मतदाता हेल्पलाइन ऐप (एंड्राइड के लिए)
अंग्रेज़ी में देखें   |   मुख्य विषयवस्तु में जाएं   |   स्क्रीन रीडर एक्सेस   |   A-   |   A+   |   थीम
Jump to content

Use the Advance Search of Election Commission of India website

Showing results for tags 'bihar election 2020'.

  • टैग द्वारा खोजें

    Type tags separated by commas.
  • Search By Author

Content Type


Product Groups

There are no results to display.

श्रेणियाँ

  • वर्तमान मुद्दे
  • महत्वपूर्ण निर्देश
  • निविदा
  • प्रेस विज्ञप्तियाँ
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2020
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2019
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2018
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2017
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2016
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2015
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2014
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2013
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2012
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2011
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2010
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2009
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2008
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2007
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2006
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2005
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2004
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2003
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2002
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2001
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 2000
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 1999
    • प्रेस विज्ञप्तियाँ 1998
  • हैंडबुक, मैनुअल, मॉडल चेक लिस्ट
    • हैंडबुक
    • मैनुअल
    • मॉडल चेक लिस्ट
    • ऐतिहासिक निर्णय
    • अभिलेखागार
  • अनुदेशों के सार-संग्रह
    • अनुदेशों के सार-संग्रह (अभिलेखागार)
  • न्यायिक संदर्भ
    • के आधार पर निरर्हता -
    • अयोग्य व्यक्तियों की सूची
    • आदेश और नोटिस - आदर्श आचार संहिता
    • आदेश और नोटिस - विविध
  • ई वी एम
    • ई वी एम - ऑडियो फाइल
  • उम्मीदवार/ प्रत्याशी
    • उम्मीदवार/ प्रत्याशी के शपथ पत्र
    • उम्मीदवार/प्रत्याशी का निर्वाचन व्यय
    • उम्मीदवार/प्रत्याशी नामांकन और अन्य प्रपत्र
  • राजनीतिक दल
    • राजनीतिक दलों का पंजीकरण
    • राजनीतिक दलों की सूची
    • निर्वाचन चिह्न
    • राजनीतिक दलों का संविधान
    • संगठनात्मक चुनाव
    • पार्टियों की मान्यता / मान्यता रद्द करना
    • विवाद, विलय आदि
    • विविध, आदेश, नोटिस, आदि
    • पारदर्शिता दिशानिर्देश
    • वर्तमान निर्देश
    • योगदान रिपोर्ट
    • इलेक्टोरल ट्रस्ट
    • व्यय रिपोर्ट
    • वार्षिक लेखा परीक्षा रिपोर्ट
  • साधारण निर्वाचन
  • विधानसभा निर्वाचन
  • उप-निर्वाचन
  • उप-निर्वाचन के परिणाम
  • राष्ट्रपति निर्वाचन
  • सांख्यिकीय रिपोर्ट
  • पुस्तकालय और प्रकाशन
  • न्यूज़लैटर
  • साइबर सुरक्षा न्यूज़लैटर
  • प्रशिक्षण सामग्री
  • निर्वाचक नामावली
  • परिसीमन
  • परिसीमन वेबसाइट
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग
  • बेस्ट शेयरिंग पोर्टल
  • निर्वाचन घोषणापत्र
  • राजभाषा
  • संचार
  • प्रस्तावित निर्वाचन सुधार
  • प्रेक्षक निर्देश
  • प्रवासी मतदाता
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग
  • अन्य संसाधन
  • अभिलेखागार

Categories

  • निर्वाचन
    • राज्यों की परिषद के लिए निर्वाचन
    • राष्ट्रपतिय निर्वाचन
    • आरओ/डीईओ के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
    • निर्वाचन तन्त्र
    • संसद
    • निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन
    • निर्वाचनों में खड़ा होना
    • परिणाम की गणना एवं घोषणा
  • मतदाता
    • सामान्य मतदाता
    • प्रवासी मतदाता
    • सेवा मतदाता
  • ई वी ऍम
    • सामान्य प्रश्न / उत्तर
    • सुरक्षा विशेषताएं
  • राजनीतिक दलों का पंजीकरण
  • आदर्श आचार संहिता

Categories

  • ईवीएम जागरूकता फिल्में
  • ईवीएम प्रशिक्षण फिल्में

Categories

  • मतदाता हेल्पलाइन ऍप
  • सी विजिल
  • उम्मीदवार सुविधा ऍप
  • पी डव्लू डी ऍप
  • वोटर टर्न आउट ऐप

Categories

  • Web Applications
  • Mobile Applications

Find results in...

ऐसे परिणाम ढूंढें जिनमें सम्‍मिलित हों....


Date Created

  • Start

    End


Last Updated

  • Start

    End


Filter by number of...

