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    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020: - 1. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020– मतगणना – तत्‍संबंधी। 2. मतदान वाले दिन कर्मचारियों को सवेतन अवकाश दिया जाना-तत्‍संबंधी। 3. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली की विधान सभा के साधारण निर्वाचन, 2020 - मदिरा इत्‍यादि की बिक्री पर प्रतिबंध-तत्‍संबंधी। 4. रिटर्निंग अधिकारियों/सहायक रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा मतगणना हॉल के अन्‍दर मोबाइल फोन ले जाना
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    ईसीआई/प्रेस नोट/120/2019 दिनांक: 22.12.2019 प्रेस नोट विषय: झारखंड विधान सभा के साधारण निर्वाचन के परिणामों का प्रचार-प्रसार करने की व्‍यवस्‍था – 23 दिसंबर, 2019 भारत निर्वाचन आयोग ने एक एकीकृत आईसीटी गणना एप्‍लीकेशन विकसित की है, जो वेबसाइट http://results.eci.gov.in और वोटर हेल्‍पलाइन (एन्‍ड्रायड और आईओएस) मोबाइल एप पर परिणाम प्रदर्शित करेगी। उक्‍त वेबसाइट दिनांक 23 दिसंबर, 2019 को प्रात: 8 बजे से झारखंड विधान सभा के साधारण निर्वाचन के परिणामों को प्रदर्शित करना शुरू कर देगी। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विकसित केंद्रीकृत साफ्टवेयर ‘एन्‍कोर’ में रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा डाटा सीधे प्रविष्‍ट किया जाता है। इस एप्‍लीकेशन से रिटर्निंग अधिकारी साफ्टवेयर में डाटा की तालिका-वार प्रविष्टि कर सकता है जिससे समय की पर्याप्‍त बचत होती है और परिणाम तथा रूझानों का त्रुटिरहित डाटा प्रदर्शित होता है। 2. ईसीआई के आईसीटी दल द्वारा विकसित गणना साफ्टवेयर गणना प्रक्रिया के दौरान रिटर्निंग अधिकारियों के लिए अनिवार्य विभिन्‍न प्रकार की सांविधिक रिपोर्टों जैसे कि प्ररूप-20, अंतिम परिणाम शीट, परिणामों की औपचारिक घोषणा के लिए 21-ग और 21 ड़ में निर्वाचन विवरणी तैयार करने/संकलित करने की सुविधा प्रदान करता है। रिटर्निंग अधिकारी गणना पूरी होने के बाद सिस्‍टम द्वारा सृजित इन रिपोर्टों को डाउनलोड कर सकता है और एक अबाधित परिवेश में सांविधिक अपेक्षाओं को पूरा कर सकता है। 3. भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन रूझान टीवी की भी शुरूआत की है, जिस पर परिणामों के रूझानों के रियल टाइम में पूर्ण ग्राफिक रूप से सूक्ष्‍म विवरण प्रकाशित किए जाते हैं। जब भी रिटर्निंग अधिकारी द्वारा आधिकारिक घोषणा के बाद प्रत्‍येक राउंड की गणना का डाटा प्रविष्‍ट किया जाता है, तो यह डाटा उन्‍नत स्रोत प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके बिना किसी मैनुअल हस्‍तक्षेप के निर्वाचन रूझान टीवी पर प्रदर्शित होता है। इन पैनलों को रिटर्निंग अधिकारियों और मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा बड़े टीवी पैनलों का उपयोग करके सार्वजनिक स्‍थानों पर स्‍वत: प्रदर्शित किए जाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया जा सकता है और समनुरूप बनाया जा सकता है।
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    सं. 51/8/7/2019-ईएमएलएस दिनांकः 1 जनवरी, 2020 सेवा में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, सभी राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र विषयः लोक सभा/विधान सभा के साधारण/उप निर्वाचन – वीवीपीएटी पर्चियों की मतगणना का छद्म ड्रिल – तत्संबंधी। महोदय मुझे आयोग के दिनांक 15 अप्रैल, 2019 के पत्र सं. 51/8/वीवीपीएटी/अनु/2019-ईएमपीएस के तहत जारी अनुदेशों का संदर्भ देने का निदेश हुआ है, जिसमें आयोग ने लोक सभा और विधान-सभाओं के सभी निर्वाचनों में प्रति विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र/संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र के प्रत्येक विधान सभा सेग्मेंट से यादृच्छिक रूप से चयनित 05 मतदान केंद्रों की वीवीपीएटी पर्चियों का अनिवार्य सत्यापन करने का निदेश दिया था। आयोग ने यह निदेश दिया है कि सीईओ/डीईओ मतगणना कर्मचारियों के प्रशिक्षण के दौरान और सामान्यतः मतगणना दिवस से पूर्ववर्ती दिवस को संचालित मतों की गणना की छद्म ड्रिल के समय वीवीपीएटी पर्चियों की मतगणना के संबंध में व्यावहारिक प्रशिक्षण सुनिश्चित करेंगे। इस प्रयोजन के लिए, निम्नलिखित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाना चाहिएः i. केवल प्रशिक्षण और जागरूकता से संबंधित ईवीएम एवं वीवीपीएटी का प्रयोग किया जाएगा। किसी भी स्थिति में, आरक्षित ईवीएम एवं वीवीपीएटी का प्रयोग प्रशिक्षण और छद्म ड्रिल के लिए नहीं किया जाएगा। ii. केवल आयोग के दिनांक 18 मई, 2017 के पत्र सं. 51/8/अनु/2017-ईएमएस (प्रति संलग्न) के तहत निर्धारित डमी प्रतीकों का उपयोग किया जाएगा। iii. वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की छद्म ड्रिल के लिए, एक डमी वीवीपीएटी गणना बूथ (वीसीबी) बनाया जाएगा। iv. छद्म ड्रिल के लिए कम से कम 500 वीवीपीएटी पर्चियों को जेनरेट किया जाएगा। v. वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की छद्म ड्रिल, वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की उचित प्रक्रिया के बाद वीसीबी में आयोजित की जाएगी। vi. वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की छद्म ड्रिल आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक की उपस्थिति में की जाएगी। आयोग के उपर्युक्त अनुदेशों को सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जाए। भवदीय ह/- (मधुसूदन गुप्ता) सचिव
