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    सं. ईसीआई/पीएन/77/2021 दिनांक: 04.09.2021 प्रेस नोट विषय: विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में आकस्मिक रिक्ति को भरने और स्थगित मतदान हेतु कार्यक्रम-तत्संबंधी। आयोग ने दिनांक 3 मई, 2021 के प्रेस नोट संख्या ईसीआई/पीएन/61/2021 के तहत स्थगित मतदान (जो 16.05.2021 को होना नियत था) को आस्थगित कर दिया और एनडीएमए/एसडीएमए द्वारा यथानिर्गत आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत लॉकडाउन/प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए ओडिशा के 110-पिपली विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र (एसी) एवं पश्चिम बंगाल के 58-जंगीपुर एवं 56-समसेरगंज विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचनों की अवधि आगे बढ़ा दी गई। इसके अलावा, सभी वस्तुगत तथ्यों और महामारी को देखते हुए विभिन्न राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से मिले इनपुट्स को ध्यान में रख कर आयोग ने दिनांक 5 मई, 2021 के प्रेस नोट संख्या ईसीआई/पीएन/64/2021 के तहत विभिन्न राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र में उप-निर्वाचनों को आस्थगित कर दिया। 2. आज की तारीख में तीन आस्थगित स्थगित मतदान हैं (पश्चिम बंगाल राज्य में दो और ओडिशा राज्य में एक), संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में तीन रिक्तियां और विभिन्न राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र की विधान सभाओं में 32 रिक्तियां हैं। 3. विभिन्न राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र में उप-निर्वाचन कराने की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए, दिनांक 01.09.2021 को संबंधित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र के मुख्य सचिवों, स्वास्थ्य एवं गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस महानिदेशकों और संबंधित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेस के माध्यम से एक बैठक की गई। मुख्य सचिवों/मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने कोविड-19 महामारी, बाढ़ की स्थिति और निकट भविष्य के त्यौहारों इत्यादि के मद्देनज़र अपने-अपने राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र में उप-निर्वाचन आयोजित करवाने में अपने इनपुट्स, बाधाओं, मुद्दों और चुनौतियों को साझा किया। मतदान वाले संबंद्ध राज्यों से संबंधित मुख्य सचिवों ने भी अपने विचार और इनपुट्स लिखित में भेजे हैं। 4. आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, मेघालय, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश राज्यों के मुख्य सचिव और संघ राज्य क्षेत्र दादरा नागर हवेली और दमन और दीव के सलाहकार, बाढ़ की परिस्थितियों, त्यौहारों और महामारी से संबंधित बाधाओं को आयोग के संज्ञान में लाए। उन्होंने सुझाव दिया कि उप-निर्वाचनों को त्यौहारों के खत्म होने के बाद में कराया जाना उचित होगा। 5. इनके अलावा, कुछ राज्य आयोग के संज्ञान में यह भी लाए हैं कि, भारत सरकार, विभिन्न शोध संस्थानों, तकनीकी विशेषज्ञ समितियों और पेशेवरों ने अक्तूबर से कोविड-19 की तीसरी लहर के आने की संभावना की भविष्यवाणी की है। गृह मंत्रालय ने भी दिनांक 28 अगस्त, 2021 को कोविड-19 से बचाव के लिए विस्तृत अनुदेश जारी किए। 6. मुख्य सचिव, ओडिशा ने भी सूचित किया कि कोविड की स्थिति नियंत्रण में है और मतदान कराया जा सकता है। मुख्य सचिव, पश्चिम बंगाल ने सूचित किया कि कोविड-19 की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। वे यह भी संज्ञान में लाए कि राज्य में बाढ़ की स्थिति ने मतदान करवाए जाने वाले विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों को प्रभावित नहीं किया है और राज्य निर्वाचन कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत, कोई मंत्री, जो लगातार छह महीनों तक राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं है, वह उस अवधि के समाप्त होने पर मंत्री नहीं रहेगा/रहेगी और इससे एक संवैधानिक संकट और सरकार में उच्च कार्यपालक पदों में शून्यता आ जाएगी जब तक कि तत्काल निर्वाचन न कराए जाएं। उन्होंने यह भी सूचित किया है कि प्रशासनिक आवश्यकताओं और लोकहित के मद्देनजर और राज्य में शून्यता की स्थिति से बचने के लिए 159- भबानीपुर, कोलकाता, जहां से सुश्री ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री निर्वाचन लड़ने वाली हैं, में उप-निर्वाचन कराया जा सकता है। 7. संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से मिले इनपुट्स और विचारों को ध्यान में रखने के बाद, हालांकि आयोग ने अन्य 31 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों और 3 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में उप-निर्वाचन नहीं कराने का निर्णय लिया है तथापि संवैधानिक अत्यावश्यकता और पश्चिम बंगाल राज्य से मिले विशेष अनुरोध पर विचार करके, 159-भवानीपुर, कोलकाता विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में निर्वाचन कराने का निर्णय लिया गया है। आयोग द्वारा कोविड-19 महामारी से सुरक्षा के लिए पूर्ण सावधानी के रूप में पहले से ज्यादा सख्त मानक बनाए गए हैं। उप-निर्वाचन हेतु कार्यक्रम अनुबंध-1 में संलग्न है। 8. इसके अलावा, आयोग ने 3 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों, नामत: पश्चिम बंगाल के 56-समसेरगंज, 58-जंगीपुर और ओडिशा के एक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 110-पिपली, जहां आयोग की 4 मई, 2021 की अधिसूचना के तहत स्थगित मतदान को आस्थगित कर दिया गया था, में अनुबंध-2 में दिए गए कार्यक्रम के अनुसार मतदान कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की जा रही हैं। इन तीनों (3) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अभ्यर्थी/राजनैतिक दलों ने दिनांक 29.04.2021 से 03.05.2021 तक की प्रचार अभियान अवधि का पहले ही लाभ उठा चुके हैं। इसके मद्देनज़र, आयोग ने अब इन विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में केवल 20.09.2021 से प्रचार अभियान चलाने की अनुमति देने का निर्णय ले लिया है। 9. निर्वाचक नामावली यथोक्त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 01.01.2021 के संदर्भ में प्रकाशित निर्वाचक नामावली इन निर्वाचनों के लिए प्रयोग में लाई जाएगी । 10. इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपैट आयोग ने उप-निर्वाचन में सभी मतदान केंद्रों में ईवीएम एवं वीवीपैट का उपयोग करने का निर्णय लिया है। ईवीएम एवं वीवीपैट पर्याप्त संख्या में उपलब्ध करा दी गई हैं और मशीनों की सहायता से मतदानों का आयोजन सुचारु रूप से हो सुनिश्चित करवाने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं। 11. मतदाताओं की पहचान किसी मतदाता की पहचान के लिए निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) प्रमुख दस्तावेज होगा। बहरहाल, मतदान केंद्र पर निम्नलिखित पहचान दस्तावेजों में से भी कोई भी दस्तावेज दिखाया जा सकता है: i. आधार कार्ड, ii. मनरेगा जॉब कार्ड, iii. बैंक/डाकघर द्वारा जारी फोटो सहित पासबुक, iv. श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, v. ड्राइविंग लाइसेंस, vi. पैन कार्ड, vii. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत भारत के महापंजीयक द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, viii. भारतीय पासपोर्ट, ix. फोटोग्राफ सहित पेंशन दस्तावेज, x. केंद्रीय/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/लिमिटेड कम्पनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान-पत्र, और xi. संसद सदस्यों/विधान सभा सदस्यों/विधान परिषद सदस्यों को जारी आधिकारिक पहचान पत्र। 12. आदर्श आचार संहिता आयोग के अनुदेश सं. 437/6/आईएनएसटी/2016-सीसीएस, दिनांक 29 जून, 2017 (आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध) के तहत यथा-जारी आंशिक संशोधन अध्यधीन आदर्श आचार संहिता 04.09.2021 से उस जिले (जिलों) में तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी जिसमें निर्वाचन होने वाले विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र का पूरा या कोई भाग शामिल हो। 13. कोविड-19 की अवधि के दौरान उप-निर्वाचनों / स्थगित निर्वाचनों के संचालन के दौरान पालन किए जाने वाले विस्तृत दिशा-निर्देश आयोग ने 21 अगस्त, 2020 को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा, इसने दिनांक 09.10.2020, 09.04.2021, 16.04.2021, 21.04.2021, 22.04.2021, 23.04.2021 एवं 28.04.2021 को भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो आयोग की वेबसाइट eci.gov.in or link https://eci.gov.in/candidate-political-parties/instructions-on-covid-19/ पर उपलब्ध हैं। साथ ही, दिनांक 28 अगस्त, 2021 के पत्र सं. 