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    साधारण निर्वाचन – 2019 में वीवीपीएटी पर्चियों की गणना के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के संबंध में 22 राजनैतिक दलों द्वारा प्रस्‍तुत ज्ञापन
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    सं.51/8/7/2019-ईएमपीएस दिनांक : 21 मई, 2019 सेवा में सभी राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्रों के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी। विषय-वीवीपीएटी पर्चियों की गणना संबंधी मुद्दे-कंट्रोल यूनिट से छद्म मतदान डाटा को नहीं हटाना या वीवीपीएटी से छद्म मतदान पर्चियों को नहीं हटाना- उनके मतों की गणना करना और अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया में बेमेलता-तत्‍संबंधी। महोदय, उपर्युक्त विषय पर विद्यमान अनुदेशों के अनुक्रम में, मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि विगत एवं प्रगतिरत लोकसभा और एक साथ आयोजित किए जा रहे आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की राज्य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन, 2019 के दौरान, कुछ मतदान केंद्रों पर कंट्रोल यूनिटों से छद्म मतदान के डाटा को समुचित रूप से हटाने और वीवीपीएटी से छद्म मतदान पर्चियों को हटाने में मानवीय त्रुटि की कुछ घटनाएं हुई हैं। कुछ मामलों में, पीठासीन अधिकारी या तो कंट्रोल यूनिट से छद्म मतदान के डाटा को हटाने में विफल रहे हैं या वीवीपीएटी के ड्रॉप बॉक्स से छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियों को हटाने में विफल रहे हैं। 2. आयोग ने इस मामले पर विचार किया है और यह निदेश दिया है कि ऐसे सभी मामलों में मतगणना के दौरान निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाएगी:- (क) सभी पूर्व-अभिज्ञात मामलों में (मतदान दिवस को, पी + 1 दिवस आदि को दस्तावेजों की जांच के दौरान), जहां छद्म मतदान को कंट्रोल यूनिट से हटाया नहीं जाता है या छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियों को हटाया नहीं जाता है (पूरी तरह या आंशिक रूप से), संबंधित कंट्रोल यूनिट(टों) को मतों की गणना के दौरान अलग रखा जाएगा अर्थात् इन मतदान केंद्रों को, कंट्रोल यूनिटों की नियमित चरण-वार गणना के दौरान मतगणना के लिए नहीं लिया जाएगा। ऐसे मतदान केंद्रों को आवंटित मेज को मतगणना के प्रासंगिक चरण के दौरान खाली रखा जाएगा। सभी पूर्व-अभिज्ञात मतदान केंद्रों की सूची मतगणना की प्रक्रिया शुरू होने से पहले निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के साथ साझा की जाएगी। (ख) ईवीएम की चरण-वार गणना के दौरान, यदि कोई ऐसा मामला है जिसमें सीयू में मतदान किए गए कुल मत फॉर्म 17-ग में मतों के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते हैं, तो यह एक संकेत है कि वास्तविक मतदान के दौरान इस मतदान केंद्र के संबंध में छद्म मतदान के पश्चात क्लोज-रिजल्ट-क्लियर (सीआरसी) प्रोटोकॉल का सही तरीके से अनुसरण नहीं किया गया था। ऐसे सभी मामलों में, सीयू को अलग रखा जाएगा अर्थात् इन मतदान केंद्रों को, कंट्रोल यूनिटों को नियमित चरण-वार गणना के दौरान मतगणना के लिए नहीं लिया जाएगा। ऐसे मतदान केंद्रों को आवंटित मेजों को उस विशेष दौर के दौरान खाली रखा जाएगा। ऐसे परिदृश्य के सटीक विवरण और कारणों को आरओ/एआरओ द्वारा मतगणना हॉल में मौजूद निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों/निर्वाचन एजेंटों/मतगणना एजेंटों के समक्ष स्‍पष्‍ट किया जाएगा। (ग) ऊपर (क) और (ख) के अंतर्गत आने वाले सभी मामलों में, इन मतदान केंद्रों से संबंधित वीवीपीएटी की गणना सीयू के साथ सभी मतगणना चरणों को पूरा करने के बाद की जाएगी। 