  1. 32 downloads

    सं. 52/2020/एसडीआर-खंड I दिनांक: 03 अक्तूबर, 2020 सेवा में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार, पटना विषयः बिहार विधानसभा के लिए साधारण निर्वाचन-सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करने के संबंध में निर्वाचन आयोग का निदेश-तत्संबंधी। महोदय, मुझे इसके साथ निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 23 के उप-नियम (1) के दूसरे परंतुक के अनुसार निर्वाचन आयोग द्वारा दिनांक 03 अक्तूबर, 2020 को जारी निदेश की प्रति इसके साथ अग्रेषित करने का निदेश हुआ है, जिसमें बिहार विधान सभा के वर्तमान साधारण निर्वाचन के दौरान सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करने की रीति निर्धारित की गई है। 2. सेवा मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाक मतपत्रों को प्रेषित करने हेतु रिटर्निंग अधिकारी को इस निदेश की एक प्रति भेज दी जाए। इसकी संसूचना जिला निर्वाचन अधिकारियों और अन्य निर्वाचन प्राधिकारियों को भी दी जाए। रिटर्निंग अधिकारियों/जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को भी इस बारे में अवगत कराया जाए। 3. कृपया इस पत्र की पावती भेजें। भवदीय हस्ता/- (अश्वनी कुमार मोहाल) अवर सचिव ************************ भारत निर्वाचन आयोग निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110001 सं. 52/2020/एसडीआर/खंड-। दिनांक: 03 अक्तूबर, 2020 निदेश निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 23 के उप-नियम (1) के दूसरे परंतुक के उपबंधों के अनुसरण में निर्वाचन आयोग एतदद्वारा, सेवा मतदाताओं को इलेक्ट्रानिक साधनों द्वारा डाक मतपत्रों के प्रेषण के लिए और सेवा मतदाताओं से वापस प्राप्त हुए इन डाक मतपत्रों की गणना के लिए निम्नलिखित रीतियों का निर्धारण करता है:- 1. प्रेषित किए जाने वाले दस्तावेज – रिटर्निंग अधिकारी निम्नलिखित दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करेगा: (क) डाक मतपत्र, (ख) प्ररूप 13–क–निर्वाचक द्वारा घोषणा, (ग) प्ररूप 13-ख-आवरण ए के लिए लेबल (भीतरी लिफाफा), (घ) प्ररूप 13-ग-आवरण बी के लिए लेबल (बाहरी लिफाफा) (ङ) प्ररूप 13-घ-निर्वाचक के मार्गनिर्देशन हेतु अनुदेश 2. प्रेषण की रीति - केंद्रीय प्रशासन अधिकारी (सी-एडमिन) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाक मतपत्र जारी करने के संबंध में 'आरओ प्रचालन' सक्रिय कर देने के उपरांत, रिटर्निंग अधिकारी सिस्टम में लॉग-इन करने में समर्थ हो जाएगा और निम्नलिखित कार्यकलाप करेगा: क. निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए डाटा प्रविष्ट 'करेगा/देखेगा' (अर्थात निर्वाचन का विवरण, निर्वाचन क्षेत्र का राज्य कोड, निर्वाचन क्षेत्र का प्रकार (विधान सभा या संसदीय निर्वाचन क्षेत्र), निर्वाचन क्षेत्र की संख्या, निर्वाचन क्षेत्र का नाम, निर्वाचन की तिथि और चिह्नित डाक मतपत्र को डाक द्वारा प्रेषित करने/वापस प्रेषित करने के लिए आरओ का पता)। ख. डाक मतपत्र के लिए डाउनलोड विंडो (अर्थात आरंभ होने की तिथि और समय तथा समाप्त होने की तिथि और समय) को प्रविष्ट 'करेगा/देखेगा'। ग. अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए विशिष्ट डाक मतपत्र का नमूना लोड करेगा घ. सिस्टम द्वारा जेनरेट किए गए नमूना डाक मतपत्र को देखेगा और अनुमोदित करेगा ङ. अपने निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों का पासवर्ड (पिन) तथा थोक संख्या में पासवर्ड संरक्षित डाक मतपत्र सृजित करेगा। 3. ईटीपीबी (इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्र) को डाउनलोड करना और प्रिंट करना- (क) इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्र (ईटीपीबी) को डाउनलोड करने के लिए सक्षम अभिलेखों का प्रभारी अधिकारी/संबंधित यूनिट अधिकारी/नोडल अधिकारी सुरक्षित ओटीपी साधनों का उपयोग करके डाक मतपत्रों को डाउनलोड करेगा। (ख) तदुपरांत, यदि संबंधित सेवा मतदाता ईटीपीबी का प्रिंट आउट लेने की स्थिति में है तो वह उसको प्रेषित किए गए पिन का उपयोग करके उसका प्रिंट आउट लेगा। अन्य मामलों में यूनिट अधिकारी/नोडल अधिकारी ईटीपीबी का प्रिंट लेगा और संबंधित सेवा मतदाता को प्ररूप 13क के प्रिंट, प्ररूप 13ख और 13ग के लिए लेबल और प्ररूप 13घ में अनुदेश के साथ ईटीपीबी सौंप देगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी विशेष सेवा मतदाता के निमित्त ईटीपीबी और सहवर्ती दस्तावेज केवल उसी विशेष सेवा मतदाता को सौंपे जाए और न कि किसी और को। (ग) प्रत्येक सेवा मतदाता को दो लिफाफे-प्ररूप 13ख के लिए एक छोटा लिफाफा और प्ररूप 13ग के लिए एक बड़ा लिफाफा, भी दिए जाएंगे। संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनिर्देश के अनुसार अग्रिम रूप से पर्याप्त मात्रा में लिफाफों (भीतरी और बाहरी) की सप्लाई करेगा और अभिलेख अधिकारी/यूनिट अधिकारी/कमांडेंट अपने साथ तैनात सेवा मतदाताओं को भीतरी और बाहरी लिफाफों का जोड़ा प्रदान करेंगे। (घ) यूनिट अधिकारी/नोडल अधिकारी प्रत्येक सेवा मतदाता को सौंपे गए सभी ईटीपीबी का रिकार्ड रखेंगे। यह रिकार्ड संबंधित यूनिट में पांच वर्षों के लिए बनाए रखा जाएगा ताकि उसकी जांच करने की अपेक्षा उत्पन्न होने पर उसे किसी प्राधिकरण या न्यायालय के समक्ष जांच के लिए पेश किया जा सके। 4. मतदान और ईटीपीबी को वापस किया जाना- ईटीपीबी और सहवर्ती कागजात प्राप्त होने पर सेवा मतदाता- (क) प्ररूप 13घ में दिए गए अनुदेशों के अनुसार अपनी पसंद के अभ्यर्थी के नाम के सामने क्रास (X) या टिक (file:///C:/Temp/msohtmlclip1/01/clip_image002.png) का निशान लगाकर मतपत्र पर अपना मत चिह्नित करेगा। तब वह छोटे लिफाफे के अंदर चिह्नित मतपत्र रखेगा और लिफाफे को गोंद से बंद करके उस लिफाफे पर प्ररूप 13ख का लेबल चिपकाएगा। यदि उस लिफाफे पर पहले से मतपत्र की क्रम संख्या प्रिंट नहीं की गई है तो इस प्रयोजनार्थ प्ररूप 13ख पर दिए गए स्थान पर मतपत्र की क्रम संख्या भी लिखेगा। (ख) प्ररूप 13क में दी गई घोषणा को भरेगा और उस पर हस्ताक्षर करेगा तथा इसके अनुप्रमाणन के लिए नामोद्दिष्ट अधिकारी से उसका अनुप्रमाणन करवाएगा। (ग) बड़े लिफाफे के भीतर (i) बंद किया हुआ (गोंद से चिपकाया हुआ) छोटा लिफाफा (प्ररूप 13ख) और (ii) प्ररूप 13क में घोषणा को रखेगा और गोंद का उपयोग करके उसे बंद कर देगा। (घ) बड़े लिफाफे पर प्ररूप 13ग का लेबल चिपकाएगा और प्रेषक के हस्ताक्षर के लिए दिए गए स्थान पर अपना हस्ताक्षर करेगा। (ङ) उपलब्ध डाक साधनों के माध्यम से लिफाफे (प्ररूप 13ग) को रिटर्निंग अधिकारी को वापस भेजेगा। (च) यदि यह लिफाफा (प्ररूप 13ग) भारत के भीतर डाक प्रेषित किया गया है तो उस पर कोई डाक टिकट लगाने की आवश्यकता नहीं है। (छ) मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा महाप्रबंधक, डाकघर को सूचित करना चाहिए कि वे प्रेषिति को स्पीड पोस्ट की डिलिवरी के लिए भेजे गए लिफाफे को स्वीकृत करें और यह भी कि उसके प्रभार मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा अदा किए जाएंगे। 5. ईटीपीबी पर डाले गए मतों की गणना (क) अन्य डाक मतपत्रों की तरह ईटीपीबी की गणना रिटर्निंग अधिकारी की मेज पर की जाएगी। (ख) केवल उन्हीं डाक मतपत्रों की गणना की जाएगी जो मतगणना शुरू होने के लिए निर्धारित समय से पहले प्राप्त हो गए हों। (ग) लिफाफों को खोलना तथा सत्यापन- (i) प्ररूप 13-ग या लिफाफा 'ख' खोलना (बाहरी लिफाफा)- समय पर प्राप्त प्ररूप 13ग में आवरणों को सत्यापित करके एक के बाद एक खोलना चाहिए। बाहरी लिफाफे पर लगे क्यूआर कोड को कंप्यूटर साफ्टवेयर और क्यूआर कोड रीडर का उपयोग करके स्कैन किया जाएगा और आवश्यक विधिमान्यता जांच की जाएगी। बाहरी लिफाफे का सत्यापन किए जाने के बाद कंप्यूटर द्वारा एक विशिष्ट क्रम संख्या प्रदान की जाएगी। रिटर्निंग अधिकारी द्वारा इस क्रम संख्या को सत्यापित किए जा रहे लिफाफे पर भी हाथ से चिह्नित किया जाएगा। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर प्राप्त डाक मतपत्रों की सूची में किन्हीं संभव अनुलिपियों के लिए क्यूआर कोड में प्रविष्टि की जांच करेगा और ऐसे मामलों के लिए चेतावनी का संकेत देगा। कंप्यूटर साफ्टवेयर ऐसी क्रम संख्याओं की सूची भी प्रदान करेगा जो सभी हैंडल किए जा रहे डाक मतपत्रों के डुप्लीकेट हैं। रिटर्निंग अधिकारी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर द्वारा यथा निर्दिष्ट ऐसे सभी डुप्लीकेट लिफाफों का स्थान निर्धारण करेगा और उन्हें प्रत्यक्षत: एक साथ रखेगा तथा ऐेसे सभी डुप्लीकेट/बहुल मतों को अवैध कर देगा। अविधिमान्य घोषित किए गए ऐेसे सभी लिफाफे आगे की कार्रवाई हेतु नहीं खोले जाएंगे और एक किनारे रख दिए जाएंगे तथा भावी संदर्भ हेतु संरक्षित कर लिए जाएंगे। ऐसे डुप्लीकेट डाक मतपत्रों की संख्या रजिस्टर में दर्ज कर ली जाएगी। (ii) आवरण 'ख' (प्ररूप 13ग) खोलने पर उसके अंदर दो दस्तावेज पाए जाने अपेक्षित हैं। पहला प्ररूप 13क में मतदाता द्वारा की गई घोषणा है और दूसरा भीतरी आवरण अर्थात प्ररूप 13ख वाला डाक मतपत्र होता है। (iii) जैसे ही प्रत्येक आवरण खोला जाता है, रिटर्निंग अधिकारी को प्ररूप 13क में घोषणा और प्ररूप 13ख में आवरण को बाहर निकालना चाहिए, उसे स्कैन करना चाहिए, उसका सत्यापन करना चाहिए और तब घोषणा की संवीक्षा करनी चाहिए। (iv) प्ररूप 13ख जिसमें डाक मतपत्र रखा होता है, के आवरण को खोलने के पहले रिटर्निंग अधिकारी को प्ररूप 13क में घोषणा की जांच अवश्य करनी चाहिए और ऐसे सभी प्ररूप 13ख को खोलने और उसकी गणना करने से पहले प्ररूप 13क को अलग रखना चाहिए तथा उसे सीलबंद कर देना चाहिए। (v) रिटर्निंग अधिकारी किसी डाक मतपत्र को प्ररूप 13ख में उसके भीतरी आवरण को खोले बिना अस्वीकार कर देगा यदि: (क) प्ररूप 13-क में घोषणा आवरण में नहीं पाई जाती है, या (ख) प्ररूप 13-क में घोषणा में इलेक्ट्रॉनिक डाक मतपत्र पहचान संख्या (ई- पीबीआईडी) जारी ई-पीबीआईडी से मेल नहीं खाती है, या (ग) घोषणा पर सम्यक् रूप से हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं और, या अनुप्रमाणित करने के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा उसका अनुप्रमाणन नहीं किया गया है, या घोषणा में उल्लिखित डाक मतपत्र का ई-पीबीआईडी प्ररूप 13-ख में आवरण पर ई-पीबीआईडी से भिन्न हो। (vi) इस प्रकार अस्वीकृत किए गए सभी आवरण उपयुक्त ढंग से पृष्ठांकित किए जाने चाहिए और घोषणा और आवरण को प्ररूप 13-ग (बाहरी लिफाफा) में वापस रख दिया जाना चाहिए। प्ररूप 13-ग में ऐसे सभी आवरण को विधिवत रूप से सीलबंद किए गए एक अलग पैकेट में एक साथ रखा जाना चाहिए और निर्वाचन क्षेत्र का नाम, मतगणना की तिथि और अंतर्वस्तु का संक्षिप्त विवरण जैसे पूरे विवरण उस पर नोट किए जाने चाहिए ताकि उनकी आसानी से पहचान की जा सके। (vii) प्ररूप 13-क में सभी घोषणाएं सुव्यवस्थित पाई जाने पर मतगणना के लिए अलग रखी जानी चाहिए। (viii) आगे की गणना के लिए डाक मतपत्रों की गणना के सभी अनुदेश लागू होंगे। (ix) क्यूआर कोड की स्कैनिंग क्रमानुसार अवश्य की जानी चाहिए। प्ररूप 13-ग को सबसे पहले स्कैन किया जाना चाहिए, उसके बाद प्ररूप 13क और प्ररूप 13ख पर अंकित दोनों क्यूआर कोड को स्कैन किया जाना चाहिए। क्यूआर कोड स्कैनिंग का क्रम किसी भी स्थिति में परिवर्तित नहीं किया जाना चाहिए। भवदीय हस्ता/- (नरेन्द्र एन. बूटोलिया) वरिष्ठ प्रधान सचिव
  2. 25 downloads

    सं.52/2020/एसडीआर-खंड-I दिनांक 03 अक्‍तूबर, 2020 सेवा में, सचिव, डाक विभाग, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, डाक भवन, नई दिल्‍ली -110001 विषय: बिहार विधान सभा के साधारण निर्वाचन - स्‍पीड पोस्‍ट के माध्‍यम से इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक-मतपत्र वितरण संबंधी अनुदेश – तत्‍संबंधी। महोदय, मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निर्वाचन आयोग बिहार विधान सभा के वर्तमान साधारण निर्वाचनों के दौरान सेवा मतदाताओं द्वारा मतदान करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाक मतपत्र के एक-तरफा प्रेषण की सुविधा प्रदान कर रहा है। जैसाकि आप जानते हैं कि इस प्रणाली में संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा इस कार्य के लिए नामित नोडल अधिकारियों/यूनिट अधिकारियों के माध्‍यम से सेवा मतदाताओं को इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से डाक मतपत्र प्रेषित करने होते हैं। यहां उल्‍लेखनीय है कि सेवा मतदाता, वे निर्वाचक हैं जो सशस्‍त्र बलों, अर्ध सैन्य बलों इत्‍यादि से संबंधित हैं तथा वे व्यक्ति हैं जो भारत से बाहर किसी पद पर भारत सरकार के अधीन नियोजित हैं। डाक मतपत्र पर अपना मत रिकॉर्ड करने के बाद, सेवा मतदाताओं द्वारा इन्‍हें डाक से संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को भेजना होगा। रिटर्निंग अधिकारी को इनकी समयबद्ध डिलेवरी सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने निर्णय लिया है कि मतपत्र युक्‍त लिफाफों की वापसी स्‍पीड पोस्‍ट से होगी। 2. इस प्रयोजन हेतु सेवा मतदाताओं को डाक सेवा की लागत नहीं चुकानी है। डाक व्‍यय राज्‍य/जिला स्‍तर की निर्वाचन मशीनरी द्वारा डाक संबंधी खर्च वहन किया जाएगा। 3. तंत्र की सुचारू व्‍यवस्‍था के लिए आपसे अनुरोध है कि डाक मतपत्र युक्‍त लिफाफों की प्राप्ति और वितरण(सुपुर्दगी) के संबंध में सभी डाकघरों को निम्‍नलिखित अनुदेश जारी करें:- (i) डाकघर बुकिंग के समय बिना कोई प्रभार लिए स्‍पीड पोस्‍ट बुक करेंगे और लागू डाक प्रभार राज्‍य के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी द्वारा वहन किए जाएंगे। (ii) डाक विभाग सर्वोच्‍च प्राथमिकता के आधार पर यह सुनिश्चित करेगा कि सभी मतपत्र ट्रेकेबल हों और बिहार राज्‍य के संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी को प्रदान कर दिए गए हों। यह सूचित किया जाता है कि डाक मतपत्रों की गणना के निर्धारित समय और तिथि अर्थात 10.11.2020 को प्रात: 08.00 बजे के बाद प्रदान किए गए डाक मतपत्रों की गणना नहीं की जाएगी, इसीलिए यह अति आवश्‍यक है। (iii) रिटर्निंग अधिकारियों को देने के लिए 09.11.2020 तक बुक किए गए इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्रों को स्‍वीकार किया जाए, क्‍योंकि मतगणना 10.11.2020 को होगी। कृपया इस पत्र की पावती दें।
  3. 120 downloads

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./88/2020 दिनांक: 09 नवम्बर, 2020 प्रेस नोट विषय: बिहार विधान सभा के साधारण निर्वाचन और विभिन्न राज्यों के उप-निर्वाचन, 2020 के परिणाम के रुझानों के प्रसार की व्यवस्थाएं - 10 नवंबर 2020 बिहार विधानसभा और उप-निर्वाचनों के परिणाम रुझान सभी मतगणना केंद्रों के अलावा निम्नलिखित स्थानों पर दिनांक 10.11.2020 से सुबह 8 बजे उपलब्ध होंगे। 1. https://results.eci.gov.in/ परिणाम भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित किए जाते हैं और प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के वर्तमान दौर के परिणामों को प्रदर्शित करने के लिए इन्हें प्रत्येक कुछ मिनटों में अद्यतन किया जाता है। 2. परिणाम गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर पर उपलब्ध “मतदाता हेल्पलाइन” मोबाइल एप पर भी उपलब्ध हैं। वेबसाइट/मोबाइल एप रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा अपने-अपने मतगणना केंद्रों से सिस्टम में भरी गई जानकारी प्रदर्शित करेगा। भारत निर्वाचन आयोग रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा अपने-अपने संबंधित मतगणना केंद्रों से सिस्टम में भरी जा रही सूचनाओं को प्रदर्शित करेगा। (पवन दीवान) अवर सचिव
  4. 6 downloads