40-3/2020-डीएम-I(क), के तहत कोविड प्रबंधन के लिए लक्षित और त्वरित कार्रवाइयों को लागू करने के लिए गृह मंत्रालय द्वारा अनुदेशों को 30 सितम्बर, 2021 तक बढ़ा दिया गया है। राजनैतिक दलों/मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से इनपुट्स लेने के बाद और एमएचए/एमओएचएफडब्ल्यू के मौजूदा अनुदेशों को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने इन दिशा-निर्देशों को और ज्यादा सख्त कर दिया है। इसके अलावा, कोविड-19 अवधि के दौरान पश्चिम बंगाल में साधारण निर्वाचन के संचालन से संबंधित आयोग के सभी अनुदेश, यथोचित परिवर्तन के साथ इन उप-निर्वाचनों/स्थगित निर्वाचनों के लिए भी लागू रहेंगे। सभी स्टेकहोल्डर इन अनुदेशों का पालन करेंगे। संबंधित राज्य सरकार इन अनुदेशों के अनुपालन में निम्नानुसार सभी समुचित कार्रवाई/उपाय करेगी:- 1 नाम-निर्देशन नाम-निर्देशन से पहले और बाद में, शोभायात्रा, जनसभा निषिद्ध है/रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय के 100 मीटर की परिधि क्षेत्र में केवल तीन वाहनों की अनुमति। नाम-निर्देशन के लिए किसी शोभायात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। 2 प्रचार अभियान अवधि (क) प्रचार के लिए सभा (i) इनडोर अनुमत क्षमता का 30% या 200 व्यक्ति, जो भी कम हो। सभा में उपस्थित होने वाले व्यक्तियों की संख्या की गणना करने के लिए एक रजिस्टर बनाया जाएगा। (ii) बाह्य प्रमुख (स्टार) प्रचारकों के मामले में क्षमता का 50% (कोविड-19 के दिशानिर्देशों के अनुसार) या 1000 और अन्य सभी मामलों में क्षमता का 50% या 500। दोनों मामलों में अनुमत संख्या वही है, जो भी कम हो। संपूर्ण क्षेत्र की घेराबंदी की जाएगी और पुलिस द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाएगी। मैदान में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों की गणना का अनुवीक्षण किया जाएगा। घेराबंदी/बाड़बंदी का खर्च अभ्यर्थी/पार्टी द्वारा वहन किया जाएगा। रैलियों के लिए केवल वे ही मैदान प्रयोग में लाए जाएंगे जिनकी पूरी घेराबंदी/बाड़बंदी है। (ख) प्रमुख प्रचारक कोविड-19 महामारी के कारण इन उप-निर्वाचनों के लिए राष्ट्रीय/राज्यीय मान्यता प्राप्त दलों के प्रमुख (स्टार) प्रचारकों की संख्या 20 और गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों के लिए 10 तक सीमित है। (ग) रोड शो किसी रोड शो की अनुमति नहीं दी जाएगी और किसी मोटर/बाइक/साइकिल रैलियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। (घ) नुक्कड़ सभा अधिकतम 50 व्यक्तियों को अनुमति दी जाएगी (स्थान की उपलब्धता एवं कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन के अध्यधीन) (ङ) घर-घर जाकर प्रचार अभियान अभ्यर्थियों/उनके प्रतिनिधियों को शामिल करके 5 व्यक्तियों द्वारा घर-घर जाकर प्रचार। (च) वीडियो वैन के माध्यम से प्रचार अभियान स्थान की उपलब्धता एवं कोविड-19 के दिशानिर्देशों के अनुपालन के अध्यधीन एक क्लस्टर स्थान में 50 से अधिक श्रोताओं को अनुमति नहीं दी जाएगी। (ज) प्रचार अभियान के लिए वाहनों का प्रयोग अभ्यर्थी/राजनैतिक दल के लिए (स्टार प्रचारक के अतिरिक्त) कुल अनुमत वाहन:- 20 प्रति वाहन अधिकतम व्यक्तियों की संख्या, वाहन की क्षमता का 50% अनुमत्य। 3 प्रचार रहित अवधि प्रचार रहित अवधि है मतदान समाप्ति से 72 घंटे पूर्व। 4 मतदान दिवस की गतिविधियां 1. अधिकतम 2 वाहनों की अनुमति दी जाएगी और प्रत्येक वाहन पर 3 व्यक्ति होंगे। मौजूदा लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षा। 2. ईसीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदान केंद्र पर मतदान दिवस की गतिविधियां। 5 मतगणना दिवस भीड़ को रोकने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को समुचित उपाय करने चाहिए। मतगणना के पूरे समय के दौरान सामाजिक दूरी बनाना और कोविड सुरक्षा संबंधी अन्य नयाचारों का सख्ती से अनुपालन किया जाना चाहिए। 6. सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसी सभी गतिविधियों का सख्ती से अनुपालन किया जाएगा। कोविड-19 नयाचार के अनुसार, सामाजिक दूरी बनाना और मास्क, सैनीटाइज़र, थर्मल स्कैनिंग, फेस-शील्ड, दस्ताने इत्यादि के प्रयोग का अनुपालन किया जाना चाहिए। कोविड नयाचार अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी निवारक और उपशमन उपायों के लिए एसडीएमए उत्तरदायी है। कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुवीक्षण, पर्यवेक्षण एवं अनुपालन के लिए मुख्य सचिव और महानिदेशक और जिला स्तरीय प्राधिकारी उत्तरदायी होंगे। 7. यदि कोई अभ्यर्थी या राजनैतिक दल उपर्युक्त दिशा-निर्देशों में से किसी का भी उल्लंघन करता है तो संबंधित अभ्यर्थी/दल को रैलियों, सभाओं इत्यादि के लिए आगे कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई प्रमुख (स्टार) प्रचारक कोविड नयाचारों का उल्लंघन करता है तो उसे उस निर्वाचन क्षेत्र/जिले में आगे प्रचार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 8. निर्वाचन ड्यूटी में लगे प्राइवेट व्यक्तियों सहित सभी मतदान कर्मियों और निर्वाचन अधिकारियों को अपनी सेवाएं देने से पहले दोनों टीके लगवाए जाएंगे। 9. अभ्यर्थी/निर्वाचन एजेंट/मतदान एजेंट/मतगणना एजेंट/ड्राइवर इत्यादि, जो भी जनता या निर्वाचन अधिकारियों के संपर्क में आ रहा है, उसे दोनों टीके लगवाने होंगे। 