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    General/bye election to the Lok Sabha/Legislative Assembly- Instruction on Counting of votes-reg.
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    Counting of VVPAT Paper Slips
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    Press Note Subject: New Arrangement made by Election Commission of India for prompt and accurate dissemination of results of Assembly Election and bye-elections of Oct 2019 In a first, the Election Commission of India has deployed an integrated ICT counting application which gives freedom to Returning Officers spread across the country to directly compute and enter the result data on the ECI new counting application. This application allows the Returning Officers to enter table-wise data in the software, thereby considerably reducing the time and makes the results & trends data error-free. Team ICT headed by Dr Sandeep Saxena, Sr Deputy Election Commissioner and others with Shri. Sunil Arora, Chief Election Commissioner, in front of the Election Trends TV Panel at Nirvachan Sadan, New Delhi 2. The counting software developed by the IT team of ECI called ENCORE (Enabling Communications on Real-time Environment) allows generation of various types of statutory reports during counting process which are mandatory for Returning Officers such as Form 20 Preparation/ Compilation of Final Result Sheet, 21C/D for Formal Declaration of Result and Form 21 E for Certificate of Return of Elections. The Returning Officer can download these system-generated reports after the counting is over and complete the statutory requirements in a hassle-free environment. 3. For the first time, the Election Commission of India has launched Election Trends TV, on which the graphically-rich micro-details of trends & results are published in real-time. As and when the counting data of each round is entered after officially been declared by the Returning Officers, the data is displayed on the Election Trends TV, without any manual intervention using advanced secure technologies. These panels can be customized and configured, for display automatically in public places using large TV Panels by Returning Officers & Chief Electoral Officers. 4. During today’s counting dissemination of trends and results are made with enhanced infographics and increased details through the ECI’s very popular mobile app ‘Voter Helpline App’ which is available from the Google Play Store and Apple App Store for free download. The user can bookmark their favourite candidate and closely follow the results in a comprehensive manner.
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    हरियाणा और महाराष्‍ट्र की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन 2019 – मतगणना – तत्‍संबंधी। मदिरा इत्‍यादि की बिक्री पर प्रतिबंध - तत्‍संबंधी। सवेतन अवकाश दिया जाना-तत्संिबंधी
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    SOP for Counting of Service Voters using ETPBS Note: Scanning of QR Codes should be done in sequence without fail. Form 13-C should be scanned first, followed by both the QR Code on Form 13-A and then Form 13-B of the same postal ballot. Sequence of QR Code scanning should not be change under any circumstances. Step 1: The Outer covers (Form 13-C) which is having QR Code on lower right hand side, it will be read by the QR Code Reader and necessary valid checks will be performed for possible duplicates and verification of the service voter. A unique serial number will be provided by the computer. This serial number will also be manually marked by RO on the envelope being verified. Step 2: If no duplicate and correct verification is found, then only outer envelope (Form 13-C) will be open. Step 3: Open the outer cover (Form 13-C) and take out the two documents which are required to be found inside. The first one is declaration (Form 13-A) and the second one is inner cover (Form 13-B) containing the postal ballot paper. Step 4: RO should take out the declaration from Outer Envelope, Form 13-A and the inner cover in Form 13-B. Step 5: Now scan two QR Codes on Form 13-A one by one and after that scan the QR Code which is on lower right side on Form 13-B. Step 6: Note down the Sl. No. generated in all the above Covers. Step 7: If the QR Code reading does not raise any anomaly, keep Form 13B envelope and the Declaration back in Form 13C envelope and keep the envelope in a tray meant for valid Envelopes to be taken up for counting. If the QR Code reading indicates any discrepancy such as the documents not being genuine or multiple copies of the document have been received, such envelopes shall be kept in a separate tray meant for rejected envelopes. In the case of rejection of envelope/documents on QR code reading, the ARO in-charge of the team should see and satisfy himself about the discrepancy shown in QR code reading that results in rejection.
