoral Officer has been directed that VVPAT awareness campaign be continued upto the booth and hamlet level. Commission has directed effective use of single window system, facilitation through IT applications. Commission has also facilitated empowerment of Voters to report violations of Model Code of Conduct and abuse of money power by activating the cVigil App. The cVigil app will be activated in the State once the election dates are notified. Through this App, any citizen will be able to file complaints regarding MCC violations. The complaints thus received will be settled within the stipulated time frame. This app has been successfully operated in the recent legislative assembly elections held last year in other States. Samadhan, Suvidha, cVigil Apps have time-stamping facility to ensure transparency. SAMADHAN App helps to resolve complaints filed online and Parties or citizens need not depend on officials accepting/not accepting written complaints. The new SUVIDHA App is an integrated application – single window service on first come first serve basis to streamline candidate nomination, permissions, counting and results display. In addition Voter Helpline Mobile App, PwD App, Observers App will be used in forthcoming elections. For Voter Facilitation, Commission has instructed the State Election Officers to popularize the 1950 Help Line/NVSP portal for facilitating the Voters. The facilities of name search, name transfer, deletion, or modification can be done through "nvsp.in". Information can also be obtained by dialing the number 1950. The Voter Helpline Mobile app provides convenience to all Citizens of finding names in the electoral roll, submitting online forms, checking the status of the application, filing complaints and receiving the reply on their mobile app. All forms, results, candidate affidavit, press notes, Voter awareness and important instructions are available through the mobile app. By using the PwD App, Persons with Disabilities (PwDs) can request for new registration, change in address, change in particulars and mark themselves as PwD through the use of the mobile application. By simply entering their contact details, the Booth Level Officer is assigned to provide doorstep facility. PwDs can also request for a wheelchair during polling. For Expenditure Monitoring, the officers have been asked to identify expenditure sensitive constituencies. General, Expenditure and police observers will be deployed after the announcement of Election by the Commission in the state to monitor all the activities and advise the local administration in order to ensure that there is no illegal inducement of voters by distribution of liquor and freebies. The contact numbers of all of these observers will be made available to public. All DEOs will constitute the Election Expenditure Monitoring Teams as per ECI Instructions. Flying Squads and Static Surveillance Teams will be constituted to check distribution of cash, liquor, drugs and freebies in sensitive pockets and border areas. Transaction of money through banking channels will be monitored and fool-proof arrangements would be made to monitor suspicious banking transactions. The Media Certification and Monitoring Committees set up will look out for instances of Paid News also. Commission has directed that at least one all women managed polling station be set up wherever possible. The Commission has revamped the Electronically Transferred Postal Ballot System to facilitate Service Voters whereby their ballot is electronically transmitted one way saving time and on return the Service voters can send their vote by speed post After Special summary revision 2019 following status of electoral roll has emerged: Total No. of Electors: 78,50,671 Male Electors: 40,37,993 Female Electors: 37,39,951 Service Voters: 72,727 18-19 Age group: 1,82,182 EP Ratio: 0.58% Gender Ratio: 926 PER %: 98.61 EPIC%: 92.93 Total PwD Electors flaged on ERO Net: 29,305 Total marked Electors: 916 Net increase of electors: 3.16% over Draft Roll After SSR 2019 the total number of Polling Stations in the state is 11,316. The commission emphasized to ensure 100% AMF in all of them.The State Government has been directed to provide the AMF facilities for all the voters, specially to facilitate the PwD voters on all the polling station at the earliest. Commission has directed to organize a participative, inclusive and people-friendly Systematic Voters Education and Electoral Participation (SVEEP) campaign through all modes of communication for ensuring ethical and informed voting. Commission is aware of the increasing concern about emerging role of social media in spread of information. The Commission has issued orders for partial modification in earlier guidelines that the Media Certification & Monitoring Committees at District and State level will need to be reconstituted with the inclusion of an Intermediary expert (intermediary as defined in section 2(w) of IT Act, 2000)/social media expert. For the purpose of the certification of advertisements as per the Supreme Court order dated 13.04.2004, Returning Officer of the parliamentary constituency/District Election Officer, an ARO (not below SDM) and an Intermediary Expert/Social Media Expert shall be the members of the MCMC. The Commission considers media as its invaluable ally for election management and for implementation of election related laws, instructions and for monitoring the orders. The Commission has directed that regular press briefings must be held by the CEO and the DEOs and all crucial information be passed on to all the stakeholders through the media.
  23. 2,926 downloads