10. प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए कोविड नोडल अधिकारी के रूप में एक स्वास्थ्य कर्मी नियुक्त किया जाना चाहिए। 11. मुख्य सचिव/महानिदेशक और संबंधित जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक यह सुनिश्चित करने के लिए कि मतदान पूर्व और मतदान के पश्चात मतदान संबंधी कोई हिंसा न हो, पर्याप्त निवारक उपाय करेंगे तथा आवश्यक व्यवस्था करेंगे। 12. स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के आलोक में, भारत निर्वाचन आयोग, मौजूदा परिस्थितियों पर पैनी नजर बनाए रखेगा और आगामी निर्वाचनों के लिए दिशों-निर्देशों को और सख्त कर सकता है। अनुबंध-1 पश्चिम बंगाल के 159- भबानीपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में उप-निर्वाचन के लिए कार्यक्रम मतदान कार्यक्रम तारीख एवं दिन राज-पत्र की अधिसूचना जारी करने की तारीख 06.09.2021, सोमवार नाम-निर्देशनों की अंतिम तारीख 13.09.2021, सोमवार नाम-निर्देशनों की संवीक्षा की तारीख 14.09.2021, मंगलवार अभ्यर्थिताओं को वापिस लेने की अंतिम तारीख 16.09.2021, गुरुवार मतदान की तारीख 30.09.2021, गुरुवार मतगणना की तारीख 03.10.2021, रविवार वह तारीख, जिससे पहले निर्वाचन पूरा कर लिया जाएगा 05.10.2021, मंगलवार अनुबंध-2 पश्चिम बंगाल के 56-समसेरगंज एवं 58-जंगीपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों तथा ओडिशा के 110-पिपिली विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, जहां स्थगित मतदान आस्थगित कर दिए गए थे, में मतदान के लिए कार्यक्रम मतदान कार्यक्रम तारीख एवं दिन मतदान की तारीख 30.09.2021, गुरुवार मतगणना की तारीख 03.10.2021, रविवार वह तारीख, जिससे पहले निर्वाचन पूरा कर लिया जाएगा 05.10.2021, मंगलवार
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    सं.: ईसीआई/पीएन/48/ 2019 दिनांक: 18 अगस्त, 2020 प्रेस विज्ञप्ति कोविड-19 अवधि के दौरान साधारण/उप-निर्वाचन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने के मामले पर आज आयोग की बैठक में चर्चा की गई। आयोग ने राजनीतिक दलों द्वारा दिए गए विचारों/सुझावों पर विचार को स्वीकार किया। इसने राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों/संस्तुतियों पर भी विचार किया। इन सभी पर विचार करने के बाद, आयोग ने निर्देश दिया कि कोविड-19 पर गृह-मंत्रालय/स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, तीन दिनों के भीतर, विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार किए जाएं। आयोग ने निर्देश दिया कि इन दिशा-निर्देशों के आधार पर, निर्वाचनरत राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी निर्वाचनों के संचालन के दौरान संबंधित राज्य/जिले की स्थानीय परिस्थितियों के मद्देनजर कोविड-19 के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करें।
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    सं.: ईसीआई/प्रे.नो./77/2020 दिनांक: 12 अक्तूबर, 2020 प्रेस विज्ञप्ति कोविड-19 के दौरान सुगम, समावेशी और सुरक्षित निर्वाचनों की ओर बिहार में निर्वाचन अधिकारियों का डाक मत-पत्र के लिए पात्र मतदाताओं से संपर्क चरण-1 के 71 निर्वाचन क्षेत्रों में 52000 से अधिक पात्र मतदाताओं ने डाक मत-पत्र का विकल्प चुना है चूंकि, बिहार के 16 जिलों के 71 निर्वाचन क्षेत्रों में, जहां मतदान की तारीख 28 अक्तूबर, 2020 है, नाम वापस लेने की अंतिम तारीख होने के कारण, नाम-निर्देशन की प्रक्रिया आज समाप्त हो जाएगी, अत: इन निर्वाचन क्षेत्रों के बूथ लेवल अधिकारियों ने वरिष्ठ नागरिक (80 वर्ष से अधिक उम्र वाले) और दिव्यांगजन श्रेणी के चार लाख से अधिक निर्वाचकों से संपर्क किया। ऐसे बावन हजार से अधिक निर्वाचकों ने डाक मत-पत्र के जरिए मतदान करने का अपना विकल्प चुना है। प्रक्रिया में गोपनीयता, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उचित सुरक्षा और वीडियोग्राफी के साथ रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा इन निर्वाचकों को पूर्व सूचित तारीख(खों) को डाक मत-पत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। शेष निर्वाचक मतदान दिवस पर मतदान करने के लिए मतदान केंद्र आने के लिए इच्छुक हैं। यह पहला अवसर है कि बिहार निर्वाचनों में दोनों श्रेणियों को डाक मत-पत्र की सुविधा प्रदान की गई है। पूर्व में, 29 सितम्बर से 1 अक्तूबर, 2020 की अवधि में आयोग के बिहार दौरे के दौरान, उक्त श्रेणियों के मतदाताओं के लिए इस प्रावधान के कार्यान्वयन से संबंधित कतिपय सरोकारों की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया था। इन सरोकारों पर व्यापक रूप से ध्यान