3. कंट्रोल यूनिट की गणना के सभी नियमित चरणों के पूरा होने के बाद, निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा: क. राज्य विधान सभा निर्वाचनों के लिए - (i) यदि जीत का अंतर ऐसे सभी मतदान केंद्रों में डाले गए कुल मतों से अधिक है, तो पैरा 2(क) और (ख) के अनुसार यथाचिह्नित इन मतदान केंद्रों को मतगणना के लिए नहीं लिया जाएगा और इन मतदान केंद्रों के बिना परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। (ii) यदि जीत का अंतर इन मतदान केंद्रों में डाले गए कुल मतों के बराबर या उससे कम है, ऐसे मामले में केवल संबंधित वीवीपीएटी की पेपर पर्चियों की गणना की जाएगी और कंट्रोल यूनिटों को मतगणना के उद्देश्य से छोड़ दिया जाएगा अर्थात् कंट्रोल यूनिटों को मतों का गणना के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा। (iii) उन मामलों में भी जहां, छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियां वीवीपीएटी के ड्रॉप बॉक्स से निकाले नहीं गए हैं, वीवीपीएटी पर्चियों की गिनती की जाएगी और अभ्यर्थी-वार डाले गए मतों की सही गणना पर आने के लिए छद्म मतदान प्रमाण-पत्र से अभ्यर्थी-वार मत काट लिए जाएंगे। (iv) इन सभी मतदान केंद्रों के वीवीपीएटी पर्ची गणना परिणाम को अभ्यर्थी-वार प्राप्‍त मत संख्‍या में जोड़ा जाएगा और अंतिम परिणाम संकलित किया जाएगा। ख. लोक सभा निर्वाचनों के लिए – (i) उन सभी मतदान केंद्रों के लिए जहां ईवीएम और वीवीपीएटी को उपर्युक्त 2(क) और (ख) के अनुसार अलग रखा गया है, केवल संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियों की गणना की जाएगी और कंट्रोल यूनिटों को गणना के उद्देश्य से खारिज कर दिया जाएगा अर्थात् मतगणना के लिए कंट्रोल यूनिटों का उपयोग नहीं किया जाएगा। (ii) उन मामलों में भी जहां वीवीपीएटी ड्रॉप बाक्स से छद्म मतदान से संबंधित वीवीपीएटी पेपर पर्चियां बाहर नहीं निकाली गई हैं, फिर भी वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की जाएगी और अभ्यर्थी-वार डाले गए मतों की सही गणना पर आने के लिए छद्म मतदान प्रमाण-पत्र से अभ्यर्थी-वार मत काट लिए जाएंगे। (iii) इन सभी मतदान केंद्रों के वीवीपीएटी पर्ची गणना परिणाम को अभ्यर्थी-वार प्राप्‍त मत संख्‍या में जोड़ा जाएगा और अंतिम परिणाम संकलित किया जाएगा। 3. चूंकि, पूर्वोक्त मामलों में कंट्रोल यूनिटों को मतों की गणना के लिए छोड़ दिया जाएगा/उपयोग नहीं किया जाएगा, इसलिए इन मतदान केंद्रों को वीवीपीएटी पेपर पर्चियों की गणना के अनिवार्य सत्यापन के लिए 5 (पांच) मतदान केंद्रों के यादृच्छिक चयन से बाहर रखा जाएगा। 