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    संख्या. ईसीआई/पीएन/20/ 2020 दिनांक- 3 फरवरी 2020 प्रेस नोट आयोग ने पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों,नोडल अधिकारियों और केन्द्रीय प्रेक्षकों के साथ दिल्ली के निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा की। भारत निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री सुनील अरोड़ा एवं निर्वाचन आयुक्तों श्री अशोक लवासा और श्री सुशील चन्द्रा के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव,पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ और पड़ोसी राज्यों,यथा, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के भी साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली की विधान सभा के साधारण निर्वाचन 2020 की तैयारियों की आज समीक्षा की । गृहमंत्रालय, सीआरपीएफ, रेल मंत्रालय के नोडल अधिकारी भी उपस्थित थे। निर्वाचन सदन से वीडियो कॉफ्रेंसिंग मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए,मुख्य चुनाव आयुक्त श्री अरोड़ा ने यह सुनिश्चित करने के लिए समीक्षा की कि अवैध नकदी, शराब हथियार या असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर नियंत्रण के लिए प्रशासन के सभी विंगों और पड़ोसी राज्यों की पुलिस बल में विशेषत: सीमावर्ती चौकियों पर अच्छा समन्वय स्थापित करने के आवश्यक कदम उठाए हैं।आयोग ने निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों को जरूरत होने पर नकदी रहित सुविधा प्रदान करना सुनिश्चित करने की सलाह सम्बधित राज्य अधिकारियों दी। आयोग ने आगामी निर्वाचनों के लिए तैनात केन्द्रीय प्रेक्षकों के साथ भी मतदान की तैयारियों से सम्बन्धित आवश्यक गतिविधियों की समीक्षा की। सभी 70 विधान सभाओं में तैनात जनरल, पुलिस और व्यय प्रेक्षकों ने फोटो मतदाता पर्चियों का वितरण, मतदान केन्द्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने, और दिव्यांग मतदाताओं का प्रबन्धन करने, पर्याप्त संख्या में व्हीलचेअर की व्यवस्था करने, स्वयंसेवक, ईवीएम-वीवीपैट व्यवस्था करने, मतदान कर्मियों की रात्रि में ठहरने की व्यवस्था करने, शिकायतों की जांच, राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों को अनुमति प्रदान करने, सुरक्षा कार्मिकों की तैनाती की योजना बनाने, स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास बढ़ाने के उपाय करने, उडनदस्तों द्वारा की गई जब्तियों, अभ्यर्थियों के खातों के निरीक्षण, अभ्यर्थियों के पूर्व अपराध रिकॉर्ड को प्रचारित करने, सी विजिल और पेड न्यूज़ की शिकायतें, व्यय तथा कानून एवं व्यवस्था, संवेदनशील पॉकेट में व्यवस्थाओं, मतगणना दिवस की व्यवस्था करने के सम्बन्ध में किए गए कार्यों की जानकारी आयोग को दी। प्रेक्षकों ने आयोग को आश्वासन दिया कि तैयारियाँ निर्धारित समयानुसार हो रही हैं और मतदान के दिन की सभी तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं।पर्याप्त पुलिस बलों और सीआरपीएफ कम्पनियों की तैनाती की जा रही है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि 8 फरवरी 2020 को मतदान कर्मियों या मतदाताओं की आवाजाही में कोई समस्या न आए इसलिए विरोध प्रदर्शन की साइटों पर नज़र रखी जा रही है। हालांकि, कुछ प्रेक्षकों ने इंगित किया कि वरिष्ठ नागरिकों के विशेष पोस्टल बैलट सुविधा तथा उन्हें लाने-लेजाने की सुविधा प्राप्त करने के लिए पंजीकरण बहुत कम हुए हैं।मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली ने सूचित किया कि तदनुसार पंजीकरण की तिथि 5 फरवरी 2020 तक बढ़ा दी गई है। उन्होने यह भी सूचित किया कि जहाँ ज्यादा संख्या में शारीरिक रूप से निशक्त दिव्यांग मतदाताओं ने पंजीकरण कराया है उन मतदान केन्द्रों पर व्हीलचेअरों की संख्या बढ़ाई जा रही हैं। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि अभ्यर्थियों के पूर्व के अपराध रिकॉर्ड के प्रचार पर सर्वोच्च न्यायालय के निदेशों तथा तदनुरूप आयोग द्वारा जारी निदेशों का प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा विधिवत अनुपालन किया जाए तथा चूककर्ता अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किए जाएं। आयोग ने साथ साथ इस बात पर बल दिया कि डराने धमकाने वालों और कानून तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। सभी मतदान केन्द्रों के नजदीक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तत्काल निवारक कार्रवाई की जाए, शांति बनाए रखी जाए और 8 फरवरी 2020 को स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित किया जाय। ड्यूटी वाले मतदान कर्मियों के रात्रि में ठहरने की समुचित व्यवस्था की जाए और व्यय प्रेक्षकों द्वारा पूरी सतर्कता बरती जाए तथा और सख्त कार्रवाई की जाए जिससे कि निर्वाचन का वातावरण खराब न हो। विशेष पुलिस प्रेक्षक श्री एम के दास ने आयोग को आश्वासन दिया कि वह अति संवेदनशील इलाकों में जमीनी स्तर पर व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं।विशेष व्यय प्रेक्षक श्री बी मुरली कुमार ने आयोग को आश्वासन दिया कि प्रवर्तन बढ़ाने के लिए क्षेत्र स्तरीय दलों द्वारा यथावश्यक सावधानी बरती जाएगी ।
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    सं. 51/8/7/2019-ईएमएलएस दिनांकः 1 जनवरी, 2020 सेवा में सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विषयः लोक सभा/विधान सभा के साधारण निर्वाचन/उप-निर्वाचन – ईवीएम और वीवीपैट का भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था - तत्संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करना। महोदय, आयोग के दिनांक 24 अप्रैल 2014 के पत्र सं. 51/8/7/2014-ईएमएस के अधिक्रमण में, मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयोग ने यह निदेश दिया है कि सामान्य प्रेक्षक और पुलिस प्रेक्षक उन्हें आवंटित निर्वाचन-क्षेत्रों में पहुंचने के तीन दिन के भीतर मतयुक्त ईवीएमों और वीवीपैटों के भंडारण हेतु नियत किए गए स्ट्रांग रूम (रूमों) का संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगें। वे उसी दिन संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी को प्रपत्र (अनुलग्नक-I) में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगें। 2. आयोग ने यह निदेश भी दिया है कि सामान्य प्रेक्षक मतगणना से दो दिन पहले मतगणना केंद्र का निरीक्षण करेंगे और उसी दिन आयोग को प्रपत्र (अनुलग्नक-II) में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। आयोग के उपर्युक्त अनुदेश सभी संबंधितों के ध्यान में लाए जाएंगे। भवदीय, (मधुसूदन गुप्ता) सचिव भारत निर्वाचन आयोग के सभी वरिष्ठ प्रधान सचिवों/प्रधान सचिवों/सचिवों/अवर सचिवों और ज़ोनल अनुभागों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रति अग्रेषित। अनुलग्नक-I स्ट्रांग रूम में व्यवस्था संबंधी रिपोर्ट राज्य का नाम : जिले का नाम : निर्वाचन क्षेत्र की संख्या और नाम : निरीक्षण किए गए स्ट्रांग रूम का पता : हमने----------- (दिनांक) को उपर्युक्त उल्लिखित स्ट्रांग रूम का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया है।