देते हुए आयोग ने 3 अक्तूबर, 2020 को निदेश दिया था: “ रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, मतदान केंद्र के क्षेत्र में बीएलओ, संबंधित निर्वाचकों के घर जाएगा और संबंधित निर्वाचकों को प्ररूप 12-घ देगा। यदि कोई निर्वाचक उपलब्ध नहीं है, तो वह (बीएलओ) अपने संपर्क का विवरण छोड़कर आएगा/आएगी और इसे लेने के लिए अधिसूचना के 5 दिनों के अंदर दोबारा जाएगा/जाएगी। निर्वाचक, प्ररूप 12-घ के साथ संलग्न पावती में, डाक मत-पत्र के लिए विकल्प दे सकता है या नहीं दे सकता है। यदि, वह डाक मत-पत्र का विकल्प देता है/ देती है, तो बीएलओ भरा हुआ फॉर्म 12-घ अधिसूचना के 5 दिनों के अंदर निर्वाचक के घर से लाएगा/लाएगी और इसे अविलंब रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा करा देगा/देगी। बीएलओ सभी पावती फॉर्म और सभी 12-घ फॉर्मों को रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा कराएगा। रिटर्निंग अधिकारी के समग्र पर्यवेक्षण के तहत सेक्टर अधिकारी इसका पर्यवेक्षण करेगा।” बिहार में उत्तरवर्ती दो चरणों में होने वाले निर्वाचनों और अन्य सभी राज्यों के उप-निर्वाचनों में, यह कवायद जारी रहेगी, ताकि कोविड-19 अवधि के दौरान इन श्रेणियों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया अधिकाधिक सुगम, समावेशी और सुरक्षित रहे। बिहार में होने वाले अगले दो चरणों के निर्वाचनों में, बीएलओ इस प्रयोजनार्थ लगभग 12 लाख निर्वाचकों के घर जाएंगे।
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    सं. ईसीआई/पीएन/60/2020 दिनांक: 21 सितंबर, 2019 प्रेस नोट पूरे विश्व के लोकतांत्रिक देश कोविड-19 के दौरान निर्वाचनों का संचालन करने के अनुभव साझा करने के लिए एक साथ आए। भारत निर्वाचन आयोग ने 'कोविड-19' के दौरान निर्वाचनों के संचालन के लिए मुद्दे, चुनौतियाँ और प्रोटोकॉल: देशों के अनुभवों को साझा करना विषय पर अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया। इस अवसर पर दो प्रकाशन जारी किए गए; इंडिया ए-वेब सेंटर 'A-Web India Journal of Elections' का प्रकाशन करना है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कोविड-19 महामारी के बीच बिहार में संचालित किए जाने वाले निर्वाचनों की व्यापकता को उजागर किया; आयोग को राज्य का दौरा करने पर शीघ्र निर्णय लेना है। एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड इलेक्शन बॉडीज़ (ए-वेब) की अध्यक्षता के एक वर्ष पूरा होने पर, भारत निर्वाचन आयोग ने आज 'कोविड-19' के दौरान निर्वाचनों के संचालन के लिए मुद्दे, चुनौतियाँ और प्रोटोकॉल: देशों के अनुभवों को साझा करना, विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार की मेजबानी की। यह दुनिया भर के लोकतंत्रों के लिए कोविड-19 के दौरान निर्वाचन कराने के अनुभवों को साझा करने के लिए एक साथ आने का अवसर था। यह स्मरण दिलाया जा सकता है कि पिछले साल 03 सितंबर 2019 को भारत ने बेंगलुरु में आयोजित ए-वेब की चौथी महासभा के दौरान 2019-2021 कार्यकाल के लिए ए-वेब के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था। वेबिनार का उद्घाटन करते हुए भारत के माननीय मुख्य निर्वाचन आयुक्त और ए-वेब के अध्यक्ष, श्री सुनील अरोड़ा ने दुनिया भर में निर्वाचन प्रबंधन निकायों के समक्ष पेश आ रही "कठिन परिस्थिति" और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति में निर्वाचन कराएं जाएं कि नहीं और कैसे निर्वाचन कराएं जाएं, पर बात की। उन्होंने कहा कि हर देश की प्रासंगिक रूपरेखा अलग थी, रोग का विस्तार और दिशा अलग-अलग थी और इसी प्रकार नोवल कोरोना वायरस और इसके भयावह प्रभाव के प्रति अनुक्रिया करने की प्रत्येक देश की क्षमता भी अलग-अलग थी। उन्होंने दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलावी, ताइवान, मंगोलिया और कई अन्य ऐसे ही देशों का उल्लेख किया, जो निर्वाचनों के संचालन के दौरान लोगों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपेक्षित भारी-भरकम व्यवस्थाएं करने के साथ निर्धारित निर्वाचनों के आयोजन हेतु आगे बढ़े। श्री सुनील अरोड़ा ने उल्लेख किया कि भारत में निर्वाचकों की बड़ी संख्या, भौगोलिक और भाषाई विविधता और भिन्न-भिन्न जलवायु परिस्थितियों के कारण निर्वाचनों का आयोजन एक विकट चुनौती के रूप में सामने आता है। बिहार विधान सभा के आगामी चुनावों की व्यापकता के बारे में विस्तार से बताते हुए, उन्होंने उल्लेख किया कि निर्वाचकों की कुल संख्या 72.9 मिलियन है। निर्वाचन पर कोविड-19 के प्रभाव का वर्णन करते हुए, श्री अरोड़ा ने बताया कि किस तरह कोविड-19 की अत्यावश्यकताओं और सामाजिक दूरी उपायों ने आयोग के मौजूदा निर्देशों पर पुन: विचार किए जाना जरूरी बना दिया। एक मतदान केंद्र