    सं. 116/बिहार-वि.स./व्‍यय प्रेक्षक/2020/सीईएमएस-III दिनांक: 16 अक्‍तूबर, 2020 सेवा में, मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, बिहार, पटना। विषय: बिहार विधान सभा का साधारण निर्वाचन, 2020 - प्रथम चरण - वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के लिए व्‍यय प्रेक्षकों का ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ – तत्‍संबंधी। महोदय, मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग फील्‍ड मशीनरी की मतदान तैयारियों का व्‍यापक रूप से आकलन करने के लिए तथा निर्वाचन संबंधी सभी नियमों, दिशा-निर्देशों एवं अनुदेशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए बिहार राज्‍य में प्रथम चरण में तैनात सभी व्‍यय प्रेक्षकों के साथ 17 अक्‍तूबर, 2020 को पूर्वाह्न 11.00 बजे वीडियो कॉन्‍फ्रेंस (वीसी) के माध्‍यम से समीक्षा बैठक का आयोजन करेगा। इस संबंध में, आपसे अनुरोध है कि अनुबंध ‘क’ पर संलग्‍न ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ प्रथम चरण के निर्वाचन के सभी व्‍यय प्रेक्षकों को परिचालित करें। व्‍यय प्रेक्षकों द्वारा ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’16 अक्‍तूबर, 2020 के अपराह्न 5.00 बजे तक अनिवार्यत: निम्‍नलिखित ई-मेल पर भेजी जाए। traogharu@eci.gov.in k.rajeev71@eci.gov.in इसे शीर्ष ‘कोई अन्‍य रिपोर्ट’ के अंतर्गत व्‍यय प्रेक्षक पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए। व्‍यय प्रेक्षकों के ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ अवश्‍यतया संक्षिप्‍त, स्‍वच्‍छ, सुस्‍पष्‍ट तथा सटीक होने चाहिए तथा टाइप किए हुए 2 A-4 पृष्‍ठों से अधिक नहीं होने चाहिए। ‘‘स्‍टेटस नोट/फीडबैक’’ में कवर किए जाने वाले मुद्दों/बिंदुओं की निदर्शी सूची अनुबंध ‘क’ पर संलग्‍न है। सभी व्‍यय प्रेक्षकों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय/जिला मुख्‍यालय में उपस्थित रहना चाहिए जिससे कि वे महत्‍वपूर्ण खामियों, तत्‍काल कार्रवाई करने योग्‍य बिंदुओं, महत्‍वपूर्ण मुद्दों या अन्‍य उल्‍लेखनीय इनपुट, यदि कोई हों, पर आयोग के ध्‍यानार्थ व्‍यक्तिगत प्रतिपुष्टि (फीडबैक) दे सकें। स्‍टटेस नोट/फीडबैक का उपरोक्‍त प्रोफार्मा आयोग की वेबसाइट www.eci.gov.in पर भी उपलब्‍ध है और उसे शीर्ष ‘प्रेक्षक पोर्टल (केवल प्रेक्षकों के लिए)’ – ‘‘व्‍यय प्रेक्षकों के लिए महत्‍वपूर्ण अनुदेश’’ के अंतर्गत देखा जा सकता है। यह अनुदेश सभी व्‍यय प्रेक्षकों के अनुपालन हेतु उनके संज्ञान में तत्‍काल लाया जाए। भवदीय, ह./- (टीटव राव) अवर सचिव
  5. 25 downloads

    सं. 4/2020/एसडीआर/खंड-I दिनांक: 21 अक्‍तूबर, 2020 सेवा में, मान्‍यताप्राप्त राष्‍ट्रीय/राज्‍यीय राजनीतिक दलों के अध्‍यक्ष/महासचिव विषय: वैश्विक महामारी कोविड-19 की अवधि के दौरान प्रचार-अभियान – तत्‍संबंधी। महोदय/महोदया, भारत निर्वाचन आयोग ने दिनांक 9 अक्तूबर, 2020 को अपने परामर्शी पत्र(प्रति संलग्‍न) के तहत सभी चरणों में, विशेषकर जहां व्यक्तिगत रूप में लोक संपर्क निहित हो, वैश्विक महामारी कोविड-19 से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग देने को कहा था। लोक स्‍वास्‍थ्‍य के व्‍यापक हित में सभी स्‍टेकहोल्‍डरों का यह कर्तव्‍य बनता है कि वे मास्‍क पहनने, सैनिटाइजरों को इस्‍तेमाल करने तथा सामाजिक दूरी का पालन करने सहित निवारक उपायों का पालन करें। उपर्युक्‍त उल्लिखित परामर्शीपत्र के पैरा 4 में विशेष रूप से उल्लिखित किया गया था कि: ‘‘लोगों का प्रतिनिधि होने के नाते यह सुनिश्चित करने की व्यापक जिम्मेदारी राजनैतिक दलों की है कि वे न केवल यथा-विहित लोक स्वास्थ्य सुरक्षा के नियत मानदंडों का पालन करने में जिला प्रशासन तंत्र के साथ सहयोग करें, बल्कि प्रचार के दौरान जमीनी व्यवस्था करते समय अपने कैडर में सभ्य व्यवहार के लिए अनुशासन की भावना भी पैदा करें। यह अनुरोध किया जाता है कि आप अपने सभी फील्ड प्रतिनिधियों को परामर्श दें कि वे लोक स्वास्थ्य के व्यापक हित में सभी मौजूदा अनुदेशों का पालन करने में अधिकतम सतर्कता और सावधानी बरतें तथा उपबंधों के उल्लंघन से संबंधित किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचें।’’ इससे पूर्व, अपने दिनांक 21 अगस्‍त, 2020 के विस्तृत दिशा-निर्देशों में, आयोग ने यह भी कहा था कि लोक संपर्क की अवधि के दौरान इन आदेशों का पालन नहीं करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के उपबंधों के अनुसार, और भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अनुसार तथा गृह मंत्रालय के दिनांक 29 जुलाई, 2020 के आदेश सं. 40-3/2020-डीएम-I(ए) में यथाविनिर्दिष्‍ट प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। आयोग के नोटिस में ऐसी जनसभाओं के दृष्टातं सामने आए हैं जिनमें सामाजिक दूरी का घोर उल्‍लंघन करते हुए अपार जन समूह एकत्रित हुआ और राजनीतिक दल/प्रचारक, निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/अनुदेशों की पूरी तरह से अनदेखी करते हुए मास्क लगाए बिना जनसमूह को संबोधित कर रहें हैं। ऐसा करके, राजनीतिक दल और अभ्‍यर्थी, न केवल आयोग के दंडमुक्‍त दिशा-निर्देशों की अवज्ञा कर रहें है बल्कि स्‍वयं को और रैलियों/बैठकों में शामिल होने वाले लोगों को भी वैश्विक महामारी के दौरान संक्रमण के जोखिम में डाल रहे हैं। यह दोहराने की आवश्‍यकता नहीं है कि निर्वाचनों के दौरान, राजनीतिक दल/संस्‍थाएं निर्वाचक प्रक्रिया में अत्‍यधिक महत्‍वपूर्ण स्‍टेकहोल्‍डर हैं और वे निर्वाचन अभियान के लिए आयोग द्वारा निर्धारित मानदंडों का पालन करने के प्रति कर्तव्‍यबद्ध हैं। आयोग ने रैलियों/बैठकों में जन समूह को अनुशासित न रखें जाने के लिए राजनीतिक दलों और अभ्‍यर्थियों की अनदेखी को गंभीरता से लिया है और एतद्द्वारा दोहराता है और उन्हें परामर्श भी देता है कि निर्वाचन अभियान के दौरान अधिकतम सतर्कता एवं सावधानी बरतें। आयोग को मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों और जिला मशीनरी से यह अपेक्षा है कि वे इस प्रकार का उल्‍लंघन करने वाले संबंधित अभ्‍यर्थियों और आयोजकों के विरूद्ध यथोचित और संगत उपबंधों के अनुसार दंडात्‍मक कार्रवाई करें। निर्वाचनरत राज्‍यों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों और राज्‍य सरकारों को कड़े अनुपालन हेतु अलग से अनुदेश जारी किए जा रहें हैं। आयोग आपसे संपूर्ण सहयोग की अपेक्षा करता है ताकि हमारी जिला निर्वाचन मशीनरी यह सुनिश्चित कर सके कि आयोजकों सहित सभी सहभागी समस्‍त निवारक उपायों का पालन करें। भवदीय, (नरेंन्‍द्र एन. बुटोलिया) वरि. प्रधान सचिव
  6. 29 downloads

    सं. 491/एमसीएमसी/2020/संचार दिनांकः 19 अक्तूबर, 2020 सेवा में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार, पटना। विषयः बिहार राज्य के विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन एवं राज्य के 1-वाल्मीकिनगर संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र के लिए उप-निर्वाचन, 2020 मतदान दिवस को और मतदान दिवस से एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में राजनैतिक विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन-तत्संबंधी। महोदय, मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि प्रिंट मीडिया में प्रकाशित अपमानजनक और भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों संबंधी घटनाएं विगत में आयोग के ध्यान में लाई गई हैं। निर्वाचनों के अंतिम चरण में ऐसे विज्ञापन, सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया को दूषित करते हैं। ऐसे मामलों में प्रभावित अभ्यर्थियों और दलों के पास स्पष्टीकरण देने/खंडन करने संबंधी कोई भी अवसर नहीं होता है। 2. ऐसे उत्तेजक, भ्रामक और घृणापूर्ण विज्ञापनों के कारण कोई अप्रिय घटना न घटित हो और ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं, इसके लिए आयोग, संविधान के अनुच्छेद 324 के अधीन इसकी शक्तियों और इस हेतु इसे सक्षम बनाने वाली अन्य सभी शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्द्वारा निदेश देता है कि प्रिंट मीडिया में राजनैतिक दलों या अभ्यर्थियों या किसी अन्य संगठन या व्यक्ति द्वारा मतदान दिवस पर और सभी चरणों में मतदान दिवस से एक दिन पूर्व, तब तक कोई भी विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया जाएगा जब तक कि प्रकाशन के लिए प्रस्तावित विज्ञापन की सामग्री को राज्य/जिला स्तर पर, जैसा भी मामला हो, एमसीएमसी समिति से राजनैतिक दलों, अभ्यर्थियों आदि द्वारा पूर्व प्रमाणित न कराया गया हो। यह नीचे दिए गए चरणों में राज्य में प्रचलन में प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले राजनैतिक विज्ञापनों के मामले में लागू होगाः चरण तथा मतदान की तारीख प्रतिबंधित दिवस (मतदान दिवस एवं मतदान दिवस से एक दिन पूर्व) प्रथम चरण - 28 अक्तूबर, 2020 27 एवं 28 अक्तूबर, 2020 द्वितीय चरण – 3 नवम्बर, 2020 2 एवं 3 नवम्बर, 2020 साधारण निर्वाचन का तीसरा चरण एवं 1-वाल्मीकिनगर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए उप-निर्वाचन–7 नवम्बर, 2020 6 एवं 7 नवम्बर, 2020 3. इसके अतिरिक्त यह भी निदेश दिया जाता है कि उपर्युक्त निदेशानुसार और समाचार पत्र विज्ञापनों के पूर्व प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, राज्य/जिला स्तर पर एमसीएमसी को तत्काल एलर्ट और क्रियाशील कर दिया जाए ताकि राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों तथा अन्य से प्राप्त ऐसे सभी विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन और जांच की जा सके। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि एमसीएमसी द्वारा अविलम्ब निर्णय दिया जाए। 4. आयोग के उपर्युक्त निदेशों को राज्य के सभी राजनैतिक दलों के अध्यक्षों, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों तथा समाचार पत्रों के ध्यान में लाया जाए तथा सामान्य सूचनार्थ और कड़े अनुपालन हेतु जन-संचार की सभी प्रकार की मीडिया में इसका व्यापक प्रचार भी किया जाए। 5. ये निदेश तत्काल प्रभावी होंगे। 6. इस संबंध में जारी किए गए अनुदेशों की एक प्रति तत्काल आयोग को भी पृष्ठांकित की जाए। भवदीय (प्रमोद कुमार शर्मा) सचिव
  7. 16 downloads