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    (i) Filing up Part II of Form 17C and furnishing copies to counting agents. There are already Commission’s instructions, that Part-II of Form-17C should be separately typed out giving the names of candidates in column-2, and the result on individual tables for each round are to be entered against the names of candidates in this list. This is to be prepared in duplicate using carbon paper. The carbon copy will be used for taking multiple photocopies for supplying copy each to the counting agents at the respective table. Returning Officers should take care that the names of candidates entered in this list is exactly as per the order in the ballot paper used on the BU. For duplicate copy, carbon copy may be used so that there is no discrepancy between the two copies. Original copy will go to RO’s table for round-wise tabulation. (ii) Randomization of counting staff. In the case of counting for Parliamentary Constituency, where the counting locations for any assembly segment is far away from the headquarters of the Returning Officer, the second randomization of counting staff may be permitted to be done up to 48 hours before commencement of counting. Wherever it is proposed to be done so, i.e. earlier than 24 hours prior to commencement of counting, approval has to be obtained by the respective Returning Officer from the Chief Electoral Officer. (iii) Counting of VVPAT slips when more than one VVPAT is used in a Polling Station. In such cases if VVPAT slips are to be counted, counting should be done separately for each VVPAT used in a polling station. (iv) No. of counting tables for counting Postal Ballots As per the Commission’s instructions, there shall be a maximum of 4 tables, and in each round, a maximum of 500 postal ballot papers should be distributed to each table. In the constituencies where the number of postal ballot papers is high, RO is permitted to have more counting tables for postal ballot papers subject to the condition that there has to be an ARO for each such table. Accordingly, proposals for appointment of additional AROs for this purpose should be submitted for approval of the Commission well in advance.
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    No. 464/INST/EPS-2019 Dated: 21st May, 2019 To The Chief Electoral Officer of, All the States/Union Territories. Subject: Carrying of Mobile Phone by Returning Officers/ Assistant Returning Officers inside the Counting Hall – reg. Reference: 1. The ECI’s instruction No.470/INST/2014-EPS, dated 8th May, 2014. 2. The ECI’s instruction No.470/INST/2014-EPS, dated 15th May, 2014. Sir/Madam, I am directed to invite your attention to the Commission’s instructions referred above and to state that in view of inception of Electronically Transmitted Postal Ballot Paper System (RTPBS) wherein One-Time Password (OTP) is received on mobile phones, the Commission has directed that on the day of counting, (i) Only that mobile phone of the RO/ARO/Counting supervisor/s, linked to ETPBS, to be used to receive ‘OTP’ to log into ETPBS to start counting thereof have to be brought inside the counting hall; (ii) The mobile handsets will be switched on only to receive ‘OTP’ and be switched off once the system is logged on to ETPBS; (iii) Inside the counting hall, such mobile handsets are to be kept in the custody of ARO/RO/Observer, whosoever is the senior most officer in the Counting Hall for ETPBS counting, in switched off mode till the counting is over. (iv) In case login is closed for some reasons, Counting Supervisor can get the mobile from the officer to whom the mobile set was submitted to receive OTP once again for enabling him to re-login, and after re-login, he should return the mobile to same officer in switched off mode. (v) A declaration be got signed by all users separately about Dos and Don’ts for mobile usage. (vi) Specific permission be sought from concerned CEO for number of users in each case with the requisite mobile phone numbers being used. Mobile phones are to be allowed inside the Counting hall for all such users.
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    लोक सभा साधारण निर्वाचन – 2019 और आंध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्‍किम विधान सभा निर्वाचन, 2019 – मतगणना का समय
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    No. ECI/PN/58/2019 Dated: 22nd May, 2019 Press Note General Election to the House of the People – 2019 Real-Time Dissemination of Counting Day Trends and Results The Counting of Votes for General Election to the House of the People – 2019 shall be held on 23rd May, 2019. In this regard, the Commission has come up with a new IT based initiative, which will enable the system in providing real-time trends and results of the vote counting across the States/UTs. The counting trends and results will be available on the ECI Website at the URL https://results.eci.gov.in as well as on the Voter Helpline App, both iOS and Android Mobile Apps. The dissemination will start functioning from 8.00 a.m. on the Counting Day and would be continuously updated. The Voter Helpline App can be downloaded from the Google Play Store or Apple Play Store. For the first time, the citizens can use a smart phone to know the results. They can use the available filter to find out the winning/leading or trailing candidate details, along with the Constituency-wise or State-wise results from the Voter Helpline App. The citizens can bookmark their favourite candidate and watch the real-time results, as per their convenience on the Voter Helpline App or make a wish list to track the real-time status. The local display of the trends and results by the CEOs/ROs/DEOs will also be done through the Digital Display Panels provided by Election Commission of India.