पर निर्वाचकों की अधिकतम संख्या 1500 से घटाकर 1000 कर दी गई, और फलस्वरूप, मतदान केंद्रों की संख्या 40 प्रतिशत बढ़कर 65,000 से 100,000 हो गई। इन परिवर्तनों के भारी संभारतंत्रगत और जनशक्ति निहितार्थ हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उल्लेख किया कि आयोग अगले दो से तीन दिनों के भीतर बिहार का दौरा करने पर निर्णय लेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने यह भी उल्लेख किया कि आयोग ने वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांग व्यक्तियों को सुविधा प्रदान करने और मौजूदा परिस्थितियों में, कोविड पॉजिटिव मतदाताओं और संगरोध में रहने वाले मतदाताओं का मताधिकार सुनिश्चित करने पर बहुत जोर दिया है। इस संदर्भ में, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उल्लेख किया कि नवंबर-दिसंबर 2019 में झारखंड की विधान सभा के निर्वाचनों और फरवरी 2020 में दिल्ली की विधान सभा निर्वाचनों के साथ शुरुआत करके, किस प्रकार 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं, दिव्यांगजनों और विनिर्दिष्ट अनिवार्य सेवाओं में लगे हुए सेवा मतदाताओं को डाक मतपत्र की सुविधा प्रदान की गई थी। डाक मतपत्र की यह सुविधा ऐसे कोविड पॉजिटिव निर्वाचकों को भी प्रदान की गई है जो संगरोध/अस्पताल में भर्ती हैं। श्री सुनील अरोड़ा ने उन विशिष्ट और विस्तृत दिशानिर्देशों का उल्लेख किया जो कोविड के समय में निर्वाचन का संचालन करने के लिए तैयार किए गए हैं। उन्होंने जून, 2020 महीने में राज्यसभा की 18 सीटों के निर्वाचनों के सफल संचालन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 के प्रथमार्ध में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में निर्वाचन कराए जाने हैं। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने सितंबर 2019 में बेंगलुरु में आयोजित ए-वेब महासभा को याद किया। उन्होंने उल्‍लेख किया कि आज वेबिनार का आयोजन ए-वेब के अध्‍यक्ष के रूप में भारत निर्वाचन आयोग के कार्यकाल के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर इंडिया ए-वेब सेंटर के तत्‍वावधान में किया जा रहा है। आज जारी किए जा रहे दो प्रकाशनों, अर्थात् ‘Brief Profiles of the Countries, member EMBs and Partner Organizations of A-WEB’ और ‘COVID 19 and International Election Experience’ का उल्लेख करते हुए उन्‍होंने कहा, ये शोधवेत्‍ताओं और वृत्‍तिकों दोनों के लिए एकसमान रूप से एक उपयोगी साधन होंगे। उन्होंने कहा कि ए-वेब इंडिया सेंटर ने “AWEB Journal of Elections’ नामक विश्वस्तरीय जर्नल प्रकाशित करने की दिशा में भी काफी प्रगति की है। इस पत्रिका का पहला अंक मार्च 2021 में जारी किया जाएगा। आज वेबिनार में दुनिया भर के 45 देशों (यथा अंगोला, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भूटान, बोस्निया और हर्जेगोविना, बोत्सवाना, ब्राजील, कंबोडिया, कैमरून, कोलंबिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, डोमिनिका, अल साल्वाडोर, इथियोपिया, फिजी, जॉर्जिया, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कजाख़स्तान, कोरिया गणराज्य, किर्गिज़ गणराज्‍य, लाइबेरिया, मलावी, मालदीव, माल्डोवा, मंगोलिया, मोज़ाम्बिक, नाइजीरिया, फिलिस्तीन, फिलीपींस, रोमानिया, रूस, साओ टोम और प्रिंसिप, सोलोमन द्वीप, सिएरा लियोन, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, सूरीनाम, स्वीडन, ताइवान, ताइवान, टोंगा, तुर्की, उज्बेकिस्तान और ज़ाम्बिया) और 4 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों (इंटरनेशनल आइडिया, इंटरनेशनल फाउंडेशन ऑफ़ इलेक्टोरल सिस्टम (आईएफईएस), एसोसिएशन ऑफ़ वर्ल्ड इलेक्शन बॉडीज़ (ए-वेब) और यूरोपियन सेंटर फ़ॉर इलेक्शन के 120 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड इलेक्शन बॉडीज़ (ए-वेब) दुनिया भर में निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबी) का सबसे बड़ा संघ है। वर्तमान में ए-वेब में 115 ईएमबी सदस्य के रूप में और 16 क्षेत्रीय संघ/संगठन सहयोगी सदस्य के रूप में हैं। भारत निर्वाचन आयोग 2011-12 के बाद से ए-वेब के गठन की प्रक्रिया से बहुत निकटता से जुड़ा हुआ है।