    In exercise of the powers under sub-Section (1) of Section 126A of the R.P. Act, 1951, the Election Commission, having regard to the provisions of sub-Section (2) of the said Section, hereby notifies the period between 7:00 A.M on 28th October, 2020 (Wednesday) and 6.30 PM on 7th November, 2020 (Saturday),as the period during which conducting any exit poll and publishing or publicizing by means of the print or electronic media or dissemination in any other manner whatsoever, the result of any exit poll in connection with the above mentioned General Election to the State Legislative Assembly of Bihar, shall be prohibited. It is further clarified that under Section 126(l)(b) of the R.P. Act, 1951, displaying any election matter including results of any opinion poll or any other poll survey, in any electronic media, would be prohibited during the period of 48 hours ending with the hours fixed for conclusion of poll in the respective polling areas in each phase of the aforesaid General election.
  8. 2 downloads

    The Election Commission hereby directs that for the General Election to the State Legislative Assembly of Bihar notified/to be notified on 01-10-2020, 09-10-2020 and 13-10- 2020 all electors who have been issued EPIC shall produce the EPIC for their identification at the polling station before casting their votes. Those electors who are not able to produce the EPIC shall produce one of the following alternative photo identity documents for establishing their identity: - Aadhaar Card, MNREGA Job Card, Passbooks with photograph issued by Bank/Post Office, Health Insurance Smart Card issued under the scheme of Ministry of Labour, Driving License, Pan Card, Smart Card issued by RGI under NPR, Indian Passport, Pension document with photograph, Service Identity Cards with photograph issued to employees by Central/State Govt./PSUs/Public Limited Companies, and Official identity cards issued to MPs/MLAs/MLCs. overseas electors who are registered in the electoral roll under Section 20A of the Representation of the People Act, 1950, based on the particulars in their Indian Passport, shall be identified on the basis of their original passport only (and no other identity document) in the polling station.
  9. 13 downloads

    Optional facility of online data entry of personal details by candidates in Nomination Form and Affidavit (in Form 26 appended to the CE Rules, 1961) -Guidelines-reg. Guidelines for optional facility for candidates for online data entry of personal details in Nomination Form A facility has been provided for the Candidates to make online data entry of their personal details in the nomination form and the affidavit (Form-26) through ECI suvidha portal i.e. suvidha.eci.gov.in. Validation checks at each step of the process will help the candidates to fill the form in proper format and without errors. The facility for online payment of security deposit by the candidates is also available through the same suvidha portal. 1. Online data entry in Nomination Form 1.1. The facility of Online data entry in nominations form will be available for the Candidates through ECI Suvidha Portal https://suvidha.eci.gov.in Step 1- Registration- The Candidate will have to do the registration and login with the mobile number and OTP. After a successful login, the candidate needs to enter the EPIC number and the relevant details will be auto-fetched from the electoral roll Step 2- Data entry of personal details in the form and affidavit- Candidate then needs to make data entry of his personal details in the nomination form and affidavit online. In case of error or mistake entries, filled in the form, can be edited/corrected, till the finalization of the form by the candidate. Step 3- Selection of preferable dates- After complete details verification, Candidate has to finalize the form and proceed further for selection of 3 preferable dates, by ticking at the same, for physical submission of the form before the Returning Officer. Step 4- Security deposit-Further, the candidate can submit the security deposit online by choosing the available options from net banking. Optionally, the candidate can choose to enter the details of challan or indicate the option to deposit it by cash Step 5- Physical submission of print out of the form filled online-It is to be noted that the form in which the online data entry was made by candidate, will only be treated duly submitted if a printout with QR Code is taken from the system, signed in ink, notarized and delivered by hand, either by the candidate himself or by his proposer between the hours of 11'0 clock in the forenoon and 3'0 clock in the afternoon to the Returning Officer, on the appointed date and place, specified by him. The online Nomination Facility will be closed one day prior to the last date of nomination.
  10. 24 downloads

    सं. 116/बिहार-वि. स./ईओ/2020/सीईएमएस-III दिनांक: 29 अक्तूबर, 2020 सेवा में मुख्य निर्वाचन अधिकारी बिहार पटना। विषय:-बिहार विधानसभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2020 - तीसरा चरण - वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए व्यय प्रेक्षकों द्वारा "स्टेटस नोट/फीडबैक" - तत्संबंधी। महोदय मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग दिनांक 4 नवम्बर, 2020 को अपराह्न 4.00 बजे बिहार राज्य में तीसरे चरण में तैनात सभी व्यय प्रेक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से फील्ड मशीनरी की मतदान तैयारियों का व्यापक अवलोकन करने और निर्वाचन संबंधी सभी नियमों, दिशा-निर्देशों और अनुदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक समीक्षा बैठक का आयोजन करेगा। इस संबंध में, आपसे अनुरोध है कि तृतीय चरण के निर्वाचन के सभी व्यय प्रेक्षकों के लिए अनुलग्नक "क" पर "स्टेटस नोट/फीडबैक" परिचालित करें। "स्टेटस नोट/फीडबैक" व्यय प्रेक्षकों द्वारा निम्नलिखित ईमेल पर दिनांक 2 नवंबर, 2020 को अपराह्न 2.00 बजे तक अवश्य भेज दी जाए। nk.gautam@eci.gov.in, traogharu@eci.gov.in उक्त को व्यय प्रेक्षक पोर्टल पर भी (कोई अन्य रिपोर्ट) शीर्षक के अंतर्गत अपलोड किया जाए। व्यय पर्यवेक्षकों के इस "स्टेटस नोट/फीडबैक" को संक्षिप्त, आकर्षक और क्रिस्प और केंद्रित होना चाहिए और यह टाइप किए हुए ए-4 के 2 पृष्ठों से अधिक नहीं होना चाहिए। "स्टेटस नोट/फीडबैक" में शामिल किए जाने वाले मुद्दों/बिंदुओं की एक सांकेतिक सूची अनुलग्नक 'क' में संलग्न है। सभी व्यय प्रेक्षकों को अनुसूची के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय/जिला मुख्यालय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान, आयोग के ध्यान में लाने के लिए महत्वपूर्ण अंतराल, तत्काल कार्य करने योग्य बिंदुओं, महत्वपूर्ण मुद्दों या अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं पर व्यक्तिगत प्रतिक्रिया, यदि कोई हो, देने के लिए उपस्थित रहना चाहिए। स्टेटस नोट/फीडबैक का उपर्युक्त प्रोफार्मा आयोग की वेबसाइट www.eci.gov.in पर भी उपलब्ध है और "प्रेक्षक पोर्टल (केवल प्रेक्षक के लिए)"-"व्यय प्रेक्षक हेतु महत्वपूर्ण अनुदेश" शीर्षक के अंतर्गत देखा जा सकता है। इस अनुदेश को अनुपालन हेतु सभी व्यय प्रेक्षकों के ध्यान में तत्काल लाया जाए। अनु.: उपर्युक्त अनुसार भवदीय (टीटव राव) अवर सचिव ********************** अनुलग्नक-'क' व्यय प्रेक्षकों से फीडबैक/स्टेटस रिपोर्ट का प्रोफार्मा ईओ का नामः- एसी सं.:- जिला/राज्य का नाम- क्र. सं. मद टिप्पणी 1. (क) क्या वीएसटी, वीवीटी, एसएसटी और अकाउंट टीम ठीक जगह पर हैं और ठीक से काम कर रहे हैं? (ख) क्या एसओआर और एफओई को ठीक से बनाए रखा जा रहा है? 2. प्रति निर्वाचन क्षेत्र में तैनात एफएस, एसएसटी और वीएसटी की संख्या। इन दलों की दक्षता में सुधार के लिए सुझाव। 3. शिकायत अनुवीक्षण सेल - नकद/शराब/नशा/उपहार इत्यादि के वितरण से संबंधित प्राप्त शिकायतों की संख्या 4. आज की तारीख तक एफएस, एसएसटी और पुलिस द्वारा की गई जब्ती। (मात्रा एवं रुपए में मूल्य दोनों)। नकद शराब डी डब्ल्यू और उपहार अन्य 5. (क) अभ्यर्थी के खातों के निरीक्षण की यथानिर्धारित तिथि। (ख) क्या सभी अभ्यर्थी अपने खातों का निरीक्षण करवा रहे हैं? (ग) अभ्यर्थी (यों) (राजनीतिक दल के नाम के साथ) द्वारा किए गए अधिकतम व्यय का उल्लेख करें। 6. कितने अभ्यर्थियों ने पृथक बैंक खाते नहीं खोले? 7. (क) आपराधिक पूर्ववृत्त वाले अभ्यर्थियों की संख्या। (ख) क्या ऐसे अभ्यर्थियों ने प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अपने आपराधिक पूर्ववृत्त प्रकाशित किए हैं। (ग) आपराधिक पूर्ववृत्त के प्रकाशन पर संबंधित अभ्यर्थियों द्वारा किए गए व्यय। 8. एमसीएमसी को मिली संदिग्ध पेड न्यूज की शिकायतें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट। 9. शराब उत्पादन इकाइयों, गोदामों और बिक्री आउटलेट्स का अनुवीक्षण। 10. व्यय संवेदनशील पॉकेट्स की पहचान और अनुवीक्षण। क्या सीपीएफ कर्मियों को एफएस के साथ मिलाया गया है? 11. क्या उड़न दस्तों के वाहन जीपीएस सक्षम हैं? 12. सी-विजिल के माध्यम से प्राप्त नकदी, शराब, अभद्रता के उपयोग से संबंधित शिकायतों की संख्या और सही पाए गए मामलों की संख्या। 13. मतदान से पहले अंतिम 72 घंटों के लिए आपकी क्या रणनीति है? 14. कोई और मुद्दा तिथि सहित हस्ताक्षर व्यय प्रेक्षक का नाम पीसी/एसी की सं. एवं नाम जिला का नाम राज्य का नाम
  11. 101 downloads