--------- के मौजूदा साधारण/उप-निर्वाचन से संबंधित मतयुक्त ईवीएम और वीवीपैट के भण्डारण हेतु स्ट्रांग रूम में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं हैं। यह भी प्रस्तुत किया जाता है कि ईवीएमों और वीवीपैटों के भण्डारण के संबंध में आयोग के अनुदेशों का पालन किया गया है। यह भी प्रमाणित किया जाता है किः- क्र.सं. विवरण स्थिति यदि नहीं, तो तत्संबंधी टिप्पणी 1. क्या सभी मतयुक्त ईवीएमों/वीवीपैटों को रखने के लिए स्ट्रांग रूम में पर्याप्त स्थान है? हां/नहीं 2. क्या स्ट्रांग रूम में एक ही प्रवेश द्वार है और कोई सीलरहित खिड़की/रोशनदान नहीं है? हां/नहीं 3. क्या इलेक्ट्रॉनिक शार्ट सर्किट से बचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कनेक्शन का मैन स्विच स्ट्रांग रूम के बाहर लगाया गया है? हां/नहीं 4. क्या स्ट्रांग रूम में डबल लॉक सिस्टम है? हां/नहीं 5. क्या स्ट्रांग रूम वाले स्थानों में बाधारहित विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था है? हां/नहीं 6. क्या स्ट्रांग रूम के ताले की चाबियां भारत निर्वाचन आयोग के दिनांक 13 नवंबर, 2018 के अनुदेश सं. 51/8/7/2018-ईएमपीएस के अनुसार रखी गईं हैं? हां/नहीं 7. क्या स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था की गई है? हां/नहीं 8. क्या आयोग के दिनांक 29 अगस्त, 2018 के पत्र सं. 51/8/7/2018-ईएमपीएस के तहत विहित मानदण्डों के अनुसार स्ट्रांग रूम पर चौबीसों घंटे पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है? हां/नहीं 9. क्या अग्निशामक के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है? हां/नहीं 10. क्या स्ट्रांग रूम में रोशनी हेतु वैकल्पिक व्यवस्था की गई है? हां/नहीं 11. क्या मतयुक्त ईवीएम और वीवीपैटों वाले स्ट्रांग रूम पर चौबीसों घंटे द्विस्तरीय सुरक्षा व्यवस्थाओं की योजना तैयार की गई है? हां/नहीं 12. क्या आगंतुकों का विवरण रखने के लिए सीपीएफ को लॉग बुक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है? हां/नहीं 13. क्या किसी भी अधिकृत पदाधिकारी की विजिट को रिकार्ड करने के लिए सीपीएफ को विडियो कैमरा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है? हां/नहीं 14. क्या अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के लिए आंतरिक परिधि से बाहर किसी ऐसे स्थान पर ठहरने का कोई प्रावधान किया गया है जहां से उन्हें स्ट्रांग रूम का प्रवेश बिन्दु दिखाई देता रहे? हां/नहीं 15. यदि मुख्य द्वार सामने से स्पष्ट दिखाई न दे सके, तो क्या सीसीटीवी लगाने की योजना तैयार की गई है जिससे अभ्यर्थी स्ट्रांग रूम का मुख्य द्वार देख सकें? हां/नहीं 16. क्या भंडारण केंद्रों में 24/7 नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की योजना बनाई गई है? हां/नहीं 17. क्या अभ्यर्थियों को लिखित में सूचित किया गया है कि वे मतदान के बाद स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था पर नज़र रखने के लिए अपने प्रतिनिधियों को नियुक्त करें? हां/नहीं 18. क्या आप स्ट्रांग रूम की व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं? हां/नहीं अन्य टिप्पणी, यदि कोई हो : (पुलिस प्रेक्षक के हस्ताक्षर) : (सामान्य प्रेक्षक के हस्ताक्षर) पुलिस प्रेक्षक का नाम : सामान्य प्रेक्षक का नाम : पुलिस प्रेक्षक का कोड : सामान्य प्रेक्षक का कोड : आबंटित विधान सभा/निर्वाचन क्षेत्र/जिले की संख्या और नाम : आबंटित विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की संख्या और नाम : अनुलग्‍नक – II मतगणना केंद्र पर व्‍यवस्‍था संबंधी रिपोर्ट राज्‍य का नाम: जिले का नाम: विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की संख्‍या और नाम : निरीक्षण किए गए मतगणना केंद्र का पता: मैंने.....................................(दिनांक) को उपर्युक्‍त उल्लिखित मतगणना केंद्र का निरीक्षण कर लिया है।................................................................................के मौजूदा साधारण/उप-निर्वाचन की मतगणना करने के लिए मतगणना केंद्र पर सभी आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं की गईं हैं। यह भी प्रस्तुत किया जाता है कि मतगणना केंद्र पर व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में आयोग के अनुदेशों का पालन किया गया है। यह भी प्रमाणित किया जाता है कि: क्र.सं. विवरण स्थिति यदि नहीं है, तो तत्संबंधी टिप्‍पणी 1. क्‍या मतगणना हाल में आधारभूत संरचना, अधिकारियों और मतगणना एजेंटों को समायोजित करने के लिए पर्याप्‍त स्‍थान उपलब्‍ध है ? हाँ/नहीं 2. क्‍या स्‍ट्रांग रूम से गणना हॉल तक ईवीएम/वीवीपैटों को लाने और वापिस ले जाने के लिए निर्बाध रास्‍ता तैयार किया गया है ? हाँ/नहीं 3. क्‍या उचित वैकल्पिक (स्‍टैंडबाई) व्‍यवस्‍थाओं (जेनेरेटर इत्यादि) सहित रोशनी की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था की गई है ? हाँ/नहीं 4. क्‍या मतगणना केंद्र के आस-पास की 100 मीटर की परिधि को ‘पैदल यात्री क्षेत्र’ के रूप में चिह्नित किया गया है और वहां बैरिकेड लगाएं गए हैं ? हाँ/नहीं 5. क्‍या (03) त्रिस्‍तरीय सुरक्षा प्रक्रिया स्थापित की गई है?[प्रथम (बाह्य) स्‍तर पैदल यात्री क्षेत्र से प्रारंभ, जहां पर स्‍थानीय पुलिस की पर्याप्‍त तैनाती होगी, मतगणना परिसर/कैम्‍पस के द्वार पर द्वितीय (मध्‍य) स्‍तर, जहां पर एसएपी तैनात होगी और मतगणना हाल के द्वार पर तृतीय (आंतरिक) स्तर, जहां पर सीपीएफ तैनात होगी] हाँ/नहीं 6. क्‍या मतगणना की प्रत्‍येक मेज के लिए पारदर्शी सामग्री/वायर मेश का प्रयोग करते हुए समुचित बैरिकैडिंग कर ली गई है जिससे एजेंट/अभ्‍यर्थी/गणना एजेंट आदि मतयुक्‍त ईवीएम तक न पहुंच पाएं ? हाँ/नहीं 7. क्‍या मतगणना हॉल के भीतर मतगणना मेंजों में से एक मेज़ को वीवीपैट गणना बूथ के रूप में वीवीपैट पेपर स्लिपों की गणना करने के लिए नियत किया गया है? हाँ/नहीं 8. क्‍या वीसीबी को बैंक में कैशियर के कैबिन की तरह चारों ओर से लोहे की जाली लगाकर सुरक्षित बनाया गया है जिससे कि वीवीपैट की पर्चियों तक कोई भी अनधिकृत व्‍यक्ति न पहुंच पाए? हाँ/नहीं 9. क्‍या आपने कम से कम 500 वीवीपैट पर्चियों के साथ वीवीपैट पर्चियों की गणना करने के पूरे छद्म अभ्‍यास को देख लिया है ? हाँ/नहीं 10. क्‍या आप मतगणना केंद्र पर की गई व्‍यवस्‍थाओं से संतुष्‍ट हैं? हाँ/नहीं अन्‍य टिप्‍पणी, यदि कोई हो: (सामान्‍य प्रेक्षक के हस्‍ताक्षर) सामान्‍य प्रेक्षक का नाम: सामान्‍य प्रेक्षक का कोड: आबंटित विधान सभा निर्वाचन: क्षेत्र की संख्‍या और नाम