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    सं. भानिआ/प्रेसनोट/59/2020 दिनांकः 20 सितंबर, 2020 प्रेस नोट भारत निर्वाचन आयोग द्वारा “कोविड-19 के दौरान निर्वाचनों का आयोजन करने के लिए मुद्दे, चुनौतियां और प्रोटोकॉलः देशों के अनुभव साझा करना” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार की मेजबानी करना भारत निर्वाचन आयोग विश्व निर्वाचन निकाय संघ (ए-वेब) की अध्यक्षता का अपना एक वर्ष पूरा करने के अवसर पर “कोविड-19 के दौरान निर्वाचनों का आयोजन करने के लिए मुद्दे, चुनौतियां और नयाचारः देशों के अनुभव साझा करना” थीम पर 21 सितंबर, 2020 को एक अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन करेगा। 2. विश्व निर्वाचन निकाय संघ (ए-वेब) पूरे विश्व में निर्वाचन प्रबंधन निकायों का सबसे बड़ा संघ है। वर्तमान में, इसके 115 निर्वाचन प्रबंधन निकाय सदस्य हैं और 16 क्षेत्रीय संघ/ संगठन इसके सहयोगी सदस्य हैं। वर्ष 2011-12 से ही ए-वेब के गठन की प्रक्रिया में भारत निर्वाचन आयोग गहनता से जुड़ा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग ने 3 सितंबर, 2019 को बेंगलुरू में ए-वेब की चौथी महासभा की मेजबानी की थी, और वर्ष 2019-2021 की अवधि के लिए ए-वेब की अध्यक्षता ग्रहण की। श्री सुनील अरोड़ा, भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने 3 सितंबर, 2019 को बेंगलुरू में वर्ष 2019-2021 के कार्यकाल के लिए विश्व निर्वाचन निकाय संघ की अध्यक्षता ग्रहण की। 3. ए-वेब कार्यकारी निदेशक मंडल की 2 सितंबर, 2019 को बेंगलुरू में हुई असाधारण बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, सर्वोत्तम पद्धतियों को साझा करने और ए-वेब सदस्यों के अधिकारियों की क्षमता निर्माण के लिए विश्व स्तरीय प्रलेखन, अनुसंधान और प्रशिक्षण हेतु नई दिल्ली में एक इंडिया ए-वेब सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है। इस सेंटर के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने समस्त संसाधन प्रदान किए हैं। श्री सुनील अरोड़ा, भारत के माननीय मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अध्यक्ष, ए-वेब की अगुवाई में इंडिया ए-वेब सेंटर के तत्त्वाधान में कई पहल की जा रही हैं। 4 इंडिया ए-वेब सेंटर द्वारा आयोजित किया जाने वाला यह पहला वेबिनार है। विश्व भर के 45 देशों (नामतः अंगोला, अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, बांग्लादेश. भूटान, बोस्निया और हर्जेगोविना, बोत्सवाना, ब्राजील, कंबोडिया, कैमरून, कोलंबिया लोकतांत्रिक कांगों गणराज्य, डोमिनिका, अल साल्वाडोर, इथियोपिया, फिज़ी, जार्जिया, इंडोनेशिया, जार्डन, कज़ाकिस्तान, कोरिया गणराज्य, किर्गिज़ गणतंत्र, लाइबेरिया, मलावी, मालदीव, माल्डोवा, मंगोलिया, मोज़ाम्बिक, नाइजीरीया, फिलिस्तीन, फिलीपींस, रोमानिया, रूस, साओ टोम और प्रिंसिप, सोलोमन द्वीप, सिएरा लियोन, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, सूरीनाम, स्वीडन, ताइवान, टोंगा, तुर्की, उज्बेक्स्तान और ज़ाम्बिया) के 120 से अधिक प्रतिनिधि और 4 अंतर्राष्ट्रीय संगठन (नामतः अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए, इंटरनेशनल फांउडेशन ऑफ इलेक्टोरल सिस्टम (आईएफईएस) एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड इलेक्शन बाडीज (ए-वेब) और यूरोपियन सेंटर फार इलेक्शन इस वेबिनार में भाग लेंगे। 5. अस्तित्व में आने के कुछ समय के भीतर ही इंडिया ए-वेब सेंटर ने दो अत्यधिक उपयोगी प्रकाशन नामतः “ब्रीफ प्रोफाइल ऑफ द कंट्रीज, मेम्बर ईएमबी एंड पार्टनर आर्गेनाइजेशन ऑफ ए-वेब” और “कोविड 19 एंड इंटरनेशनल इलेक्शन एक्सपीरियंस” निकाले जिसे पूरे ए-वेब समुदाय के लाभ हेतु वेबिनार में जारी किया जाएगा। यह सेंटर कई प्रकाशन और दस्तावेज़ जारी करने जा रहा है जिसमें एक विश्व स्तरीय तिमाही पत्रिका ‘ए-वेब इंडिया जर्नल ऑफ इलेक्शंस’ भी शामिल है। वेबिनार में पत्रिकाओं संबंधी एक विवरणिका (ब्रोशर) भी जारी की जाएगी। 6. वेबिनार में प्रतिभागी निर्वाचन प्रबंधन निकायों और संगठनों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। प्रथम सत्र, जिसकी अध्यक्षता श्री सुशील चंद्रा, माननीय निर्वाचन आयुक्त करेंगे. में फिज़ी, कोरिया गणराज्य, मंगोलिया और ताइवान और इनके साथ ही इंटरनेशनल आई डी ई ए और ए-वेब की प्रस्तुतियां शामिल होंगी जिनमें ये निर्वाचन प्रबंधन निकाय और संगठन कोविड-19 के दौरान निर्वाचनों के आयोजन में सामने आई चुनौतियों और अनुभवों तथा परिप्रेक्ष्य(दृष्टिकोण) को साझा करेंगे। द्वितीय सत्र, जिसकी अध्यक्षता श्री राजीव कुमार, माननीय निर्वाचन आयुक्त करेंगे, में दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, भारत, मालावी और आईएफईएस की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 7. आशा है कि कोविड-19 महामारी के इस चुनौतीपूर्ण माहौल में स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए 21 सितंबर, 2020 को होने वाले अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में पारस्परिक संवाद एवं विचार-विमर्श, सभी प्रतिभागियों के लिए सुझावों का आदान-प्रदान करने और एक दूसरे से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेंगे।