    सं. ईसीआई/प्रे. नो./87/2020 दिनांकः 4 नवम्बर, 2020 प्रेस नोट भारत निर्वाचन आयोग बिहार विधान सभा निर्वाचनों के लिए अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम 2020 की मेजबानी करेगा [05-07 नवम्बर 2020] भारत निर्वाचन आयोग वर्तमान में चल रहे बिहार विधान सभा निर्वाचनों के संदर्भ में, 05-07 नवंबर, 2020 से विदेशी निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबी)/संगठनों के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम 2020 (आईईवीपी) का आयोजन कर रहा है। अतीत में, भारत निर्वाचन आयोग ने 2014 के लोकसभा निर्वाचनों में विदेशी ईएमबी/संगठनों के लिए अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (आईईवीपी) का आयोजन किया है; कुछ राज्य विधानसभाओं के लिए फरवरी/मार्च 2017 में निर्वाचन और मई 2019 में लोकसभा निर्वाचन। बिहार में 72 मिलियन से अधिक मतदाता हैं जो कोविड-19 महामारी के बीच अबतक मतदान करने वालो में दुनिया में सबसे अधिक में से एक है। यह हमें महामारी की अवधि के दौरान हमारी सर्वोत्तम पद्धतियों और हमारी मतदान प्रक्रिया के संचालन के अनुभव को साझा करने का अवसर प्रदान करता है। अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, कंबोडिया, इंडोनेशिया, मलावी, मालदीव, माल्डोवा, मंगोलिया, मॉरीशस, नेपाल, फिलीपींस, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो, यूक्रेन, उजबेकिस्तान और जाम्बिया आदि सहित दुनिया भर के 40 से अधिक देशों से प्रतिनिधियों और 3 अंतरराष्ट्रीय संगठनों (नामतः इंटरनेशनल आईडीईए, इंटरनेशनल फाउंडेशन ऑफ इलेक्टोरल सिस्टम (आईएफईएस) और एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड इलेक्शन बॉडीज (ए-वेब) को आईईवीपी 2020 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। आईईवीपी 2020 के कार्यक्रम में 05 नवंबर 2020 को एक ऑनलाइन ब्रीफिंग सत्र शामिल है, जो प्रतिभागियों को भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया के बड़े परिदृश्‍य मतदाता सुविधा पर ईसीआई द्वारा की गई नई पहल, पारदर्शिता और निर्वाचन प्रणाली की सुगमता; और प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की बदलती जरूरतों पर भारत निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया का अवलोकन प्रदान करेगा। उद्घाटन सत्र में प्रमुख संबोधन मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री सुनील अरोड़ा करेंगे। सत्र को निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार और श्री सुशील चंद्रा भी संबोधित करेंगे। दूसरे दिन, 06 नवंबर 2020 को, कार्यक्रम मतदाता जागरूकता के लिए आयोग के प्रमुख कार्यक्रम-स्वीप (सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा और निर्वाचक सहभागिता) का एक अनूठा अवलोकन प्रदान करेगा। बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज्य के अनुभवों को वैश्विक दर्शकों के साथ साझा करेंगे। 07 नवंबर 2020 को, प्रतिभागियों को बिहार में मतदान केंद्रों के वर्चुअल दौरे के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। यात्रा को विशेष फुटेज, निर्वाचन प्रक्रिया का एक पूर्वाभ्यास और स्वतंत्र, निष्पक्ष, सहभागितापूर्ण और सुरक्षित निर्वाचन के लिए मतदान केंद्र पर विभिन्न व्यवस्थाओं द्वारा प्रवर्तित किया जाएगा।
  12. 51 downloads

    सं. ईसीआई/प्रे.नो./73/2020 दिनांक: 05 अक्‍तूबर, 2020 प्रेस नोट बिहार में स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष, सहभागितापूर्ण और सुरक्षित निर्वाचन का संचालन भारत निर्वाचन आयोग की प्राथमिकता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार में विधान सभा के निर्वाचनों के लिए करोना महामारी के बीच निर्वाचन प्रेक्षकों की वर्चुअल एवं व्‍यक्तिगत ब्रीफ्रिंग बैठक का आयोजन करना भारत निर्वाचन आयोग ने आज आगामी बिहार विधान सभा के लिए और साथ ही राज्‍यों में उप-निर्वाचनों के लिए परिनियोजित किए जाने वाले प्रेक्षकों के लिए एक ब्रीफिंग बैठक का आयोजन किया। इन निर्वाचनों की अनुसूची 25 सितंबर, 2020 को और इसके पश्‍चात घोषित की गयी थी। इस बैठक का आयोजन एक अलग ही रूप से किया गया था, जिसमें देशभर के 119 स्‍थानों से 700 से अधिक सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों के समूह ने वर्चुअल और व्‍यक्तिगत रूप से एवं दिल्‍ली में तैनात लगभग 40 प्रेक्षकों ने व्‍यक्तिगत रूप से भाग लिया। प्रेक्षकों से वार्ता करते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुनील अरोड़ा ने पूरे विश्‍व में निर्वाचन अनुसूची पर कोविड-19 के प्रभाव और बिहार में निर्वाचनों का संचालन करने का निर्णय लेने से पहले भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए विस्‍तृत विचार-विमर्श और आकलन पर वैश्विक परिप्रेक्ष्‍य का उल्‍लेख किया। उन्‍होंने अतिरिक्‍त सावधानी बरतने पर बल दिया क्‍योंकि यह निर्वाचन, इस वैश्विक महामारी के समय विश्‍व में आयोजित किए जाने वाले सबसे बड़े निर्वाचन के रूप में, पूरी दुनिया द्वारा उत्‍सुकता से देखा जाएगा। उन्‍होंने स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष, पारदर्शी, नैतिक और कोविड से सुरक्षित निर्वाचनों के संचालन की भारत निर्वाचन आयोग की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्‍होंने कहा कि लोकतंत्र की शक्ति इसके प्रमुख हितधारकों - मतदाता में विहित है। मतदान के दिन अपना मत सुरक्षित और स्‍वतंत्र रूप से डालने के लिए मतदाताओं में मतदान केंद्र पर आने के प्रति विश्‍वास जगाने के सभी अनिवार्य प्रयास किए जाने चाहिएं। उन्‍होंने प्रेक्षकों का आह्वान किया कि वे स्‍थानीय निर्वाचन तंत्र के मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं, उनका मार्गदर्शन और सहयोग करें तथा उनके मुद्दों का समाधान करने के लिए उनकी सहायता करें। उन्‍होंने कुछ विशेष व्‍यय प्रेक्षकों द्वारा पूर्व में किए गए समर्पण और प्रतिबद्धताओं की सराहना की जिन्‍होंने निर्वाचनों के दौरान सभी के लिए समान अवसर उपलब्‍ध कराना सुनिश्चित किया। ऐसे प्रेक्षक, अपने व्‍यापक ज्ञान-क्षेत्र(अनुभव) और संपूर्ण निष्‍पक्षता से उस विश्‍वास को पुष्‍ट करते हैं जिसे हमारे संविधान निर्माताओं द्वारा भारत निर्वाचन आयोग में एक संस्‍थान के रूप में देखा गया था। निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चंद्र ने प्रेक्षकों की भूमिका के महत्‍व पर बल दिया। उन्‍होंने बताया कि आयोग द्वारा पहले ही दो विशेष व्‍यय प्रेक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है और यदि आवश्‍यक हुआ तो जैसे-जैसे निर्वाचन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, ऐसे अन्‍य विशेष प्रेक्षकों की भी नियुक्ति की जाएगी। श्री चन्‍द्रा ने कहा कि निर्धारित अनुदेशों, विशेषकर 21 अगस्‍त, 2020 को आयोग द्वारा जारी विस्‍तृत दिशा-निर्देशों और मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, बिहार द्वारा जारी अनुदेशों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। उन्‍होंने अधिकारियों को सलाह दी कि अपने कर्तव्‍यों का निर्वहन करते समय शिकायतों का तत्‍काल निवारण करें और निष्‍पक्षता सुनिश्चित करें। इस अवसर पर बोलते हुए, निर्वाचन आयुक्‍त श्री राजीव कुमार ने अधिकारियों का ध्‍यान आकर्षित करते हुए कहा कि प्रेक्षक के रूप में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से कर्तव्‍य का निर्वहन करना उनका सांविधिक कर्तव्‍य है। उन्‍होंने कहा कि अधिकारियों को हमेशा यह ध्‍यान रखना चाहिए कि जमीनी स्‍तर पर वे ही भारत निर्वाचन आयोग के वास्‍तविक चेहरे हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्‍मरण कराया कि बिहार निर्वाचन को समुचित रूप से संचालित करके विश्‍व के समक्ष मिसाल प्रदर्शित करने की आवश्‍यकता है, चूंकि इन निर्वाचनों पर सभी की नज़र है। उन्‍होंने कहा कि प्रेक्षक फील्‍ड टीमों का मार्गदर्शन करने में, परामर्श तथा सलाह देने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दिल्‍ली से संबंधित प्रेक्षकों के लिए तथा अन्‍य राज्‍यों और संघ राज्‍य क्षेत्रों के अधिकारियों के लिए सत्र में ऑनलाइन भाग लेने के लिए आधे दिन तक चलने वाले ब्रीफिंग सत्र का आज आयोजन किया गया, जिसे भारत निर्वाचन आयोग के महासचिव श्री उमेश सिन्‍हा और अन्‍य उप निर्वाचन आयुक्‍तों द्वारा संबोधित किया गया। निर्वाचन प्रक्रिया का मनोरम दृश्‍य प्रस्‍तुत करते हुए श्री सिन्‍हा ने निर्वाचन आयोजना, सुरक्षा प्रबंधन, स्‍वीप और मीडिया के पहलुओं के संबंध में अधिकारियों को जानकारी दी। वरिष्‍ठ उप-निर्वाचन आयुक्‍त, श्री धमेंद्र शर्मा ने प्रेक्षकों को मतदान अधिकारियों के लिए पहले आयोजित की जा चुकी प्रशिक्षण प्रक्रिया के बारे में सूचित किया। उप-निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुदीप जैन ने प्रेक्षकों को ईवीएम वीवीपैट प्रबंधन पद्धति के बारे में और साथ ही निर्वाचन नामावली के मुद्दों के बारे में बताया। उप-निर्वाचन आयुक्‍त, श्री चंद्र भूषण कुमार, जो भारत निर्वाचन आयोग में बिहार राज्‍य के प्रभारी हैं, ने बिहार निर्वाचनों के लिए, विशेषकर कोविड परिदृश्‍य में, विधिक प्रावधानों, आदर्श आचार संहिता संबंधी मुद्दों के बारे में विस्‍तार से बताया। उप निर्वाचन आयुक्‍त, श्री आशीष कुन्‍द्रा ने प्रेक्षकों को विशिष्‍ट आईटी एप्‍लीकेशन्‍स के बारे में जानकारी दी जबकि निदेशक, व्‍यय और निदेशक मीडिया ने भी प्रेक्षकों को व्‍यय अनुवीक्षण और मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति के कारगर प्रयोग में उनकी विशिष्‍ट भूमिका के बारे में जानकारी दी। प्रत्‍येक सत्र में कोविड सुरक्षित निर्वाचनों के अतिरिक्‍त आयामों पर और इस संबंध में आयोग द्वारा जारी विस्‍तृत दिशा-निदेशों तथा विभिन्‍न पहलुओं के संबंध में इन दिशा-निदेशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रेक्षकों द्वारा निभायी जाने वाली महत्‍वपूर्ण भूमिका पर बल दिया गया।
  13. 17 downloads

    सं. ईसीआई/प्रे.नो./74/2020 दिनांक: 08 अक्‍तूबर, 2020 प्रेस नोट विषय:- लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 29क के अधीन राजनैतिक दलों का पंजीकरण-सार्वजनिक सूचना अवधि-तत्‍संबंधी। राजनीतिक दलों का पंजीकरण लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 29क के उपबंधों द्वारा शासित होता है। आयोग में उक्‍त धारा के अधीन पंजीकरण करवाने के इच्‍छुक दल को भारत के संविधान के अनुच्‍छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 29क द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार दल के गठन की तारीख से 30 दिन की अवधि के भीतर आयोग को आवेदन करना होता है। विद्यमान दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवेदन करने वाले संघ को, अन्‍य बातों के साथ-साथ, दल के प्रस्‍तावित नाम को दो राष्‍ट्रीय समाचार-पत्रों और दो स्‍थानीय समाचार-पत्रों में दो दिन प्रकाशित कराने के लिए कहा जाता है, जिससे कि ऐसे प्रकाशन से 30 दिन के भीतर आयोग के समक्ष दल के प्रस्‍तावित पंजीकरण के बारे में आपत्तियां, यदि कोई हो, प्रस्‍तुत की जा सकें। इस प्रकार से प्रकाशित नोटिस को आयोग की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया जाता है। 2. आयोग ने बिहार विधान सभा, 2020 के साधारण निर्वाचनों की घोषणा दिनांक 25 सितंबर, 2020 को कर दी है। आयोग की जानकारी में यह लाया गया है कि कोविड-19 की वजह से लगाई गई विद्यमान पाबंदियों के कारण व्‍यवस्‍था अस्‍त-व्‍यस्‍त हो गई थी और पंजीकरण के लिए आवेदन करने में विलंब हुआ, इसके परिणामस्‍वरूप राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण करने में भी विलंब हुआ। अत: मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के पश्‍चात आयोग ने इस मामले में शिथिलता देने का निर्णय किया है और जिन दलों ने 07.10.2020 को अथवा उससे पहले अपनी सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कर दी है, उनके लिए नोटिस की अवधि 30 दिन से कम करके 7 दिन कर दी गई है। दिनांक 07.10.2020 से कम से कम 7 दिन पहले सार्वजनिक सूचना प्रकाशित करवाने वाले दलों सहित अन्‍य दलों के संबंध में आपत्तियां, यदि कोई हों, अधिक से अधिक 10 अक्‍तूबर, 2020 को अपराह्न 5.30 बजे तक अथवा मूल रूप से प्रदान की गई 30 दिन की अवधि की समाप्ति, जो भी पहले है, तक प्रस्‍तुत की जा सकती हैं। 3. यह शिथिलता 20 अक्‍तूबर, 2020 तक अर्थात बिहार राज्‍य की विधान सभा के साधारण निर्वाचन के चरण 3 के लिए नाम-निर्देशन करने की अंतिम तिथि तक जारी रहेगी।
  14. 31 downloads