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    ईसीआई/प्रे.नो./06/2020 दिनांक: 14 जनवरी, 2020 प्रेस नोट आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधानसभा निर्वाचनों के लिए सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों की ब्रीफिंग बैठक का आयोजन किया। भारत निर्वाचन आयोग ने आज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधान सभा के आगामी निर्वाचनों हेतु तैनात किए जाने वाले प्रेक्षकों के लिए एक ब्रीफिंग बैठक का आयोजन किया, जिसके लिए अनुसूची की घोषणा 6 जनवरी, 2020 को की गई थी। दिल्ली के 70 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए एकल चरण के मतदान की तारीख 8 फरवरी, 2020 है और मतगणना 11 फरवरी, 2020 को की जाएगी। भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और साथ ही भारतीय राजस्व सेवा तथा अन्य केंद्रीय सेवाओं से लगभग 150 से अधिक अधिकारियों को आज सामान्य, पुलिस और व्यय प्रेक्षकों की ब्रीफिंग बैठक के लिए बुलाया गया था। अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में वास्तविक ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। प्रेक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने उन्हें सलाह दी कि वे क्षेत्र में तैनात अधिकारियों की टीमों के साथ गहन समन्वय बनाए रखें और हर समय उपलब्ध रहें। श्री अरोड़ा ने विशेष रूप से उन्हें आयोग के दिशानिर्देशों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ पालन करने और सौंपे गए कार्यों को पूरा करने में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरतने के साथ नीति संहिता का पालन करने के लिए कहा। उन्होंने प्रेक्षकों से कहा कि वे सभी मतदान केंद्रों पर उचित आश्‍वस्‍त न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करें। इस तथ्य के बावजूद कि राष्ट्रीय राजधानी में अवसंरचना अन्य आंतरिक स्थानों से श्रेष्ठ है, उन्होंने प्रेक्षकों से कहा कि वे वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिला मतदाताओं को उचित सुविधा की जांच के लिए मतदान बूथों का दौरा करें, ताकि समावेशी निर्वाचन के सिद्धांत के लिए आयोग की प्रतिबद्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने दोहराया कि आयोग किसी भी प्रकार की जान-बूझकर की गई लापरवाही को बर्दाशत नहीं करेगा। निर्वाचन आयुक्त, श्री अशोक लवासा ने प्रेक्षकों की भूमिका के महत्व पर बल दिया। श्री लवासा ने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित करने कि किसी भी प्रकार की चूक, चाहे वह बहुत छोटी हो, निर्वाचन प्रक्रिया में बाधा नहीं डाले, के लिए महत्वपूर्ण कार्यकलाप करने अपेक्षित हों, तो अधिकारियों को उसपर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। निर्धारित अनुदेशों के संबंध में परिचित होने और दिल्ली निर्वाचनों में शुरू की जा रही अतिरिक्त सुविधाओं जैसे कि आवश्यक सेवाओं की श्रेणियों के लिए अनुपस्थित मतदाता सुविधा, 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध मतदाताओं और चिह्नित दिव्यांगजनों को सुविधा; फोटो मतदाता पर्चियों पर क्यूआर कोड रीडर के विशिष्ट विवरणों पर ध्यान देने से कार्य सौंपे गए प्रेक्षकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का निवारण करने और अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करते हुए निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रहने की सलाह दी। अधिकारीगणों से बात करते हुए, निर्वाचन आयुक्त श्री सुशील चंद्रा ने अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया कि प्रेक्षक के रूप में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से कार्य निष्‍पादित करना उनका सांविधिक कर्त्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रतिनियुक्त अधिकारियों को अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में तटस्थ और निष्पक्ष रहना चाहिए और जमीनी स्तर पर आयोग का वास्तविक चेहरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेक्षकों को निर्वाचन आयोग के नियमों और मानक प्रचालन प्रक्रियाओं यथा मतदान बूथों पर सुविधाओं, संवेदनशीलता संबंधी मानचित्रण अथवा गैर-जमानती वारंट का अनुपालन, लाइसेंसी हथियारों को जमा करवाने और व्यय प्रबंधन मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए। आज आधे दिन तक चलने वाले ब्रीफिंग सत्र में महासचिव, भारत निर्वाचन आयोग, श्री उमेश सिन्हा द्वारा चुनाव योजना, सुरक्षा प्रबंधन और स्वीप के पहलुओं के संबंध में; वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त, श्री संदीप सक्सेना, जो भारत निर्वाचन आयोग में दिल्ली राज्य के प्रभारी भी हैं, द्वारा निर्वाचक नामावली संबंधी मामलों और आईटी अनुप्रयोगों के संबंध में; उप निर्वाचन आयुक्त, श्री सुदीप जैन द्वारा ईवीएम वीवीपीएटी प्रबंधन प्रणाली के संबंध में तथा उप निर्वाचन आयुक्त, श्री चन्द्र भूषण कुमार द्वारा विधिक मामलों के संबंध में व्यापक ब्रीफिंग सत्र आयोजित किए गए। निदेशक (व्यय), श्री विक्रम बत्रा ने व्यय प्रबंधन संबंधी मामलों का संक्षिप्त विवरण दिया और महानिदेशक (संचार), श्री धीरेंद्र ओझा ने अधिकारियों को पेड न्यूज, मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समितियों तथा सोशल मीडिया के पहलुओं के संबंध में संक्षेप में जानकारी दी। प्रेक्षकों को यह विशेष रूप से बताया गया कि हालांकि हाल के झारखंड निर्वाचनों में, 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों और दिव्यांगजन मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र सुविधा प्रायोगिक आधार पर शुरू की गई थी, तथापि दिल्ली के सभी 70 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में घर से वोट डालने में सक्षम होने की वैकल्पिक सुविधा 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं; दिव्यांगजनों के रूप में चिह्नित मतदाताओं और मतदान के दिन दिल्ली मेट्रो में ऑन-ड्यूटी स्टाफ, उत्तर रेलवे परिवहन (यात्री और माल) सेवाओं, एवं मीडिया में कार्यरत लोगों, जिनके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में मतदान-दिवस की गतिविधियों को कवर करने के लिए प्राधिकार पत्र जारी किए गए हैं, जैसी अनिवार्य सेवाओं में नियुक्‍त व्‍यक्तियों को दी जाएगी। आईटी अनुप्रयोग यथा एनेबलिंग कॉम्युनिकेशन इन रियल टाइम एनवायरमेंट (ENCORE), जो अभ्यर्थी का नाम निर्देशन, शपथपत्रों को अपलोड करने, प्रतीक चिह्न निर्दिष्ट करने, अभ्यर्थियों के नाम-निर्देशनों की संवीक्षा करने, अभ्यर्थियों की अनुमतियों की संवीक्षा करने, मतों की गणना और परिणाम घोषित करने इत्यादि जैसे विभिन्न पहलुओं के संपूर्ण प्रबंधन के लिए निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्रयुक्त किए जाने हेतु एक एकीकृत पोर्टल है, का प्रभावी और शीघ्रातिशीघ्र काम-काज करने के लिए प्रयोग किया जाएगा। फोटो मतदाता पर्ची की क्यूआर कोड रीडिंग इत्यादि को सुविधाजनक बनाने हेतु अन्य एप्स भी लगभग 11 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में स्वतंत्र, निष्‍पक्ष, शांतिपूर्ण, समावेशी, सुगम्य, नैतिक और सहभागी निर्वाचनों हेतु प्रयोग में लाए जाएंगे।