4. वीवीपीएटी पर्चियों का अनिवार्य सत्यापन: (क) यादृच्छिकीकरण रूप से चुने गए 5 मतदान केंद्रों से वीवीपीएटी और सीयू के अनिवार्य गणना और परिणाम के मिलान का उद्देश्य यह ऑडिट और परीक्षण करना है कि कोई ईवीएम उसके साथ संलग्न वीवीपीएटी द्वारा मुद्रित पर्चियों से अलग मत तो नहीं रिकॉर्ड कर रहा है। हालांकि, वास्तविक मतदान के दौरान मानवीय त्रुटि या मतदान कर्मचारियों द्वारा निदेशों का पालन नहीं करने के कारण कई स्थितियां उत्‍पन्‍न हुई हैं, जिनमें कुल वीवीपीएटी पर्चियों की संख्या सीयू की गणना से भिन्न हो सकती है। कुछ उदाहरण ऐसे भी सामने आए हैं जहां छद्म मतदान के पश्चात वीवीपीएटी से वीवीपीएटी पर्चियां पूरी तरह से नहीं हटाई गई हैं, या छद्म मतदान के पश्चात सीयू में सीआरसी नहीं किया गया है या मानवीय त्रुटि के अन्य ऐसे मामले सामने आए हैं। (ख) यदि कंट्रोल यूनिट के इलेक्ट्रॉनिक अभ्यर्थी-वार परिणाम और वीवीपीएटी पर्चियों की अभ्यर्थी-वार मैनुअल गणना के बीच कोई बेमेल है, तो उस विशेष वीवीपीएटी की वीवीपीएटी पर्चियों की पुनर्गणना तब तक की जाएगी, जब तक कि पुनर्गणना ईवीएम गणना या पिछले वीवीपीएटी पर्ची की गणना में से किसी एक के साथ मेल न हो जाए। हालांकि, ऐसे सभी मामलों में, पुनर्गणना करने से पहले, उन अभ्यर्थियों से संबंधित वीवीपीएटी पर्चियां, जिनकी सीयू गणना और वीवीपीएटी गणना का परिणाम मेल नहीं हो रहा है, मतगणना पर्यवेक्षक प्रत्येक बंडल के प्रत्येक वीवीपीएटी के निर्वाचन प्रतीकों को एक-एक करके ध्यानपूर्वक जांच करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी बंडलों में केवल संबंधित अभ्यर्थी की वीवीपीएटी पर्चियां ही शामिल हों। उपरोक्त प्रक्रिया का पालन करने के पश्चात ही पुनर्गणना की जाएगी। (ग) उपरोक्त प्रक्रिया का पालन करने के पश्चात भी, यदि कंट्रोल यूनिट और वीवीपीएटी की इलेक्ट्रॉनिक मैनुअल गणना अभी भी मेल नहीं खाती है, तो वीवीपीएटी पर्चियों की गणना निर्वाचन का संचालन नियम, 1961 के नियम 56घ(4)(ख) के अनुसार होगी और परिणाम शीट में संशोधन किया जाएगा और अंतिम परिणाम तद्नुसार घोषित किया जाएगा। (घ) अनिवार्य वीवीपीएटी पर्ची सत्यापन के सभी मामलों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट और साथ ही साथ नियम 56ग के तहत की गई वीवीपीएटी पर्ची की गणना निर्धारित प्रारूप में गिनती प्रक्रिया के पूरा होने के तुरंत बाद सीईओ के माध्यम से आयोग को प्रस्तुत की जाएगी। (ङ) ऐसे सभी मामलों में उचित तरीके से गहन विश्लेषण/जांच की जाएगी जहां वीवीपीएटी पर्ची गणना सीयू के इलेक्ट्रॉनिक परिणाम से मिलान करने में विफल रहती है और सटीक कारणों, तकनीकी, प्रक्रियात्मक, प्रणालीगत, मानवीय त्रुटि या अनुपालन में चूक का पता लगाया जाएगा और आयोग द्वारा उचित कार्रवाई(यां) की जाएगी। 5. इसके अतिरिक्त, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मतगणना के लिए उपयोग किए जाने वाली सभी ईवीएम की क्रम संख्या की प्रति-जांच एजेंटों द्वारा की जाएगी और मतगणना के समय उनसे इस आशय का प्रमाण पत्र लिया जाएगा। 6. उपर्युक्त अनुदेशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा और गणना प्रेक्षकों सहित सभी संबंधितों के ध्यान में इनको लाया जाएगा। भवदीय, ह./- (मधुसुदन गुप्ता) अवर सचिव

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eci-logo.pngभारत निर्वाचन आयोग एक स्‍वायत्‍त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में निर्वाचन प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्‍तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्‍य सभा, राज्‍य विधान सभाओं और देश में राष्‍ट्रपति एवं उप-राष्‍ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्‍छेद 324 और बाद में अधिनियमित लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के प्राधिकार के तहत कार्य करता है। 

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