    सं. ईसीआई/प्रे.नो./75/2020/संचार दिनांक: 09 अक्‍तूबर, 2020 प्रेस नोट विषय: बिहार विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2020-राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों को प्रसारण/टेलिकास्ट के समय का आबंटन-तत्संबंधी। भारत निर्वाचन आयोग ने चल रहे कोविड-19 महामारी और गैर-संपर्क आधारित अभियान की बढ़ती प्रासंगिकता को देखते हुए, प्रसार भारती निगम के परामर्श से प्रत्येक राष्ट्रीय दल और बिहार राज्य के मान्यताप्राप्त राज्यीय दल को आबंटित प्रसारण/टेलीकास्ट समय को दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर बिहार विधान सभा के लिए चल रहे साधारण निर्वाचन, 2020 के दौरान दोगुना करने का निर्णय लिया है। 2. बिहार विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन, 2020 में राष्‍ट्रीय/राज्‍यीय राजनैतिक दलों को प्रसारण/टेलिकास्ट के समय के आबंटन के संबंध में आयोग द्वारा जारी दिनांक 9 अक्‍तूबर, 2020 के आदेश सं. 437/टीए-वि.स/1/2020/संचार की एक प्रति जन साधारण के सूचनार्थ संलग्‍न है।
  15. 9 downloads

    सं. 464/एसओपी/2020/ईपीएस दिनांकः 07.10.2020 सेवा में सभी राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विषयः वैश्विक महामारी की अवधि के दौरान आयोजित निर्वाचनों के लिए स्टार प्रचारकों हेतु संशोधित दिशानिर्देश–तत्संबंधी। महोदय/महोदया, भारत निर्वाचन आयोग ने दिनांक 25.09.2020 को बिहार राज्य की विधान सभा के साधारण निर्वाचनों (प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रेस नोट/64/2020) और दिनांक 29.09.2020 और 05.10.2020 को विभिन्न राज्यों के उप-निर्वाचनों के संचालन हेतु कार्यक्रम की घोषणा की है। 2. पुन: सूचित किया जाता है कि निर्वाचन आयोग ने दिनांक 21.08.2020 को राजनैतिक दलों और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से जानकारी प्राप्‍त करने के उपरांत कोविड-19 की अवधि के दौरान निर्वाचनों के संचालन के लिए मानक नियत करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन दिशा-निर्देशों को व्यापक स्तर पर परिचलित किया गया था और ये https://eci.gov.in/files/file/12167-broad-guidelines-for-conduct-of-general-electionbye-election-during-covid-19/ पर उपलब्ध हैं। 3. बिहार राज्य के साधारण निर्वाचनों के लिए तैयारियों की समीक्षा करने हेतु, दिनांक 29.09.2020 से 01.10.2020 तक अपने बिहार दौरों के दौरान आयोग ने, राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के साथ आरंभ करते हुए (दिनांक 30.09.2020 पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 12:00 बजे तक); मुख्य सचिव, एसीएस (गृह), डीजीपी; मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों (एसपी) इत्यादि सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत परामर्श किया। आयोग को सूचित किया गया था कि जिला प्राधिकारियों ने निर्वाचन अभियान के लिए स्थान की पहचान करने के कार्य को पूरा कर लिया है एवं इसे जन-सभा के लिए इंगित करने की प्रक्रिया चल रही है, कोविड संबंधी सुरक्षात्मक मानदंडों को ध्यान में रखते हुए, प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में एवं आयोग द्वारा यथानिदेशित, अब इन सारी सूचनाओं को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार द्वारा इन निर्वाचनों के दौरान अभियान के प्रयोजन से मीडिया के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। जिन निर्वाचन क्षेत्रों में उप-निर्वाचन आयोजित होने हैं, वहां भी निर्वाचन प्राधिकारियों द्वारा निर्वाचन क्षेत्रों में, ऐसी ही कवायद की गई है। पूर्व में, आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बिहार का दौरा किया और पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर एवं गया में दिनांक 14.09.2020 और 15.09.2020 को निर्वाचन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। इसके अलावा, आयोग और इसके अधिकारियों ने राज्य का दौरा करने से पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों के साथ अनेक वर्चुअल बैठकें की। 4. बिहार का दौरा करने के दौरान आयोग को स्टार प्रचारकों के आने पर भारी जनसमूह उमड़ने के संबंध में भी सूचित किया गया था। दिनांक 01.10.2020 को अपराह्न 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, इस प्रकार के दौरों के दौरान, विशेषतः हेलीकॉप्टरों, इत्यादि की लैंडिंग के दौरान भारी भीड़ जुटने के कारण संभावित स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस मामले पर आयोग में आज और विचार-विमर्श किया गया। सभी तथ्यों और वैश्विक महामारी के कारण पैदा हो रहीं परिस्थितियों पर विचार करने के बाद और राजनैतिक दलों द्वारा प्रचार अभियान की आवश्यकता के बीच संतुलन बनाए रखते हुए आयोग ने स्टार प्रचारकों के मानदंडों को संशोधित करने का निर्णय लिया है। 5. उपर्युक्त को देखते हुए, कोविड-19 के दौरान स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण, पारदर्शी, नैतिक और सुरक्षित निर्वाचनों का संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोग ने एतद्द्वारा वैश्विक महामारी कोविड-19 की अवधि के दौरान सभी प्रगतिरत और भावी निर्वाचनों के लिए स्टार प्रचारकों से संबंधित मानदंडों में निम्नलिखित तरीके से संशोधन किए हैं: 1) वैश्विक महामारी की अवधि के दौरान मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों के लिए स्टार प्रचारकों की अधिकतम सीमा संख्या 40 के स्थान पर 30 होगी और गैर-मान्यताप्राप्त पंजीकृत राजनैतिक दलों के लिए यह संख्या 20 के स्थान पर 15 होगी। 2) तद्नुसार, स्टार प्रचारकों की सूची जमा कराने की अवधि अधिसूचना की तारीख से 7 दिन से बढ़ाकर 10 दिन कर दी गई है। जिन राजनैतिक दलों, ने स्टार प्रचारकों की सूची पहले ही जमा करा दी है, वे निर्धारित अवधि के भीतर फिर से संशोधित सूची जमा कराएंगे। 3) स्टार प्रचारकों द्वारा प्रचार करने की अनुमति लेने का अनुरोध, प्रचार शुरू करने से कम से कम 48 घंटे पहले जिला निर्वाचन प्राधिकारियों को भेजा जाएगा ताकि सभी संबंधित स्टेकहोल्डरों द्वारा समयपूर्वक सभी प्रकार के आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा सकें। 6. आपको निदेश दिया जाता है कि मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करें और सभी राष्‍ट्रीय/राज्‍यीय/अन्‍य पंजीकृत राजनैतिक दलों को सूचित करें। ये संशोधित मानदंड तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
  16. 30 downloads

    सं. 52/2020/एसडीआर/खंड-।/. दिनांक: 03 अक्तूबर, 2020 सेवा में सभी राज्‍यों/संघ शासित प्रदेशों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी विषय: वरिष्‍ठ नागरिक (80 वर्ष से अधिक) एवं दिव्यांग (पी.डब्‍ल्‍यूडी.) निर्वाचकों के लिए डाक मतपत्र की सुविधा-तत्‍संबंधी। संदर्भ: भारत निर्वाचन आयोग का दिनांक 17/09/2020 का पत्र सं. 52/2020/एसडीआर/खंड-।/278 महोदय/महोदया, दिनांक 29 सितंबर, 2020 से 01 अक्‍टूबर, 2020 तक निर्वाचन संबंधी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए बिहार का दौरा करने के दौरान, उपर्युक्‍त विषय पर सिविल सोसाइटियों और मीडिया से फीडबैक मिलने के उपरांत आयोग ने निम्नानुसार अनुदेशों को जारी करने का निदेश दिया है: (1.) मतदान केंद्र क्षेत्र में आरओ द्वारा यथा उपलब्‍ध कराए गए बीएलओ, संबंधित निर्वाचकों के घरों का दौरा करेंगे और संबंधित निर्वाचकों को प्रपत्र-12-घ देंगे। यदि कोई निर्वाचक उपलब्ध नहीं है, तो वह अपना संपर्क विवरण साझा करेगा और अधिसूचना के पांच दिनों के अंदर उसे लेने के लिए दोबारा जाएगा। (2.) निर्वाचक प्रपत्र 12-घ के साथ संलग्‍न पावती में डाक मतपत्र का विकल्‍प देगा या नहीं देगा। (3.) यदि निर्वाचक डाक मतपत्र का विकल्‍प देता है, तो बीएलओ अधिसूचना के पांच दिनों के अंदर पूर्णत: भरे हुए प्रपत्र 12-घ को निर्वाचक के घर से प्राप्‍त करेगा और उसे तत्काल आरओ के पास जमा करेगा। (4.) बीएलओ प्रपत्र 12-घ के साथ संलग्‍न सभी पावती प्रपत्रों को आरओ के पास जमा कराएगा। (5.) आरओ के संपूर्ण पर्यवेक्षण में सेक्‍टर अधिकारी इसकी देखरेख करेंगे। (6.) भारत निर्वाचन आयोग के दिनांक 17.09.2020 के दिशा-निर्देश सं. 52/2020/एसडीआर/खंड-।/278, में यथा-विहित आरओ मतदान दल (दलों) तैनात करेंगे, जो पूर्व नियत तिथि के अनुसार डाक मतपत्र वितरित एवं संग्रहित करेंगे तथा तत्पश्चात इन्हें आरओ के पास जमा कराएंगे। 2. तदनुसार, मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, बिहार ने पत्र सं. बी1-3-82/2020-3780 दिनांक 02 अक्‍टूबर, 2020 के तहत वरिष्‍ठ नागरिक (80 वर्ष से अधिक) एवं दिव्यांगजन (पीडब्‍ल्‍यूडी) की श्रेणियों में निर्वाचकों, जो बिहार में डाक मतपत्र के लिए विकल्‍प का चयन कर सकते हैं, से बूथ स्‍तरीय अधिकारियों द्वारा, प्रपत्र 12-घ के वितरण तथा संग्रहण हेतु अनुदेश जारी किए हैं। संदर्भ हेतु एक प्रति इसके साथ संलग्‍न है। 3. आयोग ने निदेश दिया है कि अब से सभी निर्वाचनों/उप-निर्वाचनों, जिसमें आयोग द्वारा दिनांक 29/09/2020 को पूर्व में घोषित उप-निर्वाचन भी शामिल हैं, में पूरे भारत में निर्वाचकों के घर तक डाक मतपत्र के विकल्‍प से संबंधित सभी गतिविधियों की सुविधा पहुंचाने के लिए इन अनुदेशों का पालन किया जाएगा। तदनुसार, आपसे अनुरोध है कि अनुपालन हेतु सभी आवश्‍यक उपाय करें।
  17. 37 downloads