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    सं.: ईसीआई/प्रेनो/103/2019 दिनांक: 02 नवंबर, 2019 प्रेस नोट आयोग द्वारा झारखंड राज्‍य में विधान सभा निर्वाचन, 2019 हेतु सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों की ब्रीफ्रिंग बैठक आयोजित करना। भारत निर्वाचन आयोग ने आज झारखंड विधान सभा के आगामी निर्वाचनों हेतु तैनात किए जाने वाले प्रेक्षकों के लिए एक ब्रीफिंग बैठक आयोजित की, जिसके लिए अनुसूची की घोषणा 01 नवंबर, 2019 को की गई थी। झारखंड में 30 नवंबर, 07 दिसंबर, 12 दिसंबर, 16 दिसंबर और 20 दिसंबर, 2019 की मतदान तारीखों को पांच चरणों में मतदान होगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और साथ ही भारतीय राजस्‍व सेवा तथा अन्‍य केंद्रीय सेवाओं से लिए गए लगभग 300 अधिकारियों को सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों के रुप में नियुक्‍त किया जा रहा है। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुनील अरोड़ा ने प्रेक्षकों को संबोधित करते हुए इस बात पर बल दिया कि निर्वाचनों के सुचारू और निष्‍पक्ष एवं पक्षपातरहित आयोजन के लिए प्रेक्षकों की भूमिका बहुत महत्‍वपूर्ण है। उन्‍होंने कहा कि आयोग द्वारा प्रेक्षकों को विशेष रुप से सशक्‍त किया गया है ताकि वे जमीनी स्‍थि‍ति का आकलन कर आवश्‍यक निर्णय ले सकें। उन्‍होंने अधिकारियों को आश्‍वासन दिया कि फील्‍ड ड्यूटी पर निष्‍कपट कार्रवाई करने वालों का आयोग हमेशा साथ देगा। श्री अरोड़ा ने प्रेक्षकों को निदेश दिया कि उन्‍हें फील्‍ड में दृश्‍यमान, सुलभ और उपलब्‍ध होना चाहिए और विशेष रुप से यह निदेश दिया कि प्रेक्षकों का लोगों के साथ व्‍यवहार समानुभूतिपूर्वक होना चाहिए और उन्‍हें सभी स्‍टेकहोल्‍डरों को सुविधा उपलब्‍ध करवानी चाहिए। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने कहा कि जल्‍द ही ईसीआई की टीम राज्‍य का दौरा करेगी और की जा रही कार्रवाई का आकलन करने के लिए आयोग वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से प्रेक्षकों के साथ समीक्षा बैठकें भी करेगा। निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चंद्रा ने सभा को संबोधित करते हुए अधिकारियों का ध्‍यान इस ओर आकृष्‍ट किया कि‍ प्रेक्षक के रुप में उन्‍हें भारत निर्वाचन आयोग की ओर से सांविधिक ड्यूटी का निर्वहन करना होता है। उन्‍होंने कहा कि हालांकि झारखंड में प्रेक्षक की ड्यूटी करने की अपनी तरह की कुछ विशिष्‍ट चुनौतियां होंगी, तथापि इसमें प्रतिनियुक्‍त अधिकारियों को अपने कर्त्‍तव्‍यों के निर्वहन में तटस्‍थ और निष्‍पक्ष रहना चाहिए और ''जमीनी स्‍तर पर उन्‍हें आयोग का वास्‍तविक चेहरा होना चाहिए।'' चूंकि पूरा स्‍थानीय तंत्र, प्रेक्षकों को मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक के रुप में देखता है अत: प्रेक्षक को जागरुक होना चाहिए तथा सभी स्‍टेकहोल्‍डरों के लिए उपलब्‍ध होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि प्रेक्षकों को आयोग के नियमों और मानक प्रचालन प्रक्रियाओं यथा मतदान बूथों पर सुविधाओं का कड़ाईपूर्वक अनुपालन, संवेदनशीलता संबंधी मानचित्रण अथवा गैर-जमानती वारंट का अनुपालन, लाइसेंसी हथियारों को जमा करवाने एवं व्‍यय प्रबंधन मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए। आज आधे दिन तक चलने वाले ब्रीफ्रिंग सत्र में महासचिव, भारत निर्वाचन आयोग, श्री उमेश सिन्‍हा द्वारा निर्वाचन योजना, सुरक्षा प्रबंधन और स्‍वीप के पहलुओं के संबंध में व्‍यापक ब्रीफिंग; वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त श्री संदीप सक्‍सेना द्वारा निर्वाचक नामावली मामलों और आई टी एप्‍लीकेशनों; उप निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुदीप जैन द्वारा ईवीएम वीवीपीएटी प्रबंधन प्रणाली; उप निर्वाचन आयुक्‍त श्री चन्‍द्र भूषण कुमार द्वारा विधिक मामलों के संबंध में सत्र आयोजित किए गए। झारखंड राज्‍य का प्रभारी होने के कारण श्री सुदीप जैन, उप निर्वाचन आयुक्‍त ने भी राज्‍य तंत्र द्वारा निर्वाचनों की तैयारियों के संबंध में प्रेक्षकों को ब्रीफ किया। महानिदेशक(व्‍यय), श्री दिलीप शर्मा ने व्‍यय प्रबंधन संबंधी मामलों का संक्षिप्‍त विवरण दिया और महानिदेशक (संचार), श्री धीरेन्‍द्र ओझा ने अधिकारियों को पेड न्‍यूज, मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समितियों तथा सोशल मीडिया के संबंध में ब्रीफ किया। प्रेक्षकों को यह विशेष रुप से इंगित किया गया कि निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 में विधि मंत्रालय द्वारा हाल ही के संशोधनों के पश्‍चात भारत निर्वाचन आयोग पहली बार अस्‍सी वर्ष के वृद्धजनों और दिव्‍यांग मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र सुविधा आरंभ करेगा। ऐसे अभिज्ञात मतदाता यदि इस विकल्‍प का प्रयोग करना चाहें, तो उनके पास डाक मतपत्र के माध्‍यम से मत करने का विकल्‍प होगा। अन्‍यथा वे मतदान केंद्र में जाकर भी मतदान कर सकते हैं। आई टी एप्‍लीकेशन यथा एनेबलिंग कॉम्‍युनिकेशन इन रियल टाइम एनवायरमेंट(ENCORE), जो अभ्‍यर्थी का नाम-निर्देशन, शपथपत्रों को अपलोड करना, प्रतीक चिन्‍ह विनिर्दिष्‍ट करना, अभ्‍यर्थियों के नाम-निर्देशन की संवीक्षा करना, अभ्‍यर्थियों के अनुमोदन की संवीक्षा करना, मतों की गणना और परिणाम घोषित करना इत्‍यादि जैसे, विभिन्‍न पहलुओं के संपूर्ण प्रबंधन हेतु निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्रयुक्‍त किए जाने हेतु एक एकीकृत पोर्टल है, का प्रभावी और तीव्र कार्यशीलता के लिए प्रयोग किया जाएगा। पंक्‍त‍ि-रहित मतदान प्रणाली, फोटो मतदाता पर्ची की क्‍यू आर कोड रीडिंग इत्‍यादि को सुविधाजनक बनाने हेतु अन्‍य ऐप्‍स भी स्‍वतंत्र, शांतिपूर्ण, समावेशी, सुगम्‍य, नैतिक और सहभागितापूर्ण निर्वाचनों हेतु प्रयोग में लाए जाएंगे।