    No. ECI/PN/22/2019 Dated: 28th February, 2019 PRESS NOTE Subject: Photo voter slips not to be valid as stand-alone identification document for voting. Electors Photo Identity Card (EPIC) or one of the eleven specified photo identity documents, essential for casting vote. The Election Commission of India has directed that all electors in all constituencies who have been issued Electors Photo Identity Card (EPIC) have to produce the Electors Photo Identity Card for their identification at the polling station before casting their votes. Those electors who are not able to produce the EPIC shall produce one of the following alternative photo identity documents for establishing their identity. The list of eleven documents is: Passport, Driving License, Service Identity Cards with photograph issued to employees by Central/State Govt./PSUs/Public Limited Companies, Passbooks with photograph issued by Bank/Post Office, PAN Card, Smart Card issued by RGI under NPR, MNREGA Job Card, Health Insurance Smart Card issued under the scheme of Ministry of Labour, Pension document with photograph, Official identity cards issued to MPs/MLAs/MLCs, and Aadhaar Card. Overseas electors shall have to produce their original passport only for identification. To assist the Voters, the Commission has further directed its officers that in the case of EPIC, minor discrepancies in the entries should be ignored, provided the identity of the elector can be established by the EPIC. If an elector produces an EPIC which has been issued by the Electoral Registration Officer (ERO) of another Assembly Constituency, such card shall also be accepted for identification, provided the name of that elector finds place in the electoral roll pertaining to the polling station where the elector has turned up for voting. If it is not possible to establish the identity of the elector on account of mismatch of photograph, etc. the elector shall have to produce one of the above mentioned alternative photo documents. Previously, the Commission had allowed Photo Voter Slip (PVS) as a document for identification. However, there have been representations against its use as a stand-alone identification document on the grounds of misuse since PVSs are printed after the finalization of the roll and distributed just close to the poll day through Booth Level Officers (BLO). The design of PVS does not incorporate any security feature. In fact, Photo Voter Slip was started as an alternative document, since the coverage of EPIC was not complete in earlier years. Currently, more than 99% electors possess EPIC, and more than 99% adults have been issued Aadhar Cards. Considering all the above listed facts, the Commission has now decided that PVS shall henceforth not be accepted as a stand-alone identification document for voting. However, PVS will continue to be prepared and issued to electors as part of the awareness building exercise. In order to make it clear to the electors that PVS shall not be accepted as a stand-alone identification document for voting, the words `THIS SLIP WILL NOT BE ACCEPTED FOR THE PURPOSE OF IDENTIFICATION IN POLLING STATION. YOU ARE REQUIRED TO CARRY EPIC OR ONE OF THE 11 ALTERNATIVE DOCUMENTS SPECIFIED BY THE COMMISSION FOR VOTING” shall be printed on the Photo Voter Slip in bold letters. All Returning Officers and Presiding Officers are being informed of these instructions. A copy of the instructions translated in the vernacular language will be supplied to each Presiding Officer. The Commission has directed to publicize the order immediately through Gazette notifications and through print/electronic media at regular intervals till poll day for public awareness.
  24. 1,048 downloads

    ECI/PN/21/2019 Dated: 24nd February, 2019 PRESS NOTE Subject: Biennial/Bye Elections to the Andhra Pradesh and Telangana Legislative Council –reg. The term of office of following sitting members of the Andhra Pradesh & Telangana Legislative Council are due to expire as per the details given below: ANDHRA PRADESH Sl. No. Name of Constituency Name of the Member Date of retirement 1. East –West Godavari Graduates’ Kalidindi Ravi Kiran Varma 29.03.2019 2. Krishna-Guntur Graduates’ Boddu Nageswara Rao 3. Srikakulam-Vizianagaram-Visakhapatnam Teachers’ Gade Srinivasulu Naidu TELANGANA 1. Medak-Nizamabad-Adilabad-Karimnagar Graduates’ K. Swamy Goud 29.03.2019 2. Medak-Nizamabad-Adilabad-Karimnagar Teachers’ Paturi Sudhakar Reddy 3. Warangal-Khammam-Nalgonda Teachers’ Poola Ravinder 4. Hyderabad Local Authorities’ M.S. Prabhakar Rao 01.05.2019 2. Also, one vacancy in Andhra Pradesh Legislative Council has occurred on 3rd October, 2018 due to death of sitting member, Dr. M.V.V.S. Murthi from Visakhapatnam Local Authorities’ Constituency. The term of Dr. M.V.V.S. Murthi is up to and including 11.08.2021. 3. Amendment of Delimitation Order of Council Constituencies in Telangana is under process; however, the Commission has decided to conduct the aforesaid elections as per the existing delimitation. 4. Now, the Commission has decided to hold above mentioned Biennial Election to Andhra Pradesh and Telangana Legislative Councils and bye election to the Andhra Pradesh Legislative Council from Visakhapatnam Local Authorities’ Constituency, in accordance with the following schedule: EVENTS DATES & DAYS 1 Issue of Notifications 25th February, 2019 (Monday) 2 Last date of making nominations 5th March, 2019 (Tuesday) 3 Scrutiny of nominations 6th March, 2019 (Wednesday) 5 Last date for withdrawal of candidatures 8th March, 2019 (Friday) 6 Date of poll 22nd March, 2019 (Friday) 7 Hours of poll 8.00 a.m. to 4.00 p.m. 8 Counting of Votes 26th March, 2019 (Tuesday) 9 Date before which election shall be completed 28th March, 2019 (Thursday)
  25. 635 downloads