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    सं.51/8/7/2019-ईएमपीएस दिनांक : 21 मई, 2019 सेवा में सभी राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्रों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी। विषय-वीवीपीएटी पर्चियों की गणना संबंधी मुद्दे-कंट्रोल यूनिट से छद्म मतदान डाटा को नहीं हटाना या वीवीपीएटी से छद्म मतदान पर्चियों को नहीं हटाना- उनके मतों की गणना करना और अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया में बेमेलता-तत्‍संबंधी। महोदय, उपर्युक्त विषय पर विद्यमान अनुदेशों के अनुक्रम में, मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि विगत एवं प्रगतिरत लोकसभा और एक साथ आयोजित किए जा रहे आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की राज्य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2019 के दौरान, कुछ मतदान केंद्रों पर कंट्रोल यूनिटों से छद्म मतदान के डाटा को समुचित रूप से हटाने और वीवीपीएटी से छद्म मतदान पर्चियों को हटाने में मानवीय त्रुटि की कुछ घटनाएं हुई हैं। कुछ मामलों में, पीठासीन अधिकारी या तो कंट्रोल यूनिट से छद्म मतदान के डाटा को हटाने में विफल रहे हैं या वीवीपीएटी के ड्रॉप बॉक्स से छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियों को हटाने में विफल रहे हैं। 2. आयोग ने इस मामले पर विचार किया है और यह निदेश दिया है कि ऐसे सभी मामलों में मतगणना के दौरान निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाएगी:- (क) सभी पूर्व-अभिज्ञात मामलों में (मतदान दिवस को, पी + 1 दिवस आदि को दस्तावेजों की जांच के दौरान), जहां छद्म मतदान को कंट्रोल यूनिट से हटाया नहीं जाता है या छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियों को हटाया नहीं जाता है (पूरी तरह या आंशिक रूप से), संबंधित कंट्रोल यूनिट(टों) को मतों की गणना के दौरान अलग रखा जाएगा अर्थात् इन मतदान केंद्रों को, कंट्रोल यूनिटों की नियमित चरण-वार गणना के दौरान मतगणना के लिए नहीं लिया जाएगा। ऐसे मतदान केंद्रों को आवंटित मेज को मतगणना के प्रासंगिक चरण के दौरान खाली रखा जाएगा। सभी पूर्व-अभिज्ञात मतदान केंद्रों की सूची मतगणना की प्रक्रिया शुरू होने से पहले निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के साथ साझा की जाएगी। (ख) ईवीएम की चरण-वार गणना के दौरान, यदि कोई ऐसा मामला है जिसमें सीयू में मतदान किए गए कुल मत फॉर्म 17-ग में मतों के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते हैं, तो यह एक संकेत है कि वास्तविक मतदान के दौरान इस मतदान केंद्र के संबंध में छद्म मतदान के पश्चात क्लोज-रिजल्ट-क्लियर (सीआरसी) प्रोटोकॉल का सही तरीके से अनुसरण नहीं किया गया था। ऐसे सभी मामलों में, सीयू को अलग रखा जाएगा अर्थात् इन मतदान केंद्रों को, कंट्रोल यूनिटों को नियमित चरण-वार गणना के दौरान मतगणना के लिए नहीं लिया जाएगा। ऐसे मतदान केंद्रों को आवंटित मेजों को उस विशेष दौर के दौरान खाली रखा जाएगा। ऐसे परिदृश्य के सटीक विवरण और कारणों को आरओ/एआरओ द्वारा मतगणना हॉल में मौजूद निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों/निर्वाचन एजेंटों/मतगणना एजेंटों के समक्ष स्‍पष्‍ट किया जाएगा। (ग) ऊपर (क) और (ख) के अंतर्गत आने वाले सभी मामलों में, इन मतदान केंद्रों से संबंधित वीवीपीएटी की गणना सीयू के साथ सभी मतगणना चरणों को पूरा करने के बाद की जाएगी। 3. कंट्रोल यूनिट की गणना के सभी नियमित चरणों के पूरा होने के बाद, निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा: क. राज्य विधान सभा निर्वाचनों के लिए - (i) यदि जीत का अंतर ऐसे सभी मतदान केंद्रों में डाले गए कुल मतों से अधिक है, तो पैरा 2(क) और (ख) के अनुसार यथाचिह्नित इन मतदान केंद्रों को मतगणना के लिए नहीं लिया जाएगा और इन मतदान केंद्रों के बिना परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। (ii) यदि जीत का अंतर इन मतदान केंद्रों में डाले गए कुल मतों के बराबर या उससे कम है, ऐसे मामले में केवल संबंधित वीवीपीएटी की पेपर पर्चियों की गणना की जाएगी और कंट्रोल यूनिटों को मतगणना के उद्देश्य से छोड़ दिया जाएगा अर्थात् कंट्रोल यूनिटों को मतों