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    सं. आयोग/प्रेस नोट/86/2019 दिनांक: 23 सितम्‍बर, 2019 प्रेस नोट भारत निर्वाचन आयोग ने हरियाणा एवं महाराष्‍ट्र राज्‍यों में विधान सभा निर्वाचनों के लिए साधारण, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों को ब्रीफ किया भारत निर्वाचन आयोग ने आज हरियाणा एवं महाराष्‍ट्र विधान सभाओं के लिए अगले महीने आयोजित होने वाले निर्वाचनों हेतु तैनात किए जाने वाले प्रेक्षकों के लिए ब्रीफिंग का आयोजन किया। भा.प्र.से, भा.पु.से. के साथ-साथ भारतीय राजस्‍व सेवा कतिपय अन्‍य केन्‍द्रीय सेवाओं से लिए गए लगभग 500 अधिकारियों ने ब्र‍ीफिंग बैठक में भाग लिया। इन अधिकारियों को साधारण, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों के रूप में भी तैनात किया जा रहा है। प्रेक्षकों को उनकी महत्‍वपूर्ण भूमिका का स्‍मरण कराते हुए, मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुनील अरोड़ा ने इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचनों का संचालन पारदर्शी, सहभागी एवं मतदाता हितैषी तरीके से किया जाए, खासकर दिव्‍यांगजनों एवं वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए, जिन्‍हें सहायता की जरूरत होती है। उन्‍होंने कहा कि प्रेक्षकों को आयोग के नियमों और पालन की जाने वाली मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करवाना चाहिए। श्री सुनील अरोड़ा ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई गलती न हो, बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। श्री अरोड़ा ने आगाह करते हुए कहा कि कभी-कभी एकदम छोटी-सी गलती भी टालने योग्‍य न्‍यूज रिपोर्टिंग में बदल जाती है। उन्‍होंने कहा कि आयोग द्वारा नियुक्‍त नामितियों के रूप में प्रेक्षकों को फील्‍ड स्‍तर पर सभी हितधार‍कों के प्रति अपने दृष्टिकोण में सचेत, तटस्‍थ और अनुक्रियाशील होने की जरूरत है। श्री अरोड़ा ने विशिष्‍ट जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए कहा कि आयोग ने भी महाराष्‍ट्र राज्‍य के लिए दो विशेष व्‍यय प्रेक्षकों नामत: सुश्री मधु महाजन (पूर्व आईआरएस 1982) को नियुक्‍त किया है, जिन्‍हें आयकर विभाग के अन्‍वेषण विंग में उनके पूर्व अनुभव को देखते हुए हालिया लोक सभा निर्वाचनों में तमिलनाडु के लिए भी विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया गया था और श्री बी.मुरली कुमार (पूर्व आईआरएस 1983) जिन्‍हें भी लोकसभा निर्वाचनों के दौरान 8-वेल्‍लोर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए विशेष व्‍यय प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया गया था और जिन्‍होंने पूर्व में आयकर महानिदेशक (अन्‍वेषण), चेन्‍नई के रूप में काम किया था। निर्वाचन आयुक्‍त, श्री अशोक लवासा ने उल्‍लेख किया कि फील्‍ड स्‍तर के अधिकारियों के लिए आयोग की प्रक्रियाएं अच्‍छी तरह से निर्धारित हैं। श्री लवासा ने यह भी कहा, ''आयोग को और प्रेक्षकों से बहुत उम्‍मीदें रहती हैं और यह उन पर बहुत निर्भर करता है क्‍योंकि जमीनी स्‍तर के अधिकारी भी इस रूप में पदस्‍थापित प्रेक्षकों की विशेषज्ञ सलाह और निष्‍पक्ष दृष्टिकोण पर निर्भर करते हैं।'' निर्वाचन आयुक्‍त ने कहा कि आयोग ने प्रेक्षक एप और अधिकारियों की सहायता के लिए सी-विजिल जैसे अन्‍य तकनीकी साधान तैयार किए हैं, हालांकि यह उम्‍मीद की जाती है कि प्रेक्षक सतर्क रहेंगे और हर वक्‍त अपने कर्त्तव्‍यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करेंगे। समूह को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चंद्रा ने अधिकारियों का ध्‍यान आकर्षित करते हुए कहा कि प्रेक्षकों के रूप में उन्‍हें भारत निर्वाचन आयोग की ओर से महत्‍वपूर्ण सांविधिक दायित्‍व निभाने हैं। उन्‍होंने अधिकारियों से इस बात का आह्वान किया कि वे जमीनी स्‍तर पर निर्वाचनों के सुचारू संचालन के संबंध में सभी नियत बारीकियों का पालन करें- चाहे वह मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित न्‍यूनतम सुविधिओं की बात हो अथवा इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के लिए मॉक पोल की निर्धारित प्रक्रियाओं का सावधानीपूर्वक अनुपालन करने की बात हो इत्‍यादि, अथवा व्‍यय दिशा-निर्देशों का प्रर्वतन करना हो और स्‍वतंत्र एवं निष्‍पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए निवारक उपाय हेतु सभी एजेंसियों के बीच समन्वित रूप से कार्य करना हो। उन्‍होंने कहा कि आज के परिवेश में व्‍यय प्रेक्षकों की भूमिका बहुत अहम हो गई है। श्री चंद्रा ने आगे बढ़ते हुए कहा कि प्रेक्षकों को फील्‍ड में सभी महत्‍वपूर्ण निर्वाचन पदाधिकारियों पर पैनी नज़र रखनी चाहिए और आयोग की आँख और कान बनकर काम करना चाहिए। आधे दिन तक चले ब्रीफिंग सत्रों के दौरान वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त (योजना और स्‍वीप), श्री उमेश सिन्‍हा द्वारा अधिकारियों को निर्वाचन प्रबंधन के वि‍भिन्‍न पहलुओं के बारे में व्‍यापक और गहन जानकारी दी गई। साथ ही, श्री संदीप सक्‍सेना, वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त द्वारा निर्वाचक नामावली, आईटी अनुप्रयोगों, आदर्श आचार संहिता के पहलुओं पर जानकारी दी गई। राज्‍य के निर्वाचन प्रभारी के रूप में श्री सक्‍सेना ने हरियाणा राज्‍य की फील्‍ड स्‍तरीय चिंताओं से अधिकारियों को अवगत कराया। महाराष्‍ट्र राज्‍य के प्रभारी और आयोग में कानूनी प्रावधानों के प्रभारी श्री चंद्र भूषण, उप निर्वाचन आयुक्‍त, ने अनुपालन की जाने वाली बारीकियों से प्रेक्षकों को अवगत कराया। उप निर्वाचन आयुक्‍त श्री सुदीप जैन ने ध्‍यान रखे जाने वाले ईवीएम-वीवीपीएटी प्रोटोकॉलों के बारे में प्रेक्षकों को ब्रीफ किया। निर्वाचन योजना, प्रेक्षकों की भूमिका और दायित्‍वों, निर्वाचक नामावली मुद्दों, आदर्श आचार संहिता को लागू करना, कानूनी प्रावधानों, ईवीएम/वीवीपीएटी प्रबंधन, मीडिया सहभागिता और आयोग की फ्लैगशिप स्‍वीप (सुव्‍यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता) कार्यक्रम के तहत मतदाता सुविधा के लिए शुरू किए गए भांति भांति की गतिविधियों पर विस्‍तृत विषयपरक प्रस्‍तुतीकरण दिए गए। प्रेक्षकों को विभिन्‍न आईटी पहल और व्‍यय दिशा-निर्देशों से भी अवगत कराया गया। प्रेक्षक एप का उपयोग करते हुए, सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षक मोबाईल एप से संबंधित दस्‍तावेज़ अपलोड करने के लिए आयोग को अपनी रिपोर्ट सुरक्षित तरीके से प्रस्‍तुत कर सकते हैं। प्रेक्षक डयूटी पर रहते हुए भी इस एप के माध्‍यम से सभी महत्‍वपूर्ण सूचनाएं, अलर्ट और तत्‍काल संदेश प्राप्‍त कर सकेंगे। इससे प्रेक्षक तैनाती की स्थिति जान सकेंगे, आईडी कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे और अपनी प्रोफाइल को अद्यतन कर पाएंगे। प्रेक्षक उड़न दस्‍ते द्वारा मामले की जांच करने के बाद लिखित रिपोर्ट दे सकते हैं। प्रेक्षकों को अक्‍तूबर 2019 के अंत तक निर्वाचन प्रक्रिया की सम्‍पूर्ण अवधि के लिए आयोग में प्रतिनियुक्ति पर रखा गया है।
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    सं.ईसीआई/प्रे.नो./96/2019 दिनांक: 18 अक्‍तूबर, 2019 प्रेस नोट विषय: भारत निर्वाचन आयोग ने सिक्किम उप-निर्वाचनों के लिए श्री विवेक दूबे को विशेष प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया। भारत निर्वाचन आयोग ने श्री विवेक दूबे (आईपीएस एपी 1983 सेवानिवृत्‍त) को सिक्किम विधान सभा के आगामी उप-निर्वाचन, 2019 के लिए सामान्‍य तौर पर और सिक्किम में 10 पोकलोक-कामरंग विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र के लिए विशेष तौर पर प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया है। श्री दूबे को विशेष रूप से कानून और व्‍यवस्‍था की स्थिति के बारे में आयोग को रिपोर्ट करने तथा वहां तैनाती और सुरक्षा संबंधी अन्‍य मुद्दों की देखरेख करने के लिए प्रतिनियुक्‍त किया गया है। आयोग ने प्राप्‍त इनपुट और शिकायतों के मद्देनज़र निर्णय लिया है। धयातव्‍य है कि श्री दूबे को पूर्व में अप्रैल, 2019 में लोक सभा के साधारण निर्वाचनों के दौरान पश्चिम बंगाल राज्‍य के विशेष प्रेक्षक के रूप में भी तैनात किया गया था।