    सं. ईसीआई/प्रे.नो./81/2020 दिनांक: 20 अक्तूबर, 2020 प्रेस नोट बिहार में चल रहे विधान सभा निर्वाचनों, 2020 के दौरान व्यय अनुवीक्षण प्रक्रिया में 35.26 करोड़ रु. तक की रिकॉर्ड जब्ती हुई बिहार विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 में काले धन पर लगाम लगाने हेतु प्रभावी अनुवीक्षण के लिए, भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार राज्य में 67 व्यय प्रेक्षकों की तैनाती की है। आयोग ने सुश्री मधु महाजन, पूर्व-आईआरएस (आईटी): 1982 और श्री बी.आर. बालाकृष्णनन, पूर्व-आईआरएस (आईटी):1983, जैसे अधिकारियों को भी उनकी क्षेत्र संबंधी अद्वितीय सुविज्ञता और त्रुटिहीन ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए बिहार विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 के लिए विशेष व्यय प्रेक्षकों के रूप में नियुक्त किया है। उचित आकलन करने के बाद, अधिकाधिक संकेंद्रित अनुवीक्षण के लिए 91 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों को व्यय संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है। बिहार विधान सभा निर्वाचनों के लिए निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण कार्य हेतु 881 उड़न दस्तों और 948 स्थैतिक निगरानी दलों का गठन किया गया है। व्यय अनुवीक्षण पर आयोग ने बिहार एवं पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न बैठकें बुलाई हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नकद तथा उपहारों का वितरण विधि के अंतर्गत अनुमत्य नहीं है, उदाहरण के लिए एवं निर्वाचकों को प्रभावित करने के उद्देश्य से उन्हें रुपयों, शराब का वितरण या किसी अन्य वस्तु का संवितरण करना या देना। इस प्रकार का व्यय "रिश्वतखोरी" की परिभाषा के अंतर्गत आता है, जो कि आईपीसी की धारा 171ख और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 दोनों, के अंतर्गत एक अपराध है। इस प्रकार की वस्तुओं पर व्यय करना अवैध है। विधान सभा निर्वाचन, 2015 में कुल 23.81 करोड़ रु. की तुलना में अभी तक हो चुकी रिकॉर्ड जब्ती का विवरण (19 अक्तूबर, 2020 को) - निम्नानुसार है। विधान सभा निर्वाचन, 2020 (19.10.2020 तक) (करोड़ रु. में) विधान सभा निर्वाचन, 2015 (करोड़ रु. में) कुल 35.26 करोड़ रु.+79.85 लाख (नेपाली मुद्रा) 23.81 करोड़ रु.
  18. 11 downloads

    सं.: ईसीआई/प्रे.नो./77/2020 दिनांक: 12 अक्तूबर, 2020 प्रेस विज्ञप्ति कोविड-19 के दौरान सुगम, समावेशी और सुरक्षित निर्वाचनों की ओर बिहार में निर्वाचन अधिकारियों का डाक मत-पत्र के लिए पात्र मतदाताओं से संपर्क चरण-1 के 71 निर्वाचन क्षेत्रों में 52000 से अधिक पात्र मतदाताओं ने डाक मत-पत्र का विकल्प चुना है चूंकि, बिहार के 16 जिलों के 71 निर्वाचन क्षेत्रों में, जहां मतदान की तारीख 28 अक्तूबर, 2020 है, नाम वापस लेने की अंतिम तारीख होने के कारण, नाम-निर्देशन की प्रक्रिया आज समाप्त हो जाएगी, अत: इन निर्वाचन क्षेत्रों के बूथ लेवल अधिकारियों ने वरिष्ठ नागरिक (80 वर्ष से अधिक उम्र वाले) और दिव्यांगजन श्रेणी के चार लाख से अधिक निर्वाचकों से संपर्क किया। ऐसे बावन हजार से अधिक निर्वाचकों ने डाक मत-पत्र के जरिए मतदान करने का अपना विकल्प चुना है। प्रक्रिया में गोपनीयता, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उचित सुरक्षा और वीडियोग्राफी के साथ रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा इन निर्वाचकों को पूर्व सूचित तारीख(खों) को डाक मत-पत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। शेष निर्वाचक मतदान दिवस पर मतदान करने के लिए मतदान केंद्र आने के लिए इच्छुक हैं। यह पहला अवसर है कि बिहार निर्वाचनों में दोनों श्रेणियों को डाक मत-पत्र की सुविधा प्रदान की गई है। पूर्व में, 29 सितम्बर से 1 अक्तूबर, 2020 की अवधि में आयोग के बिहार दौरे के दौरान, उक्त श्रेणियों के मतदाताओं के लिए इस प्रावधान के कार्यान्वयन से संबंधित कतिपय सरोकारों की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया था। इन सरोकारों पर व्यापक रूप से ध्यान देते हुए आयोग ने 3 अक्तूबर, 2020 को निदेश दिया था: “ रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, मतदान केंद्र के क्षेत्र में बीएलओ, संबंधित निर्वाचकों के घर जाएगा और संबंधित निर्वाचकों को प्ररूप 12-घ देगा। यदि कोई निर्वाचक उपलब्ध नहीं है, तो वह (बीएलओ) अपने संपर्क का विवरण छोड़कर आएगा/आएगी और इसे लेने के लिए अधिसूचना के 5 दिनों के अंदर दोबारा जाएगा/जाएगी। निर्वाचक, प्ररूप 12-घ के साथ संलग्न पावती में, डाक मत-पत्र के लिए विकल्प दे सकता है या नहीं दे सकता है। यदि, वह डाक मत-पत्र का विकल्प देता है/ देती है, तो बीएलओ भरा हुआ फॉर्म 12-घ अधिसूचना के 5 दिनों के अंदर निर्वाचक के घर से लाएगा/लाएगी और इसे अविलंब रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा करा देगा/देगी। बीएलओ सभी पावती फॉर्म और सभी 12-घ फॉर्मों को रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा कराएगा। रिटर्निंग अधिकारी के समग्र पर्यवेक्षण के तहत सेक्टर अधिकारी इसका पर्यवेक्षण करेगा।” बिहार में उत्तरवर्ती दो चरणों में होने वाले निर्वाचनों और अन्य सभी राज्यों के उप-निर्वाचनों में, यह कवायद जारी रहेगी, ताकि कोविड-19 अवधि के दौरान इन श्रेणियों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया अधिकाधिक सुगम, समावेशी और सुरक्षित रहे। बिहार में होने वाले अगले दो चरणों के निर्वाचनों में, बीएलओ इस प्रयोजनार्थ लगभग 12 लाख निर्वाचकों के घर जाएंगे।
  19. 27 downloads

    सं. 52/2020/एसडीआर/खंड । दिनांक: 28 सितम्बर, 2020 सेवा में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, नागालैंड, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मणिपुर, और तेलंगाना विषय: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60 (ग) के अंतर्गत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना–80 वर्ष से अधिक आयु के निर्वाचकों, शारीरिक रूप से नि:शक्त निर्वाचकों और कोविड-19 के कारण संगरोध में रह रहे निर्वाचकों को डाक मतपत्र जारी करना। महोदय, मुझे उपर्युक्त विषय पर निर्वाचन आयोग के दिनांक 17 सितंबर, 2020 के समसंख्यक पत्र के क्रम में यह कहने का निदेश हुआ है कि इसके साथ संलग्न दिशा-निर्देशों के पैरा 2.3 के अंतर्गत, यह उल्लिखित है कि "कोविड-19" संदिग्ध या प्रभावित व्यक्ति की श्रेणी के तहत अनुपस्थित मतदाताओं द्वारा डाक मतपत्र की सुविधा का लाभ उठाने के लिए, इस संबंध में राज्य सरकार/संघ शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा यथाअधिसूचित, सक्षम स्वास्थ्य प्राधिकारी द्वारा जारी संबंधित संसदीय/विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर को संबोधित एक प्रमाण पत्र, फॉर्म 12 घ के साथ प्रस्तुत करना होगा। 2. तदनुसार, कोविड-19 संदिग्ध/प्रभावित व्यक्ति के लिए सक्षम स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्र का एक प्रोफार्मा तैयार किया गया है और यह इसके साथ संलग्न है। इसे तत्काल सभी संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को परिचालित किया जाए। 3. डाक मतपत्र की सुविधा प्राप्त करने के इच्छुक कोविड-19 की संदिग्ध/प्रभावित श्रेणी में आने वाले कोई भी अनुपस्थित मतदाता प्ररूप 12घ में आवेदन करेगा और सक्षम स्वास्थ्य प्राधिकारी द्वारा विधिवत रूप से इस संलग्न प्रोफार्मा में जारी किए गए प्रमाण पत्र के साथ इसे जमा करवाएगा। 4. चूंकि डाक मतपत्र की सुविधा के लिए आवेदन, संबंधित निर्वाचन की अधिसूचना की तारीख के बाद 5 दिनों के भीतर आरओ को मिल जाना चाहिए, अत: सक्षम स्वास्थ्य प्राधिकारी को राज्य सरकार/संघ शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा तत्काल अधिसूचित किया जाएगा। 5. आयोग के उपर्युक्त अनुदेश, उनके अनुपालन हेतु सभी संबंधितों के ध्यान में लाए जाएंगें।
  20. 482 downloads

    बिहार विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन की अनुसूची मतदान कार्यक्रम चरण-I (71 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र) चरण -II (94 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र) चरण-III (78 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र) अधिसूचना जारी करने की तारीख 01.10.2020 (गुरूवार) 09.10.2020 (शुक्रवार) 13.10.2020 (मंगलवार) नाम-निर्देशन करने की अंतिम तारीख 08.10.2020 (गुरूवार) 16.10.2020 (शुक्रवार) 20.10.2020 (मंगलवार) संवीक्षा की तारीख 09.10.2020 (शुक्रवार) 17.10.2020 (शनिवार) 21.10.2020 (बुधवार) नाम-निर्देशन वापिस लेने की अंतिम तारीख 12.10.2020 (सोमवार) 19.10.2020 (सोमवार) 23.10.2020 (शुक्रवार) मतदान की तारीख 28.10.2020 (बुधवार) 03.11.2020 (मंगलवार) 07.11.2020 (शनिवार) मतगणना की तारीख 10.11.2020 (मंगलवार) 10.11.2020 (मंगलवार) 10.11.2020 (मंगलवार) मतदान समापन की तारीख 12.11.2020 (गुरूवार) 12.11.2020 (गुरूवार) 12.11.2020 (गुरूवार)
  21. 106 downloads