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    सं. ईसीआई/प्रेनो/61/2020 दिनांक: 21 सितंबर, 2020 प्रेस नोट महामारी के बीच चुनाव का आयोजन – भारत निर्वाचन आयोग के वेबिनार में लोकतंत्रों ने बहुमूल्‍य विचार साझा किए भारत निर्वाचन आयोग ने समयबद्ध, स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष तथा सहभागी निर्वाचनों के संचालन के लिए निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबीज्) की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया मुख्य चुनाव आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने आज दुनिया भर में लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए समयबद्ध, स्वतंत्र, निष्पक्ष और सहभागी निर्वाचनों के संचालन के लिए दुनिया भर में निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबीज्) की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के लोकतंत्रों के संबंध में बोले गए कथन कि सरकारें "लोगों की, लोगों द्वारा और लोगों के लिए" होती हैं, को याद किया। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने नेल्सन मंडेला के एक उद्धरण को भी याद किया: “साहस का अर्थ डर का न होना नहीं होता, बल्‍कि डर के ऊपर विजय प्राप्‍त करना होता है। बहादुर आदमी वह नहीं है जिसे डर नहीं लगता, बल्कि बहादुर वह है जो डर पर विजय प्राप्त कर लेता है।” "कोविड-19 के दौरान निर्वाचन आयोजित करवाने से संबंधित मुद्दे, चुनौतियाँ और प्रोटोकॉल: देश के अनुभवों को साझा करना," विषय पर अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार के समापन के दौरान बोलते हुए श्री अरोड़ा ने इस प्रसंग से उभरे सामान्य विचारों पर प्रकाश डाला। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने जोर दिया कि आज की वेबिनार से यह स्पष्ट है कि निर्वाचनों के संचालन से जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षित करना महत्वपूर्ण है। अपने भाषण के दौरान, चुनाव आयुक्त श्री सुशील चंद्रा ने जोर देकर कहा कि कोविड-19 के प्रकोप के दौरान, न केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने चाहिएं, बल्कि मतदाताओं के साथ-साथ मतदान अधिकारियों और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों की प्रस्तुतियां निर्वाचनों से पहले, निर्वाचनों के दौरान तथा निर्वाचनों के बाद की आवश्यक व्यापक तैयारियों को दर्शाती हैं। सबसे बड़ी चिंता यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता कोविड काल में मतदान करते समय सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने आयोग द्वारा अपनाए गए सुरक्षा प्रोटोकॉलों के संबंध में मतदाताओं के साथ प्रभावी संपर्क किए जाने पर भी जोर दिया। अपने संबोधन में निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार ने कहा कि महामारी के बीच भी, निर्वाचनों के सुचारू संचालन के संबंध में निर्वाचकों की बहुत सारी अपेक्षाएं होती हैं। इस वेबिनार में कोविड 19 की चुनौतियों के बीच निर्वाचनों के आयोजन करने संबंधी विचारों और अनुभवों का पारस्परिक आदान-प्रदान सभी लागू प्रोटोकॉलों के साथ-साथ सुरक्षा प्रावधानों और सेवाओं को शुरू करने में बहुत मददगार साबित होगा और पेश आ रही चुनौतियों के बावजूद लोकतंत्र को मजबूत करेगा। उन्होंने सभी कार्यरत निर्वाचन निकायों से भी अपील की कि वे नागरिकों के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करने के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं की भी रक्षा करें। प्रस्तुति देने वाले देशों में फिजी, कोरिया गणराज्य, मंगोलिया, ताइवान, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और मलावी शामिल थे। इस वेबिनार में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन इंटरनेशनल आईडीईए, ए-वेब तथा आईएफईएस थे । इस वेबिनार ने सभी प्रतिभागियों को विचार साझा करने और कोविड 19 महामारी के चुनौती भरे समय में स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा पारदर्शी के साथ-साथ सुरक्षित निर्वाचनों के आयोजन और प्रबंधन सुनिश्‍चित करने की दिशा में एक दूसरे के अनुभवों से सीखने का शानदार अवसर प्रदान किया है। वेबिनार के बारे में अधिक जानकारी http://indiaawebcentre.org पर उपलब्ध है।
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    Election Commission of India approved the broad guidelines for conduct of general/bye elections during COVID-19 period. These are available at https://eci.gov.in/files/file/12167-guidelines-for-conduct-of-general-electionbye-election-during-covid-19/

ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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