    संख्या : ईसीआई/प्रे.नो./20/2019 दिनांक : 22 फरवरी, 2019 प्रेस नोट सेवा मतदाताओं की संख्या में पर्याप्त वृद्धि अपंजीकृत पात्र सेवा मतदाता, निर्वाचक नामावली के अंतिम भाग में पंजीकरण हेतु अभी भी आवेदन कर सकते हैं अर्हक तारीख के रूप में 01.01.2019 के संदर्भ में निर्वाचक नामावलियों के अंतिम भाग के सार पुनरीक्षण की प्रक्रिया आज, अर्थात 22.02.2019 को, अंतिम भाग के अंतिम रूप से प्रकाशन के साथ ही समाप्त हो गई है । निर्वाचक नामावली, 2019 के अंतिम रूप से आखिरी भाग में देश में कुल 16,62,993 सेवा मतदाताओं को सेवा निर्वाचकों के रूप में पंजीकृत किया गया है । वर्ष 2014 में यह तद्नुरूपी आंकड़ा 13,27,627 था । इस प्रकार से निर्वाचक नामावली 2019 में वर्ष 2014 के सेवा मतदाताओं की कुल संख्या की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि रिकॉर्ड की गई है । सेवा मतदाताओं की संख्या में यह वृद्धि सार पुनरीक्षण, 2019 के दौरान सेवा मतदाताओं के पंजीकरण को उच्चतम सीमा तक ले जाने के आयोग के भरसक प्रयासों तथा संबंधित सेवाओं/विभागों के संक्रिय योगदान और सेवा कार्मिकों की व्यापक सहभागिता के कारण हुई है । विधि के उपबंधों और आयोग के अनुदेशों के अनुसार, निर्वाचक नामावली में असमाविष्ट और अपंजीकृत पात्र सेवा मतदाता सतत अद्यतन के दौरान निर्वाचक नामावली के अंतिम भाग में पंजीकरण हेतु निर्वाचनों के लिए नाम-निर्देशन दाखिल करने की अंतिम तारीख तक अपना आवेदन दे सकते हैं और वे सेवा मतदाता पोर्टल अर्थात servicevoter.nic.in पर अपने संबंधित रिकॉर्ड अधिकारी/कमांडिंग अधिकारी/प्राधिकारी के माध्यम से फॉर्म 2, 2क और 3, जैसा भी मामला हो, प्रस्तुत कर सकते हैं । यह स्पष्ट किया जाता है कि नाम-निर्देशन दाखिल करने की अंतिम तारीख के 10 दिन पहले तक प्राप्त किए गए सभी फार्मों का निपटान किया जाएगा और यदि संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा इन फार्मों को सभी प्रकार से पूर्ण पाया जाता है, तो आवेदकों के नामों को निर्वाचक नामावली के अंतिम भाग में शामिल किया जाएगा । यह सुनिश्चित करने के लिए कि सेवा कार्मिकों की अधिकतम संख्या को अंतिम भाग में पंजीकृत किया जाए, ताकि वे निर्वाचनों में अपने निर्वाचकीय मताधिकार का प्रयोग कर सकें, सभी संबंधित सेवाओं/विभागों से अनुरोध किया गया है कि वे पंजीकरण संबंधी कमियों, यदि कोई हैं, को दूर करने के लिए सभी अपंजीकृत पात्र सेवा मतदाताओं को प्रोत्साहित करके सतत अद्यतन के दौरान सेवा निर्वाचक के रूप में निर्वाचक नामावली में पंजीकृत कराएं ताकि वे आगामी निर्वाचन में निर्वाचक नामावली में पंजीकृत न होने कारण मत डालने से वंचित न हो जाएं ।

ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

मतदाता हेल्पलाइन ऍप

हमारा मोबाइल ऐप ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ प्‍ले स्‍टोर एवं ऐप स्टोर से डाउनलोड करें। ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ ऐप आपको निर्वाचक नामावली में अपना नाम खोजने, ऑनलाइन प्ररूप भरने, निर्वाचनों के बारे में जानने, और सबसे महत्‍वपूर्ण शिकायत दर्ज करने की आसान सुविधा उपलब्‍ध कराता है। आपकी भारत निर्वाचन आयोग के बारे में हरेक बात तक पहुंच होगी। आप नवीनतम  प्रेस विज्ञप्ति, वर्तमान समाचार, आयोजनों,  गैलरी तथा और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। 
आप अपने आवेदन प्ररूप और अपनी शिकायत की वस्‍तु स्थिति के बारे में पता कर सकते हैं। डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। आवेदन के अंदर दिए गए लिंक से अपना फीडबैक देना न भूलें। 

×
×
  • Create New...