का गणना के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा। (iii) उन मामलों में भी जहां, छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियां वीवीपीएटी के ड्रॉप बॉक्स से निकाले नहीं गए हैं, वीवीपीएटी पर्चियों की गिनती की जाएगी और अभ्यर्थी-वार डाले गए मतों की सही गणना पर आने के लिए छद्म मतदान प्रमाण-पत्र से अभ्यर्थी-वार मत काट लिए जाएंगे। (iv) इन सभी मतदान केंद्रों के वीवीपीएटी पर्ची गणना परिणाम को अभ्यर्थी-वार प्राप्‍त मत संख्‍या में जोड़ा जाएगा और अंतिम परिणाम संकलित किया जाएगा। ख. लोक सभा निर्वाचनों के लिए – (i) उन सभी मतदान केंद्रों के लिए जहां ईवीएम और वीवीपीएटी को उपर्युक्त 2(क) और (ख) के अनुसार अलग रखा गया है, केवल संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियों की गणना की जाएगी और कंट्रोल यूनिटों को गणना के उद्देश्य से खारिज कर दिया जाएगा अर्थात् मतगणना के लिए कंट्रोल यूनिटों का उपयोग नहीं किया जाएगा। (ii) उन मामलों में भी जहां वीवीपीएटी ड्रॉप बाक्स से छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियां बाहर नहीं निकाली गई हैं, फिर भी वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की जाएगी और अभ्यर्थी-वार डाले गए मतों की सही गणना पर आने के लिए छद्म मतदान प्रमाण-पत्र से अभ्यर्थी-वार मत काट लिए जाएंगे। (iii) इन सभी मतदान केंद्रों के वीवीपीएटी पर्ची गणना परिणाम को अभ्यर्थी-वार प्राप्‍त मत संख्‍या में जोड़ा जाएगा और अंतिम परिणाम संकलित किया जाएगा। 3. चूंकि, पूर्वोक्त मामलों में कंट्रोल यूनिटों को मतों की गणना के लिए छोड़ दिया जाएगा/उपयोग नहीं किया जाएगा, इसलिए इन मतदान केंद्रों को वीवीपीएटी पेपर पर्चियों की गणना के अनिवार्य सत्यापन के लिए 5 (पांच) मतदान केंद्रों के यादृच्छिक चयन से बाहर रखा जाएगा। 4. वीवीपीएटी पर्चियों का अनिवार्य सत्यापन: (क) यादृच्छिकीकरण रूप से चुने गए 5 मतदान केंद्रों से वीवीपीएटी और सीयू के अनिवार्य गणना और परिणाम के मिलान का उद्देश्य यह ऑडिट और परीक्षण करना है कि कोई ईवीएम उसके साथ संलग्न वीवीपीएटी द्वारा मुद्रित पर्चियों से अलग मत तो नहीं रिकॉर्ड कर रहा है। हालांकि, वास्तविक मतदान के दौरान मानवीय त्रुटि या मतदान कर्मचारियों द्वारा निदेशों का पालन नहीं करने के कारण कई स्थितियां उत्‍पन्‍न हुई हैं, जिनमें कुल वीवीपीएटी पर्चियों की संख्या सीयू की गणना से भिन्न हो सकती है। कुछ उदाहरण ऐसे भी सामने आए हैं जहां छद्म मतदान के पश्चात वीवीपीएटी से वीवीपीएटी पर्चियां पूरी तरह से नहीं हटाई गई हैं, या छद्म मतदान के पश्चात सीयू में सीआरसी नहीं किया गया है या मानवीय त्रुटि के अन्य ऐसे मामले सामने आए हैं। (ख) यदि कंट्रोल यूनिट के इलेक्ट्रॉनिक अभ्यर्थी-वार परिणाम और वीवीपीएटी पर्चियों की अभ्यर्थी-वार मैनुअल गणना के बीच कोई बेमेल है, तो उस विशेष वीवीपीएटी की वीवीपीएटी पर्चियों की पुनर्गणना तब तक की जाएगी, जब तक कि पुनर्गणना ईवीएम गणना या पिछले वीवीपीएटी पर्ची की गणना में से किसी एक के साथ मेल न हो जाए। हालांकि, ऐसे सभी मामलों में, पुनर्गणना करने से पहले, उन अभ्यर्थियों से संबंधित वीवीपीएटी पर्चियां, जिनकी सीयू गणना और वीवीपीएटी गणना का परिणाम मेल नहीं हो रहा है, मतगणना पर्यवेक्षक प्रत्येक बंडल के प्रत्येक वीवीपीएटी के निर्वाचन प्रतीकों को एक-एक करके ध्यानपूर्वक जांच करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी बंडलों में केवल संबंधित अभ्यर्थी की वीवीपीएटी पर्चियां ही शामिल हों। उपरोक्त प्रक्रिया का पालन करने के पश्चात ही पुनर्गणना की जाएगी। (ग) उपरोक्त प्रक्रिया का पालन करने के पश्चात भी, यदि कंट्रोल यूनिट और वीवीपीएटी की इलेक्ट्रॉनिक मैनुअल गणना अभी भी मेल नहीं खाती है, तो वीवीपीएटी पर्चियों की गणना निर्वाचन का संचालन नियम, 1961 के नियम 56घ(4)(ख) के अनुसार होगी और परिणाम शीट में संशोधन किया जाएगा और अंतिम परिणाम तद्नुसार घोषित किया जाएगा। (घ) अनिवार्य वीवीपीएटी पर्ची सत्यापन के सभी मामलों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट और साथ ही साथ नियम 56ग के तहत की गई वीवीपीएटी पर्ची की गणना निर्धारित प्रारूप में गिनती प्रक्रिया के पूरा होने के तुरंत बाद सीईओ के माध्यम से आयोग को प्रस्तुत की जाएगी। (ङ) ऐसे सभी मामलों में उचित तरीके से गहन विश्लेषण/जांच की जाएगी जहां वीवीपीएटी पर्ची गणना सीयू के इलेक्ट्रॉनिक परिणाम से मिलान करने में विफल रहती है और सटीक कारणों, तकनीकी, प्रक्रियात्मक, प्रणालीगत, मानवीय त्रुटि या अनुपालन में चूक का पता लगाया जाएगा और आयोग द्वारा उचित कार्रवाई(यां) की जाएगी। 