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    ईसीआई/प्रे.नो./98/2019 दिनांक: 20 अक्‍तूबर, 2019 प्रेस नोट विषय: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा हरियाणा के असन्‍ध विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचनों हेतु विशेष प्रेक्षक के रूप में श्री विनोद जुत्‍शी को नियुक्‍त किया जाना। भारत निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया में परिचालित वीडियो को ध्‍यान में रखते हुए हरियाणा में करनाल जिले के 23-असन्‍ध विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के आगामी निर्वाचन के लिए श्री विनोद जुत्‍शी (भूतपूर्व आईएएस राजस्‍थान, सेवानिवृत्‍त), भूतपूर्व उप निर्वाचन आयुक्‍त, भारत निर्वाचन आयोग तथा सचिव, पर्यटन को विशेष प्रेक्षक के रूप में नियुक्‍त किया है। श्री जुत्‍शी से निर्वाचन क्षेत्र में आवश्‍यक सुधारात्‍मक कार्रवाई करने और स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन सुनिश्चित करवाने हेतु तत्‍काल निर्वाचन क्षेत्र में जाने हेतु अनुरोध किया गया है। श्री जुत्‍शी पूर्व में मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी, राजस्‍थान के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्‍होंने भारत निर्वाचन आयोग में भी सात वर्ष तक विभिन्‍न पदों पर कार्य किया है। श्री जुत्‍शी को अप्रैल में हाल ही में हुए लोक सभा साधारण निर्वाचन, 2019 के दौरान आन्‍ध्र प्रदेश, तेलंगाना और त्रिपुरा के विशेष प्रेक्षक के रूप में प्रतिनियुक्‍त किया गया था।
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    सं.ईसीआई/प्रे.नो./94/2019 दिनांक: 04 अक्‍टूबर, 2019 प्रेस नोट आयोग ने तेलंगाना और सिक्किम में उप-निर्वाचनों हेतु दो विशेष व्‍यय प्रेक्षक नियुक्‍त किए भारत निर्वाचन आयोग ने संविधान के अनुच्‍छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1951 की धारा 20ख के अंतर्गत इसे प्रदत्‍त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आज भारतीय राजस्‍व सेवा के पूर्व अधिकारी-श्री बी.आर.बालकृष्‍णन (पूर्व आईआरएस 1983) और भारतीय राजस्‍व सेवा के सेवारत अधिकारी, श्री सुरेश कुमार (आईआरएस 1988) को क्रमश: तेलंगाना और सिक्किम की विधान सभाओं के उप-निर्वाचनों के लिए विशेष व्‍यय प्रेक्षकों के रूप में नियुक्‍त किया। विशेष व्‍यय प्रेक्षक निर्वाचक मशीनरी द्वारा किए जा रहे कार्यों का पर्यवेक्षण और अनुवीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदान प्रक्रिया को दूषित करने के लिए नकदी, शराब एवं मुफ्त वस्‍तुओं को बांट करके मतदाताओं को लुभाने की कोशिश करने वाले व्‍यक्तियों/संगठनों के विरूद्ध संसूचना इनपुटों और सीविजिल, मतदाता हेल्‍पलाइन 1950 के माध्‍यम से प्राप्‍त शिकायतों के आधार पर सख्‍त एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। श्री बी.आर. बालाकृष्‍णन ने पूर्व में आयकर महानिदेशक (अन्‍वेषण), बेंगलुरू के रूप में कार्य किया था और श्री सुरेश कुमार वर्तमान में प्रधान आयकर आयुक्‍त (मध्‍य), अहमदाबाद के रूप में पदस्‍थापित हैं।
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    पर्यवेक्षकों के लिए पुस्तिका, 2014
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    सं. ईसीआई/प्रे.नो./27/2019 दिनांक: 14 मार्च, 2019 प्रेस नोट विषय: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी निर्वाचनों हेतु सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों को ब्रीफ करने के लिए पूर्ण दिवसीय सत्र आयोजित करना। भारत निर्वाचन आयोग ने आज लोक सभा और चार राज्‍यों की विधान सभा के आगामी निर्वाचनों की तैयारी के रूप में निर्वाचन होने वाले राज्‍यों में तैनात किए जाने वाले प्रेक्षकों हेतु पहला ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया। आईएएस, आईपीएस अधिकारियों तथा साथ ही भारतीय राजस्‍व सेवा और कुछ अन्‍य केन्‍द्रीय सेवाओं से लिए गए 1800 से अधिक वरिष्‍ठ अधिकारियों ने इस ब्रीफिंग बैठक में भाग लिया। इन अधिकारियों को सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षकों के रूप में तैनात किया जा रहा है। प्रेक्षकों को उनकी महत्‍वपूर्ण भूमिका का स्‍मरण करवाते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुनील अरोड़ा ने इंगित किया कि अधिकारियों को निष्‍ठावान होने की आवश्‍यकता है और उनके पास कोई विकल्‍प नहीं होना चाहिए सिवाय इसके कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई गलती न की जाए। श्री अरोड़ा ने स्‍मरण किया कि हाल ही में आयोजित राज्‍य निर्वाचनों में ईवीएम-वीवीपीएटी हेतु निर्धारित प्रोटोकाल का अनुसरण करने में चूक की घटनाओं या निर्वाचक नामावली से कुछ नामों के छूट जाने अथवा मतों की गणना में देरी का प्रतिशत नगण्‍य रहा है और पृष्‍ठभूमि में रहकर सभी अच्‍छा कार्य चलता रहा। उन्‍होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की आधारशिला के रूप में कार्य करने के लिए वर्ष 1950 से एक विशिष्‍ट संस्‍था के रूप में संस्‍थापित, भारत निर्वाचन आयोग विभिन्‍न कार्यक्षेत्रों के अधिकारियों को इसमें सम्मिलित करता रहा है जो सुपरिभाषित कर्तव्‍यों के अनुसार निर्वाचनों के संचालन में मदद करते हैं। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने इस बात पर बल दिया कि निर्वाचन प्रक्रिया का पालन करते समय अधिकारी प्रेक्षक के रूप में भारी कर्तव्‍यों का निर्वहन करते हैं और आयोग यह देखता है कि ये अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उन्‍हें विनिर्दिष्‍ट कर्तव्‍यों का वे ईमानदारी से निर्वहन करें। श्री अरोड़ा ने नोट किया कि बदलते हुए समय में धनबल और साथ ही सोशल मीडिया के दुरूपयोग के बारे में सरोकार, नई चुनौतियों के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का प्रयास न केवल स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष निर्वाचन अपितु पारदर्शी, निष्‍पक्ष और नैतिक निर्वाचन भी आयोजित करवाना है। निर्वाचन आयुक्‍त, श्री अशोक लवासा ने समूह को स्‍मरण करवाया कि प्रेक्षक के रूप में उन्‍हें यह सुनिश्चित करने की आवश्‍यकता है कि ईसीआई के सभी अनुदेशों का अक्षरश: कार्यान्‍वयन हो। श्री लवासा ने उल्‍लेख किया कि हाल ही में आरंभ किए गए सी-विजिल ऐप ने आयोग की सहायता करने के लिए प्रत्‍येक नागरिक को सशक्‍त किया है ताकि वे आदर्श आचार संहिता के उल्‍लंघन के संबंध में अपनी आंखे खुली रखते हुए सतर्क रहें। परन्‍तु इस ऐप की उपलब्‍धता ने अपने आप ही निर्वाचन तंत्र का प्रबंधन और निरीक्षण करने वाले अधिकारियों पर और अधिक जिम्‍मेदारी डाल दी है। उन्‍होंने इस संबंध में