    सं.437/6/1/ईसीआई/अनुदेश/प्रकार्या./एमसीसी/2020 दिनांक: 25 सितम्बर, 2020 सेवा में मंत्रिमंडल सचिव, भारत सरकार,राष्ट्रपति भवन,नई दिल्ली। मुख्य सचिव, बिहार सरकार,पटना, और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार,पटना। विषय : आदर्श आचार संहिता लागू होना-बिहार की विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन 2020- तत्संबंधी। महोदय, मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निर्वाचन आयोग ने बिहार की विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन आयोजित करने के लिए अनुसूची की उद्घोषणा की है। (प्रेस नोट सं.ईसीआई/प्रे.नो./64/2020, दिनांक 25 सितम्बर, 2020 जो आयोग की वेबसाइटwww.eci.gov.in पर उपलब्ध है)। 2. इस उद्घोषणा के साथ ही राजनैतिक दलों और अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के उपबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और तब तक लागू रहेंगे जब तक बिहार की विधान सभा में साधारण निर्वाचन सम्पन्न न हो जाएं। इसे केन्द्र और राज्य सरकार, सभी मंत्रालयों/विभागों और केन्‍द्र सरकार / राज्‍य सरकार के सभी कार्यालयों के ध्‍यान में लाया जाए। आपके द्वारा जारी किए गए अनुदेशों की एक प्रति सूचना एवं रिकार्ड हेतु भारत निर्वाचन आयोग को भेजी जाए। 3. आपका ध्‍यान ‘सत्‍तासीन दल’ से संबंधित आदर्श आचार संहिता के उपबंधों की ओर आकृष्‍ट किया जाता है जिसमें अन्‍य बातों के साथ-साथ यह कहा गया है कि सत्तासीन दल, चाहे केन्‍द्र में या संबंधित राज्‍य में यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी ऐसी शिकायत के लिए कोई कारण न दिया जाए कि उसने अपने निर्वाचन अभियान के प्रयोजनों के लिए शासकीय हैसियत का प्रयोग किया है और विशेष रूप से :- (i) (क) मंत्री अपने शासकीय दौरे को निर्वाचन प्रचार अभियान संबंधी कार्य से नहीं मिलाएंगे और निर्वाचन प्रचार अभियान संबंधी कार्य के दौरान शासकीय क्षेत्र या कार्मिकों का उपयोग भी नहीं करेंगे; (ख) सरकारी हवाई-जहाज, वाहनों सहित सरकारी परिवहन, तंत्र एवं कार्मिकों का उपयोग सत्तासीन दल के हित को प्रोत्‍साहित करने के लिए नहीं किया जाएगा; (ii) निर्वाचन सभाओं को आयोजित करने के लिए सार्वजनिक स्‍थानों जैसे मैदानों आदि का उपयोग और निर्वाचनों के संबंध में एयरक्राफ्ट के लिए हैलीपैड का प्रयोग अपने द्वारा एकाधिकार रूप से नहीं किया जाएगा। अन्‍य दलों और अभ्‍यर्थियों को उन्‍हीं शर्तों एवं निबंधनों के आधार पर ऐसे स्‍थानों एवं सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी जिन शर्तों एवं निबंधनों पर सत्तासीन दल द्वारा उनका उपयोग किया जाता है; (iii) जहां के लिए निर्वाचनों की घोषणा हुई है या जहां निर्वाचन हो रहे हैं, वहां के विश्राम गृह, डाक बंगला या अन्‍य सरकारी आवास को उपयोग करने के लिए किसी राज्य द्वारा जैड स्केल सुरक्षा प्रदान किए गए राजनीतिक पदाधिकारियों को या जिन्हें विभिन्न राज्यों में या केन्द्र सरकार में इससे ऊपर या इसके समकक्ष स्तर की सुरक्षा प्रदान की गई है, को एक समान आधार पर उपयोग करने के लिए प्रदान किए जाएंगे।यह इस शर्त के अध्यधीन होगा कि ऐसा आवास पहले से ही निर्वाचन सम्बन्धी अधिकारियों या प्रेक्षकों को आबंटित न हो या उनके द्वारा धारित न हो। सरकारी आवास गृह/विश्राम गृह या अन्य सरकारी आवास इत्यादि में ठहरने के समय ऐसे राजनीतिक पदाधिकारी कोई राजनीतिक गतिविधि नहीं करेंगे। यर्थ (iv) समाचार पत्रों और अन्‍य मीडिया में सरकारी खजाने की लागत से विज्ञापन जारी करने और राजनैतिक समाचारों के दलगत कवरेज के लिए निर्वाचन अवधि के दौरान शासकीय मास मीडिया के दुरुपयोग तथा सत्तासीन दल की प्रत्‍याशाओं को आगे बढ़ाने की दृष्टि से उपलब्धियों के बारे में प्रचार से निष्‍ठापूर्वक बचा जाना चाहिए; (v) मंत्री और अन्य प्राधिकारी, आयोग द्वारा निर्वाचनों की उद्घोषणा किए जाने के समय से विवेकाधीन निधियों में से अनुदानों/भुगतानों को स्‍वीकृति प्रदान नहीं करेंगे; और (vi) आयोग द्वारा निर्वाचनों की उद्घोषणा के समय से, मंत्री और अन्‍य प्राधिकारी – (क) किसी रूप में कोई वित्तीय अनुदानों की उद्घोषणा नहीं करेंगे या उनके लिए वचन नहीं देंगे; या (ख) किसी प्रकार की परियोजनाओं या योजनाओं की आधारशीला नहीं रखेंगे (लोक सेवकों के सिवाय); या (ग) सड़कों के निर्माण, पेयजल सुविधाओं की व्‍यवस्‍था आदि के बारे में कोई वचन नहीं देंगे; या (घ) सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों आदि में ऐसी कोई तदर्थ नियुक्तियां नहीं करेंगे, जिनमें सत्तासीन दल के पक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रभाव हो। 4. जैसा कि उपर्युक्‍त पैरा 3 {खंड IV} से ज्ञातव्य है, सरकारी खजाने की लागत से सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए इलेक्‍ट्रानिक एवं प्रिंट मीडिया में कोई विज्ञापन जारी नहीं किया जाएगा। यदि कोई विज्ञापन, प्रसारण या प्रिंट मीडिया में प्रकाशन के लिए पहले ही जारी हो चुका है, तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इलेक्‍ट्रानिक मीडिया में ऐसे विज्ञापनों के प्रसारण को तत्‍क्षण रोक दिया जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आज से ही ऐसा कोई विज्ञापन किन्‍हीं भी समाचारपत्रों, पत्रिकाओं आदि अर्थात् प्रिंट मीडिया में प्रकाशित न किया जाए और इसे शीघ्र वापस ले लिया जाए। 5. इस संबंध में आयोग के दिनांक 5 मार्च, 2009 के पत्र सं. 437/6/2009-सीसीबीई के तहत जारी अनुदेश, आयोग की वेबसाइट “http://eci.gov.in/” पर उपलब्‍ध हैं जो आपकी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु ‘महत्वपूर्ण अनुदेश’ नामक शीर्षक के अन्तर्गत है।आपके मार्गदर्शन के लिए इस लिंक पर आयोग के अन्‍य सभी अनुदेश भी उपलब्‍ध हैं। 6. आयोग इसके अतिरिक्‍त यह निदेश देता है कि निर्वाचन के संचालन से संबंधित सभी अधिकारियों/कर्मचारियों के स्‍थानान्‍तरण पर पूरी रोक होगी। इनमें निम्‍नलिखित सम्मिलित होंगे किंतु वहीं तक सीमित नहीं होंगे:- (i) मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी और अपर/संयुक्‍त/उप मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी; (ii) मंडल आयुक्‍त; (iii) जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग आफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर एवं निर्वाचनों के संचालन से संबंधित राजस्‍व अधिकारी; (iv) निर्वाचनों के प्रबंधन से जुड़े पुलिस विभाग के अधिकारी यथा, रेंज महानिरीक्षक एवं उप महानिरीक्षक, वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक, सब डिवीजनल पुलिस अधिकारी यथा, पुलिस उपाधीक्षक एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी, जो लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 28क के अधीन आयोग में प्रतिनियुक्‍त हैं; 7. निर्वाचन की उद्घोषणा की तारीख से पूर्व उपर्युक्‍त श्रेणियों के अधिकारियों की बाबत जारी किंतु आज की तारीख तक कार्यान्वित नहीं किए गए स्‍थानान्‍तरण आदेशों को इस संबंध में आयोग से विशिष्‍ट अनुमति लिए बिना लागू नहीं किया जाना चाहिए; 8. यह रोक निर्वाचन के पूरा होने तक प्रभावी रहेगी। आयोग आगे यह और निदेश देता है कि राज्‍य सरकार को राज्‍य में निर्वाचन के प्रबंधन में भूमिका वाले वरिष्‍ठ अधिकारियों का स्‍थानान्‍तरण करने से बचना चाहिए। 9. ऐसे मामलों में, जहां प्रशासनिक अत्‍यावश्‍यकताओं के कारण किसी अधिकारी का स्‍थानान्‍तरण आवश्‍यक है, वहां संबंध राज्‍य सरकार को पूर्व स्‍वीकृति के लिए पूर्ण औचित्‍य के साथ आयोग से संपर्क करना चाहिए। 10. कृपया इस पत्र की पावती भेजी जाए।
  22. 32 downloads

    सं. 437/6/1/ईसीआई/अनुदेश/प्रकार्या./एमसीसी/2020 दिनांक: 25 सितम्बर, 2020 सेवा में मत्रिमंडल सचिव, भारत सरकार, राष्‍ट्रपति भवन,नई दिल्‍ली। सचिव, भारत सरकार,कार्यक्रम कार्यान्‍वयन विभाग, सरदार पटेल भवन, नई दिल्‍ली। मुख्‍य सचिव,बिहार सरकारपटना, और मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, बिहार पटना। विषय: बिहार विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन 2020- सांसद/विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन निधियों को जारी करना। महोदय, मुझे, निर्वाचन आयोग के प्रेस नोट सं. ईसीआई/प्रेस नोट/64/2020, दिनांक 25 सितम्बर, 2020 (प्रेस नोट ईसीआई की वेबसाइट – www.eci.gov.in पर उपलब्‍ध है) का संदर्भ देने का निदेश हुआ है जिसके अनुसार आयोग ने बिहार विधान सभा के लिए साधारण निर्वाचन की घोषणा के परिणामस्‍वरूप राजनैतिक दलों एवं अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता के प्रवर्तन की घोषणा की है। 2. आयोग ने अनुदेश दिया है कि सांसद स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजनाओं के अंतर्गत निधियों को अवमुक्‍त करना निम्‍नलिखित निर्बंधनों के अधीन होगा:- क) देश के ऐसे किसी भी भाग में, जहां निर्वाचन प्रक्रियाधीन है, सांसद (राज्‍य सभा सदस्‍य सहित) स्‍थानीय क्षेत्र विकास निधि के अधीन कोई भी नई निधियां जारी नहीं की जाएगी। इसी प्रकार, निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने तक विधान सभा सदस्‍य/विधान परिषद सदस्‍य स्‍थानीय क्षेत्र विकास निधि के अधीन, यदि कोई ऐसी योजना प्रचालन में है, नई निधियां जारी नहीं की जाएंगी। ख) ऐसे कार्य के संदर्भ में कोई कार्य शुरू नहीं किया जाएगा जिसमें इस पत्र के जारी होने से पहले कार्य आदेश तो जारी कर दिए गए है परन्‍तु फील्‍ड में वास्‍तव में काम शुरू नही हुआ है। ये कार्य निर्वाचन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही शुरू किए जा सकते हैं। हालांकि, यदि कोई कार्य वास्‍तव में शुरू हो चुका है तो उसे जारी रखा जा सकता है। ग) पूरे हो गए कार्य(र्यों) के लिए भुगतानों को जारी करने पर कोई रोक नहीं होगी बशर्ते संबंधित अधिकारी पूर्ण रूप से संतुष्‍ट हों। घ) जहां योजनाएं अनुमोदित कर दी गई है तथा निधियां उपलब्‍ध करा या जारी कर दी गई हैं और सामग्रियों का प्रापण कर लिया गया है एवं कार्यस्‍थल पर पहुच गई हैं ऐसी योजनाएं कार्यक्रम के अनुसार कार्यान्वित की जा सकती हैं।

ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

मतदाता हेल्पलाइन ऍप

हमारा मोबाइल ऐप ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ प्‍ले स्‍टोर एवं ऐप स्टोर से डाउनलोड करें। ‘मतदाता हेल्‍पलाइन’ ऐप आपको निर्वाचक नामावली में अपना नाम खोजने, ऑनलाइन प्ररूप भरने, निर्वाचनों के बारे में जानने, और सबसे महत्‍वपूर्ण शिकायत दर्ज करने की आसान सुविधा उपलब्‍ध कराता है। आपकी भारत निर्वाचन आयोग के बारे में हरेक बात तक पहुंच होगी। आप नवीनतम  प्रेस विज्ञप्ति, वर्तमान समाचार, आयोजनों,  गैलरी तथा और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। 
आप अपने आवेदन प्ररूप और अपनी शिकायत की वस्‍तु स्थिति के बारे में पता कर सकते हैं। डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। आवेदन के अंदर दिए गए लिंक से अपना फीडबैक देना न भूलें। 

×
×
  • Create New...