5. इसके अतिरिक्त, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मतगणना के लिए उपयोग किए जाने वाली सभी ईवीएम की क्रम संख्या की प्रति-जांच एजेंटों द्वारा की जाएगी और मतगणना के समय उनसे इस आशय का प्रमाण पत्र लिया जाएगा। 6. उपर्युक्त अनुदेशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा और गणना प्रेक्षकों सहित सभी संबंधितों के ध्यान में इनको लाया जाएगा। भवदीय, ह./- (मधुसुदन गुप्ता) अवर सचिव
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    सं.470/2019/एसडीआर/ दिनांक : 18 मई, 2019 सेवा में, सभी राज्‍यों और संघ राज्‍य क्षेत्रों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी विषय :- मतगणना – तत्‍संबंधी। महोदय/महोदया, मुझे मतगणना से संबंधित आयोग के दिनांक 25 नवंबर, 2003 के पत्र सं. 470/2003/जेएस-II तथा दिनांक 21 जनवरी, 2009 के पत्र सं. 470/2009/ईपीएस का संदर्भ देने का निदेश हुआ है। इसमें अन्‍य बातों के साथ-साथ यह निर्देश दिया गया था कि ईवीएम की मतगणना का अंतिम दौर से पहले का दौर तब तक शुरू न किया जाए जब तक कि सभी डाक मतपत्रों की गणना पूरी न हो जाए। यह भी अनुदेश दिया गया है कि यदि जीत का अंतर डाक मत पत्रों की संख्‍या से कम हो, तो रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा सभी डाक मतपत्रों का पुन: सत्‍यापन किया जाना चाहिए। 2. ईटीपीबीएस की शुरूआत होने तथा निर्वाचन ड्यूटी स्‍टाफ द्वारा सुविधा केंद्र में डाक मत डाले जाने से, मतगणना के लिए डाक मतपत्रों की संख्‍या में अत्‍यधिक बढ़ोतरी हुई है। इसके अतिरिक्‍त, ईटीपीबीएस के लिए अनिवार्य क्‍यूआर कोड पठन की अपेक्षा होने से, डाक मतपत्र गणना के लिए अब अधिक समय की आवश्‍यकता होगी। इसके अलावा, वीवीपीएटी गणना के मामलों, जो अन्‍य कारणों जैसे कि छद्म मतदान (मॉक पोल) के बाद सीयू के क्लियर न होने, सीयू द्वारा मतगणना के समय परिणाम प्रदर्शित न किए जाने इत्‍य‍ादि की वजह से अपेक्षित हो सकते हैं, के अतिरिक्‍त प्रति विधानसभा सेग्‍मेंट पांच मतदान केन्‍द्रों की वीवीपीएटी पर्चियों की अनिवार्य गणना की जाती है। 3. उपर्युक्‍त के दृष्टिगत आयोग ने उपर्युक्‍त संदर्भित अनुदेशों की समीक्षा की है और आशोधित अनुदेश निम्‍नलिखित हैं:- (i) इस अनुदेश कि ईवीएम की मतगणना के अंतिम दौर से पहले का दौर डाक मत गणना के पूरा होने के बाद ही शुरू किया जाना चाहिए, को वापस ले लिया गया है। तद्नुसार, ईवीएम की मतगणना डाक मत गणना के चरण पर ध्‍यान दिए बगैर जारी रह सकती है। जैसे ही ईवीएम की मतगणना पूरी हो जाती है, वीवीपीएटी पर्चियों की गणना के लिए विहित प्रक्रिया के अनुसार वीवीपीएटी पर्चियों की गणना शुरू की जा सकती है। (ii) सभी डाक मत पत्रों की इस आधार पर पुनर्गणना कि जीत का अंतर डाक मतों की संख्‍या से कम है, के संबंध में आयोग के अनुदेश में इस आशय का संशोधन कर दिया गया है कि यदि जीत का अंतर मतगणना के समय अमान्‍य के रूप में रद्द किए गए डाक मत पत्रों की संख्‍या से कम हो, तो परिणाम की घोषणा से पूर्व सभी रद्द किए गए डाक मत पत्रों का रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अनिवार्य रूप से पुन: सत्‍यापन किया जाएगा। जब कभी, ऐसा पुन: सत्‍यापन किया जाता है तो ऊपर संदर्भित आयोग के दिनांक 21.01.2009 के पत्र सं.470/2009/ईपीएस के पैराग्राफ-7 के अनुदेशों के अनुसार समस्‍त कार्यवाही की वीडियोग्राफी की जानी चाहिए। 4. ये अनुदेश आपके राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में नियुक्‍त सभी निर्वाचन प्रेक्षकों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को तत्‍काल संप्रेषित किए जाने चाहिए। ये राजनैतिक दलों को भी संप्रेषित किए जाएं। 5 . कृपया पावती दें और की जा रही कार्रवाई की संपुष्टि करें। भवदीय, (के.एफ.विल्‍फ्रेड) वरिष्‍ठ प्रधान सचिव जोनल अनुभागों में मानक वितरण