पुन: उल्‍लेख किया कि प्रेक्षकों को जमीनी स्‍तर पर सभी स्‍टेकहोल्‍डरों के लिए सुलभ और उपलब्‍ध रहने की आवश्‍यकता है क्‍योंकि ये अधिकारी पूरी तरह से ईसीआई का अभिवृद्धित अंग होते हैं। अधिकारियों को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयुक्‍त, श्री सुशील चन्‍द्रा ने अधिकारियों का ध्‍यान इस ओर आकर्षित किया कि प्रेक्षक के रूप में उनकी भूमिका आयोग की आंख और कान बनना है ताकि स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने में सभी निवारक उपाय किए जा सकें। उन्‍होंने इंगित किया कि व्‍यय प्रेक्षकों की भूमिका तब और भी अधिक महत्‍वपूर्ण हो जाती है जब मतदाताओं को प्रलोभित करने के तरीके भी बहुत अभिनव हों। दिनभर के ब्रीफिंग सत्र के दौरान अधिकारियों को ईसीआई के वरिष्‍ठ उप निर्वाचन आयुक्‍त, उप निर्वाचन आयुक्‍तों और महानिदेशकों द्वारा निर्वाचन प्रबंधन के विभिन पहलुओं के बारे में व्‍यापक और गहन इनपुट दिए गए। निर्वाचन योजना, प्रेक्षक की भूमिका और जिम्‍मेदारियां, निर्वाचक नामावलियों से सम्‍बन्धित मुद्दों, आदर्श आचार संहिता के प्रवर्तन, विधिक प्रावधानों, ईवीएम/वीवीपीएटी प्रबंधन, मीडिया सहयोग और आयोग के अग्रगामी कार्यक्रम स्‍वीप (सुव्‍यवस्थित मतदाता शिक्षा और निर्वाचक सहभागिता) के अधीन चल रहे मतदाता सुविधा सम्‍बन्‍धी कार्यकलापों पर विस्‍तृत विषयक प्रस्‍तुतीकरण दिए गए। प्रेक्षकों को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रभावी और कुशल प्रबंधन तथा मतदाता सुविधा हेतु आयोग द्वारा इस क्षेत्र में आरंभ की गई विभिन्‍न आईटी पहल और मोबाइल एप्‍लीकेशनों से परिचि‍त करवाया गया। प्रेक्षकों को ईवीएम और वीवीपीएटी का कार्यात्‍मक प्रदर्शन किया गया और उन्‍हें बहुआयामी तकनीकी सुरक्षा विशिष्टियों, प्रशासनिक प्रोटोकॉल और प्रक्रियात्‍मक सुरक्षापाय, जो ईवीएम ईको-सिस्‍टम को पूर्णत: सुरक्षित, मजबूत, विश्‍वसनीय, छेड़छाड़ रहित और प्रामाणिक बनाते हैं, सम्‍बन्‍धी लक्षणों के बारे में ब्रीफ किया गया। निर्वाचन प्रबंधन के विभिन्‍न विषयों पर सभी विषयक प्रस्‍तुतीकरणों के संकलन, राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र प्रोफाइल और राष्‍ट्रीय निर्वाचन प्‍लानर और निर्वाचन व्‍यय अनुवीक्षण पर अनुदेशों का सार-संग्रह, जैसे व्‍यापक प्रकाशनों का आयोग द्वारा अनावरण किया गया जिन्‍हें प्रेक्षकों को उपलब्‍ध करवाया गया ताकि उनके काम में आसानी हो सके। भारत निर्वाचन आयोग ने पहली बार एक नया मोबाइल ऐप ‘ऑब्‍ज़र्वर ऐप’ शुरू किया है। इस ऐप का प्रयोग करते हुए सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय प्रेक्षक सुरक्षित तरीके से अपनी प्रेक्षक रिपोर्ट ईसीआई को प्रस्‍तुत कर सकते हैं जिससे वे मोबाइल ऐप से सुसंगत दस्‍तावेजों को अपलोड कर सकते हैं। प्रेक्षक ड्यूटी पर रहते हुए सभी महत्‍वपूर्ण अधिसूचनाएं, एलर्ट और तत्‍काल संदेश, इस ऐप पर प्राप्‍त करेंगे। यह प्रेक्षकों को उनकी तैनाती की स्थिति, पहचान पत्र डाउनलोड करने और प्रोफाइल अपडेट करने में सुविधा प्रदान करेगा। चूंकि, प्रेक्षक आदर्श आचार संहिता के उल्‍लंघन सम्‍बन्‍धी मामलों के रियल-टाइम निष्‍पादन में पूरी तरह से शामिल रहेंगे इसलिए सी-विजिल ऐप उनके क्षेत्राधिकार में इन सभी मामलों को देखने में मदद करेगा। उड़न दस्‍तों द्वारा मामले की जांच कर लेने के पश्‍चात, प्रेक्षक लिखित टिप्‍पणी कर सकते हैं। निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान प्रेक्षक ईसीआई के साथ प्रतिनियुक्ति पर होते हैं।
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    No. ECI/PN/25/2019 Dated: 12th March,2019 PRESS NOTE Subject: Meeting with the Commission of the three Special Observers appointed for Jammu & Kashmir. The Special Central Observers Dr. Noor Mohammad, IAS (1977, retd) , Sh Vinod Zutshi , IAS (1982, retd) and Sh. A.S.Gill, IPS (1972, retd), appointed by the Election Commission of India for assessment of the situation in Jammu and Kashmir, met with the Chief Election Commissioner Shri Sunil Arora, Election Commissioners Shri Ashok Lavasa and Shri Sushil Chandra at ECI Headquarters in New Delhi today. Shri Sunil Arora, Chief Election Commissioner welcomed the Special Central Observers and thanked them for having accepted this onerous and delicate assignment, which entails assessing the situation of J&K on real time basis in the context of para 62 of the Press Statement given by CEC on 10th March, 2019 while making the announcement of the schedule of elections:- “62.The Commission will be regularly and on real time basis monitoring the situation in J & K and will also be taking inputs from all necessary quarters and decision regarding holding Legislative Assembly elections in J & K will be taken soon.” During the meeting it was requested to the Special Observers that they may kindly visit the State at the earliest, a suggestion which was accepted by them. Shri Ashok Lavasa and Shri Sushil Chandra, Election Commissioners also briefed them during the interactive session which lasted for almost 2 hours. DEC-in-charge of the State Mr. Sandeep Saxena briefed them about preparedness of election in J&K and gave other details regarding the State. The Commission discussed with them about their roles and responsibilities. The three Central Observers would be required to visit the State and make a real time assessment of the situation by meeting Political Parties, district and state authorities and other stake holders. Shri A S Gill has wide experience in field of security management in difficult areas. He was IG:CRPF in J &K between 1995-97 and subsequently superannuated as DG:CRPF. Dr. Noor Mohammad, a former Secretary to Government of India has worked more than a decade in the fields of election management as Chief Electoral Officer of Uttar Pradesh, Deputy Election Commissioner in ECI, international expert and consultant on election in Afghanistan for many years. Shri Vinod Zutshi, former Secretary in the Central Government also has wide experience for more than a decade in elections at the state level as CEO, Rajasthan and at the ECI level as Deputy Election Commissioner for more than five years.
  12. From the album: Observers' Briefing Meeting -2 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    ECI conducts briefing sessions for 2nd batch of General, Police and Expenditure Observers for the Lok Sabha and State Legislative Assembly Elections - 2019