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    सं. 51/8/वीवीपैट-अनुदेश/2019/ईएमपीएस दिनांक: 19 मई, 2019 सेवा में सभी राज्‍यों और संघ राज्‍य क्षेत्रों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी विषय: वीवीपैट पेपर का अनिवार्य सत्‍यापन – तत्‍संबंधी। महोदय, मुझे उपर्युक्‍त विषय पर आयोग के दिनांक 15 अप्रैल, 2019 के पत्र सं. 51/8/वीवीपैट-अनुदेश/2019-ईएमपीएस, के संदर्भ में यह कहने का निदेश हुआ है कि मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने, वीवीपैट पेपर पर्चियों के अनिवार्य सत्‍यापन के प्रयोजनार्थ यादृच्छिक रूप से चयन किए जाने हेतु मतदान केंद्रों की संख्‍या के संबंध में स्‍पष्‍टीकरण मांगा है क्‍योंकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में कोई विधान सभा सेग्‍मेंट नहीं है। इस संबंध में, मुझे यह स्‍पष्‍ट करने का निदेश हुआ है कि लोकसभा निर्वाचनों के लिए, यदि किसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में विधान सभा सेग्‍मेंट नहीं है तो, वीवीपैट पेपर पर्चियों के अनिवार्य सत्‍यापन के लिए उस संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्रों से 05 (पांच) मतदान केंद्रों का यादृच्छिक रूप से चयन किया जाएगा। उक्‍त पत्र के अन्‍य सभी निर्देशों का अक्षरश: अनुपालन किया जाएगा। भवदीय, (मधुसूदन गुप्‍ता) अवर सचिव
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    सं. ईसीआई/प्रेस नोट/59/2019 दिनांक : 22 मई, 2019 प्रेस नोट वीवीपीएटी गणना क्रम को उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा अनुमोदित दिशा-निर्देशों के अनुसार जारी रखना: भारत निर्वाचन आयोग 22 राजनीतिक दलों के एक प्रतिनिधिमण्‍डल ने दिनांक 21 मई, 2019 को पूर्ण निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। उनके द्वारा उठाए गए अन्‍य मुद्दों के अलावा, उन्‍होंने ईवीएम(मों) में डाले गए मतों की गणना शुरू होने से पहले वीवीपीएटी की पर्चियों को गिनने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमण्‍डल के प्रस्‍थान के तुरन्‍त बाद, आयोग ने भारत निर्वाचन आयोग में इस मुद्दे से संबंधित कार्रवाई करने वाले वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। कल एवं आज, दो दौर की गहन चर्चा के बाद समग्र संदर्भ में और विशेष रूप से वर्ष 2019 की रिट याचिका (सिविल) सं. 273 में माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा दिनांक 08.04.2019 को दिए गए निर्णय को देखते हुए इस मांग को स्‍वीकार करना न तो संभव पाया गया है और न ही व्‍यावहारिक। उक्‍त निर्णय में यह निदेश है कि वीवीपीएटी का यादृच्छिक चयन प्रवृत्‍त ईवीएम मैनुअल (https://www.eci.gov.in/files/file/9230-manual-on-electronic-voting-machine-and-vvpat/) के दिशा-निर्देश 16.6 के अनुरूप पर्ची सत्‍यापन की प्रक्रिया के अध्‍यधीन होगा। कुछ अन्‍य प्रक्रियात्‍मक मुद्दे थे जैसे कि सभी रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के साथ अभ्‍यर्थियों के गणना एजेन्‍ट को अनुमति देना, जिसके संबंध में पहले ही आवश्‍यक अनुदेश दोहराए जा चुके हैं और इन्‍हें यथावश्‍यक अधिकाधिक अभ्‍यर्थी – अनुकूल बनाया गया है। आयोग प्रतिनिधिमण्‍डल के सभी सम्‍मानित सदस्‍यों को धन्‍यवाद देता है तथा उन्‍हें और देश के सभी निर्वाचकों को यह विश्‍वास दिलाता है कि समस्‍त गणना, विशेष रूप से स्‍टाँग रूम और मतगणना केन्‍द्रों की पूरी निगरानी, पूर्ण रूप से निष्‍पक्ष पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
  17. प्र.1 मतों की गणना और निर्वाचन के परिणाम की घोषणा के लिए कौन उत्तरदायी है? उत्तर : रिटर्निंग ऑफिसर लोक प्रतिनिधित्वत अधिनियम, 1951 की धारा 64 के अनुसार, मतों की गणना, निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा या उसके पर्यवेक्षण/निदेशन के अधीन की जाती है। जब गणना पूरी हो जाती है तो रिटर्निंग ऑफिसर लोक प्रतिनिधित्वण अधिनियम, 1951 की धारा 66 के उपबन्धों के अनुसार परिणाम की घोषणा करता है। प्र.2 सभी निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम घोषित हो जाने के बाद, कौन-सा प्राधिकारी नई लोक सभा का गठन करेगा-राष्ट्रषपति या निर्वाचन आयोग? उत्तर : भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 73 के अनुसार सभी संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम घोषित हो जाने के बाद भारत निर्वाचन आयोग, चुने गए सदस्ये के नामों को सरकारी राजपत्र में अधिसूचित करके नई लोक सभा का गठन करेगा।
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    Chapter-10 (Instructions to Zonal/Sector/Area Officers regarding EVMs) of 'Manual on Electronic Voting Machine and VVPAT' (July 2018, Idocument 2- Edition 3), which is extracted below, stands deleted. "However, for safe storage rt EVMs o.f 'C'and 'D'categories by Zonal/Sector/Area Officers after poll, a separate storage-room shall be earmarked so that these EVMs can be stored safely before depositing in store room on the very next day. " In this regard, Para 6 of the Commission's letter No. 51/8/7/2014-EMS, dated 24th April, 2014, is reiterated which is reproduced as under:"It is reiterated that under no circumstances any person will take any EVM, whether polled EVMs or reserve EVMs in the custody of sector officers, to his home or any private place. All polled EVMs and all reserve EVMs after the poll shall be under cover of armed police a1 all times. Reserve FIVMs should also bc rcturned at thc same time when the polled HVMs are returned at the receipt center. Reserve EVMs shall not be kept in the strong room meant for polled EVMs.They shall be kept in another strong room meant lor keeping rescrve llVMs. It must be ensured that all reserve EVMs are also dcposited in the strong room meant lor reserve EVMs at the same time when the polled EVMs are deposited in the strong room meant for polled EVMs."
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    The Commission has issued instructions from time to time regarding proper storage of various category of EVMs and WPATs after Poll and counting of votes. However, it has come to the Commission's notice that despite clear instructions to the contrary, unused and unpolled EVMs and VVPATs are stored with the polled EVMs and WPATs in many cases, resulting in these unused EVMs & WPATs getting blocked with the polled EVMs, till the completion of EP period, making them unavailable for any other use. In order to avoid this problem and ensure that unused EVMs and VVPATs are free from any encumbrances, it is reiterated that After poll, all available EVMs and WPATs are divided in four categories, as under: Category A: P.oilgd EYMs & WPATs: Those EVMs in which votes polled at polling stations are recorded and which are closed at the end of poll after following due procedure.
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    (a)EVMs and VVPATs of Category 'C' (i.e. defective unpolled) shall be kept in a separate strongroom designated as ,Repair Room (b) EVMs and VVPATs of Category'D' (i.e. unused reserve) shall be kept securely in a different strongroom, which shall not be in the vicinity of PC/AC strong room, so that EVMs and VVPATs of Category 'D' can be used for subsequent elections or any other purpose immediately alter polls. (c) In no case, EVMs and VVPATs of Category 'C' (i.e. defective unpolled) and EVMs and VVPATs of Category'D'(i.e. unused reserve) shall be mixed and kept in the same
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    Counting of votes for General/Bye Elections to the House of People/State Legislative Assembly – Counting Procedure – regarding.
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    Genesys Counting day Trends and Results Dissemination Application for GE Loksabha

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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