    © Election Commission of India

  13. From the album: Observers' Briefing Meeting -2 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    ECI conducts briefing sessions for 2nd batch of General, Police and Expenditure Observers for the Lok Sabha and State Legislative Assembly Elections - 2019

    © Election Commission of India

  14. From the album: Observers' Briefing Meeting -2 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    ECI conducts briefing sessions for 2nd batch of General, Police and Expenditure Observers for the Lok Sabha and State Legislative Assembly Elections - 2019

    © Election Commission of India

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    No. ECI/PN/39/2019 Dated: 26th March, 2019 PRESS NOTE ECI conducts briefing sessions for 2nd batch of General, Police and Expenditure Observers for the Lok Sabha and State Legislative Assembly Elections - 2019 In continuation of the briefing held for the first batch of General, Police and Expenditure Observers held on 14th March, the Commission today conducted day long sessions for over a thousand more officers drawn from IAS, IPS, Indian Revenue Service and few other Central Services. These officers are being deployed as Observers in the ongoing Elections to the Lok Sabha and Legislative Assemblies of four States. Addressing the participants, Chief Election Commissioner Shri Arora said that while all Observers are essentially the eyes and ears of the Commission, Senior Expenditure Observers are assuming an enormous role given the quantum of money power vitiating the election process. He added that the Commission has already appointed two Special Expenditure Observers for the States of Tamil Nadu, Gujarat, Maharashtra and Karnataka. To further identify the role of illegitimate resources in the elections, the Commission is considering appointing few more Special Expenditure Observers in more Expenditure Sensitive States. Shri Arora reminded the Observers of their enormous responsibility to ensure fair, ethical and transparent election process in the field. He asked them to be vigilant, impartial and accessible to all stakeholders to reinforce the faith in the minds of the citizen towards the electoral process. While elucidating the myriad responsibilities of Observers, the CEC mentioned that Electoral Rolls are the bed rock of election process and Observers need to ensure the integrity of the Electoral Rolls. Reminding the Observers of their crucial role , Shri Arora said that The Commission reposes complete trust in the senior officers being deputed to the field and would like the Observers & CEOs to be the first and last point of contact. However, he also cautioned them that even a trace of proven malafide or partisanship, would lead to ruthless action from the Commission. He further added that, keeping pace with the changing times, the Commission has been proactive in making the electoral process participative by involving & empowering citizens particularly through cVigil App. He said that the cVigil App initiative which started as a pilot project in the Karnataka State elections and then implemented in the five State elections held last year, has now been extended pan India for the ongoing General Elections. Shri Ashok Lavasa, Election Commissioner in his address stated that the Observers have been a critical part of the election process and machinery. He advised Observers to be alert, accessible and responsive and effective in the field to ensure fairness and transparency of the election process. He urged the Observers to be familiar with all the instructions & guidelines to ensure clarity in execution in the field. He said the senior Observers need to play dual roles of monitoring and mentoring. While addressing the Expenditure Observers, Shri Lavasa stressed that only the seizure figures may not be taken as a measure of the efficacy of enforcement machinery, but the money trail and actual perpetrators behind the consignment should be investigated. Welcoming the participants, Election Commissioner Shri Sushil Chandra noted that Observers play an important role for the Election Commission for robust monitoring of the complete process in the field. He asked the Observers to ensure better co-ordination amongst all the Stakeholders in the field. Elaborating the diverse challenges for the Observers in the current scenario, he urged them to be vigilant and accessible. He mentioned that developing real time intelligence and monitoring of accounts of the candidates would be crucial to downplay the role of illegitimate resources adversely influencing the election process. Comprehensive Expenditure Monitoring Handbook, Observers Manual and National Election Planner were provided to the Observers to facilitate their work. During the day long sessions, detailed thematic presentations were made on Election planning, Observer’s roles and responsibilities, electoral roll issues, enforcement of Model Code of Conduct, legal provisions, EVM/VVPAT management, media engagement and the wide array of activities undertaken for voter facilitation under the Commission’s flagship SVEEP (Systematic Voter’s Education and Electoral Participation) programme to apprise the Observers. The Observers were also acquainted with the various IT initiatives and mobile applications launched by the Commission for voter facilitation as well as effective and efficient management of election process in the field. Detailed presentations were made about ‘Observer App’, cVIGIL App and other initiatives
  16. From the album: Observers'Briefing Meeting -1 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    Observers' Briefing Meeting -1 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    © Election Commission of India

  17. From the album: Observers'Briefing Meeting -1 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    Compendium of Instructions on Election Expenditure Monitoring was released on the occasion of Observers'Briefing Meeting for General Elections 2019

    © Election Commission of India

  18. From the album: Observers'Briefing Meeting -1 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    Themetic Presentation for Observers and the Profile of States/UTs booklet were released on the occasion of Observers'Briefing Meeting for General Elections 2019

    © Election Commission of India

  19. From the album: Observers'Briefing Meeting -1 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    National Election Planner was released on the occasion of Observers'Briefing Meeting for General Elections 2019

    © Election Commission of India

  20. From the album: Observers'Briefing Meeting -1 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    Chief Election Commissioner of India, Sh. Sunil Arora at the Observers' Briefing Meeting

    © Election Commission of India

  21. From the album: Observers'Briefing Meeting -1 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    Observers' Briefing Meeting -1 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    © Election Commission of India

  22. From the album: Observers'Briefing Meeting -1 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    Observers' Briefing Meeting -1 GE to Lok Sabha & Legislative Assemblies, 2019

    © Election Commission of India

  23. ECI

    Observer briefing on cVIGIL

    Observers being briefed about cVIGIL application and the cVIGIL Observer Mobile application.
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    Daily availability of Observers (preferably between 4 PM to 5PM) at decided locations – regarding.

ईसीआई मुख्य वेबसाइट


eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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